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हरियाणा में VIP कल्चर पर लगाम, CM नायब सैनी ने घटाया अपने वाहनों का काफिला

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री और मंत्रियों तथा भाजपा के सांसद-विधायकों के वाहनों का काफिला अब छोटा होगा। सप्ताह के एक दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बगैर वाहनों के काम चलाएंगे। अधिकतर सरकारी बैठकें वर्चुअल होंगी ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत की जा सके। मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया पर स्वयं यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर हरियाणा सरकार राष्ट्रहित में ईंधन की बचत और संसाधनों के उचित उपयोग के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में मैंने अपने फ्लीट में न्यूनतम वाहनों के उपयोग का निर्णय लिया है। अगले आदेश तक मेरे कारकेड में सुरक्षा की दृष्टि से केवल आवश्यक वाहन ही शामिल होंगे। साथ ही सप्ताह में एक दिन बिना किसी वाहन के कार्य करने का भी संकल्प लिया है। वाहनों का काफिला अब छोटा होगा इस फैसले के बाद अब मुख्यमंत्री और मंत्रियों तथा बीजेपी के सांसद-विधायकों के वाहनों का काफिला अब छोटा होगा। सप्ताह के एक दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बगैर वाहनों के काम चलाएंगे। अधिकतर सरकारी बैठकें वर्चुअल होंगी ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत की जा सके। मुख्यमंत्री ने इसकी जानकारी कुध इंटरनेट मीडिया के जरिए साझा की है। ज्यादातर बैठकें ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करें सीएम नायब सिंह सैनी ने यह भी कहा कि सभी विभागों के मंत्री और अधिकारी यात्रा के दौरान सीमित संख्या में वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने सभी मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों से आग्रह किया कि वे बैठकें ज्यादातर ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में, मैंने अपने काफिले में कम से कम वाहनों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। अगले आदेश तक, मेरे काफिले में केवल सुरक्षा उद्देश्यों के लिए आवश्यक वाहन ही शामिल किए जाएंगे। हरियाणा की जनता से की अपील मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा की जनता से भी अपील की है। उन्होंने कहा कि मैं सभी हरियाणा वासियों से भी निवेदन करता हूं कि अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। ईंधन बचत के इस अभियान में आप सभी सहभागी बनकर देशहित में अपना योगदान दें। मंत्रीगण और अधिकारी भी यात्रा करेंगे सीमित हरियाणा सरकार के सभी मंत्रीगण एवं सभी विभागों के अधिकारी भी यात्रा के दौरान सीमित वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करेंगे। सभी मंत्रियों, विधायकों एवं अधिकारियों से आग्रह किया है कि अधिकतम बैठकों का आयोजन वर्चुअल माध्यम से करें तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा या बैठक करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं प्रदेशवासियों से भी निवेदन करता हूं कि अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और ईंधन बचत के इस अभियान में सहभागी बनकर देशहित में अपना योगदान दें।  

मोदी के ‘ईंधन बचाओ’ संदेश का असर, नेताओं ने छोड़ी लग्जरी गाड़ियां; साइकिल-ट्रेन से किया सफर

