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प्रदेश के 6 शहरों में बदलाव की तैयारी, सैनी सरकार ने दिया विशेष तोहफा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार प्रदेश के छह शहरों में बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने जा रही है, जिसके लिए लगभग 35 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी। खास बात यह है कि जमीन पारंपरिक अधिग्रहण से नहीं बल्कि किसानों की सहमति और इच्छा से ही जुटाई जाएगी। इसके लिए किसानों से सीधे ई-भूमि पोर्टल पर जमीन की पेशकश मांगी गई है।  ई-भूमि नीति के तहत किसान न केवल जमीन देने या न देने का फैसला करेंगे बल्कि जमीन की कीमत भी भू-मालिक ही तय करेगा। सरकार और किसान के बीच बातचीत व मोल-भाव के बाद सहमति बनने पर ही सौदा होगा। इस प्रक्रिया में न तो कोई दबाव होगा और न ही किसी तरह की अनिवार्यता। हालांकि 35 हजार एकड़ जमीन लेने की इस कवायद पर अब कानूनी पेच फंस गया है। इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है और कोर्ट ने सरकार को नोटिस भी जारी कर दिया है। इससे किसानों और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सरकार का दावा है कि इस नीति से किसान मजबूरी में नहीं बल्कि बराबरी की शर्तों पर विकास का हिस्सा बनेंगे। वहीं, विपक्ष और किसान संगठनों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में जमीन जुटाने की कवायद के पीछे औद्योगिक जरूरतों को किसानों के हितों से ऊपर रखने की आशंका है। 

हरियाणा के खिलाड़ियों की हुई मौज, इस गांव में बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

रोहतक  हरियाणा के खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी आई है। रोहतक के गांव खरावड़ में आधुनिक सुविधा से लैस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। इसके बनने से गांव के खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के लिए कहीं बाहर या फिर प्राइवेट एकेडमी में नहीं जाना होगा। जानकारी के मुताबिक खरावड़ ग्राम पंचायत गांव में ही आधुनिक सुविधाओं से लैस स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण करवाने जा रही है। इसके लिए पंचायत ने 2.02 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार कर HSRDC को भेज दिया है। जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। 

बधाई के बहाने 1 लाख की मांग, हिसार में किन्नरों पर कार्रवाई, पुलिस आई बीच

हिसार  हिसार में पुलिस कर्मचारी के घर पोता होने पर बधाई मांगने पहुंचे किन्नरों द्वारा एक लाख रुपए का शगुन मांगने पर हंगामा हो गया। परिवार ने 5 हजार से ज्यादा रकम न देने से मना कर दिया, जबकि किन्नर 1 लाख रुपए लेने पर अड़े रहे। विवाद बढ़ने पर किन्नरों ने ऊंची आवाज में बोलना शुरू कर दिया। मामला अधिक उलझता देख परिवार ने डायल 112 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को देख किन्नरों के तेवर ढीले पड़ गए। 2 घंटे तक चले हंगामे के बाद में किन्नर परिवार की मर्जी से दो हजार रुपए पैसे लेने पर राजी हो गए। जानकारी के मुताबिक यह मामला हिसार के गांव शिकारपुर का है। गांव के रहने वाले पुलिस हवलदार सतबीर घोड़ेला के परिवार में 6 दिन पहले पोते का जन्म हुआ था। आज इसकी खबर किन्नरों को चली तो वे बधाई मांगने पहुंच गए। सतबीर के बेटे प्रवीण ने बताया कि घर में आते ही किन्नरों ने मंगल गीत गाने शुरू कर दिए। यह देख आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। परिवार ने भी किन्नरों का स्वागत किया, मगर मंगल गीतों के बाद जब बधाई देने का वक्त आया तो किन्नरों ने एक लाख रुपए की मांग रख दी जिसे सुनकर परिवार के होश उड़ गए। परिवार ने पहले  5 हजार और दो सूट देने की बात कही थी।  प्रवीण ने किन्नरों को बताया कि हमारे खेत पानी में डूबे हुए हैं और अभी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके बाद किन्नरों ने 51 हजार देने की बात कही। प्रवीण के मुताबिक जब वो नहीं माने तो मजबूर होकर मुझे डायल 112 बुलानी पड़ी। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिसकर्मी संदीप कुमार ने बताया कि परिवार का आरोप था कि किन्नर जबरदस्ती कर रहे हैं और मान नहीं रहे। उधर पुलिस को देख किन्नरों के तेवर भी ढीले पड़ गए। पुलिसकर्मियों के समझाने पर किन्नर परिवार की मर्जी से पैसे लेने पर राजी हो गए। वहीं इस मामले में किन्नरों ने कहा कि यह परिवार नौकरी पेशे वाला परिवार है, इसलिए यहां हमने 11000 रुपए मांगे। गांव में गरीब घरों में हम 200 से 300 रुपए भी लेते हैं। परन्तु यह परिवार नहीं माना। बाद में परिवार ने जो खुशी से दिया, हमने ले लिया।

