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स्वास्थ्य योजनाओं में गड़बड़ी पर सख्ती, आयुष्मान और चिरायु में होगा थर्ड पार्टी ऑडिट

चंडीगढ़. आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के तहत किए जा रहे दावों (क्लेम) का थर्ड पार्टी आडिट कराया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड को आडिट और क्लेम प्रक्रिया के लिए थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर को निर्देशित किया है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि योजना के कामकाज में थर्ड-पार्टी आडिट अनिवार्य किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आयुष्मान भारत प्रक्रिया में कोई धोखाधड़ी न हो। आयुष्मान भारत के तहत सरकारी कालेजों और मेडिकल संस्थानों से क्लेम को कैसे बढ़ाया जा सकता है, इसकी जांच के लिए रणनीति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि किडनी मरीजों के लिए क्रोनिक हीमोडायलिसिस, जो एक जरूरी और बार-बार होने वाला इलाज है, उसके लिए आयुष्मान भारत स्कीम के तहत सक्रिय दावा किया जाना चाहिए, ताकि यह पक्का हो सके कि रेगुलर डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों को बिना किसी पैसे की परेशानी के पूरा कवरेज मिले। समीक्षा बैठक में बताया गया कि हरियाणा ने आयुष्मान भारत और चिरायु स्कीम के तहत लगभग 28 लाख क्लेम निपटाए हैं। लाभार्थियों को 3900 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता दी गई है। राज्य में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए क्लेम 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गए हैं, जो लोगों में स्कीम के बारे में बढ़ती जागरूकता और उपयोग को दिखाता है। राज्य में 1363 पैनल वाले अस्पतालों (प्राइवेट -777, पब्लिक -586) का नेटवर्क है, जिसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के संस्थान शामिल हैं। डा. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ने चिरायु योजना और इसके एक्सटेंशन को लागू करके राष्ट्रीय आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई रूपरेखा से आगे बढ़कर काम किया है। इसमें तीन लाख रुपये तक की सालाना इनकम वाले परिवार शामिल हैं। इससे राष्ट्रीय पात्रता मानदंडों से परे स्वास्थ्य सेवा सुरक्षा नेट से भी ज्यादा बढ़ गया है और राज्य की आबादी का एक बड़ा हिस्सा सुनिश्चित स्वास्थ्य कवरेज के तहत आ गया है। पात्र लाभार्थियों के लगभग 1.38 करोड़ कार्ड बनाए गए हैं।

Panipat Crisis: फायर ब्रिगेड कर्मी हड़ताल पर, सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे होमगार्ड

पानीपत. जिले में इन दिनों आगजनी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। खेतों से लेकर खाली प्लॉट और अन्य स्थानों तक, रोजाना तीन से चार जगह आग लगने के मामले सामने आ रहे हैं। रविवार को भी कृषि विज्ञान केंद्र के पीछे गेहूं के खेत में आग लगने से फसल जलकर राख हो गई, जबकि शहर और आसपास के क्षेत्रों में तीन से अधिक स्थानों पर अज्ञात कारणों से आगजनी की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं के बीच अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी असर साफ दिख रहा है। विभाग के 105 अस्थायी कर्मचारी पिछले 12 दिनों से हड़ताल पर हैं, जिसके चलते आग बुझाने का जिम्मा काफी हद तक होमगार्ड के भरोसे चल रहा है। हालांकि होमगार्ड के जवान पूरी तरह प्रशिक्षित न होने के कारण आग पर काबू पाने में अपेक्षित दक्षता नहीं दिखा पा रहे हैं। रविवार को कृषि विज्ञान केंद्र के पीछे गेहूं के खेत में लगी आग को बुझाने में दमकल विभाग को करीब एक घंटा लगा। इस दौरान फसल को भारी नुकसान हुआ। वहीं, अन्य स्थानों पर लगी आग की सूचनाएं मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन सीमित स्टाफ के चलते हर घटना से निपटना चुनौती बना हुआ है। हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष रणवीर नांदल के अनुसार, कर्मचारियों को रिस्क एलाउंस न मिलने और सुरक्षा की कमी के कारण यह हड़ताल जारी है। उन्होंने फरीदाबाद की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि आग बुझाते समय दो फायरमैन की मृत्यु हो गई थी, लेकिन उनके परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आग बुझाने के दौरान कर्मचारियों की जान जोखिम में रहती है, लेकिन हादसे की स्थिति में सरकार की ओर से पर्याप्त सहायता नहीं मिलती। उधर, जिला अग्निशमन अधिकारी गुरमेल सिंह का कहना है कि आग की सूचना मिलते ही तुरंत दमकल गाड़ियां भेजी जा रही हैं और स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए होमगार्ड की मदद ली जा रही है। बावजूद इसके, लगातार बढ़ती आगजनी की घटनाएं और सीमित संसाधन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

