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हरियाणा में उत्तरी हवाओं की वजह से जल्द गर्मी देगी दस्तक

चंडीगढ़. हरियाणा में अब मौसम का मिजाज बदलने लगा है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही गर्मी का असर महसूस होने लगा है और मार्च के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। बीती रात औसत न्यूनतम तापमान में कोई खास बदल नहीं हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तरी हवाओं के प्रभाव से रात्रि तापमान में हल्की गिरावट संभव है, लेकिन दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा। अंबाला और जींद (पांडु पिंडारा) जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि हिसार, सिरसा और भिवानी में पारा थोड़ा नीचे गया है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 फरवरी तक तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना रहेगा, लेकिन फरवरी के अंतिम दिनों में दिन और रात दोनों के तापमान में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, मार्च की शुरुआत अपेक्षाकृत गर्म रहने के आसार हैं। दिन का तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 से 16 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया जा सकता है। इसका अर्थ है कि इस बार मार्च की शुरुआत ही गर्मी के एहसास के साथ होगी। वर्तमान में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। गुरुग्राम में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत से अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। दोपहर के समय गर्मी का असर ज्यादा महसूस हो सकता है। कुल मिलाकर हरियाणा में आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में बढ़ोतरी का रुख जारी रहेगा

रैनीवेल प्रोजेक्ट से खेतों में दरारें और फसलों को हो रहा नुक्सान

फरीदाबाद. फरीदाबाद के डूंगरपुर गांव में खेतों के समीप लगाए गए रैनीवेल (Ranney Well) प्रोजेक्ट को लेकर किसानों में भारी रोष देखने को मिला। किसानों का आरोप है कि रैनीवेल लगने के बाद उनके खेतों में लंबी-लंबी दरारें आ गई हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और जमीन की उर्वरता पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, रैनीवेल के संचालन के बाद से जमी न का जलस्तर तेजी से नीचे गया है, जिसके कारण खेतों की मिट्टी सूखकर फटने लगी है। कई किसानों ने अपने खेतों में आई दरारों को दिखाते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में खेती करना मुश्किल हो जाएगा। गांव के किसानों ने मौके पर एकत्र होकर रैनीवेल के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक रैनीवेल को बंद नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि विशेषज्ञों की टीम भेजकर जमीन की जांच कराई जाए और यदि रैनीवेल से नुकसान साबित होता है तो इसे तुरंत बंद किया जाए। किसानों का कहना है कि खेती ही उनका एकमात्र सहारा है और अगर खेत ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

हरियाणा में अब ट्रांसजेंडर भी बनेंगे सिविल सेवा ऑफिसर

चंडीगढ़. हरियाणा सिविल सर्विस भर्ती में अब ट्रांसजेंडर भी शामिल हो सकेंगे। बता दें कि HPSC ने अब लिंग चुनने वाले कॉलम में ट्रांसजेंडर के लिए विकल्प कर दिया है। आयोग ने 23 फरवरी को इसके लिए 1 घंटे साइट बंद रखी थी। इसी दौरान ट्रांसजेंडर विकल्प का ऑप्शन अपडेट किया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों के बाद अब HCS और अन्य सरकारी नौकरियों के लिए ट्रांसजेंडर व्यक्ति आवेदन के  पात्र हैं। कोर्ट ने सरकारी नौकरियों के आवेदन फॉर्म मं "तीसरे लिंग" (ट्रांसजेंडर) का कॉलम शामिल करने के लिए  हरियाणा सरकार और आयोगों को निर्देश दिया है जिससे उन्हें समान रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।  चंडीगढ़ पुलिस कांस्टेबल मामले में कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। ट्रांसजेंडर व्यक्ति अपनी पहचान के रूप में ट्रांसजेंडर श्रेणी का चयन करके ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं।

