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डिजिटल सिस्टम से बदलेगा हरियाणा का राजस्व विभाग, फेसलेस रजिस्ट्रेशन और ई-स्टांप लागू

 चंडीगढ़ हरियाणा में जमीन संबंधी विवादों को सुलझाने के लिए सभी जिलों में राजस्व लोक अदालतें लगाई जाएंगी। इनमें उपायुक्त, एसडीएम व तहसीलदार विवादित पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवादों का समयबद्ध ढंग से समाधान कराने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा तैयार पांच वर्षीय कार्य योजना की समीक्षा करते हुए इस संबंध में निर्देश दिए। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त राजस्व डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राजस्व संबंधी विवादों के शीघ्र समाधान के लिए डिजिटल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग में नई ऑनलाइन सेवाएं शुरू की जाएं। नव-नियुक्त पटवारियों के लिए लैपटाप व टेबलेट की खरीद की जाए और हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं जिससे सभी पटवारी डिजिटल माध्यम से सेवाएं दे सकें। पटवारियों को नई तकनीक व राजस्व कार्यों में पारंगत करने के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र भी खोला जाएगा। प्रदेश में सभी प्रकार के स्टांप की बिक्री ई-स्टांप के माध्यम से की जाएगी। उन व्यक्तियों के लिए फेसलेस रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू की जाएगी जो कहीं बाहर दूसरे राज्यों या विदेश में रहते हैं और रजिस्ट्री के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते हैं। पेपरलैस रजिस्ट्रेशन के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि अब तक चार लाख रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं। किसी भी तहसील में 15 दिन से पुराना कोई भी रजिस्ट्रेशन आवेदन लंबित नहीं है। राजस्व विभाग द्वारा अपने डाटा की स्टोरेज के लिए हारट्रोन के माध्यम से अपडेटिड डाटा सेंटर स्थापित किया जा रहा है जिसके लिए टेंडर किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने शहरी संपत्ति के राजस्व रिकार्ड को प्रॉपर्टी आइडी के साथ लिंक करवाकर सुव्यवस्थित करवाने के भी निर्देश दिए। पोर्टल पर होगा सरकारी जमीन का रिकॉर्ड कृषि विभाग के साथ मिलकर भूमि अभिलेखों का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण और जीयो-टैगिंग का कार्य किया जा रहा है। सभी लैंड पार्सल का यूनिक नंबर जनरेट किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभागों की सरकारी जमीन को पोर्टल पर अपडेट किया जाए। आपदा एवं अग्नि तथा आपात सेवाओं के लिए अलग से विभाग बनाने का प्रस्ताव है। आपदा मित्र योजना आठ जिलों में चल रही है। इसका सभी 23 जिलों तक विस्तार किया जाएगा। आग बुझाने में रोबोट का होगा इस्तेमाल अग्निशमन विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी ने बताया कि सभी जिलों में विदेश की तर्ज पर एआइ आधारित एकीकृत कमांड तथा नियंत्रण केंद्र की स्थापना की जाएगी। अग्निशमन कार्यों में रोबोट के इस्तेमाल की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने अग्निशमन कार्यों में लगे कर्मचारियों का रिस्क कम करने तथा उनके कल्याण हेतु कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।  

