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श्रमिक सम्मेलन में विकास की नींव रखने वाले हाथों का सम्मान

रायपुर जगदलपुर के स्थानीय वीर सावरकर भवन में शुक्रवार को निर्माण श्रमिकों के सशक्तिकरण और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के मार्गदर्शन में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में विकास की रीढ़ कहे जाने वाले श्रमिकों का न केवल सम्मान किया गया, बल्कि उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस सम्मेलन में समूचे जिले के सुदूर अंचलों से आए बड़ी संख्या में श्रमिकों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा परिसर उनकी उत्साहजनक उपस्थिति से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद बस्तर महेश कश्यप और नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जन प्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में श्रमिकों को राष्ट्र का असली निर्माता बताते हुए कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार लाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद महेश कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रमिक केवल मजदूरी करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण का आधार है। उन्होंने श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए विश्वास दिलाया कि सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है। कश्यप ने शासन द्वारा श्रमिकों के लिए चलाए जा रहे विभिन्न 31 योजनाओं की जानकारी और अन्य सुरक्षा योजनाओं के लाभ पर जोर देते हुए कहा कि हर श्रमिक का पंजीकरण होना अनिवार्य है ताकि शासन की मदद उन तक बिना किसी बाधा के पहुँच सके। इस अवसर पर नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मंच से जनप्रतिनिधियों के कर-कमलों द्वारा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं के तहत सहायता राशि के चेक वितरित किए गए, जिसे पाकर श्रमिकों के चेहरों पर संतोष और खुशी के भाव स्पष्ट नजर आए। इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता मौके पर ही समाधान की रही, जहाँ श्रम विभाग द्वारा लगाए गए विशेष पंजीकरण शिविरों के माध्यम से नए श्रमिकों का तत्काल पंजीयन किया गया। श्रम पदाधिकारी भूपेंद्र नायक ने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य बस्तर के उन मेहनतकश लोगों को विभागीय योजनाओं के दायरे में लाना है जो अब तक जागरूकता के अभाव में लाभ से वंचित थे। इस सार्थक प्रयास से बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिक भी अब सरकार की कल्याणकारी नीतियों से सीधे जुड़ सकेंगे। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और श्रम विभाग के अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।

केमिकल और औद्योगिक आपदा के लिए सचेत रहने की जरूरत : राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाईज की जायेगी

रायपुर.  औद्योगिक एवं केमिकल डिजास्टर के संबंध में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारियों के लिए राज्य स्तरीय औद्योगिक आपदा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत सरकार गृह मंत्रालय राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण में औद्योगिक या केमिकल आपदा के अवसर की जाने वाली सावधानियां डिजास्टर के समय की व्यापक तैयारियां पहले से करने के संबंध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया गया।  राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली के अधिकारियों ने वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जानकारी दी गई कि आगामी दिनों में छत्तीसगढ़ में केमिकल एवं औद्योगिक आपदा के संबंध में राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाईज कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें औद्योगिक या केमिकल आपदा के समय कैसे व्यापक प्रबंधन एवं सुरक्षा किया जाये। आपदा के समय आपातकालीन तैयारियां, अग्निशामक तैयारियां, आपदा के समय जन सामान्य में जागरूकता सहित विविध आपदा प्रबंधन के तौर-तरीकों और तैयारियां के संबध में व्यापक मार्गदर्शन दिया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित इस बैठक में गृह मंत्रालय भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, एन.डी.आर.एफ., एस.डी.आर.एफ. अन्य पुलिस फोर्सेस के अधिकारी सहित उद्योग, परिवहन, स्वास्थ्य, गृह, और राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सभी जिलों के जिला आपदा प्राधिकरण के अधिकारी शामिल हुये। 

खेत तालाब, अमृत सरोवर से किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगा पानी

