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बोर्ड एग्जाम में सख्ती: केंद्रों पर पुलिस तैनात, DC ने संभाली कमान

गुड़गांव हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वार्षिक बोर्ड की परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं। आज कक्षा 12वीं का अंग्रेजी विषय का पेपर जिले में शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सभी परीक्षा केंद्रों पर समयबद्ध तरीके से परीक्षा कराई गई और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी रखी गई। उन्होंने बताया कि कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 26 फरवरी से प्रारंभ होगी, जिसके लिए भी जिले में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था और सुरक्षा के इंतजाम जांचने के लिए आज जिला उपायुक्त अजय कुमार स्वयं मैदान में उतरे। उन्होंने कई परीक्षा केंद्रों का जायजा भी लिया।   इसके साथ ही डीसी ने लघु सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा संबंधित अधिकारी अपनी ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाएं। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक कर निर्देश दिए हैं कि बोर्ड परीक्षाएं पूरी तरह नकल मुक्त, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराई जाएं।   डीसी ने बताया कि जिले में इस वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। 10वीं कक्षा में कुल 15,943 परीक्षार्थी (8000 छात्र व 7,943 छात्राएं) तथा 12वीं कक्षा में 14,446 परीक्षार्थी (7,290 छात्र व 7,156 छात्राएं) परीक्षा देंगे। विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 26 फरवरी से 20 मार्च तक तथा 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 25 फरवरी से 1 अप्रैल तक आयोजित होंगी। इसके लिए जिले में कुल 65 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 25 ग्रामीण और 40 शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। डीसी अजय कुमार ने बताया कि जिले के एक परीक्षा केंद्र को संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल, विशेष निगरानी और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की गई है। नकल की किसी भी संभावना को रोकने के लिए उड़नदस्तों का गठन किया गया है, जो परीक्षा अवधि के दौरान औचक निरीक्षण करेंगे। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, डिजिटल वॉच व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे तथा विद्यार्थियों की प्रवेश से पूर्व सघन जांच की जाएगी। इसके साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, शौचालय, बैठने की समुचित व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने अभिभावकों और आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें। भ्रामक सूचना या फेक न्यूज फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में गुरुग्राम के एसडीएम परमजीत चहल, बादशाहपुर के एसडीएम संजीव सिंगला, सोहना के एसडीएम अखिलेश, जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।  

मानवता की मिसाल: मुश्किल वक्त में पुलिस ने संभाली जिम्मेदारी, पिता ने नम आंखों से कहा धन्यवाद

रेवाड़ी मॉडल टाउन थाना में कार्यरत कुक किशोर कुमार की बेटी निशा की शादी पुलिस विभाग के सहयोग से सम्मानपूर्वक और सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार को विवाह आयोजन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन थाना प्रभारी रतनलाल और पुलिस कर्मचारियों की मदद से यह सपना साकार हो सका। इस अवसर पर कुक किशोर कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि मेरी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बेटी की शादी को लेकर मैं बहुत चिंतित था। समझ नहीं आ रहा था कि इतने बड़े आयोजन को कैसे कर पाऊंगा। थाना प्रभारी रतनलाल और पूरे स्टाफ ने जिस तरह से सहयोग किया, वह मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पुलिस विभाग ने हमारे परिवार की इज्जत और सम्मान दोनों को बनाए रखा, इसके लिए मैं तहेदिल से आभारी हूं। वहीं थाना प्रभारी रतनलाल ने कहा कि पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है। जब हमें पता चला कि आर्थिक परेशानी के कारण एक परिवार बेटी की शादी को लेकर परेशान है, तो हमने तय किया कि सभी मिलकर उनकी मदद करेंगे। यह हमारा सामाजिक और नैतिक दायित्व है। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस कर्मचारियों ने स्वेच्छा से सहयोग कर आवश्यक सामान, व्यवस्थाएं और अन्य प्रबंध किए, ताकि विवाह समारोह सम्मानजनक ढंग से संपन्न हो सके। परिवार और स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से समाज में सकारात्मक संदेश गया है। यह घटना पुलिस विभाग की संवेदनशीलता, सेवा भावना और सामाजिक सरोकारों का जीवंत उदाहरण है।

