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स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से बदलेगा जयपुर, ई-चालान और रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी आसान

जयपुर जयपुर में ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर बनाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। इससे शहर में रोड सेफ्टी को भी सुधारा जाएगा। इस कंट्रोल सेंटर का मुख्य उद्देश्य रियल-टाइम में शहर के ट्रैफिक की निगरानी करना और उसे सुव्यवस्थित बनाना है। गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस संबंध में एक रिव्यू मीटिंग भी ली। इस प्रोजेक्ट के लिए जयपुर ट्रैफिक पुलिस, जयपुर नगर निगम और जयपुर विकास प्राधिकरण एकसाथ मिलकर काम कर रहे हैं। योजना का ब्लू प्रिंट बनाने के लिए डिप्टी कमीशनर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) की अध्यक्षता में एक टीम गठित की गई है। सेंटर बनाने के लिए जमीन की जरूरत AI आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर बनाने के लिए जमीन की जरूरत है और सरकार ने जयपुर विकास प्राधिकरण को जयपुर आयुक्त कार्यालय को जमीन आवंटित करने का निर्देश दिया है, लेकिन अभी तक इसका सीमांकन नहीं हो सका है। नियम तोड़ने वालों की पहचान कर ई-चालान अधिकारियों के मुताबिक AI आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर मौजूदा अभय कमांड सेंटर से ज्यादा एडवांस होगा। यह नियम तोड़ने वालों की पहचान आसानी से कर सकेगा और ऐसे वाहन चालकों को ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) टेक्नॉलजी के जरिए ई-चालान भेजेगा। निगरानी बेहतर होगी AI आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर के जरिए निगरानी बेहतर होगी, पुलिस अधिकारी मौके पर तुरंत पहुंच सकेंगे जिससे ट्रैफिक जाम और रोड सेफ्टी में सुधार होगा। उम्मीद है कि नए कंट्रोल सेंटर से शहर के कुछ सबसे व्यस्त कॉरिडोर जैसे महल रोड, सीकर रोड और न्यू सांगानेर रोड को में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी।

