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सम्राट चौधरी समेत कई नामों पर चर्चा, जल्द तय होगा बिहार का अगला CM

 पटना बिहार के नए मुख्यमंत्री के लिए नेता के चयन की कवायद तेज हो गई है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में जल्द ही नेता का चुनाव किया जाएगा। भाजपा संसदीय बोर्ड ने बिहार में पार्टी विधायक दल का नेता चुनने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। हालांकि, भाजपा विधायक दल की बैठक की तारीख अभी तक सामने नहीं आई है। लिस्ट में कई नामों की चर्चा है पर सबसे अधिक दावेदारी सम्राट चौधरी के नाम की हो रही है। यह भी चर्चा है कि भाजपा चौंकाने वाले फैसले करने में माहिर है। पप्पू यादव ने दावा किया है कि जिन नामों की चर्चा हो गई है उन्हें भाजपा सीएम नहीं बनाएगी। नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपने कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। पूरे बिहार समेत केंद्र की सिसायत में हर सचेत, सक्रिए और राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले व्यक्ति की जुबान पर एक ही सवाल है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस सवाल का जवाब देने की कवायद तेज हो गई है। जल्द ही बिहार भाजपा विधायक दल की बैठक में सीएम का चेहरा फाइनल कर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस बैठक के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। भाजपा संंसदीय बोर्ड ने उन्हें यह जिम्मेवारी सौंपी है। इससे पहले शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अमित शाह के आवास पर जाकर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे की मीटिंग हुई। माना जा रहा है कि बिहार में सीएम फेस नई सरकार से स्वरूप पर मंथन हुआ। रविवार को दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने 1 अणे मार्ग जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री आवास पर शुक्रवार शाम से ही के दिल्ली से लौटने के बाद से ही हलचल जारी है। कई मंत्रियों ने पहुंचकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नई सरकार के गठन की समीक्षा की जा रही है। सीएम कौन बनेगा यह भाजपा को तय करना है हालांकि, इसमें नीतीश कुमार की भावना का पूरा खयाल रखा जाएगा। नीतीश कैबिनेट में मंत्री श्रवण कुमार, मदन सहनी भी सीएम आवास पर पहुंचे। शनिवार को भी सम्राट चौधरी सीएम से मिलने गए थे। सीएम ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को भी बुलाया था। इतना तो तय हो गया है कि अगले सीएम भाजपा से ही होंगे। सम्राट चौधरी के साथ विजय कुमार सिन्हा, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणू देवी, रमा निषाद, श्रेयसी सिंह, संजीव चौरसिया, जनक राम जैसे नेताओं का नाम चर्चा में है।

