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Hariyana News: पुलिस ने नए साल में बदमाशों को दबोचा

सोनीपत. नए साल की शुरुआत होते ही सोनीपत पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। मुरथल थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 के पास सीआईए कुंडली की टीम और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। घायल बदमाश की पहचान समीर के रूप में हुई है, जिसे पैर में गोली लगने के बाद सोनीपत के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, दूसरे आरोपी साजिद को मौके से ही दबोच लिया गया। दोनों आरोपी सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों बदमाश करीब नौ महीने पहले बहालगढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या की वारदात में वांछित थे। सीआईए कुंडली की टीम लंबे समय से इनका पीछा कर रही थी। सूचना मिलते ही टीम ने नेशनल हाईवे 44 के पास घेराबंदी की, लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में समीर के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों के कब्जे से अवैध हथियार बरामद किए। सूचना मिलते ही सोनीपत पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।

कामकाज में ढिलाई पड़ी भारी! हरियाणा के 2000 अधिकारियों को मिली अंतिम चेतावनी

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए हैं कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत राज्य जन सूचना अधिकारियों (एसपीआइओ) पर लगाए गए दंड की शीघ्र वसूली सुनिश्चित की जाए। करीब दो हजार अधिकारी ऐसे हैं, जिन पर राज्य सूचना आयोग ने जुर्माना लगाया, लेकिन वह जुर्माना जमा नहीं करा रहे हैं। समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यह दंड संबंधित एसपीआइओ से मासिक किस्तों में सीधे वसूल किया जाए। अनुराग रस्तोगी ने कहा कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आरटीआइ अधिनियम के प्रविधानों का सख्ती से पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने दोहराया कि आरटीआइ आवेदनों का समयबद्ध निपटारा और वैधानिक समय सीमा का पालन सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि अधिनियम की भावना को सुदृढ़ किया जा सके और प्रशासन पर जन विश्वास मजबूत हो। हरियाणा में सूचना का अधिकार के तहत अधिकारी-कर्मचारी एक तो सूचना ठीक ढंग से नहीं देते, ऊपर से जुर्माना भी नहीं जमा करवा रहे हैं। इन अधिकारियों पर करीब 10 साल से जुर्माना पेंडिंग है। मुख्य सचिव ने राज्य सूचना आयोग को मासिक रिपोर्ट भी देने की बात कही है। मुख्य सचिव ने विभागों से कहा कि अगर किसी विभाग को वसूली में सहायता की आवश्यकता हो तो वे राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार से संपर्क कर सकते हैं।   हरियाणा में ऐसे 1953 अधिकारी शामिल हैं। जिन पर चार हजार से लेकर 25 हजार रुपए तक का जुर्माना बकाया है। सबसे ज्यादा पंचायत विभाग के 600 अधिकारियों ने जुर्माना राशि जमा नहीं कराई। जबकि स्थानीय शहरी के 500 तो शिक्षा विभाग के 200 अधिकारियों पर जुर्माना बाकी है। वहीं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, वन विभाग, एचएसवीपी, अर्बन एस्टेट, राजस्व, सेवा, परिवहन विभाग समेत कई विभागों के कई अधिकारियों ने अभी तक जुर्माने की राशि जमा नहीं कराई है।  

अजय सिंगल को सौंपी गई हरियाणा पुलिस की कमान, 1992 बैच के IPS अधिकारी को मिली बड़ी जिम्मेदारी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने आईपीएस अधिकारी अजय सिंगल को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार उनकी नियुक्ति यूपीएससी द्वारा भेजे गए पैनल पर विचार के बाद की गई है।  अजय सिंगल 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और दो वर्ष के निर्धारित कार्यकाल के लिए पदभार संभालेंगे। आदेश में बताया गया कि यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है। साथ ही 1990 बैच के शत्रुजीत सिंह कपूर और 1993 बैच के आलोक मित्तल को भी पैनल में शामिल किया गया था। गृह विभाग ने आदेश की प्रति सभी संबंधित अधिकारियों और विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी है।   एसीबी के प्रमुख पद पर तैनात थे हरियाणा में पुलिस महानिदेशक (DGP) की कुर्सी को लेकर अजय सिंघल का नाम सबसे आगे चल रहा है। 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय सिंघल वर्तमान में एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख के रूप में तैनात हैं और वे राज्य पुलिस सेवा में सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं। अधिकारियों में अच्छी पकड़ सूत्रों के मुताबिक सिंघल को पुलिस विभाग की धरातलीय जरूरतों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों का अनुभव हासिल है, जिससे उन्हें शीर्ष भूमिका के योग्य माना जा रहा है। अधिकारी स्तर पर उनकी साख मजबूत मानी जाती है। पूर्व सीएम मनोहर लाल के कार्यकाल में थे विश्वासपात्र विश्लेषकों का कहना है कि सिंघल का नाम राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिष्ठानों में भी सकारात्मक माना जाता है। उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच अच्छी पकड़ और पिछले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में प्रशासकीय टीम में विश्वसनीय अधिकारी के रूप में देखा गया है।

