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अवैध निर्माण पर सख्ती: Bahadurgarh प्रशासन का एक्शन, कॉलोनियों में बुलडोजर कार्रवाई

बहादुरगढ़. बहादुरगढ़ में लाइसेंस्ड कॉलोनियों में किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। झज्जर रोड स्थित ओमेक्स सिटी में डीटीपी विभाग की टीम ने अवैध कब्जों को हटाया।कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध जताया, जिसके चलते करीब एक घंटे तक तोड़फोड़ की कार्रवाई रुकी रही। लोगों का कहना था कि उन्होंने घरों के बाहर पेड़-पौधों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग लगाई थी, जिसे प्रशासन द्वारा हटाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर मौजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार प्रवीण शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर की जा रही है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं एटीपी सतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि अवैध अतिक्रमण को हर हाल में हटाया जाएगा और कार्रवाई के दौरान किसी भी पेड़-पौधे को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने यही बताया कि आने वाले दिनों में शहर की कई अन्य लाइसेंस शुदा कॉलोनियों में डीटीपी विभाग अतिक्रमण हटाएगा। यह कार्रवाई लगातार कई दिन तक जारी रहने वाली है।

जेलों में मोबाइल पर हाईकोर्ट की नाराज़गी, प्रशासन से पूछे तीखे सवाल

चंडीगढ़. नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने जहां आरोपित को नियमित जमानत दे दी, वहीं जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए हरियाणा के जेल प्रशासन को आत्ममंथन करने की जरूरत बताई है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई कैदी हिरासत में रहते हुए मोबाइल फोन के जरिये आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यह आदेश जस्टिस संजय वशिष्ठ की एकल पीठ ने आरोपित आकाश उर्फ रिंकू द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिकाकर्ता ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में नियमित जमानत की मांग की थी। मामला फतेहाबाद के भूना थाना में दर्ज एफआइआर से जुड़ा है, जिसमें 505 ग्राम हेरोइन बरामद होने के बाद कई आरोपितों के नाम सामने आए थे। जांच के दौरान मुख्य आरोपित मोहन लाल ने बताया था कि उसने यह नशीला पदार्थ दिल्ली क्षेत्र में एक विदेशी नागरिक से खरीदा था और इस सौदे में अन्य आरोपितों की वित्तीय भूमिका रही। पुलिस ने आगे की जांच में कई सह-आरोपितों को गिरफ्तार किया और याचिकाकर्ता को भी जांच में शामिल किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है और उसे केवल पुलिस रिकार्ड में शामिल होने के कारण फंसाया गया है। यह भी कहा गया कि जिस मोबाइल फोन को नष्ट करने का आरोप लगाया गया, वह कभी उसके कब्जे में था ही नहीं, खासकर तब जब वह पहले से ही न्यायिक हिरासत में था। अदालत ने रिकार्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ कई आपराधिक मामले जरूर दर्ज हैं, लेकिन एनडीपीएस एक्ट में केवल एक ही मामले में सजा हुई है। अन्य मामलों में या तो वह बरी हुआ या सजा पूरी कर चुका है। सबसे अहम टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि एक कैदी जेल में रहते हुए अन्य आरोपितों से मोबाइल फोन के जरिये संपर्क में बताया जा रहा है, जबकि इसकी जानकारी जेल प्रशासन को नहीं थी। कोर्ट ने कहा कि या तो आरोप झूठे हैं या फिर जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है। इन टिप्पणियों के साथ अदालत ने आरोपित को जमानत देते हुए निर्देश दिया कि भविष्य में यदि वह समान गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसकी जमानत रद की जा सकती है। साथ ही, ट्रायल कोर्ट को मामले का स्वतंत्र और शीघ्र निपटारा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 को हरी झंडी, Haryana के सीएम सैनी बोले- विपक्ष महिला विरोधी