सोनामुखी रैली में गरजे योगी, बोले- बंगाल में खत्म होगी गुंडागर्दी

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को बंगाल में बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करने पहुंचे। इस दौरान उन्होने ममता के गढ़ सोनामुखी में रैली को संबोधित किया। योगी के निशाने पर टीएमसी रही। उन्होने कहा कि टीएमसी के लोग चाहते हैं कि आधी आबादी उर्दू बोले, उनसे कहिए कि जहां उर्दू बोली जाती है, वहां चले जाएं। बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। बंगाल में गुंडों का इलाज यूपी का बुलडोजर करेगा। बुलडोजर सिर्फ सड़कें नहीं बनाता, माफियाओं का भी इलाज करता है। बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों की पसलियों को मसल डालता है। उन्होने टीएमसी को मुस्लिम वोटबैंक की सौदागर करार दिया। बंगाल में जो अभी गुंडागर्दी है, वो 9 साल पहले यूपी में थी- योगी योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में अब सड़कों पर नमाजें नहीं पढ़ी जाती हैं। मस्जिदों से चिल्लाने की आवाज नहीं आती है। लव जिहाद के लिए सख्त कानून है। गौ-हत्या नहीं हो सकती है। हर बेटी, हर व्यापारी सुरक्षित है। हर हाथ को काम है, हर खेत में पानी है। यूपी के विकास को कांग्रेस और सपा भी नहीं रोक पाई है। उन्होने कहा कि जो गुंडागर्दी आज बंगाल में है, वही 9 साल पहले यूपी में थी। अब यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है- योगी हर पर्व और त्योहार पर दंगे होते थे। महीनों-महीनों कर्फ्यू लगता था। व्यवसाय ठप पड़े रहते थे। सरकार के समानांतर (पैरलल) गुंडे-माफिया शासन करते थे। 2017 में यूपी में डबल इंजन की सरकार आई। अब यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है। सीएम योगी ने बांकुड़ा जिले के सोनमुखी, पूर्व मेदिनीपुर के नंदकुमार और कांथी दक्षिण में जनसभा की। एनडीए के प्रत्याशियों के लिए जनता से समर्थन मांगा। बंगाल की दुर्दशा देख दुख होता है- योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बंगाल की दुर्दशा देखकर दुख होता है। इसे पहले कांग्रेस, फिर वाम दल और अब TMC ने बर्बाद किया। ममता बनर्जी की सरकार ने तो बंगाल को कंगाल बना दिया। बंगाल की राष्ट्रवाद की धरती को टीएमसी ने तुष्टिकरण की धरती बना दिया। लूट-खसोट और अराजकता की धरती बना दिया। बंगाल का नाम आते ही राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत देने वाले दो महापुरुषों की याद आ जाती है। अयोध्या में कई सौ साल तक राम जन्मभूमि के लिए आंदोलन चला। बंगाल से भी बड़ी संख्या में कारसेवक गए थे। लोग कहते थे कि मंदिर नहीं बन पाएगा, लेकिन जब डबल इंजन की सरकार आई तो मंदिर बन गया। भाषण के दौरान योगी ने बंगाली बोली अपने भाषण के दौरान योगी ने बंगाली भी बोली और कहा 'बांग्लार चुप थाकबे न' यानी बंगाल अब चुप नहीं बैठेगा। अब खेला बंद होगा, विकास शुरू होगा। इसके लिए भाजपा की डबल इंजन जरूरी है। योगी ने रविवार को सोनामुखी, नंदकुमार और कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में चुनावी रैलियां कीं।

योगी सरकार का बड़ा कदम: 49 बस स्टेशनों का होगा विश्वस्तरीय पुनर्विकास

