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साइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से कार्यालय पहुंचे कर्मचारी, ईंधन बचत पर जोर

 भिवानी  हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में ‘नो व्हीकल डे’ मनाया जाएगा। सप्ताह में दो दिन कर्मचारी बिना किसी व्हीकल के आएंगे। इसकी शुरूआत वीरवार से होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के निर्देशानुसार यह अभियान शुरू किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के निर्देशानुसार यह अभियान शुरू किया जाएगा। बोर्ड अध्यक्ष डा. पवन कुमार ने बताया कि शिक्षा बोर्ड के सभी अधिकारी/कर्मचारी वीरवार को किसी व्यक्तिगत मोटर व्हीकल का उपयोग किए बिना कार्यालय में आएंगे। जो कर्मचारी दूर से आते है वे कार/बाइक पूलिंग करते हुए या सार्वजनिक यातायात साधनों का इस्तेमाल करते हुए बोर्ड कार्यालय पहुंचे। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि सभी बोर्ड के अधिकारी/कर्मचारी पेट्रोल/डीजल वाहनों के स्थान पर साईकिल/ईलेक्ट्रिक वाहन व सार्वजनिक वाहनों को प्राथमिकता दें। बोर्ड कर्मियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन (बुधवार व वीरवार) पेट्रोल/डीजल वाहनों का उपयोग न करने की अपील करते हुए कहा कि ईंधन की बचत देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है। सभी अधिकारी/कर्मचारी सरकारी कार्यों में अनावश्यक वाहनों का उपयोग ना करें तथा ईंधन की हर-संभव बचत करें।

निकाय चुनाव नतीजे: उकलाना में निर्दलीय जीत, सोनीपत और अन्य नगर निकायों में भाजपा मजबूत

 हिसार हरियाणा के हिसार जिले की उकलाना नगर पालिका चेयरपर्सन सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी रीमा सोनी ने शानदार जीत दर्ज की है। 23 वर्षीय रीमा सोनी ने भाजपा प्रत्याशी निकिता गोयल को 2806 वोटों के बड़े अंतर से हराकर चुनाव अपने नाम कर लिया। निकिता गोयल भाजपा के पूर्व चेयरमैन श्री निवास गोयल की बहू हैं। उकलाना का यह चुनाव इसलिए भी खास माना जा रहा था क्योंकि भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इसे प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल लगातार रीमा सोनी के पक्ष में प्रचार कर रहे थे, जबकि भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत पांच मंत्रियों ने चुनाव प्रचार किया था। चार राउंड में साफ हो गई तस्वीर मतगणना के दौरान शुरू से ही रीमा सोनी बढ़त बनाए रहीं। चार राउंड की गिनती में किसी भी चरण में वह पीछे नहीं हुईं। तीसरे राउंड के बाद ही उनके समर्थकों ने जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया था। मतगणना केंद्र के बाहर समर्थकों ने गुलाल उड़ाकर और नारे लगाकर खुशी जाहिर की। बताया जा रहा है कि दूसरे राउंड के बाद भाजपा नेता श्री निवास गोयल अपनी बहू निकिता गोयल के साथ काउंटिंग सेंटर से बाहर निकल गए थे। रीमा को मिले 7078 वोट चुनाव परिणाम के अनुसार रीमा सोनी को कुल 7078 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी निकिता गोयल को 4272 वोट हासिल हुए। इस तरह रीमा ने 2806 वोटों के अंतर से एकतरफा जीत दर्ज की। जीत के बाद रीमा सोनी ने समर्थकों के साथ रोड शो निकाला। उनके घर और चुनाव कार्यालय के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही। पिता हरीश सोनी ने भी बेटी की जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि जनता ने विकास और विश्वास के नाम पर मतदान किया है। सांपला नगर पालिका में निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा हरियाणा निकाय चुनावों में कई नगर पालिकाओं और नगर निगमों के नतीजे सामने आने लगे हैं। सांपला नगर पालिका में निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा देखने को मिला। यहां 16 वार्डों में से 10 वार्डों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को 6 सीटों पर सफलता मिली। परिणाम आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सोनीपत में भाजपा की बड़ी जीत सोनीपत नगर निगम चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार राजीव जैन मेयर चुनाव जीत गए हैं। वहीं वार्ड स्तर पर भी भाजपा को बढ़त मिलती नजर आई। वार्ड नंबर 14 से भाजपा प्रत्याशी किरन चांदना ने 1967 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इसके अलावा वार्ड नंबर 13 से भाजपा के महेश लूथरा ने 1644 वोटों से जीत दर्ज की। थारूहेड़ा नगर पालिका चुनाव परिणाम धारूहेड़ा नगर पालिका वार्ड पार्षद चुनाव के नतीजे भी घोषित कर दिए गए हैं। वार्ड नंबर 1 से कविता, वार्ड 2 से देवेंद्र कुमार शर्मा, वार्ड 3 से त्रिलोक सिंह धारीवाल और वार्ड 4 से निहाल सिंह विजयी रहे। वार्ड 5 से गोपाल, वार्ड 6 से कृष्णा देवी, वार्ड 7 से मोनिका और वार्ड 8 से अमन राव ने जीत दर्ज की। इसी तरह वार्ड 9 से रंजन यादव, वार्ड 10 से अमित यादव, वार्ड 11 से रीना रानी और वार्ड 12 से धर्मवीर चुनाव जीते। वार्ड 13 से प्रिया कुमारी, वार्ड 14 से अनिल कुमार, वार्ड 15 से किरण और वार्ड 16 से मनीषा सैनी विजयी घोषित हुए। वहीं वार्ड 17 से मंशा सैनी और वार्ड 18 से सुमित्रा देवी ने जीत हासिल की।