Humanity Story: कैथल के शिक्षक ने पेश की मिसाल, मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई का उठाया जिम्मा

कैथल. जिला शिक्षा विभाग की तरफ से ईंट-भट्ठों पर रहने वाले मजदूरों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले में 94 ईंट-भट्ठों के करीब 2000 बच्चों को नजदीकी सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी कड़ी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बलवंती के प्राचार्य व स्टाफ ने सराहनीय पहल करते हुए ईंट-भट्ठे के 32 बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाया। विद्यालय के प्राचार्य मामचंद ने बताया कि विभागीय आदेशों के तहत और स्टाफ की सामूहिक इच्छा से लगातार चार दिन तक ईंट-भट्ठों पर जाकर सर्वे किया गया। इस दौरान अभिभावकों को विश्वास दिलाया गया कि उनके बच्चों को स्कूल में बेहतर शिक्षा और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। शिक्षकों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्कूल से जोड़ने का संकल्प लिया। प्रवेश उत्सव के दौरान स्कूल में बाल वाटिका से कक्षा सातवीं तक दाखिले के दौरान बच्चों का विशेष स्वागत किया गया। प्रार्थना सभा में सभी विद्यार्थियों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। बच्चों को प्रेरित करने के लिए डिजिटल रूम में प्रेरणादायक फिल्म दिखाई बच्चों को प्रेरित करने के लिए डिजिटल रूम में प्रेरणादायक फिल्म दिखाई गई और खेल सामग्री वितरित की गई। कुछ बच्चों के बाल कटवाए गए और उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा शिक्षकों ने अपनी निजी धनराशि से बच्चों को वर्दी, जूते, किताबें और पेन उपलब्ध करवाए। विद्यालय स्टाफ ने बच्चों को रोजाना स्कूल लाने के लिए अपने निजी वाहनों का भी उपयोग किया। दोपहर में सभी बच्चों को भोजन कराया गया और अन्य विद्यार्थियों के साथ खेल गतिविधियों में शामिल किया गया। करीब 28 बच्चों को वर्दी वितरित की गई, जबकि शेष बच्चों को भी जल्द वर्दी देने का आश्वासन दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए विद्यालय स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणा हैं। इस तरह से चली विभाग की कार्यवाही ईंट भट्ठा क्षेत्र से 32 बच्चों का दाखिला 10 बच्चों की बाल कटिंग, सभी को दोपहर का भोजन डिजिटल रूम में शैक्षणिक फिल्म, तालियों से स्वागत 28 बच्चों को वर्दी वितरण, खेल सामग्री व स्टेशनरी दी गई 4 बच्चों की नाप लेकर सोमवार को वर्दी देने का वादा 20 और बच्चों के आने की उम्मीद डीपीसी राजेंद्र आजाद ने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर ईंट-भट्ठों पर रहने वाले बच्चों का सर्वे किया जा रहा है, ताकि शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान कर उन्हें नजदीकी स्कूलों में दाखिला दिलाया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न भट्ठों पर बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे हैं, जो स्कूल नहीं जा रहे हैं। ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है। इस अवसर पर जगमिंदर सिंह, शिशपाल शर्मा, राजीव शर्मा, राजेश पंचाल, बलराज सिंह, कुसुम लता, रिम्पी देवी, संदीप, धर्मवीर, ओम प्रकाश, अंजू अरोड़ा, कविता देवी, सीतल देवी, सतनारायण, रमेश कुमार, सतीश कुमार, रवि व करमवीर मौजूद रहे।

