samacharsecretary.com

IDFC बैंक घोटाले में चार्जशीट दाखिल, 6 IAS पर आरोप

पंचकूला. हरियाणा के कथित बैंक घोटाले की जांच में सीबीआई की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। चार्जशीट में अधिकारियों पर निजी बैंकों में सरकारी धन निवेश कराने, बैंक चयन और एफडी से जुड़े नियमों की अनदेखी, वित्त विभाग की निर्धारित सीमाओं को दरकिनार करने, कथित तौर पर दस्तावेजों में हेर-फेर, साक्ष्य छिपाने तथा रिश्वत अथवा अन्य अनुचित लाभ लेने जैसे आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई की चार्जशीट में आरके सिंह (राम कुमार सिंह), पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन समेत छह आईएएस अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों के साथ कथित साजिश के माध्यम से सरकारी धन को निजी बैंकों में ट्रांसफर कराने तथा निवेश प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी के आरोपों का उल्लेख है। पंकज अग्रवाल पर लगे आरोप तत्कालीन स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहे पंकज अग्रवाल को लेकर चार्जशीट में निजी बैंक अधिकारी रिभव ऋषि से कथित अनुचित लाभ मिलने का उल्लेख है।

भारत मंडपम में दिखेगा हरियाणा का हुनर, MSME और कारीगरों को मिलेगा बड़ा बाजार

चंडीगढ़  भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में छोटे उद्यमियों और कारीगरों को रियायती दरों पर स्टाल उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे वे आसानी से अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विपणन कर सकेंगे और देशभर के खरीदारों तक सीधे पहुंच बना सकेंगे। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में वीरवार को हुई गवर्निंग बाडी की बैठक में मेले में राज्य की भागीदारी की कार्ययोजना बनाई गई। 14 से 27 नवंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में लगने वाले इस प्रतिष्ठित व्यापार मेले में राज्य के एमएसएमई, कारीगरों और राज्य में निर्मित विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। ‘विकास और विरासत’ थीम पर आयोजित होने वाले इस मेले के माध्यम से एमएसएमई और कारीगरों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार और नए खरीदारों तक पहुंच बनाने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। रियायती दरों पर उपलब्ध करवाए जाने वाले स्टालों से छोटे उद्यमों और कारीगरों को देश के प्रमुख व्यापारिक मंचों में अपने उत्पादों की पहचान बनाने, ग्राहकों से सीधे जुड़ने तथा नए कारोबारी संपर्क विकसित करने में सहायता मिलेगी। विरासत को प्रमुखता से प्रदर्शित करने का अवसर इससे राज्य में निर्मित उत्पादों के विपणन और ब्रांडिंग को भी बढ़ावा मिलेगा। मेले में 22 नवंबर को भारत मंडपम के एम्फीथिएटर में ‘हरियाणा राज्य दिवस’ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक क्षमता, उद्यमिता, हस्तशिल्प तथा स्थानीय उत्पादों की विविधता और विरासत को प्रमुखता से प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए हरियाणा व्यापार मेला प्राधिकरण के 4.14 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी प्रदान की गई। इस बजट के माध्यम से प्राधिकरण की विभिन्न गतिविधियों के साथ-साथ देश के प्रमुख व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों में हरियाणा की भागीदारी को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक डा. आदित्य दहिया, हरियाणा व्यापार मेला प्राधिकरण के प्रशासक विनय प्रताप सिंह तथा वित्त विभाग के अतिरिक्त सचिव मनोज खत्री ने भी अपनी बात रखी। आहार इंटरनेशनल फेयर की भी तैयारी 9 से 11 दिसंबर तक मुंबई में आयोजित होने वाले ‘अन्नपूर्णा इंटर फूड-2026’ में राज्य की भागीदारी प्रस्तावित है। इसका आयोजन फिक्की तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सहयोग से किया जाएगा। जनवरी 2027 में गुवाहाटी में आयोजित होने वाले ‘ईस्ट हिमालयन एक्सपो’ में भी राज्य की भागीदारी प्रस्तावित है। यह भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) द्वारा आयोजित बहु-उत्पाद प्रदर्शनी है। इसके बाद मार्च 2027 में भारत मंडपम नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘आहार इंटरनेशनल फेयर-2027’ में भी हरियाणा की भागीदारी प्रस्तावित है

