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लग्जरी से स्वदेशी की ओर: सीएम साय ने बदली गाड़ी, अब स्कॉर्पियो बनी नई सवारी

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला आज जब प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे तो बहुत से पदाधिकारी और कार्यकर्ता आश्चर्य में पड़ गए. दरअसल, सीएम साय के काफिले में टोयोटा फार्च्यूनर की जगह नई नवेली स्कार्पियों नजर आ रही थी. करीबन ढाई साल के कार्यकाल के बाद मुख्यमंत्री को नई गाड़ी में देख लोग उत्सुकतावश गाड़ी के संबंध में पूछताछ भी करने लगे. दरअसल, मुख्यमंत्री साय के अब तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में खरीदी गई फार्च्यूनर का ही इस्तेमाल कर रहे थे. इसके स्थान पर अब स्कार्पियो का इस्तेमाल करेंगे. ऐसी एक नहीं बल्कि सीएम के काफिले में छह नई स्कार्पियो को शामिल किया गया है. सीएम साय बुलेटप्रूफ स्कार्पियों में सवारी करेंगे. इस बदलाव पर भाजपा नेताओं और मीडिया की उत्सुकता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि गाड़ियां पुरानी हो गई थी. उसे चेंज करने का प्रयास कर रहे थे. कभी-कभी भी बंद हो जाती थी, इसलिए आज बदलाव किए हैं. 

कूनो ने फिर दिखाई उम्मीद की किरण, चीता गामिनी ने 4 स्वस्थ शावकों को दिया जन्म

  श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बार फिर बड़ी और सुखद खबर सामने आई है. यहां मादा चीता गामिनी ने 4 शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत में चीता प्रोजेक्ट को एक नई मजबूती मिली है।  केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर शावकों की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, दक्षिण अफ्रीका से लाई गई 25 माह की मादा चीता गामिनी ने अपनी पहली संतान के रूप में इन 4 शावकों को जन्म दिया है. यह कूनो में चीतों की वंशवृद्धि की दिशा में एक बड़ी सफलता है।  चीतों का कुनबा बढ़ा इन 4 नए नन्हे मेहमानों के आने के बाद अब भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है. इसमें कूनो में जन्मे शावक और बाहर से लाए गए चीते शामिल हैं।  प्रोजेक्ट चीता की सफलता  केंद्रीय मंत्री ने गामिनी और उसके शावकों की तस्वीरें शेयर करते हुए पार्क के अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम को बधाई दी. उन्होंने इसे 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। गामिनी और उसके चारों शावक फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं और वन विभाग की टीम उन पर 24 घंटे निगरानी रख रही है.

रायपुर : विशेष लेख – स्वाभिमान की नई पहचान, छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम दौर