Humanity in Uniform: भिवानी पुलिस ने पेश की मिसाल, सहयोगी की बेटी की शादी में दिए 7 लाख रुपए

चरखी दादरी. अक्सर अनुशासन और सख्त ड्यूटी के लिए पहचाने जाने वाले पुलिसकर्मियों ने मानवता और अटूट दोस्ती का एक ऐसा संदेश दिया है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। चरखी दादरी जिले के गांव सांवड़ में रविवार रात एक शादी समारोह उस समय भावुक और गौरवान्वित क्षणों का गवाह बना। खाकी वर्दी धारी साथियों ने अपने साथी कर्मचारी के घर पहुंचकर उसकी बेटी को अपनी बेटी मानकर सात लाख रुपये से अधिक की राशि कन्यादान स्वरूप भेंट की। वर्ष 1998 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए भिवानी और दादरी जिले के कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपने साथी रविंद्र मिंटू शर्मा की पुत्री के विवाह में 7 लाख एक हजार 111 रुपये की राशि कन्यादान स्वरूप भेंट की। इसे क्षेत्र का अब तक का बड़ा और सामूहिक कन्यादान माना जा रहा है। इस अनूठी पहल और सामाजिक कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे कबड्डी खिलाड़ी इंस्पेक्टर रमेश कुमार को सभी कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। रमेश कुमार के कुशल नेतृत्व और इस नेक कार्य के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। इस मुहिम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए एएसआई अशोक कुमार ने बताया कि उनकी यह एकजुटता केवल ड्यूटी तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 बैच के सभी कर्मचारी, जो भिवानी और दादरी जिले से संबंध रखते हैं, पिछले कई वर्षों से एक परिवार की तरह रह रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि अपने साथियों के सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना भी है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि समाज में यह संदेश जाए कि एकजुटता और भाईचारा ही किसी भी समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। इस मौके पर इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने कहा कि आज के दौर में जहां लोग व्यक्तिगत स्वार्थों में सिमटते जा रहे हैं, वहीं पुलिसकर्मियों की यह सामूहिक भागीदारी समाज को एकजुटता का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने कहा कि यह कन्यादान केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उन यादों और उस संघर्ष का सम्मान है जो इन कर्मचारियों ने 1998 से एक साथ साझा किया है।