गुरुग्राम. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुग्राम में हरियाणा कैबिनेट की बैठक की। लोकसभा में नारी वंदन अधिनियम गिरने के विरुद्ध भाजपा सरकार विधानसभा में विपक्ष के विरोध में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 अप्रैल को बुलाया गया है। सीएम नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 विधानसभा के स्पेशल सत्र में लाया जाएगा। मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा के कॉमन कैडर के ग्रुप डी कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए जरूरी नियम बनाने पर भी सहमति बनी है। अगर कॉमन कैडर ग्रुप डी कर्मचारियों ने 5 साल से ज्यादा की सर्विस पूरी की तो वे क्लर्क के पद पर प्रमोशन के लिए एलिजिबल होंगे। हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज रिक्रूटमेंट एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस बिल 2026 के मसौदे को मंजूरी दे दी गई है। ड्राफ्ट बिल में क्लर्क के पद के लिए ग्रुप डी से प्रमोशन के कोटे को 20% से 30% करने का प्रावधान किया गया। साथ ही 5% एक्स ग्रेशिया पद रखने की अनिवार्यता भी नियमों में शामिल की गई। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि 16 व 17 अप्रैल को संसद में जो कुछ हुआ उसने विपक्षी दलों का असली चेहरा देश के सामने उजागर किया। विपक्षी दलों का असली चरित्र महिला विरोधी और सत्ता का लोभी है। यह दिन देश के इतिहास में काले दिन के रूप में दर्ज हुआ। विपक्षी दलों ने महिलाओं को केवल वोट बैंक समझा लेकिन निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी से वंचित रखा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की भागीदारी कोई दया नहीं, उनका अधिकार है। विपक्ष ने परिसीमन के नाम पर झूठ और भ्रम फैलाया और कहा के इससे कुछ राज्यों को नुकसान होगा। गृहमंत्री ने तथ्यों के साथ स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। आने वाले समय में महिलाएं अपने वोट की ताकत से महिला विरोधी दलों को करारा जवाब देंगी।

पहलगाम हमले के बलिदानी Vinay Narwal को श्रद्धांजलि, Karnal में नम आंखों से अंतिम सलाम

करनाल. करनाल के संत कबीर पब्लिक स्कूल में पहलगाम हमले के बलिदानी विनय नरवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विनय नरवाल की बहन सृष्टि ने कहा कि उनके भाई के नाम पर करनाल में एक चिकित्सा संस्थान का नामकरण किया जाए। उनका पूरा परिवार एक साल पहले हुए आतंकी हमले की घटना से अभी तक उभरा नहीं है। हलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले को कल एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। इस हमले ने जहां देश को झकझोर दिया था, वहीं हरियाणा के करनाल के एक परिवार के लिए समय जैसे उसी दिन थम गया। हमले की पहली बरसी की पूर्व संध्या पर भारतीय नौसेना के बलिदानी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता, राजेश नरवाल ने नम आंखों से अपने बेटे को याद किया। राजेश नरवाल ने उस काली रात को याद करते हुए बताया कि वह पल उनके जीवन का सबसे कठिन समय था। उन्होंने कहा कि कल एक साल पूरा हो जाएगा। मुझे वह पल आज भी साफ याद है, मैं सो रहा था, तभी मुझे वह बुरी खबर मिली। उस एक पल ने मेरी पूरी दुनिया बदल दी। जिंदगी जैसे वहीं थम सी गई। क्या बोले विनय नरवाल के पिता विनय नरवाल के पिता ने कहा कि एक शहीद का पिता होने का गौरव तो है, लेकिन एक पिता का हृदय आज भी इस सच्चाई को स्वीकार करने में संघर्ष कर रहा है। राजेश ने भावुक होते हुए कहा, "शुरुआत में ऐसा लगता था जैसे वह बस अभी वापस आ जाएगा। दिमाग को हकीकत पता थी, लेकिन मन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं था। यह बहुत दर्दनाक है। मुझे उसकी बहुत याद आती है, और उसकी वही अच्छी यादें अब मुझे सबसे ज्यादा परेशान करती हैं।" बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। मृतकों में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी शामिल थे। बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। मृतकों में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी शामिल थे।