लखनऊ. योगी सरकार ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर फेज-2 बस स्टेशन विकास परियोजना को स्वीकृति मिल गई है, जिसके तहत प्रदेश के 49 प्रमुख बस स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। इन बस स्टेशनों को आधुनिक, विश्वस्तरीय एवं बहुउद्देश्यीय बस टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां यात्रियों को उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना के अंतर्गत शीघ्र ही डेवलपर्स के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक होगी। स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली की बेहतर व्यवस्था परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि पीपीपी मॉडल के तहत बनने वाले इन बस स्टेशनों में स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली की बेहतर व्यवस्था होगी। इसके साथ ही सुव्यवस्थित पार्किंग, वाणिज्यिक परिसर और सहायक सेवाओं को भी शामिल किया जाएगा, जिससे स्मार्ट और टिकाऊ अवसंरचना विकसित की जा सके। उन्होंने बताया कि यह परियोजना डीबीएफओटी (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर) ढांचे पर आधारित होगी, जिसमें राज्य सरकार पर कोई प्रत्यक्ष पूंजीगत व्यय नहीं आएगा। निजी निवेश के माध्यम से बस स्टेशनों का विकास किया जाएगा, जबकि भूमि का स्वामित्व निगम के पास रहेगा। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा परिवहन मंत्री ने कहा कि योगी सरकार की इस पहल से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन अवसंरचना के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इन बस अड्डों का होगा कायाकल्प आगरा में फाउंड्री नगर, अम्बेडकरनगर में अकबरपुर (डिपो कार्यशाला) अमेठी में अमेठी, अयोध्या में अयोध्या (ओल्ड बस स्टेशन) आजमगढ़ में तरवा, बलिया में रसड़ा और बेल्थरा रोड, बलरामपुर में बलरामपुर (डिपो कार्यशाला) बाराबंकी में हैदरगढ़, बस्ती में बस्ती (डिपो कार्यशाला) बिजनौर में नहटौर, बदायूं में बदायूं, बुलंदशहर में बुलंदशहर (पुराना) और खुर्जा, देवरिया में देवरिया, एटा में एटा, फिरोजाबाद में फिरोजाबाद और शिकोहाबाद, गौतमबुद्धनगर में नोएडा (डिपो कार्यशाला) गाजियाबाद में गढ़ और लोनी, गोंडा में गोंडा (डिपो कार्यशाला) हरदोई में हरदोई बस स्टेशन को आधुनिक तरीके से विकसित किया जाएगा। द्वितीय चरण में लखनऊ के जानकीपुरम में भी बनेगा बस स्टेशन इसके अलावा हाथरस में हाथरस, जौनपुर में जौनपुर, मछलीशहर और बादशाहपुर, झांसी में झांसी (नयी भूमि) कानपुर देहात में माती, कौशांबी में सराय आकिल, लखीमपुर खीरी में गोला, लखनऊ में कैसरबाग और जानकीपुरम, महाराजगंज में सुनौली और निचलौल, मिर्जापुर में विंध्याचल, मुरादाबाद में मुरादाबाद (पीतल नगरी) मुजफ्फरनगर में मुजफ्फरनगर (नई भूमि) पीलीभीत में पीलीभीत, प्रतापगढ़ में कुंडा, रामपुर में रामपुर, श्रावस्ती में भिनगा, सीतापुर में नैमिषारण्य और सिधौली, सोनभद्र में रॉबर्टसगंज (सोनभद्र) अमेठी में जगदीशपुर, उन्नाव में उन्नाव, वाराणसी में काशी (गोलगड्ढा) और चंदौली में चंदौली बस स्टेशन द्वितीय चरण के अंतर्गत विकसित किया जाएगा।

