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हरियाणा की सीमाओं पर धान का ‘सैलाब’! यूपी-बिहार से ट्रकों की बढ़ी आमद

यमुनानगर जबसे हरियाणा में धान की खरीद शुरू हुई है उसके बाद से ही अन्य राज्यों से हरियाणा में धान की तस्करी हो रही है। 'दैनिक ट्रिब्यून' ने 20 अक्तूबर के अपने अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जब किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा-यूपी सीमा पर उत्तर प्रदेश, बिहार से आने वाले डेढ़ सौ से अधिक ट्रकों को रोक लिया था। उसी के बाद मुख्यमंत्री ने इस पर सख्ती बरतने के आदेश दिए और अब हरियाणा-यूपी सीमा पर 24 घंटे पहरा लगाया गया है, ताकि अन्य राज्यों का धान हरियाणा में न आ पाए। हरियाणा में एमएसपी पर 24 फसलें खरीदी जा रही हैं, उनमें धान भी एक प्रमुख फसल है। आजकल धान का सीजन जोरों पर है, ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक, ट्रालियां चावल और धान लेकर आ रहे हैं, ताकि उन्हें हरियाणा में एमएसपी पर बेचकर लाभ कमाया जाए। व्यापारी मोटे मुनाफे के चक्कर में यहां फसल भेज रहे हैं, क्योंकि वहां धान और चावल के रेट काफी कम हैं। इसीलिए हरियाणा सरकार ने अन्य राज्यों से हरियाणा में धान और चावल लाने पर प्रतिबंध लगाया है। यमुनानगर में कलानौर चौकी पर इंटर स्टेट नाका लगाया गया है, जिसमें पुलिस, फूड सप्लाई विभाग, मार्केट कमेटी, ग्राम पंचायत के अधिकारी तैनात किए गए हैं। 24 घंटे इस नाके पर सभी विभागों के कर्मचारी तैनात रहते हैं। लेकिन दूसरी तरफ भारी संख्या में उत्तर प्रदेश, बिहार से वाहनों का लगातार आना भी जारी है। वह बात अलग है कि उन्हें नाके पर रोक कर वापस किया जा रहा है । फसल लाने वाले वाहन चालक परेशान वहीं बिहार, यूपी से धान और चावल लाने वाले वाहन चालक परेशान है। उनका कहना है कि वह पिछले कई दिनों से हरियाणा-यूपी सीमा पर ही बैठे है, न तो हरियाणा में उन्हें आने दिया जा रहा है, और न ही उन्हें भेजने वाले मालिक उनका फोन उठा रहे हैं, यहां खाने-पीने के भी लाले पड़ गए हैं, जिससे वे परेशान है।

उद्योगों के लिए राहत: 5 नई सेवाएं ‘राइट टू सर्विस’ में शामिल, जल-सीवरेज कनेक्शन मिलेगा सिर्फ 15 दिन में

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने और उद्योगपतियों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की पांच प्रमुख सेवाएं हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट, 2014 के दायरे में आ गई हैं। इसके तहत जल एवं सीवरेज कनेक्शन की सुविधा 15 दिनों के भीतर प्रदान की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, एचएसआईआईडीसी को जल और सीवरेज कनेक्शन की प्रक्रिया 15 कार्यदिवसों के भीतर पूरी करनी होगी। इस कदम से उद्योगपतियों को लंबी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में तेजी आएगी। संशोधित जोनिंग प्लान की स्वीकृति प्रक्रिया को भी समयबद्ध करते हुए 45 दिनों की सीमा तय की गई है। एचएसआईआईडीसी को अब सार्वजनिक शौचालयों की दैनिक सफाई सुनिश्चित करनी होगी और मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य 15 दिनों के भीतर पूरा करना होगा। यह कदम औद्योगिक क्षेत्रों की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार लाएगा। इन सेवाओं की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी भी तय किए गए हैं। इंजीनियरिंग डिवीजन के क्षेत्रीय प्रभारी को पदनामित अधिकारी बनाया है। विभागाध्यक्ष (इंजीनियरिंग) अब प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी होंगे। वहीं एचएसआईआईडीसी के एमडी (प्रबंध निदेशक) द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी होंगे। जोनिंग प्लान से जुड़ी सेवाओं के लिए डिस्ट्रिक्ट/सीनियर टाउन प्लानर (मुख्यालय) को पदनामित अधिकारी बनाया है। प्रथम निवारण प्राधिकारी का जिम्मा चीफ टाउन प्लानर को सौंपा है। वहीं एमडी द्वितीय निवारण प्राधिकारी होंगे।

