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2 करोड़ की चोरी का आरोप! होडल में भाई-बहन के बीच संपत्ति विवाद से मचा हंगामा

होडल  परिवार में आजकल प्रॉपर्टी के लिए भाई बहन के रिश्ते तार-तार होते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला होडल की आदर्श कॉलोनी में सामने आया है जहां आदर्श कॉलोनी निवासी देशराज ने गांव के दर्जनभर लोगों के साथ रेस्ट हाउस होडल में प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि उनकी बहन लक्ष्मी उनकी प्रॉपर्टी को हड़पने के किए उनके ऊपर तरह तरह के आरोप लगा रही है।  देशराज ने बताया कि उसकी बहन ने 6 महीने पहले उनके घर में जमीन खरीदने के लिए 2 करोड़ रुपए रखे  हुए थे जिसके बारे में बहन और उसके दोनों लड़कों को पता था लेकिन जैसे ही वह घर से बाहर किसी काम से बाहर गए हुए थे तो उसको बहन लक्ष्मी ने अपने दोनों बेटों, अपने पति और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर चोरी कर लिया। जब वह घर आए तो घर में कोई नहीं मिला। उनका सीधा शक अपनी बहन के ऊपर गया और उन्होंने इस बारे में अपनी बहन से कहा तो उसने माना कर दिया।  उसके बाद वह परिवार के लोगों को साथ लेकर बहन के पास गए तो उसने पैसों की चोरी को कबूल कर लिया और 4 दिनों में पैसे वापस लौटाने के लिए बोल दिया, लेकिन बार-बार कहने के बाद जब उनकी बहन ने पैसे नहीं दिए तो उन्होंने इस बारे में पुलिस को शिकायत दी और पुलिस ने मामला दर्ज कर बहन को गिरफ्तार करके उससे 1 करोड़ 35 लाख रुपए बरामद कर लिए। जिसके बाद उसको जेल भेज दिया। जेल से बाहर आने के बाद उनकी बहन ने उनकी प्रॉपर्टी को कब्जाने के लिए हमारी माता को अपने कब्जे में ले लिया और उससे मकान की अपने नाम रजिस्ट्री करा ली, बहन ने मां को एक भी पैसा नहीं दिया। जिस मकान को बहन ने मां से अपने नाम कराया, उसको हम दोनों भाइयों ने और पिता ने अपने पैसों से खरीदा था। रजिस्ट्री में कम पैसा लगे, इसलिए उन्होंने अपनी माता के नाम रजिस्ट्री करा दी, लेकिन 2021 में उनके पिता ने अपनी सारी जमीन की वसीयत हम दोनों भाइयों के नाम कर दी थी। इसके बाद भी उनकी बहन ने मकान को मां से अपने नाम करा लिया और उनकी बहन पुलिस के पास रोजाना अलग शिकायत लेकर जाती है। उनको बेवजह परेशानी कर रही है जबकि उनकी बहन ने जो मां से मकान अपने नाम कराया है, उसका मामला अदालत में चल रहा है।  उन्होंने बताया कि जो उनकी  मां और बहन ने उनके ऊपर आरोप लगाए हैं कि उनके भाइयों ने उनको घर से बाहर निकाल दिया है। यह सरासर गलत है क्योंकि वह अपनी मां को आज भी कह रहे हैं कि वह उनके पास रहे। मां-बहन और उसके बेटे को अपने पास रखना चाहती है और वह अपनी बहन और उसके बेटों को जिन्होंने उनके घर में इतनी बड़ी चोरी की है उनको नहीं रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह मां का सम्मान करते हैं और वह उसको अपने पास रखने के लिए तैयार है। देशराज ने आज अपने गांव और आसपास के लगभग दो दर्जन से अधिक लोगों को अपने रिश्तेदारों के साथ उपस्थित होकर अपने जमीन के सारे दस्तावेज दिखाते हुए सारी जानकारी दी और कहा कि उस मकान में मैं और मेरा परिवार और मेरे बुजुर्ग ताऊजी रहते हैं। उसमें किसी दबंग लोगों ने कोई कब्जा नहीं किया है।