KGBV में गुणवत्ता सुधार पर जोर, योगी आदित्यनाथ सरकार कर रही ठोस बदलाव

लखनऊ. योगी सरकार ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) व्यवस्था में व्यापक और ठोस सुधार सुनिश्चित किया है। हालिया आंकड़े बता रहे हैं कि प्रदेश में एक ओर जहां रिक्त पदों को तेजी से भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर आधारभूत ढांचे और छात्राओं की दैनिक सुविधाओं के विस्तार में भी प्रगति दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता लाने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। अब बेसिक शिक्षा विभाग खाद्यान्न, दैनिक उपयोग सामग्री एवं स्टेशनरी की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। योगी सरकार की नीतिगत सख्ती, सतत निगरानी और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली के चलते केजीबीवी अब आवासीय विद्यालय के साथ-साथ सुरक्षित, सुसज्जित और आधुनिक शैक्षिक परिसरों के रूप में विकसित हो रहे हैं। यह परिवर्तन प्रदेश की बेटियों को बेहतर अवसर, सुविधाएं और सशक्त भविष्य प्रदान करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। आधारभूत सुविधाओं में तेजी से विस्तार प्रदेश के विभिन्न जनपदों में केजीबीवी के अंतर्गत एकेडमिक हॉस्टल, अतिरिक्त डॉरमेट्री, कंप्यूटर लैब और टॉयलेट ब्लॉक जैसी आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है। आंकड़ों के अनुसार कई जिलों में इन कार्यों को पूर्ण कर छात्राओं को बेहतर आवासीय एवं शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। तेजी से भरे जा रहे रिक्त पद केजीबीवी के रिक्त पदों में सुधार की प्रक्रिया तेज है। आंकड़े बताते हैं कि प्रयागराज (43), बलिया (42), उन्नाव (39) और एटा (35) जैसे जनपदों में उच्च रिक्तियों को चिह्नित कर उनकी पूर्ति की प्रक्रिया तेज की गई है। ऐसे जनपदों में आवेदकों की स्क्रीनिंग प्रगति पर है। वहीं श्रावस्ती, रायबरेली, आजमगढ़, ललितपुर जैसे कई जनपदों में कोई भी पद रिक्त नहीं। ऐसे जिलों में रिक्तियों की संख्या शून्य होना प्रभावी मॉनिटरिंग और जवाबदेही आधारित व्यवस्था का संकेत है। सुगम बनाया जा रहा छात्राओं का दैनिक जीवन छात्राओं के दैनिक जीवन को सुगम बनाने के लिए रोटी मेकिंग मशीन, सोलर गीजर, जेनसेट एवं वाशिंग मशीन जैसी सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही फोक म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट, ओपन जिम और 'एक केजीबीवी-एक खेल' जैसी पहलें भी छात्राओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही हैं। भवन मरम्मत का भी तेजी से हो रहा कार्य भवन मरम्मत कार्यों में भी तेजी आई है। वर्ष 2025-26 में बलरामपुर में 80% कार्य प्रगति दर्ज की गई है। अन्य जनपदों में भी मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य निरंतर प्रगति पर हैं। निर्माण कार्यों से जुड़े आंकड़े बता रहे हैं कि प्रदेश में केजीबीवी के अंतर्गत आधारभूत ढांचे का विस्तार तेज गति से हुआ है और अब अधिकांश कार्य हैंडओवर की अंतिम प्रक्रिया में हैं। आंकड़ों के मुताबिक बाराबंकी में कुल 34 कार्य (20 अतिरिक्त डॉरमिटरी, 13 कंप्यूटर लैब, 1 टॉयलेट ब्लॉक), हरदोई में 33 कार्य (4 हॉस्टल, 16 डॉरमिटरी, 6 कंप्यूटर लैब, 7 टॉयलेट ब्लॉक) तथा लखीमपुर खीरी में 27 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी क्रम में बरेली (25), गोंडा (22), देवरिया (18) और लखनऊ (17) सहित कई जनपदों में भी निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं। यानी बड़ी संख्या में निर्माण कार्य धरातल पर पूर्ण हो चुके हैं और अब हैंडओवर की प्रक्रिया प्रगति पर है। योगी सरकार ने पहले चरण में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है और अब उसे व्यवस्थित रूप से विद्यालयों को सौंपकर छात्राओं के उपयोग में लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे शीघ्र ही इन सुविधाओं का पूर्ण लाभ बालिकाओं को मिल सकेगा।

