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मंडी में पूरी तैयारी: गेहूं खरीद शुरू, किसानों को मिलेगा समय पर पैसा

कैथल. कैथल की अनाज मंडी में गेहूं व सरसों की खरीद को लेकर मंडी प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडी परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है। मंडी का निरीक्षण करने पर साफ दिखाई दिया कि प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। मार्केट कमेटी सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि गेहूं की खरीद निर्धारित समय पर शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले सरसों की खरीद के लिए भी मंडी में अलग से सेंटर स्थापित किया गया है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि इस बार मौसम के कारण गेहूं की फसल मंडी में थोड़ी देरी से आने की संभावना है, लेकिन खरीद प्रक्रिया को लेकर सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। मंडी में पानी, बिजली, शेड और सफाई व्यवस्था को विशेष रूप से बेहतर बनाया गया है। सचिव ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी गेहूं व सरसों की फसल को अच्छी तरह साफ व सुखाकर ही मंडी में लाएं, ताकि खरीद के दौरान किसी प्रकार की कटौती या परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को खरीद के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी और उनकी उपज का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

कचरे के ढेर से उगी हरियाली: चरखी दादरी में स्वच्छता की मिसाल

भिवानी. दादरी रोड स्थित नगर परिषद का कचरा निस्तारण केंद्र जो लंबे समय से प्रदूषण और अव्यवस्था का प्रतीक बना हुआ था, अब हरियाली की ओर कदम बढ़ा रहा है। नगर परिषद और श्रीश्याम वेस्ट मेनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर यहां ग्रीन बेल्ट विकसित करने की शुरुआत की है। इस पहल के तहत बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है, जिससे न केवल प्रदूषण कम करने बल्कि क्षेत्र को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की उम्मीद जगी है। दादरी का कचरा निस्तारण केंद्र लंबे समय से आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था। यहां से उठने वाली दुर्गंध और फैलता प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा था। अब ग्रीन बेल्ट विकसित करने की शुरुआत से स्थिति में सुधार की उम्मीद है। लगाए जा रहे पौधे हवा को शुद्ध करने और दुर्गंध को कम करने में सहायक होंगे। यदि यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है और वर्षों पुरानी समस्या से निजात मिलने की संभावना बनेगी। निजी कंपनी ने उठाया जिम्मा, बड़े स्तर पर पौधारोपण ग्रीन बेल्ट विकसित करने का जिम्मा श्रीश्याम वेस्ट मेनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है, जिसने इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। कंपनी की तरफ से विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं, जो स्थानीय जलवायु के अनुकूल हैं। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पौधों की नियमित देखभाल और सिंचाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह पहल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाली योजना है, जिससे कचरा निस्तारण केंद्र को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। वर्षों से उपेक्षित स्थल को हरित क्षेत्र में बदलने की कवायद यह स्थल लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहा है, जहां कचरे के ढेर और गंदगी आम बात थी। अब इसे हरित क्षेत्र में बदलने की योजना प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल हो गई है। ग्रीन बेल्ट बनने से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि क्षेत्र का स्वरूप भी बदलेगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना की सफलता पौधों की निरंतर देखभाल और निगरानी पर निर्भर करेगी। यदि प्रयास आधे-अधूरे रहे, तो यह पहल भी अन्य योजनाओं की तरह कागजों तक सीमित रह सकती है। ग्रीन बेल्ट से मिलेंगे बड़े फायदे, लेकिन निगरानी जरूरी ग्रीन बेल्ट विकसित होने से क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम होगा और आक्सीजन का स्तर बढ़ेगा, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा। पेड़-पौधे धूल और जहरीली गैसों को अवशोषित कर वातावरण को स्वच्छ बनाते हैं। इसके अलावा यह तापमान को नियंत्रित करने और शोर प्रदूषण कम करने में भी मददगार होता है। हालांकि, इन लाभों को स्थायी बनाने के लिए जरूरी है कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल हो और योजना को गंभीरता से लागू किया जाए, अन्यथा इसका अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाएगा। प्रदूषण नियंत्रित करना उद्देश्य  दादरी रोड स्थित कचरा निस्तारण केंद्र को ग्रीन बेल्ट में बदलने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में फैल रहे प्रदूषण को नियंत्रित करना और वातावरण को स्वच्छ बनाना है। श्रीश्याम वेस्ट मेनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है। लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और निगरानी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह परियोजना सफल हो सके और आने वाले समय में क्षेत्र को हरित और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके। – भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद

समाज को संदेश: भिवानी में किन्नर बच्चे का धूमधाम से जन्मोत्सव, संतों ने दिया आशीर्वाद