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में 19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान का तीसरा चरण चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पुरानी जल संरचनाओं को नया जीवन देने के साथ ही बारिश के पानी की प्रत्येक बूंद को बचाने का कार्य किया जा रहा है। कूप रिचार्ज पिट, खेत तालाब, अमृत सरोवार, तालाब निर्माण, कंटूर ट्रेंच सहित तालाबों, बावड़ियों, नदियों की सफाई, रैन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य किए जा रहे हैं। अभियान में प्रदेश के 18 विभाग सहभागिता निभा रहे हैं। अभियान अंतर्गत अकेले सागर जिले में 5800 से अधिक जल संरचनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसमें कूप रिचार्ज पिट, खेत तालाब, अमृत सरोवार, तालाब निर्माण, कंटूर ट्रेंच के कार्य शामिल हैं। कार्यों के पूरा हो जाने से सागर जिले में सूख पड़े कुओं को नया जीवन मिलेगा। कूप रिचार्ज पिट बनने से कुओं का जल स्तर बढ़ेगा। साथ ही अमृत सरोवर, खेत तालाब और तालाबों में बारिश का पानी जमा होने से किसानों को सिंचाई, उद्यानिकी व मछली पालन जैसे कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलेगा।  

ठगी का शिकार हुआ छात्र बना मास्टरमाइंड, 9 राज्यों में फैलाया जाल

 पटना पटना साइबर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। उसने नौ राज्यों के लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले तीन साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपित प्लेब्वॉय बनाने और धनी एप द्वारा लोन दिलाने के नाम पर झांसा देकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। चार महीने से पटना में बैठ दिल्ली, यूपी, केरल समेत नौ राज्यों के लोगों से ठगी कर रहे थे। आरोपितों की पहचान नवादा के वारिसलीगंज निवासी गुलशन कुमार व शुभम राज और इसी जिले के शाहपुर के रहने वाले विक्की कुमार के रूप में हुई है। उनके पास से एक लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन और दस्तावेज आदि बरामद हुए हैं। डीएसपी व साइबर थाना प्रभारी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि अन्य राज्यों की साइबर पुलिस को सूचना मिली थी की पटना के साइबर ठग प्लेब्वॉय बनाने और धनी एप द्वारा लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं। साइबर पुलिस ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि बेऊर स्थित एक अपार्टमेंट से गिरोह का संचालन हो रहा है। इसके बाद पुलिस ने बुधवार को शिव नगर स्थित ममता कुंज अपार्टमेंट में छापा मारा। वहां से गुलशन कुमार, शुभम राज और विक्की कुमार पकड़े गए। उनके पास से मोबाइल और लैपटॉप आदि बरामद हुए। जालसजों में दो स्नातक और एक इंटर का है छात्र गुलशन कुमार, शुभम राज ने स्नातक तक पढ़ाई की है। वहीं विक्की कुमार इंटर का छात्र है। गुलशन गिरोह का मास्टर माइंड है। साइबर पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर यह जानकारी जुटा रही है कि इन ठगों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है खुद हुआ शिकार तो बन गया ठगी का मास्टरमाइंड नौ राज्यों में साइबर ठगी के लिए करोड़ों रुपये उगाहने वाले गैंग के सरगना की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। गिरोह का मास्टरमाइंड गुलशन कुमार कभी खुद साइबर ठगी का शिकार हुआ था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह पटना में आकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसके साथ साइबर ठगी हुई। एक बार पैसे गंवाने के बाद उसने खुद ही साइबर ठगी का मायाजाल बुनना शुरू कर दिया। एपीके फाइल भेज बनाते थे शिकार पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्होंने खुद को छात्र बताकर बेऊर में फ्लैट लिया था। वे सोशल मीडिया पर प्लेब्वॉय बनाने और धनी एप द्वारा आसानी से लोन दिलाने का विज्ञापन देते थे। विज्ञापन देखकर जो भी प्लेब्वॉय बनने या लोन लेने की इच्छा जताता था उनसे वे प्रोसेसिंग फीस व अन्य बहाने से रुपये अपने खाते में मंगाते थे। इसके बाद लोगों से संपर्क खत्म कर लेते थे। यही नहीं गिरोह के सदस्य प्लेब्वॉय और लोन संबंधी एपीके फाइल लोगों के फेसबुक, टेलीग्राम और व्हाट्स एप पर भी भेजते थे। एपीके फाइल पर क्लिक करते ही मोबाइल फोन हैक हो जाता था। बाद में वे उनका बैंक खाता खाली कर देते थे। टेलीग्राम एप से सीखी ठगी, फिर दोस्तों को जोड़ा उसने टेलीग्राम एप पर साइबर ठगी के वीडियो देखने शुरू कर दिए। वीडियो देखने के बाद उसे लगा कि साइबर ठगी कर आसानी से रुपये बनाए जा सकते हैं। आरोपितों ने पुलिस को बताया कि टेलीग्राम पर हर प्रकार की साइबर ठगी के वीडियो अपलोड हैं। उन वीडियो को देखने के बाद उन्हें ठगी के अलग-अलग तरीका के बारे में पता चला।