कला: अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का सशक्त माध्यम – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही- मंत्री गुरु खुशवंत साहेब  ‘गौरा’ -राष्ट्रीय दृश्य कला प्रदर्शनी रायपुर गौरा में आपका स्वागत है। यह  प्रदर्शनी आने वाले सभी लोगों के लिए खुशी, प्रेरणा और चिंतन का स्रोत बने। छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा आयोजित तीसरी दृश्य कला प्रदर्शनी ‘गौरा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक महंत घासीदास संग्रहालय, राजभवन के निकट स्थित आर्ट गैलरी, रायपुर में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित प्रदर्शनी देशभर के 100 प्रसिद्ध कलाकारों की कलाकृतियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। इस अवसर पर चार विशिष्ट अतिथि कलाकारों की सहभागिता भी रहेगी।        इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 10 अप्रैल 2026 को मुख्य अतिथि गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन व विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. चित्तरंजन कर ,लेखक रायपुर और वेद प्रकाश भारद्वाज,दृश्य कलाकार, कला लेखक, क्यूरेटर और संपादक, नई दिल्ली के करकमलों द्वारा किया जाएगा, जो इस अवसर को गौरवान्वित करेंगे। उद्घाटन के पश्चात प्रदर्शनी  दर्शकों के लिए खुली रही।‘गौरा’ प्रदर्शनी समकालीन भारतीय कला की विविधता, सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति का उत्सव है। यह कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की कृतियों को देखने और समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगी।           गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं छत्तीसगढ़ की जीवंत और विविध कलात्मक भावना के उत्सव, सीजीपीएजी की उद्घाटन प्रदर्शनी ‘गौरा’ में आपका स्वागत करता हूँ। यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि इसमें हमारे क्षेत्र के 100 प्रगतिशील कलाकार एक साथ आ रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक ने हमारे सांस्कृतिक परिदृश्य के कैनवास पर अपनी अनूठी दृष्टि और रचनात्मकता का योगदान दिया है। यह कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है         डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG),रायपुर ने कहा कि कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही है। गौरा के माध्यम से हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ में मौजूद कलात्मक प्रतिभा के समृद्ध ताने-बाने को प्रदर्शित करना है, जो हमारे कलाकारों को अपनी कहानियों, सपनों और दृष्टिकोणों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं है। यह एक संवाद है, कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है, जो आपको व्यक्तिगत स्तर पर कलाकृतियों का पता लगाने, व्याख्या करने और उनसे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता है। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण है         घासीदास म्युजियम कला वीथिका रायपुर में (CGPAG) की संगठनात्मक संरचना में डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, जितेन साहू को- ऑर्डिनेटर,शांति तिर्की एसोसिएट को-ऑर्डिनेटर तथा अनिल खोबरागड़े, कोषाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ हमारे कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण हैं।  वे हमारे समय के सार को पकड़ते हैं, उन विषयों को संबोधित करते हैं जो हमारी सामूहिक चेतना-पहचान, विरासत, पर्यावरण और मानवीय अनुभव के साथ प्रतिध्वनित होते हैं। प्रत्येक कृति अपने निर्माता की आत्मा में एक खिड़की है, जो शब्दों से परे अंतर्दृष्टि और भावनाएँ प्रदान करती है। यह कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी         डॉ. ध्रुव तिवारी ने बताया कि जब आप ‘गौरा’ में आगे बढ़ते हैं, तो मैं आपको कलाकृतियों से न केवल दृष्टिगत रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। उन्हें आपसे बात करने दें, आपको चुनौती दें और आपको प्रेरित करें। कला में परिवर्तन लाने, विचार को उकसाने और समझ को बढ़ावा देने की शक्ति है। मुझे उम्मीद है कि यह प्रदर्शनी आप में से प्रत्येक के भीतर कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और हमें परिभाषित करने वाली रचनात्मक भावना से गहरा संबंध बनाएगी।          डॉ. ध्रुव तिवारीने कहा कि मैं उन सभी कलाकारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस प्रदर्शनी में अपने कामों का योगदान दिया है, साथ ही आयोजकों, प्रायोजकों और समर्थकों के प्रति भी जिन्होंने ‘गौरा’ को संभव बनाया है। कला के इस उत्सव के पीछे आपकी लगन और जुनून प्रेरक शक्तियाँ हैं।       (CGPAG) के बारे में          छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) एक सक्रिय कला मंच है, जो कलाकारों को एकजुट कर समकालीन कला को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है। (CGPAG) की प्रथम प्रदर्शनी ‘सोहाई’ का आयोजन 12 से 14 अप्रैल 2025 तक महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर में आयोजित की गई थी।

सुप्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया शोक

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अपनी मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों हृदयों में अमिट स्थान बनाया। उनका यह अद्वितीय योगदान युगों-युगों तक अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने माँ वीणापाणि सरस्वती से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

13 अप्रैल को छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 पर प्रेस कांफ्रेंस, प्रमुख अधिकारी करेंगे जानकारी साझा

रायपुर  जनगणना 2027 के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगवा एवं जनगणना कार्य निदेशक छत्तीसगढ, नागरिक पंजीकरण निदेशक छत्तीसगढ़ कार्तिकेय गोयल दिनांक 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) को दोपहर 12:00 बजे सिविल लाइन सर्किट हाऊस के सभाकक्ष में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे । इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आप सादर आमंत्रित हैं । दिनांक: 13 अप्रैल 2026 स्थान: पुराना सर्किट हाऊस के सभाकक्ष में समय: दोपहर 12 बजे

मीडिया आमंत्रण- बजट क्वेस्ट राष्टीय चरण में सम्मिलित होने के संबंध में

रायपुर  माय भारत छत्तीसगढ़,युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा बजट क्वेस्ट के राष्टीय चरण के प्रथम दिवस के अंतगर्त दिनांक 12/04/2026 को  मॉक पार्लियामेंट का आयोजन राजीव गांधी राष्टीय भूजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित किया जाएगा जिमसें महिला प्रतिभागी शामिल होंगे। बजट क्वेस्ट कार्यक्रम छत्तीसगढ़ से 30,000 में से चयनित 150 युवती महिला आरक्षण बिल पर मॉक पार्लियामेंट मे भाग ले रही है।  मीडिया प्रतिनिधियों से अनुरोध है कि वे आज 12/04/2026 को अपरान्ह 02:00 बजे प्रस्तुत होकर युवाओं के विचार को आम जन तक पहुंचाने में सहयोग करें।  धन्यवाद!!