NH-44 हादसा: मछलियों से भरा कैंटर पलटते ही लोग जमा हुए, सोनीपत में लगा लंबा जाम

सोनीपत  सोनीपत में नेशनल हाइवे-44 पर शुक्रवार को सुबह उस समय लंबा जाम लग गया, जब एक मछलियों से भरा ट्रक पलट गया। कैंटर में भरी मछलियां रोड़ पर फैल गई। यह नज़ारा देखते ही वहां लोगों की भीड़ जुट गई, जिसकी वजह से हाईवे पर जाम लग गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को किनारे हटाकर मछलियों को एकत्रित करवाना शुरू किया। साथ ही कैंटर को सड़क से हटवाकर यातायात को धीरे-धीरे सुचारू किया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हाईवे पर यातायात फिर से सामान्य हो पाया।   कैंटर चालक अजय ने बताया कि वह पानीपत से दिल्ली के सुल्तानपुरी मंडी में मछलियां पहुंचाने जा रहा था। जब पानीपत से दिल्ली की ओर मछलियों की खेप लेकर जा रहा एक कैंटर अचानक मुरथल फ्लाईओवर के पास पलट गया। कैंटर बीच हाईवे पर उलटने से बड़ी मात्रा में मछलियां सड़क पर फैल गईं। अजय ने बताया कि इससे उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। हादसे में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

पदोन्नति पर सम्मान: दीपक धामी इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत, SP ने किया स्टार लगाकर सम्मानित

चंडीगढ  हरियाणा पुलिस में कार्यरत सब इंस्पेक्टर दीपक धामी (पानीपत) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वह पुलिस इंस्पेक्टर बन गए है। पुलिस इंस्पेक्टर पदोन्नत होने पर   पानीपत के पुलिस अधीक्षक भूपिंदर सिंह ने स्टार लगाया।

ओह माय गॉड: ठिठुरन बढ़ी, हरियाणा के इस जिले में पारा लुढ़का 5.5 डिग्री

हिसार प्रदेश में ठंड का असर बढ़ने लगा है। खासकर रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वीरवार को कैथल में न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसके साथ ही रात के वक्त कैथल प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यह इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार कमजोर पश्चिमी विक्षोभके असर से दक्षिणी जिलों में हल्के बादल छाने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों पर लगातार बर्फबारी हो रही है जिसका असर मैदानी राज्यों खासकर हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर पड़ रहा है। पहाड़ों से बर्फीली हवाएं मैदानों की तरफ रुख कर रही हैं। इसके असर से तापमान में गिरावट आ रही है। दिन के समय धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिल रही है लेकिन रात के समय कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। वीरवार को न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई।   आगे ऐसा रहेगा मौसम डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के असर से शुक्रवार को दक्षिणी जिलों में हल्के बादल छा सकते हैं। इसके अलावा रात व दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी। शनिवार को यह विक्षोभ आगे निकल जाएगा और फिर से बर्फीली हवाएं मैदानों की तरफ रुख करेंगी। इससे तापमान में दोबारा गिरावट आएगी। आने वाले दिनों में बारिश की कोई संभावना है। चूंकि अभी वातावरण में नमी नहीं है तो पाला जमने की स्थिति भी आ सकती है।  