नायब सैनी का बड़ा फैसला, महिला सशक्तीकरण सूचकांक से बढ़ेगी सुविधाओं की निगरानी

चंडीगढ़  हरियाणा के सभी जिलों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और उनके बच्चों के लिए क्रेच सेंटर बनाए जाएंगे। जिलावार महिला सशक्तीकरण सूचकांक बनाया जाएगा ताकि पता लग सके कि किस जिले में महिलाओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की आगामी पांच वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। हर बच्चा अपनी आयु के अनुरूप शारीरिक व मानसिक माइलस्टोन कवर कर रहा है या नहीं, यह जांचने के लिए विविध गतिविधियां शुरू कराई जाएंगी। हर आयु वर्ग के बच्चों के लिए बेबी शो तथा स्वास्थ्य प्रतियोगिता शुरू करवाई जाएंगी जिनके विजेता बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। समाज, परिवार व सरकार के प्रतिनिधियों को ऐसे कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की जन्मदर बढ़ाने के लिए जन-जागरूकता की विशेष कार्ययोजना तैयार करे। लिंगानुपात की दर को राष्ट्रीय औसत 933 से अधिक करने के लक्ष्य पूर्ति के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने महिलाओं व बच्चों के लिए अनीमिया जांच का लक्ष्य बढ़ाने तथा जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट्स उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। साथ ही तीन साल तक के बच्चों व स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को विशेष पोषण सामग्री प्रदान करने के संबंध में भी हिदायतें दीं। आंगनबाड़ी वर्कर्स व सहायकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी ने बताया कि इस समय प्रदेश में 25 हजार 962 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें कार्यरत आंगनबाड़ी वर्कर्स व सहायक को महिलाओं व बच्चों से संबंधित कई प्रकार का विवरण ऑनलाइन करना होता है। इसलिए इनकी योग्यता को बढ़ाने तथा आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

सरकारी धन गबन मामले में CBI की कार्रवाई तेज, चंडीगढ़-पंचकूला में तलाशी अभियान

चंडीगड़ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े 590 करोड़ के सरकारी धन गबन मामले में चंडीगढ़ और पंचकूला में कई स्थानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई 14 मई को की गई, जिसमें सरकारी धन के दुरुपयोग और धोखाधड़ी से जुड़े अहम दस्तावेज व डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। सीबीआई के अनुसार, हरियाणा सरकार ने इस मामले की जांच एजेंसी को सौंपी थी। आरोप है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लोक सेवकों के साथ मिलीभगत कर सरकारी धन का गबन किया। जांच में सामने आया है कि धोखाधड़ी के जरिए सरकारी राशि को गलत तरीके से निजी लाभार्थियों तक पहुंचाया गया।   सीबीआई ने इस मामले में कुल सात स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें आवासीय परिसरों के अलावा ज्वैलर्स के शोरूम, संदिग्ध लाभार्थियों के ठिकाने और जांच से जुड़ी अन्य निजी संस्थाओं के परिसर शामिल रहे। तलाशी के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एजेंसी के मुताबिक, इस घोटाले में अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई कई वित्तीय लेनदेन और संदिग्ध नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है तथा जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। सीबीआई ने कहा कि सरकारी धन के कथित गबन से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जांच जारी रहेगी।  

बैंक घोटाले पर CBI का शिकंजा, पंचकूला सहित कई जगह रेड के बाद 16 आरोपियों की गिरफ्तारी

चंडीगढ़. हरियाणा में सरकारी धन के कथित गबन से जुड़े IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ और पंचकूला में कई स्थानों पर छापामारी की है। CBI ने यह कार्रवाई 14 मई 2026 को की, जबकि शुक्रवार को इसकी आधिकारिक जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई। CBI के अनुसार, हरियाणा सरकार ने इस मामले की जांच एजेंसी को सौंपी थी। आरोप है कि IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के लोक सेवकों के साथ मिलीभगत कर धोखाधड़ी के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया। जांच एजेंसी ने कुल सात स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें आरोपितों के आवास, ज्वेलर्स के कारोबारी प्रतिष्ठान और उन लोगों के ठिकाने शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर गबन की गई सरकारी राशि का लाभार्थी माना जा रहा है। इसके अलावा जांच से जुड़े अन्य निजी संस्थानों में भी सर्च ऑपरेशन किया गया। CBI ने दावा किया है कि छापामारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। एजेंसी के अनुसार, जब्त सामग्री में कथित वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रमाण शामिल हैं। CBI ने बताया कि अब तक इस मामले में 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी ने कहा कि जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और कई महत्वपूर्ण सुरागों पर काम जारी है। CBI ने भरोसा दिलाया है कि मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच जल्द पूरी की जाएगी।