अब टैंकर नहीं, सीधे गंगाजल से बुझेगी फरीदाबाद की प्यास

फरीदाबाद औद्योगिक नगरी से गंगाजल केवल 35 किलोमीटर दूर है। जिले को गंगाजल हापुड़ जिले के डेहरा गांव के पास से गुजर रही अपर गंगा कैनाल से मिलेगा। वहां से पाइप लाइन यमुना नदी को पार करते हुए जिले के अमीपुर गांव तक बिछाई जाएगी। यहीं पर इस पानी को साफ करने का प्लांट भी लगाया जाएगा। इसके बाद यह पानी शहर में भेजा जाएगा। सिंचाई विभाग ने इसका पूरा रूट तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया है। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जल्द जलशक्ति मंत्री और उत्तर प्रदेश के मंत्री से मुलाकात करेंगे पता चला है कि इसी सप्ताह में दिल्ली में यह मुलाकात हो सकती है। इसके बाद योजना को सिरे चढ़ाया जाएगा। याद रहे गंगाजल को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी काफी गंभीर हैं। इसलिए अधिकारियाें को जल्द योजना का खाका तैयार करने के आदेश दिए गए थे। 3500 एमएम मोटाई की होगी पाइप लाइन दिनभर में अधिक गंगाजल आ सके, इसलिए 3500 एमएम मोटाई वाली पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसमें एक दिन में 500 एमएलडी पानी शहर में आ सकेगा। इतना पानी आने वाले 25 साल के लिए काफी होगा। इस लाइन को डालने में कहीं कोई अड़चन भी नहीं होगी, क्योंकि जहां से लाइन आएगी, वह पूरी जमीन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की है। इसके बाद यमुना नदी और फिर अमीपुर गांव, यहां हरियाणा सिंचाई विभाग की जमीन है। बाकी प्लांट लगाने के लिए जमीन भी आसानी से मिल जाएगी। शहर तक लाइनें पहले से ही बिछी हुई हैं और योजना स्वीकृत होने के बाद नए सिरे से लाइन बिछा दी जाएंगी। मांग-आपूर्ति में बड़ा अंतर शहर की आबादी 30 लाख से अधिक है। शहर में पेयजल आपूर्ति की मांग 450 एमएलडी और आपूर्ति 330 एमएलडी हो रही है। यमुना नदी किनारे 22 रेनीवेल लगे हुए हैं। 12 और लगाने शुरू कर दिए हैं। फिलहाल शहर में पेजयल किल्लत है। मांग व आपूर्ति में अधिक अंतर होने की वजह से शहर की काफी आबादी टैंकरों के पानी पर निर्भर है। नगर निगम द्वारा टैंकर मुहैया नहीं कराए जाते। लोगों को अपने स्तर पर इंतजाम करना होता है। सबसे अधिक दिक्कत अरावली पहाड़ी के आसपास व एनआइटी क्षेत्र में है। पेयजल मुद्दे को लेकर जनप्रतिनिधि भी आमने-सामने हो जाते हैं। पेयजल सप्लाई को लेकर भेदभाव के आरोप लगते हैं। हांफने लगे हैं रेनीवेल मानसून में ही यमुना नदी में पानी होता है, बाकी महीनों में यह नाले के रूप में बहती है। इसलिए नदी किनारे लगे हुए रेनीवेल का भूजल लगातार खिसक रहा है। इसलिए चिंता बढ़ गई है। अब एफएमडीए और रेनीवेल लगा तो रहा है लेकिन अगले 20 से 30 साल के लिए अभी से पूरा इंतजाम करना जरूरी हो गया है। यमुना नदी किनारे लगे हुए रेनीवेल का भूजल स्तर हर साल खिसक रहा है। इसलिए आने वाले कुछ साल में और दिक्कत हो सकती है। इसलिए गंगा जल लाने की योजना पर काम किया जा रहा है। यह योजना स्वीकृत हो जाती है तो कई दशक तक पानी की दिक्कत नहीं होगी।     – विशाल बंसल, मुख्य अभियंता, एफएमडीए     हमारी ओर से पूरी तैयारी है। योजना का पूरा खाका तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय भिजवा दिया है। स्वीकृति मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।     – गौरव लांबा, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग  