हरियाणा में किसानों की बल्ले-बल्ले, सरकारी सब्सिडी से बढ़ेगी आमदनी

पलवल कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पलवल के उपनिदेशक डॉ. अनिल सहरावत ने बताया कि हरियाणा सरकार ने कपास की खेती के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों एवं एकीकृत कीट प्रबंधन पर अनुदान के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने कपास की फसल बोई है, उन्हें फसल में सूक्ष्म पोषक तत्वों एवं कीट प्रबंधन के प्रयोग के लिए अधिकतम 2 एकड़ के लिए 2,000 रुपये प्रति एकड़ या 50 प्रतिशत, जो भी कम हो, अनुदान प्रदान किया जाएगा। मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर पंजीकृत किसानों की सत्यापित फसल के आधार पर किसान द्वारा agriharyana.gov.in पोर्टल पर आवेदन करने के साथ-साथ कपास की फसल में प्रयोग किए गए सूक्ष्म पोषक तत्वों एवं कीटनाशकों के बिल अपलोड करना भी अनिवार्य है।  जो किसान बिल अपलोड नहीं करेंगे, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आवेदन करने एवं बिल अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 निर्धारित की गई है। उन्होंने जिले के सभी कपास उत्पादक किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि तक आवेदन करें और योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2025 तक पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवा लें, ताकि वे विभाग से संबंधित योजनाओं का लाभ उठा सकें। 

हरियाणा की बेटी कनक ने लहराया परचम, कजाकिस्तान से 2 गोल्ड जीतकर लौटी, रोहतक में धूमधाम

रोहतक  रोहतक जिले के सुनारिया गांव की कनक बुधवार ने 16वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीते हैं। कजाकिस्तान में 16 से 30 अगस्त तक हो रही प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कनक ने यूथ कैटेगरी में 10 मीटर शूटिंग में गोल्ड मैडल जीता है। गोल्ड मेडल जीतकर आज कनक रोहतक शहर में लौटी तो उनका भव्य स्वागत किया गया।  ढोल नगाड़ों के साथ वह अपने गोल्ड मेडल दिखाते हुए उस अकादमी में पहुंची जहां से उसने शूटिंग के गुर हासिल किए हैं। कनक ने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच, अकादमी व परिवार के लोगों को दिया है। कनक का कहना है कि उनका लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए पदक हासिल करना है। जिसके लिए वह अब तैयारी करेंगी।   हमें गर्व देश का झंडा ऊंचा किया- कोच कोच संदीप नेहरा ने बताया कि उन्हें गर्व है कि कनक ने कजाकिस्तान में देश का झंडा ऊंचा किया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कनक का कई प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन रहा है। एशियन चैंपियनशिप में दो पदक जीत कर कनक ने यह दिखा दिया है कि आने वाले ओलंपिक में शूटिंग में वह भारत के लिए पदक हासिल करने में सक्षम है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे युवाओं से आह्वान करते हैं कि इधर-उधर की बातों को छोड़कर अपना समय पढ़ाई और खेल कूद में लगाए।