शहरों के विकास के लिए बड़ा प्लान! Vipul Goel ने 6240 करोड़ रुपये के निवेश का किया दावा

चंडीगढ़. हरियाणा के निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ प्रमुख रणनीतिकार की भूमिका में रहे शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रदेश की जनता विकास और सुशासन की राजनीति के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने शहरी निकायों में भाजपा की जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकारों के कल्याणकारी फैसलों को देते हुए भरोसा दिलाया कि शहरों के विकास में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। विपुल गोयल ने कहा कि भाजपा ने हर शहरी निकाय का अलग संकल्प पत्र जारी किया था, जिसे धरातल पर लागू करने की प्रक्रिया चुनाव नतीजे आते ही शुरू हो चुकी है। शहरी निकायों में जीत हासिल करने वाले जनप्रतिनिधियों के सम्मान के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विपुल गोयल ने कहा कि हमारी सरकार का विजन और लक्ष्य स्पष्ट है। बजट 6249 करोड़ रुपये किया गया शहरों में विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिछले साल के मुकाबले बजट में 23.01 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 6240.97 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि शहरी निकायों की जीत केवल चुनावी परिणाम नहीं है, बल्कि हरियाणा की जनता द्वारा विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की भाजपा की राजनीति पर जताया गया मजबूत विश्वास है। विपुल गोयल ने कहा कि हरियाणा की जनता ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया है कि वह ऐसी सरकार चाहती है जो जनता के बीच रहकर जनता के हित में कार्य करे और विकास को केवल घोषणाओं तक सीमित न रखकर उसे धरातल तक पहुंचाने का कार्य करे। शहरी निकाय चुनाव से विधानसभा चुनाव की दिशा होगी तय उन्होंने दावा किया कि शहरी निकाय चुनाव से साल 2029 में होने वाले विधानसभा चुनाव की दिशा अभी से तय हो गई है, हालांकि इसमें किसी तरह का संशय नहीं था, लेकिन भाजपा को पूरी तरह से जिताकर और कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों को बुरी तरह से हराकर लोगों ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। निकाय मंत्री ने कहा कि भाजपा ने हर निकाय क्षेत्र में सरकार और संगठन के प्रमुख नेताओं की जिम्मेदारी लगाई थी। ग्रास रूट पर पार्टी के मेहनती कार्यकर्ताओं ने पूरे जी-जान और संकल्प के साथ काम किया। पार्टी हमेशा ऐसे कार्यकर्ताओं की आभारी है, जो जनता के बीच जाकर सरकार और संगठन के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हैं। विपुल गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी निरंतर इस दिशा में प्रयासरत हैं कि हरियाणा में जनसुविधाओं से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था अधिक सशक्त, आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह बने, ताकि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक विकास को आत्मसात कर सके।