14 लाख बच्चों का भरोसा कायम! 7 साल में मिड डे मील की गुणवत्ता पर बेहद कम शिकायतें

चंडीगढ़ हरियाणा में मिड डे मील योजना के तहत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अनुसार, पिछले सात वर्षों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर केवल 14 शिकायतें ही प्राप्त हुई हैं। वर्तमान में 14 लाख से अधिक विद्यार्थी इस योजना का लाभ ले रहे हैं। यह जानकारी कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सदन में दी। विधायक ने वर्ष 2019 से वित्त वर्ष 2025-26 तक विद्यार्थियों की संख्या, स्वीकृत राशि, भुगतान और जिला-वार शिकायतों का पूरा विवरण मांगा था। शिक्षामंत्री ने जिलेवार आंकड़े प्रस्तुत किए। कुल मिलाकर सात वर्षों में कुरुक्षेत्र से सर्वाधिक 6 शिकायतें प्राप्त हुईं। गुरुग्राम और हिसार से 2-2 शिकायतें, जबकि फरीदाबाद, जींद और करनाल से 1-1 शिकायत दर्ज की गई। वहीं, कोविड-19 महामारी के दौरान वर्ष 2021-22 में लगभग 72 करोड़ भोजन पकाने की लागत के रूप में सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेजे गए। इसके अलावा 141 – करोड़ दूध पाउडर के लिए वीटा को भुगतान किए। वर्ष 2025-26 में हांसी को नया जिला बनाया। संबंधित राशि फिलहाल हिसार के माध्यम से जारी की है।

हाइड्रोजन ट्रेन ट्रायल पर जींद जंक्शन से हुई रवाना

चंडीगढ़. हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल बुधवार सुबह शुरू हो गया है। सुबह साढ़े आठ बजे ट्रेन को जींद स्टेशन से रवाना किया गया। इसके बाद ट्रेन को भम्भेवा स्टेशन तक चलाकर विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी। रेलवे विभाग की तकनीकी टीम सुबह से ही तैयारियों में जुटी हुई थी। ट्रायल के दौरान इंजन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, ईंधन खपत और सुरक्षा मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा। ट्रायल के दौरान ट्रैक की स्थिति, सिग्नलिंग सिस्टम और इंजन के प्रदर्शन पर विशेष नजर रखी जाएगी। बताया जा रहा है कि यदि आज का ट्रायल सफल रहता है तो इस ट्रेन को सोनीपत ट्रैक पर नियमित रूप से चलाने के लिए हरी झंडी मिल सकती है। इससे क्षेत्र के यात्रियों को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त रेल सेवा का लाभ मिलेगा। साथ ही रेलवे के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि हाइड्रोजन तकनीक को अपनाने की दिशा में यह अहम कदम है। सुरक्षा की दृष्टि से ट्रायल के दौरान आम लोगों से ट्रैक के पास न जाने की अपील की है। सफल परीक्षण के बाद जल्द ही इस ट्रेन के नियमित संचालन की हरी झंडी मिल सकती है।

हरियाणा में सीएम सैनी की निगरानी में बड़ी परियोजनाएं समय पर होंगी पूरी

चंडीगढ़. हरियाणा में अब बड़ी परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी। व्यापक आर्थिक, सामाजिक और दीर्घकालिक प्रभाव वाली 100 महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं की पहचान कर उनकी उच्चतम स्तर पर निगरानी की जाएगी ताकि परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी हो सकें। इसके लिए संबंधित विभाग के 4-5 अधिकारियों की टास्क फोर्स बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हर महीने खुद इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे ताकि इनमें आने वाली बाधाओं को दूर कर क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि टास्क फोर्स परियोजनाओं की निगरानी करेगी। परियोजनाओं में देरी की पहचान करेगी और आवश्यकता अनुसार अंतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि सुशासन के परिणामों को बेहतर बनाने और जन विश्वास को मजबूत करने के लिए के प्रमुख विकास परियोजनाओं का समय पर पूरा होना अत्यंत आवश्यक है। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग अपनी-अपनी प्रमुख परियोजनाओं की पहचान कर जल्द से जल्द इनकी सूची हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम को भिजवाएं।