इंडस्ट्रियल एरिया चंडीगढ़ में सिफ्ट सिटी का प्रस्ताव, गिफ्ट सिटी की तरह विकसित होगा हब

चंडीगढ़ गुजरात के गिफ्ट सिटी की तर्ज पर चंडीगढ़ में सिफ्ट सिटी बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। यूटी प्रशासन ने केंद्र सरकार को इस संबंध में एक आधिकारिक नोट भेज दिया है। इस हाईटेक फिनटेक हब के लिए प्रशासन ने कंसल्टेंट नियुक्त कर लिया गया है और 30 नवंबर तक डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि आने वाले बजट में इसकी घोषणा हो सके। चंडीगढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 में सिफ्ट सिटी (Chandigarh International Finance Tech City) बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है गुजरात के गांधीनगर में बने गिफ्ट सिटी की तर्ज पर चंडीगढ़ इंटरनेशनल फाइनेंस-टेक (सिफ्ट) सिटी विकसित की जाएगी। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने भारत सरकार को औपचारिक रूप से एक नोट भेजा है। प्रशासन का मानना है कि यह कदम शहर को नई दिशा देगा और इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख फाइनेंशियल व टेक्नोलॉजी हब के रूप में पहचान दिलाएगा। कुछ महीने पहले हुई नीति आयोग की बैठक में भी चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से इस प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की गई थी। प्रशासन ने भारत सरकार को भेजे नोट में कहा है कि इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 और फेज-3 में काफी जमीन उपलब्ध है, विशेषकर फेज-3 में बड़ी मात्रा में खाली जमीन पड़ी है। इस भूमि का उपयोग कर चंडीगढ़ को एक नई पहचान दिलाई जा सकती है। प्रशासन का मानना है कि चंडीगढ़ की भौगोलिक स्थिति, उसका महत्व और इको सिटी की पहचान इस तरह के प्रोजेक्ट के लिए मॉडल शहर है। आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को मिलेगा न्योता इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद देश-विदेश की आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और चंडीगढ़ को ग्लोबल लेवल का फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी हब बनाया जा सकेगा। प्रशासन के अनुसार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 और फेज-3 में काफी खाली जमीन है। खासकर फेज-3 में 153 एकड़ भूमि लगभग पूरी तरह खाली है, जिसे सिफ्ट सिटी के लिए विकसित किया जाएगा। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि शहर को आगे ले जाने के लिए गुजरात मॉडल का सहारा लिया जाएगा। उन्होंने माना कि बीते वर्षों में चंडीगढ़ इस क्षेत्र में पीछे रह गया है, इसलिए अब इसे तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। नवंबर से पहले पूरी होगी डीपीआर इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उद्योग सचिव निशांत कुमार यादव ने कहा है कि नवंबर तक इस प्रोजेक्ट की डीपीआर पूरी करने का लक्ष्य है, ताकि आगामी बजट में भारत सरकार की तरफ से इस प्रोजेक्ट की घोषणा हो सके। इसके लिए प्रशासन ने एक कंसल्टेंट नियुक्त कर दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि रिपोर्ट में किसी भी तरह की कमी न रहे और योजना व्यावहारिक व निवेशकों को आकर्षित करने वाला बने। आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को किया जाएगा आमंत्रित अधिकारियों का मानना है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद देश-विदेश की आईटी और फाइनेंशियल कंपनियां चंडीगढ़ में निवेश करेंगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। चंडीगढ़ को एक ग्लोबल स्टैंडर्ड का टेक्नोलॉजी व फाइनेंशियल हब बनाया जा सकेगा। साथ ही, प्रशासन की कोशिश है कि फेज-2 और फेज-3 की खाली जमीनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। विकास नगर के पास मौजूद फेज-3 अभी लगभग पूरा खाली पड़ा है। गुजरात मॉडल का लिया जाएगा सहाराः गुलाबचंद कटारिया इस प्रोजेक्ट पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ को आगे ले जाने के लिए गुजरात मॉडल का सहारा लिया जाएगा। बीते कुछ वर्षों में चंडीगढ़ इस क्षेत्र में पीछे रह गया है, इसलिए अब इस दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है। सिफ्ट सिटी में बिजनेस करने को मिलेंगी कई रियायतें -कई रेगुलेटरी छूट -बिल्डिंग अप्रूवल में आसानी – एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) में लचीलापन -लेबर लॉज में राहत -कंपनियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम -इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और टैक्स इंसेंटिव एक नजर में चंडीगढ़ का इंडस्ट्रियल एरिया – फेज-1 में जमीन 776.14 एकड़ – फेज-2 में जमीन 486 एकड़ – फेज-1 और 2 में कुल 1966 प्लॉट – 5 मरला से लेकर 1 कनाल तक के क्षेत्र में छोटे प्लॉट सबसे ज्यादा फेज-1 में – फेज-2 में सभी छोटे इंडस्ट्रियल प्लॉट – फेज-3 में 153 एकड़ की जमीन 