Urban Transformation: 1 लाख करोड़ की योजना से टियर-2/3 शहरों की बदलेगी तस्वीर

चंडीगढ़. हरियाणा समेत देश के समस्त राज्यों में शहरी विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्रीय ऊर्जा, शहरी विकास एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल ने शहरी चुनौती कोष (अर्बन चैलेंज फंड) और क्रेडिट रिपमेंट गारंटी सब-स्कीम (सीआरजीएसएस) की शुरुआत की है। एक लाख करोड़ रुपये के शहरी चुनौती कोष के साथ चार लाख करोड़ रुपये के निवेश का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें विशेष फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की योजना है। केंद्रीय शहरी, ऊर्जा एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल द्वारा लांच किए गए शहरी चुनौती कोष को शहरों के बुनियादी ढांचे के वित्त पोषण में बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कोष के जरिये नगर निकायों को म्युनिसिपल बांड, बैंक ऋण और पीपीपी के माध्यम से संसाधन जुटाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, सीआरजीएसएस के माध्यम से छोटे शहरों को क्रेडिट गारंटी का सहारा मिलेगा, जिससे वे भी बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में भागीदारी कर सकेंगे। कार्यक्रम में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रतिनिधि जुड़े। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एक लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता वाले इस फंड के माध्यम से केंद्र सरकार चार लाख करोड़ तक के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह फंड पारंपरिक अनुदान प्रणाली से आगे बढ़कर निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण होगा। अब शहरों को केवल फंड देने की बजाय उन्हें वित्तीय रूप से मजबूत, जवाबदेह और निवेश के लिए तैयार बनाना केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार ‘विकसित भारत 2047’ का सपना इन्हीं शहरों की मजबूती पर निर्भर करता है। कोष की खास बात यह है कि इसमें केंद्रीय सहायता परियोजना लागत के अधिकतम 25 प्रतिशत तक सीमित रहेगी, जबकि कम से कम 50 प्रतिशत फंड म्युनिसिपल बांड, बैंक ऋण और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के जरिए जुटाया जाएगा। इससे न केवल वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित होगा बल्कि निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। कुल आवंटन में से 90 हजार करोड़ रुपये परियोजनाओं के लिए, पांच हजार करोड़ रुपये परियोजना की तैयारी और क्षमता निर्माण के लिए और पांच हजार करोड़ रुपये क्रेडिट पुनर्भुगतान गारंटी उप-योजना के लिए निर्धारित किए गए हैं। शहरी चुनौती कोष शहरों में परिवर्तनकारी परियोजनाओं को बढ़ावा देगा, जिनमें पुराने शहरों और बाजारों का पुनर्विकास, शहरी परिवहन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, गैर-मोटर चालित परिवहन, जल और स्वच्छता ढांचा तथा जलवायु-लचीला विकास शामिल हैं। इस योजना के तहत केवल वही परियोजनाएं प्राथमिकता में होंगी जो स्केलेबल, प्रभावशाली और वित्तीय रूप से व्यवहार्य (बैंक योग्य) हों, ताकि उनका दीर्घकालिक असर दिखाई दे। इस योजना का प्रमुख स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि निकायों को अपनी वित्तीय क्षमता मजबूत करने, सुधार लागू करने और बाजार आधारित फंडिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी ‘शहरी चुनौती कोष’ वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगा, जिसका उद्देश्य भारत के शहरों को नए आर्थिक विकास केंद्रों और भविष्य के ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करना है।

Haryana Police Recruitment Update: प्रेग्नेंट कैंडिडेट्स को राहत नहीं, अब चश्मा पहनने वालों के लिए खुला मौका