भिवानी. अक्सर समाज के हाशिए पर रहने वाले किन्नर समुदाय ने भिवानी की धरती से एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने ममता और स्वीकार्यता की नई परिभाषा गढ़ी है। गुरुवार को शहर की गलियां उस समय खुशियों से सराबोर हो गईं, जब किन्नर समाज ने नवजात बच्चे का विधि-विधान के साथ कुआं पूजन किया। यह उत्सव केवल एक परंपरा का निर्वहन नहीं था, बल्कि उन संकीर्ण विचारधाराओं को करारा जवाब था, जो किन्नर बच्चों को तिरस्कार की दृष्टि से देखते हैं। गौरतलब होगा कि किन्नर बच्चे का कुआं पूजन कार्यक्रम भिवानी ही नहीं, अपितु हरियाणा प्रदेश में पहली बार किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व किन्नर समाज की महंत बुलबुल ने किया। जीतू वाला जोहड़ स्थित किन्नर समाज आश्रम से शुरू हुआ यह उत्सव ढोल-नंगाड़ों की थाप और मंगल गीतों के साथ कृष्णा कालोनी स्थित स्वर्ग आश्रम तक पहुंचा। नाचते-गाते समुदाय के सदस्यों ने यह संदेश दिया कि हर बच्चा ईश्वर का रूप है और उसका स्वागत उसी भव्यता से होना चाहिए जैसा किसी भी अन्य बच्चे का होता है। इस दौरान आश्रम में हवन एवं नामकरण कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ। विचारधारा हो जाती है संकीर्ण: महंत बुलबुल महंत बुलबुल ने समाज की कड़वी सच्चाई को साझा करते हुए कहा कि अक्सर देखा जाता है कि किन्नर बच्चे के जन्म लेते ही उसके प्रति समाज और परिवार की विचारधारा संकीर्ण हो जाती है। कई बार तो जन्म से ही उनका शोषण शुरू हो जाता है। हमने भिवानी से एक मुहिम शुरू की है कि यदि किसी के घर किन्नर बच्चा पैदा होता है, तो उसे लावारिस छोड़ने या प्रताड़ित करने के बजाय हमें सौंप दें। उन्होंने आगे कहा कि हम उसका पालन-पोषण अपनी संतान की तरह करेंगे। इस अवसर पर नवजात को महंत खुशी, तनीषा, तेजशिया, काजल, सोना, मन्नत, मीनाक्षी, रेखा, रचना, रेशमा सहित सभी महंतों ने अपना आशीर्वाद दिया।

राज्यसभा क्रॉस वोटिंग के बाद मेवात में सियासी गर्मी, 2 मुस्लिम विधायक भाजपा में शामिल होने की ओर

मेवात  हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोपों ने मेवात की राजनीति को गरमा दिया है। यहां से कांग्रेस के दो विधायकों के नाम सामने आने के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। गांव की चौपाल से लेकर सोशल मीडिया तक इस मुद्दे पर बहस जारी है। भाजपा इसे अपने विस्तार के अवसर के रूप में देख रही है। कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया है, जिनमें जिला पलवल की हथीन सीट से विधायक इसराइल और जिला नूंह की पुन्हाना सीट से विधायक इलियास शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि इन विधायकों ने आधिकारिक उम्मीदवार के बजाय दूसरे प्रत्याशी को वोट दिया। इसके बाद पार्टी ने सभी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। इसराइल ने साफ किया है कि उन्होंने अपनी पसंद से वोट दिया और यह उनका अधिकार है। उन्होंने फिलहाल पार्टी छोड़ने की अटकलों से इनकार किया है और कहा कि आगे का फैसला जनता की राय के अनुसार होगा। इलियास की सक्रियता से बढ़ी अटकलें विधायक इलियास की हालिया गतिविधियों ने सियासी अटकलों को और हवा दे दी है। बुधवार को मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात को कई लोग नए राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। चर्चा है कि वह अपने बेटे को राजनीति में आगे लाने की योजना बना रहे हैं और इसके लिए पार्टी बदलने का विकल्प भी खुला रख सकते हैं। हालांकि, उन्होंने इस पर सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है, लेकिन उनके कदमों पर सभी की नजर बनी हुई है। भाजपा की नजर मेवात के सियासी समीकरण पर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा मेवात क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। क्रॉस वोटिंग की घटना को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। यह भी चर्चा है कि जिस निर्दलीय उम्मीदवार को वोट मिला, उसे भाजपा का समर्थन प्राप्त था। ऐसे में कांग्रेस विधायकों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। भाजपा लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है और अब उसे नए अवसर दिखाई दे रहे हैं। क्रॉस वोटिंग मामला हाईकमान तक पहुंचा सूत्रों के अनुसार हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग का मामला अब राहुल गांधी तक पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा के सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया है, जहां विस्तार से चर्चा होगी। जिन पांच विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोप हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। पार्टी उन्हें निष्कासित करने या इस्तीफा लेने का फैसला भी कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो प्रदेश में उपचुनाव की स्थिति बन सकती है। दल बदल की पुरानी परंपरा, नए संकेत मेवात में पहले भी कई बड़े नेता कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। जाकिर हुसैन, आजाद मोहम्मद, नसीम और एजाज जैसे नाम इसके उदाहरण हैं। ऐसे में मौजूदा घटनाक्रम को भी उसी क्रम में देखा जा रहा है। भाजपा इस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए स्थानीय प्रभावशाली नेताओं को साथ जोड़ने की रणनीति पर लगातार काम कर रही है।