हरियाणा में VIP कल्चर पर लगाम, CM नायब सैनी ने घटाया अपने वाहनों का काफिला

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री और मंत्रियों तथा भाजपा के सांसद-विधायकों के वाहनों का काफिला अब छोटा होगा। सप्ताह के एक दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बगैर वाहनों के काम चलाएंगे। अधिकतर सरकारी बैठकें वर्चुअल होंगी ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत की जा सके। मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया पर स्वयं यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर हरियाणा सरकार राष्ट्रहित में ईंधन की बचत और संसाधनों के उचित उपयोग के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में मैंने अपने फ्लीट में न्यूनतम वाहनों के उपयोग का निर्णय लिया है। अगले आदेश तक मेरे कारकेड में सुरक्षा की दृष्टि से केवल आवश्यक वाहन ही शामिल होंगे। साथ ही सप्ताह में एक दिन बिना किसी वाहन के कार्य करने का भी संकल्प लिया है। वाहनों का काफिला अब छोटा होगा इस फैसले के बाद अब मुख्यमंत्री और मंत्रियों तथा बीजेपी के सांसद-विधायकों के वाहनों का काफिला अब छोटा होगा। सप्ताह के एक दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बगैर वाहनों के काम चलाएंगे। अधिकतर सरकारी बैठकें वर्चुअल होंगी ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत की जा सके। मुख्यमंत्री ने इसकी जानकारी कुध इंटरनेट मीडिया के जरिए साझा की है। ज्यादातर बैठकें ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करें सीएम नायब सिंह सैनी ने यह भी कहा कि सभी विभागों के मंत्री और अधिकारी यात्रा के दौरान सीमित संख्या में वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने सभी मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों से आग्रह किया कि वे बैठकें ज्यादातर ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में, मैंने अपने काफिले में कम से कम वाहनों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। अगले आदेश तक, मेरे काफिले में केवल सुरक्षा उद्देश्यों के लिए आवश्यक वाहन ही शामिल किए जाएंगे। हरियाणा की जनता से की अपील मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा की जनता से भी अपील की है। उन्होंने कहा कि मैं सभी हरियाणा वासियों से भी निवेदन करता हूं कि अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। ईंधन बचत के इस अभियान में आप सभी सहभागी बनकर देशहित में अपना योगदान दें। मंत्रीगण और अधिकारी भी यात्रा करेंगे सीमित हरियाणा सरकार के सभी मंत्रीगण एवं सभी विभागों के अधिकारी भी यात्रा के दौरान सीमित वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करेंगे। सभी मंत्रियों, विधायकों एवं अधिकारियों से आग्रह किया है कि अधिकतम बैठकों का आयोजन वर्चुअल माध्यम से करें तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा या बैठक करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं प्रदेशवासियों से भी निवेदन करता हूं कि अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और ईंधन बचत के इस अभियान में सहभागी बनकर देशहित में अपना योगदान दें।  

मोदी के ‘ईंधन बचाओ’ संदेश का असर, नेताओं ने छोड़ी लग्जरी गाड़ियां; साइकिल-ट्रेन से किया सफर

चंडीगढ़  हरियाणा में बृहस्स्पतिवार को सत्ता और सादगी की एक अलग तस्वीर देखने को मिली। आम दिनों में लंबी-लंबी गाड़ियों के काफिलों के बीच चलने वाले मंत्री और वीआईपी इस बार सीमित वाहनों के साथ नजर आए। कहीं मंत्री साइकिल से कार्यक्रम में पहुंचे तो कहीं विधायक ट्रेन में सफर करते दिखाई दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचत और सरकारी संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील के बाद हरियाणा सरकार ने वीआईपी कल्चर में कटौती की शुरुआत कर दी है। इसका सबसे बड़ा असर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले में दिखाई दिया। जहां पहले मुख्यमंत्री के काफिले में 14 से 15 गाड़ियां चलती थीं, वहीं गुरुवार को उनका काफिला केवल चार वाहनों तक सीमित नजर आया। मुख्यमंत्री आवास से निकलते समय सुरक्षा और आवश्यक स्टाफ के वाहन ही साथ रखे गए। सीएम बोले – जरूरत भर वाहन ही चलेंगे मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सरकारी खर्च और ईंधन की बचत को लेकर बड़ा संदेश देते हुए घोषणा की है कि अगले आदेश तक उनके कारकेड में केवल जरूरी वाहन ही शामिल किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सप्ताह में एक दिन बिना सरकारी वाहन के काम करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही सभी मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों से भी सीमित वाहनों का उपयोग करने और अधिक से अधिक बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने की अपील की गई है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल सरकारी खर्च कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। सरकार के इस संदेश का असर मंत्रियों और विधायकों के व्यवहार में भी दिखाई दिया। पंचकूला स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित निकाय चुनाव सम्मान समारोह में कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा साइकिल पर सवार होकर पहुंचे। उनके साथ कार्यकर्ताओं ने भी साइकिल यात्रा की। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि भाजपा केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जनहित के संदेशों को व्यवहार में लागू करके उदाहरण पेश करना चाहती है। वहीं पानीपत से विधायक प्रमोद विज भी अपनी निजी गाड़ी के बजाय ट्रेन से चंडीगढ़ पहुंचे। इसे भी सरकार के ‘कम खर्च, कम ईंधन’ अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों के वाहनों की भी होगी समीक्षा मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रातोंरात विभिन्न विभागों में वीआईपी और वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए वाहनों की समीक्षा शुरू कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक, जिन अधिकारियों और विभागों के पास एक से ज्यादा वाहन हैं, वहां उनकी संख्या कम की जाएगी। कई विभागों में अतिरिक्त गाड़ियों को हटाने और सीमित उपयोग की नई व्यवस्था लागू करने पर काम शुरू हो चुका है। सरकार का फोकस यह संदेश देने पर है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही होना चाहिए। सुरक्षा से समझौता नहीं, फिजूलखर्ची पर रोक मुख्यमंत्री को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है और प्रोटोकॉल के अनुसार उनके साथ बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं। इसके बावजूद सरकार ने सुरक्षा से समझौता किए बिना काफिले को छोटा करने का निर्णय लिया है। आमतौर पर मुख्यमंत्री के साथ सुरक्षा, स्टाफ और पायलट वाहनों सहित लंबा काफिला चलता था, लेकिन अब केवल आवश्यक गाड़ियों को ही शामिल किया जा रहा है। जानकार इसे सरकार की ‘लो-प्रोफाइल गवर्नेंस’ रणनीति के रूप में देख रहे हैं, जिसके जरिए जनता के बीच सादगी और जवाबदेही का संदेश देने की कोशिश की जा रही है।  

