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योगी सरकार का यक्ष एप, स्मार्ट पुलिसिंग को बना रहा मजबूत आधार

योगी सरकार का यक्ष एप स्मार्ट पुलिसिंग को दे रहा धार – महज 90 दिनों में एक दर्जन से अधिक मामलों का किया खुलासा, अपराध नियंत्रण में आई तेजी – कुछ घंटों में दो लूट का किया खुलासा, अपहरण केस में चौंकाने वाला सच आया सामने – सीसीटीवी और डिजिटल डाटा से तेजी से आरोपियों तक पहुंच रही पुलिस – आगरा में बुजुर्ग को झूठे आरोप से बचाया, असली आरोपी गिरफ्तार लखनऊ  यूपी पुलिस का यक्ष एप अपराधियों को सलाखों के पीछे धकेलने में अहम भूमिका निभा रहा है। यक्ष एप ने महज 90 दिनों में एक दर्जन से अधिक अपराधिक घटनाओं का खुलासा कर अपराध नियंत्रण पर स्मार्ट पुलिसिंग को नया आयाम दिया है। एप के जरिये अपहरण, हत्या, लूट, चोरी जैसे गंभीर अपराधों का खुलासा किया है। यक्ष ऐप की मदद से पुलिस न केवल तेजी से आरोपियों तक पहुंच रही है, बल्कि घटनाओं के खुलासे का समय भी काफी कम हुआ है। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में स्मार्ट पुलिसिंग को नई दिशा देने के लिए  “पुलिस मंथन” कार्यक्रम में यक्ष एप को लांच किया था।  एप ने किया कुछ घंटों में दो लूट का खुलासा, अपहरण की गुत्थी को सुलझाया डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरुप स्मार्ट पुलिसिंग के तहत यक्ष एप को लांच किया गया था। यक्ष ेएप में प्रदेश के अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस, सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन आधारित मैपिंग और एनालिटिकल टूल्स जैसी सुविधाएं दी गई हैं। पहले जहां विवेचकों को “विलेज क्राइम नोट बुक” जैसे पारंपरिक रजिस्टर पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब कुछ ही मिनटों में अपराधियों की पूरी हिस्ट्री सामने आ जाती है। डीजीपी ने बताया कि हरदोई में दर्ज अपहरण के एक मामले में यक्ष ऐप ने चौंकाने वाला सच सामने लाया। जांच में पता चला कि कथित अपहृत व्यक्ति पिछले ढाई साल से जेल में बंद था। इसी तरह जौनपुर में 11 मार्च 2026 को जन सेवा केंद्र संचालक के साथ हुई लूट की घटना का खुलासा कुछ ही घंटों में कर लिया गया। पुलिस ने यक्ष एप के माध्यम से 42–43 सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, जिससे संदिग्धों की पहचान और लोकेशन ट्रैक हुई। इसके बाद मुठभेड़ में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और करीब 1.30 लाख नकद बरामद किया गया। इसके अलावा राजधानी लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में एक घंटे के अंतराल पर हुई दो लूट की घटनाओं का 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया गया। यक्ष एप के जरिए आरोपियों की पहचान, मोबाइल लोकेशन और गतिविधियों का विश्लेषण कर पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार किया। इतना ही नहीं रायबरेली में यक्ष एप की मदद से 8 सदस्यीय अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग का पर्दाफाश हुआ। एप के डाटाबेस और जियो-टैगिंग के जरिए पुलिस को आरोपियों का आपराधिक इतिहास मिला, जिससे योजनाबद्ध कार्रवाई कर सभी को गिरफ्तार किया गया। झूठे आरोप से बुजुर्ग को बचाया बरेली में सास और साले की हत्या के आरोपी को पकड़ने में भी यक्ष ने अहम भूमिका निभाई। आरोपी का फोटो और रिकॉर्ड एप से मिलते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आगरा में एक बुजुर्ग व्यक्ति को झूठे छेड़छाड़ के आरोप से बचाने में भी एप उपयोगी साबित हुआ। सीसीटीवी फुटेज और फेस रिकग्निशन के जरिए असली आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। मेरठ, हाथरस, फर्रुखाबाद, कानपुर और गोंडा जैसे जिलों में यक्ष के जरिए कई चोरी और जेबकतरी गैंग का खुलासा हुआ। मेरठ में जेबकतरा गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार किये गये, हाथरस में आभूषण चोरी का आरोपी ट्रेस, कानपुर में ज्वैलरी दुकान से चोरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ और गोंडा में स्कूलों में हो रही चोरी का खुलासा एप ने किया।    यह है एप की विशेषताएं – पुलिस इकाइयों के लिए उपलब्ध प्रदेशव्यापी अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस – त्वरित साक्ष्य संकलन के लिए सीसीटीवी कैमरों का स्थान आधारित मानचित्रण – प्रत्येक अपराधी को दिया गया यूनिक क्रिमिनल आईडी, जिससे जिलों के बीच सूचनाओं का सहज आदान-प्रदान संभव – सटीक पहचान के लिए अपराधियों के मल्टी-एंगल फोटोग्राफिक रिकॉर्ड