‘एकता में शक्ति’: सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर हरियाणा में कल होगा भव्य यूनिटी मार्च

चंडीगढ़  लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर हरियाणा सरकार ने राज्यभर में ‘सरदार@150 यूनिटी मार्च’ के आयोजन को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी निर्देशों के तहत राज्य के सभी 22 जिला मुख्यालयों और 90 विधानसभा क्षेत्रों में शुक्रवार से पदयात्राओं की शुरूआत होगी। ये कार्यक्रम 25 नवंबर तक चलेंगे। बता दें कि 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुरुक्षेत्र में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। पटेल जयंती पर होने वाले आयोजन का मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी फतेहाबाद में नेतृत्व करेंगे। उनके कैबिनेट सहयोगियों, सांसदों, विधायकों और विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को भी इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक जिले में तीन दिन की ‘सरदार पटेल एकता पदयात्रा’ आयोजित होगी। इन पदयात्राओं का उद्देश्य राज्य में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना है। पदयात्रा की शुरुआत हर जिले में सरदार पटेल की प्रतिमा या चौक से होगी और समापन जिला सचिवालय, सार्वजनिक पार्क या प्रमुख स्थल पर किया जाएगा।   ‘माय भारत’ मिलकर करेंगे आयोजन राज्य के सभी उपायुक्तों (डीसी) को जिला स्तरीय समन्वय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें जिला प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, नगर निकाय, एनएसएस-एनसीसी और ‘माय भारत’ संगठन की टीमें शामिल होंगी। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जिले की जिम्मेदारी व्यक्तिगत रूप से डीसी और स्थानीय विधायक की होगी। साथ ही, हर जिले में ‘स्वच्छता टोली’ और ‘युवा टोली’ बनाई जाएगी, जो यात्रा मार्ग की सफाई, पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रबंधन करेगी। हलकों में नेतृत्व करेंगे मंत्री, सांसद और प्रत्याशी राज्य सरकार ने इस आयोजन को ‘जन आंदोलन’ के रूप में देखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने निर्देशों में कहा है कि यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हरियाणा के लोगों की भागीदारी से चलने वाला राष्ट्रीय एकता का उत्सव है। सरकार ने तय किया है कि हर विधानसभा क्षेत्र की पदयात्रा में संबंधित मंत्री, सांसद, विधायक और उस क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी शामिल रहेंगे। सभी को क्षेत्रवार नोडल जिम्मेदारी दी गई है ताकि आयोजन की तैयारी, जनसंपर्क और भीड़ प्रबंधन में सक्रिय योगदान सुनिश्चित हो सके। महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, नगर प्रशासन, युवा कार्यक्रम विभाग और पुलिस को लॉजिस्टिक सपोर्ट की जिम्मेदारी दी गई है। स्वच्छता से एकता तक का संदेश इन पदयात्राओं को केवल स्मरण समारोह तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इन्हें ‘जन-जन की यात्रा’ बनाया जा रहा है। हर जिले में स्वच्छता अभियान, नशा मुक्ति शपथ, ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण, ‘स्वदेशी भारत’ संकल्प कार्यक्रम और स्कूल-कॉलेज प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। साथ ही, हर यात्रा के मार्ग पर पोस्टर, झंडे और ‘एक भारत, विकसित भारत’ के बैनर लगाए जाएंगे। स्थानीय स्कूलों के विद्यार्थी सरदार पटेल के विचारों पर निबंध, चित्रकला और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करेंगे।   हर ठहराव पर संस्कृति और जोश का संगम पदयात्रा मार्ग पर हर 1.5 से 2 किलोमीटर पर ‘हॉल्टिंग प्वाइंट्स’ बनाए जाएंगे, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, देशभक्ति गीत, लोक कलाकारों के प्रदर्शन और ‘स्वदेशी मेले’ आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन की ओर से पानी, छाछ, फल और प्राथमिक उपचार केंद्रों की व्यवस्था रहेगी। मुख्य सचिव ने कहा है कि हर यात्रा में युवाओं, महिलाओं और समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह आयोजन समावेशी और प्रेरक बने। सोशल मीडिया पर चलेगी ‘एकता की लहर’ मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ‘सरदार@150’ और ‘एक भारत-आत्मनिर्भर भारत’ हैशटैग के साथ रियल टाइम सोशल मीडिया कवरेज सुनिश्चित करेंगे। हर जिले में सेल्फी स्टैंड, एकता वॉल और लाइव स्ट्रीमिंग बूथ लगाए जाएंगे। साथ ही, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को अभियान से जोड़ने के लिए विशेष ब्रीफिंग सत्र होंगे।