7 जिलों के गरीब छात्रों के लिए बड़ी राहत: हरियाणा सरकार ने स्कूलों को जारी किए 13.88 करोड़

चंडीगढ़. प्रदेश सरकार ने नियम 134 ए के तहत गरीबों को पढ़ाने वाले सात जिलों के निजी स्कूलों के लिए 13.88 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। अंबाला, फतेहाबाद, गुरुग्राम, कैथल, महेंद्रगढ़, पंचकूला और रोहतक के 334 स्कूलों को फीस की प्रतिपूर्ति की जाएगी। प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बकाया राशि जारी करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षामंत्री महीपाल ढांडा का आभार जताते हुए बाकी जिलों का पैसा भी जल्द जारी करने की मांग की है। शिक्षा विभाग पहले ही नियम 134 के तहत बच्चों को पढ़ाने वाले निजी स्कूलों को फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 30 करोड़ रुपये स्वीकृत कर चुका है। शैक्षणिक सत्र 2015-16, 2016-17 और 2017-18 के लिए नियम 134-ए के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित निजी स्कूलों को दूसरी से पांचवीं तक के लिए 200 रुपये प्रति छात्र की दर से और कक्षा छठी से आठवीं तक के छात्रों के लिए 300 रुपये प्रति छात्र की दर से प्रतिपूर्ति की जाएगी। शहरी क्षेत्रों में दूसरी से पांचवीं तक 300 रुपये प्रति छात्र और छठी से आठवीं तक 400 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2018-19 से 2020-21 के लिए गांवों में स्थित स्कूलों को दूसरी से पांचवीं तक के छात्रों के लिए 300 रुपये और छठी से आठवीं तक के छात्रों के लिए 500 रुपये प्रति छात्र दिए जाएंगे।

काम में कसावट के लिए सख्त कदम: हरियाणा में 63 अफसरों का ट्रांसफर

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 21 आईएएस और 42 एचसीएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां कर दी हैं। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं और सभी बदलाव तुरंत लागू कर दिए गए हैं। सरकार ने इस फेरबदल के जरिए कई विभागों और जिलों में कामकाज को और मजबूत करने की कोशिश की है। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कई अधिकारियों को अहम पदों पर नई तैनाती मिली है। इन अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी जारी आदेशों के मुताबिक, आईएएस अधिकारी अमित कुमार अग्रवाल को उनके मौजूदा काम के साथ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का सदस्य सचिव बनाया गया है। गीता भारती को हिसार मंडल का आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, रवि प्रकाश गुप्ता को शहरी संपदा विभाग का सचिव और गुरुग्राम मंडल का आयुक्त बनाया गया है। नरहरि सिंह बांगड़ को कंफेड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। सत्येंद्र दुहान को कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग में निदेशक और अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। सतबीर सिंह को फायर सर्विसेज का निदेशक और आयुष्मान भारत हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है। जिलों और विभागों में भी बदलाव वंदना डिसोदिया को गृह विभाग में अतिरिक्त सचिव के साथ हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की प्रबंध निदेशक बनाया गया है। जयदीप कुमार को पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग में अतिरिक्त सचिव लगाया गया है। लक्षित सरीन को हांसी में एडीसी-कम-डीसीआरआईओ के साथ जिला नगर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। 