IPS पूरन कुमार की बेटी को नौकरी देगी हरियाणा सरकार

पंचकूला. आत्महत्या करने वाले आइपीएस वाई पूरन कुमार के परिजनों को नौकरी नहीं देने का मामला विधानसभा में उठा। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने यह मामला उठाते हुए कहा कि जैसे आपने एएसआइ संदीप लाठर की पत्नी को नौकरी दी, वैसे ही वाई पूरन कुमार की बेटी को भी नौकरी देनी चाहिए। मुआवजा भी देना चाहिए। इस मुद्दे पर जब सदन में विवाद बढ़ा तो कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि सरकार की ओर से वाई पूरन कुमार की बेटी को नौकरी का ऑफर किया गया है। वह आवेदन करेंगी तो सरकार उन्हें नौकरी देने के लिए तैयार है। आठ पन्नों का लिखा था सुसाइड नोट बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में आइपीएस वाई पूरन कुमार ने सात अक्टूबर को अपने सेक्टर-11 स्थित निवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने मरने से पहले आठ पन्नों के फाइनल नोट में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और पूर्व एसपी रोहतक नरेंद्र बिजारणिया सहित कई अधिकारियों पर जातीय उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। आत्महत्या को लेकर एसआईटी गठित हरियाणा के वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया गया था। जिला अदालत से उनका लैपटॉप हासिल करने की मंजूरी मिल गई है, जिसके टीम को अहम सुराग हाथ लगे थे।

हरियाणा में फाग के रंग में घुलेगी गर्मी की पहली दस्तक

चंडीगढ़. फरवरी का आखिरी सप्ताह आने तक मौसम की रंगत पूरी तरह बदल चुकी है। खिली धूप ने जहां सुबह-शाम की हल्की ठंड को सीमित कर दिया है, वहीं आगामी सप्ताह के तापमान ने संकेत दे दिए हैं कि इस बार होली और दुल्हेंडी (फाग) पर मौसम पूरी तरह अनुकूल और गर्म रहेगा। आसमान साफ होने और धूप तेज होने से अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे दिन में अब पसीने छूटने की संभावनाएं बन रही हैं। यह भी कहा जा सकता है कि इस बार होली का हुड़दंग गर्मी की गुनगुनी धूप के बीच मनेगा। जहां एक ओर मौसम का बदलाव सुकून देने वाला है, वहीं खेती और सेहत के प्रति थोड़ी सी सावधानी आपको त्योहार के उल्लास को दोगुना करने में मदद करेगी। मौसम विभाग और स्थानीय आंकड़ों के अनुसार, आगामी सात दिनों में झज्जर का पारा कुछ इस प्रकार रहेगा: दिन – मौसम – अधिकतम – न्यूनतम     बुधवार – खिली धूप – 28 – 13     गुरुवार – खिली धूप – 30 – 13     शुक्रवार – खिली धूप – 31 – 14      शनिवार – खिली धूप – 31 – 16     रविवार – खिली धूप – 31 – 16     सोमवार – खिली धूप – 31 – 16     मंगलवार – खिली धूप – 32 – 17 बाजार की बदली सूरत, गन्ने के रस और जूस की बहार गर्मी की आहट देखते ही शहर के मुख्य चौकों और बाजारों में खान-पान का परिदृश्य बदल गया है। सर्दियों में जहां मूंगफली और गज्जक की दुकानें सजी थीं, अब वहां गन्ने के रस और ठंडे जूस की रेहड़ियां नजर आने लगी हैं। लोग अब गर्म चाय की जगह ठंडे पेय पदार्थों को तरजीह देने लगे हैं। पहनावे में बदलाव -अलमारियों में कैद हुए भारी ऊनी कपड़े मौसम में आए इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर पहनावे पर दिख रहा है। अब भारी कोट और स्वेटर गायब हो चुके हैं। लोग हल्के सूती कपड़ों और हाफ-टीशर्ट तक में दिखने लगे हैं। घरों में रजाइयों की जगह हल्की चादरों ने ले ली है और पंखों की साफ-सफाई का दौर भी प्रारंभ हो गया है। जैसा कि संभावना दिख रही है, को लेकर लगता है कि जल्द ही इनकी स्पीड भी बढ़ेगी। खेती-किसानी – गेहूं की फसल के लिए निर्णायक समय कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में अचानक होने वाली यह वृद्धि खेती के लिए मिश्रित संकेत है। सावधानी: बढ़ती धूप गेहूं की फसल को समय से पहले पका सकती है, जिससे दानों के वजन में कमी आने की आशंका रहती है। सलाह: कृषि विशेषज्ञ डा. सुमित ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में नमी बरकरार रखें और जरूरत के समय शाम के समय हल्की सिंचाई करें ताकि तापमान का प्रतिकूल प्रभाव फसल पर न पड़े। सेहत का ख्याल – वायरल और डिहाइड्रेशन से बचें बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है। वरिष्ठ चिकित्सक डा. संजीव हसीजा के मुताबिक, हो रहे बदलाव में फ्रिज का एकदम ठंडा पानी पीने से बचें, इससे गला खराब और वायरल बुखार हो सकता है। धूप में निकलने पर पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) न हो। चूंकि फाग पर तापमान 30 डिग्री से ऊपर होगा, इसलिए त्वचा को रंगों के दुष्प्रभाव और धूप की कालिमा से बचाने के लिए क्रीम या नारियल तेल का उपयोग करें।