लखीमपुर खीरी में 1311 करोड़ की 538 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास करेंगे सीएम योगी

लखनऊ/लखीमपुर खीरी.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखीमपुर खीरी के दौरे पर रहेंगे, जहां वह पलिया व मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करने के साथ सात विधानसभा क्षेत्रों को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास की सौगात देंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न लाभार्थी परिवारों को भूमि आवंटन पत्र, आवास की चाबी और चेक भी सौंपेंगे।  मुख्यमंत्री यहां कुल 1311 करोड़ रुपये की 538 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। इनमें 356 करोड़ रुपये की 345 परियोजनाओं का लोकार्पण और 955 करोड़ रुपये की 193 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं का लाभ जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों लखीमपुर, गोला, श्रीनगर, पलिया, निघासन, मोहम्मदी और धौरहरा के लोगों को मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत चंदन चौकी (पलिया) से होगी, जहां मुख्यमंत्री जनसभा को संबोधित करने के साथ ही थारू जनजाति के परिवारों को भूमि स्वामित्व अधिकार पत्र तथा लाभार्थियों को डेमो चेक प्रदान करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को आवास की चाबी का वितरण और निर्माण कार्यों का लोकार्पण/शिलान्यास भी करेंगे। इस दौरान बच्चों द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत ‘ओडीओपी’ योजना के तहत निर्मित हैट पहनाकर किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री मियांपुर (मोहम्मदी) में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचेंगे, जहां वह विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार पत्र प्रदान कर एक ऐतिहासिक पहल करेंगे। यहां विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित किए जाएंगे और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को उनके आवास की चाबी सौंपी जाएगी। साथ ही सीएम योगी कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करेंगे। थारू जनजाति के परिवारों को मिलेगा पूर्ण स्वामित्व अधिकार थारू जनजाति के परिवारों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए योगी सरकार ने उन्हें पूर्ण स्वामित्व के साथ भूमि अधिकार देने का निर्णय किया है। इसके तहत तहसील पलिया में थारू जनजाति के 34 गांवों के 4356 परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि पर भौमिक अधिकार प्रदान किए हैं। वर्ष 1976 में इन परिवारों को भूमि उपयोग का अधिकार मिला था, लेकिन अब योगी सरकार उन्हें पूर्ण स्वामित्व अधिकार देने जा रही है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सम्मान भी मिलेगा। उपनिवेश योजना के तहत 2350 परिवारों को मिला अधिकार इसी तरह, उपनिवेश योजना के तहत नदी कटान से प्रभावित परिवारों को बसाने के लिए 12 उपनिवेश (कालोनियों) में बसे 2350 परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया गया। इनमें अनुसूचित जाति के 1077 और पिछड़े वर्ग के 874 परिवार शामिल हैं। वर्षों से इन परिवारों के पास भूमि उपयोग का अधिकार तो था, लेकिन स्वामित्व नहीं था। अब इसी भूमि पर उन्हें मालिकाना अधिकार प्रदान किया जा रहा है। यह निर्णय उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा लेकर आएगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर देगा। पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों का पुनर्वास इसी प्रकार पूर्वी पाकिस्तान/बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए 331 हिंदू परिवारों का पुनर्वास भी लखीमपुर खीरी में किया गया है। इन परिवारों को जिले की विभिन्न तहसीलों धौरहरा, मोहम्मदी और गोला में बसाया गया था, जहां उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कृषि योग्य भूमि भी उपलब्ध कराई गई है। मियांपुर में बसे 156 परिवारों को प्रति परिवार करीब 4.75 एकड़ भूमि दी गई है, जबकि अन्य गांवों में भी परिवारों को औसतन 3 से 7 एकड़ तक जमीन आवंटित की गई है। बुनियादी सुविधाएं इन गांवों तक पहुंचाई योगी सरकार द्वारा इन परिवारों को केवल जमीन ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पेंशन योजनाएं और सुकन्या समृद्धि योजना समेत कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। साथ ही, राशन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, सड़क और रोजगार से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं भी इन गांवों तक पहुंचाई गई हैं। हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना योगी सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री का यह दौरा विकास, पुनर्वास और सामाजिक न्याय के समेकित मॉडल को जमीन पर उतारने का प्रयास है। भूमि स्वामित्व अधिकार, आवास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से योगी सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि विकास के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना योगी सरकार की प्राथमिकता है।