रायपुर : विशेष लेख : स्वाभिमान की नई पहचान : छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम दौर रायपुर छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाते हुए महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दी जा रही है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाएं अब जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दे रही हैं, जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब आंकड़ों में दिखाई देता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी गौरव वर्ष महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का व्यापक अभियान है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बजट में महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आंगनबाड़ी संचालन के लिए 800 करोड़ रुपए, पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपए तथा कुपोषण मुक्ति व पोषण अभियान के लिए 235 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना एक मील का पत्थर साबित हुई है। 10 मार्च 2024 को प्रारंभ इस योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1 हजार रुपए की सहायता मिल रही है। अब तक 26 किस्तों के माध्यम से 16 हजार 881 करोड़ रुपए से अधिक राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है, वहीं इस योजना के लिए 8 हजार 200 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रस्तावित रानी दुर्गावती योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1 लाख 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी, जिसके लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राज्य में महिलाओं के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत अब तक 368 सदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है और 137 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। साथ ही 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी। मातृत्व सुरक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत 3 लाख 73 हजार से अधिक पंजीयन दर्ज किए गए हैं तथा 235 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। वर्ष 2023-24 में जहां 1 लाख 75 हजार से अधिक पंजीकरण हुए, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 2 लाख 19 हजार से अधिक हो गई। वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 2 लाख 4 हजार से अधिक पंजीयन हो चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 93 प्रतिशत से अधिक है। पोषण अभियान में भी राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पोषण माह 2024 के दौरान प्रति केंद्र प्रदर्शन में प्रदेश को प्रथम स्थान तथा कुल गतिविधियों में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वहीं न्योता भोज जैसे नवाचारों के तहत 9 हजार 700 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 1 लाख 83 हजार से अधिक बच्चों को लाभ मिला। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट जैसे कार्यों से जोड़ा जा रहा है तथा लखपति दीदी योजना के माध्यम से उन्हें व्यवसायिक अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 38 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं, जिससे उन्हें स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिली है। वहीं सखी वन स्टॉप सेंटरों की संख्या 27 से बढ़ाकर 34 कर दी गई है, जहां 14 हजार 300 से अधिक प्रकरणों में से 8 हजार 900 से अधिक का निराकरण किया जा चुका है। स्पष्ट है कि “महतारी गौरव वर्ष” केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देने वाला अभियान है। विष्णु देव साय और लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिलाएं अब विकास की धुरी बनकर उभर रही हैं और राज्य को नई दिशा दे रही हैं। •    डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक   

वंदे मातरम पर इंदौर पार्षद रुबीना का बयान, पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने जताया कड़ा विरोध

इंदौर  जिले में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर छिड़े विवाद ने एक बार फिर सियासी माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस की मुस्लिम पार्षद रुबीना इकबाल खान के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस पूरे मामले पर पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा है। 'संविधान सर्वोपरि, अपमान नहीं होगा सहन' उषा ठाकुर ने कहा कि जो लोग भारत में रहते हैं उन्हें ‘वंदे मातरम’ का सम्मान करना ही होगा। यह देश किसी एक धर्म का नहीं बल्कि सभी नागरिकों का है और यहां संविधान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ‘वंदे मातरम’ बोलने से इनकार करता है तो यह राष्ट्र के प्रति अनादर माना जाएगा। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस तरह की सोच देशहित के खिलाफ है। आजादी का प्रतीक है वंदे मातरम विधायक ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि आजादी के आंदोलन का प्रतीक रहा है। इस गीत के लिए देश के लाखों लोगों ने बलिदान दिया है। ऐसे में अगर कोई नागरिक इसे गाने से मना करता है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश में रहने वाले हर व्यक्ति को राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। कांग्रेस की मानसिकता पर सीधा प्रहार उषा ठाकुर ने कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी की मानसिकता अब जनता के सामने आ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस तरह के बयानों को बढ़ावा देती है जिससे समाज में गलत संदेश जाता है। उनका कहना है कि जनता समय आने पर इसका जवाब जरूर देगी। इंदौर में पहले भी इस तरह के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है जहां कथित तौर पर फंडिंग के जरिए इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा था। समाज को इस विषय में जागरूक होने की जरूरत है और परिवारों को अपनी बेटियों की सुरक्षा और संस्कारों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। लव जिहाद पर भी चेतावनी इसी दौरान उषा ठाकुर ने प्रयागराज की एक वायरल युवती के मामले पर भी बयान दिया। उन्होंने इसे ‘लव जिहाद’ से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार कुछ संगठित ताकतें युवतियों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करती हैं। आकाश सिकरवार

चंदवाजी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, क्रेशर खदान से भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त