वो 50% हुए तो ब्रज में वही टोपी वाले होंगे’: भविष्यवाणी में बोले धीरेंद्र शास्त्री

होडल बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, आज वो 20 परसेंट हैं, आप 9 राज्यों में अल्पसंख्यक हो गए। जिस दिन वो 50 परसेंट पहुंच जाएंगे, तो आपके ब्रज में भी वही टोपी वाले दिखाई पड़ेंगे।हालांकि, उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि उन्होंने यह नहीं कहा कि कौनसी टोपी वाले, क्योंकि वह खुद भी टोपी लगाते हैं। भारत को बचाना है, अपनी संस्कृति को बचाना है, तो जातिवाद और भेदभाव से ऊपर उठकर हमको सनातनी बनना है।  हरियाणा के होडल में थे। यहां उन्होंने गोपाष्टमी पर आयोजित कार्यक्रम में अपनी पदयात्रा को रोकने की धमकी देने वालों को चेतावनी दी। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा… लोग यात्रा रोकने के लिए कोर्ट जाने की धमकी दे रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि हम बहुत टेढ़े आदमी हैं। उन्हें छेड़ना नहीं चाहिए था, छेड़ा है तो हम छोड़ेंगे भी नहीं। अगले 15 से 20 सालों में भारत की जियोग्राफी' बदल जाएगी और भारतीय लोग अपनी संस्कृति बचाने के लिए संघर्ष करते दिखाई पड़ेंगे। कोसीकलां दंगे की याद दिलाई धीरेंद्र शास्त्री ने हरियाणा के लोगों को 2012 के कोसीकलां दंगे की याद दिलाते हुए कहा- तुम्हारे ही कोसीकलां में हिंदुओं को निर्वस्त्र कर सड़कों पर दौड़ाया था। हम तो अपनी जान की बाज़ी हथेली पर लेकर निकले हैं, तुम्हारे लिए। क्या है मामला आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक दामोदर यादव ने मंगलवार को ग्वालियर में धीरेंद्र शास्त्री पर 'आडंबर और पाखंड' फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि शास्त्री ने जिस यात्रा की घोषणा की है, उसका उद्देश्य 'हिंदू राष्ट्र' बनाना है, जो भारत के धर्मनिरपेक्ष संविधान के विरुद्ध है। इसे 'राष्ट्रद्रोही' कृत्य की श्रेणी में रखा जा सकता है। यादव ने अपनी बात दोहराते हुए यात्रा को रोकने की मांग की थी और इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र लिखने तथा भोपाल में एक बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी थी।