IDFC फर्स्ट बैंक हरियाणा घोटाला: 590 करोड़ की हेराफेरी में मास्टरमाइंड गिरफ्तार, जानें कैसे खुला मामला

  चंडीगढ़ हरियाणा में IDFC First Bank से जुड़ा करीब 590 करोड़ का घोटाला सामने आने के बाद सियासत से लेकर जांच एजेंसियों तक हड़कंप मच गया है. चंडीगढ़ ब्रांच से जुड़े इस मामले में देर रात विजिलेंस ने मास्टरमाइंड समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि सरकार का दावा है कि पूरी रकम वापस मंगा ली गई है. लेकिन सवाल अब भी बरकरार हैं. आखिर यह घोटाला हुआ कैसे? इस पूरे मामले में विजिलेंस ने 24 फरवरी की शाम करीब 6 बजे कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड रिभव ऋषि समेत चार आरोपियों अभय कुमार, स्वाति सिंगला और अभिषेक सिंगला को गिरफ्तार कर लिया है. रिभव ऋषि, जो पहले बैंक में मैनेजर रह चुका था और फिलहाल AU Small Finance Bank में तैनात था, उस पर आरोप है कि उसने फर्जी कंपनियां बनाकर सरकारी धन के गबन की साजिश रची. अब एजेंसियां पूरे नेटवर्क और मनी ट्रेल को खंगालने में जुट गई हैं. कैसे सामने आया 590 करोड़ का घोटाला इस पूरे मामले की शुरुआत एक सामान्य प्रक्रिया से हुई. हरियाणा सरकार ने फरवरी 2026 के आसपास एक आदेश जारी कर IDFC First Bank और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक को सरकारी कामकाज से डी-एम्पैनल कर दिया. विभागों को निर्देश दिया गया कि वे इन बैंकों में जमा अपने फंड को तुरंत अन्य अधिकृत बैंकों में ट्रांसफर करें. जब एक विभाग ने चंडीगढ़ स्थित बैंक शाखा से अपना खाता बंद करने और पैसा ट्रांसफर करने का अनुरोध किया, तब असली गड़बड़ी सामने आई. खाते में दिख रही रकम और वास्तविक बैलेंस में भारी अंतर था. जांच बढ़ी तो पता चला कि कई सरकारी खातों से जुड़ी रकम गायब है. शुरुआती जांच में करीब 490 करोड़ की गड़बड़ी सामने आई, जो बाद में बढ़कर लगभग 590 करोड़ तक पहुंच गई. क्या था घोटाले का तरीका जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह कोई हाई-टेक साइबर फ्रॉड नहीं था, बल्कि बेहद पारंपरिक तरीके से किया गया घोटाला था. आरोप है कि बैंक के कुछ कर्मचारियों ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर फर्जी चेक और अनधिकृत ट्रांजेक्शन के जरिए सरकारी खातों से पैसे निकालकर अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए. इस पूरे खेल में फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया, ताकि पैसे के ट्रेल को छिपाया जा सके. सूत्रों के मुताबिक, इस साजिश का मास्टरमाइंड रिभव ऋषि था, जो पहले IDFC फर्स्ट बैंक में मैनेजर रह चुका है और बाद में AU Small Finance Bank में तैनात था. बैंक और सरकार की त्वरित कार्रवाई घोटाला सामने आते ही बैंक और सरकार दोनों ने तेजी से कदम उठाए. बैंक ने चार कर्मचारियों को सस्पेंड किया. पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. भारतीय रिजर्व बैंक को सूचना दी. इसके बाद KPMG से फोरेंसिक ऑडिट शुरू कराया. वहीं, हरियाणा सरकार ने सभी विभागों को बैंक से पैसा निकालने के निर्देश दिए. खातों को तुरंत बंद करने को कहा. जांच के लिए विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो को लगाया. इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में कहा कि सरकार ने समय रहते गड़बड़ी पकड़ ली और हर पैसा सुरक्षित वापस ले लिया गया है. विपक्ष का हमला- CBI जांच की मांग इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है. विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है. उनका कहना है कि सिर्फ पैसा वापस आना काफी नहीं है. यह भी सामने आना चाहिए कि इसके पीछे कौन-कौन जिम्मेदार है और पैसा आखिर गया कहां. कांग्रेस नेता बीबी बत्रा ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती और यह बताना होगा कि जनता का पैसा कैसे और कहां इस्तेमाल हुआ. सरकार की ओर से इस मामले में क्या कहा गया सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि यह पहली बार है जब इतनी बड़ी रकम को इतनी तेजी से रिकवर किया गया है. मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैतली के मुताबिक, सरकार ने खुद बैंक को गड़बड़ी की जानकारी दी और इसके बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कराई गई. बाजार पर असर- निवेशकों को झटका इस घोटाले का असर शेयर बाजार पर भी पड़ा. IDFC फर्स्ट बैंक के शेयरों में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ. अनुमान है कि कुछ ही घंटों में करीब 14,000 करोड़ का मार्केट वैल्यू मिट गया. RBI का बयान इस पूरे मामले पर संजय मल्होत्रा (RBI गवर्नर) ने कहा कि यह एक लोकलाइज्ड मामला है और इससे बैंकिंग सिस्टम पर कोई व्यापक खतरा नहीं है. हालांकि, RBI स्थिति पर नजर बनाए हुए है. बड़ा सवाल- जिम्मेदार कौन? हालांकि सरकार ने दावा किया है कि पूरा पैसा वापस मिल गया है, लेकिन कई सवाल अब भी बाकी हैं. क्या यह सिर्फ कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत थी या बड़ा नेटवर्क? फर्जी कंपनियों के जरिए पैसा कहां-कहां गया? क्या इसमें सरकारी अधिकारियों की भी भूमिका थी? सरकार ने संकेत दिए हैं कि कुछ सरकारी कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, लेकिन अभी नाम उजागर नहीं किए गए हैं. अब इस पूरे मामले में आगे क्या? फिलहाल मामले की जांच जारी है. फोरेंसिक ऑडिट, बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन ट्रेल और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश की जा रही है. सरकार ने साफ कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे बैंक से जुड़े हों या सरकारी तंत्र से जुड़ा हो.  