 जयपुर जयपुर जिले में अवैध खनन और विस्फोटक तस्करी के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। चंदवाजी थाना पुलिस ने त्रिवेणी क्रेशर के पास खदान क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध भंडारण का बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने 795 किलो अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया पुलिस ने मौके से 795 किलो अमोनियम नाइट्रेट सहित बड़ी मात्रा में खतरनाक विस्फोटक सामग्री बरामद की। इस कार्रवाई में बाबूलाल और सुरेश नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस को पहले से इनपुट मिला था कि खदान क्षेत्र में अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री जमा की जा रही है और बड़े स्तर पर ब्लास्टिंग की तैयारी चल रही है। इसी सूचना पर ट्रेनी आईपीएस नितिन चौधरी के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी। बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त तलाशी के दौरान पुलिस ने 32 कार्टन में रखा अमोनियम नाइट्रेट बूस्टर (कुल 286 नग, 795 किलो), 121 डेटोनेटर, डीटीएच वायर, जिलेटिन बत्ती और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों के पास इस सामग्री के भंडारण या उपयोग का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का अवैध भंडारण गंभीर सुरक्षा खतरे की ओर इशारा करता है। आशंका है कि इसका उपयोग अवैध खनन में बड़े पैमाने पर ब्लास्टिंग के लिए किया जाना था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। मामले की गहन जांच जारी है।

मकान सूचीकरण कार्य को लेकर सरायकेला में फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षण

 सरायकेला झारखंड के सरायकेला-खरसावां उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी, नीतिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना (HLO) कार्य के सफल लागू करने के लिए जिला स्तर पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया. प्रखंड कार्यालय सभागार, सरायकेला में आयोजित प्रशिक्षण के समापन में मुख्य अतिथि के रूप में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार मौजूद थे. तीन दिवसीय प्रशिक्षण में अधिकारियों और फील्ड ट्रेनर्स की सहभागिता प्रशिक्षण 8 अप्रैल से 10 अप्रैल तक आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी-सह-चार्ज जनगणना पदाधिकारी और नामित फील्ड ट्रेनर्स ने सहभागिता की. प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर एम.डी. तासिकुर रहमान और अविनाश ठाकुर द्वारा प्रदान किया गया. तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) से संबंधित तकनीकी और व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया गया. प्रशिक्षण के क्रम में सभी प्रशिक्षार्थियों को नगरीय नक्शा निर्माण हेतु व्यावहारिक प्रशिक्षण सरायकेला प्रखंड अंतर्गत अवस्थित मानिक बाजार क्षेत्र में कराया गया, जिससे उन्हें क्षेत्रीय स्तर पर कार्य निष्पादन की वास्तविक समझ प्राप्त हो सके. निष्पक्ष और समयबद्ध जनगणना कार्य के निर्देश प्रशिक्षण उपरांत सभी फील्ड ट्रेनर्स को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने प्रखंड और नगर क्षेत्रों में प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करना सुनिश्चित करेंगे, जिससे जनगणना कार्य निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से संपन्न हो सके. अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभागीय दिशा-निर्देशों के आलोक में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाना है. उन्होंने क्षेत्र में कार्य करते समय धैर्य, अनुशासन एवं आमजनों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखते हुए दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया,साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि जनगणना कार्य के दौरान आंकड़ों की शुद्धता एवं गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाए और भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. प्रशिक्षण कार्यशाला में अपर जिला जनगणना पदाधिकारी कमलेश कुमार दास सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.

लॉ एंड ऑर्डर पर जीरो टॉलरेंस, अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