BJP ने हरियाणा निकाय चुनाव में कैसे मारी बाजी? कांग्रेस की हार के पीछे ये बड़ी वजहें

चंडीगढ़  हरियाणा नगर निकाय चुनावों में बीजेपी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। शहरी वोटरों के बीच संगठन की मजबूत रणनीति, बूथ स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ता और विकास के मुद्दों ने बीजेपी को बढ़त दिलाई। दूसरी ओर कांग्रेस अंदरूनी गुटबाजी, कमजोर चुनावी रणनीति और स्थानीय नेतृत्व की कमी से जूझती नजर आई। कई सीटों पर कांग्रेस मजबूत मुकाबला देने में भी असफल रही। बीजेपी ने अंबाला सिटी, सोनीपत और पंचकूला में जीत दर्ज की, जिससे शहरी क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत हुई। हुड्डा के गढ़ में भी बीजेपी ने मारी बाजी बीजेपी ने अन्य नगर निकाय चुनावों में भी शानदार प्रदर्शन किया। इसमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ सांपला नगर समिति में अध्यक्ष पद जीतना, रेवाड़ी और धारूहेरा में जीत हासिल करना शामिल है। पंचकूला में भाजपा के महापौर उम्मीदवार शाम लाल बंसल और 17 वार्ड उम्मीदवारों ने नगर निगम चुनावों में एकतरफा जीत दर्ज की। बीजेपी ने रेवाड़ी सोनीपत में भी मारी बाजी     रेवाड़ी नगर परिषद चुनावों में बीजेपी की उम्मीदवार विनीता पिप्पल ने 21,000 से अधिक वोटों के प्रभावशाली अंतर से अध्यक्ष पद जीता।     सोनीपत में बीजेपी ने नगर निगम के 22 वार्डों में से 16 पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस ने शेष छह सीटें जीतीं।     बीजेपी उम्मीदवार राजीव जैन ने महापौर का चुनाव जीता।     बीजेपी उम्मीदवार अर्चना छिब्बर ने वार्ड संख्या 6 से जीत हासिल की, जबकि पार्टी ने अंबाला नगर निगम के 16 वार्डों में, कांग्रेस ने तीन वार्डों में और निर्दलीय उम्मीदवारों ने एक वार्ड में जीत दर्ज की। सीएम नायब सैनी ने किसे दिया जीत का श्रेय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नगर निगम चुनावों में विजयी सभी उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जनता ने इन चुनावों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की नीतियों पर अपनी मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर में लगातार भाजपा सरकारें बन रही हैं। प्रधानमंत्री की नीतियों पर जनता का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और कांग्रेस ने झूठ के जरिए जनता को गुमराह करना जारी रखा, लेकिन अब जनता ने उसका असली चेहरा पहचान लिया है। विज ने विजेताओं को दी बधाई हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने राज्य में हुए नगर निकाय चुनावों में विजयी बीजेपी के सभी उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ बीजेपी उम्मीदवारों की नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लागू की जा रही विकास, सुशासन और कल्याणकारी नीतियों में जनता के विश्वास की जीत है। विज ने विशेष रूप से बीजेपी के विजयी महापौर उम्मीदवार अंबाला शहर से अक्षिता सैनी, सोनीपत से राजीव जैन और पंचकूला से श्यामलाल बंसल को बधाई दी और कहा कि जनता ने विकास और पारदर्शी प्रशासन के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है।