प्रख्यात गायिका आशा भोंसले के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संगीत जगत की स्वर-साम्राज्ञी एवं महान गायिका पद्मविभूषण आशा भोंसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे कला और संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर अपने शोक संदेश में कहा कि आशा भोंसले की अद्वितीय गायकी ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके मधुर स्वर सदैव देशवासियों के मन में गूंजते रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों एवं प्रशंसकों को इस कठिन समय में धैर्य व संबल प्रदान करने की कामना की। उन्होंने कहा कि आशा भोंसले का योगदान भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर के रूप में सदैव याद किया जाएगा।

नंदकुमार रैली में योगी आदित्यनाथ का बड़ा हमला, बोले— TMC का मतलब तुष्टिकरण, माफियाराज और कट मनी की राजनीति

पूर्वी मेदिनीपुर. पश्चिम बंगाल के नंदकुमार विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज टीएमसी का मतलब “तुष्टिकरण, माफिया राज और कट मनी” बनकर रह गया है, जिसने बंगाल की विकास यात्रा को बाधित किया है। मुख्यमंत्री ने टीएमसी के ‘मां-माटी-मानुष’ के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज बंगाल में मां-बहन असुरक्षित हैं, माटी घुसपैठियों के कब्जे में और मानुष भयभीत व असहाय है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि बंगाल को फिर से उसकी सांस्कृतिक पहचान, सुरक्षा और विकास के मार्ग पर लाने के लिए परिवर्तन आवश्यक है।  तुष्टिकरण, लूट, अराजकता की चुनौतियों से जूझता बंगाल मुख्यमंत्री ने बंगाल की महान सांस्कृतिक धरा को नमन करते हुए कहा कि बंगाल प्रेरणा की भूमि है, जिसने भारत को दिशा दी है। यहां से स्वामी विवेकानंद ने विश्व मंच पर सनातन का परचम लहराते हुए कहा कि गर्व से कहो कि हम हिंदू हैं। इसी भूमि पर खुदीराम बोस ने देश के लिए हंसते-हंसते बलिदान दिया और सुभाष चंद्र बोस ने आजादी का बिगुल फूंका। रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद और लाहिड़ी महाशय जैसे संतों की परंपरा तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रनायकों ने इस भूमि को गौरव प्रदान किया। इसी धरती ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा रचित “जन गण मन” और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के “वंदे मातरम्” जैसी अमर धरोहरें दीं, जो भारत की स्वतंत्रता का मंत्र बनीं। लेकिन आज वही बंगाल तुष्टिकरण, लूट, अराजकता और गुंडागर्दी की चुनौतियों से जूझ रहा है, जहां कृषि प्रधान क्षेत्र का किसान अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा रहा और सरकार आवश्यक सुविधाएं देने में विफल साबित हो रही है। बंगाल में डेमोग्राफी बदलने का कुत्सित प्रयास मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में डेमोग्राफी बदलने के कुत्सित प्रयास और तुष्टिकरण की राजनीति विकास में बाधा बन रही है। स्वतंत्रता के समय बंगाल देश की अर्थव्यवस्था का लगभग एक-तिहाई हिस्सा था, लेकिन धीरे-धीरे उद्योग, कल-कारखाने और एमएसएमई सेक्टर कमजोर होते गए तथा कला, संस्कृति और शिक्षा पर राजनीति हावी हो गई। पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और बीते वर्षों में टीएमसी शासन में स्थिति और बिगड़ी। कभी आर्थिक शक्ति का केंद्र रही यह उर्वर भूमि आज भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण कमजोर पड़ती दिख रही है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि मां महाकाली और मां दुर्गा की इस पावन धरा को तुष्टिकरण और अराजकता का प्रतीक नहीं बनने देना है, बल्कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ कर अवैध गतिविधियों पर रोक लगानी होगी।  बंगाल से भी गंभीर स्थिति कभी यूपी में थी मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार की अराजकता, गुंडागर्दी, लूट और तुष्टिकरण आज बंगाल में देखने को मिल रहा है, उससे मिलती-जुलती बल्कि उससे भी गंभीर स्थिति 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में थी, जब हर तीसरे दिन दंगे होते थे, त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे और प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य के रूप में जाना जाता था। 2017 में नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हालात पूरी तरह बदले और अब न कर्फ्यू न दंगा, यूपी में सब चंगा। कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई, दंगे रुके, महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई हुई, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिला और हर वर्ग के लिए विकास की योजनाएं लागू हुईं। सीएम ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण को इस परिवर्तन का प्रतीक बताते हुए कहा कि अब जरूरत है बंगाल में विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की।  माफिया का इलाज भी करता है यूपी का बुलडोजर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कोलकाता का मेयर चुनौती देता है, कहता है कि बंगाल की आधी आबादी उर्दू बोलेगी, यानी बांग्ला और बंगाली पहचान को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। यह एक साजिश है और इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। जो लोग कहते हैं कि यहां उर्दू बोली जाएगी, उन्हें स्पष्ट कर दो कि उर्दू जहां बोली जाती है, वहीं बोली जाएगी, बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। बंगाल की कला, संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, बहन-बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, उसे उत्तर प्रदेश का बुलडोजर सख्त जवाब देगा। यूपी का बुलडोजर केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, यह माफिया का इलाज भी करता है। और, यह बुलडोजर वहीं प्रभावी ढंग से चलता है, जहां डबल इंजन सरकार की रफ्तार और संकल्प मौजूद होता है। हिंदुओं के कत्लेआम पर चुप रहती हैं ममता मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में डेमोग्राफी बदलने की साजिश की जा रही है। मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, नादिया, बीरभूम व हावड़ा जैसे जिलों में सामाजिक संतुलन बिगाड़ने की चेष्टा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने रामनवमी जैसे अवसरों पर शोभायात्राओं को रोकने का प्रयास किया और अवैध घुसपैठ सिंडिकेट को बढ़ावा दिया। सीएम योगी ने बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर ममता बनर्जी समेत तमाम राजनीतिक दलों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा को अहम बताते हुए कहा कि लगभग 570 किमी सीमा पर फेंसिंग जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों व घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।  बंगाल को उसकी सांस्कृतिक पहचान व गौरव दिलाना होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल, जो कभी “कल्चरल कैपिटल ऑफ इंडिया” के रूप में देश को दिशा देता था, आज अपराध व अराजकता का केंद्र बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सरकार द्वारा 1905 में बंगाल विभाजन का षड्यंत्र रचने और इसके बाद स्वदेशी आंदोलन का स्मरण करते हुए कहा कि “वंदे मातरम्” जैसी प्रेरणा देने वाली इस भूमि को फिर से उसकी सांस्कृतिक पहचान और गौरव दिलाना होगा। उन्होंने तमलुक से सांसद बने अभिजीत गांगुली के चयन पर जनता का अभिनंदन करते हुए अपील की कि भाजपा प्रत्याशी निर्मल खानरा को समर्थन देकर विकास और परिवर्तन के प्रतीक कमल को विजय दिलाएं, ताकि बंगाल को फिर समृद्धि और सुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ाया जा सके।

घर-घर पहुंचेंगे अधिकारी, स्मार्ट मीटर समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