हरियाणा में पिछली बार नकल में शामिल 35 परीक्षा केंद्रों में नहीं होंगी परीक्षाएं

चंडीगढ़/भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में नकल के खेल को समाप्त करने के लिए इस बार बोर्ड प्रशासन सख्त है। पिछले वर्ष नकल में संलिप्त प्रदेशभर के 35 परीक्षा केंद्रों को इस बार ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इस बार कुछ नए केंद्र बनाए गए हैं। प्राइवेट स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों के लिए सीसीटीवी अनिवार्य है। वहीं केंद्रों के खिड़की-दरवाजे दुरुस्त हों और केंद्र की चहारदीवारी होनी जरूरी की गई है। बोर्ड ने इस बार 1431 परीक्षा केंद्र बनाए हैं, जहां करीब पांच लाख 66 हजार 411 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। 12वीं के पेपर से होगी शुरुआत : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं, 12वीं एवं डीएलएड की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इनमें 25 से 12वीं कक्षा और 26 फरवरी से 10वीं की परीक्षाएं शुरू होंगी। 10वीं, 12वीं (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाओं में दो लाख 96 हजार 593 लड़के और दो लाख 69 हजार 818 लड़कियां परीक्षार्थी हैं। इसके अतिरिक्त डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में 5356 छात्र-अध्यापक परीक्षा देंगे। परीक्षाओं का समय दोपहर 12:30 से 3:30 बजे तक रहेगा। परीक्षा आरंभ होने से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचना जरूरी है। प्रवेश-पत्र पर तिथि अनुसार परीक्षार्थी एवं पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर होने अनिवार्य है। परीक्षा केन्द्र में इलेक्ट्रानिक्स सामान जैसे मोबाइल, कैलकुलेटर, स्मार्ट वाच आदि का प्रयोग वर्जित होगा। बिना प्रवेश-पत्र के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्रों के औचक निरीक्षण के लिए 320 उड़नदस्तों का गठन किया है। सभी परीक्षा केन्द्रों के आसपास धारा-163 लागू की गई है। परीक्षा केंद्रों के निकट फोटोस्टेट की दुकानें व कोचिंग सेंटर भी बंद रहेंगे। नकल रहित परीक्षा की अपील बोर्ड अधिकारियों ने सभी ग्राम पंचायतों से परीक्षा के नकल रहित व सुचारू रूप से संचालन मे सहयोग देने की अपील की। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. पवन कुमार ने बताया कि परीक्षाओं को नकल रहित कराने के लिए इस बार विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। अधिकतर परीक्षा केंद्र सीसीटीवी कैमरो की निगरानी में रहेंगे। चुनौती यह भी  ग्रामीण ही नहीं शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में कई खिड़कियां टूटी हुई हैं इनकी मरम्मत नहीं कराई गई। यहां से बाहरी हस्तक्षेप रोकना बड़ी चुनौती है।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