हरियाणा पुलिस में ट्रांसफर बम! Haryana Police के 46 HPS अधिकारी इधर-उधर

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने मंगलवार देर रात पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए 46 हरियाणा पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां कर दीं। इस फेरबदल के तहत राज्य के कई जिलों में डीएसपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है। गौरतलब है कि डीएसपी पानीपत, सिरसा, रोहतक और गुरुग्राम (ACP) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों को तैनात किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो में भी कई अधिकारियों की अदला-बदली की गई है।  गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई एसीपी (ACP) को बदला गया है। इसके अलावा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), सीआइडी, एचएसएनसीबी और आइआरबी जैसी विशेष इकाइयों में भी फेरबदल किया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव में कई अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग से हटाकर स्पेशल यूनिट्स में भेजा गया है, वहीं कुछ अधिकारियों को अहम जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि आगामी चुनौतियों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।  प्रशासनिक स्तर पर भी हुआ तबादला गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को हरियाणा सरकार पांच आइएएस और 15 एचसीएस अधिकारियों के तबादले किए थे। आइएएस अधिकारी विजय कुमार सिद्धप्पा भाविकट्टी को राज्यपाल का सचिव, श्रम आयुक्त तथा श्रम विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। वर्तमान में विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक तथा विशेष सचिव अनीश यादव को हैफेड तथा हरियाणा इंटरनेशनल हार्टिकल्चरल मार्केटिंग कारपोरेशन गन्नौर के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। आइएएस अधिकारी डा. सुभिता ढाका को रजिस्ट्रार सहकारी समितियां नियुक्त किया गया है।

मानेसर-पलवल हाईवे के आसपास बनेंगे 5 मॉडर्न सिटी, Haryana सरकार का सिंगापुर मॉडल पर फोकस

चंडीगढ़. प्रदेश सरकार कुंडली-मानेसर- पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे के किनारे 135 किलोमीटर क्षेत्र में पांच नए शहर विकसित करने का प्लान तैयार कर लिया है। सरकार का दावा है कि इन शहरों में औद्योगिक विकास का ढ़ांचा सिंगापुर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। जो विकसित भारत 2047 विजन के लिए देश का गेटवे बनेगा। वर्ष 2031 तक की संभावित जनसंख्या काे आधार बना पांच नए शहर विकसित करने के लिए पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन सरकार की ओर से कर दिया गया है। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने योजना को लेकर हुई चर्चा में बताया कि केएमपी की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, एक्सप्रेस वे इस दिशा में मजबूत कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराएगा। औद्योगिक नीति में किए आवश्यक संशोधन इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने अपनी औद्योगिक नीति में आवश्यक संशोधन किए हैं, ताकि निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिल सके। उन्होंने कहा हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआइआइडीसी) का उद्देश्य केवल राजस्व अर्जित करना नहीं, बल्कि उद्योगपतियों को बेहतर सुविधाएं, त्वरित सेवाएं और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराना होना चाहिए। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 10 नई इंडस्ट्रियल माडल टाउनशिप (आइएमटी) स्थापित करने की घोषणा की थी। इनमें से पांच आईएमटी को स्वीकृति मिल चुकी है और उनके विकास की प्रक्रिया जारी है। उद्योग विभाग के बजट में 125 फीसदी इजाफा इनमें से तीन राजधानी क्षेत्र में बननी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष उद्योग विभाग के बजट में 125 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी और आगामी बजट में इसे और बढ़ाने की योजना है, ताकि प्रदेश में औद्योगिक विस्तार को निरंतर मजबूती मिलती रहे। आने वाले समय में जब नई आईएमटी विकसित होंगी, तो हरियाणा देश की औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि भौगोलिक रूप से हरियाणा दिल्ली से तीन ओर से जुड़ा है और दिल्ली स्थित आइजीआइ एयरपोर्ट तथा नोएडा के जेवर बने एयरपोर्ट की पहुंच करीब 30 मिनट में होने के कारण देश-विदेश के निवेशकों के लिए क्षेत्र अत्यंत आकर्षक बन गया है।