जनस्वास्थ्य से समझौता नहीं: हेल्थ मिनिस्टर आरती सिंह का दो टूक संदेश

चंडीगढ़ हरियाणा की हेल्थ मिनिस्टर आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य के लोगों की हेल्थ के साथ कोई छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क सॉल्वैंट्स और एक्सिपिएंट्स के मामले में, इंडस्ट्रियल-ग्रेड्स को अपने प्रोडक्ट्स की सेल और ट्रांसपोर्ट में नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। अगर कोई मैन्युफैक्चरर उल्लंघन करता है, तो उसका लाइसेंस कैंसिल किया जा सकता है और उसके खिलाफ लीगल एक्शन भी लिया जा सकता है। फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन हरियाणा के स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर ललित कुमार गोयल ने कहा कि हेल्थ मिनिस्टर आरती सिंह राव की गाइडलाइंस के अनुसार पब्लिक हेल्थ को ध्यान में रखते हुए यह एडवाइजरी जारी की गई है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल-ग्रेड हाई रिस्क सॉल्वैंट्स और एक्सिपिएंट्स के गलत इस्तेमाल को रोकने और पब्लिक हेल्थ की सेफ्टी सुनिश्चित करने के मकसद से एक ज़रूरी एडवाइजरी जारी की गई है। यह एडवाइजरी हरियाणा स्टेट फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के ज़रिए राज्य के सभी फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स, ट्रेडर्स, इंपोर्टर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स को बता दी गई है। उन्होंने कहा कि यह निर्देश डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ हेल्थ सर्विसेज़, एनफोर्समेंट डिवीज़न, भारत सरकार की 22 दिसंबर 2025 को जारी एडवाइज़री के अनुसार जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि बिना सेफ्टी के इंडस्ट्रियल-ग्रेड हाई रिस्क सॉल्वैंट्स की बिक्री पब्लिक हेल्थ के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है और इससे दवा सप्लाई की क्वालिटी और सेफ्टी पर असर पड़ता है। एडवाइज़री के अनुसार, सभी हाई रिस्क इंडस्ट्रियल सॉल्वैंट्स के कंटेनर पर उनके इस्तेमाल के लिए साफ़ और पढ़ने लायक मार्क लगाना ज़रूरी होगा। यह चेतावनी सेल्स बिल, डिलीवरी चालान और लेन-देन से जुड़े दूसरे सभी डॉक्यूमेंट्स पर भी खास तौर पर दिखाई जाएगी। उन्होंने साफ़ किया कि हाई रिस्क सॉल्वैंट्स और एक्सिपिएंट्स की खुली बिक्री पूरी तरह से मना रहेगी। ये प्रोडक्ट्स भी सिर्फ़ ओरिजिनल, सील्ड और टैम्पर-प्रूफ कंटेनर में ही बेचे जाएंगे, जिन पर पूरी लेबलिंग और बैच-ट्रेसेबिलिटी से जुड़ी जानकारी होनी चाहिए।  गोयल ने कहा कि इन निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित यूनिट्स के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस कैंसिल करना या कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार लोगों की सेहत की सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देती है और फार्मा सेक्टर में क्वालिटी, ट्रांसपेरेंसी और सेफ्टी पक्का करने के लिए लगातार ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं। ये निर्देश सिर्फ़ लोगों की सेहत और सेफ्टी के हित में जारी किए गए हैं।