हरियाणा हत्याकांड: 5 दोषियों की उम्रकैद पर कोर्ट का फैसला

चंडीगढ़. नारायणगढ़ में करीब 26 वर्ष पहले युवक संजीव कुमार की चाकू से हमला कर हत्या करने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पांच दोषियों को बड़ी राहत देने से इन्कार करते हुए उनकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। हालांकि, अदालत ने मृतक के स्वजन की ओर से दायर वह याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें दोषियों की उम्रकैद को मृत्युदंड में बदलने की मांग की गई थी। जस्टिस अर्चना पुरी और जस्टिस मनदीप पन्नू की पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए मृत्युदंड देने का आधार नहीं बनता। 26 साल पुराना है मामला मामला 16 सितंबर 2000 का है। अभियोजन के अनुसार संजीव कुमार नारायणगढ़ में खेल देखने के बाद अपने गांव लौट रहा था। हुसैनी रोड पार करते समय उसने देखा कि पांच युवक उसके साथ मारपीट कर रहे थे। गंभीर रूप से घायल संजीव को पहले नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल ले जाया गया और वहां से पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर किया गया। पीजीआइ में रात करीब 7:45 बजे उसकी मौत हो गई।

CBI चार्जशीट में 6 IAS के नाम, बैंक निवेश में नियमों की अनदेखी के आरोप

 पंचकूला  हरियाणा के कथित बैंक घोटाले की जांच में सीबीआई की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। चार्जशीट में अधिकारियों पर निजी बैंकों में सरकारी धन निवेश कराने, बैंक चयन और एफडी से जुड़े नियमों की अनदेखी, वित्त विभाग की निर्धारित सीमाओं को दरकिनार करने, कथित तौर पर दस्तावेजों में हेर-फेर, साक्ष्य छिपाने तथा रिश्वत अथवा अन्य अनुचित लाभ लेने जैसे आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई की चार्जशीट में आरके सिंह (राम कुमार सिंह), पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन समेत छह आईएएस अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों के साथ कथित साजिश के माध्यम से सरकारी धन को निजी बैंकों में ट्रांसफर कराने तथा निवेश प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी के आरोपों का उल्लेख है। पंकज अग्रवाल पर लगे आरोप तत्कालीन स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहे पंकज अग्रवाल को लेकर चार्जशीट में निजी बैंक अधिकारी रिभव ऋषि से कथित अनुचित लाभ मिलने का उल्लेख है। सीबीआई के अनुसार, नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच जीरकपुर के होटल जेड मैनर में चार बार कथित मुजरा पार्टियों का आयोजन हुआ। चार्जशीट में आरोप है कि इन आयोजनों में डांस कलाकारों, खानपान और शराब का खर्च रिभव ऋषि ने उठाया। 24 दिसंबर 2025 को चंडीगढ़ के ट्रिब्यून चौक स्थित होटल नोबोटेल में एक महिला को बुलाए जाने और इसका भुगतान रिभव के करीबी अभय कुमार की ओर से यूपीआई के माध्यम से किए जाने का भी उल्लेख है। 10 जनवरी 2026 को मोहाली के होटल बाइंडम में सुइट बुक कर एक अन्य महिला को बुलाए जाने और 75 हजार रुपये का भुगतान रिभव ऋषि के पैसों से किए जाने का आरोप है। चार्जशीट में पंकज अग्रवाल की कथित मौजूदगी तथा होटल से उबर कैब के जरिए घर लौटने से संबंधित रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा अक्तूबर 2025 में दिल्ली के एक होटल की बुकिंग और उनकी पत्नी के लिए चंडीगढ़ के होटल नोबोटेल में आयोजित पार्टी का खर्च भी रिभव ऋषि की ओर से उठाए जाने का आरोप लगाया गया है। विनीत गर्ग पर सोने के सिक्के लेने का आरोप हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष विनीत गर्ग के कार्यकाल में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को निवेश में प्राथमिकता दिए जाने का आरोप चार्जशीट में लगाया गया है। 