मथुरा नाव हादसा: मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक, राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश

लखनऊ.  जनपद मथुरा में यमुना नदी में नाव पलटने से हुए दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि इस हादसे में हुई जनहानि अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने प्रभु श्री राम से प्रार्थना करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकाकुल परिवारों को यह दुःख सहने की शक्ति तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव एवं राहत कार्य तेज गति से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को नियमानुसार उचित मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि यह हादसा वृंदावन क्षेत्र में केसी घाट के पास उस समय हुआ, जब श्रद्धालुओं से भरी नाव पंटून पुल से टकराकर यमुना नदी में पलट गई। इस दुर्घटना में करीब 25 श्रद्धालु नदी में डूब गए, जिनमें से 15 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। अधिकांश श्रद्धालु पंजाब से आए बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों की टीम द्वारा युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया गया। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन सतर्क है और राहत कार्य लगातार जारी है।

समर्थन मूल्य पर 5220 किसानों से हुई 17,965 क्विंटल गेहूँ की खरीदी : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 5220 किसानों से 12 हजार 521 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। गेहूँ का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूँ का उपार्जन शुरू किया जायेगा। अभी तक एक लाख 48 हजार 247 किसानों द्वारा 6 लाख 74 हजार 290 मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। गेहूँ खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अभी तक 97 हजार 474 किसानों द्वारा 4 लाख 46 हजार 582 मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूँ में से मुख्य रूप से जिला उज्जैन में 3029, शाजापुर में 2785, देवास में 1747, सीहोर में 1732, इंदौर में 1364, राजगढ़ में 1210, भोपाल में 907, विदिशा में 822, रतलाम में 697, आगर-मालवा में 683, धार में 581, खंडवा में 522, मंदसौर में 498, नर्मदापुरम में 378, खरगोन में 359, नीमच में 281, हरदा में 180, झाबुआ में 91, बैतूल में 46, बड़वानी में 28 और रायसेन में 24 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।  