जयपुर  राजस्थान में पुलिसिंग को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त निर्देश दिए हैं। इसे लेकर 10 अप्रैल को एक उच्च स्तरीय बैठ हुई। इसमें मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लॉ एंड ऑर्डर और पुलिसिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर जोर देते हुए अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच समय पर पूरी हो और जवाबदेही तय हो मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस थानों में दर्ज होने वाली एफआईआर की जांच एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में ढिलाई पाई गई, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। सीएम के अनुसार, अपराध को शुरुआती स्तर पर ही रोकना और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।पुलिसिंग को आधुनिक और प्रभावी बनाने के निर्देश  साइबर क्राइम पर लगाम कसने के लिए प्रतिदिन उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग की जाए और पीड़ितों के साथ नियमित संवाद स्थापित किया जाए।  भारतीय न्याय संहिता (BNS) और साइबर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाए। साथ ही, ई-एफआईआर और चार्जशीट का ई-रिकॉर्ड नियमित अपडेट होना चाहिए।  पुलिस अधीक्षक (SP) थानों का और महानिरीक्षक (IG) एसपी कार्यालयों का औचक निरीक्षण करें। उच्चाधिकारियों को भी नियमित फील्ड विजिट के निर्देश दिए गए हैं।  स्थानीय स्तर पर प्रतिदिन जनसुनवाई कर प्रकरणों के निस्तारण की जिलेवार रिपोर्ट तैयार की जाएगी। गैंगस्टर्स के लोकल नेटवर्क को खत्म करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा है। विशेषकर सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने और गैंगस्टर्स के लोकल नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में निवेश के लिए सुरक्षित माहौल बनाना जरूरी सीएम ने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए सुरक्षित माहौल बनाना जरूरी है, जिसमें पुलिस की भूमिका अहम है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ शालीन व्यवहार करने और कम्यूनिटी पुलिसिंग को प्रभावी बनाने की सलाह दी। साथ ही, सीएलजी सदस्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया ताकि सामाजिक पुलिसिंग अधिक समावेशी बन सके।  

हरियाणा में डिफॉल्टर अलर्ट: बिजली बिल बकाया रखने वालों पर कार्रवाई के निर्देश

चंडीगढ़. हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने राज्य भर के बिजली अधिकारियों की बैठक में बकाया वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में डिफाल्टर बिजली उपभोक्ताओं से 8247 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। इसमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 3573 करोड़ रुपये और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 4674 करोड़ रुपये की रिकवरी शामिल है। राज्य के सरकारी विभागों से भी 585 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है, जिसके तहत उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 319 करोड़ रुपये और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 266 करोड़ रुपये की रिकवरी प्रस्तावित है। बिजली मंत्री अनिल विज ने बिजली अधिकारियों से कहा कि वे वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन उपभोक्ताओं पर बकाया राशि लंबित है और उन्होंने उसी संपत्ति पर नया बिजली कनेक्शन ले लिया है, उनके विरुद्ध नियम-8 के तहत कार्रवाई कर चार्जशीट दाखिल की जाए। ऐसे कुल 3224 मामलों की पहचान की गई है, जिनमें 202 उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम तथा 3022 दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के है। इसके लिए तीन सदस्यीय टीमों का गठन किया जाएगा, जो तीन माह के भीतर कार्रवाई पूर्ण करेंगी। बिजली मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले एक वर्ष के भीतर राज्य के सभी सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम स्थापित किए जाएं, ताकि प्रदेश इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सके। उन्होंने इसे राज्य सरकार का फ्लैगशिप कार्यक्रम बताते हुए गहनता से क्रियान्वयन पर जोर दिया। इसके साथ ही, पीएम सूर्य घर योजना के तहत अधिकतम पात्र परिवारों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का रिवाल्विंग फंड भी स्थापित किया गया है। विज ने घोषणा की कि अपने सर्कल में सर्वाधिक सोलर सिस्टम स्थापित करवाने वाले अधिकारी को सम्मानित किया जाएगा। बैठक में राज्य भर से आए मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यकारी अभियंता और विजिलेंस विंग के अधिकारी भी शामिल हुए।