लखनऊ  स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर आ रही समस्याएं अब खत्म होंगी। सीएम योगी ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया है। सीएम योगी ने शिकायतों को दुरुस्त करने के लिए निर्देश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद यूपी पावर कारपोरेशन लि. ने पूरे प्रदेश में व्यवस्था सुधारने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए वह जल्द ही 7 दिनों का विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत अधिकारी घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की समस्याओं को जानेंगे और उसका यथाशीघ्र समाधान करेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद उप्र. पावर कारपोरेशन लि. के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बैठक कर जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों का प्रतिदिन निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 7 दिन का विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं के बारे में जानेगा और उसका यथाशीघ्र समाधान करेगा। हर अधिकारी को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी यूपी पावर कारपोरेशन लि. की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। किसी अधिकारी को 10 से 20 उपभोक्ताओं की तो किसी अधिकारी इससे भी ज्यादा उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसमें कॉर्पोरेशन एवं डिस्कॉम के अधिकांश कार्मिकों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इस अभियान के जरिये अधिकारी स्मार्ट मीटर और हेल्प लाइन नम्बर 1912 पर मिलने वाली शिकायतों का निदान करेंगे। इसके बाद उस शिकायत का फीडबैक लेकर विभाग को अवगत कराएगा। स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अध्यक्ष डॉ. गोयल ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में उप्र. पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक पंकज कुमार, डिस्काम के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण किया जाए। डिस्कॉम स्तर पर इसके लिए बनाए गये कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सेल लगातार समीक्षा करें। गलत बिलिंग पर जिम्मेदारी तय कर होगी कार्रवाई इसके साथ ही डॉ. आशीष गोयल ने निर्देश दिया कि ओवर बिलिंग या गलत बिल नहीं बनने चाहिए। अगर उपभोक्ता गलत बिलिंग की शिकायत करता है तो तत्काल जांच करके जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। साथ ही गलत बिल तत्काल ठीक किया जाए। इसमें हर स्तर पर सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्याओं को तत्काल हल कराया जाए। साथ ही हेल्पलाइन नम्बर 1912 की लगातार समीक्षा करें। साथ ही इस पर आने वाली शिकायतों खासकर स्मार्ट मीटर से संबंधित सूचना और शिकायतों का उसी दिन निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. आशीष गोयल ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन निगेटिव बैलेंस के कारण स्वतः कट गए हैं, उनसे संपर्क कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि उन्होंने रिचार्ज क्यों नहीं कराया। यह भी समझा जाएगा कि उन्हें किस तरह की समस्या आ रही है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के रिचार्ज कराने के बावजूद कनेक्शन नहीं जुड़ा है, उनके मामलों की भी गहन जांच कर तत्काल समाधान किया जाएगा।

रामपुर का शानदार प्रदर्शन: IGRS रिपोर्ट में टॉप, योगी आदित्यनाथ के विकास मॉडल को मिली रफ्तार

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों को साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में आईजीआरएस की मार्च माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में रामपुर ने 139 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि हाथरस और बाराबंकी ने बराबर अंक प्राप्त कर दूसरा तो शाहजहांपुर और पीलीभीत ने बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  जनशिकायतों के निस्तारण के साथ 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर माह की जाती है समीक्षा आईजीआरएस द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी की जाती है। आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की फरवरी माह की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 139 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसका रेश्यो 99.29 प्रतिशत है। जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आईजीआरएस के जरिये मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई और आईजीआरएस की शिकायतों का किया जा रहा निस्तारण हाथरस जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई में शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। यही वजह है कि पिछले चार माह में जिले में जनशिकायतों के निस्तारण दर में सुधार हुआ है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अन्य कार्य किये जा रहे हैं। इतना ही नहीं, विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतोषजनक फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की मार्च माह की रिपोर्ट में हाथरस पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। हाथरस ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 137 अंक प्राप्त किये। इसी तरह बाराबंकी ने भी 137 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया।  टॉप टेन में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने बनाई जगह शाहजहांपुर और पीलीभीत ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 136 बराबर-बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं सोनभद्र, कन्नौज, अंबेडकरनगर और हापुड़ ने बराबर-बराबर 135 अंक प्राप्त कर चौथा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा बरेली, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी ने 134 अंक हासिल कर पांचवां स्थान प्राप्त किया। वहीं टॉप टेन जिलों में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने जगह बनाई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में सेना के युद्ध स्मारक पर लेज़र, लाइट और साउंड शो का किया उद्घाटन

