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68 श्रद्धालु करेंगे पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन

कुरुक्षेत्र  हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी द्वारा महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर पाकिस्तान धार्मिक यात्रा के लिए एक जत्था रवाना किया गया। इस जत्थे को हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी कुरुक्षेत्र के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झीडा, मैंबर हरमनप्रीत सिंह, मैंबर इंद्रजीत सिंह, मैंबर बीबी जसबीर कौर मसाना और सुखजिंदर सिंह मसाना ने कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी से रवाना किया। इस दौरान हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अतिरिक्त सचिव राजपाल सिंह दुनिया माजरा पीए, एडिशनल सेक्रेटरी सतपाल सिंह डाचर, उप सचिव धर्म प्रचार अमरिंदर सिंह, प्रधान साहब के निजी सचिव शमशेर सिंह, मैनेजर हरमीत सिंह, सहायक सुपरवाइजर रघुवीर और बीबी गुरप्रीत कौर सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा। बागा बॉर्डर से पाकिस्तान में प्रवेश करेगा हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झीडा ने पाकिस्तान धार्मिक यात्रा पर जा रहे जत्थे को शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि इस बार 68 लोगों का वीजा आया है। उन्होंने बताया कि यह जत्था आज श्री दरबार साहिब श्री अमृतसर साहिब में रात्रि विश्राम के बाद 21 जून को बागा बॉर्डर से पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। पाकिस्तान में सुशोभित गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन करने के बाद यह जत्था 30 जून को बागा बॉर्डर से ही वापिस भारत आएगा। उन्होंने बताया कि यह जत्था गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब, गुरुद्वारा डेरा साहब, गुरुद्वारा पंजा साहिब सहित अन्य गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन करेंगे। शस्त्र खालसा का अंग पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर हरियाणा कमेटी के प्रधान ने कहा कि श्री हेमकुंठ साहिब की यात्रा पर जाने वाली संगत को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। संगत के साथ गलत व्यवहार करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग हरियाणा कमेटी द्वारा संबंधित राज्य के पुलिस महानिदेशक से की गई है। एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए हरियाणा कमेटी के प्रधान ने कहा शस्त्र खालसा का अंग है इसके बिना खालसा अधूरा है इसलिए शस्त्र को खालसा से अलग नहीं किया जा सकता। श्री गुरु अर्जुन देव महाराज की शहीदी गुरु पर्व पर हरियाणा से भेजे गए जत्थे का वापस आने पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झीडा ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि संगत बिना दर्शन के ही वापिस आ गई, जिसका उन्हें बहुत दुख है।  

अवैध कॉलोनियों पर सख्ती, भूमि एक्सचेंज नियमों में बड़ा बदलाव

 चंडीगढ़ शहरों और पालिकाओं के साथ लगते क्षेत्रों में जमीन की अदला-बदली के लिए अनिवार्य रूप से सरकार से मंजूरी लेनी पड़ेगी। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) विधेयक 2026 को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। बजट सत्र में विधानसभा में विधेयक के पारित होने के बावजूद अभी तक राज्यपाल की सहमति नहीं मिलने के कारण अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है। इस कारण वित्तायुक्त राजस्व और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से इस संबंध में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया था। हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) अधिनियम के तहत शहरों से लगते अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने और सस्ती जमीन देकर महंगी जमीन लेने का फर्जीवाड़ा खत्म करने के लिए धारा 7-ए में संशोधन किया गया है। इसके अनुसार एक एकड़ से कम भूमि को बदलने के लिए भी नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक या सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975 की धारा-7 में यह प्रविधान है कि किसी भी अधिसूचित शहरी क्षेत्र में, जो इस उद्देश्य के लिए सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया हो, एक एकड़ से कम क्षेत्रफल की किसी भी रिक्त भूमि का विक्रय, पट्टा या उपहार के रूप में अंतरण करने हेतु पंजीकरण से पूर्व नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसलिए पड़ी अध्यादेश लाने की जरूरत जमीन की रजिस्ट्रियों के दौरान पंजीकरण अधिकारियों ने पाया कि कई जगह छोटे भूखंडों की अदला-बदली करके अधिसूचित शहरी क्षेत्रों में स्थित कहीं बड़े या अधिक मूल्यवान भूखंड लिए जा रहे थे। हालांकि ऐसे लेन-देन कानूनी रूप से एक्सचेंज कहलाते हैं, परंतु वास्तव में ये अप्रत्यक्ष विक्रय लेन-देन होते हैं, जिसमें अधिनियम की धारा-7क के विनियामक प्रविधानों को दरकिनार किया जा रहा है। इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 1975 के अधिनियम संख्या-8 की धारा-7क में संशोधन कर अदला-बदली विनियमन विलेख को भी उक्त प्रविधान के अंतर्गत लाया गया ताकि अवैध कालोनियों में ऐसे भूखंडों की खरीद-फरोख्त को हतोत्साहित किया जा सके।  