BJP को लगा बड़ा झटका: CM नायब सैनी समेत दिग्गजों के प्रचार के बावजूद 23 वर्षीय रीमा ने मारी बाजी

चंडीगढ़  भाजपा ने हरियाणा में विधानसभा चुनाव और पंचायतों में परचम लहराने के बाद स्थानीय निकाय के चुनावों में भी जीत हासिल की है। पंचकूला, हिसार, अंबाला और सोनीपत समेत कुल 6 जिलों में भाजपा ने बड़ी जीत पाई। फिर भी एक नतीजे ने भाजपा को ही नहीं बल्कि सभी को चौंका दिया है। हिसार के उकलाना में भाजपा कैंडिडेट निकिता गोयल को 23 साल की लड़की रीमा सोनी ने हरा दिया। इस नतीजे की पूरे हरियाणा में चर्चा हो रही है कि आखिर रीमा सोनी ने कैसे भाजपा के विजय रथ को रोक दिया। उकलाना में वैश्य समुदाय के लोगों की अच्छी खासी आबादी है, फिर भी भाजपा कैंडिडेट का यहां हार जाना उल्लेखनीय है। यही नहीं यह हार इसलिए भी अहम है क्योंकि उकलाना के चेयरमैन पद के लिए भाजपा से वरिष्ठ नेता श्रीनिवास गोयल की बहू निकिता गोयल को उम्मीदवार बनाया गया था। उन्हें रीमा सोनी ने 2,806 वोटों से हरा दिया। सोनी को कुल 7078 वोट मिले हैं, जबकि गोयल को 4272 वोट हासिल हुए। इस नतीजे से भाजपा के वरिष्ठ नेता भी हैरान हैं और तय माना जा रहा है कि पार्टी इसकी समीक्षा करेगी। इसकी वजह यह है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी यहां प्रचार के लिए पहुंचे थे। इस चुनाव में कुल 15,507 पंजीकरण वोटर थे, जबकि 11,744 वोटरों ने मतदान किया। इस तरह यहां कुल 75 फीसदी वोटिंग हुई। इस चुनाव में सीएम नायब सिंह सैनी के अलावा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली, कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा और कृष्ण बेदी भी प्रचार में उतरे थे। इसके अलावा राज्यसभा के मेंबर सुभाष बराला और संजय भाटिया भी पहुंचे थे। ऐसे में इतने दिग्गज नेताओं के प्रचार के बाद भी निकिता गोयल को 4 हजार वोट मिलना पार्टी के लिए झटके की तरह है। सीएम सैनी ने खुद इलाके में 4 जनसभाओं को संबोधित किया था। वहीं रीमा सोनी के पक्ष में स्थानीय विधायक नरेश सेलवाल प्रचार में थे। रीमा सोनी निर्दलीय उतरी थीं, लेकिन सेलवाल के समर्थन के साथ ही कांग्रेस के वोटर उनके पक्ष में आ गए थे। फिर बाकी कसर इनेलो के समर्थन ने पूरी कर दी। बनिया बनाम गैर बनिया हुआ चुनाव और बदले समीकरण इसके अलावा भाजपा सूत्रों का कहना है कि यह चुनाव बनिया बनाम गैर बनिया हो गया था। इसका असर हुआ कि वैश्य समुदाय से इतर अन्य मतदाताओं का रुझान रीमा सोनी की ओर हो गया। इसके कारण रीमा ने कुल 16 में से 14 वार्डों में गोयल को हरा दिया। यही नहीं गोयल परिवार का घर उकलाना मंडी में है और इस वार्ड में भी निकिता को हार मिली। वोटों की गिनती कुल 4 राउंड में हुई, लेकिन निकिता गोयल ने मैदान तभी छोड़ दिया जब वह शुरुआती दो राउंड में पिछड़ती हुई दिखीं। सूत्रों का कहना है कि ग्रैजुएशन पूरी करने के बाद रीमा सोनी सिविल सेवा की तैयारी कर रही हैं। उनके पिता महेंदर सोनी एक सुनार हैं और 2006 से पार्षद भी हैं। रीमा के प्रचार में उनका भी अहम योगदान रहा।