सिदो-कान्हू जयंती पर सीएम हेमंत सोरेन का संदेश, संघर्ष और साहस से लें प्रेरणा

 रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने आज हूल विद्रोह के महानायक वीर शहीद सिदो-कान्हू की जयंती के अवसर पर मोरहाबादी स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा – झारखंड वीरों की भूमि है इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड वीरों की भूमि है. झारखंड प्रदेश भारतवर्ष का एक ऐसा क्षेत्र है, जहां अनेक वीर सपूतों ने जन्म लिया है. उन्होंने कहा कि इस राज्य के आदिवासी तथा मूलवासियों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा एवं अपने हक-अधिकार की लड़ाई तब से लड़ी, जब देश के लोगों ने आजादी का सपना भी नहीं देखा था . सिदो-कान्हू के संघर्ष से मिलती है प्रेरणा मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शहीद सिदो-कान्हू ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध ऐतिहासिक बिगुल फूंका, जो हम सबों को संघर्ष, साहस और स्वाभिमान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. झारखंड के वीर सपूतों ने अलग-अलग समय काल में अपने दायित्वों एवं राज्य के प्रति स्वयं को समर्पित किया है . सिदो-कान्हू जयंती का ऐतिहासिक महत्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शहीद सिदो-कान्हू जयंती का यह शुभ दिन भारत के इतिहास के पन्नों में अमिट रूप से दर्ज है. आज के दिन हम सभी लोग वीर शहीद सिदो-कान्हू के संघर्ष, अदम्य साहस और उनके आदर्शों को याद करते हैं. इन महान विभूतियों को उनकी जयंती पर पूरे आदर और सम्मान के साथ अलग-अलग जगहों पर स्थापित उनकी प्रतिमा, तस्वीर, जन्मस्थली तथा शहादत स्थल पर लाखों की संख्या में लोग भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें शत-शत नमन करते हैं. वीर सपूतों पर पूरे देश को गर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज के दिन देश के आदिवासी समुदाय सहित पूरे देशवासी गर्व महसूस करते हैं कि ऐसे वीर सपूतों ने इस धरती पर जन्म लिया और यहां के लोगों के साथ-साथ संपूर्ण व्यवस्था को एक नई और स्थायी दिशा देने का काम किया.

वंदे मातरम् विवाद में कांग्रेस पार्षद का मुंह काला करने पर 51 हजार रुपये का इनाम

इंदौर  इंदौर नगर निगम के बजट सत्र से शुरू हुआ वंदे मातरम् विवाद लगातार उग्र होता जा रहा है। राजनीतिक दलों के बीच चल रही बयानबाजी के बीच अब एक हिंदू संगठन के पदाधिकारी द्वारा कांग्रेस पार्षद के खिलाफ विवादित घोषणा किए जाने से मामला और ज्यादा गरमा गया है। हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हार्डिया ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि वंदे मातरम् का अपमान करने वाली कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम का जो भी बहन मुंह काला करेगी, उसे 51 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस घोषणा के सामने आने के बाद शहर में माहौल और तनावपूर्ण हो गया है। कैसे शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद 8 अप्रैल को नगर निगम के बजट सत्र के दौरान शुरू हुआ था। आरोप है कि वंदे मातरम् के समय कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम सदन में मौजूद नहीं थीं। इस पर भाजपा पार्षद सुरेश कुरवाड़े ने टिप्पणी की, जिस पर फौजिया ने जवाब देते हुए कहा कि वंदे मातरम् गाना अनिवार्य नहीं है और यह व्यक्तिगत इच्छा का विषय है। इसके बाद सभापति द्वारा उन्हें सदन से बाहर कर दिया गया, जिससे मामला और बढ़ गया। रुबीना का बयान भी बना विवाद का कारण इसी बीच कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान का बयान भी विवादों में आ गया, जिसमें उन्होंने जबरदस्ती वंदे मातरम् गवाने का विरोध किया और तीखी प्रतिक्रिया दी। उनके बयान के बाद कांग्रेस के भीतर भी मतभेद सामने आए। राजनीतिक हलचल तेज विवाद बढ़ने के बाद भाजपा ने दोनों पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन और पुलिस में शिकायत की है। वहीं कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने रुबीना इकबाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भोपाल भेज दिया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् गाना अनिवार्य करने का फैसला भी लिया है, जिससे पार्टी के भीतर भी असहज स्थिति बनती नजर आ रही है।