24 अक्तूबर 2025 को 25-25 करोड़ रुपये एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में निवेश करने की सिफारिश की गई थी। सीबीआई के अनुसार बाद में इसमें बदलाव कर पूरी 50 करोड़ रुपये की राशि आईडीएफसी में निवेश करने का निर्णय लिया गया। चार्जशीट में 6 मई 2025 को आईसीआईसीआई बैंक से 3.50 करोड़ रुपये निकालकर आईडीएफसी में जमा कराने के मौखिक निर्देश का भी आरोप है। इसके अलावा सीबीआई ने दीपावली से पहले रिभव ऋषि के माध्यम से विनीत गर्ग के घर 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के पहुंचाए जाने के आरोप की भी जांच की। इसके समर्थन में कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों का उल्लेख किया गया है। आरके सिंह के घर 50 लाख पहुंचाने और बेटे को दो करोड़ देने का आरो पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त आरके सिंह को लेकर चार्जशीट में नकदी लेनदेन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई के अनुसार 11 जनवरी 2026 को उनके घर 50 लाख रुपये पहुंचाए गए। वहीं, 22 जनवरी को दिल्ली में उनके बेटे प्रशांत सिंह को तीन किश्तों में दो करोड़ रुपये दिए जाने का आरोप है। चार्जशीट में रकम की पहचान के लिए 10 रुपये के नोट के नंबर का मिलान किए जाने का भी उल्लेख है। आरके सिंह पर अलग-अलग ब्याज दरों के बावजूद आईडीएफसी बैंक में एफडी कराने का आरोप लगाया गया है। चार्जशीट के मुताबिक जब सेक्शन ऑफिसर अनिल कुमार ने कोटेशन मंगाने का सुझाव दिया तो उन्हें फटकार लगाई गई और बाद में 17 नवंबर को वहां से हटा दिया गया। इसके अलावा कालका नगर परिषद का खाता करीब 30 किलोमीटर दूर सेक्टर-32 चंडीगढ़ शाखा में खुलवाने का भी उल्लेख चार्जशीट में है। मोहम्मद शाइन पर बैंक को फायदा पहुंचाने का आरोप एचपीजीसीएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष मोहम्मद शाइन के कार्यकाल में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सरकारी धन के निवेश को लेकर भी सीबीआई ने अनियमितताओं का आरोप लगाया है। चार्जशीट के अनुसार शाइन ने रिभव ऋषि को अधिकारियों से मिलवाने, आईडीएफसी में 50 करोड़ रुपये जमा कराने तथा बाद में बैंक की 50 करोड़ रुपये की जमा सीमा हटाने की प्रक्रिया में कथित भूमिका निभाई। सीबीआई ने चार्जशीट में रिभव ऋषि की ओर से होटल और रेस्तरां के करीब 3.67 लाख रुपये के बिलों का भुगतान किए जाने तथा शाइन के घर कई बार जाने का भी उल्लेख किया है। नवंबर 2024 में इंडसइंड बैंक की करीब 108.46 करोड़ रुपये की एफडी समय से पहले तुड़वाकर उसमें से 50 करोड़ रुपये आईडीएफसी में जमा कराने का भी आरोप है। प्रदीप कुमार पर निवेश सीमा से अधिक रकम जमा कराने का आरोप हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन सदस्य सचिव प्रदीप कुमार पर निवेश प्रक्रिया में अनियमितता कर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को फायदा पहुंचाने का आरोप है। चार्जशीट के अनुसार उन्हें जानकारी थी कि आईडीएफसी बैंक में अधिकतम 50 करोड़ रुपये जमा किए जा सकते हैं, इसके बावजूद बैंक में जमा रकम 63.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। सीबीआई का आरोप है कि एक मामले में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की 8.45 प्रतिशत ब्याज दर को गलत तरीके से 8.25 प्रतिशत दर्शाया गया, जिससे आईडीएफसी की ब्याज दर तुलनात्मक रूप से अधिक दिखाई गई।