फर्जीवाड़े पर बड़ा एक्शन: स्टोन क्रशरों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी, पोर्टल सील कर करोड़ों का घोटाला उजागर

यमुना नगर. जिले में खनन से जुड़े ई-रवाना तंत्र में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने साल 2024-25 में सील किए स्टोन क्रशर व स्क्रीनिंग प्लांट के पोर्टल बंद करने की सिफारिश की है। बोर्ड ने इस संबंध में पत्र लिखा है। इससे कार्रवाई में देरी और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अवैध खनन रोकने के लिए 37 स्टोन क्रेशर व 17 स्क्रीनिंग प्लांट सहित 54 इकाइयों को सील किया गया था। बोर्ड के आरोप है कि कई जगह सील के बावजूद संचालन जारी रहा। पोर्टल पर खनिज की खरीद-बिक्री भी दर्ज होती रही। जांच में रिकार्ड और वास्तविक गतिविधियों में बड़ा अंतर मिला। इससे करोड़ों रुपये के अवैध लाभ और निगरानी तंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खान एवं भू-विज्ञान विभाग के एक बड़े अधिकारी और बिजली निगम पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लग रहे हैं। विशेष एजेंसी से इस मामले की गोपनीय जांच भी शुरू हो गई। जिसमें बड़ी कार्रवाई की संभावना है। एंट्री कप्शन सोसायटी और यमुना सेवा समिति ने भी प्रधानमंत्री के नाम भी पत्र भेजा वहीं हरियाणा एंट्री कप्शन सोसायटी और यमुना सेवा समिति ने भी प्रधानमंत्री के नाम भी पत्र भेजा है, जिसमें खनन विभाग के पोर्टल पर पांच साल के खरीद-बिक्री ब्योरे की जांच की मांग रखी। आरोप है कि कई विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से निर्धारित खनन सामग्री से कई गुना ज्यादा अवैध खनन रिकार्ड में किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पोर्टल बंद करने के लिए पत्र लिखना चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल उठ रहे हैं कि जब लंबे समय से गड़बड़ियां सामने आ रही थीं, तब पहले सख्त कदम क्यों नहीं उठाए गए। सूत्रों के अनुसार, कई इकाइयों के सील होने के बाद भी उनके पोर्टल सक्रिय रहे। इससे आशंका मजबूत होती है कि सिस्टम का दुरुपयोग हुआ। सीलिंग टीम में बोर्ड के अलावा बिजली निगम, खनन विभाग, खरीद व बिक्री विभाग, पुलिस विभाग सहित छह विभाग के अधिकारी व कर्मचारी होते हैं। इसकी रिपोर्ट इलाके के एसडीएम व जिला उपायुक्त के पास भी जाती थी। वहां से भी उचित निगरानी नहीं हुई। अप्रैल को व्यासपुर एसडीएम जसपाल गिल की जांच के बाद मामले से पर्दा उठा गत एक अप्रैल को व्यासपुर एसडीएम जसपाल गिल की जांच के बाद मामले से पर्दा उठा था। हिंदुस्तान स्टोन ओरा इकाई पर गंभीर अनियमितताएं मिलीं। 16 अक्टूबर 2025 को सील हटाए जाने के बाद भी नियमों का पालन नहीं किया गया। मौके पर करीब 1500 मीट्रिक टन तैयार खनिज मिला। इससे साफ है कि संचालन जारी था। रिकार्ड की जांच में बड़े अंतर सामने आए। अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 तक 1,28,753 मीट्रिक टन खनिज की बिक्री दिखाई गई। 83,253 मीट्रिक टन खरीद दर्ज की गई। बाजार में खनिज का भाव 250 से 300 रुपये प्रति टन है। जबकि रिकार्ड में इसे करीब 100 रुपये प्रति टन दिखाया गया। इस अंतर के आधार पर कई करोड़ के अवैध लाभ की आशंका है। यहां पर खनन सामग्री पंचकूला स्थित कृष्णा इंटरप्राइजेज से दिखाई गई। बिजली की सप्लाई भी जारी थी। व्यासपुर थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। मामले से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। ॉपोर्टल एंट्री व वाहनों की आवाजाही का मिलान