योगी सरकार का यक्ष एप, स्मार्ट पुलिसिंग को बना रहा मजबूत आधार

योगी सरकार का यक्ष एप स्मार्ट पुलिसिंग को दे रहा धार – महज 90 दिनों में एक दर्जन से अधिक मामलों का किया खुलासा, अपराध नियंत्रण में आई तेजी – कुछ घंटों में दो लूट का किया खुलासा, अपहरण केस में चौंकाने वाला सच आया सामने – सीसीटीवी और डिजिटल डाटा से तेजी से आरोपियों तक पहुंच रही पुलिस – आगरा में बुजुर्ग को झूठे आरोप से बचाया, असली आरोपी गिरफ्तार लखनऊ  यूपी पुलिस का यक्ष एप अपराधियों को सलाखों के पीछे धकेलने में अहम भूमिका निभा रहा है। यक्ष एप ने महज 90 दिनों में एक दर्जन से अधिक अपराधिक घटनाओं का खुलासा कर अपराध नियंत्रण पर स्मार्ट पुलिसिंग को नया आयाम दिया है। एप के जरिये अपहरण, हत्या, लूट, चोरी जैसे गंभीर अपराधों का खुलासा किया है। यक्ष ऐप की मदद से पुलिस न केवल तेजी से आरोपियों तक पहुंच रही है, बल्कि घटनाओं के खुलासे का समय भी काफी कम हुआ है। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में स्मार्ट पुलिसिंग को नई दिशा देने के लिए  “पुलिस मंथन” कार्यक्रम में यक्ष एप को लांच किया था।  एप ने किया कुछ घंटों में दो लूट का खुलासा, अपहरण की गुत्थी को सुलझाया डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरुप स्मार्ट पुलिसिंग के तहत यक्ष एप को लांच किया गया था। यक्ष ेएप में प्रदेश के अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस, सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन आधारित मैपिंग और एनालिटिकल टूल्स जैसी सुविधाएं दी गई हैं। पहले जहां विवेचकों को “विलेज क्राइम नोट बुक” जैसे पारंपरिक रजिस्टर पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब कुछ ही मिनटों में अपराधियों की पूरी हिस्ट्री सामने आ जाती है। डीजीपी ने बताया कि हरदोई में दर्ज अपहरण के एक मामले में यक्ष ऐप ने चौंकाने वाला सच सामने लाया। जांच में पता चला कि कथित अपहृत व्यक्ति पिछले ढाई साल से जेल में बंद था। इसी तरह जौनपुर में 11 मार्च 2026 को जन सेवा केंद्र संचालक के साथ हुई लूट की घटना का खुलासा कुछ ही घंटों में कर लिया गया। पुलिस ने यक्ष एप के माध्यम से 42–43 सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, जिससे संदिग्धों की पहचान और लोकेशन ट्रैक हुई। इसके बाद मुठभेड़ में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और करीब 1.30 लाख नकद बरामद किया गया। इसके अलावा राजधानी लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में एक घंटे के अंतराल पर हुई दो लूट की घटनाओं का 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया गया। यक्ष एप के जरिए आरोपियों की पहचान, मोबाइल लोकेशन और गतिविधियों का विश्लेषण कर पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार किया। इतना ही नहीं रायबरेली में यक्ष एप की मदद से 8 सदस्यीय अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग का पर्दाफाश हुआ। एप के डाटाबेस और जियो-टैगिंग के जरिए पुलिस को आरोपियों का आपराधिक इतिहास मिला, जिससे योजनाबद्ध कार्रवाई कर सभी को गिरफ्तार किया गया। झूठे आरोप से बुजुर्ग को बचाया बरेली में सास और साले की हत्या के आरोपी को पकड़ने में भी यक्ष ने अहम भूमिका निभाई। आरोपी का फोटो और रिकॉर्ड एप से मिलते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आगरा में एक बुजुर्ग व्यक्ति को झूठे छेड़छाड़ के आरोप से बचाने में भी एप उपयोगी साबित हुआ। सीसीटीवी फुटेज और फेस रिकग्निशन के जरिए असली आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। मेरठ, हाथरस, फर्रुखाबाद, कानपुर और गोंडा जैसे जिलों में यक्ष के जरिए कई चोरी और जेबकतरी गैंग का खुलासा हुआ। मेरठ में जेबकतरा गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार किये गये, हाथरस में आभूषण चोरी का आरोपी ट्रेस, कानपुर में ज्वैलरी दुकान से चोरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ और गोंडा में स्कूलों में हो रही चोरी का खुलासा एप ने किया।    यह है एप की विशेषताएं – पुलिस इकाइयों के लिए उपलब्ध प्रदेशव्यापी अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस – त्वरित साक्ष्य संकलन के लिए सीसीटीवी कैमरों का स्थान आधारित मानचित्रण – प्रत्येक अपराधी को दिया गया यूनिक क्रिमिनल आईडी, जिससे जिलों के बीच सूचनाओं का सहज आदान-प्रदान संभव – सटीक पहचान के लिए अपराधियों के मल्टी-एंगल फोटोग्राफिक रिकॉर्ड