अंबाला बना मिसाल: फसल अवशेष प्रबंधन से बढ़ रही मिट्टी की उर्वरता और खेती का लाभ

फरीदाबाद  हरियाणा में गेहूं कटाई के बाद फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किसानों में काफी जागरूकता देखने को मिल रही है. दरअसल पहले जहां खेतों में बचे डंठलों (फाने) और पराली को जला दिया जाता था. वहीं अब किसान वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहे हैं, बल्कि अपनी भूमि की उर्वरता भी बढ़ा रहे हैं. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फसल अवशेष जलाना खेती के लिए हानिकारक कदम है, क्योंकि इससे मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं. जैविक कार्बन की मात्रा घटती है और खेत की उत्पादक क्षमता प्रभावित होती है. साथ ही इससे निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण और तापमान वृद्धि का कारण बनता है, यही वजह है कि कृषि विभाग लगातार किसानों को जागरूक कर रहा है और इसके साथ ही फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर कई जगह कानूनी कार्रवाई भी की जा रही हैं. पराली को जलाया नहीं बल्कि मिट्टी में मिला दिया बता दे कि इस दिशा में अंबाला जिला पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है. क्योंकि इस वर्ष जिले में गेहूं की कटाई पूरी होने के बाद किसानों ने फसल अवशेषों का प्रबंधन अत्यंत जिम्मेदारी के साथ किया है. फसलों के फाने (डंठलों) को जलाने के बजाय किसानों ने रोटावेटर, हैप्पी सीडर और मल्चर जैसी आधुनिक मशीनों का उपयोग करके उन्हें मिट्टी में मिला दिया. इससे अवशेष धीरे-धीरे सड़कर प्राकृतिक खाद में परिवर्तित हो जाते हैं, जिससे मिट्टी में उर्वरक शक्ति बढ़ती है और जल धारण क्षमता मजबूत होती है. खासतौर पर इस वैज्ञानिक पद्धति से खेत की सेहत सुधरती है और आने वाली फसलों को बेहतर पोषण मिलने के साथ साथ पशुओं के लिए भूसे की व्यवस्था भी होती हैं. ढैंचा की खेती के लिए किया जा रहा जागरूक कृषि विभाग की निरंतर जागरूकता का परिणाम है. कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि गेहूं कटाई के बाद खाली पड़े खेतों का बेहतर उपयोग करने के लिए किसानों को ढैंचा की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है. क्योंकि ढैंचा एक महत्वपूर्ण दलहनी हरी खाद फसल है, जो मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिर करती है और भूमि की प्राकृतिक उर्वरता को बढ़ाती है. इसकी खेती के लिए प्रति हेक्टेयर लगभग 25 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है ओर बुवाई के 30 से 40 दिन बाद इस फसल को खेत में पलटकर मिट्टी में मिला दिया जाता है, जिससे जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है. रासायनिक खाद से कम होती है उर्वरता लगातार यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी के लाभकारी जीवों की संख्या घट रही है, जिससे भूमि की शक्ति कमजोर हो रही है और खेती की लागत बढ़ रही है.उन्होंने कहा कि ऐसे में ढैंचा जैसी हरी खाद फसलें किसानों के लिए कम खर्च में अधिक लाभ देने वाला विकल्प साबित हो रही हैं. सरकार भी इस पहल को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति एकड़ ढैंचा की खेती पर 1,000 रुपये का अनुदान दे रही है तथा बीज सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है. वहीं अंबाला जिले के किसानों ने यह साबित कर दिया है कि यदि आधुनिक तकनीक, सरकारी योजनाओं और वैज्ञानिक सोच को अपनाया जाए तो खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकता है. फसल अवशेष न जलाने और हरी खाद को अपनाने की यह पहल हरियाणा के अन्य जिलों के किसानों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है.