किया गया जांच में ई-रवाना डाटा, पोर्टल एंट्री व वाहनों की आवाजाही का मिलान किया गया। इसमें भारी अंतर मिला। कई ट्रकों की आवाजाही का रिकार्ड नहीं मिला, जबकि पोर्टल पर सप्लाई दर्ज थी। यहीं से पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं। बाहर की आपूर्ति दिखाकर स्थानीय स्तर पर लेन-देन करने के संकेत भी सामने आए हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कार्रवाई सीमित होती गई। यह भी बड़ा सवाल बन गया है। जिन इकाइयों पर सील लगी थी, उनके पोर्टल समय पर बंद नहीं किए गए। इससे निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। दूसरी ओर जिले में प्रदूषण को लेकर पहले भी बड़ा अभियान चलाया गया था। वर्ष 2024 से 2025 के दौरान 37 स्टोन क्रशर और 17 स्क्रीनिंग प्लांट सील किए गए थे। इन इकाइयों के खिलाफ बंद करने के आदेश जारी किए गए थे। मौके पर जाकर प्लांट बंद कर सील लगाए गए। ये स्टोन क्रशर शामिल डीप स्क्रीनिंग प्लांट एवं स्टोन क्रशर, चौधरी इंडस्ट्रीज, जय भोले स्टोन क्रशर, दहिया एंड कंपनी स्क्रीनिंग प्लांट व सतलुज स्टोन क्रशर, जय लक्ष्मी मिनरल स्टोन क्रशर महियुद्दीनपुर, पोला स्क्रीनिंग एंड स्टोन क्रशर, वैष्णवी स्टोन क्रशर नगली-32, इंजनिक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड, सालासर स्टोन क्रशर रुलाखेड़ी, मोहित स्टोन क्रशर, जय गणपति स्टोन क्रशर, हजारा बिल्डर ग्रुप स्टोन क्रशर, हीरा स्टोन क्रशर, कश्मीर स्टोन क्रशर डोईवाला, पटियाला स्टोन क्रशर, प्रकाश स्टोन क्रशर बल्लेवाला, जय माता दी स्टोन क्रशर, गोयल स्टोन क्रशर डोईवाला, सरवारा स्टोन क्रशर, कमलेश स्टोन क्रशर, संधू स्टोन क्रशर, जय मां वैष्णो इंटरप्राइजेज स्टोन क्रशर, रेबुटल स्टोन क्रशर बेलगढ़, श्री बालाजी हनुमान ट्रेडर कांसली, शिव शक्ति घोड़ो पीपली, नीलकंठ स्टोन क्रशर एंड स्क्रीनिंग प्लांट, हरियाणा स्टोन क्रशर, सतगुरदेव स्टोन क्रशर, अम्बे इंटरप्राइजेस, अधिष्टा स्टोन क्रशर माजरी टापू, हिंदुस्तान स्टोन ओरा रानीपुर, खुशी स्टोन क्रशर, बीआर स्टोन क्रशर रामपुर गैंदा, जय श्रीराम स्टोन क्रशर नथनपुर, श्रीशिव साईं स्टोन क्रशर घीरोबानी, भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी स्टोन क्रशर भगवानपुर। ये स्क्रीनिंग प्लांट सूची में एएन ट्रांसपोर्टेशन स्क्रीनिंग प्लांट नगली-32, शिवम स्क्रीनिंग प्लांट लाकड़मय प्रतापनगर, अमीन स्क्रीनिंग प्लांट, ढांडा वाशिंग एंड स्क्रीनिंग प्लांट, कायतुरन हिंदुस्तान प्राइवेट लिमिटेड स्वाबरी, आरके एंटरप्राइजेज मांडेवाला, जय भोले स्क्रीनिंग प्लांट, डोगरा स्क्रीनिंग प्लांट महियुद्दीनपुर, शिव शक्ति मिनरल बेलगढ़, जीएस स्क्रीनिंग प्लांट यूनिट-2 भटूवाला, श्री राम स्क्रीनिंग प्लांट निजामपुर, यमुना स्क्रीनिंग प्लांट, गुरु नानक मिनरल स्क्रीनिंग प्लांट, गुरदयाल सिंह स्क्रीनिंग प्लांट बेलगढ़, हिंदुस्तान स्टोन ओरा स्क्रीनिंग प्लांट (रानीपुर) प्रमुख हैं। अन्य कई इकाइयों पर भी कार्रवाई की गई थी। इन इकाइयों पर कार्रवाई वायु अधिनियम 1981 और जल अधिनियम 1974 के तहत की गई। जिनके पास संचालन की अनुमति नहीं थी या जो निर्धारित मानकों से अधिक प्रदूषण फैला रहे थे, उन्हें पहले नोटिस दिया गया। इसके बाद भी सुधार न होने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। सबसे अधिक कार्रवाई यमुना किनारे व खनन क्षेत्र में की गई। महियुद्दीनपुर, बेलगढ़, माजरी टापू, डोईवाला, नगली-32, रुलाखेड़ी, रानीपुर व प्रतापनगर में काफी संख्या में इकाइयों को … Read more