चंडीगढ़ कांग्रेस विधायक आज बीजेपी सरकार के खिलाफ मोर्चा निकालते हुए विधानसभा पहुंचे। सभी विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में विधानसभा का घेराव किया। हाईकोर्ट चौक से विधानसभा तक निकाले गए इस रोष प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने एक हाथ में विभिन्न समस्याओं पर लिखी तख्तियां और दूसरे हाथ में झुनझुना लेकर नारेबाजी की। इस प्रतीकात्मक विरोध के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया कि हरियाणा की जनता तमाम गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, जबकि बीजेपी सरकार केवल झूठे वादों और खोखले दावों का झुंझना बजाने में व्यस्त है। कांग्रेस विधायकों ने सरकार से इन सभी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्ष के नाते जनता के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक हर मंच पर उठाएगी। बीजेपी जितना अपनी जिम्मेदारी से भागेगी, कांग्रेस उतने पुरजोर तरीके से जनता की पैरवी करेगी। आखिकार सरकार को जवाबदेह बनना ही पड़ेगा। पत्रकारों से बातचीत में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। कानून व्यवस्था से लेकर अर्थव्यवस्था तक, रोजगार से लेकर महंगाई तक, कृषि से लेकर शिक्षा तक, स्वास्थ्य से लेकर स्वच्छता तक, बीजेपी ने सभी क्षेत्रों में अपनी नाकामी और नकारेपन का परिचय दिया है। ये सरकार ना किसानों को एमएसपी व मुआवजा दे पा रही है और ना ही युवाओं को रोजगार दे रही है। ना विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा दे पा रही है और ना ही जनता को सुरक्षा दे रही है। जिस तरह प्रदेश में वारदातें और घोटाले हो रहे हैं, ऐसा लगता है कि यहां सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है। प्रदेश को घोटालेबाज और गैंगस्टर्स के हवाले छोड़ दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने बुजुर्गों की पेंशन काटने पर बोला कि अब सरकार 70 हजार पेंशन रिस्टोर करने का दाव कर रही है। जबकि पहले सरकार कह रही थी कि उसने किसी की पेंशन काटी ही नहीं। अगर काटी नहीं तो रिस्टोर क्यों की जा रही है? पेंशन के साथ साथ, चुनाव से पहले बनाए राशन कार्ड अब काटे जा रहे हैं, जो कि अपने आप में वोट चोरी है। हरियाणा में चुनाव के बाद करीब 14 लाख राशन कार्ड काटे गए हैं। अकेले अंबाला में 54 हजार राशन कार्ड काटे हैं। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बुढ़ापा पेंशन को 200 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये किया था, यानी साढ़े 7 गुना की बढ़ोतरी की थी। वहीं भाजपा सरकार ने 11 साल में इसमें सिर्फ 2 गुना ही बढ़ोतरी की है। जबकि महंगाई तीन-चार गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि इस सरकार में किसानों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। अब