नायब सिंह सैनी का दावा – जीएसटी सुधार मोदी सरकार की वादे निभाने की मिसाल

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिस गति से आज भारत प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है, उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्र सरकार की क्रांतिकारी आर्थिक नीतियाँ प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने “एक राष्ट्र, एक टैक्स” की अवधारणा को साकार करते हुए जी.एस.टी. लागू किया, जिससे पूरा भारत एक एकीकृत बाजार में परिवर्तित हो गया है। जी.एस.टी. सुधारों से न केवल अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है, बल्कि राज्यों के बीच व्यापार आसान हुआ है और व्यापारियों को अनावश्यक करों के जाल से मुक्ति मिली है। हाल ही में किए गए जी.एस.टी. सुधार इस बात का प्रमाण हैं कि प्रधानमंत्री मोदी की “गारंटी” सदैव पूरी होती है। ये सुधार आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री बुधवार को बिहार के पटना में बिहार चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए “स्वदेशी” और “मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड” के आह्वान ने देश में विनिर्माण क्षेत्र को नई दिशा दी है। हाल ही में जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत यह विजन आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान के अंतर्गत यूपीआई से लेकर डीबीटी तक डिजिटल लेन-देन की क्रांति ने पारदर्शिता को बढ़ावा दिया है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है। आज भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण बन चुका है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विनिर्माण और उत्पादन पर बल देकर आयात पर निर्भरता घटाई है तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक मजबूत केंद्र बनकर उभरा है। केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों और सुधारों के परिणामस्वरूप आज भारत न केवल आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक सशक्त साझेदार के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में, सड़क, रेल, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के निर्माण में अभूतपूर्व निवेश हुआ है। ये सुविधाएं बेहतरीन कनेक्टिविटी, उद्योगपतियों के लिए व्यापार और लॉजिस्टिक्स की लागत को कम कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए अनावश्यक कानूनों को खत्म करना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना, और लाइसेंस राज से मुक्ति दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमें 'विकसित भारत-2047' का लक्ष्य दिया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए, हमें अपने राज्यों को विकसित करना होगा। हरियाणा और बिहार को मिलकर देश की प्रगति की गति को तेज करना होगा। उन्होंने कहा कि आज यहां आकर उन्हें बिहार की मिट्टी की महक और हरियाणा की उद्यमशीलता की भावना का एक अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यह संगम, वास्तव में, हमारे देश की प्रगति और 'विकसित भारत' के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बिहार और हरियाणा का रिश्ता केवल राज्यों की भौगोलिक सीमा तक सीमित नहीं है। यह रिश्ता प्रेम, श्रम और विश्वास का है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज बिहार में डबल इंजन की सरकार के कारण यह पूरे देश में यह प्रदेश दूसरे सबसे तेजी से बढ़ने वाले राज्य के रूप में जाना जा रहा है। आज बिहार की जीडीपी वृद्धि दर 14 प्रतिशत से भी अधिक है। अब बिहार की जीडीपी में औद्योगिक क्षेत्र का हिस्सा 23 प्रतिशत है, जो कृषि के हिस्से से भी अधिक है। यह सिद्ध करता है कि बिहार में उद्योगों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल माहौल बना है। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं को उद्योग की जरूरतों संबंधी ट्रेनिंग के लिए भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर स्किल यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया गया है। यह युवाओं को उद्योग-आधारित पाठ्यक्रम प्रदान कर रही है। सरकार की 'एक जिला-एक उद्योग' योजना ने इस दिशा में क्रांति ला दी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण कटिहार का मखाना है, जो अब विश्व बाजार में अपनी चमक बिखेर रहा है। केंद्र सरकार ने इसे 'सुपर फूड' के रूप में स्थापित करने के लिए मखाना बोर्ड की घोषणा की है, जिससे किसानों और स्थानीय उद्योगों को नई शक्ति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने के लिए बिहार में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है। राज्य में निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए नीतिगत सुधारों की एक श्रृंखला शुरू की गई है। सरकार ने निवेशकों को नि:शुल्क भूमि देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में चमड़ा उद्योग, कपड़ा उद्योग सहित अन्य उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए नई नीति बनाई गई है। आगामी समय में बिहार की अर्थव्यवस्था में न केवल गुणात्मक सुधार होगा बल्कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस मौके पर बिहार चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। 