चंडीगढ़  हरियाणा में बृहस्स्पतिवार को सत्ता और सादगी की एक अलग तस्वीर देखने को मिली। आम दिनों में लंबी-लंबी गाड़ियों के काफिलों के बीच चलने वाले मंत्री और वीआईपी इस बार सीमित वाहनों के साथ नजर आए। कहीं मंत्री साइकिल से कार्यक्रम में पहुंचे तो कहीं विधायक ट्रेन में सफर करते दिखाई दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचत और सरकारी संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील के बाद हरियाणा सरकार ने वीआईपी कल्चर में कटौती की शुरुआत कर दी है। इसका सबसे बड़ा असर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले में दिखाई दिया। जहां पहले मुख्यमंत्री के काफिले में 14 से 15 गाड़ियां चलती थीं, वहीं गुरुवार को उनका काफिला केवल चार वाहनों तक सीमित नजर आया। मुख्यमंत्री आवास से निकलते समय सुरक्षा और आवश्यक स्टाफ के वाहन ही साथ रखे गए। सीएम बोले – जरूरत भर वाहन ही चलेंगे मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सरकारी खर्च और ईंधन की बचत को लेकर बड़ा संदेश देते हुए घोषणा की है कि अगले आदेश तक उनके कारकेड में केवल जरूरी वाहन ही शामिल किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सप्ताह में एक दिन बिना सरकारी वाहन के काम करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही सभी मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों से भी सीमित वाहनों का उपयोग करने और अधिक से अधिक बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने की अपील की गई है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल सरकारी खर्च कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। सरकार के इस संदेश का असर मंत्रियों और विधायकों के व्यवहार में भी दिखाई दिया। पंचकूला स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित निकाय चुनाव सम्मान समारोह में कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा साइकिल पर सवार होकर पहुंचे। उनके साथ कार्यकर्ताओं ने भी साइकिल यात्रा की। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि भाजपा केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जनहित के संदेशों को व्यवहार में लागू करके उदाहरण पेश करना चाहती है। वहीं पानीपत से विधायक प्रमोद विज भी अपनी निजी गाड़ी के बजाय ट्रेन से चंडीगढ़ पहुंचे। इसे भी सरकार के ‘कम खर्च, कम ईंधन’ अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों के वाहनों की भी होगी समीक्षा मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रातोंरात विभिन्न विभागों में वीआईपी और वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए वाहनों की समीक्षा शुरू कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक, जिन अधिकारियों और विभागों के पास एक से ज्यादा वाहन हैं, वहां उनकी संख्या कम की जाएगी। कई विभागों में अतिरिक्त गाड़ियों को हटाने और सीमित उपयोग की नई व्यवस्था लागू करने पर काम शुरू हो चुका है। सरकार का फोकस यह संदेश देने पर है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही होना चाहिए। सुरक्षा से समझौता नहीं, फिजूलखर्ची पर रोक मुख्यमंत्री को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है और प्रोटोकॉल के अनुसार उनके साथ बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं। इसके बावजूद सरकार ने सुरक्षा से समझौता किए बिना काफिले को छोटा करने का निर्णय लिया है। आमतौर पर मुख्यमंत्री के साथ सुरक्षा, स्टाफ और पायलट वाहनों सहित लंबा काफिला चलता था, लेकिन अब केवल आवश्यक गाड़ियों को ही शामिल किया जा रहा है। जानकार इसे सरकार की ‘लो-प्रोफाइल गवर्नेंस’ रणनीति के रूप में देख रहे हैं, जिसके जरिए जनता के बीच सादगी और जवाबदेही का संदेश देने की कोशिश की जा रही है।  

BJP ने हरियाणा निकाय चुनाव में कैसे मारी बाजी? कांग्रेस की हार के पीछे ये बड़ी वजहें