राज्य में अब कुल 21 विशेष अदालतें, मामलों की तेज सुनवाई और निपटारे पर जोर

 चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी और नशे से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में 13 नई फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। न्याय प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इन अदालतों का गठन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज मामलों की शीघ्र सुनवाई और लंबित मामलों के बोझ को कम करने के उद्देश्य से किया गया है। राज्य सरकार के मुताबिक फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक, यमुनानगर और फतेहाबाद जिलों में एक-एक अतिरिक्त विशेष अदालतें स्थापित करने का निर्णय लिया है। वहीं, फतेहाबाद में पहले से स्थापित अदालतों के अतिरिक्त दो नई और सिरसा में छह नई कोर्ट स्थापित करने का फैसला किया है। इन अदालतों को विशेष रूप से नशा तस्करी, मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, परिवहन और संबंधित अपराधों की सुनवाई के लिए अधिकृत किया गया है। राज्य में पहले से ही आठ फास्ट ट्रैक स्थापित हैं। इस प्रकार राज्य में अब कुल 21 अतिरिक्त फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें राज्य में कार्य करेंगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन अदालतों में अपर सत्र न्यायाधीश स्तर के न्यायिक अधिकारियों को विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया जाएगा। यह नियुक्तियां पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सहमति से की गई हैं। सरकारी अधिकारियों के अनुसार राज्य में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान बड़ी संख्या में एनडीपीएस मामलों का पंजीकरण हुआ है। ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे, आरोपियों को शीघ्र सजा दिलाने व न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए विशेष अदालतों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। जानकार कहते हैं कि नई अदालतों के गठन से लंबित मामलों का बोझ कम होगा, गवाहों के बयान समय पर दर्ज हो सकेंगे और जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत मामलों का तेजी से निपटारा संभव हो सकेगा। इससे राज्य सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को भी मजबूती मिलेगी।  

फैमिली आईडी और रिकॉर्ड मिलान के साथ राशन डिपो की स्थिति की होगी जांच, डेटा होगा अपडेट

करनाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने प्रदेशभर में उचित मूल्य की दुकानों यानी राशन डिपो का विशेष सत्यापन अभियान शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने सभी जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारियों और खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षकों को अगले चार दिनों के भीतर सभी राशन डिपो का रिकॉर्ड सत्यापित कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। शुक्रवार से इसकी शुरुआत होगी। सरकार की ओर से इस अभियान का उद्देश्य विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध राशन डिपो से संबंधित जानकारी को पूरी तरह शुद्ध, प्रमाणित और अद्यतन करना है, ताकि भविष्य में सरकारी नीतियां बनाने, योजनाओं के संचालन और प्रशासनिक निर्णय लेने में सही एवं विश्वसनीय आंकड़ों का उपयोग किया जा सके। प्रदेश भर में राशन के करीब 9081 डिपो हैं। इनमें से करीब 9060 मैप भी किए जा चुके हैं। जबकि जिले में करीब 656 राशन डिपो हैं। इनसे करीब 4.72 लाख लोग राशन ले रहे हैं। अब इन सभी की जांच की जाएगी। फैमिली आईडी का भी होगा मिलान सत्यापन के दौरान प्रत्येक उचित मूल्य की दुकान यानी डिपो की वर्तमान स्थिति की जांच की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित डिपो वर्तमान में सक्रिय, रद्द, निलंबित (या स्वेच्छा से सरेंडर किया जा चुका है। अगर पोर्टल पर दर्ज जानकारी और वास्तविक स्थिति में अंतर पाया जाता है तो उसे तत्काल अपडेट किया जाएगा। विभाग ने केवल डिपो की स्थिति की जांच तक ही प्रक्रिया सीमित नहीं रखी है। सत्यापन के दौरान प्रत्येक डिपो धारक की परिवार पहचान पत्र, पीपीपी यानी फैमिली आईडी और उसके परिवार के सदस्यों के विवरण का भी मिलान किया जाएगा। इससे विभाग के रिकॉर्ड में मौजूद व्यक्तिगत जानकारी की भी पुष्टि हो सकेगी और भविष्य में किसी प्रकार की विसंगति की संभावना कम होगी। चार चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया विभाग ने सत्यापन के लिए स्पष्ट कार्यप्रणाली तय की है। सबसे पहले संबंधित क्षेत्र का खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक यानी आईएफएस अपने अधिकार क्षेत्र के सभी राशन डिपो का भौतिक एवं रिकॉर्ड सत्यापन करेगा और रिपोर्ट तैयार कर संबंधित सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी यानी एएफएसओ को भेजेगा। इसके बाद एएफएसओ रिपोर्ट की जांच कर अपनी टिप्पणियां दर्ज करेगा और उसे जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक के पास भेजेगा। डीएफएससी पूरे मामले की समीक्षा करने के बाद रिकॉर्ड को स्वीकृत या अस्वीकृत करेगा। जिन रिकॉर्ड को मंजूरी मिलेगी, उन्हें विभाग का क्लीन और प्रमाणित डेटा माना जाएगा, जबकि जिन मामलों में कोई त्रुटि मिलेगी, उन्हें दोबारा सत्यापन के लिए संबंधित निरीक्षक के पास भेज दिया जाएगा। अधिकारी के अनुसार विभाग के उच्च अधिकारियों ने इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। सभी अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे अगले चार दिनों के भीतर सत्यापन, जांच और अनुमोदन की पूरी प्रक्रिया पूरी कर लें। विभाग का मानना है कि शुद्ध और प्रमाणित डेटा उपलब्ध होने से राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, रिकॉर्ड अपडेट रहेगा और भविष्य में योजनाओं के बेहतर संचालन तथा नीतिगत निर्णय लेने में आसानी होगी। -मुकेश कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, करनाल।  

गुरु अर्जन देव जी के 420वें शहीदी दिवस के अवसर पर पंचकूला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित

गुरु अर्जन देव जी का बलिदान सत्य, साहस और मानवता की रक्षा का अमर संदेश: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरु अर्जन देव जी के 420वें शहीदी दिवस के अवसर पर पंचकूला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित गुरु साहिब की शिक्षाएं विकसित भारत के निर्माण में हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा: मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार सिख गुरुओं के इतिहास और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंचम पातशाह गुरु अर्जन देव जी का बलिदान भारतीय इतिहास में सत्य, धर्म, मानवता और आध्यात्मिक शक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उनका जीवन और शहादत हमें अन्याय, अत्याचार और असत्य के सामने कभी न झुकने की प्रेरणा देती है। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को पंचकूला में गुरु अर्जन देव जी के 420वें शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गुरु अर्जन देव जी के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छबील सेवा भी की। कार्यक्रम में हरियाणा व पंजाब से अनेक संत-महापुरुष पहुंचे और हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। हरियाणा सरकार द्वारा ‘संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माता मनसा देवी और नाडा साहिब की पावन धरती पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने गुरु अर्जन देव जी के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान केवल सिख समाज की धरोहर नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास त्याग, तपस्या, बलिदान और आध्यात्मिक पराक्रम की गौरवशाली परंपरा से भरा हुआ है। जब-जब देश, धर्म, संस्कृति और मानवता पर संकट आया, तब-तब हमारे गुरुओं और संतों ने अपने बलिदान से सत्य और धर्म की रक्षा की। गुरु अर्जन देव जी का बलिदान इसी महान परंपरा का सर्वोच्च उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने समाज को जोड़ने और मानवता को एक सूत्र में पिरोने का महान कार्य किया। उन्होंने अमृतसर में हरमंदिर साहिब की स्थापना कर उसके चारों दिशाओं में चार द्वार बनवाए, जो इस बात का प्रतीक हैं कि यह पवित्र स्थान किसी एक जाति, वर्ग या धर्म के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए खुला है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने सदियों पहले ही सामाजिक समरसता, समानता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को साकार रूप दिया। नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब में संत कबीर, संत नामदेव, बाबा फरीद और संत रविदास सहित विभिन्न संतों की वाणी को संकलित कर गुरु अर्जन देव जी ने भारत की विविधता को एकता के सूत्र में बांधने का अनुपम कार्य किया। गुरु ग्रंथ साहिब आज भी पूरी मानवता के लिए आध्यात्मिक प्रकाश स्तंभ के रूप में मार्गदर्शन कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदी दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि जब हम गुरु अर्जन देव जी के बलिदान को याद करते हैं तो गौरव के साथ-साथ उन यातनाओं का स्मरण भी होता है, जिन्हें उन्होंने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए सहन किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुगल शासक जहांगीर की सत्ता गुरु साहिब के बढ़ते प्रभाव और आध्यात्मिक जागरण से भयभीत हो गई थी। उन्हें लाहौर में बंदी बनाकर अमानवीय यातनाएं दी गईं, लेकिन उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तपती तवी पर बैठाना, शरीर पर गर्म रेत डालना और असहनीय पीड़ा देना अत्याचार की पराकाष्ठा थी, लेकिन गुरु साहिब के चेहरे पर कोई शिकन नहीं आई। उन्होंने ‘तेरा किया मीठा लागे’ का उच्चारण करते हुए परमात्मा की इच्छा को स्वीकार किया। यह घटना केवल शहादत नहीं बल्कि आध्यात्मिक धैर्य, आत्मबल और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का बलिदान हमें सिखाता है कि सत्य, न्याय और संस्कृति की रक्षा के लिए कभी भी समझौता नहीं करना चाहिए। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब गुरु साहिब की शिक्षाएं हमारे लिए मार्गदर्शक शक्ति हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की धरती संतों, गुरुओं और वीरों की भूमि रही है। यहां की मिट्टी में गीता का ज्ञान भी है और गुरुओं के बलिदानों की सुगंध भी। इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सिख गुरुओं के योगदान और बलिदान को सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है। गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व, वीर बाल दिवस का राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन तथा करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण इसी दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने भी सिख इतिहास और गुरुओं की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। हरियाणा सरकार ने आठवीं कक्षा के इतिहास पाठ्यक्रम में सिख गुरुओं के इतिहास को शामिल किया है। अब विद्यार्थी सिख गुरुओं के साथ-साथ बाबा बंदा सिंह बहादुर के त्याग, बलिदान और आदर्शों का भी अध्ययन करेंगे। उन्होंने बताया कि हजूर साहिब, नांदेड़ की यात्रा के लिए कुरुक्षेत्र और सिरसा से विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया गया। इसके अलावा वर्ष 1984 के दंगा प्रभावित 121 परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया गया है। वीर बाल दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंचकूला में इन परिवारों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चिल्ला साहिब की लगभग नौ एकड़ भूमि बिना किसी शुल्क के गुरुद्वारा साहिब के नाम हस्तांतरित की गई है। उन्होंने स्वयं संगत की उपस्थिति में इसके दस्तावेज सौंपे थे। उन्होंने बताया कि यमुनानगर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का नाम गुरु तेग बहादुर सिंह जी के नाम पर रखा गया है। इसी प्रकार अंबाला के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज और टोहाना-जींद-धमतान साहिब मार्ग का नामकरण भी गुरु तेग … Read more