आयुक्त का निर्देश: सफाई कार्य सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, जनसेवा का मिशन है

गुड़गांव गुरुग्राम मंडल के आयुक्त आर.सी. बिढान ने कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई कार्यों को केवल औपचारिकता न समझते हुए इसे एक जनसेवा और जनस्वास्थ्य से जुड़ा मिशन मानकर करें। आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में सफाई की निरंतर निगरानी, संसाधनों का समुचित उपयोग और जिम्मेदारीपूर्वक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि शहर को स्वच्छ और आकर्षक बनाए रखने के लिए टीम वर्क और समन्वय अत्यंत आवश्यक है।  मंडलायुक्त ने स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए सभी स्तर पर जिम्मेदारी और सतर्कता से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक गार्बेज वर्नेबल प्वाइंट से प्रतिदिन सुबह समय पर कचरा उठाया जाए और कोई भी प्वाइंट बिना गार्बेज ट्रॉली के न रहे। सभी ट्रॉलियां दिन में कम से कम दो बार खाली की जाए तथा सेकेंडरी कचरा संग्रहण स्थलों से भी नियमित रूप से कचरा उठान हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक गार्बेज ट्रॉली के पास कर्मचारी तैनात रहें ताकि आसपास कचरा न फैले और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा सके। बिढान ने कहा कि सफाई व्यवस्था की स्थिति ऐसी सुनिश्चित की जाए कि कोई भी, कहीं भी और कभी भी निरीक्षण करे, तो उसे गंदगी ना मिले। अगर निरीक्षण के दौरान कहीं पर गंदगी मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  मंडलायुक्त ने निगम अधिकारियों कहा कि वे सभी वार्ड इंचार्ज एचसीएस अधिकारियों को अतिरिक्त टीम उपलब्ध करवाएं, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों की सफाई करवा सकें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले तीन दिन में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बेहतर होनी चाहिए। इसके तहत सभी सड़कें, गलियां, ग्रीन बैल्ट, जीवीपी व सेकेंडरी प्वाइंटों की सफाई सुनिश्चित हो, ताकि हमारा शहर स्वच्छ दिखाई दे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कहीं पर भी कूड़ा, पॉलीथीन, सीएंडडी वेस्ट, इंडस्ट्रियल वेस्ट, मेडिकल वेस्ट आदि दिखाई नहीं देना चाहिए।   बैठक में निर्णय लिया गया कि अवैध रूप से कचरा व मलबा डंपिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके तहत नगर निगम, आरटीए व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम कार्रवाई करेगी। यह टीम अवैध कचरा व मलबा डंपिंग करने वाले वाहनों को जब्त करेगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि वाहन कोर्ट के माध्यम से सुपरदारी पर ही छोड़ा जाए। बैठक में उपायुक्त अजय कुमार, नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, एएलसी कुशल कटारिया, जीएम रोडवेज भारत भूषण गोगिया, सीटीएम सपना यादव, हिपा की संयुक्त निदेशक ज्योति नागपाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

ऑटो मार्केट में फैला था 1.40 लाख टन मलबा, MCG ने एक झटके में कराया सफाया!