स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभार, संगठन में नई भूमिका

 चंडीगढ़  भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने हरियाणा के संगठन की कमान पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी को सौंपकर केवल प्रभारी नहीं बदला है, बल्कि राज्य संगठन के लिए एक ऐसा चेहरा चुना है, जिसके पास सत्ता, संगठन और जनसंपर्क, तीनों स्तरों का बड़ा अनुभव हासिल है। भाजपा ने उन्हें हरियाणा के साथ छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त कर उनकी संगठन क्षमता और नेतृत्व पर भरोसा जताया है। स्मृति ईरानी के सामने सबसे बड़ी चुनौती साल 2029 में होने वाले विधानसभा चुनाव में चौथी बार भाजपा सरकार की वापसी कराने की होगी। कैसी रहेगी स्मृति ईरानी की भूमिका हरियाणा में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के बाद अब संगठन को केवल चुनावी मशीनरी के रूप में नहीं, बल्कि अगले राजनीतिक चक्र की तैयारी करने वाले ढांचे के रूप में मजबूत करना चाहेगी। ऐसे में स्मृति ईरानी की भूमिका सरकार और संगठन के बीच बेहतर संवाद, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जमीनी फीडबैक को ऊपर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण हो सकती है। उनकी सार्वजनिक राजनीतिक शैली और राष्ट्रीय स्तर पर संवाद का अनुभव पार्टी को हरियाणा के मुद्दों को व्यापक राजनीतिक दृष्टिकोण (नैरेटिव) से जोड़ने में मदद दे सकता है। स्मृति ईरानी का भाजपा संगठन से जुड़ाव केवल केंद्रीय मंत्री या राष्ट्रीय महामंत्री बनने तक सीमित नहीं रहा है। वह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य, महाराष्ट्र भाजपा युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र भाजपा की प्रदेश सचिव, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसी साल अगस्त में उन्हें भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। ऐसे में उन्हें संगठन चलाने का व्यापक और लंबा अनुभव हासिल है, जिसका लाभ हरियाणा भाजपा को मिलने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। हरियाणा भाजपा के लिए स्मृति ईरानी की नियुक्ति की वास्तविक अहमियत इसी में होगी कि वह संगठन को केवल चुनाव के समय सक्रिय होने वाली संरचना से आगे ले जाकर लगातार संवाद करने वाले राजनीतिक संगठन में कितना बदल पाती हैं। उनकी राष्ट्रीय पहचान पहले से मौजूद है। अब परीक्षा हरियाणा की स्थानीय राजनीतिक बारीकियों को समझकर उस पहचान को संगठनात्मक परिणाम में बदलने की होगी। महिला नेतृत्व का हरियाणा कनेक्ट और संगठन के सामने असली कसौटी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के महिला मोर्चा के राष्ट्रीय नेतृत्व का अनुभव हरियाणा के लिए अलग तरह का अवसर पैदा करने वाला होगा। हरियाणा में महिला मतदाताओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने, महिला कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर अधिक प्रभावी भूमिका देने और महिलाओं से जुड़े स्थानीय मुद्दों को संगठन के एजेंडे में प्रमुखता देने की दिशा में भाजपा उनके अनुभव का लाभ उठाने का कोई मौका नहीं चूकेगी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय संभालने के दौरान भी उन्हें देशभर में महिला और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर काम करने का प्रशासनिक अनुभव मिला था। स्मृति ईरानी के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हरियाणा भाजपा की प्रभारी स्मृति ईरानी के सामने चुनौतियां भी कम नहीं होंगी। संगठन में सरकार और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद को लगातार सक्रिय रखना, स्थानीय नेताओं के बीच बेहतर समन्वय, बूथ स्तर तक संगठन की ऊर्जा बनाए रखना और युवाओं तथा महिलाओं को पार्टी की अगली पंक्ति में अधिक जगह देना ऐसी बड़ी कसौटियां होंगी, जिन पर उनकी परीक्षा होने वाली है। हालिया संगठनात्मक बदलाव के बाद प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने और प्रभारी की नई जिम्मेदारी आने से टीम के भीतर भूमिकाओं और प्राथमिकताओं का तालमेल भी महत्वपूर्ण रहने वाला है। दिल्ली की राजनीति के अनुभव का मिलेगा हरियाणा को फायदा स्मृति ईरानी अपने अनुभव का सबसे प्रभावी इस्तेमाल हरियाणा में बखूबी कर सकती हैं। दिल्ली के राजनीतिक अनुभव को हरियाणा, राजधानी चंडीगढ़ और जिलों की जमीनी राजनीति से जोड़कर चलना उनके लिए आसान होगा। राष्ट्रीय मुद्दों की भाषा को हरियाणा के स्थानीय सरोकारों में बदलना, कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद की व्यवस्था बनाना और संगठन के भीतर फीडबैक की ऐसी प्रणाली तैयार करना, जिसमें फैसले केवल ऊपर से नीचे न आएं, बल्कि नीचे से ऊपर भी जाएं, यह उनके कार्यकाल की दिशा तय करेगा।