गौरव गौतम को कानूनी झटका, कोर्ट ने 7-11 आवेदन नकारा

पलवल  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम को झटका देते हुए उनकी 7-11 की अपील को डिसमिस करते हुए पूर्व मंत्री करण दलाल के पक्ष में फैंसला सुनाया है। पलवल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी के उम्मीवार रहे पूर्व मंत्री करण दलाल की रिट-पिटीशन के विरोध में भाजपा उम्मीदवार रहे हरियाणा के राज्यमंत्री गौरव गौतम द्वारा दायर की गई सीपीसी के रूल 7 नियम 11 की अपील को खारिज किया गया है। शुक्रवार को माननीय अदालत ने राज्यमंत्री गौरव गौतम की 7-11 की अपील को डिसमिस करते हुए इश्यू फ्रेम के लिए बृहस्पतिवार, 4 दिसंबर 2025 की तारीख भी लगाई है। अदालत ने करण दलाल की रिट पिटीशन के विरोध में गौरव गौतम द्वारा दायर रूल 7 नियम 11 की बहस सुनने के बाद 12 नवंबर को ऑर्डर रिजर्व रखा था, जिसपर आज शुक्रवार को फैंसला सुनाया गया। खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम की अर्जी को अस्वीकार करने के बाद अब पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल की याचिका पर हाई कोर्ट में केस चलेगा। पिछले लगभग एक साल में कई महिनों से चली बहस में दोनों पक्षों को सुनने के बाद आज मानीय अदालत ने केस चलाने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि चुनाव हारने के बाद पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए धर्म के नाम पर भाजपा प्रत्याशी गौरव गौतम ने वोट मांगे। कोर्ट में दलाल पक्ष ने सबूत भी पेश किए थे। हालांकि भाजपा प्रत्याशी गौरव गौतम ने तमाम आरोपों को निराधार बताया था। बहरहाल हाई कोर्ट द्वारा आए आदेश के बाद मामला रोचक बन गया है। पूरे क्षेत्र में चर्चा फिर से होने लगी है। संभवतय यह देश का इस तरह को पहला केस बताया जा रहा है। यहां यह भी बता दें कि अक्टूबर 2024 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में पलवल से बीजेपी के उम्मीदवार गौरव गौतम चुनाव जीते थे, जो कि आजकल हरियाणा सरकार में खेल राज्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव हारने वाले कांग्रेस के उम्मीदवार रहे हरियाणा के पूर्व कैबिनेट मंत्री करण सिंह दलाल ने भाजपा उम्मीदवार गौरव गौतम के चुनाव को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। करण सिंह दलाल ने अदालत में दायर परिवाद में गौरव गौतम के चुनाव को इलेक्शन की करप्ट प्रेक्टिस बताते हुए कहा था कि चुनाव के दौरान धर्म के नाम पर वोट मांगी गई जो कि आदर्श आचार चुनाव संहिता का पूरा उल्लंघन है। यह पिटीशन हाई कोर्ट में पिछले कई महिनों से सुनवाई पर थी। खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम के वकील ने इस पिटीशन को खारिज करने के लिए अदालत में सीपीसी के नियम 7 रूल 11 के तहत याचिका को खारिज करने की मांग की थी, जिस पर 12 नवंबर को बहस पूरी हो गई तथा न्यायाधीश ने आर्डर रिजर्व रख लिया था। जिसे आज शुक्रवार को अपना फैंसला सुनाया। पूर्व मंत्री करण दलाल ने माननीय अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अदालत में यह मेरी जीत नहीं बल्कि पलवल विधानसभा क्षेत्र सहित समूचे हरियाणा की जनता की जीत है। उन्होंने कहा कि माननीय अदालत ने 4 दिसंबर 2025 को इश्यू फ्रेम की तारीख लगाई है, जिसके बाद आने वाले समय में जल्द ही केस पूरा होगा और उम्मीद है कि अब जल्द ही इस केस में उनकी जीत होगी और देश में धर्म के नाम पर वोट मांगकर जनता को गुमराह करने वालों को सबक मिलेगा।