Ultra Luxury Home मामले में गुड़गांव ने मुंबई को पीछे छोड़ा

गुड़गांव. कभी उपेक्षित शहर रहा गुड़गांव अब भारत के लग्जरी हाउसिंग बूम का केंद्र बन गया है। साल 2025 में इसने लगातार दूसरे वर्ष मुंबई को पछाड़ते हुए 24,120 करोड़ रुपए के अल्ट्रा-प्रीमियम घरों की बिक्री दर्ज की है। यह इस बात का सबसे स्पष्ट संकेत है कि नई संपत्ति और बुनियादी ढांचा किस प्रकार देश के रियल एस्टेट मानचित्र को नया रूप दे रहा है। इंडिया साेथबिज इंटरनेशनल रियलिटी और सीआरई मैट्रिक्स की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार गुड़गांव के लजरी हाउसिंग सेगमेंट-10 करोड़ रुपए और उससे अधिक कीमत वाले घरों ने साल 2025 में 24,120 करोड़ रुपए के लेनदेन दर्ज किए हैं, जो मुंबई के 21,902 करोड़ रुपए के लेनदेन से कई अधिक है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब गुड़गांव ने मुंबई को पीछे छोड़ा है, जिसने लगभग चार दशक के लग्जरी सेगमेंट पर अपना दबदबा बनाए रखा था। गुड़गांव में 1494 आलीशान घरों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री के कारण यह उछाल आया है। कुल लेनदेन मूल्य 2023 में 4004 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025 में 24119 करोड़ रुपए हो गया, जो लगभग छह गुना वृद्धि दर्शाता है। बिक्री हुए घरों का औसत आकार लगभग 5 हजार वर्ग फुट रहा जिसमें 4 से 6 हजार वर्ग फुट के घरों का मूल्य के हिसाब से सबसे बड़ा हिस्सा रहा, जबकि 8 हजार  वर्ग फुट के बड़े घरों का कुल मूल्य में 33 प्रतिशत हिस्सा था। इंडिया सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी की एरिया डायरेक्टर टीना तलवार ने कहा कि खास बात यह है कि यह वृद्धि अब केवल पुराने इलाकों तक ही सीमित नहीं है। द्वारका एक्सप्रेसवे, गोल्फ कोर्स रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे उभरते हुए सूक्ष्म बाजार सामूहिक रूप से संरचनात्मक विस्तार को गति दे रहे हैं। इनमें से द्वारका एक्सप्रेसवे ने सबसे अधिक उछाल दर्ज किया है, जहां बड़े पैमाने पर लग्जरी परियोजनाओं के लॉन्च और बेहतर बुनियादी ढांचे के कारण लेनदेन मूल्य में 2024 में 383 करोड़ से बढ़कर 2025 में 8347 करोड़ रुपए तक 2079 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड ने लेनदेन मूल्य में 379 प्रतिशत की वृद्धि और उल्लेखनीय मूल्य वृद्धि के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। औसत कीमत 24,885 से बढ़कर 37,899 प्रति वर्ग फुट की वृद्धि के साथ कीमतों में तेजी आई। इसके विपरीत, गोल्फ कोर्स रोड जैसे पारंपरिक प्रीमियत कॉरिडोर में सीमित नई आपूर्ति के कारण गतिविधि में कमी देखी गई। सीआरई मैट्रिक्स के सह-संस्थापक और सीईओ अभिषेक करण गुप्ता ने कहा कि पिछले दो वर्षों में लग्जरी सेगमेंट में लगभग 10 गुना वृद्धि खरीदारों के निरंत विश्वास, मजबूत पूंजी प्रवाह और उच्च-निवल-मूल्य वाले व्यक्तियों के बढ़ते आधार को दर्शाता है। यह एक परिवक्व मांग प्रोफाइल को भी दर्शाता है। एक ऐसी मांग जो मजबूत बनी हुई है, लेकिन तेजी से विवेकपूर्ण होती जा रही है, जिसमें खरीदार प्रमुख स्थानों, बेहतर निर्माण गुणवत्ता और ब्रांडेड, सुविधाओं से भरपूर परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। तलवार ने कहा कि व्यापक पूंजी निर्माण से इस गति को और बल मिल रहा है। जिसमें 103 भारतीय निगमों ने 2025 में मुख्य बोर्ड आईपीओ के माध्यम से रिकॉर्ड 19.54 बिलियन डॉलर जुटा, जिससे लग्जरी आवास क्षेत्र में प्रवेश करने वाले संस्थापकों और उद्यमियों का एक नया समूह तैयार हुआ- भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, खरीदारों का दृष्टिकोण आशावादी बना हुआ है, हालांकि उनकी अपेक्षाएं अधिक संतुलित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गुड़गांव का दबदबा भारत के संपत्ति बाजार में एक व्यापक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है। पारंपरिक महानगरों से उभरते शहरी केंद्रों की ओर। डीएलएफ के प्रबंध निदेशक और मुख्य व्यवसाय अधिकारी आकाश ओहरी ने कहा कि 10 करोड़ से अधिक के सेगमेंट में मजबूत मांग इस बात को दर्शाती है कि लोग केवल स्वामित्व से हटकर एक बेहतर जीवन अनुभव की तलाश में है। यह बेहतर जीवन अनुभव गेटेड परियोजनाओं में बने बड़े, सुनियोजित घरों से परिभाषित होता है, जो गोपनीयता, सुरक्षा, जीवन शैली की सुविधाएं, स्वास्थ्य और सुनियोजित सामुदायिक स्थान प्रदान करते हैं। साथ ही मजबूत सामाजिक बुनियादी ढांचे से भी युक्त है। यह गति प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और वित्तीय सेवाओं में निरंतर धन सृजन के साथ-साथ उद्यमियों और वरिष्ठ पेशेवरों के बढ़ते आधार से प्रेरित है। ओहरी ने कहा कि लग्जरी खरीदारों का प्रोफाइल युवा हो रहा है और 30 वर्ष की आयु के आसपास के समझदार खरीदार अब सक्रिय रूप से निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार एनआरआई मांग भी इन परियोजनाओं के आकर्षण को दर्शाती है, क्योंकि ये वैश्विक जीवनशैली का मानक प्रदान करती है जो विदेशों में उनकी आदतों के अनुरूप है।