चंडीगढ़  हरियाणा नगर निकाय चुनावों में बीजेपी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। शहरी वोटरों के बीच संगठन की मजबूत रणनीति, बूथ स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ता और विकास के मुद्दों ने बीजेपी को बढ़त दिलाई। दूसरी ओर कांग्रेस अंदरूनी गुटबाजी, कमजोर चुनावी रणनीति और स्थानीय नेतृत्व की कमी से जूझती नजर आई। कई सीटों पर कांग्रेस मजबूत मुकाबला देने में भी असफल रही। बीजेपी ने अंबाला सिटी, सोनीपत और पंचकूला में जीत दर्ज की, जिससे शहरी क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत हुई। हुड्डा के गढ़ में भी बीजेपी ने मारी बाजी बीजेपी ने अन्य नगर निकाय चुनावों में भी शानदार प्रदर्शन किया। इसमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ सांपला नगर समिति में अध्यक्ष पद जीतना, रेवाड़ी और धारूहेरा में जीत हासिल करना शामिल है। पंचकूला में भाजपा के महापौर उम्मीदवार शाम लाल बंसल और 17 वार्ड उम्मीदवारों ने नगर निगम चुनावों में एकतरफा जीत दर्ज की। बीजेपी ने रेवाड़ी सोनीपत में भी मारी बाजी     रेवाड़ी नगर परिषद चुनावों में बीजेपी की उम्मीदवार विनीता पिप्पल ने 21,000 से अधिक वोटों के प्रभावशाली अंतर से अध्यक्ष पद जीता।     सोनीपत में बीजेपी ने नगर निगम के 22 वार्डों में से 16 पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस ने शेष छह सीटें जीतीं।     बीजेपी उम्मीदवार राजीव जैन ने महापौर का चुनाव जीता।     बीजेपी उम्मीदवार अर्चना छिब्बर ने वार्ड संख्या 6 से जीत हासिल की, जबकि पार्टी ने अंबाला नगर निगम के 16 वार्डों में, कांग्रेस ने तीन वार्डों में और निर्दलीय उम्मीदवारों ने एक वार्ड में जीत दर्ज की। सीएम नायब सैनी ने किसे दिया जीत का श्रेय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नगर निगम चुनावों में विजयी सभी उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जनता ने इन चुनावों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की नीतियों पर अपनी मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर में लगातार भाजपा सरकारें बन रही हैं। प्रधानमंत्री की नीतियों पर जनता का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और कांग्रेस ने झूठ के जरिए जनता को गुमराह करना जारी रखा, लेकिन अब जनता ने उसका असली चेहरा पहचान लिया है। विज ने विजेताओं को दी बधाई हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने राज्य में हुए नगर निकाय चुनावों में विजयी बीजेपी के सभी उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ बीजेपी उम्मीदवारों की नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लागू की जा रही विकास, सुशासन और कल्याणकारी नीतियों में जनता के विश्वास की जीत है। विज ने विशेष रूप से बीजेपी के विजयी महापौर उम्मीदवार अंबाला शहर से अक्षिता सैनी, सोनीपत से राजीव जैन और पंचकूला से श्यामलाल बंसल को बधाई दी और कहा कि जनता ने विकास और पारदर्शी प्रशासन के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है।

BJP को लगा बड़ा झटका: CM नायब सैनी समेत दिग्गजों के प्रचार के बावजूद 23 वर्षीय रीमा ने मारी बाजी

चंडीगढ़  भाजपा ने हरियाणा में विधानसभा चुनाव और पंचायतों में परचम लहराने के बाद स्थानीय निकाय के चुनावों में भी जीत हासिल की है। पंचकूला, हिसार, अंबाला और सोनीपत समेत कुल 6 जिलों में भाजपा ने बड़ी जीत पाई। फिर भी एक नतीजे ने भाजपा को ही नहीं बल्कि सभी को चौंका दिया है। हिसार के उकलाना में भाजपा कैंडिडेट निकिता गोयल को 23 साल की लड़की रीमा सोनी ने हरा दिया। इस नतीजे की पूरे हरियाणा में चर्चा हो रही है कि आखिर रीमा सोनी ने कैसे भाजपा के विजय रथ को रोक दिया। उकलाना में वैश्य समुदाय के लोगों की अच्छी खासी आबादी है, फिर भी भाजपा कैंडिडेट का यहां हार जाना उल्लेखनीय है। यही नहीं यह हार इसलिए भी अहम है क्योंकि उकलाना के चेयरमैन पद के लिए भाजपा से वरिष्ठ नेता श्रीनिवास गोयल की बहू निकिता गोयल को उम्मीदवार बनाया गया था। उन्हें रीमा सोनी ने 2,806 वोटों से हरा दिया। सोनी को कुल 7078 वोट मिले हैं, जबकि गोयल को 4272 वोट हासिल हुए। इस नतीजे से भाजपा के वरिष्ठ नेता भी हैरान हैं और तय माना जा रहा है कि पार्टी इसकी समीक्षा करेगी। इसकी वजह यह है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी यहां प्रचार के लिए पहुंचे थे। इस चुनाव में कुल 15,507 पंजीकरण वोटर थे, जबकि 11,744 वोटरों ने मतदान किया। इस तरह यहां कुल 75 फीसदी वोटिंग हुई। इस चुनाव में सीएम नायब सिंह सैनी के अलावा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली, कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा और कृष्ण बेदी भी प्रचार में उतरे थे। इसके अलावा राज्यसभा के मेंबर सुभाष बराला और संजय भाटिया भी पहुंचे थे। ऐसे में इतने दिग्गज नेताओं के प्रचार के बाद भी निकिता गोयल को 4 हजार वोट मिलना पार्टी के लिए झटके की तरह है। सीएम सैनी ने खुद इलाके में 4 जनसभाओं को संबोधित किया था। वहीं रीमा सोनी के पक्ष में स्थानीय विधायक नरेश सेलवाल प्रचार में थे। रीमा सोनी निर्दलीय उतरी थीं, लेकिन सेलवाल के समर्थन के साथ ही कांग्रेस के वोटर उनके पक्ष में आ गए थे। फिर बाकी कसर इनेलो के समर्थन ने पूरी कर दी। बनिया बनाम गैर बनिया हुआ चुनाव और बदले समीकरण इसके अलावा भाजपा सूत्रों का कहना है कि यह चुनाव बनिया बनाम गैर बनिया हो गया था। इसका असर हुआ कि वैश्य समुदाय से इतर अन्य मतदाताओं का रुझान रीमा सोनी की ओर हो गया। इसके कारण रीमा ने कुल 16 में से 14 वार्डों में गोयल को हरा दिया। यही नहीं गोयल परिवार का घर उकलाना मंडी में है और इस वार्ड में भी निकिता को हार मिली। वोटों की गिनती कुल 4 राउंड में हुई, लेकिन निकिता गोयल ने मैदान तभी छोड़ दिया जब वह शुरुआती दो राउंड में पिछड़ती हुई दिखीं। सूत्रों का कहना है कि ग्रैजुएशन पूरी करने के बाद रीमा सोनी सिविल सेवा की तैयारी कर रही हैं। उनके पिता महेंदर सोनी एक सुनार हैं और 2006 से पार्षद भी हैं। रीमा के प्रचार में उनका भी अहम योगदान रहा।