विधवा अधिकारों पर सख्त रुख: पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा—उत्तराधिकार में भेदभाव अस्वीकार्य

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि संविधान लागू होने के बाद कोई भी ऐसा रिवाज या प्रथागत कानून लागू नहीं किया जा सकता, जो महिला और पुरुष उत्तराधिकारियों के बीच भेदभाव करता हो। अदालत ने विधवा के संपत्ति अधिकार को बरकरार रखते हुए कहा कि किसी भी सिविल कोर्ट द्वारा ऐसे भेदभावपूर्ण कस्टमरी लॉ को मान्यता नहीं दी जा सकती।यह महत्वपूर्ण निर्णय जस्टिस निधि गुप्ता की पीठ ने सुनाया। अदालत एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें मृतक के भाई ने खुद को “निकटतम पुरुष रिश्तेदार” बताते हुए विधवा के पक्ष में दिए गए निचली अदालतों के फैसले को चुनौती दी थी। मामला नूंह का है, जहां एक व्यक्ति की 2015 में बिना संतान के मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उसकी पत्नी ने संपत्ति का एक हिस्सा तीसरे पक्ष को बेच दिया। मृतक के भाई ने इस बिक्री को अवैध बताते हुए दावा किया कि मेव समुदाय की पारंपरिक प्रथाओं के अनुसार विधवा को केवल जीवन-निर्वाह तक सीमित अधिकार होता है और वह बिना पुरुष रिश्तेदारों की अनुमति के संपत्ति का हस्तांतरण नहीं कर सकती। याचिकाकर्ता ने अपने दावे के समर्थन में रिवाज ए आम का हवाला देते हुए कहा कि इस परंपरा के तहत संपत्ति का उत्तराधिकार केवल पुरुष वंश में ही चलता है। लेकिन हाई कोर्ट ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि “कस्टमरी ला भी संविधान के अनुच्छेद 13 के तहत ‘कानून’ की श्रेणी में आता है, और यदि वह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो उसे लागू नहीं किया जा सकता।” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को द्वितीय श्रेणी का उत्तराधिकारी मानने वाली कोई भी प्रथा असंवैधानिक है।हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत कानून और प्रथागत कानून अलग-अलग क्षेत्र हैं। जहां पर्सनल ला धार्मिक ग्रंथों और विधिक परविधान पर आधारित होता है, वहां कस्टमरी ला एक अपवाद के रूप में विकसित होता है, जिसे सख्ती से सिद्ध करना आवश्यक होता है। अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता केवल एक पुरानी और भेदभावपूर्ण परंपरा के आधार पर दावा कर रहा था, जिसे न तो पर्याप्त रूप से साबित किया गया और न ही वर्तमान संवैधानिक ढांचे में स्वीकार किया जा सकता है। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने निचली अदालतों के फैसलों को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी और विधवा के संपत्ति अधिकार को पूर्ण रूप से मान्यता दी।