राज्य सरकार अम्बेडकर के मार्ग पर चलने के लिए कटिबद्ध: उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल. उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि केंद्र एवं राज्य सरकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आदर्शो पर चलते हुए वंचित समुदाय को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में मल्हार स्मृति मंदिर, देवास में “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” अंतर्गत हितग्राही सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे । उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले। गांव-गांव, घर-घर संपर्क किया जाएगा । यदि कोई पात्र व्यक्ति वंचित रह गया हो तो उनकी सूची तैयार कर लाभ दिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल लाने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देवास जिले ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में सराहनीय कार्य किया है. बाबा साहेब के योगदान का स्मरण उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने गरीब, शोषित एवं कमजोर वर्ग के लिए संघर्ष किया। उनका जन्म मध्यप्रदेश के महू में हुआ। प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने समरसता एवं समानता का संदेश दिया तथा संविधान निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। साथ ही पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को लाभ वितरित किया गया। सफाई मित्रों को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक देवास श्रीमती गायत्रीराजे पवार, विधायक हाटपीपल्या मनोज चौधरी, अन्य जन प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।  

राजस्थान में ओलावृष्टि से तबाही, ई-गिरदावरी ऐप से नुकसान दर्ज करने की सुविधा

जयपुर राजस्थान में बीते दिनों बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और किसानों को मुआवजा देने की तैयारी की जा रही है। राजस्थान के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शनिवार को यह जानकारी दी। खर्रा के मुताबिक फसलों को हुए नुकसान के लिए गिरदावरी की प्रक्रिया जारी है और किसान खुद भी मोबाइल एप (ई-गिरदावरी) के जरिए अपनी-अपनी फसलों को हुए नुकसान की डिटेल को अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘फसल के नुकसान का आकलन दो तरीके से किया जा रहा है।सरकारी स्तर पर गिरदावरी की जा रही है, और किसान मोबाइल एप का इस्तेमाल करके अपने खेतों से नुकसान की डिटेल भी अपलोड कर सकते हैं।’ कांग्रेस पर भी कसा तंज वहीं पिछली कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘एक समय था जब मुआवजा तभी दिया जाता था जब नुकसान 50% से ज्यादा हो। अब, किसान 33% नुकसान पर भी इसके पात्र हैं, और मुआवजे की राशि में भी बढ़ोतरी की गई है।’ कई जिलों में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान आपको बता दें कि मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। विशेषकर खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसी आशंका जताई गई है कि इस दौरान गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों को भी खासा नुकसान पहुंचा है। बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया था। मुख्यमंत्री ने किया है उचित मदद का वादा बीते महीने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभी जिला क्लेक्टर को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करवाने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। सीएम ने इस दौरान कहा कि किसानों का दर्द उनकी सरकार का ही दर्द है। उन्होंने कहा है कि सभी पीड़ित किसानों को उचित मदद दी जाएगी।  

साइबर ठगी रैकेट का खुलासा, बैंक कर्मचारी फर्जी खाते के आरोप में गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली में साइबर ठगी रैकेट से जुड़े मामले में एक निजी बैंक कर्मचारी की गिरफ्तारी ने जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग दिया है. दिल्ली पुलिस के अनुसार, 35 वर्षीय बैंक कर्मचारी इरशाद मलिक को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाता खोलकर ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी मूल रूप से गाजियाबाद का रहने वाला है. पुलिस ने बताया कि यह मामला अक्टूबर 2023 में द्वारका में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है. शिकायत एक पुलिस अधिकारी ने दर्ज कराई थी, जिसमें उनके बैंक खाते से बिना अनुमति और बिना ओटीपी प्रमाणीकरण के 88 हजार रुपये की अनधिकृत निकासी की बात सामने आई थी. जांच के दौरान सामने आया कि रकम एक निजी बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी. आगे की जांच में पता चला कि यह खाता एक निजी फर्म के नाम पर खोला गया था, लेकिन इसके लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज फर्जी थे. दस्तावेजों में जिस व्यक्ति का नाम इस्तेमाल किया गया, उसने बाद में ऐसे किसी खाते की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया. फर्जी दस्तावेजों से खोला गया खाता पुलिस के मुताबिक, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की जांच में खाता खोलने वाले फॉर्म पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी पाए गए. साथ ही यह भी सामने आया कि खाता बिना उचित केवाईसी प्रक्रिया पूरी किए ही खोल दिया गया था. यह गंभीर लापरवाही और जानबूझकर नियमों की अनदेखी का मामला माना जा रहा है. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इरशाद मलिक की मुलाकात सह-आरोपी हरजिंदर उर्फ हरजी से हुई थी. हरजी ने उसे कमीशन का लालच देकर ऐसे फर्जी खातों को खोलने और ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के लिए तैयार किया. पुलिस ने 10 अप्रैल को आरोपी को न्यू फ़्रेंड्स कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाता खोला और ठगी की रकम को आगे भेजने के बदले कमीशन लिया. पुलिस के अनुसार यह खाता एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क में इस्तेमाल हो रहा था, जहां लोगों को सोशल मीडिया समूहों के जरिए नकली निवेश और पार्ट-टाइम नौकरी के झांसे देकर फंसाया जाता था. पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं चार आरोपी पुलिस ने बताया कि इस मामले में चार सह-आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी के इस बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.