हरियाणा के नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी, रेखा शर्मा तेलंगाना की सह प्रभारी

चंडीगढ़  भाजपा के संगठनात्मक फेरबदल में हरियाणा की राजनीतिक और संगठनात्मक ताकत का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दिया है। पार्टी हाईकमान ने हरियाणा से जुड़े कई नेताओं को दूसरे राज्यों में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी हैं। हरियाणा से राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संजय भाटिया को राजस्थान का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा को तेलंगाना का सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। हरियाणा भाजपा के निवर्तमान प्रभारी डा. सतीश पूनिया को पंजाब और जम्मू-कश्मीर का प्रभार दिया गया है। संजय भाटिया की नई जिम्मेदारी को हरियाणा के लिहाज से खास माना जा रहा है। करनाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके भाटिया ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के लिए अपनी सीट छोड़ी थी। इसके बाद उन्हें हरियाणा से राज्यसभा सदस्य बनाया गया, जिसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका मिली। अब राजस्थान जैसे बड़े राज्य का प्रभारी बनाया गया है। राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा को तेलंगाना का सह प्रभारी बनाया है। इस फेरबदल ने हरियाणा भाजपा के कई नेताओं को प्रदेश की सीमाओं से बाहर संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी दी है। राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा के नेताओं की संगठनात्मक भूमिका हरियाणा भाजपा के प्रभारी रह चुके त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। पूर्व प्रभारी रहे विनोद तावड़े को उप्र प्रभारी बनाया है। निवर्तमान हरियाणा प्रभारी डा. सतीश पूनिया को पंजाब व जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा में दायित्व परिवर्तन स्वाभाविक प्रक्रिया: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्मृति ईरानी को हरियाणा का प्रभारी, डॉ. भोला सिंह को सह प्रभारी व सांसद संजय भाटिया को राजस्थान का प्रभारी बनाए जाने पर पार्टी हाईकमान का आभार जताया है। गुप्ता ने ईरानी और भोला सिंह की संगठनात्मक क्षमता सराही प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने नए प्रभारी और सह प्रभारी की नियुक्ति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नए प्रभारी और सह प्रभारी के अनुभव से प्रदेश संगठन को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।  

इंजीनियरिंग डिग्री-डिप्लोमा वाले बनेंगे सरकारी ठेकेदार, 3 महीने की ट्रेनिंग और ब्याज मुक्त लोन