HBSE 12वीं परिणाम जारी, पास प्रतिशत 84.67% रहा

 चंडीगढ़ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने आज 12वीं कक्षा के वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष बोर्ड का कुल पास प्रतिशत 84.67% रहा है। नतीजों की घोषणा के साथ ही प्रदेश के लाखों छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है। एक बार फिर हरियाणा की बेटियों ने अपनी बुद्धिमत्ता का लोहा मनवाते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। लड़कियों का दबदबा बरकरार इस साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो छात्राओं का प्रदर्शन शानदार रहा है। जहां छात्राओं का पास प्रतिशत 87.97% रहा, वहीं 81.45% छात्र ही परीक्षा में सफल हो पाए हैं। यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां निरंतर प्रगति कर रही हैं और लड़कों से लगभग 6.52% आगे रही हैं। परीक्षा में शामिल हुए 5.66 लाख से अधिक छात्र हरियाणा बोर्ड द्वारा आयोजित इस परीक्षा में प्रदेशभर के 1431 केंद्रों पर लगभग 5,66,411 परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। परीक्षा का आयोजन फरवरी के अंत से लेकर 1 अप्रैल 2026 तक किया गया था। बोर्ड ने पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्यांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रबंध किए थे, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। कैसे चेक करें अपना रिजल्ट छात्र अपना परिणाम देखने के लिए नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं: वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर क्लिक करें। लिंक खोजें: होमपेज पर "HBSE 12th Result 2026" के लिंक पर क्लिक करें। डिटेल्स भरें: अपना रोल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें। परिणाम देखें: 'सबमिट' बटन दबाते ही आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा। डाउनलोड करें: भविष्य के लिए अपनी मार्कशीट का प्रिंटआउट या पीडीएफ जरूर सुरक्षित रखें। पासिंग मार्क्स और कंपार्टमेंट परीक्षा के नियम हरियाणा बोर्ड में सफल होने के लिए प्रत्येक छात्र को हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों के अंक शामिल होंगे। कंपार्टमेंट परीक्षा: यदि कोई छात्र एक या दो विषयों में 33 प्रतिशत से कम अंक लाता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। बोर्ड उन छात्रों के लिए 'कंपार्टमेंट परीक्षा' आयोजित करेगा ताकि वे अपना साल बचा सकें। पुनर्मूल्यांकन : यदि कोई छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह परिणाम जारी होने के बाद स्क्रूटनी या पुनर्मूल्यांकन के लिए भी आवेदन कर सकेगा। रिजल्ट के बाद क्या? बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे जल्द ही पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, जिन छात्रों की एक या दो विषयों में कंपार्टमेंट आई है, उनके लिए कंपार्टमेंट परीक्षा का आयोजन भी जल्द किया जाएगा ताकि उनका साल खराब न हो।  