अब चाल-ढाल से भी होगी पहचान, विदिशा में अपराधियों का पूरा बायोमेट्रिक डेटा तैयार

विदिशा जिले में अब संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर अपराधियों की खैर नहीं है। पुलिस विभाग अपराधियों पर नकेल कसने के लिए तकनीक का सहारा लेते हुए एक ऐसी डिजिटल कुंडली तैयार कर रहा है, जिससे बच पाना लगभग नामुमकिन होगा। इसके लिए विभाग द्वारा विशेष 'मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट' का गठन किया गया है। यह यूनिट अपराधियों का बायोडाटा ठीक उसी तरह तैयार कर रही है, जैसे आम नागरिकों का आधार कार्ड बनाया जाता है। शुरुआती चरण में गंभीर अपराधों में संलिप्त, संपत्ति संबंधी अपराधी और कोर्ट में पेशी पर आने वाले बंदियों का संपूर्ण विवरण दर्ज करना शुरू कर दिया गया है। पुतलियों की स्कैनिंग और 'चाल' का भी होगा रिकॉर्ड पुलिस मुख्यालय से प्राप्त अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से अब अपराधियों की पहचान के लिए केवल नाम-पता काफी नहीं होगा। मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट में अपराधियों की सटीक ऊंचाई, चेहरे के चार अलग-अलग कोणों (एंगल्स) से लिए गए उच्च गुणवत्ता वाले फोटोग्राफ और पूरे शरीर की कद-काठी का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। तकनीक का स्तर इतना सूक्ष्म है कि अपराधियों की आंखों की पुतलियों (आईरिस रेटिना) की स्कैनिंग भी की जा रही है। इसके अलावा, अपराधी के चलने का तरीका यानी उसकी 'चाल' (गैट एनालिसिस) को भी वीडियो के माध्यम से रिकॉर्ड किया जा रहा है, ताकि हुलिया बदलने पर भी उसे पहचाना जा सके। चौराहों पर लगे कैमरों से होगी लाइव ट्रैकिंग इस हाईटेक डाटा का सबसे बड़ा लाभ अपराधियों की धरपकड़ में मिलेगा। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को इस डाटाबेस से जोड़ा जाएगा। यदि कोई वांछित अपराधी फरार होता है, तो कैमरों में उसकी चाल-ढाल या चेहरे की हल्की सी झलक मिलते ही सिस्टम पुलिस को अलर्ट कर देगा। इतना ही नहीं, यदि अपराधी किसी स्थान पर अपने फिंगर प्रिंट का उपयोग करता है या किसी वारदात स्थल पर उसके निशान मिलते हैं, तो तत्काल उसकी कुंडली सामने आ जाएगी। निजता के अधिकार के चलते पुलिस ने विकसित किया अपना सिस्टम तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, अपराधियों का यह डाटा आधार के सर्वर से भी लिया जा सकता था, लेकिन 'राइट टू प्राइवेसी' (निजता के अधिकार) और कानूनी पेचिदगियों के चलते पुलिस विभाग आधार का डाटा साझा नहीं कर सकता। यही कारण है कि पुलिस विभाग अपना स्वतंत्र डिजिटल तंत्र विकसित कर रहा है। विदिशा जैसे जिलों से शुरू हुआ यह डाटा सीधे स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एसटीआरबी) और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) से लिंक किया जा रहा है, जिससे अपराधी एक राज्य से दूसरे राज्य में भागकर भी अपनी पहचान नहीं छुपा पाएगा। हर थाने में लगेगी बायोमेट्रिक मशीन पुलिस की योजना इस व्यवस्था को भविष्य में प्रत्येक थाने तक विस्तार देने की है। वर्तमान में यह जिला मुख्यालय स्तर पर संचालित है, लेकिन आने वाले समय में हर थाने में फिंगर प्रिंट लेने वाली बायोमेट्रिक मशीनें और एचडी कैमरे लगाए जाएंगे। हालांकि, इसके लिए पर्याप्त तकनीकी स्टाफ की आवश्यकता होगी। स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही हर थाने में आने वाले संदिग्धों और अपराधियों का डाटा तत्काल पोर्टल पर अपलोड होने लगेगा। अपराधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग और उनकी धरपकड़ को त्वरित बनाने के लिए मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट बनाई गई है। इसमें आधुनिक उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं। वर्तमान में गंभीर और संपत्ति संबंधी अपराधियों का डाटा जुटाया जा रहा है, जिसे नेशनल ग्रिड से जोड़ा जा रहा है। पर्याप्त स्टाफ मिलते ही यह व्यवस्था जिले के सभी थानों में अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। – रोहित काशवानी, एसपी, विदिशा।