रोजाना सफर आसान बनेगा, अंबाला से चंडीगढ़ तक नई ट्रेन पर विचार

हरियाणा  हरियाणा के कर्मचारी, विद्यार्थी और कारोबारियों को अंबाला छावनी से चंडीगढ़ तक जल्द ही नई यात्री रेलगाड़ी का तोहफा मिल सकता है। प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस रूट पर पैसेंजर ट्रेन चलाने के लिए ऑपरेशनल फिजिबिलिटी जांच शुरू कर दी गई है। अंबाला छावनी और चंडीगढ़ के बीच प्रतिदिन हजारों लोग नौकरी, पढ़ाई, इलाज और व्यापार के सिलसिले में सफर करते हैं। फिलहाल इनकी निर्भरता बस सेवाओं और निजी वाहनों पर है। इससे समय भी ज्यादा लगता है और जेब पर भी बोझ पड़ता है। नई रेल सेवा शुरू होने से यात्रियों को किफायती, सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी। अंबाला छावनी एक बड़ा सैन्य एवं औद्योगिक केंद्र है, जबकि चंडीगढ़ प्रशासनिक राजधानी है। दोनों शहरों को जोड़ने वाली सीधी रेल सेवा न केवल यात्रियों के लिए राहत साबित होगी बल्कि व्यापार और आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार भी बढ़ाएगी। विज ने बताया कि पिछले माह उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस रूट पर पैसेंजर ट्रेन चलाने का आग्रह किया था।   रेल मंत्रालय ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए ऑपरेशनल फिज़िबिलिटी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच पूरी होते ही अगली कार्रवाई शुरू होगी। मंत्री ने उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और निकट भविष्य में हरियाणा के लोगों को नई रेल सेवा की सौगात मिलेगी।  

महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा: हरियाणा सरकार का स्टार्टअप मिशन, 60% महिलाओं की भागीदारी पर फोकस

हिसार  हरियाणा अब महिलाओं को स्टार्टअप इकोनॉमी की नई ताकत बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं की भागीदारी को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए न केवल हर जिले में उद्यमिता विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे, बल्कि नए इनक्यूबेशन सेंटर्स में भी महिला उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी। चंडीगढ़ में स्टार्टअप पॉलिसी को लेकर आयोजित बैठक में सीएम ने कहा कि हरियाणा का भविष्य तभी मजबूत होगा जब हमारी बेटियां और बहनें आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। स्टार्टअप पॉलिसी में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाई पर ले जाना इसी दिशा में एक ठोस कदम है। वर्तमान में हरियाणा के लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स महिलाएं चला रही हैं, जो देशभर में एक रिकॉर्ड है। अब लक्ष्य इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत करना है, ताकि हरियाणा महिला स्टार्टअप्स की राजधानी के रूप में उभरे। बैठक में बताया गया कि नए इनक्यूबेशन सेंटर्स में महिलाओं को मेंटॉरशिप, टेक्नोलॉजी सपोर्ट, फंडिंग और नेटवर्किंग की विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही, बूटकैंप्स और पिचिंग सत्रों में महिला उद्यमियों को प्राथमिकता मिलेगी। हरियाणा में पहले से ही 9,100 से अधिक स्टार्टअप्स कार्यरत हैं। इनमें से कई का संचालन महिलाएं कर रही हैं। देश के 117 यूनिकॉर्न में से 19 हरियाणा से हैं और इनमें महिला उद्यमियों की भी उल्लेखनीय हिस्सेदारी है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में हरियाणा की महिला नेतृत्व वाली स्टार्टअप्स देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाएंगी। कृषि-टेक, आईटी, ई-कॉमर्स और हेल्थकेयर सेक्टर में महिला स्टार्टअप्स ने राज्य की रोजगार व नवाचार शक्ति को नई दिशा दी है। 