गुड़गांव गुड़गांव में सी एंड डी वेस्ट के मलबे में तब्दील हुई एक दशक से प्रस्तावित ऑटो मार्केट में लोगों ने करीब 1.40 लाख टन मलबा डाल दिया था। इस मलबे को नगर निगम ने एक महीने की कड़ी मशक्कत के बाद साफ कराया है। नगर निगम अधिकारियों की मानें तो अब यह प्रस्तावित ऑटो मार्केट पूरी तरह से मलबा मुक्त हो गई है। यहां पर जमा पूरे मलबे को उठाकर बसई स्थित सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में भेजा गया। सेक्टर-10 ऑटो मार्केट क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से भारी मात्रा में मलबा जमा था, जिससे स्थानीय निवासियों, को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। क्षेत्र की सुंदरता और स्वच्छता पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था। नगर निगम गुरुग्राम की स्वच्छता टीमों ने विशेष अभियान चलाकर मात्र एक माह की अवधि में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से 1.40 टन मलबा हटाया है। अभियान को मिशन मोड में चलाया जा रहा है, जिसमें भारी मशीनरी, डंपर ट्रक और जेसीबी मशीनों का उपयोग हो रहा है। सफाई के दौरान उठाए गए सभी मलबे को पर्यावरण अनुकूल तरीके से निस्तारित करने के लिए बसई स्थित सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में भेजा गया है, जहां इसको पुन: उपयोग योग्य निर्माण सामग्री में परिवर्तित किया जाता है। नगर निगम गुरुग्राम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थलों पर मलबा या निर्माण सामग्री न फेंके और शहर को स्वच्छ रखने में निगम का सहयोग करें। निगम का लक्ष्य गुरुग्राम को स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और सुंदर शहर के रूप में स्थापित करना है। नगर निगम द्वारा अवैध मलबा व कचरा डंपिंग की कड़ी निगरानी की जा रही है। अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान, ग्रीन बेल्ट, खाली जमीन, नालों या सड़कों के किनारे मलबा या कचरा फेंका तो उस पर भारी जुर्माना लगाने के साथ ही उसका वाहन जब्त करके थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। 

कृषि मंत्री को मंच पर जगह नहीं मिली, नीचे बैठकर जीत लिया जनता का दिल — देखें पूरा मामला

कैथल  कैथल में प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा के कार्यक्रम में जमकर प्रोटोकॉल टूटे। मंत्री को बैठने के लिए मंच पर कुर्सी तक नहीं मिली। मंत्री से पहले अन्य पदाधिकारियों को मंच पर उपस्थित होना चाहिए था, लेकिन वे खुद ही मंत्री के पहुंचने के बाद लगभग 15- 20 मिनट बाद पहुंचे। जब पार्टी के पदाधिकारी लेट पहुंचे और उन्हें मंच पर कुर्सी नहीं मिली तो पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर के कहने पर मंत्री भी मंच से नीचे आकर दर्शकों में बैठ गए। उनके साथ-साथ सभी अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मंच से नीचे उतर गए।  इसके बाद जिन पदाधिकारियों का नाम बोला गया, केवल वही लोग ही मंच पर बैठे। बाद में कृषि एवं कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने अवस्था को हंसी मजाक में टाल दिया और बोले की स्टेज लकड़ी की थी और हमारे कार्यकर्ता हैं भारी-भारी, कहीं टूट ना जाए इसीलिए नीचे आकर बैठ गए. उन्होंने ये भी कहा की हमारी पार्टी अनुशासन का पालन करती है और इसीलिए हम नीचे आकर बैठ गए तो सभी ने अनुशरण किया। बता दें कृषि मंत्री मंगलवार को पुरानी अनाज मंडी चीका में स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में नवनियुक्त मार्केट कमेटी चीका के चेयरमैन जगमाल सिंह राणा व वाइस चेयरमैन मांगे राम जिंदल को पदग्रहण करवाने पहुंचे थे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नव नियुक्त चेयरमैनों को कुर्सी पर बैठाने की जिम्मेदारी दी थी, इसके लिए यहां उपस्थित हुए हैं। हरियाणा में किसानों, मजदूरों व आढ़तियों की समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान किया जाता है। नव नियुक्त चेयरमैन व उप चेयरमैन भी मंडियों का पूरा ख्याल रखेंगे और सड़क, पानी, बिजली आदि व्यवस्था पर पूरी निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में देश व प्रदेश नई ऊंचाइयों को छू रहा है। भारत को विकसित देश बनाने के लिए हम सभी की भागीदारी जरूरी है। सरकार हर वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए नित नई-नई योजनाएं क्रियान्वित कर रही है और यह जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान हित हमेशा से सरकार की प्राथमिकता रही है और उनके जीवन में समृद्धि लाना हमारा संकल्प है। सरकार किसानों की फसलों को एमएसपी पर खरीद रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर उन्हें खुशहाल बनाना सरकार का लक्ष्य है। किसानों, मजदूरों व आढ़तियों की सुनी समस्याएं इस अवसर पर कृषि मंत्री श्याम सिंह ने किसानों, मजदूरों व आढ़तियों की समस्याएं सुनी। जिसमें आढ़त बढ़ाने की मांग पर उन्होंने केंद्र और मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया। अन्य शिकायत में पुरानी अनाज मंडी में पानी निकासी के कार्य को पूरा करवाया जाएगा। पंजाब की तर्ज पर स्थाई लाइसेंस करना, नई अनाज मंडी में सुविधाएं प्रदान करना, पुरानी अतिरिक्त अनाज मंडी में किसान भवन बनाना, भागल मंडी में शेड, पानी, बिजली आदि संबंधित समस्याएं सुनी और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।    