खाद के कट्टे का वजन भी 50 से घटाकर 40 किलो किया गया है, जबकि रेट पहले जितना ही है। एमएसपी 24 फसलों पर देने का दावा भी झूठा है, हरियाणा में इतनी फसलें नहीं होतीं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से 2000 करोड़ से ज्यादा मुनाफा कमाया गया, लेकिन क्लेम नहीं मिलते, लोग बीमा छोड़ रहे हैं। अभी 10% तक मुआवजा नहीं दिया गया। मनरेगा पर हुड्डा ने कहा कि मनरेगा कांग्रेस की क्रांतिकारी योजना थी। कांग्रेस सरकार के दौरान देश में सबसे ज्यादा मजदूरी हरियाणा में मजदूरों को दी जाती थी। लेकिन बीजेपी ने सत्ता में आते ही मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात किया। बीजेपी सत्ता में आते मनरेगा को कमजोर करने में जुट गई थी। कांग्रेस द्वारा संसद में पूछे गए सवाल के जवाब से पता चला कि हरियाणा में 8 लाख से अधिक मनरेगा मज़दूर पंजीकृत थे। लेकिन 2024-25 में सरकार ने सिर्फ 2100 परिवारों को ही 100 दिन का काम दिया। सरकार ने मजदूरों को ना को काम दिया और ना ही स्कीम में प्रावधान के तहत मुआवजा दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर महिलाओं के साथ इस सरकार ने धोखा किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में सभी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने का वादा किया गया था, लेकिन अब केवल चंद महिलाओं को ही यह राशि दी जा रही है। जबकि 2024-25 में हरियाणा में 2.13 करोड़ लोग बीपीएल श्रेणी में थे, यानी इस योजना का लाभ लगभग 85 लाख महिलाओं को मिलना चाहिए था। लेकिन वर्तमान में सरकार केवल 8 लाख महिलाओं को ही राशि देने की बात कर रही है। इतना ही नहीं, उसमें भी अब कहा जा रहा है कि महिलाओं को केवल 1100 रुपये मिलेंगे और 1000 रुपये जमा किए जाएंगे। इस पर भी आय की सीमा, बच्चों की शिक्षा तथा कुपोषण जैसी शर्तें थोप दी गई हैं। सरकार जानबूझकर ऐसी शर्तें लगा रही है, जिससे ज्यादातर महिलाएं स्वतः लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएं। बाहरियों को नौकरी देने बारे पूछे गए सवाल के जवाब में हुड्डा ने कहा कि बीजेपी हरियाणवी युवाओं के भविष्य पर कुठाराघात कर रही है। देश में कोई भी ऐसा प्रदेश नहीं है, जो अपनी नौकरियों में स्थानीय युवाओं की बजाए, बाहरी लोगों को तरजीह देता हो। हरियाणा में तो आलम ये है कि बीजेपी सरकार 80 में से 78 पद अन्य राज्य के लोगों को दे देती है। यह नाकाबिले बर्दाश्त है। कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी। हुड्डा ने उदाहरण देते हुए कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद एचपीएससी पीजीटी कंप्यूटर साइंस की 1711 पदों की भर्ती का रिजल्ट आया, लेकिन सिर्फ 39 उम्मीदवार ही पास हुए, जबकि बाकी 1672 पद खाली रह जाएंगे। इससे पहले भी अनेक भर्तियों में पदों को खाली रखा गया है।