 चंडीगढ़  हरियाणा में इंजीनियरिंग की डिग्री या डिप्लोमा करने वाले युवा अब सरकारी विभागों में ठेकेदार बन सकेंगे। कांट्रेक्टर सक्षम युवा योजना के तहत इस साल आठ हजार युवाओं को सरकार के स्तर पर तीन महीने का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। ट्रेनिंग और मूल्यांकन पूरा करने वाले युवाओं काे हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकृत युवा ठेकेदारों को 25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों के ठेके दिए जाएंगे। एक साल के लिए तीन लाख रुपये का ब्याज मुक्त बैंक ऋण मिलेगा। विशेष बात यह कि तीन महीने की ट्रेनिंग में सिर्फ कक्षा में पढ़ाई नहीं होगी। युवाओं को सरकारी विकास कार्यों की प्रक्रिया और ठेकेदारी से जुड़े तकनीकी व व्यावहारिक पहलुओं के साथ मौके पर काम का अनुभव भी दिया जाएगा। श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद तृतीय पक्ष मूल्यांकन होगा और सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले युवा पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों और अन्य सरकारी विभागों के विकास कार्यों में ठेकेदार के रूप में भाग ले सकेंगे। ठेकेदारी शुरू करने के लिए फर्म और जरूरी दस्तावेज तैयार करने होंगे। 51.50 करोड़ रुपये का प्रविधान पैन, टैन, जीएसटी और टिन सहित संबंधित औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी होगा। ठेकेदार सक्षम युवा योजना के लिए 51.50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। ठेकेदार सक्षम युवा योजना की नींव फरवरी 2024 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार के समय रखी गई थी। उस समय 10 हजार इंजीनियरिंग डिग्री और डिप्लोमा धारकों को प्रशिक्षण देकर ठेकेदारी से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया था। मकसद पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के विकास कार्यों में इंजीनियरिंग योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए ठेकेदारी के अवसर तैयार करना था। इसके बाद अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर योजना को औपचारिक रूप से लांच किया। जनवरी 2025 में सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर पात्रता और संचालन की शर्तें तय कीं। अब 2026-27 में योजना के तहत युवाओं से आनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। यह होंगे पात्र हरियाणा निवासी 18 से 40 वर्ष की आयु के बेरोजगार बीई-बीटेक और इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक युवा योजना में आवेदन कर सकेंगे। परिवार पहचान पत्र जरूरी होगा। सीईटी की मेरिट सूची में नाम होना चाहिए।  

हरियाणा में कमजोर रहा मानसून, 413 की जगह सिर्फ 317.5 मिमी बारिश; तापमान बढ़ा

हिसार औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा के साथ हरियाणा से मानसून की बुधवार को विदाई हो गई। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के नजदीक जिला यमुनानगर को छोड़कर लगभग पूरे प्रदेश से मानसून लौट चुका है। यमुनानगर में सुबह के समय कोहरा भी छाया रहा। इस मानसून में हरियाणा में 317.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। प्रदेश में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 413 मिलीमीटर है। यानि प्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई। पलवल को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही। कमजोर मानसून का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है दूसरी तरफ तापमान में कमी न आने से बिजली की खपत भी बढ़ी हुई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि राजस्थान में बने प्रति चक्रवातीय परिसंचरण के कारण हरियाणा-एनसीआर में पश्चिमी गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं। इससे वातावरण में नमी कम हुई है और दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार को तकरीबन सभी जिलों में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है। गुरुग्राम में 38 डिग्री तापमान सबसे अधिकतम तापमान गुरुग्राम का 38.2 डिग्री रहा। 37.4 डिग्री सेल्सियस के साथ फरीदाबाद दूसरे नंबर पर रहा। सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 20 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। 25 सितंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 28 से 30 सितंबर के दौरान भी पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी की मौसम प्रणाली के प्रभाव से उत्तरी व पूर्वी जिलों में मौसम में बदलाव और हल्की वर्षा की संभावना है। मानसून की वापसी के लिए लगातार वर्षा का न होना, निचले वायुमंडल में प्रतिचक्रवात का बनना और हवा में नमी की कमी प्रमुख संकेत माने जाते हैं। दस साल बाद ऐसा मानसून दस साल पहले भी मानसून कुछ ऐसा बीता था। 2016 में सामान्य से 58 प्रतिशत कम वर्षा हुई थी। हालांकि 2015 का मानसून उससे भी कमजोर रहा था। उस वक्त सामान्य से 126 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। तब महज 287.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।  