हरियाणा सदन में एक लाख लोगों की पेंशन कटने को CM सैनी ने बताया विपक्ष का भ्रम

पंचकूला. हरियाणा विधानसभा के सत्र के दौरान पिछले डेढ़ साल में काटी गई बुढ़ापा पेंशन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री कृष्ण बेदी ने पेंशन से जुड़ी जानकारी सदन को दी। पेंशन के आंकड़ों को लेकर सदन में भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पेंशन कटने की गलत अफवाह फैलाना पाप है। उन्होंने कांग्रेस शासन काल की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस के समय बुजुर्गों को 6-6 महीने तक पेंशन के लिए भटकना पड़ता था। लेकिन आज हमारी सरकार में बुजुर्गों को घर बैठे सम्मानपूर्वक पेंशन मिल रही है और मोबाइल पर सीधा मैसेज आता है। बुजुर्गों का सम्मान सर्वोपरि सीएम सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार बुजुर्गों को पिता समान मानती है। उन्होंने आयुष्मान योजना के तहत 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के मुफ्त इलाज की सुविधा को ऐतिहासिक कदम बताया। विनेश फोगाट की प्रतिक्रिया विनेश फौगाट ने रामराय गांव में नेशनल ओर इंटरनेशनल प्लेयर्स की सुविधा के लिए स्विमिंग पूल नहीं होने का मुद्दा उठाया तो खेल मंत्री से हुई बहस। कांग्रेस विधायक विनेश ने कहा कि प्लेयर्स की समस्याओं को लेकर मंत्री जी को बार-बार कॉल करती हूं लेकिन यह फोन ही नहीं उठाते। खेल मंत्री ने कहा की पॉलिसी के अनुसार वहां स्विमिंग पुल बनाना व्याहारिक नहीं है।