बेटे की मौत के बाद भटकता रहा परिवार, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दिलाया हक

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत मुआवजा पाने से वंचित एक महिला को राहत प्रदान की है। अदालत के हस्तक्षेप के बाद हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास ने आश्वासन दिया कि यदि मृत्यु प्रमाणपत्र में दर्ज त्रुटि को ठीक कर लिया गया है तो मुआवजा आवेदन के लिए पोर्टल दोबारा खोला जाएगा। जस्टिस जगमोहन बंसल ने भावना द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिका के अनुसार भावना के 26 वर्षीय बेटे की 9 मई 2024 को मृत्यु हो गई थी। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अनुसार परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम थी, जिससे परिवार दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने का पात्र था। बेटे की मृत्यु के बाद याचिकाकर्ता ने 23 मई 2024 को आनलाइन आवेदन कर मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास ने 16 दिसंबर 2024 को दावा खारिज कर दिया। दावा अस्वीकार करने का कारण यह बताया गया कि मृत्यु प्रमाणपत्र और परिवार पहचान पत्र में मृतक के पिता के नाम को लेकर विसंगति थी। इस तकनीकी त्रुटि के कारण आवेदन मंजूर नहीं किया गया। याचिकाकर्ता ने बाद में संबंधित विभाग से त्रुटि दूर करवाई और 4 मार्च 2025 को संशोधित मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया। लेकिन समस्या यह रही कि ऑनलाइन पोर्टल पर दोबारा आवेदन करने का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं था। इसके बाद उन्होंने कई प्रतिनिधित्व देकर मामले में राहत की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि यदि याचिकाकर्ता ने वास्तव में मृत्यु प्रमाणपत्र में दर्ज विवरण को परिवार पहचान पत्र के अनुरूप संशोधित करवा लिया है तो हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास का मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोर्टल दोबारा खुलवाने पर विचार करेगा, ताकि वह अपना दावा पुन प्रस्तुत कर सके। याचिकाकर्ता की ओर से भी इस व्यवस्था पर सहमति जताई गई। दोनों पक्षों की सहमति को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास, पंचकूला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करे। इसके बाद संबंधित प्राधिकारी उसके दावे पर आगे की कार्रवाई करेगा। यह फैसला उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिनके वैध दावे केवल दस्तावेजी त्रुटियों या तकनीकी कारणों से लंबित या अस्वीकृत हो जाते हैं।

अब बिना निगरानी नहीं मिलेगी कफ सिरप, हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला

अंबाला. खांसी की सीरप अब सिर्फ एक सामान्य दवा नहीं, बल्कि निगरानी के दायरे में आने वाला उत्पाद बन गई है। केंद्र सरकार ने ड्रग्स नियमों में अहम बदलाव करते हुए उन प्रावधानों में संशोधन कर दिया है, जिनके तहत कुछ सीरप को विशेष छूट प्राप्त थी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से 9 जून 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के बाद अब कफ सीरप और अन्य सीरप आधारित दवाओं की बिक्री, भंडारण और नियामकीय निगरानी पहले से अधिक सख्त कर दी गई है। दरअसल, केंद्र सरकार ने ड्रग्स रूल्स-1945 के शेड्यूल-के में संशोधन करते हुए सीरियल नंबर-13 के अंतर्गत आइटम नंबर-7 से सीरप शब्द को हटा दिया है। यह बदलाव सुनने में छोटा लग सकता है, लेकिन इसका असर दवा कारोबार, मेडिकल स्टोरों और उपभोक्ताओं तक दिखाई देगा। हरियाणा में भी जारी किए निर्देश विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में कफ सीरप के दुरुपयोग और नशे के लिए इस्तेमाल की घटनाएं बढ़ी हैं। कई राज्यों में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे मामलों में कार्रवाई भी की है। ऐसे में सरकार ने नियामकीय ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। हरियाणा में भी इस अधिसूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। राज्य औषधि नियंत्रक रिपन मेहता ने सभी अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अनुसूचित दवाओं की बिक्री केवल वैध चिकित्सकीय पर्ची के आधार पर सुनिश्चित की जाए। नियमों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बिक्री रिकॉर्ड, प्रिस्क्रिप्शन सत्यापन और स्टॉक प्रबंधन को लेकर रहना होगा अधिक सतर्क इस बदलाव का सीधा असर मेडिकल स्टोर संचालकों पर पड़ सकता है। अब उन्हें दवा बिक्री के रिकार्ड, प्रिस्क्रिप्शन सत्यापन और स्टॉक प्रबंधन को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा। वहीं उपभोक्ताओं को भी कुछ सीरप खरीदने के लिए चिकित्सकीय सलाह और पर्ची की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि अधिसूचना में किसी विशेष ब्रांड या उत्पाद का नाम नहीं दिया गया है, लेकिन संकेत साफ हैं कि सरकार सीरप आधारित दवाओं की निगरानी को और कड़ा करना चाहती है यानी अब मेडिकल स्टोर पर जाकर एक कफ सीरप दे दो कहना पहले जितना आसान नहीं रह सकता। अधिकारियों को निर्देश जारी किए – ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक्स अधिनियम के तहत अनुसूचित दवाइयां बिना चिकित्सक के वैध प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बेची जा सकती। कफ सीरप से संबंधित हाल ही में जारी अधिसूचना के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतने के सभी अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। – रिपन मेहता, राज्य औषधि नियंत्रक, हरियाणा।

अब तय समय में मिलेंगी पुलिस और प्रशासनिक सेवाएं, हरियाणा में नई व्यवस्था लागू

चंडीगढ़ हरियाणा गृह विभाग की 33 सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम (राइट टू सर्विस), 2014 के दायरे में शामिल कर दिया गया है। इसके तहत अब विभिन्न लाइसेंस, सत्यापन, अनुमति और एनओसी से जुड़ी सेवाओं के लिए निश्चित समय-सीमा तय कर दी गई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि के भीतर सेवाएं प्रदान करनी होंगी। ऐसा नहीं होने पर नागरिक शिकायत और अपील भी कर सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत हथियार लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया, यदि लाइसेंस की अवधि समाप्त नहीं हुई है और आवेदन उसी जिले में किया गया है, तो 15 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। वहीं पुलिस सत्यापन वाले मामलों में यह प्रक्रिया 22 दिनों में पूरी होगी। हथियार लाइसेंस में हथियार जोड़ने या हटाने, हथियार खरीदने की अवधि बढ़ाने तथा धरना, प्रदर्शन, जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति जैसी सेवाएं 7 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएंगी। विदेशियों के आगमन और प्रस्थान का पंजीकरण तत्काल किया जाएगा। इसके अलावा एफआईआर या डीडीआर की प्रति भी तुरंत या ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। लाउडस्पीकर उपयोग की अनुमति, मेले, प्रदर्शनी, खेल आयोजनों के लिए एनओसी, अजनबी सत्यापन, विदेशी नागरिकों के आवासीय परमिट का विस्तार और पुराने वाहनों के लिए एनओसी जैसी सेवाओं की समय-सीमा 5 दिन तय की गई है। घरेलू सहायक, किरायेदार, कर्मचारी और चरित्र सत्यापन, पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट तथा खोई हुई संपत्ति के निस्तारण से संबंधित सेवाएं 21 दिनों के भीतर पूरी की जाएंगी। पेट्रोल पंप और सिनेमा हॉल स्थापित करने के लिए एनओसी 15 दिनों में जारी होगी। सिनेमा लाइसेंस जारी करने में 30 दिन और उसके नवीनीकरण में 25 दिन का समय लगेगा। इसके अलावा पेट्रोलियम और विस्फोटक नियमों के तहत विभिन्न एनओसी, आतिशबाजी भंडारण एवं बिक्री अनुमति तथा लाइसेंस नवीनीकरण जैसी सेवाओं के लिए 30 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। ऑनलाइन शिकायतों और निजी सुरक्षा एजेंसियों के सत्यापन का निपटारा 60 दिनों में किया जाएगा। सरकार ने प्रत्येक सेवा के लिए नामित अधिकारी और शिकायत निवारण अधिकारियों की भी नियुक्ति की है। यदि किसी नागरिक को तय समय में सेवा नहीं मिलती है तो वह अधिनियम के तहत अपील कर सकेगा। इससे सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ने और लोगों को समयबद्ध सेवाएं मिलने की उम्मीद है।  