फर्जी कंपनियों से सरकारी पैसा हड़पने का आरोप, जांच में बड़ा खुलासा

चंडीगढ़  हरियाणा के चर्चित 590 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में अब पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। सीबीआई ने इस मामले की जाँच को आगे बढ़ाते हुए इन अधिकारियों से पूछताछ करने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सीबीआई की पूछताछ की मांग पर अपनी सहमति दे दी है। इसके बाद संबंधित फाइल को अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री की औपचारिक स्वीकृति मिलते ही सीबीआई आरोपित आईएएस अधिकारियों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर देगी। फर्जी कंपनियों के जरिए गबन का आरोप जाँच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सरकारी पैसे को खुर्द-बुर्द करने के लिए बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की गई। आरोप है कि अधिकारियों ने अपने ड्राइवर, निजी सचिव  और अशिक्षित महिलाओं के नाम पर फर्जी कंपनियां तैयार की थीं। इन फर्जी कंपनियों के माध्यम से सरकारी धन को अवैध रूप से निकाला और उपयोग किया गया। 'कैपको फिनटेक' नामक एक फर्जी कंपनी के खातों में ही अकेले 471 करोड़ रुपये डाले गए थे। सुरजेवाला करेंगे मीडिया से बात इस बड़े घोटाले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद रणदीप सुरजेवाला इस पूरे मामले और जाँच की प्रगति को लेकर मीडिया से बातचीत करेंगे और अपना पक्ष रखेंगे।  

नायब सरकार की नई औद्योगिक नीति 2026 जल्द होगी लागू, 10-15 दिन में कैबिनेट बैठक संभव

चंडीगढ़ हरियाणा में औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर जोर दे रही नायब सरकार जून में एक निवेशक सम्मेलन करने जा रही है, जिसमें देश के साथ-साथ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसका मकसद गुरुग्राम में बनाई जा रही ग्लोबल सिटी में निवेश कराना है। इस आयोजन से पहले हरियाणा की नई औद्योगिक नीति (2026) की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके लिए 10 से 15 दिन के अंदर कैबिनेट की बैठक होगी, जिसके बाद नई नीति को लागू कर दिया जाएगा। नई औद्योगिक नीति का ड्राप्ट तैयार होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली में दो दिन तक अलग-अलग सेक्टर के उद्यमियों से चर्चा की थी। चर्चा के बाद तार्किक सुझावों को नई औद्योगिक नीति में जोड़ दिया गया है। राज्य में हुए शहरी निकाय चुनाव की मतगणना होने के बाद किसी भी दिन कैबिनेट बैठक के लिए कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है। हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि 10 से 15 दिनों के अंदर लागू होने वाली औद्योगिक नीति को ही केंद्र बनाकर निवेशक सम्मेलन में उद्यमियों से चर्चा की जानी है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के सेक्टर 36 व 37 में बन रही विश्वस्तरीय ग्लोबल सिटी को विकसित करने का प्रथम चरण पूरा किया जा चुका है। दूसरे चरण का भी कार्य आरंभ कर दिया गया है। ग्लोबल सिटी में ही अपने संयंत्र लगाने के लिए उद्यमियों को प्रेरित किया जाएगा। उद्यमियों को बताया जाएगा कि हरियाणा सरकार अपनी औद्योगिक नीति के तहत विभिन्न प्रकार के लाभ देने जा रही है। राव नरबीर के अनुसार ग्लोबल सिटी में औद्योगिक निवेश होने से हजारों युवाओं को विभिन्न सेक्टरों में रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। निवेशक सम्मेलन की तिथि और जगह अभी तय की जानी बाकी है।  

100 करोड़ के GST फर्जीवाड़ा मामले में ईडी रिमांड पर संजीव अरोड़ा, गुरुग्राम कोर्ट में सुनवाई