अंबाला एमसी कॉलोनी में जादू-टोना विवाद के कारण बहनों पर हमला

अंबाला अंधविश्वास और आपसी रंजिश का खतरनाक रूप मंगलवार को अंबाला शहर की एमसी कॉलोनी में देखने को मिला। अशोक विहार स्थित तंबाकू फैक्ट्री के सामने बनी कॉलोनी में पड़ोसियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दो सगी बहनों पर ईंटों से हमला कर दिया गया। हमले में दोनों बहनें गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनके सिर फट गए। स्थिति यह थी की पूरी गली खून से सन गई थी। दोनों को लहूलुहान हालत में नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल युवतियों की पहचान कविता (23) और मन्नत (22) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस चौकी नंबर-1 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच शुरू कर दी। आरोपितों में पड़ोस में रहने वाले दो दंपती बताए जा रहे हैं। जादू-टोना करते देखा तो शुरू हुआ विवाद घायल कविता ने आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाला परिवार लंबे समय से उनके घर के आसपास जादू-टोना जैसी गतिविधियां करता था। मंगलवार सुबह भी परिवार के कुछ लोगों को कथित रूप से कमरे में ऐसी हरकत करते हुए देखा गया। जब उनके परिजनों ने इसका विरोध किया और समझाने की कोशिश की तो आरोपित भड़क गए। कविता के अनुसार आरोपितों ने पहले गाली-गलौज की और फिर जान से मारने की धमकी देने लगे। मंगलवार को जब वह किसी काम से बाहर जाने के लिए निकली तो आरोपितों ने ईंटों से हमला कर दिया। ड्यूटी पर था भाई, फोन आया तो उड़े होश घायल बहनों के भाई सेठी कुमार ने बताया कि वह नगर निगम में अस्थायी सफाई कर्मचारी है। मंगलवार को घटना के समय ड्यूटी पर गया हुआ था। शाम करीब साढ़े चार बजे उसे फोन पर सूचना मिली कि पड़ोसियों ने उसकी दोनों बहनों पर हमला कर दिया है। जब वह घर पहुंचा तो दोनों बहनें खून से लथपथ हालत में पड़ी थीं। उसने बताया कि घर पर आए उसकी दीदी और जीजा भी बीचबचाव के दौरान चोटिल हो गए। अस्पताल में उपचार जारी, पुलिस जांच में जुटी घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डाक्टरों के अनुसार दोनों बहनों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।  

साइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से कार्यालय पहुंचे कर्मचारी, ईंधन बचत पर जोर

 भिवानी  हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में ‘नो व्हीकल डे’ मनाया जाएगा। सप्ताह में दो दिन कर्मचारी बिना किसी व्हीकल के आएंगे। इसकी शुरूआत वीरवार से होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के निर्देशानुसार यह अभियान शुरू किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के निर्देशानुसार यह अभियान शुरू किया जाएगा। बोर्ड अध्यक्ष डा. पवन कुमार ने बताया कि शिक्षा बोर्ड के सभी अधिकारी/कर्मचारी वीरवार को किसी व्यक्तिगत मोटर व्हीकल का उपयोग किए बिना कार्यालय में आएंगे। जो कर्मचारी दूर से आते है वे कार/बाइक पूलिंग करते हुए या सार्वजनिक यातायात साधनों का इस्तेमाल करते हुए बोर्ड कार्यालय पहुंचे। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि सभी बोर्ड के अधिकारी/कर्मचारी पेट्रोल/डीजल वाहनों के स्थान पर साईकिल/ईलेक्ट्रिक वाहन व सार्वजनिक वाहनों को प्राथमिकता दें। बोर्ड कर्मियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन (बुधवार व वीरवार) पेट्रोल/डीजल वाहनों का उपयोग न करने की अपील करते हुए कहा कि ईंधन की बचत देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है। सभी अधिकारी/कर्मचारी सरकारी कार्यों में अनावश्यक वाहनों का उपयोग ना करें तथा ईंधन की हर-संभव बचत करें।

निकाय चुनाव नतीजे: उकलाना में निर्दलीय जीत, सोनीपत और अन्य नगर निकायों में भाजपा मजबूत

 हिसार हरियाणा के हिसार जिले की उकलाना नगर पालिका चेयरपर्सन सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी रीमा सोनी ने शानदार जीत दर्ज की है। 23 वर्षीय रीमा सोनी ने भाजपा प्रत्याशी निकिता गोयल को 2806 वोटों के बड़े अंतर से हराकर चुनाव अपने नाम कर लिया। निकिता गोयल भाजपा के पूर्व चेयरमैन श्री निवास गोयल की बहू हैं। उकलाना का यह चुनाव इसलिए भी खास माना जा रहा था क्योंकि भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इसे प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल लगातार रीमा सोनी के पक्ष में प्रचार कर रहे थे, जबकि भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत पांच मंत्रियों ने चुनाव प्रचार किया था। चार राउंड में साफ हो गई तस्वीर मतगणना के दौरान शुरू से ही रीमा सोनी बढ़त बनाए रहीं। चार राउंड की गिनती में किसी भी चरण में वह पीछे नहीं हुईं। तीसरे राउंड के बाद ही उनके समर्थकों ने जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया था। मतगणना केंद्र के बाहर समर्थकों ने गुलाल उड़ाकर और नारे लगाकर खुशी जाहिर की। बताया जा रहा है कि दूसरे राउंड के बाद भाजपा नेता श्री निवास गोयल अपनी बहू निकिता गोयल के साथ काउंटिंग सेंटर से बाहर निकल गए थे। रीमा को मिले 7078 वोट चुनाव परिणाम के अनुसार रीमा सोनी को कुल 7078 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी निकिता गोयल को 4272 वोट हासिल हुए। इस तरह रीमा ने 2806 वोटों के अंतर से एकतरफा जीत दर्ज की। जीत के बाद रीमा सोनी ने समर्थकों के साथ रोड शो निकाला। उनके घर और चुनाव कार्यालय के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही। पिता हरीश सोनी ने भी बेटी की जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि जनता ने विकास और विश्वास के नाम पर मतदान किया है। सांपला नगर पालिका में निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा हरियाणा निकाय चुनावों में कई नगर पालिकाओं और नगर निगमों के नतीजे सामने आने लगे हैं। सांपला नगर पालिका में निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा देखने को मिला। यहां 16 वार्डों में से 10 वार्डों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को 6 सीटों पर सफलता मिली। परिणाम आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सोनीपत में भाजपा की बड़ी जीत सोनीपत नगर निगम चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार राजीव जैन मेयर चुनाव जीत गए हैं। वहीं वार्ड स्तर पर भी भाजपा को बढ़त मिलती नजर आई। वार्ड नंबर 14 से भाजपा प्रत्याशी किरन चांदना ने 1967 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इसके अलावा वार्ड नंबर 13 से भाजपा के महेश लूथरा ने 1644 वोटों से जीत दर्ज की। थारूहेड़ा नगर पालिका चुनाव परिणाम धारूहेड़ा नगर पालिका वार्ड पार्षद चुनाव के नतीजे भी घोषित कर दिए गए हैं। वार्ड नंबर 1 से कविता, वार्ड 2 से देवेंद्र कुमार शर्मा, वार्ड 3 से त्रिलोक सिंह धारीवाल और वार्ड 4 से निहाल सिंह विजयी रहे। वार्ड 5 से गोपाल, वार्ड 6 से कृष्णा देवी, वार्ड 7 से मोनिका और वार्ड 8 से अमन राव ने जीत दर्ज की। इसी तरह वार्ड 9 से रंजन यादव, वार्ड 10 से अमित यादव, वार्ड 11 से रीना रानी और वार्ड 12 से धर्मवीर चुनाव जीते। वार्ड 13 से प्रिया कुमारी, वार्ड 14 से अनिल कुमार, वार्ड 15 से किरण और वार्ड 16 से मनीषा सैनी विजयी घोषित हुए। वहीं वार्ड 17 से मंशा सैनी और वार्ड 18 से सुमित्रा देवी ने जीत हासिल की।