हरियाणा क्राइम न्यूज: गैंगरेप और वाहन से फेंकने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद हरियाणा के फरीदाबाद में महिला के साथ चलती गाड़ी में में महिला के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई है. इस दौरान पीड़िता का विरोध करने पर बुरी तरह से पिटाई की गई है. महिला को घायल अवस्था में निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. जानकारी के अनुसार, महिला ने कार में लिफ्ट ली थी. आरोप है कि आरोपी 2 घंटे तक महिला को फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर घुमाते रहे औऱ फिर सुबह तीन बजे एसजीएम नगर के पास चलती गाड़ी से फेंक कर भाग गए. पुलिस ने फिलहाल, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि पीड़ित की बहन ने शिकायत में बताया है कि रात 8:30 बजे उनके पास बहन की कॉल आई थी और उसे बताया गया कि घर में मां से कहांसुनी हो गई है और मैं अपनी सहेली के घर जा रही हूं और उसने कहा था कि मैं अपनी सहेली के घर से 3 घंटे में वापस आ जाऊंगी. पीड़िता की बहन के मुताबिक देर रात करीब 12:00 बजे पीड़िता कहीं जाने के लिए सवारी का इंतजार करने लगी. इसी दौरान वह एक इको वैन रुकी, जिसमें दो युवक पहले से बैठे हुए थे. आरोप है कि लिफ्ट देने के बाद दोनों युवक वैन को गुरुग्राम रोड की ओर ले गए. फिर फरीदाबाद-गुरुग्राम मार्ग स्थित हनुमान मंदिर से आगे जाकर आरोपी कार चलता रहा और दूसरे ने महिला के साथ दुष्कर्म किया. 2 घंटे तक आरोपी वैन को फरीदाबाद गुरुग्राम रोड पर घूमते रहे. सिर पर चोट और 12 टांके लगे  महिला के चेहरे और सिर पर चोट आई है और 12 टांके लगे है. देर रात पीड़ित ने अपनी बहन को कॉल कर कर इस बारे में बताया. बहन मौके पर पहुंची और देखा कि पीड़ित ने देखा कि इलाज के लिए उसे फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे दिल्ली एम्स के लिए रेफर कर दिया था, हालांकि, फरीदाबाद के प्राइवेट अस्पताल में पीड़िता का इलाज चल रहा है और पुलिस इस पूरे मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपी मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं. जो फरीदाबाद में ही रहते थे.

ओपी सिंह आज होंगे रिटायर, हरियाणा के अगले DGP के लिए UPSC ने तय किए संभावित नाम

चंडीगढ़  हरियाणा के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) को लेकर आज दिल्ली में अहम मंथन होने जा रहा है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की पैनल कमेटी आज बैठक कर पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों को शॉर्टलिस्ट करेगी। यह पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा, जिसके बाद 1 जनवरी को नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर आदेश जारी होने की संभावना है।  इससे पहले हरियाणा के कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह आज (31 दिसंबर) सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके साथ ही 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी मोहम्मद अकील और 1991 बैच के आलोक कुमार रॉय भी रिटायर हो चुके हैं। गृह विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। फिलहाल डीजी जेल को तीन महीने का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया है। UPSC की बैठक में कौन-कौन रहेगा शामिल यूपीएससी की पैनल कमेटी में आयोग के अध्यक्ष (या उनके प्रतिनिधि), केंद्रीय गृह सचिव या उनके नामित अधिकारी, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह और केंद्र सरकार द्वारा नामित किसी सीपीओ या सीपीएमएफ प्रमुख को शामिल किया गया है। ये 5 अधिकारी रेस में शामिल : हरियाणा सरकार ने 16 दिसंबर को यूपीएससी को पांच आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजा था। इनमें शामिल हैं—शत्रुजीत कपूर (1990 बैच), एसके जैन (1991 बैच), अजय सिंघल (1992 बैच), आलोक मित्तल (1993 बैच), अर्शिंदर चावला (1993 बैच)। हालांकि पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर को आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले में दर्ज एफआईआर के चलते पहले ही छुट्टी पर भेजा जा चुका है। इसी कारण यूपीएससी ने इस केस से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी राज्य सरकार से मांगी थी। डीजीपी पद के प्रमुख दावेदार अजय सिंघल (1992 बैच) : वर्तमान में एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख हैं। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के करीबी माने जाते हैं और आरएसएस से भी अच्छे संबंध बताए जाते हैं। जमीनी पुलिसिंग का लंबा अनुभव है। आलोक मित्तल (1993 बैच) : पूर्व में टाटा मोटर्स में कार्य कर चुके हैं। देश में पहली महिला पीसीआर की शुरुआत करने का श्रेय इन्हें जाता है। एनआईए में भी सेवाएं दे चुके हैं और सीएम के भरोसेमंद अफसरों में गिने जाते हैं। अर्शिंदर (ए.एस.) चावला (1993 बैच) : हाल ही में डीजी रैंक में प्रमोशन मिला है। वर्तमान में हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन के निदेशक हैं। प्रशिक्षण और प्रशासनिक सुधारों में मजबूत पकड़ मानी जाती है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के करीबी होने के चलते उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें UPSC की बैठक पर टिकी हैं, जहां से तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद हरियाणा को जल्द ही नया स्थायी पुलिस महानिदेशक मिलने की उम्मीद है।