इंडस्ट्रियल बूस्ट: हरियाणा में लीज पर प्लॉट की योजना को CM सैनी की हरी झंडी

चंडीगढ़. नए उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने नव उद्यमियों को लीज पर प्लाट देने का बड़ा निर्णय लिया है। हरियाणा के 23 जिलों में करीब एक दर्जन जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पड़ते हैं। यहां जमीन के रेट बहुत अधिक हैं, जिस कारण उद्यमियों के लिए नये उद्यम लगाना आसान नहीं है। प्रदेश सरकार ने उद्यमियों की इस समस्या को समझते हुए नये वित्तीय वर्ष में लैंड आन लीज नीति लागू करने का फैसला किया है। हरियाणा सरकार की लैंड आन लीज नीति के तहत उद्यमियों को लंबी अवधि के लिए लीज पर प्लाट किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर इन प्लाटों को फ्री-होल्ड में परिवर्तित करने की सुविधा उद्यमियों को मिलेगी। हरियाणा औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआइआइडीसी) की और से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त व सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल की देखरेख में लैंड आन लीज नीति तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साल 2026-27 के बजट में इस नीति की घोषणा की है। बजट पूर्व परामर्श बैठकों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को उद्यमियों ने महंगी जमीन होने की समस्या से अवगत कराया था, जिसके बाद सरकार ने लैंड आन लीज नीति तैयार करने का निर्णय लिया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर के प्रस्ताव के अंतर्गत नये उद्योगों की स्थापना और इकाइयों के शीघ्र परिचालन को बढ़ावा देने के लिए एचएसआइआइडीसी द्वारा प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग एंड प्ले सुविधाओं के साथ औद्योगिक फैक्ट्रियां व शेड भी विकसित होंगे। निवेशकों को 45 कार्यदिवसों के भीतर एक डिजिटल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। बता दें, कोविड के बाद उपजी कठिनाइयों का अभी तक भी सामना कर रहे एचएसआइआइडीसी के 500 से अधिक प्लाटधारकों पर रिजंपशन की तलवार लटकी हुई है। उन्हें राहत देते हुए हरियाणा सरकार ने निर्माण की समय सीमा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। हरियाणा में औद्योगिक निवेश की अपार संभावना है। दिल्ली के नजदीक होने के कारण राज्य के शहर काफी उत्पादक श्रेणी में आते हैं। निवेशकों को विभिन्न विभागों के चक्कर काटने से बचाने को सरकार ने फरीदावाद, गुरुग्राम, मानेसर व रेवाड़ी में सभी संबंधित विभागों के संयुक्त औद्योगिक सचिवालय वनाने का फैसला किया है। कामकाजी महिलाओं के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में 10 आधुनिक मातृ शक्ति औद्योगिक क्रेच नेटवर्क शुरू करने की योजना है।

रोजगार में डिजिटल क्रांति: हरियाणा में ITI युवाओं को ऑनलाइन पोर्टल से मिलेगा जॉब

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। आईटीआई से पास होने वाले युवाओं का पूरा डाटा डिजिटल पोर्टल लांच होगा। इस पोर्टल के माध्यम से उद्योगों को प्रशिक्षित युवाओं की जानकारी मिलेगी, जिससे उन्हें सीधे रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए है। सीएम ने कहा कि हर जिले में बड़े स्तर पर रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे और इसके लिए विभाग कैलेंडर भी जारी करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटीआई पास युवाओं और इंटर्नशिप करने वाले छात्रों की ट्रैकिंग की जाए, ताकि यह पता चल सके कि उन्हें रोजगार मिला या नहीं। बैठक में विभाग के मंत्री गौरव गौतम भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान आईटीआई संस्थानों के उन्नयन, भवन मरम्मत, नई लैब, प्रशिक्षकों की ट्रेनिंग और उद्योगों के साथ समझौते जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में पढ़ाई के साथ-साथ हुनर होना जरूरी है, ताकि वे रोजगार के योग्य बन सकें। स्किल पर जोर, ट्रेनिंग लेने वालों को मिलेगा प्राथमिकता से काम : सीएम सैनी ने कहा कि आने वाले समय में स्किल्ड युवाओं की मांग बढ़ेगी, इसलिए आईटीआई में नई तकनीक और एआई से जुड़े कोर्स शुरू किए जाएं। पुरानी मशीनरी को बदलने और इंस्ट्रक्टरों को नई तकनीक की ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि सक्षम योजना के तहत ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर काम और कॉन्ट्रैक्ट दिए जाएंगे।

हरियाणा के खिलाड़ियों को बड़ा तोहफा, खातों में पहुंचेगा 1.66 करोड़ का खुराक भत्ता