चंडीगढ़. हरियाणा में साढ़े पांच हजार पुलिस कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ चुकी है। पुलिस कॉन्स्टेबल बनने के लिए 3.24 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। सोमवार से पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में शारीरिक मापदंड परीक्षा (पीएमटी) की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। इस दौरान अभ्यर्थियों में भर्ती के नियमों को लेकर कुछ संशय है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने गूगल फार्म के माध्यम से अभ्यर्थियों से सवाल पूछे हैं, जिनमें से कुछ ऐसे चुनींदा सवालों के जवाब दिए गए हैं, जो समस्त अभ्यर्थियों को दिशा देने का काम करेंगे। आयोग के चेयरमैन ने कहा है कि पुलिस की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित होगी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सिरसा की सुनीता व लक्ष्मी, भिवानी की मालती देवी, कुरुक्षेत्र की काजल, महेंद्रगढ़ की पिंकी और जींद की मीना के एक सवाल का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि शारीरिक मापदंड परीक्षा में किसी भी गर्भवती महिला को कोई छूट नहीं दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में केवल पीएसटी (फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट-शारीरिक जांच परीक्षा) में ही छूट दी जा सकती है। गर्भवती महिला अभ्यर्थियों को मेडिकल प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के साथ एक अलग सार्वजनिक सूचना पीएसटी से पहले जारी कर दी जाएगी। पीएमटी में उम्मीदवार की लंबाई व छाती (पुरुषों के लिए) समेत विभिन्न शारीरिक मापदंड चेक किए जाते हैं। पीएसटी में उम्मीदवार की दौड़ और शारीरिक क्षमता (फिटनेस टेस्ट) लिया जाता है। पीएमटी की प्रक्रिया 31 मई तक पूरी हो सकेगी, जबकि पीएसटी की प्रक्रिया अगले एक पखवाड़े के भीतर किसी भी समय आरंभ हो सकती है। पीएसटी की विस्तृत समय सारणी जल्द होगी जारी रेवाड़ी की प्रियांशु यादव, नूंह के लक्षित व ओमप्रकाश, सोनीपत की एकता, कैथल के विशाल और चुलियाना के अक्षत ने कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन से पूछा है कि क्या पीएमटी और पीएसटी एक साथ होंगे। यदि नहीं तो इनके बीच में कितने समय का अंतर होगा। क्या 85 दिनों की अवधि में पूरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। इस सवाल के जवाब में हिम्मत सिंह ने बताया कि पीएमटी का नोटिस जारी किया जा चुका है। पीएसटी इसके बाद आयोजित होगा, जिसकी विस्तृत समय सारणी अलग से जारी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जरूरी नहीं है कि पीएमटी खत्म होने के बाद ही पीएसटी आरंभ होगा। पीएसटी की प्रक्रिया पीएमटी के चलते-चलते भी शुरू की जा सकेगी। एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र जरूरी नूंह के ओमप्रकाश, महेंद्रगढ़ की पूजा और जहांगीरपुर की रेणु ने सवाल पूछा है कि पीएमटी और पीएसटी के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं। इस सवाल के जवाब में आयोग ने कहा है कि पीएमटी-पीएसटी का एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र साथ लाने होंगे। इन दस्तावेजों के बिना प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। दौड़ के दौरान नहीं मिलेगी स्टाप वाच, स्क्रीन लगेगी हिसार के सुनील, बोलन (हिसार) की दिक्षा, कापड़ो के प्रवीण, महेंद्रगढ़ के रविंद्र और बहादुरगढ़ के प्रदीप कुमार ने सवाल किया कि क्या दौड़ के दौरान स्टाप वाच उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके जवाब में कर्मचारी चयन आयोग के चेयमरैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएसटी के दौरान समय रिकॉर्ड आरएफआईडी आधारित प्रणाली से किया जाएगा, जो कि जर्मन की मशीनों से होगा। अलग से स्टॉप वाच उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। कर्मचारी चयन आयोग डिस्पले स्क्रीन लगवाने की कोशिश कर रहा है, जिस पर दौड़ के समय को लाइव देखा जा सकेगा। कोई शिकायत है तो मौके पर मौजूद मिलेगी समिति नरवाना के दर्शन और रेवाड़ी के हरिपाल ने तकनीकी गड़बड़ी होने पर क्या होगा यानी पीएमटी मशीनों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आयोग के पास क्या फार्मूला है। इस सवाल के जवाब में चेयरमैन ने कहा कि सभी केंद्रों पर पूरी तकनीकी व्यवस्था रहेगी। किसी भी समस्या के लिए मौके पर शिकायत समिति मौजूद रहेगी, जिसके पास अभ्यर्थी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। लेकिन हमें उम्मीद है कि कोई तकनीकी समस्या नहीं आने वाली है। मेडिकल प्रक्रिया में पास होना जरूरी नूंह के मोहम्मद कैफ और सोनीपत के सरोहा ने पूछा कि क्या चश्मा पहनने वाले अभ्यर्थी दौड़ में भाग ले सकते हैं। इस सवाल पर चेयरमैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएमटी-पीएसटी में चश्मे को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है, परंतु पुलिस के भर्ती नियमों के मुताबिक मेडिकल प्रक्रिया से आपको गुजरना होगा। यदि मेडिकल प्रक्रिया से गुजरने के दौरान किसी तरह की कोई समस्या आती है तो अलग बात है। पीएमटी-पीएसटी के लिए जारी हो चुके निर्देश रोहतक की प्रीति व नितेश, भिवानी के राहुल तंवर व कपिल, नरवाना के मनकीत, कालां के अंकित और हांसी के मनु ने पीएमटी-पीएसटी के लिए ऊंचाई एवं छाती की माप के संबंध में आयोग से स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। इस पर आयोग ने कहा कि इस बारे में विस्तृत दिशा निर्देश अलग से जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद पुरुष कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 170 सेंटीमीटर (आरक्षित 168) और छाती 83 से 87 सेंटीमीटर का प्रविधान है। महिला कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 158 सेंटीमीटर और आरक्षित वर्ग के लिए 156 सेंटीमीटर है। अब उम्मीदवारों के लिए अगला फोकस पीएमटी पास कर पीएसटी की तैयारी करना है। कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह का दावा है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जल्द पूरी की जाएगी। सिख अभ्यर्थियों के लिए धार्मिक मर्यादाओं का अनुपालन लंबाई, वजन और छाती के मापन से यदि कोई अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं होगा तो वह अपील काउंटर पर आवेदन कर दोबारा माप करा सकता है।अभ्यर्थियों के लिए बैगेज जमा करने और विश्राम क्षेत्र की व्यवस्था की गई है। जीरकपुर से सुबह पांच बजे से 10 बसों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी भी अभ्यर्थी को एनर्जी बूस्टर का सेवन नहीं करना चाहिए। सिख अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उनके मापन के लिए धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप अलग व्यवस्था और सिख कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