कंबोडिया से 3 बच्चों के साथ आई दुल्हन, पैरोल पर गैंगस्टर मैनपाल ने रचाई शादी

झज्जर. करीब आठ साल पहले पैरोल के दौरान जेल से फरार होकर कंबोडिया पहुंचने और वहां से प्रत्यर्पित किए गए आजीवन कारावास के दोषी मैनपाल ढिल्ला बुधवार, 24 सितंबर को अपनी कंबोडियाई पत्नी मेटा चान के साथ हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह बंधन में बंधेंगे। हत्या सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे मैनपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश जसजीत सिंह बेदी की अदालत से 12 घंटे की कस्टडी पैरोल मिली है। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह आठ से रात आठ बजे तक रहेंगे बाहर जेल अधीक्षक सेवा सिंह के अनुसार मैनपाल को सामान्य पैरोल की तरह स्वतंत्र रूप से नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि वह पूरे समय पुलिस और जेल कर्मियों की कड़ी कस्टडी व सुरक्षा घेरे में रहेगा। तयशुदा कार्यक्रम के तहत उसे सुबह आठ बजे जेल से बाहर लाया जाएगा और रात आठ बजे तक वापस जेल पहुंचाना होगा।

गाड़ी की नंबर प्लेट में बदलाव पड़ा भारी, जालंधर में नहीं मिलेगा ईंधन

जालंधर. वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) नहीं है या नंबर प्लेट के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है तो अब जालंधर में ऐसे वाहन को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं मिलेगा। कमिश्नरेट पुलिस ने बिना नंबर प्लेट, जरूरी एचएसआरपी के बिना चल रहे वाहनों के साथ-साथ टूटी, मुड़ी, क्षतिग्रस्त, बदली या जानबूझकर संशोधित नंबर प्लेट वाले वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगा दी है। पुलिस का यह आदेश 21 सितंबर 2026 से लागू हो चुका है और 20 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। इस व्यवस्था की निगरानी डीसीपी जसरूप कौर बाठ करेंगी। पुलिस का कहना है कि नंबर प्लेट वाहन की पहचान का प्रमुख माध्यम है। इसे छिपाकर या बदलकर वाहन चलाने से यातायात नियमों के उल्लंघन के साथ अपराध की जांच में भी परेशानी होती है। ऐसे में ईंधन बिक्री को वैध नंबर प्लेट से जोड़ने का उद्देश्य वाहन की पहचान सुनिश्चित करना है। नंबर प्लेट नहीं तो पंप पर ही रुक जाएगी गाड़ी नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंप, डीजल डिस्पेंसिंग स्टेशन और सीएनजी स्टेशन पर वाहन में ईंधन भरने से पहले नंबर प्लेट की स्थिति देखी जाएगी। यदि वाहन पर नंबर प्लेट नहीं है या जिस वाहन पर एचएसआरपी लगना जरूरी है, उस पर एचएसआरपी नहीं लगी है तो उसे ईंधन नहीं दिया जाएगा। इसी तरह प्लेट टूटी हुई, मुड़ी हुई, क्षतिग्रस्त या ऐसी स्थिति में है जिससे वाहन का पंजीकरण नंबर स्पष्ट नहीं हो रहा, तो भी ईंधन देने पर रोक रहेगी। यदि नंबर प्लेट में बदलाव या छेड़छाड़ के संकेत मिलते हैं तो पंप संचालक को पुलिस को इसकी सूचना देनी होगी। छेड़छाड़ वाली प्लेट पर खास नजर पुलिस के आदेश में नंबर प्लेट से छेड़छाड़ को विशेष रूप से शामिल किया गया है। कई बार वाहन की पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट को मोड़ दिया जाता है, उस पर कोई सामग्री लगा दी जाती है या प्लेट को इस तरह बदला जाता है कि