कैथल. खेल विभाग मुख्यालय की तरफ से 22 जिलों के 74 हजार 884 नर्सरी खिलाड़ियों के लिए 12.72 करोड़ रुपये का बजट जिला स्तर पर जारी किया जा चुका है। इनमें कैथल के 6302 खिलाड़ियों को एक करोड़ 66 लाख रुपये की राशि मिलेगी। खिलाड़ियों के खातों में यह राशि भेजने के लिए जिला खिल विभाग की तरफ से कागजी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इस सप्ताह खिलाड़ियों के खातों में राशि पहुंच जाएगी। नर्सरी खिलाड़ियों की यूनिक आइडी सहित अन्य जानकारी ली जा चुकी है। यह राशि जुलाई 2025 से सितंबर 2025 की है। पिछले सेशन के दौरान खेल नर्सरी में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को अभी तक भी खुराक भत्ता जारी नहीं किया गया था। अब तीन महीने की राशि खिलाड़ियों को मिल जाएगी। उम्मीद है जल्द ही बकाया पांच महीने की राशि भी जारी की जाएगी। इस समय प्रदेश में खेल नर्सरी नहीं चल रही हैं। फरवरी और मार्च में नर्सरी बंद रहती हैं और अप्रैल में इन्हें दोबारा से शुरू किया जाएगा। खिलाड़ी कई बार मांग कर चुके हैं कि उन्हें खुराक भत्ता की राशि हर माह दी जानी चाहिए। एक खेल नर्सरी में 25 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। विभाग की तरफ से आठ से 14 साल के खिलाड़ी को 1500 रुपये और 15 से 19 साल के खिलाड़ी को दो हजार रुपये महीना खुराक भत्ता दिया जाता है। नर्सरी में खिलाड़ियों को सुबह-शाम खेलों का अभ्यास करवाया जाता है। ग्रामीण एरिया के खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा फायदा होता है। खेल विभाग की तरफ से अप्रैल में नई खेल नर्सरी शुरू कर दी जाएंगी। इसके लिए डिप्टी डायरेक्टर स्तर पर नर्सरी के लिए आवेदनों की जांच पूरी हो चुकी है। जिला खेल विभाग के पास विभिन्न खेलों के 279 आवेदन आए थे। इनमें से 89 आवेदन कमियां मिलने के कारण रद कर दिए गए थे। कुल 190 आवेदनों को पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इनमें से 71 खेल नर्सरी पंचायत, 77 खेल नर्सरी सरकारी स्कूल और 42 खेल नर्सरी निजी शिक्षण संस्थानों के लिए पास की गई थी। अब 190 में से कितनी नर्सरी शुरू होंगी इसका अंतिम फैसला मुख्यालय की तरफ से लिया जाएगा। उम्मीद है जल्द ही नर्सरी की लिस्ट जारी हो जाएगी। बता दें कि पिछले सेशन में जिले में 100 नर्सरी शुरू हुई थी। इनमें से 22 नर्सरी सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों और 78 नर्सरी सरकारी स्कूलों व पंचायतों में शुरू की गई थी। पहले प्रदेश में करीब 1500 खेल नर्सरी थी और इस बार 2000 नर्सरी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिला खेल अधिकारी राजरानी ने कहा कि खेल विभाग मुख्यालय की तरफ से नर्सरी खिलाड़ियों के लिए तीन माह का खुराक भत्ता बजट भेजा हुआ है। जल्द ही खिलाड़ियों के खातों राशि भेज दी जाएगी। इसके लिए कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उम्मीद है अप्रैल में नई खेल नर्सरी भी शुरू हो जाएंगी।

महिलाओं को मिली कमान: पानीपत की सड़कों पर दौड़ेंगे पिंक ऑटो, बढ़ेगी सुरक्षा और रोजगार

पानीपत. जिला सड़क सुरक्षा वाहन नीति की बैठक मंगलवार को जिला सचिवालय में हुई। उपायुक्त डा. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि इसराना फ्लाईओवर के पास जमा पानी का निदान करने को लेकर अधिकारियों को जायजा लेने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि शहर की सड़कों पर जल्द ही पिंक आटो प्रशिक्षित महिलाएं द्वारा संचालित होती दिखाई देंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्ट हाउस तक की सड़क के विस्तार का कार्य एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। बैठक में सड़क हादसों के आंकड़ों की समीक्षा, एनएच-44 पर कैमरे लगाने, सड़क चौड़ीकरण और आरसीसी बैरियर लगाने जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे। इस दौरान टोल प्लाजा पर विजिबिलिटी की समस्या, इसराना में सर्विस रोड की खराब स्थिति और स्ट्रीट लाइट्स के बंद होने जैसे कार्यों पर और ध्यान देने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि डाहर टोल पर आवश्यक सुविधाओं पर ध्यान देना होगा। टोल अधिकारियों पर काम में देरी पर और सख्ती बरतने के भी निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह, डीएसपी ट्रैफिक सुरेश सैनी, सीएमओ विजय मलिक, डीईओ राकेश बूरा आदि उपस्थित रहे।