कनाडा में मनदीप की संदिग्ध मौत: सात महीने की शादी, और अब चौंकाने वाला खुलासा

लुधिायना  लुधियाना जिले के गुजरवाल गांव का एक किसान परिवार गहरे सदमे में है। उनकी बेटी मनदीप कौर छह साल पहले बेहतर भविष्य की तलाश में कनाडा गई थी। लेकिन एक दिन उसकी मौत की खबर आई। उसकी मौत को पहले सड़क हादसा बताया गया, लेकिन अब पुलिस जांच में यह हत्या निकली है। परिवार को पहले बताया गया था कि मनदीप की मौत करीब एक महीने पहले एक कार दुर्घटना में हुई, लेकिन परिवार की दुनिया तब उजड़ गई जब पता चला कि दुर्घटना एक कहानी थी। उसकी हत्या उसके पति के छोटे भाई गुरजोत सिंह खैरा ने की थी। कनाडा की डेल्टा पुलिस ने गिरफ्तार किया आरोपी देवर डेल्टा पुलिस ने गुरजोत सिंह खैरा को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सेकेंड-डिग्री मर्डर और मानव शव के साथ दुर्व्यवहार (Indignity to human remains) का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि गुरजोत ने हत्या के बाद मनदीप के शव को कार दुर्घटना और आग के नाम पर छिपाने की कोशिश की। अस्थियां विसर्जन के बाद मिला हत्या का सच मनदीप के पिता जगदेव सिंह जग्गी ने बताया कि घटना के दो दिन बाद उन्हें दुर्घटना में मौत की जानकारी मिली थी। 6 नवंबर को बेटी के अंतिम संस्कार के बाद ही उन्हें पता चला कि गुरजोत ने शव को ‘इधर-उधर ले जाने’ जैसी हरकत की, जिसके बाद उस पर ‘इंडिग्निटी टू ह्यूमन रिमेन्स’ का आरोप लगा। इसके बाद 25 नवंबर को क्राउन काउंसल ने उस पर सेकेंड-डिग्री मर्डर का अतिरिक्त आरोप लगा दिया। हत्या का यह खुलासा जगदेव सिंह को तब पता चला, जब वह अपनी बेटी की अस्थियां पवित्र जल में विसर्जित कर भारत लौटे। सात महीने पहले ही हुई थी शादी मनदीप ने करीब छह साल पहले कनाडा जाकर पढ़ाई शुरू की थी। सिर्फ सात महीने पहले उसकी शादी लुधियाना के लोधीवाल (सिधवां बेट के पास) के एक परिवार में हुई थी। उसके पिता बताते हैं, “मैं कनाडा में अपने बेटे के साथ कहीं और रहता था, कभी सोचा भी नहीं था कि मनदीप की जान को कोई खतरा हो सकता है।” मां की हालत नाजुक, परिवार को न्याय की चिंता मनदीप की मां जसविंदर कौर गहरे सदमे में हैं। वह लगातार बेटी की मौत की असल वजह जानने की मांग कर रही हैं। परिवार यह नहीं समझ पा रहा कि विदेशी धरती पर कानूनी प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ाई जाए और अपनी बेटी के लिए न्याय कैसे दिलाया जाए। सच जानने के लिए पिता फिर जाएंगे कनाडा जगदेव सिंह ने कहा कि वह जल्द ही कनाडा वापस जाएंगे, ताकि बेटी की मौत के पीछे की पूरी सच्चाई का पता लगा सकें और दोषी को सख्त सजा दिला सकें।

अनैतिक संबंधों का खौफनाक अंजाम: बेटे ने मां और पड़ोसी को मौत के घाट उतारा, खुद थाने में सरेंडर

चंडीगढ़  हरियाणा के सिरसा में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपनी मां और उसके प्रेमी की हत्या कर दी और दोनों की लाशें गाड़ी में डाल कर खुद ही थाने ले आया। उसने पुलिस से कहा कि गाड़ी में लाशें पड़ी हैं, इन्हें निकाल लो। युवक की बात से पुलिस सन्न रह गई। जब गाड़ी खोली तो उस में एक महिला और एक शख़्स की लाशें पड़ी हुई थीं। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में रखवा दिया। आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है।   युवक ने अपनी मां और पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति को संबंध बनाते हुए वीरवार रात को रंगे हाथों पकड़ लिया था। युवक ने गुस्से में दोनों की चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी। मृतक महिला की पहचान 42 साल की अंगूरी देवी और उसके 45 साल के प्रेमी लेखराज के रूप में हुई है। मेरी मां के पड़ोसी के साथ थे अवैध संबंध जिला के सिकंदरपुर में एक युवक राजकुमार ने अपनी मां और पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति को संबंध बनाते हुए गुरुवार रात को रंगे हाथों पकड़ लिया। युवक ने घर में घुसकर दोनों की चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शुक्रवार सुबह 9 बजे दोनों के शवों को गाड़ी में लेकर सीधा सदर थाने सिरसा पहुंच गया। थाने में सीधे गाड़ी लगाने पर पुलिस ने उसे रोका तो उसने कहा कि गाड़ी में उसकी मां और प्रेमी की लाश है। गाड़ी से दोनों की लाशें निकाल लो। पुलिस ने गाड़ी की जांच की तो गाड़ी में दो शव रखे हुए थे। इसके बाद थाने में हड़कंप मंच गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में ले लिया और युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में युवक ने बताया कि मेरी मां के पड़ोसी के साथ अवैध संबंध थे। इसका मुझे कई दिनों से शक था। मैंने अपनी मां को पहले भी कई बार समझाया था, लेकिन वह नहीं मानी। वीरवार रात दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया जिसके बाद मैंने दोनों की हत्या कर दी। सिकंदरपुर में हुए इस दोहरे हत्याकांड के बाद सनसनी मची हुई है और लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।