 गुरुग्राम   पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने ईडी रिमांड पर भेजे जाने के बाद गुरुग्राम की विशेष अदालत में एक अर्जी दाखिल की है। इसमें अदालत से अनुमति मांगी गई कि ईडी अधिकारी उन्हें अपनी पसंद का वकील चुनने दें, जिसके लिए वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने दें, ताकि वह आधिकारिक तौर पर उनका केस लड़ सकें। मामले की सुनवाई पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश एवं जिला जज नरेंद्र सूरा की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से मौजूद विशेष लोक अभियोजक साइमन बेंजामिन ने इस मांग पर कोई आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने अदालत को बताया कि विभाग को इस बात से कोई एतराज नहीं है कि संजीव अरोड़ा अपनी पसंद के वकील को नियुक्त करें। इसके बाद अदालत ने अर्जी स्वीकार करते हुए जांच अधिकारी को तुरंत आदेश का पालन करने के निर्देश दिए। ED ने 100 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग में किया है गिरफ्तार अदालत ने आदेश में कहा कि जांच अधिकारी मंत्री संजीव अरोड़ा को वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दें। दस्तावेज को विधिवत सत्यापित करें और उसके बाद संबंधित दस्तावेज उनके वकील या परिवार के सदस्य को सौंपें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश का तत्काल प्रभाव से पालन किया जाए। (ईडी) ने करीब 100 करोड़ रुपये के मनी लाॅन्ड्रिंग और फर्जी जीएसटी बिलिंग मामले में पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार देर रात गुरुग्राम पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश व जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत में पेश किया। रिमांड खत्म होने पर 16 मई को अदालत में पेश किया जाएगा रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद आरोपित को 16 मई को अदालत में पेश किया जाएगा। मामला फर्जी कंपनियों के जरिए मोबाइल फोन खरीद-बिक्री के नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जी जीएसटी बिल तैयार करने और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। जांच एजेंसी का दावा है कि संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनियों ने दिल्ली की कथित फर्जी फर्मों के माध्यम से 100 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन किए। इसी सिलसिले में दिल्ली, चंडीगढ़ और गुरुग्राम समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। ईडी ने गुरुग्राम स्थित कुछ कार्यालयों और कारोबारी साझेदारों के परिसरों पर भी कार्रवाई की है। रिमांड अवधि के दौरान ही यह आवेदन दायर किया गया। अदालत ने आदेश की प्रति दोनों पक्षों को तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 मई को निर्धारित है संजीव अरोड़ा को रोजाना एक घंटे वकील से मिलने की अनुमति पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की ईडी रिमांड के दौरान विशेष अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। अदालत ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया है कि हिरासत अवधि के दौरान आरोपित को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 11 बजे तक एक घंटे के लिए अपने वकील से मिलने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही अदालत ने ईडी को मेडिकल अधिकारी द्वारा सलाह दी गई सभी सुविधाएं, दवाइयां और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। विशेष न्यायाधीश नरेंद्र सूरा ने आदेश जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 16 मई तय की है।

नगर निगम चुनाव के बीच विवाद: 1 घंटा 50 मिनट कैमरा बंद, प्रत्याशियों का प्रदर्शन

 पंचकूला  पंचकूला नगर निगम चुनाव के बीच आज सुबह यानी सोमवार (11 मई, 2026) उस समय हड़कंप मच गया, जब सेक्टर-14 स्थित स्टेट गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम का सीसीटीवी कैमरा करीब 1 घंटा 50 मिनट तक बंद रहने की सूचना सामने आई। इस घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों ने मौके पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए। बताया जा रहा है कि नगर निगम चुनाव में इस्तेमाल हुई ईवीएम मशीनें इसी स्ट्रांग रूम में रखी गई हैं। कैमरा बंद होने की जानकारी मिलते ही कांग्रेस मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज सहित कई दलों के और निर्दलीय वार्ड प्रत्याशी मौके पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ सख्त नाराजगी जताई। प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि करीब दो घंटे तक कैमरा बंद रहना बेहद गंभीर मामला है और इससे ईवीएम सुरक्षा को लेकर संदेह पैदा हो रहा है। प्रत्याशियों ने जिला प्रशासन, इलेक्शन ऑब्जर्वर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। मौके पर मौजूद नेताओं और प्रत्याशियों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कैमरा बंद होने के कारणों को सार्वजनिक किया जाए। घटना की सूचना मिलते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालात का जायजा लेने के लिए पंचकूला के विधायक चौ चंद्रमोहन भी मौके पर पहुंचे। वहीं, मामला बढ़ता देख इलेक्शन ऑब्जर्वर और प्रशासनिक अधिकारी भी स्ट्रांग रूम स्थल पर पहुंचे और प्रत्याशियों को समझाने का प्रयास किया। फिलहाल प्रशासन की ओर से कैमरा बंद होने के कारणों को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, जबकि प्रत्याशी लगातार ईवीएम सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