कैदियों को लेकर सख्त हुई हरियाणा सरकार, पैरोल-फरलो के बाद हेल्थ चेकअप जरूरी

चंडीगढ़. हरियाणा की जेलों में पैरोल अथवा फरलो से वापस लौटने वाले कैदियों की मेडिकल जांच होगी। राज्य सरकार ने इस संबंध में नये निर्देश जारी किए हैं। किसी भी कैदी के जेल में प्रवेश करने या दोबारा लौटने के 24 घंटे के भीतर उसकी व्यापक चिकित्सा जांच अनिवार्य कर दी गई है। राज्य की 20 जेलों में 512 कैदी एचआइवी संक्रमित हैं। 83 कैदी टीबी से पीडि़त हैं। 352 कैदी मादक पदार्थों के सेवन के आदी मिल चुके हैं, जबकि 1263 कैदियों का अब तक नशामुक्ति उपचार किया जा चुका है। यह आंकड़े जेलों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता को दर्शाते हैं। नई पहल का मुख्य उद्देश्य संक्रामक रोगों, पुरानी बीमारियों, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और मादक द्रव्यों के सेवन जैसी स्थितियों से निपटने के लिए शुरुआती चरण है, ताकि समय पर उचित उपचार और रेफरल सुनिश्चित किया जा सके। नई एसओपी के तहत अब अंतरिम जमानत, पैरोल या फरलो से लौटने वाले हर कैदी का मेडिकल 24 घंटे के भीतर किया जाएगा। इसके अलावा पुलिस हिरासत से वापस आने वाले, अस्पताल में भर्ती होकर लौटने वाले कैदियों और दूसरी जेलों से ट्रांसफर होकर आने वाले कैदियों का भी मेडिकल टेस्ट अनिवार्य किया गया है। नए नियमों के अनुसार मेडिकल जांच केवल सामान्य परीक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें शरीर के सभी प्रमुख अंगों की पूरी शारीरिक जांच की जाएगी। नई एसओपी के अनुसार नशे के सेवन या नशे की लत की जांच, रक्त और मूत्र परीक्षण, आवश्यकतानुसार छाती का एक्स-रे और तपेदिक (टीबी) की जांच जैसे व्यापक परीक्षण अनिवार्य किए गए हैं। सभी कैदियों की मेडिकल जांच के निष्कर्ष ई-जेल स्वास्थ्य माड्यूल के माध्यम से कैदी के पर्सनल मेडिकल रिकार्ड में दर्ज किए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत सभी नए कैदियों के लिए हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और एचआइवी जैसी प्रमुख संक्रामक बीमारियों की अनिवार्य लैब जांच होगी। जिन मामलों की पुष्टि होगी, उन्हें आगे की देखभाल और निगरानी के लिए विशेष उपचार केंद्रों में रेफर किया जाएगा। हरियाणा के जेल विभाग के महानिदेशक आलोक मित्तल के अनुसार पहले प्रवेश के समय कुछ चिकित्सा परीक्षण अनियमित रूप से किए जाते थे, लेकिन अब प्रक्रिया को व्यवस्थित और अनिवार्य बनाया गया है। इससे न केवल उपचार की दिशा तय करना आसान होगा, बल्कि ऐसे कैदियों की पहचान भी समय पर हो सकेगी जिन्हें स्वास्थ्य कारणों से अलग रखने की आवश्यकता है।