हरियाणा में CET Group D परीक्षा को लेकर आवेदन पोर्टल जल्द होगा शुरू

हिसार. हरियाणा में सीईटी ग्रुप-D की परीक्षा का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए जरूरी खबर आई है। हरियाणा कर्मचारी आयोग (HSSC) द्वारा CET Group D भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। इस संबंध में अमेंडमेंट नोटिफिकेशन प्राप्त कर लिया गया है। हाल ही में हरियाणा कर्मचारी आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने सोशल मीडिया एक्स प्लेटफॉर्म का प्रयोग कर पोस्ट शेयर की, जिसमें उम्मीदवारों के लिए आवेदन पोर्टल जल्द शुरू करने की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही भर्ती को लेकर एक विस्तृत नोटिस भी जल्द जारी किया जाएगा, जिसमें आवेदन से लेकर अन्य आवश्यक सूचना दी गई है। जानें HSSC CET Group D 2026 आवेदन कैसे करें 1. आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवार हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। 2. वेबसाइट पर दिए गए 'HSSC CET Group D 2026 Application Form' के लिंक पर क्लिक करें। 3. स्क्रीन पर खुले लॉगिन पेज पर वैध आईडी और मोबाइल नंबर की सहायता से लॉगिन क्रिएट करें आवेदन फॉर्म भरें। 4. आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवश्यक दस्तावेज (मार्कशीट, फोटो, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र आदि) अपलोड करें। 5. आवेदन शुल्क का भुगतान कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और फॉर्म को डाउनलोड करना न भूलें।

हरियाणा में समय से पहले सर्दी खत्म होने से चढ़ेगा पारा

हिसार. प्रदेश में इस बार सर्दी तय समय से करीब एक माह पहले ही विदा ले ली है। बीते वर्षों में जहां 15 मार्च तक हल्की-मीठी ठंड बनी रहती थी, वहीं इस बार फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अगले एक सप्ताह में पारा 30 डिग्री के पार जा सकता है। पश्चिमी हवाओं के कारण हवा में नमी लगातार घट रही है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में धुंध और कोहरे की संभावना बेहद कम है। शुष्क हवाएं नमी को सोख लेती है, जिससे मौसम साफ और गर्म बना रहता है। मौसम विज्ञानी डा. चंद्रमोहन ने बताया कि एक मार्च और सात मार्च को प्रदेश में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, लेकिन इनका विशेष प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा। इन प्रणालियों से तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ कैस्पियन सागर क्षेत्र से उत्पन्न होकर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करते हैं। चक्रवाती परिसंचरण बनने पर वर्षा की संभावना बनती है, लेकिन फिलहाल प्रदेश में किसी सक्रिय मौसम प्रणाली के संकेत नहीं हैं। ऐसे में मार्च महीने में अधिकांश जिलों का तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है। प्रदेश में रविवार को मौसम साफ और शुष्क रहा। दिन में तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सुबह हल्की ठंड महसूस हुई। हवा में नमी कम रहने से मौसम शुष्क बना रहा। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 12 से 15 डिग्री के आसपास रहा। हिसार में न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक मेवात में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान (डिग्री सेल्सियस में)     जिला – न्यूनतम – अधिकतम     अंबाला – 13.6 – 26.4     हिसार – 11.0 – 29.4     महेंद्रगढ़ – 12.0 – 28.0     रोहतक – 12.0 – 27.1     भिवानी – 12.0 – 27.0     गुरुग्राम – 12.0 – 28.3     जींद – 10.4 – 27.7     मेवात – 14.3 – 29.8     सोनीपत – 13.6 – 29.7