अनिल विज का दावा—पंजाब पर कर्ज़ का पहाड़, पिछली सरकारों पर लगाया भारी आरोप

चण्डीगढ हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी को रावण के अंहकार के बारे में याद दिलाते हुए कहा कि ‘‘यह ममता बैनर्जी नहीं बल्कि उनका अहंकार बोल रहा है और अहंकारी अपने आप ही खत्म हो जाता है। अहंकार तो रावण में भी था, मगर वह तहस नहस हो गया’’। विज आज मीडिया कर्मियों द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए ब्यान कि भाजपा सीमावर्ती इलाकों में एसआईआर के ज़रिए सीएए लागू करने की कोशिश कर रही है, और अगर बंगाल में मुझे निशाना बनाया गया, तो मैं देश हिला दूँगी, के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। एक अन्य प्रश्न कि इस समय पंजाब कर्ज़ वाला सबसे बड़ा राज्य बन गया है, पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने पंजाब की मौजूदा और पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘‘पंजाब को लूट कर खा गए यह लोग।  पंजाब एक वक्त देश का सबसे उन्नत प्रदेश माना जाता था लेकिन समय-समय पर यहां विभिन्न दलों का शासन रहा है उन्होंने पंजाब को खोखला कर दिया। आज पंजाब के ऊपर कर्ज बहुत ज्यादा है और पंजाब की हालत भी बहुत खराब है’’। हाल ही में राहुल गांधी ने कहा है कि संविधान पर हमला नहीं होने देंगे, के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में विज ने पलटवार करते हुए कहा कि ‘‘संविधान के ऊपर कोई भी हमला नहीं कर रहा और सभी काम संविधान के अनुसार हो रहे हैं तथा संविधान के अनुसार सभी नियमों का पालन किया जा रहा है। बल्कि संविधान पर हमला कांग्रेस ने किया है। कांग्रेस की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संविधान को एक किनारे रखकर इमरजेंसी लगा दी थी तथा सबके मौलिक अधिकार छीन लिए थे’’। विज ने कहा कि ‘‘कांग्रेस नेता राहुल गांधी रोजाना संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करते हैं, वे कभी चुनाव आयोग पर हमला करते हैं तो कभी सीबीआई पर हमला करते हैं और संविधान पर प्रहार लगातार कांग्रेस पार्टी कर रही है’’। कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत के लिए गौरव का क्षण : अनिल विज चण्डीगढ़। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि भारत को एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिली है, जो पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और खेल क्षेत्र में उसकी मजबूत पहचान को दर्शाती है। ऊर्जा मंत्री विज मीडिया प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब दे रहे थे। कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि “बहुत स्वागत है। दूसरी बार मेजबानी प्राप्त होना देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण है।” रोहतक में एक खिलाड़ी की मृत्यु पर चिंता जताते हुए विज ने कहा कि “यह अत्यंत दुखद घटना है। इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।” इस मामले पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि “कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए हर विषय को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति नहीं, जवाबदेही तय होनी चाहिए।”

मौसम में बड़ा बदलाव: बादलों की एंट्री के साथ हरियाणा में दिन-रात ठंड और तेज़

हरियाणा  हरियाणा में मौसम एकदम ठंडा हो गया है। आज से सूबे के कई इलाकों में हल्के बादल छाएंगे। कैथल में न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री पर पहुंच गया है जो सामान्य से करीब 5 डिग्री नीचे चला गया है। राज्य का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.1°C नीचे दर्ज किया गया है। इसके अलावा हिसार में तापमान 5.7 डिग्री पर पहुंच गया है। एक दिन पहले हिसार में पारा 6.6 डिग्री दर्ज किया गया था। सूबे 12 शहरों में तापमान 8 डिग्री या इससे नीचे दर्ज किया गया है। तापमान में गिरावट प्रदेश में अधिकतम तापमान की बात करें तो यमुनानगर में दिन का तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सबसे कम रहा। इसके अलावा अलावा अधिकांश जिलों का तापमान 24 डिग्री के आसपास चल रहा है। नारनौल में दिन के तापमान में 5.5 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिली है। नारनौल में पारा 22.8 डिग्री दर्ज किया गया है। इसके अलावा हिसार में तापमान 25.5 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम रहा।   वहीं मौसम विभाग के मुताबिक आमतौर पर मौसम 28 नवंबर तक खुश्क रहने की संभावना है। आज से 2 दिन 28 नवंबर को बीच-बीच में आंशिक बादलवाई रहने की संभावना है।   