लखनऊ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ छावनी स्थित सेना के मध्य कमान के स्मृतिका युद्ध स्मारक में एक अत्याधुनिक लेज़र, लाइट और साउंड शो का उद्घाटन किया। लगभग 30 मिनट का यह हिंदी मल्टीमीडिया शो, उन्नत प्रोजेक्शन, साउंड और लाइटिंग तकनीकों के माध्यम से भारतीय सेना के इतिहास, उसकी ऑपरेशनल उपलब्धियों और राष्ट्र-निर्माण में उसके योगदान को बयां करता है। यह शो भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और विरासत को समर्पित एक श्रद्धांजलि है। इसकी कहानी में भारत के प्रमुख युद्धों और ऑपरेशन्स, सेंट्रल कमांड की ऐतिहासिक भूमिका, अवध क्षेत्र की वीरता और 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना के अनुरूप समकालीन सैन्य आधुनिकीकरण को शामिल किया गया है। यह शो प्रतिदिन शाम के समय स्मृतिका युद्ध स्मारक में आयोजित किया जाएगा और जल्द ही इसे आम जनता के लिए भी खोल दिया जाएगा। इस मल्टीमीडिया प्रस्तुति में भारत के प्रमुख युद्धों का एक समग्र अवलोकन प्रस्तुत किया गया, जिसमें विशेष रूप से 1947-48, 1962, 1965 और 1971 के संघर्षों के प्रमुख ऑपरेशनल पहलुओं के साथ-साथ 'ऑपरेशन मेघदूत' और 'ऑपरेशन विजय' के दौरान दिए गए विशिष्ट योगदानों को रेखांकित किया गया है। भारतीय सशस्त्र बलों के विभिन्न ऑपरेशन्स में मध्य कमान द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को इसमें प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसमें अवध क्षेत्र के 'परमवीर चक्र' विजेताओं की असाधारण वीरता को भी उजागर किया गया है, जिसे अवध की गहरी सैन्य परंपराओं और राष्ट्र की रक्षा में उसके विशिष्ट योगदान के संक्षिप्त विवरण के साथ खूबसूरती से पिरोया गया है। इस शो की विषय-वस्तु में उभरते खतरों और युद्ध की बदलती गतिशीलता के जवाब में भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे निरंतर आधुनिकीकरण और रूपांतरण को भी शामिल किया गया है। इसमें भारतीय रक्षा उद्योग की हालिया प्रगति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसका पहला उपयोग 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान प्रदर्शित किया गया था। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के एक ऐसे केंद्र के रूप में उभरने को भी दर्शाया गया है जो 'आत्मनिर्भरता' की पहलों का मुख्य केंद्र बन रहा है; राज्य का आगामी 'रक्षा गलियारा' (Defence Corridor) इसी का एक जीवंत उदाहरण है। आगामी लेज़र, लाइट और साउंड शो के आयोजन और प्रदर्शन को सुगम बनाने के उद्देश्य से, स्मृतिका युद्ध स्मारक परिसर में भी व्यापक स्तर पर उन्नयन (अपग्रेडेशन) का कार्य किया जा रहा है। शो के लिए अत्याधुनिक प्रोजेक्टर और स्पीकर लगाने के अलावा, नई पीढ़ी के सैन्य उपकरणों और युद्ध में जीती गई चीज़ों (वॉर ट्रॉफ़ी) को दिखाने वाले भित्ति चित्र (म्यूरल) भी लगाए गए हैं, और साथ ही एक आधुनिक एम्फीथिएटर भी बनाया गया है। इसके अलावा, तीन खास म्यूरल दीवारें भी बनाई जा रही हैं, जो एक तरफ तो सैन्य इतिहास को प्रमुखता से दिखाएंगी, और दूसरी तरफ लेज़र, लाइट और साउंड शो के लिए एक जीवंत मंच का काम करेंगी। इस पहल को सेना के मध्य कमान के मुख्यालय ने उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के साथ मिलकर पूरा किया है। लखनऊ कैंटोनमेंट में स्थित 'स्मृतिका युद्ध स्मारक' (Smritika War Memorial), 1994 से ही भारतीय सशस्त्र बलों के सैनिकों की बहादुरी, बलिदान और अदम्य साहस को समर्पित एक अमर श्रद्धांजलि के रूप में खड़ा है। मुख्यालय मध्य कमान के संरक्षण में स्थापित यह स्मारक, राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने, हमारी सैन्य विरासत को सहेजने और आम लोगों खासकर युवाओं के बीच जागरूकता फैलाने में एक अहम भूमिका निभाता है। मुख्यालय मध्य कमान द्वारा इस स्थल पर आयोजित किए जाने वाले औपचारिक कार्यक्रम, उन वीर सैनिकों के शौर्यपूर्ण कार्यों को याद करते हैं, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इस अवसर पर जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (GOC-in-C) मध्य कमान लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, मुख्यालय मध्य कमान के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय सेना और राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित थे। स्मृतिका युद्ध स्मारक में रोज़ाना होने वाला लेज़र, लाइट और साउंड शो, इस स्मारक के गौरव को बढ़ाने के साथ-साथ, राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करने और सैन्य विरासत को एक दिलचस्प और प्रभावशाली तरीके से आधुनिक संदर्भ में सहेजने का एक शक्तिशाली माध्यम भी बनेगा। यह पहल, भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी और बलिदान को एक बड़े जनसमूह के सामने जीवंत रूप से प्रस्तुत करके, सेना और आम नागरिकों के बीच के महत्वपूर्ण जुड़ाव को और भी मज़बूत करेगी। यह स्मारक देश के लिए शहीद हुए वीरों को एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी, और 'स्मृतिका युद्ध स्मारक' को हमारी साझा सैन्य विरासत के एक राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में और भी ऊँचा दर्जा प्रदान करेगी। भारत की सैन्य विजयों का एक जीवंत और भावपूर्ण चित्रण प्रस्तुत करके, यह स्मारक हमारे बहादुर योद्धाओं के बलिदान को लगातार सम्मानित करता रहेगा, और साथ ही आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित और प्रेरित भी करेगा।

योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश, बिजली समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए UPPCL की राज्यभर में कार्रवाई

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों पर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश के बाद यूपी पावर कारपोरेशन लि. ने पूरे प्रदेश में व्यवस्था सुधारने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए वह जल्द ही 7 दिनों का विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत अधिकारी घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की समस्याओं को जानेंगे और उसका यथाशीघ्र समाधान करेंगे।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उप्र. पावर कारपोरेशन लि. के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बैठक कर जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों का प्रतिदिन निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 7 दिन का विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं के बारे में जानेगा और उसका यथाशीघ्र समाधान करेगा।  हर अधिकारी को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी यूपी पावर कारपोरेशन लि. की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। किसी अधिकारी को 10 से 20 उपभोक्ताओं की तो किसी अधिकारी इससे भी ज्यादा उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसमें कॉर्पोरेशन एवं डिस्कॉम के अधिकांश कार्मिकों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इस अभियान के जरिये अधिकारी स्मार्ट मीटर और हेल्प लाइन नम्बर 1912 पर मिलने वाली शिकायतों का निदान करेंगे। इसके बाद उस शिकायत का फीडबैक लेकर विभाग को अवगत कराएगा।  स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण  मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अध्यक्ष डॉ. गोयल ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में उप्र. पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक पंकज कुमार, डिस्काम के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण किया जाए। डिस्कॉम स्तर पर इसके लिए बनाए गये कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सेल लगातार समीक्षा करें।  गलत बिलिंग पर जिम्मेदारी तय कर होगी कार्रवाई इसके साथ ही डॉ. आशीष गोयल ने निर्देश दिया कि ओवर बिलिंग या गलत बिल नहीं बनने चाहिए। अगर उपभोक्ता गलत बिलिंग की शिकायत करता है तो तत्काल जांच करके जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। साथ ही गलत बिल तत्काल ठीक किया जाए। इसमें हर स्तर पर सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्याओं को तत्काल हल कराया जाए। साथ ही हेल्पलाइन नम्बर 1912 की लगातार समीक्षा करें। साथ ही इस पर आने वाली शिकायतों खासकर स्मार्ट मीटर से संबंधित सूचना और शिकायतों का उसी दिन निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. आशीष गोयल ने  कहा कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन निगेटिव बैलेंस के कारण स्वतः कट गए हैं, उनसे संपर्क कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि उन्होंने रिचार्ज क्यों नहीं कराया। यह भी समझा जाएगा कि उन्हें किस तरह की समस्या आ रही है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के रिचार्ज कराने के बावजूद कनेक्शन नहीं जुड़ा है, उनके मामलों की भी गहन जांच कर तत्काल समाधान किया जाएगा।