अनिल विज की सेहत में लगातार हो रहा सुधार

चंडीगढ़. विपरीत परिस्थितियों से निकलकर और मजबूत होकर सामने आना—यही अनिल विज की राजनीतिक यात्रा की पहचान रहा है।  हरियाणा की राजनीति में कुछ नाम ऐसे हैं जो केवल पद से नहीं, बल्कि अपने जुझारू स्वभाव और निरंतर सक्रियता से पहचाने जाते हैं। अनिल विज उन्हीं नेताओं में से एक हैं। वर्तमान में दोनों टांगों में फ्रैक्चर के कारण विश्राम पर होने के बावजूद उनका राजनीतिक और प्रशासनिक संकल्प चर्चा का विषय बना हुआ है। अतीत गवाह है कि विपरीत परिस्थितियाँ उन्हें रोक नहीं पाईं, बल्कि हर चुनौती के बाद वे और अधिक दृढ़ होकर उभरे हैं। कोरोना काल: नेतृत्व की कठिन परीक्षा कोविड-19 महामारी आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े स्वास्थ्य संकटों में से एक मानी जाएगी। जब पूरा देश भय, अनिश्चितता और संसाधनों की कमी से जूझ रहा था, तब हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग की कमान अनिल विज के हाथों में थी। यह वह समय था जब एक-एक निर्णय हजारों लोगों के जीवन से जुड़ा था। महामारी की पहली और दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती थी। संसाधनों की सीमाएँ, तेजी से बढ़ते संक्रमण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति तंत्र की बाधाओं ने परिस्थितियों को और जटिल बना दिया। विपक्ष और सामाजिक संगठनों की ओर से सवाल भी उठे, लेकिन स्वास्थ्य तंत्र को संभालना अपने आप में बड़ी परीक्षा थी। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझने के बावजूद अनिल विज ने सक्रिय प्रशासनिक भूमिका निभाई। उपचार के दौरान भी वे विभागीय बैठकों की निगरानी करते रहे और स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के निर्देश देते रहे। ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहते हुए सचिवालय पहुंचकर समीक्षा बैठकें करने की उनकी छवि ने समर्थकों के बीच उन्हें “कर्तव्यपथ का योद्धा” बना दिया। ऑक्सीजन संकट से मुकाबला दूसरी लहर के दौरान देश के कई हिस्सों में ऑक्सीजन की कमी गंभीर समस्या बन गई थी। हरियाणा में ऑक्सीजन आपूर्ति की नियमित समीक्षा, नए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना और अस्पतालों में पाइपलाइन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास किए गए। जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी बढ़ाई गई। संकट की इस घड़ी में त्वरित निर्णय और समन्वयात्मक प्रशासनिक कार्रवाई पर विशेष जोर रहा। सात बार विधायक: स्थायी जनविश्वास का प्रमाण अंबाला छावनी विधानसभा क्षेत्र से सात बार विधायक चुना जाना उनके लंबे राजनीतिक सफर और मजबूत जनाधार का प्रमाण है। छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका सार्वजनिक जीवन राज्य के वरिष्ठ नेताओं की श्रेणी तक पहुंचा। 1996 में पहली बार विधानसभा पहुंचने के बाद क्षेत्रीय समस्याओं—सड़क, पेयजल, सीवरेज और शहरी विकास—को प्रमुखता से उठाया। 2000 में पुनः जीत ने उनके जनाधार को और विस्तृत किया। 2014 में सत्ता परिवर्तन के बाद मंत्री के रूप में स्वास्थ्य, खेल और शहरी स्थानीय निकाय जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। अस्पतालों के उन्नयन, खेल अधोसंरचना और नगर निकायों में सुधार की दिशा में पहलें की गईं। 2019 के बाद गृह और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभागों की जिम्मेदारी उनके पास रही। महामारी के कठिन दौर में प्रशासनिक सक्रियता और संसाधनों की व्यवस्था पर उनका विशेष ध्यान रहा। स्पष्टवादिता और प्रशासनिक शैली अनिल विज की सबसे बड़ी पहचान उनकी स्पष्टवादिता है। वे राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं—चाहे वह विपक्ष पर टिप्पणी हो या प्रशासनिक निर्णयों की घोषणा। उनकी कार्यशैली में सीधा संवाद, त्वरित निर्णय लेने की प्रवृत्ति, विभागीय जवाबदेही पर जोर और सार्वजनिक मंचों पर स्पष्ट रुख शामिल रहा है। समर्थक उन्हें जुझारू और निर्भीक नेता मानते हैं, जबकि आलोचक उनकी तीखी बयानबाजी को विवादास्पद बताते हैं। परंतु यह निर्विवाद है कि वे हरियाणा की राजनीति के प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते हैं। संघर्ष से सशक्त नेतृत्व वर्तमान में स्वास्थ्यगत कारणों से विश्राम पर होने के बावजूद उनके समर्थकों का मानना है कि यह दौर भी अस्थायी है। अतीत में भी स्वास्थ्य चुनौतियों और राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बीच उन्होंने सक्रियता बनाए रखी है। नेतृत्व की असली परीक्षा संकट के समय होती है। कोरोना काल से लेकर वर्तमान परिस्थितियों तक, उनका सार्वजनिक जीवन इस बात का उदाहरण प्रस्तुत करता है कि चुनौतियाँ यदि दृढ़ इच्छाशक्ति से टकराएँ तो वे बाधा नहीं, बल्कि नई शक्ति का स्रोत बन जाती हैं। विपरीत परिस्थितियों से निकलकर और मजबूत होकर सामने आना—यही अनिल विज की राजनीतिक यात्रा की पहचान रही है।