खादी को बढ़ावा देने की पहल, मुख्यमंत्री सैनी ने लाभार्थियों को सौंपी बी-बॉक्स और मशीनें

हिसार. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिवानी से आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान, रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय जुड़ गया है। आज ‘खादी रोजगार उत्सव’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वोकल फार लोकल और विकसित भारत-2047 का संकल्प धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सिवानी में आयोजित खादी रोजगार उत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पूर्व मंत्री जेपी दलाल की बहल को उपमंडल बनाने और सिवानी को हिसार में शामिल करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर आगामी समय में उचित कार्रवाई की जाएगी। खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज गोयल ने मुख्यमंत्री को चरखे का स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आनलाइन बटन दबाकर मधुमक्खी पालन के लिए 2350 बी बाक्स भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी आजादी के आंदोलन से ही करोड़ों भारतीयों के श्रम, सम्मान और स्वाभिमान का परिचायक है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी खादी स्वदेशी का प्रतीक था। इसने बिना हथियार के ब्रिटिश हुकूमत की आर्थिक बुनियाद को हिलाकर रख दिया था। वर्तमान में प्रधानमंत्री ने हमें ‘खादी फार नेशन, खादी फार फैशन और खादी फार ट्रांसफार्मेशन’ का मंत्र दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत हरियाणा के 972 कारीगरों को तीन हजार 645 मशीनें एवं टूल किट्स प्रदान की गई है। इनमें विद्युत चालित चाक, बी-बाक्स एवं बी-कालोनी, सिलाई मशीनें, टर्नवुड टूलकिट, फुटवियर निर्माण मशीनें, चरखे और दोना-पत्तल निर्माण मशीनें शामिल हैं। ये मशीनें गांवों में नई आर्थिक क्रांति का आधार बनेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने वाले युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को 504 करोड़ 68 लाख रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी गई है। बढ़ गया खादी का कारोबार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2013-14 में खादी एवं ग्रामोद्योग का कुल कारोबार लगभग 31 हजार करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर एक लाख 87 हजार करोड़ रुपये हो गया है। पिछले 12 सालों में देशभर में खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से लगभग दो करोड़ रोजगार पैदा हुए हैं। केवीआइसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि पीएमईजीपी के तहत 22,259 नई इकाइयों के लिए 504.68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का आनलाइन संवितरण किया गया है। पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि भिवानी जिले की जनता ने सदैव आपका साथ दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उनके अनुरोध पर लोहारू की दशकों से खाली पड़ी नहरों में टेल तक पूरा पानी पहुंचाया। किसान गरीब सहित हर वर्ग के हित में नीतियां लागू की। इस मौके पर बवानी खेड़ा के विधायक कपूर सिंह बाल्मीकि, विधायक बाढ़डा उमेद पातुवास, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक, डीसी साहिल गुप्ता, सिवानी नगरपालिका की चेयरपर्सन वंदना केडिया, खादी ग्रामोद्योग के वित्तीय सलाहकार जे सरवनन, रवि महमिया और टोनी बराला सहित अन्य मौजूद रहे। मशीनें व टूल्स किए वितरित मुख्यमंत्री ने सोनीपत जिला से आई नेहा, अंजली, ऋतु और रोहतक निवासी सुदेश व पिंकी को फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग मशीनें वितरित की। इसी प्रकार रोहतक निवासी साधना, गुंजन शर्मा, मोनिका, ज्योति व नीलम को सिलाई मशीन और भिवानी जिला से झुम्पा निवासी राजेश देवी, ऊषा रानी, छाकली देवी व प्रमिला को चरखा वितरित किया। शहद उत्पादन के लिए फतेहाबाद निवासी कुलदीप सिंह, भीम सिंह, राजेंद्र कुमार, पवन कुमार, कुलवंत और कुरुक्षेत्र निवासी मुनीष को उपकरण वितरित किए। मुख्यमंत्री ने की ये घोषणाएं — गांव गुरेरा, किकराल, नलोई, देवसर, ढाणी रामजस, ढाणी किशनलाल, ढाणी मिठ्ठी में जगमग योजना लागू करने की घोषणा। तीन करोड़ 28 लाख रुपए का खर्च आएगा। लोहारू शहर में छह करोड़ 85 लाख की लागत से एक कम्युनिटी सेंटर बनाया जाएगा। सिवानी के राजकीय महाविद्यालय में एक करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से मल्टीपर्पस हाल का निर्माण होगा। सिवानी सिंचाई मंडल की मंढोली डिस्ट्रीब्यूटरी शहरयारपुर व खरकड़ी माइनर की चार करोड़ की लागत से री-माडलिंग। लोहारू सिंचाई मंडल में कासनी, झांझड़ा, बहल, पातवान, सौरा , बड़दु चैना माइनर की री-माडलिंग के लिए आठ करोड़ छह लाख रुपए की राशि खर्च। सिवानी में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सुविधा शुरू करने की घोषणा। किकराल रोड हाईवे बाईपास, सिवानी में ओवरब्रिज का निर्माण करने की घोषणा। सिवानी के नागरिक अस्पताल में चार करोड़ रुपए की लागत से पोस्टमार्टम की सुविधा 12 करोड़ 22 लाख रुपए की लागत से बहल बस स्टैंड का निर्माण। सिवानी नगरपालिका के लिए नए भवन का निर्माण। लोहारू विधानसभा क्षेत्र के सड़क तंत्र को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण एवं सड़क निर्माण विभाग की 391.25 किलोमीटर की 120 सड़कों की मरम्मत व मार्केटिंग बोर्ड की 141.68 किलोमीटर की सड़कों की मरम्मत। लोहारू विधानसभा के खेतों के 25 किलोमीटर के रास्तों को पक्का किया जाएगा।

महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ क्लीनिक के तहत नई सुविधा

 चंडीगढ़  हरियाणा में महिलाओं में समय से स्तन कैंसर की जांच के लिए आठ जिला अस्पतालों में फुल-फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी (एफएफडीएम) मशीनें लगाई जाएंगी। ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ क्लीनिक के तहत यह मैमोग्राफी मशीनें पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल और नारनौल के साथ ही गुरुग्राम के सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में स्थापित की जाएंगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग, जांच, परामर्श, निदान और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य खरीद एवं क्रय समिति ने 11 फुल-फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों की खरीद को मंजूरी प्रदान की है। प्रत्येक मशीन की कीमत लगभग 1.18 करोड़ रुपये है। वर्तमान में मैमोग्राफी सेवाएं केवल अंबाला छावनी के उपमंडल नागरिक अस्पताल तथा झज्जर और रोहतक जिलों में उपलब्ध हैं। अब विभिन्न जिलों में स्तन कैंसर की जांच सुविधा उपलब्ध होने से रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव होगी और उपचार की सफलता दर में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पीएम केयर्स योजना के तहत हरियाणा को पांच अतिरिक्त मैमोग्राफी यूनिट आवंटित करने की मंजूरी दी है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र के माध्यम से नौ मशीनों की मांग भेजी थी, जिसके विरुद्ध पांच मशीनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन अतिरिक्त मशीनों को रोगियों की संख्या, स्थानीय आवश्यकता और सेवा मांग के आधार पर अन्य जिलों में स्थापित किया जाएगा।