BJP दफ्तर तक सड़क: 40 पेड़ उखाड़ने पर SC नाराज़, हरियाणा सरकार को फटकार

हरियाणा  करनाल में नए भाजपा कार्यालय तक पहुंचने वाली सड़क बनाने के लिए 40 पेड़ उखाड़े जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों को क्यों हटाया गया और इनका क्या किया गया। कोर्ट ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि आगे लापरवाही मिली तो राज्य और उसके संबंधित निकायों को कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा। अदालत ने पूरे मामले में सुधारात्मक कार्रवाई योजना भी मांगी है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति जे बी पार्डीवाला और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ 1971 युद्ध के वेटरन कर्नल (सेवानिवृत्त) दविंदर सिंह राजपूत की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में करनाल के सेक्टर-9, अर्बन एस्टेट की आवासीय कॉलोनी में राजनीतिक दल को जमीन आवंटित करने और बाद में उसके कार्यालय तक जाने के लिए हरित पट्टी में 40 पेड़ काटकर सड़क बनाने पर आपत्ति जताई है। पीठ ने हरियाणा सरकार का पक्ष रख रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी से साफ शब्दों में पूछा कि 40 पेड़ों को हटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी और इस पर उनका स्पष्टीकरण क्या है। पीठ ने यह भी सवाल उठाया कि राजनीतिक दल का कार्यालय किसी ऐसे स्थान पर क्यों नहीं बनाया गया, जहां पेड़ काटने की जरूरत ही न पड़े। एएसजी विक्रमजीत बनर्जी ने कोर्ट को बताया कि भूखंड के आवंटन और सड़क निर्माण के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां ली गई थीं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और अन्य निकायों ने हरित मानकों का पालन किया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि काटे गए पेड़ों की संख्या के अनुपात में पौधे लगाए जाएंगे। लेकिन पीठ इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। कोर्ट ने कहा कि पेड़ आसानी से वापस नहीं आ सकते। पीठ ने पूछा कि इन पेड़ों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा। अदालत ने बनर्जी और राज्य सरकार की ओर से पेश अन्य वकीलों को चेतावनी देते हुए कहा कि आगे कोई भी विकास कार्य बिना जानकारी के किया गया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। जमीन 36 साल पहले खरीदी थी कर्नल (सेवानिवृत्त) दविंदर सिंह राजपूत, जो 79 वर्ष के हैं और 1971 के युद्ध में घायल हुए थे तथा वीर चक्र से सम्मानित हैं। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने 36 साल पहले सेक्टर-9 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (तत्कालीन हुडा) से एक हजार वर्ग गज का भूखंड खरीदा था। यह भूखंड हरित पट्टी की ओर था, जिसके लिए उन्होंने 10 प्रतिशत अधिमान्य स्थान शुल्क भी दिया था।  पर्यावरण को हो रहा नुक्सान- याचिकाकर्ता  याचिकाकर्ता का आरोप है कि उनकी जमीन के ठीक पास स्थित आवासीय कॉलोनी में 1 हजार 550 वर्ग गज के अनियमित आकार वाले एक खाली भूखंड को संस्थागत श्रेणी में बदलकर राजनीतिक दल को आवंटित कर दिया गया। यह भूखंड 9 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित था और 1989 से खाली था। उनका कहना है कि यह पूरा आवंटन हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट एक्ट, 1977 और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की नीतियों का उल्लंघन है। राजपूत की याचिका के अनुसार उनके घर के सामने 100 मीटर चौड़ी हरित पट्टी थी। इसी में 10 मीटर चौड़ा रास्ता बनाकर पेड़ हटाए गए। उन्होंने कहा कि  इससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को दिया ये आदेश  वहीं सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई से पहले पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण, पेड़ों की भरपाई की योजना और संस्थागत भूखंड आवंटन से जुड़े सभी रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।