बोरवेल से बचा ‘प्रिंस’ अब जवान: पोलो मैच देखने पहुंचा, सांसद नवीन जिंदल ने साझा किया वीडियो

कुरुक्षेत्र. सांसद नवीन जिंदल के सांवला फार्म हाउस पर रविवार को कुरुक्षेत्र-कैथल की टीमों के बीच पोलो मैच खेला गया। इस मैच से पहले सांसद ने एक वीडियाे बनाई और उसे अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा किया। इस वीडियो में सांसद प्रिंस से परिचय करा रहे हैं। प्रिंस जो हल्देहेड़ी गांव का रहने वाला है और वर्ष 2006 में चार साल की उम्र में 50 फुट गहरे बोलवेल में गिर गया था। सांसद वीडियो में बता रहे हैं कि 20 साल पहले प्रिंस नाम का छोटा बच्चा बोरवेल में गिर गया था, जिसे तीन दिन के सेना के अथक प्रयासों से सुरक्षित बाहर निकाला गया था। वे आगे बता रहे हैं कि प्रिंस अब आईटीआई करके अप्रेंटिस कर रहा है। वे उसकी मसल्स भी दिखाते हैं और युवाओं को संदेश देते हैं कि नशे से दूर रहें तो प्रिंस जैसी मसल्स हासिल कर सकते हैं। फिर प्रिंस से बात करते हैं कि जब वह बोरवेल के अंदर था तो पूरा देश उसके लिए चिंतित था और दुआ कर रहा था तुम ठीक-ठाक बाहर निकल आओ। साथ ही कहते हैं कि हमने बिस्कुट भी भिजवाए थे और कुछ खाने-पीने का सामान भिजवाया था। फिर प्रिंस बीच में बोलता है कि चाकलेट भी भिजवाई थी। वीडियो में सांसद के पूछने पर प्रिंस ने बताया कि वह अंबाला से आईटीआई करके अब अप्रेंटिस कर रहा है। वह पोलो मैच पहली बार देखेगा। 3 मिनट 7 सेकंड की वीडियो में सांसद कहते हैं – उस समय छोटा था और कमजोर था और हमने गोदी में भी लिया था। युवाओं को नशे से दूर रहने का दिया संदेश दरअसल सांसद नवीन जिंदल इस वीडियो के जरिए वह युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देना चाहते थे और पोलो मैच खेलने का भी उनका यही उद्देश्य था कि युवा खेलों को अपनाएं ताकि वे नशे से दूर रहें और खेलों में अपना भविष्य बना सकें। वीडियो के अंत में सांसद पोलो मैच के बारे में बताते हुए कहते हैं कि कुरुक्षेत्र की धरती पर आज पोलो की छोटी सी महाभारत होगी। 21 जुलाई 2006 में कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद कस्बे के गांव हल्देहेड़ी में रहने वाला चार वर्ष का प्रिंस खेलते-खेलते 50 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। उसी दिन उसका 5वां जन्मदिन भी था। तीन दिन तक दिन-रात चले अभियान में सेना ने बोरवेल के साथ सुरंग बनाकर 23 जुलाई को प्रिंस को सुरक्षित निकाल लिया था। ""हरियाणा के कुरुक्षेत्र के हल्दाहेड़ी गांव में प्रिंस नाम का 5 वर्षीय बच्चा 21 जुलाई 2006 को खेलते समय 50-60 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। 50 घंटे से अधिक चले भारतीय सेना के व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे 23 जुलाई 2006 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिसे देश में काफी…"" – Anku Chahar (@anku_chahar) April 19, 2026