अब टैंकर नहीं, सीधे गंगाजल से बुझेगी फरीदाबाद की प्यास

फरीदाबाद औद्योगिक नगरी से गंगाजल केवल 35 किलोमीटर दूर है। जिले को गंगाजल हापुड़ जिले के डेहरा गांव के पास से गुजर रही अपर गंगा कैनाल से मिलेगा। वहां से पाइप लाइन यमुना नदी को पार करते हुए जिले के अमीपुर गांव तक बिछाई जाएगी। यहीं पर इस पानी को साफ करने का प्लांट भी लगाया जाएगा। इसके बाद यह पानी शहर में भेजा जाएगा। सिंचाई विभाग ने इसका पूरा रूट तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया है। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जल्द जलशक्ति मंत्री और उत्तर प्रदेश के मंत्री से मुलाकात करेंगे पता चला है कि इसी सप्ताह में दिल्ली में यह मुलाकात हो सकती है। इसके बाद योजना को सिरे चढ़ाया जाएगा। याद रहे गंगाजल को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी काफी गंभीर हैं। इसलिए अधिकारियाें को जल्द योजना का खाका तैयार करने के आदेश दिए गए थे। 3500 एमएम मोटाई की होगी पाइप लाइन दिनभर में अधिक गंगाजल आ सके, इसलिए 3500 एमएम मोटाई वाली पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसमें एक दिन में 500 एमएलडी पानी शहर में आ सकेगा। इतना पानी आने वाले 25 साल के लिए काफी होगा। इस लाइन को डालने में कहीं कोई अड़चन भी नहीं होगी, क्योंकि जहां से लाइन आएगी, वह पूरी जमीन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की है। इसके बाद यमुना नदी और फिर अमीपुर गांव, यहां हरियाणा सिंचाई विभाग की जमीन है। बाकी प्लांट लगाने के लिए जमीन भी आसानी से मिल जाएगी। शहर तक लाइनें पहले से ही बिछी हुई हैं और योजना स्वीकृत होने के बाद नए सिरे से लाइन बिछा दी जाएंगी। मांग-आपूर्ति में बड़ा अंतर शहर की आबादी 30 लाख से अधिक है। शहर में पेयजल आपूर्ति की मांग 450 एमएलडी और आपूर्ति 330 एमएलडी हो रही है। यमुना नदी किनारे 22 रेनीवेल लगे हुए हैं। 12 और लगाने शुरू कर दिए हैं। फिलहाल शहर में पेजयल किल्लत है। मांग व आपूर्ति में अधिक अंतर होने की वजह से शहर की काफी आबादी टैंकरों के पानी पर निर्भर है। नगर निगम द्वारा टैंकर मुहैया नहीं कराए जाते। लोगों को अपने स्तर पर इंतजाम करना होता है। सबसे अधिक दिक्कत अरावली पहाड़ी के आसपास व एनआइटी क्षेत्र में है। पेयजल मुद्दे को लेकर जनप्रतिनिधि भी आमने-सामने हो जाते हैं। पेयजल सप्लाई को लेकर भेदभाव के आरोप लगते हैं। हांफने लगे हैं रेनीवेल मानसून में ही यमुना नदी में पानी होता है, बाकी महीनों में यह नाले के रूप में बहती है। इसलिए नदी किनारे लगे हुए रेनीवेल का भूजल लगातार खिसक रहा है। इसलिए चिंता बढ़ गई है। अब एफएमडीए और रेनीवेल लगा तो रहा है लेकिन अगले 20 से 30 साल के लिए अभी से पूरा इंतजाम करना जरूरी हो गया है। यमुना नदी किनारे लगे हुए रेनीवेल का भूजल स्तर हर साल खिसक रहा है। इसलिए आने वाले कुछ साल में और दिक्कत हो सकती है। इसलिए गंगा जल लाने की योजना पर काम किया जा रहा है। यह योजना स्वीकृत हो जाती है तो कई दशक तक पानी की दिक्कत नहीं होगी।     – विशाल बंसल, मुख्य अभियंता, एफएमडीए     हमारी ओर से पूरी तैयारी है। योजना का पूरा खाका तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय भिजवा दिया है। स्वीकृति मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।     – गौरव लांबा, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग  