फरीदाबाद में छिपा बैठा था एल्विश यादव फायरिंग केस का आरोपी, पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार

 फरीदाबाद  फेमस यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी 2 के विनर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर पर फायरिंग करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार धर दबोचा है। फरीदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक मुठभेड़ में इशांत उर्फ ​​ईशू गांधी नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिसने 17 अगस्त को गुरुग्राम में एल्विश यादव के आवास के बाहर कथित तौर पर गोलीबारी की थी। पैर में गोली लगने के बाद आरोपी को अस्पताल ले जाया गया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस दल पर एक पिस्तौल से आधा दर्जन से ज्यादा राउंड फायरिंग की। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली। इससे वह घायल हो गया और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है। ये मुठभेड़ शुक्रवार सुबह 4 से 5 बजे के बीच ग्रेटर फरीदाबाद में गांव फरीदपुर-नीमका रोड पर हुई। आरोपी इशांत उर्फ इशू गांधी फरीदाबाद की जवाहर कॉलोनी का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक इशांत गांधी पर कई मामले दर्ज हैं। दरअसल, 17 अगस्त को एल्विश के घर पर 24 राउंड फायरिंग हुई थी। घर के दरवाजों, खिड़की और छत की सीलिंग पर गोलियां लगी थीं। फायरिंग करते हुए आरोपियों का CCTV फुटेज सामने आया था। इसके बाद से ही पुलिस फायरिंग करने वालों की तलाश में जुटी थी। जिस दिन बदमाश एल्विश के घर पर फायरिंग कर रहे थे। उस समय पर वह घर पर नहीं थे। बता दें गोलियां घर के भूतल और पहली मंजिल पर लगी थी। हालांकि परिवार के अन्य सदस्य घर पर थे, लेकिन कोई भी इस फायरिंग में घायल नहीं हुआ था। सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने लगे। राहुल फाजिलपुरिया केस से जुड़ा कनेक्शन दरअसल, एल्विश यादव भी हरियाणवी गायक राहुल फाजिलपुरिया के करीबी हैं। इसलिए मामले को राहुल फाजिलपुरिया केस से जोड़कर देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने राहुल फाजिलपुरिया पर भी फायरिंग की गई थी। सुनील सरधानिया ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। अब विस्तार से पढ़िए कैसे हुआ पुलिस एनकाउंटर     फरीदाबाद में छिपा था, सूचना मिलने पर घेरा: एल्विश यादव के घर पर फायरिंग के बाद से इंशात फरार था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि इंशात फरीदाबाद के गांव फरीदपुर के पास छिपा हुआ। इस सूचना पर क्राइम ब्रांच सेक्टर 30 और क्राइम ब्रांच सेंट्रल ने उसे फरीदपुर गांव के पास शुक्रवार तड़के घेर लिया। वह बाइक पर सवार था     खुद को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग की: खुद को घिरा देख इशांत ने पुलिस पर 4 राउंड फायरिंग की। इसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाई। इस दौरान उसे पैर में गोली लग गई। गोली लगने के बाद वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद टीम ने उसे काबू कर लिया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस की गाड़ी पर भी एक गोली लगी है।     घायल आरोपी फरीदाबाद के अस्पताल में भर्ती: आरोपी इशांत का इलाज फिलहाल फरीदाबाद सिविल अस्पताल में चल रहा है। उसकी निगरानी के लिए वार्ड में CIA के दो पुलिसकर्मी तैनात हैं। हालत ठीक होने के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए गुरुग्राम ले जाया जाएगा।  

भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण अधर में, हरियाणा में करोड़ों की कीमत वाले GPS रोवर बेकार पड़े

चंडीगढ़    हरियाणा सरकार की उन्नत रोवर-आधारित तकनीक से भूमि अभिलेखों को आधुनिक बनाने की महत्वाकांक्षी योजना अभी तक शुरू नहीं हो पाई है, जबकि 2023 में लगभग 10 लाख रुपये प्रति रोवर की लागत से खरीदे गए लगभग 300 जीपीएस-सक्षम रोवर तहसील और उप-तहसील कार्यालयों में बिना इस्तेमाल के पड़े हैं।हरियाणा वृहद मानचित्रण कार्यक्रम का हिस्सा, यह पहल, भूमि सीमांकन के सदियों पुराने मैनुअल तरीकों, जैसे कि चेन या टेप माप – राजा टोडरमल के समय से चली आ रही तकनीकें – को बदलने के लिए थी, जिससे अक्सर गलतियाँ और भूमि विवाद होते थे।अधिकारी इस देरी के पीछे दो बड़ी बाधाएँ बताते हैं: ततिमा (बंटवारे) अभिलेखों का अद्यतन न होना और रोवर-आधारित मानचित्रण के लिए शुल्क का अंतिम रूप न दिया जाना।  राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "इसके तीन घटक हैं – सीओआरएस, रोवर और परिचालन डेटा। सरकार ने 19 सतत प्रचालन संदर्भ केंद्र (सीओआरएस) स्थापित किए हैं और 300 रोवर खरीदे हैं। लेकिन चूँकि बुनियादी टाटीमा डेटा अभी भी लंबित है, इसलिए इन रोवर्स का उपयोग नहीं किया जा रहा है।" अभी तक, पूरे हरियाणा में लगभग 18 लाख टाटीमा डेटा अधूरा है। इसके बावजूद, अधिकारियों का कहना है कि परियोजना अपने अंतिम चरण में है और अक्टूबर के अंत तक शुरू हो जाएगी। उच्च-परिशुद्धता जीपीएस तकनीक से लैस, ये रोवर सीओआरएस नेटवर्क के साथ तालमेल बिठाकर काम करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे भूमि अभिलेखों में बेजोड़ सटीकता, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होती है। राजस्व विभाग के भूमि अभिलेख निदेशक डॉ. यशपाल यादव ने कहा, "जब कोई सर्वेक्षक रोवर को ज़मीन पर रखता है, तो उसका सटीक अक्षांश और देशांतर अंकित किया जाता है, जिससे सटीकता सुनिश्चित होती है।" वर्तमान में, इस प्रक्रिया में सर्वेक्षण पत्थरों और चेन या टेप माप जैसी जटिल प्रारंभिक तैयारियाँ शामिल हैं। नई प्रणाली भूमि प्रबंधन को कागज़ रहित और निर्बाध बनाएगी।  रीयल-टाइम डेटा एक्सेस के लिए एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया जा रहा है।एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पहले ही जारी की जा चुकी है, जिसमें अनिवार्य किया गया है कि भविष्य में सभी भूमि विभाजन और नवीनीकरण केवल रोवर्स की मदद से ही किए जाएँ। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सर्वेक्षण विभाग की मदद से फील्ड स्टाफ के लिए दो प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं और अतिरिक्त सत्रों के लिए अनुरोध किया गया है।डॉ. यादव ने आगे कहा, "रोवर का उपयोग करके प्रत्येक सीमांकन की दरों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है और सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है।" "एक बार लागू होने के बाद, यह प्रणाली त्रुटि-मुक्त सीमांकन सुनिश्चित करेगी, अतिव्यापी दावों को समाप्त करेगी और विवादों को कम करेगी।"