PM-सीएम की तस्वीरों का दुरुपयोग? Ambala में सोलर ऐड पर कंपनी पर केस दर्ज

अंबाला. सरकारी योजना के नाम पर नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के निर्देश पर अंबाला कैंट के महेश नगर थाने में एक निजी कंपनी यूनाय एनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। शिकायत के अनुसार कंपनी ने “प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (2026-27)” के प्रचार में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तस्वीरों का बिना अनुमति इस्तेमाल किया। इसके साथ ही कंपनी ने अपने विज्ञापनों में खुद को सरकारी मान्यता प्राप्त बताकर आम जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। इस विज्ञापन को आशीष गुलाटी ने सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर किया है जिसकी प्रतिलिपि भी पुलिस को सौंपी गई है। मामले में प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग निषेध) अधिनियम, 1950 के उल्लंघन का आर है। इस कानून के तहत प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के नाम और तस्वीर का व्यावसायिक उपयोग प्रतिबंधित है। विभागीय कानूनी राय के बाद स्पष्ट हुआ कि कंपनी की गतिविधियां नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इसके आधार पर संबंधित अधिकारियों ने थाना प्रभारी को मामला दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है। जांच में पुलिस अब कंपनी के मालिक तक पहुंचेगी महेश नगर थाने में 18 अप्रैल 2026 को संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब कंपनी और उसके साझेदारों की भूमिका की जांच कर रही है।अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं और जनप्रतिनिधियों की छवि का गलत इस्तेमाल कर जनता को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक लगाई जा सके।