युद्ध का पर्यटन पर असर: शाही ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स में सिर्फ 30 यात्री पहुंचे जैसलमेर

जैसलमेर ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और फिर मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर राजस्थान पर भी पड़ रहा है. दुनिया की सबसे आलीशान ट्रेनों में शुमार ‘पैलेस ऑन व्हील्स' के लिए इस पर्यटन सीजन निराशाजनक रहा. वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध और तनावपूर्ण हालात का सीधा असर इस शाही ट्रेन के यात्री भार पर पड़ा है.  इस सीजन के अंतिम फेरे पर पैलेस ऑन व्हील्स मात्र 30 यात्रियों को लेकर जैसलमेर पहुंची. इसके चलते अब पर्यटन इंडस्ट्री से जुड़े व्यवसायी काफी निराश हैं. आशंका है कि टूरिज्म इंडस्ट्री को इससे भारी नुकसान हो सकता है. स्टेशन पर ढोल-नगाड़ों से ट्रेन का स्वागत जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का भव्य स्वागत किया गया. ढोल-नगाड़ों की गूंज, लोकसंगीत और पारंपरिक नृत्य के बीच विदेशी सैलानियों का गर्मजोशी से अभिनंदन हुआ. यात्रियों ने मिडल ईस्ट में चल रहे तनाव को यात्री भार कम होने का बड़ा कारण बताया और विश्व शांति की प्रार्थना की. मिडल ईस्ट में युद्ध के अलावा पहले भी रूस-यूक्रेन युद्ध और हमास-इजरायल तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या घटी थी. पहले ट्रेन में 70-80 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी रहती थी, लेकिन इस बार अंतिम फेरे में केवल 26 प्रतिशत यात्री ही सवार थे. 32 में से 10 फेरे रद्द इस सीजन में कुल 32 फेरों में से 10 फेरे रद्द करने पड़े. जैसलमेर रेलवे स्टेशन अधीक्षक पंकज कुमार झा ने बताया कि कोरोना काल के बाद पर्यटन उद्योग पर बुरा प्रभाव पड़ा. हाल ही में ईरान-इजराइल युद्ध के कारण विदेशी पर्यटकों की आवक घटी, जिससे कई फेरे रद्द करने पड़े. अभी तक लगभग 10 फेरे ही पूरे हो पाए हैं. लोक कलाकारों की आजीविका पर भी संकट ट्रेन का 1982 में शुरू होना और 2023 में निजीकरण के बाद आधुनिक सुविधाओं से लैस होना भी अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने में पूरी तरह सफल नहीं हो सका. अत्यधिक किराया और वैश्विक अस्थिरता दोनों ही बड़ी बाधाएं बनी हुई हैं. इस शाही ट्रेन के यात्री भार में कमी से राजस्थान पर्यटन को बड़ा झटका लगा है. लोक कलाकारों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हुई है. जैसलमेर में कालबेलिया नृत्य करने वाले कलाकार बक्स खान ने कहा कि पर्यटक कम होने से उनके कार्यक्रम घट गए हैं और आजीविका पर असर पड़ा है.