आगामी मई -जून माह में संभावित स्थानीय निकायो के आम/उप चुनाव के दृष्टिगत मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियां तेज

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मई जून-2026 की तैयारियों को गति प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में आज निर्वाचक नामावली प्रेक्षकों की ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने की।राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए तथा सभी दावा-आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण किया जाए। उन्होंने पुनरीक्षण कार्य की सघन निगरानी और प्रभावी सुपरविजन पर विशेष बल दिया। बैठक में आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए 01 अप्रैल 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले तथा भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा मतदाता सूची में शामिल नागरिक ही स्थानीय चुनाव में मतदाता बनने के पात्र होंगे। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। इसके पश्चात 20 अप्रैल 2026 तक दावा-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 27 अप्रैल 2026 तक उनका निराकरण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 05 मई 2026 को किया जाएगा। आयोग द्वारा बताया गया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन एवं विलोपन के लिए निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।  बैठक में रिक्त पदों की जानकारी भी साझा की गई। नगरीय निकायों में अध्यक्ष के 4पद एवं 60 पार्षद के पदों पर आम निर्वाचन तथा अध्यक्ष के 4 पद एवं 17 पार्षद पदों पर उप निर्वाचन प्रस्तावित है। वहीं, त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के अंतर्गत जनपद पंचायत सदस्य के 10 पद, सरपंच के 82 पद एवं पंचों के 1110 पद रिक्त हैं, जिन पर निर्वाचन संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ करें तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