रेंट एग्रीमेंट से इमिग्रेशन तक बड़ा बदलाव, चंडीगढ़ प्रशासन ने लागू किए नए कानून

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में पांच नए कानून लागू किए गए हैं. प्रशासन की तरफ से 6 मई से लागू किए गए इन कानूनों के बाद अब रेंट एग्रीमेंट, फायर सेफ्टी, जमीन रिकॉर्ड, स्टांप ड्यूटी और इमिग्रेशन कारोबार से जुड़े नियम पूरी तरह बदल जाएंगे. चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने गुरुवार को यह जानकारी दी है. मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने बताया कि प्रशासन ने पंजाब इंडियन स्टांप (संशोधन) अधिनियम-2001 व 2003, पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम-2021, पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट-2012 व संशोधन अधिनियम-2014, हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022 और असम टेनेंसी एक्ट-2021 को चंडीगढ़ में लागू किया है. उन्होंनेबताया कि तीन कानून पंजाब, एक हरियाणा से और रेंट कंट्रोल व्यवस्था के तहत असम टेनेंसी एक्ट लागू किया गया है. चंडीगढ़ में असम टेनेंसी एक्ट-2021 लागू होने के बाद कौन सा पुराना कानून समाप्त हो गया?     A पंजाब इंडियन स्टांप एक्ट-2001     B ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट-1949     C हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022       D पंजाब आबादी देह रिकॉर्ड ऑफ राइट्स अधिनियम-2021 नए कानून की वजह से अब चंडीगढ़ में असम टेनेंसी एक्ट-2021 लागू होने पर ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट-1949 खत्म हो गया है. रेंट एग्रीमेंट कानूनः चंडीगढ़ मे अब मकान मालिकों को किरायेदारों के साथ रेंट एग्रीमेंट करना अनिवार्य कर दिया है. प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा. प्रशासन ने बताया कि पोर्टल अगले एक महीने में शुरू होगा. तब तक लोग फिजिकल दस्तावेज जमा कर पंजीकरण कर सकते हैं. रेंट विवाद के निपटारे के लिए रेंट कंट्रोल अथॉरिटी और ट्रिब्यूनल बनाए जाएंगे और सुनवाई जिला स्तर के जज करेंगे. अहम बात है कि अब मकान मालिक मनमर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकेंगे. किराया के विवाद 60 दिन में निपटाए जाएंगे. वहीं, मकान मालिकों को भी अवैध कब्जों से राहत मिलेगी. फर्जी ट्रैवल एजेंटों पर कसेगा शिकंजा चंडीगढ़ मेंने पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट-2012 और संशोधन अधिनियम-2014 भी लागू कर दिया है. गौर रहे कि बहुत से लोग कबूतरबाजी को लेकर शिकायतें देते हैं. ऐसे में अब बिना  रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के इमिग्रेशन ऑफिस या ट्रैवल एजेंट काम नहीं कर पाएंगे. अगर नियम तोड़ा तो तीन से सात साल तक की सजा होगी. दोषी मिलने पर संपत्ति भी अटैच की जाएगी. सभी ट्रैवल एजेंटों और इमिग्रेशन कंपनियों को अपने स्टाफ की पुलिस वेरिफिकेशन करनी होगी. स्टांप चोरी की तो जुर्माना लगेगा पंजाब इंडियन स्टांप संशोधन अधिनियम लागू होने के बाद चंडीगढ़ में अब प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त में अंडर वैल्यूएशन पर सख्ती की जेगी. नए कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति संपत्ति की वास्तविक कीमत छिपाकर कम स्टांप ड्यूटी भरता है तो उस पर संपत्ति की वैल्यू का तीन प्रतिशत जुर्माना लगेगा. गांवों की आबादी देह जमीन का डिजिटल रिकॉर्ड पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम-2021 लागू होने के बाद अब गांवों की आबादी देह वाली जमीनों का रिकॉर्ड लोगों के नाम से तैयार होगा. अभी तक ये जमीनें केवल खसरा नंबरों के आधार पर दर्ज थीं. इसके तहत हर संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. इससे जमीन संबधी विवाद कम हो जाएंगे. फायर सेफ्टी सर्टिफिकेटः चंडीगढ़ ने हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022 को लागू किया है और इससे अब सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैधता पांच साल लागू होगी. अब फायर सेफ्टी अप्रूवल टाइम-बाउंड तरीके से होगे. आधुनिक फायर सेफ्टी उपकरणों होने के बाद ही एनओसी मिलेगी.