हरियाणा सरकार की कैबिनेट मीटिंग 3 नवंबर को, कई महत्वपूर्ण एजेंडे पर होगी चर्चा

चंडीगढ़  हरियाणा कैबिनेट की बैठक को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। 3 नवंबर को नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा कैबिनेट की बैठक होगी। ये बैठक हरियाणा सिविल सचिवालय की चौथी मंजिल में स्थित मुख्य समिति कक्ष में सुबह 11 बजे होगी। इस बैठक में  सीएम सैनी कई मुद्दों और विषयों पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में सीएम नायब सिंह सैनी के अलावा अन्य मंत्री शामिल रहेंगे। 

सांस लेना हुआ मुश्किल… हरियाणा का ये शहर प्रदूषण में नंबर-1, NHAI पर गिरी गाज

बहादुरगढ़ औद्योगिक शहर बहादुरगढ़ की हवा अब खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। मंगलवार को एक्यूआई (AQI) 347 दर्ज किया गया, जिसके साथ ही बहादुरगढ़ देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। अक्तूबर के 28 दिनों में लोगों को सिर्फ पांच दिन ही साफ हवा नसीब हुई, जबकि बाकी दिन शहर रेड, ऑरेंज या यलो जोन में रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्थिति को देखते हुए एनएचएआई को नोटिस जारी किया है और शहर में पानी का छिड़काव बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। दिवाली के बाद लगातार बिगड़ रही हवा की गुणवत्ता पर्यावरण मॉनिटरिंग रिपोर्ट के अनुसार, अक्तूबर महीने में बहादुरगढ़ में हवा की गुणवत्ता के तहत बनाए इतने जोन….     6 दिन यलो जोन      8 दिन ऑरेंज जोन      8 दिन रेड जोन  दिवाली के बाद से प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। सोमवार को शहर का AQI 381 तक पहुंच गया था, जो मंगलवार को घटकर 347 रहा। हालांकि यह अब भी गंभीर श्रेणी में शामिल है। सुबह से शाम तक शहर स्मॉग की चादर में ढका रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि छठ पर्व पर हुई आतिशबाजी और कम हवा की गति के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया।   स्वास्थ्य पर असर, मरीजों की संख्या में वृद्धि नागरिक अस्पताल में आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और थकावट जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो सीएक्यूएम (CAQM) की ओर से ग्रैप-3 (GRAP-III) लागू किया जा सकता है। सोमवार रात हवा की गति 10 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जिससे थोड़ी राहत मिली, लेकिन मंगलवार दोपहर बाद यह घटकर 4 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई, जिससे AQI फिर बढ़ने लगा। एनएचएआई को नोटिस, कार्रवाई के निर्देश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ अमित दहिया ने बताया कि शहर में टैंकरों और एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, लेकिन फिलहाल प्रदूषण में कमी की संभावना कम है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाईपास और सर्विस लेन पर उड़ने वाली धूल प्रदूषण का प्रमुख कारण है। इस पर कार्रवाई के लिए एनएचएआई को नोटिस जारी किया गया है। बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि इन क्षेत्रों में नियमित पानी का छिड़काव किया जाए, अन्यथा नियमों की अवहेलना पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।