नंबर स्पष्ट दिखाई न दे। ऐसे वाहनों को भी ईंधन नहीं मिलेगा। पंप कर्मचारी संदिग्ध वाहन के मेक, माडल, रंग और आने-जाने की दिशा जैसी जानकारी संभव होने पर नोट कर सकते हैं। पुलिस को सूचना मिलने पर सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से वाहन की गतिविधि की जांच की जा सकेगी। पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी अनिवार्य आदेश के तहत सभी ईंधन स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरे चालू रखना जरूरी होगा। प्रवेश और निकास स्थान, ईंधन भरने का क्षेत्र, आने-जाने वाले वाहनों, भुगतान क्षेत्र और जहां संभव हो वहां वाहन की नंबर प्लेट की रिकार्डिंग होनी चाहिए। कानूनी और तकनीकी रूप से संभव होने पर पंप के सामने और उससे जुड़ी सड़क की भी निगरानी करनी होगी। सीसीटीवी फुटेज को कम से कम दो महीने तक सुरक्षित रखना होगा। इससे पुलिस को घटना के बाद संदिग्ध वाहन की तलाश करने में मदद मिल सकती है। वारदात के बाद भागने वाले वाहन की पहचान में मदद पुलिस की इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू अपराध की जांच से जुड़ा है। यदि किसी वारदात में इस्तेमाल वाहन पर नंबर प्लेट नहीं है या उसके साथ छेड़छाड़ की गई है, तो उसके पेट्रोल पंप तक पहुंचने पर पुलिस को सूचना मिल सकती है। पंप की सीसीटीवी फुटेज से वाहन का रंग, माडल और आवाजाही का समय सामने आ सकता है। जांच के दौरान पुलिस इन फुटेज को शहर के अन्य सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग से जोड़कर वाहन के संभावित रूट का पता लगा सकती है। इस तरह पेट्रोल पंप की फुटेज किसी आपराधिक मामले में एक अतिरिक्त जांच कड़ी बन सकती है। नए और आपातकालीन वाहनों को छूट इस आदेश में कुछ वाहनों को छूट दी गई है। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, फायर सर्विस और आपातकालीन सेवा वाले वाहनों पर यह रोक लागू नहीं होगी। नए खरीदे गए ऐसे वाहन, जिनके लिए सक्षम प्राधिकारी की ओर से वैध पंजीकरण नंबर जारी किया गया है, उन्हें भी ईंधन दिया जा सकेगा। वैध अस्थायी पंजीकरण नंबर वाले वाहनों को भी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण प्रस्तुत करने पर ईंधन दिया जाएगा। पंप संचालकों की जिम्मेदारी बढ़ी पेट्रोल पंप संचालकों को पंजाबी और अंग्रेजी में प्रमुख स्थान पर नोटिस लगाकर ग्राहकों को इस नियम की जानकारी देनी होगी। संदिग्ध नंबर प्लेट वाला वाहन मिलने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देनी होगी। पुलिस के आदेश का पालन नहीं करने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। फायदा क्या होगा? इस व्यवस्था से वाहन मालिकों पर वैध नंबर प्लेट लगाने का दबाव बढ़ेगा। साथ ही बिना नंबर या छेड़छाड़ वाली प्लेट वाले वाहनों की पहचान आसान हो सकती है। अपराध की जांच में पेट्रोल पंपों की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को अतिरिक्त सुराग दे सकती है। ध्यान रखने वाली बात: वाहन मालिक पेट्रोल पंप पर परेशानी से बचने के लिए अपने वाहन की नंबर प्लेट सही स्थिति में रखें और जहां लागू हो वहां एचएसआरपी लगवाएं। पंप संचालकों के लिए कैमरों की गुणवत्ता और दो महीने तक फुटेज सुरक्षित रखना भी अहम जिम्मेदारी होगी।