अंबाला बना मिसाल: फसल अवशेष प्रबंधन से बढ़ रही मिट्टी की उर्वरता और खेती का लाभ

फरीदाबाद  हरियाणा में गेहूं कटाई के बाद फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किसानों में काफी जागरूकता देखने को मिल रही है. दरअसल पहले जहां खेतों में बचे डंठलों (फाने) और पराली को जला दिया जाता था. वहीं अब किसान वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहे हैं, बल्कि अपनी भूमि की उर्वरता भी बढ़ा रहे हैं. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फसल अवशेष जलाना खेती के लिए हानिकारक कदम है, क्योंकि इससे मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं. जैविक कार्बन की मात्रा घटती है और खेत की उत्पादक क्षमता प्रभावित होती है. साथ ही इससे निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण और तापमान वृद्धि का कारण बनता है, यही वजह है कि कृषि विभाग लगातार किसानों को जागरूक कर रहा है और इसके साथ ही फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर कई जगह कानूनी कार्रवाई भी की जा रही हैं. पराली को जलाया नहीं बल्कि मिट्टी में मिला दिया बता दे कि इस दिशा में अंबाला जिला पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है. क्योंकि इस वर्ष जिले में गेहूं की कटाई पूरी होने के बाद किसानों ने फसल अवशेषों का प्रबंधन अत्यंत जिम्मेदारी के साथ किया है. फसलों के फाने (डंठलों) को जलाने के बजाय किसानों ने रोटावेटर, हैप्पी सीडर और मल्चर जैसी आधुनिक मशीनों का उपयोग करके उन्हें मिट्टी में मिला दिया. इससे अवशेष धीरे-धीरे सड़कर प्राकृतिक खाद में परिवर्तित हो जाते हैं, जिससे मिट्टी में उर्वरक शक्ति बढ़ती है और जल धारण क्षमता मजबूत होती है. खासतौर पर इस वैज्ञानिक पद्धति से खेत की सेहत सुधरती है और आने वाली फसलों को बेहतर पोषण मिलने के साथ साथ पशुओं के लिए भूसे की व्यवस्था भी होती हैं. ढैंचा की खेती के लिए किया जा रहा जागरूक कृषि विभाग की निरंतर जागरूकता का परिणाम है. कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि गेहूं कटाई के बाद खाली पड़े खेतों का बेहतर उपयोग करने के लिए किसानों को ढैंचा की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है. क्योंकि ढैंचा एक महत्वपूर्ण दलहनी हरी खाद फसल है, जो मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिर करती है और भूमि की प्राकृतिक उर्वरता को बढ़ाती है. इसकी खेती के लिए प्रति हेक्टेयर लगभग 25 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है ओर बुवाई के 30 से 40 दिन बाद इस फसल को खेत में पलटकर मिट्टी में मिला दिया जाता है, जिससे जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है. रासायनिक खाद से कम होती है उर्वरता लगातार यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी के लाभकारी जीवों की संख्या घट रही है, जिससे भूमि की शक्ति कमजोर हो रही है और खेती की लागत बढ़ रही है.उन्होंने कहा कि ऐसे में ढैंचा जैसी हरी खाद फसलें किसानों के लिए कम खर्च में अधिक लाभ देने वाला विकल्प साबित हो रही हैं. सरकार भी इस पहल को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति एकड़ ढैंचा की खेती पर 1,000 रुपये का अनुदान दे रही है तथा बीज सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है. वहीं अंबाला जिले के किसानों ने यह साबित कर दिया है कि यदि आधुनिक तकनीक, सरकारी योजनाओं और वैज्ञानिक सोच को अपनाया जाए तो खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकता है. फसल अवशेष न जलाने और हरी खाद को अपनाने की यह पहल हरियाणा के अन्य जिलों के किसानों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है.