हरियाणा की बेटी का जलवा: Ritu को एशियन गेम्स में मिली टीम इंडिया कबड्डी की कमान

चरखी दादरी. अगले सप्ताह चीन में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स में बीच कबड्डी टीम में हरियाणा का दबदबा देखने को मिलेगा। चीन में आयोजित एशियन गेम्स के लिए चयनित भारतीय महिला कबड्डी टीम में छह में से कप्तान सहित तीन खिलाड़ी हरियाणा से हैं। जिनमें एक चरखी दादरी जिले से व दो हिसार की खिलाड़ी शामिल है। भारतीय टीम में आधे खिलाड़ी छोटे से प्रदेश हरियाणा से हैं जो गर्व की बात है। उल्लेखनीय है कि चीन में 22 से 27 अप्रैल तक छठे एशियन बीच गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। जिसके लिए चयनित छह सदस्यीय टीम में तीन हरियाणा से है। इस टीम में चरखी दादरी से रितु श्योराण, हिसार जिले से मनीषा कुमारी और निकिता चयन हुआ है। इसके अलावा बची हुई तीन खिलाड़ी अलग-अलग प्रदेश राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से हैं। टीम में रितु राइटर कार्नर, मनीषा लेफ्ट कार्नर और निकिता रेडर की भूमिका निभाएंगी। टीम के खिलाड़ियों को देखकर एशियन बीच गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम में हरियाणा का दबदबा साफ नजर आ रहा है। हरियाणा से चयनित कई खिलाड़ी छह सदस्यीय महिला कबड्डी टीम में से तीन खिलाड़ी हरियाणा से चयनित की गई हैं। वहीं पुरुष टीम में भी हरियाणा के सोनीपत जिले के नीरज नरवाल को शामिल किया गया है। जो प्रदेश की मजबूत खेल संस्कृति और प्रतिभा को दर्शाता है। खास बात यह है कि महिला टीम की कमान चरखी दादरी की उभरती खिलाड़ी रितू श्योराण को सौंपी गई है, जिससे जिले और प्रदेश में खुशी का माहौल है। वाइब्रेंट एकेडमी निदेशक मास्टर नवीन श्योराण के अनुसार बीच कबड्डी में चार खिलाड़ी खेलते हैं और दो अतिरिक्त होते हैं। उसी के चलते छह सदस्यीय टीम का चयन हुआ है। रितु श्योराण विश्वकप टीम का थी हिस्सा दादरी जिले के बिलावल निवासी रितु श्योराण वाइब्रेंट एकेडमी हंसावास खुर्द में अभ्यास करती हैं। वे बीते दिनों हुए महिला कबड्डी विश्वकप टीम का हिस्सा थी जिसमें भारत को जीत मिली थी। अब वे भारतीय टीम की कप्तान चुनी गई है। जो राइट कार्नर खेलते हुए टीम को मजबूती प्रदान करेंगी। रितू का चयन कप्तान के रूप में होना उनके निरंतर मेहनत और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी उनके चयन को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। महिला टीम में हिसार जिले के भिवानी रोहिल्ला निवासी मनीषा और हसनगढ़ निवासी निकिता को भी शामिल किया गया है। इन दोनों खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। हरियाणा की इन तीनों खिलाड़ियों के एक साथ टीम में शामिल होने से प्रदेश के खेल प्रेमियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि इन खिलाड़ियों का तालमेल और अनुभव टीम के लिए फायदेमंद साबित होगा और देश को एशिन बीच गेम्स कबड्डी प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल करेगा। खिलाड़ी     खेल पोजीशन     निवासी रितु श्योराण     राइट कार्नर     चरखी दादरी, हरियाणा मनीषा कुमारी     लेफ्ट कार्नर     हिसार, हरियाणा निकिता     रेडर     हिसार, हरियाणा मनप्रीत कौर     आलराउंडर     राजस्थान सिमरन कंबोज     रेडर     पंजाब निकिता चौहान     आलराउंडर     हिमाचल प्रदेश