लखनऊ, सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर सरकार कसेगी शिकंजा

लखनऊ लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्मार्ट फोन की लत बीमारी बन गई है। हार्ट शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। किडनी खराब होने पर व्यक्ति डायलिसिस के सहारे जीवन जी सकता है। लेकिन अगर हार्ट ब्लॉकेज हुआ तो दूसरे लोक की यात्रा हो जाएगी। सीएम ने कहा कि दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। कम उम्र के लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह खराब जीवनशैली और खान-पान है। अब न हमारे उठने का समय तय है न सोने का। शारीरिक गतिविधियां घटी हैं। नियमित कसरत छोड़ लोग आराम पसंद हो गए हैं। हर व्यक्ति का करीब चार से पांच घंटे स्मार्ट फोन में खप रहा है। नतीजतन लोग दिल, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। शुक्रवार को यह गंभीर चिंता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाहिर की। अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रेक्षागृह में पहली बार कान्फ्रेंस का आगाज हुआ। नॉन कम्युनिकेबल डीसीज चिंता का विषय- योगी कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया की तरफ से नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल (एनआईसी) का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौ से 10 साल पहले यूपी बीमारू राज्य था। अब ग्रोथ इंजन के रूप में प्रदेश तरक्की की राह पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नॉन कम्युनिकेबल डीसीज के बढ़ते मामले चिंता का विषय है। भारत में प्राचीन काल से समय पर सोना, जागना, पौष्टिक भोजन लेना। यह सब स्वस्थ्य दिनचर्या का हिस्सा थी। समय तेजी से बदल रहा है। लोग देर रात तक जाग रहे हैं। फास्ट फूड व डिब्बा बंद भोजन पसंद कर रहे हैं। उसके परिणाम सबके सामने हैं। बीमारी हमे घेर रही हैं। हमारे सामने चुनौतियां खड़ी कर रही है। इलाज के खर्च की चिंता कम हुई चिंता से निपटने के दो रास्ते हैं। पहला बचाव व दूसरा इलाज। बचाव पक्ष पर अधिक काम करने की जरूरत है। चुनौतियों से निपटने के लिए जीवनशैली बदलें। सरकार इलाज व जागरुकता फैलाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। आठ से 10 साल पहले यदि कोई गंभीर बीमारी की चपेट में आता था। तो परिवार पैसे व बेहतर की चिंता करता था। विशेषज्ञ डॉक्टर व मेडिकल संस्थानों की कमी थी। अब दोनों ही समस्याओं को हल किया जा रहा है। मुफ्त इलाज के दायरे में शिक्षक, रसोईए भी प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना शुरू की गई। भारत के 55 से 60 करोड़ लोगों को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। पांच लाख रुपये का मुफ्त इलाज मुहैया कराया जा रहा है। यूपी में आयुष्मान के दायरे में न आने वालों को सीएम योजना से कवर किया गया। शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, स्कूल के रसोईयों को योजना के दायरे में लाया गया है। सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा मुख्यमंत्री ने कहाकि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर सरकार फंदा डाल रही है। यूपी में ऐसे लोग थे जिनके पास एक भी गाय-भैंस नहीं थी, लेकिन हजारों टन खोया और पनीर की आपूर्ति का दम रखते थे। पिछले साल दीपावली में ऐसे लोगों की सूची तैयार कराई गई। बड़े पैमाने पर सुबह चार बजे एक साथ छापेमारी कराई। हजारों कुंतल मिलावटी खोआ व पनीर बरामद किया गया था। ऐसे लोगों की पहचान व छापेमारी का अभियान जारी हैं। बीमार भारत आत्मनिर्भर व संशक्त नहीं हो सकता दिल, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर समेत दूसरी बीमारियों ने चुनौती खड़ी कर दी है। अभी भी गरीब मेहनतकश को दिल की बीमारी कम होती है। लेकिन हो गई तो उसका इलाज पर आने वाले खर्च की फिक्र करने की जरूरत नहीं है। इलाज तो मुफ्त मिल सकता है लेकिन इंसान की कार्यक्षमता कैसे बचाई जा सकती है? उसे बढ़ाना कठिन कार्य है। लिहाजा सेहत को लेकर अभी से चौकन्ना हो जाएं। स्वस्थ्य नगारिक से ही स्वस्थ्य समाज होगा। सशक्त भारत के निर्माण के लिए अच्छी सेहत जरूरी है। बीमार भारत विकसित, सशक्त व आत्मनिर्भर नहीं हो सकता है। मुख्यमंत्री ने अच्छी सेहत के लिए टिप्स दी मुख्यमंत्री ने कहा कि हमे सेहत के लिए खुद ही संजीदा रहने की जरूरत है। खानपान की आदते सुधारें। फास्ट फूड से तौबा करें। घर की बनी पौष्टिक वस्तुओं का ही सेवन करें। योग करें। समय पर जागने की आदत डाले। नियमित कसरत करें। स्मार्ट फोन का इस्तेमाल रात में न करें। दिन में भी फोन का जरूरत पर ही प्रयोग करें। डॉक्टर सेहत के प्रति जागरुक करने का बीड़ा उठाएं। प्रचार प्रसार करें। इसका समाज पर प्रभाव अधिक पड़ेगा। इस कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष, अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अमित देवगन, लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋषि सेट्ठी, पीजीआई कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आदित्य कपूर, डॉ. सतेंद्र तिवारी, डॉ. शरद चन्द्रा, डॉ. गौरव चौधरी डॉ. अखिल शर्मा समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।