अंबाला एमसी कॉलोनी में जादू-टोना विवाद के कारण बहनों पर हमला

अंबाला अंधविश्वास और आपसी रंजिश का खतरनाक रूप मंगलवार को अंबाला शहर की एमसी कॉलोनी में देखने को मिला। अशोक विहार स्थित तंबाकू फैक्ट्री के सामने बनी कॉलोनी में पड़ोसियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दो सगी बहनों पर ईंटों से हमला कर दिया गया। हमले में दोनों बहनें गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनके सिर फट गए। स्थिति यह थी की पूरी गली खून से सन गई थी। दोनों को लहूलुहान हालत में नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल युवतियों की पहचान कविता (23) और मन्नत (22) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस चौकी नंबर-1 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच शुरू कर दी। आरोपितों में पड़ोस में रहने वाले दो दंपती बताए जा रहे हैं। जादू-टोना करते देखा तो शुरू हुआ विवाद घायल कविता ने आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाला परिवार लंबे समय से उनके घर के आसपास जादू-टोना जैसी गतिविधियां करता था। मंगलवार सुबह भी परिवार के कुछ लोगों को कथित रूप से कमरे में ऐसी हरकत करते हुए देखा गया। जब उनके परिजनों ने इसका विरोध किया और समझाने की कोशिश की तो आरोपित भड़क गए। कविता के अनुसार आरोपितों ने पहले गाली-गलौज की और फिर जान से मारने की धमकी देने लगे। मंगलवार को जब वह किसी काम से बाहर जाने के लिए निकली तो आरोपितों ने ईंटों से हमला कर दिया। ड्यूटी पर था भाई, फोन आया तो उड़े होश घायल बहनों के भाई सेठी कुमार ने बताया कि वह नगर निगम में अस्थायी सफाई कर्मचारी है। मंगलवार को घटना के समय ड्यूटी पर गया हुआ था। शाम करीब साढ़े चार बजे उसे फोन पर सूचना मिली कि पड़ोसियों ने उसकी दोनों बहनों पर हमला कर दिया है। जब वह घर पहुंचा तो दोनों बहनें खून से लथपथ हालत में पड़ी थीं। उसने बताया कि घर पर आए उसकी दीदी और जीजा भी बीचबचाव के दौरान चोटिल हो गए। अस्पताल में उपचार जारी, पुलिस जांच में जुटी घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डाक्टरों के अनुसार दोनों बहनों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।