हरियाणा कैबिनेट की अहम बैठक: Gurugram में हुड्डा के ‘पीनल रेंट’ माफी मुद्दे पर दोबारा चर्चा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 22 अप्रैल को कैबिनेट की बैठक बुलाई है। इस बार पूरी सरकार गुरुग्राम में जुटेगी, जहां बुधवार सुबह नौ बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मंत्रिपरिषद की बैठक होगी। इससे पहले आठ अप्रैल को कैबिनेट बैठक बुलाई गई थी, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए थे। आगामी बैठक में करीब एक दर्जन प्रस्तावों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकारी कोठी का पीनल रेंट माफ करने का प्रस्ताव लाया जा सकता है। हुड्डा पर करीब साढ़े 16 लाख रुपये का पीनल रेंट बकाया है। इससे पहले भी मंत्रिमंडल की बैठक में यह प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन तब तीन कैबिनेट मंत्रियों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज करा दी थी। मंत्रियों का तर्क था कि पहले संबंधित विभाग से कोठी के रखरखाव पर हुए मेंटेनेंस, बिजली, पानी और मैनपावर सहित सभी खर्चों का विस्तृत ब्योरा लिया जाए। जब तक कुल बकाया और वास्तविक खर्च की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती, तब तक किसी भी तरह की राहत देने का निर्णय जल्दबाजी माना जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव को अगली बैठक तक टाल दिया गया था। अब संभावना जताई जा रही है कि संबंधित विभाग से पूरी जानकारी मिलने के बाद यह मुद्दा अगली कैबिनेट बैठक में फिर से उठाया जाएगा।

भिवानी की बेटी Preeti Pawar ने किया कमाल, एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड

भिवानी. मुक्केबाजी के रिंग में भिवानी की बेटी 54 किलोग्राम भार वर्ग में प्रीति पंवार ने ऐसा पंच लगाया, जिसकी गूंज एशिया तक सुनाई दी। भारतीय सेना में नायब सूबेदार बनने के बाद पहली ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सेना में भर्ती के बाद इतना बड़ा मुकाम हासिल करना हर खिलाड़ी के लिए सपना होता है। प्रीति ने न सिर्फ उस सपने को पूरा किया, बल्कि देश का मान भी बढ़ाया। भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अप्रैल 2026 में मंगोलिया में आयोजित एशियन बाक्सिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय सेना के मुक्केबाजों को सम्मानित किया। टीम के कोच सूबेदार मोहम्मद ऐतेशामुद्दीन को भी खिलाड़ियों के उत्कृष्ट मार्गदर्शन और अहम योगदान के लिए सम्मानित किया गया। पदक विजेता को 75 हजार रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान की गई। परिवार का साथ, चाचा से मिली राह गांव बड़ेसरा की रहने वाली प्रीति की सफलता के पीछे परिवार का बड़ा योगदान है। पिता सोमबीर सिंह हरियाणा पुलिस में एएसआइ हैं और मां सलीन देवी गृहिणी हैं। 2017 में आठवीं कक्षा के दौरान चाचा व कोच विनोद पंवार से प्रेरित होकर उन्होंने बाक्सिंग शुरू की। बेटी के सपनों को उड़ान देने के लिए परिवार महम शिफ्ट हो गया। यही समर्पण आज उनकी सफलता की मजबूत नींव बना। प्रीति रोजाना करीब पांच घंटे कड़ी ट्रेनिंग करती हैं। सुबह और शाम दोनों समय रिंग में अभ्यास करते हुए वे अपनी तकनीक को निखारती हैं। हर दिन अपनी कमजोरियों को दूर करना और बेहतर बनना ही उनका लक्ष्य रहता है। यही मेहनत और अनुशासन उन्हें दूसरों से अलग बनाता है और इंटरनेशनल स्तर पर जीत दिलाता है। जुलाई में कामनवेल्थ और बाद में एशियन गेम्स प्रीति अब जुलाई में स्काटलैंड के ग्लासगो में होने वाले कामनवेल्थ गेम्स और इसके बाद जापान में एशियन गेम्स की तैयारी में जुटी हैं। उनका लक्ष्य साफ है कि हर बड़े मंच पर गोल्ड जीतना। उनकी इस उपलब्धि से भिवानी के युवा खिलाड़ियों में नई ऊर्जा आई है और खेलों के प्रति उत्साह बढ़ा है। खेल प्रेरक व अधिवक्ता राजनारायण पंघाल ने कहा कि प्रीति पंवार ने दिखा दिया कि अगर जुनून और मेहनत हो तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं। उनकी जीत पूरे भिवानी और हरियाणा के लिए गर्व की बात है। वे आने वाले समय में देश के लिए और बड़े पदक जीतेंगी।