Year Ender 2025: अपराधियों पर सख्ती का असर, हरियाणा में संगठित गैंग और साइबर क्राइम पर बड़ी चोट

चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस ने 2025 में कुल अपराधों में कमी दर्ज की, संगठित गैंग्स, साइबर अपराधियों और हिंसक अपराधियों पर कड़ा प्रहार किया। साथ ही वर्ष 2026 में तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और पुलिस के लास्ट माइल डोमिनेशन पर और तेजी लाने का संकल्प लिया गया है। और आंकड़ों के अनुसार 2025 में कुल अपराधों का रूझान हरियाणा में आई.पी.सी./बी.एन.एस. विशेष स्थानीय कानूनों के तहत कुल संज्ञेय अपराध 2024 के 15,574 मामलों से घटकर 2025 में 1,27,850 रह गए, यानी 7,724 मामलों की कमी (लगभग 5.7 प्रतिशत) । आई.पी.सी./बी. एन.एस. के अपराध अकेले 1,10,78 से घटकर 1,07,242 हो गए जबकि विशेष कानूनों के मामले 17 प्रतिशत से अधिक गिरे। गैंग्स पर कार्रवाई और लास्ट माइल डोमिनेशन हरियाणा पुलिस ने जमीन पर लास्ट माइल डोमिनेशन मजबूत किया। साल के आखिरी दो महीने में 4,000 से अधिक हिंसक और दोहराव वाले अपराधियों को जेल भेजकर संगठित अपराध और उगाही के नेटवर्क को कमजोर किया। इस अवधि में लगातार निगरानी, खुफिया तंत्र और तकनीकी मदद से 100 से ज्यादा हत्या की योजनाएं पहले ही पकड़ लीं, जिससे जानमाल का नुकसान रोका गया और कानून का राज मजबूत हुआ। व्यक्ति के खिलाफ हत्या के मामले 958 से घटकर 904 (करीब 5.6 प्रतिशत कम), गंभीर चोट के 3,892 से 3,524 (लगभग 9.5  प्रतिशत गिरावट), फिर भी पुलिस की तत्परता से पूरे राज्य में 100 से अधिक हत्या की साजिशें नाकाम की गई। लूट के मामले 24 प्रतिशत, छिनैती 12 प्रतिशत से अधिक और चोरी 1 प्रतिशत से ज्यादा घटीं, जो बेहतर रोकथाम और हॉटस्पॉट पर तैनाती का नतीजा है। महिलाओं के खिलाफ बलात्कार के मामले 1373 से तेजी से घटकर 1,025 (25 प्रतिशत से अधिक कमी), छेड़छाड़ और दहेज हत्या में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई। अपहरण और एससी/एसटी एक्ट के मामले भी नीचे आए।  

एक छत के नीचे शिक्षा की सभी सुविधाएं: हरियाणा के 22 कॉलेजों को मिलेगा मॉडल संस्कृति दर्जा