HBSE 12वीं परिणाम जारी, पास प्रतिशत 84.67% रहा

 चंडीगढ़ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने आज 12वीं कक्षा के वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष बोर्ड का कुल पास प्रतिशत 84.67% रहा है। नतीजों की घोषणा के साथ ही प्रदेश के लाखों छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है। एक बार फिर हरियाणा की बेटियों ने अपनी बुद्धिमत्ता का लोहा मनवाते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। लड़कियों का दबदबा बरकरार इस साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो छात्राओं का प्रदर्शन शानदार रहा है। जहां छात्राओं का पास प्रतिशत 87.97% रहा, वहीं 81.45% छात्र ही परीक्षा में सफल हो पाए हैं। यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां निरंतर प्रगति कर रही हैं और लड़कों से लगभग 6.52% आगे रही हैं। परीक्षा में शामिल हुए 5.66 लाख से अधिक छात्र हरियाणा बोर्ड द्वारा आयोजित इस परीक्षा में प्रदेशभर के 1431 केंद्रों पर लगभग 5,66,411 परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। परीक्षा का आयोजन फरवरी के अंत से लेकर 1 अप्रैल 2026 तक किया गया था। बोर्ड ने पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्यांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रबंध किए थे, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। कैसे चेक करें अपना रिजल्ट छात्र अपना परिणाम देखने के लिए नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं: वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर क्लिक करें। लिंक खोजें: होमपेज पर "HBSE 12th Result 2026" के लिंक पर क्लिक करें। डिटेल्स भरें: अपना रोल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें। परिणाम देखें: 'सबमिट' बटन दबाते ही आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा। डाउनलोड करें: भविष्य के लिए अपनी मार्कशीट का प्रिंटआउट या पीडीएफ जरूर सुरक्षित रखें। पासिंग मार्क्स और कंपार्टमेंट परीक्षा के नियम हरियाणा बोर्ड में सफल होने के लिए प्रत्येक छात्र को हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों के अंक शामिल होंगे। कंपार्टमेंट परीक्षा: यदि कोई छात्र एक या दो विषयों में 33 प्रतिशत से कम अंक लाता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। बोर्ड उन छात्रों के लिए 'कंपार्टमेंट परीक्षा' आयोजित करेगा ताकि वे अपना साल बचा सकें। पुनर्मूल्यांकन : यदि कोई छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह परिणाम जारी होने के बाद स्क्रूटनी या पुनर्मूल्यांकन के लिए भी आवेदन कर सकेगा। रिजल्ट के बाद क्या? बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे जल्द ही पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, जिन छात्रों की एक या दो विषयों में कंपार्टमेंट आई है, उनके लिए कंपार्टमेंट परीक्षा का आयोजन भी जल्द किया जाएगा ताकि उनका साल खराब न हो।