बोर्ड परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों पर शिकंजा कसेंगे क्यूआर कोड और उड़नदस्ते

भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वार्षिक बोर्ड परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो रही हैं। बोर्ड प्रशासन ने परीक्षाओं को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। इस बार परीक्षार्थियों की रोल नंबर स्लिप (प्रवेश-पत्र) पर विशेष सुरक्षा फीचर और क्यू.आर. कोड लगाए गए हैं, जिनकी मदद से फर्जी परीक्षार्थियों पर सख्ती की जाएगी। प्रवेश-पत्र पर लगाए गए क्यू आर कोड को उड़नदस्ते मौके पर स्कैन कर परीक्षार्थी की फोटो और विवरण की जांच कर सकेंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर नकल या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विद्यालय के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि 25 फरवरी से 12वीं और 26 फरवरी से 10वीं की परीक्षाएं शुरू होंगी। इस बार कुल 5,71,767 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे। इनमें 10वीं के 1,55,027 छात्र और 1,40,721 छात्राएं तथा 12वीं के 1,41,566 छात्र और 1,29,097 छात्राएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त डी.एल.एड. परीक्षा में 5,356 छात्र अध्यापक भी शामिल होंगे। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब 60 हजार अधिक परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। 10वीं की परीक्षाएं 20 मार्च को तथा 12वीं की परीक्षाएं 1 अप्रैल को संपन्न होंगी। राज्यभर में बनाए गए लगभग 1,420 परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए 325 उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वायड) तैनात किए गए हैं। 30 मिनट पहले पहुंचे परीक्षार्थी बोर्ड चेयरमैन ने निर्देश दिए हैं कि सभी परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें। प्रवेश-पत्र पर तिथि अनुसार परीक्षार्थी और पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे, इसलिए प्रवेश-पत्र का लैमिनेशन न करवाया जाए। परीक्षा केंद्र में मोबाइल, कैलकुलेटर, स्मार्ट वॉच या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। रंगीन प्रिंट आऊट अनिवार्य बोर्ड की वैबसाइट www.bseh.org.in  पर उपलब्ध लिंक से प्रवेश-पत्र का रंगीन प्रिंट आऊट ए-4 साइज पेपर पर निकालना अनिवार्य होगा। विद्यालयी और स्वयंपाठी परीक्षार्थियों को आवेदन के समय स्कैन की गई फोटो रंगीन प्रवेश पत्र पर चिपकाकर सत्यापित करवानी होगी। प्रवेश-पत्र और मूल पहचान पत्र (आधार कार्ड आदि) के बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों को अपने आधार कार्ड पर नवीनतम फोटो अपडेट कराने की भी सलाह दी है।

राजकीय सम्मान के साथ पीएसआई का अंतिम संस्कार

फरीदाबाद. थाना मुजेसर क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर 24 स्थित एक केमिकल वर्कशॉप में भीषण आग व केमिकल विस्फोट के दौरान जान माल के बचाव राहत कार्य में बहादुरी व साहस से ड्यूटी निभाते हुए पीएसआई रवि कुमार कश्यप शहीद हो गये। वह मूल रूप से जिला कैथल के गांव क्योड़क के रहने वाले थे और उनकी तैनाती मुजेसर थाना में थी। मुजेसर स्थित केमिकल फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलने पर पीएसआई रवि कुमार कश्यप बिना देरी किये मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालते हुए बचाव राहत कार्य शुरू करवाया। इसी दौरान अचानक आग ने विस्फोट का रूप ले लिया, जिससे कई लोग झुलस गए। लोगों को बचाने के प्रयास में पीएसआई रवि कुमार भी गंभीर रूप से झुलस गए। जिनका सफदरजंग अस्पताल दिल्ली में इलाज चल रहा था, जहां 21 फरवरी को उपचार के दौरान उनका देहांत हो गया। रविवार को शहीद पीएसआई रवि कुमार का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव क्योड़क में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।