चंडीगढ़  प्रदेश के उच्चतर शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश के 22 सरकारी कॉलेजों को जल्द ही मॉडल संस्कृति कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इनमें कैथल का डॉ. बीआर आंबेडकर गवर्नमेंट कॉलेज का नाम भी शामिल है। उच्चतर शिक्षा निदेशालय की ओर से इसकी आधिकारिक अनुमति दे दी गई है। इस निर्णय को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।   इन कॉलेजों में न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं, नए कोर्स और प्रशिक्षित शिक्षकों का लाभ भी मिलेगा। मॉडल संस्कृति कॉलेजों की परिकल्पना का मुख्य उद्देश्य सरकारी कॉलेजों को निजी संस्थानों के समकक्ष बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े। इन कॉलेजों में सु-प्रशिक्षित और ट्रेंड शिक्षकों द्वारा पढ़ाई करवाई जाएगी। साथ ही नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम लागू किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख और कौशल आधारित शिक्षा मिल सके।   इन कॉलेजों में कई नए विषय और कोर्स शुरू किए जाएंगे, जो वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप होंगे। साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स के पारंपरिक विषयों के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट, आईटी, डेटा एनालिटिक्स, पर्यावरण अध्ययन, स्टार्टअप और उद्यमिता जैसे विषयों को भी शामिल किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य के लिए तैयार किया जा सकेगा।   इन कॉलेजों को मॉडल संस्कृति बनने की मिली अनुमति     जिला                                        कॉलेज का नाम     कैथल                                       डॉ. बीआर आंबेडकर गवर्नमेंट कॉलेज, कैथल।     अंबाला                                     गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, अंबाला कैंट।     भिवानी                                     गवर्नमेंट कॉलेज।     चरखी दादरी                             गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन, बाढ़रा।     फरीदाबाद                                पंडित जवाहरलाल नेहरू गवर्नमेंट कॉलेज।     फतेहाबाद                                गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन, बोडिया खेड़ा।     गुरुग्राम                                    द्रोणाचार्य गवर्नमेंट कॉलेज।     हिसार                                      गवर्नमेंट कॉलेज।     झज्जर                                      गवर्नमेंट कॉलेज।     जींद                                        गवर्नमेंट कॉलेज।     करनाल                                   पंडित चिरंजीलाल शर्मा गवर्नमेंट कॉलेज।     कुरुक्षेत्र                                   गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल।     नारनौल                                   गवर्नमेंट कॉलेज।     पलवल                                    गवर्नमेंट कॉलेज।     पंचकूला                                  गवर्नमेंट पीजी कॉलेज सेक्टर-1     पानीपत                                   गवर्नमेंट कॉलेज।     नूंह                                         गवर्नमेंट कॉलेज नगीना।     रेवाड़ी                                     गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन।     रोहतक                                   पंडित नेकीराम शर्मा गवर्नमेंट कॉलेज।     सिरसा                                    गवर्नमेंट नेशनल कॉलेज।     सोनीपत                                  गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन गोहाना।     यमुनानगर                               गवर्नमेंट कॉलेज छछरौली। अधिकारी के अनुसार डॉ. बीआर अंबेडकर गवर्नमेंट कॉलेज कैथल के प्रिंसिपल डॉ. मनोज भांभू ने बताया कि मॉडल संस्कृति कॉलेज बनने से कॉलेज में आधुनिक लैब खोली जाएगी। विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही नए कोर्स भी शामिल होंगे। कॉलेज को मॉडल संस्कृति बनने के बाद बाकी कॉलेज भी इसका अनुसरण करेंगे और इसके उपरांत उन बाकी कॉलेजों को भी मॉडल संस्कृति बनाया जाएगा।

जमीन विवादों पर लगेगा ब्रेक, भूमि बंटवारे के केस जल्द निपटाने की तैयारी में हरियाणा सरकार

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने लंबे समय से रुके हुए भूमि बंटवारे (पार्टिशन) के मामलों को जल्दी निपटाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। एफसीआर तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्यभर में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्व अधिकारी अब जल्दी और समयबद्ध तरीके से जमीन के विवाद निपटाएं। अब आम लोगों को सालों तक जमीन के मामले का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब प्रत्येक सहायक कलेक्टर को महीने में कम से कम 12 जमीन के बंटवारे के मामले निपटाने होंगे। यह लक्ष्य तीन स्तर पर निगरानी के तहत पूरा होगा। उपायुक्त, मंडलायुक्त और वित्त आयुक्त (राजस्व)। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जो तहसीलदार कम काम वाले क्षेत्रों में हैं, उनके पास ज्यादा मामले भेजे जाएंगे ताकि सभी अधिकारी बराबर जिम्मेदारी निभाएं और लोगों को जल्दी न्याय मिल सके। जमीन के मामलों में अक्सर विवाद लंबित रहते हैं। इसे कम करने के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) तंत्र लागू किया गया है। सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारी गांव स्तर पर एडीआर शिविर लगाएंगे। विवादित पक्षकार आपसी सहमति से समाधान करने के लिए प्रेरित होंगे। सफल समाधान पर 10,000 रुपये का इनाम मिलेगा, जिसे विवादित पक्ष साझा करेगा। सरकार की कोशिश है कि लोग लंबे कोर्ट के झंझट से बचकर सीधे समझौते के जरिए अपनी जमीन का निपटारा कर सकें। अब राजस्व न्यायालयों में लगातार सुनवाई होगी। तहसीलदार और नायब तहसीलदार सप्ताह में कम से कम तीन दिन न्यायालय चलाएंगे। अन्य अधिकारी सप्ताह में पांच दिन जमीन के मामलों की सुनवाई करेंगे। इससे लंबित मामलों का निपटारा तेजी से होगा और लोगों को समय पर न्याय मिलेगा।    राजस्व अधिकारियों का प्रदर्शन त्रैमासिक रूप से देखा जाएगा। डॉ़ सुमिता मिश्रा ने कहा कि जो अधिकारी सबसे अच्छे काम करेंगे, उन्हें अपनी पसंद की तहसील में तैनाती दी जा सकती है। जो लगातार काम पूरा नहीं करेंगे, उन्हें अन्य गैर-राजस्व जिम्मेदारियों में भेजा जाएगा। इससे अधिकारी अपने काम में और जिम्मेदार बनेंगे, और आम लोगों के मामलों में देरी नहीं होगी। नई नियमावली के तहत संयुक्त खातेदारी की जमीनों का बंटवारा अब तेजी से होगा। मंडल आयुक्त तीन दिनों में अधिसूचना जारी करेंगे और मामले जल्द लागू होंगे। इससे लंबित जमीन के मामले जल्दी निपटेंगे। मुकदमेबाजी कम होगी, आपसी समझ से समाधान मिलेगा। अधिकारी जवाबदेह होंगे, इसलिए लोगों को न्याय समय पर मिलेगा। पारदर्शिता बढ़ेगी, कोई भी मामले में अन्याय नहीं कर पाएगा।  

बीच सड़क हंगामा: पुलिसकर्मी की पत्नी ने पति को दूसरी महिला के साथ पकड़ा, जमकर हुआ बवाल

यमुनानगर  सेक्टर-17 मार्केट में ‘पति-पत्नी और वो’ को लेकर जमकर हंगामा हो गया। दो महिलाओं के बीच जमकर झड़प हुई। दोनों ने एक दूसरे को पीटा। पति को दूसरी महिला के साथ देखने को लेकर यह विवाद हुआ। किसी तरह से भीड़ ने दोनों का बीच बचाव किया। पुलिसकर्मी पति व उसकी महिला साथी वहां से कार में भाग निकले। पुलिसकर्मी पत्नी थाने में पहुंची। वहां उपस्थित लोगों ने इस झगड़े की वीडियो भी बनाई जो वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि सोमवार को पुलिसकर्मी अपनी एक महिला साथी के साथ सेक्टर 17 मार्केट के बाहर खड़ा था, तभी वहां उसकी पुलिसकर्मी पत्नी पहुंच गई। वह महिला को देख आग बबूला हो गई। दोनों के बीच देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।   दोनों महिलाओं ने एक दूसरे को बाल पकड़ कर घसीटा और पीटा। काफी देर तक दोनों मारपीट करते रहे। इतने में किसी ने डायल 112 को सूचना दी। पुलिस व अन्य लोगों ने किसी तरह से बीच बचाव कराया। जिसके बाद पुलिसकर्मी कार में महिला के साथ वहां से भाग निकला। वहीं उसकी पुलिसकर्मी पत्नी सेक्टर 17 थाना पहुंची। उसका कहना है कि पुलिसकर्मी के साथ जो महिला थी। वह उसकी पूर्व पत्नी है। दोनों के बीच तलाक हो चुका है। उसका खर्चा कोर्ट से तय हो चुका है। इसके बावजूद पुलिसकर्मी पति उस महिला के साथ रह रहा है। आरोप यह है कि उसे धोखे में रखकर शादी की गई है। आरोपित पुलिसकर्मी की यह तीसरी शादी है। महिला पुलिसकर्मी थाने में इस संबंध में शिकायत दी है। जांच अधिकारी एसआई लाभ सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।