आगामी मई -जून माह में संभावित स्थानीय निकायो के आम/उप चुनाव के दृष्टिगत मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियां तेज

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मई जून-2026 की तैयारियों को गति प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में आज निर्वाचक नामावली प्रेक्षकों की ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने की।राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए तथा सभी दावा-आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण किया जाए। उन्होंने पुनरीक्षण कार्य की सघन निगरानी और प्रभावी सुपरविजन पर विशेष बल दिया। बैठक में आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए 01 अप्रैल 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले तथा भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा मतदाता सूची में शामिल नागरिक ही स्थानीय चुनाव में मतदाता बनने के पात्र होंगे। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। इसके पश्चात 20 अप्रैल 2026 तक दावा-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 27 अप्रैल 2026 तक उनका निराकरण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 05 मई 2026 को किया जाएगा। आयोग द्वारा बताया गया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन एवं विलोपन के लिए निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।  बैठक में रिक्त पदों की जानकारी भी साझा की गई। नगरीय निकायों में अध्यक्ष के 4पद एवं 60 पार्षद के पदों पर आम निर्वाचन तथा अध्यक्ष के 4 पद एवं 17 पार्षद पदों पर उप निर्वाचन प्रस्तावित है। वहीं, त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के अंतर्गत जनपद पंचायत सदस्य के 10 पद, सरपंच के 82 पद एवं पंचों के 1110 पद रिक्त हैं, जिन पर निर्वाचन संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ करें तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

लखनऊ, सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर सरकार कसेगी शिकंजा

लखनऊ लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्मार्ट फोन की लत बीमारी बन गई है। हार्ट शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। किडनी खराब होने पर व्यक्ति डायलिसिस के सहारे जीवन जी सकता है। लेकिन अगर हार्ट ब्लॉकेज हुआ तो दूसरे लोक की यात्रा हो जाएगी। सीएम ने कहा कि दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। कम उम्र के लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह खराब जीवनशैली और खान-पान है। अब न हमारे उठने का समय तय है न सोने का। शारीरिक गतिविधियां घटी हैं। नियमित कसरत छोड़ लोग आराम पसंद हो गए हैं। हर व्यक्ति का करीब चार से पांच घंटे स्मार्ट फोन में खप रहा है। नतीजतन लोग दिल, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। शुक्रवार को यह गंभीर चिंता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाहिर की। अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रेक्षागृह में पहली बार कान्फ्रेंस का आगाज हुआ। नॉन कम्युनिकेबल डीसीज चिंता का विषय- योगी कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया की तरफ से नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल (एनआईसी) का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौ से 10 साल पहले यूपी बीमारू राज्य था। अब ग्रोथ इंजन के रूप में प्रदेश तरक्की की राह पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नॉन कम्युनिकेबल डीसीज के बढ़ते मामले चिंता का विषय है। भारत में प्राचीन काल से समय पर सोना, जागना, पौष्टिक भोजन लेना। यह सब स्वस्थ्य दिनचर्या का हिस्सा थी। समय तेजी से बदल रहा है। लोग देर रात तक जाग रहे हैं। फास्ट फूड व डिब्बा बंद भोजन पसंद कर रहे हैं। उसके परिणाम सबके सामने हैं। बीमारी हमे घेर रही हैं। हमारे सामने चुनौतियां खड़ी कर रही है। इलाज के खर्च की चिंता कम हुई चिंता से निपटने के दो रास्ते हैं। पहला बचाव व दूसरा इलाज। बचाव पक्ष पर अधिक काम करने की जरूरत है। चुनौतियों से निपटने के लिए जीवनशैली बदलें। सरकार इलाज व जागरुकता फैलाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। आठ से 10 साल पहले यदि कोई गंभीर बीमारी की चपेट में आता था। तो परिवार पैसे व बेहतर की चिंता करता था। विशेषज्ञ डॉक्टर व मेडिकल संस्थानों की कमी थी। अब दोनों ही समस्याओं को हल किया जा रहा है। मुफ्त इलाज के दायरे में शिक्षक, रसोईए भी प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना शुरू की गई। भारत के 55 से 60 करोड़ लोगों को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। पांच लाख रुपये का मुफ्त इलाज मुहैया कराया जा रहा है। यूपी में आयुष्मान के दायरे में न आने वालों को सीएम योजना से कवर किया गया। शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, स्कूल के रसोईयों को योजना के दायरे में लाया गया है। सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा मुख्यमंत्री ने कहाकि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर सरकार फंदा डाल रही है। यूपी में ऐसे लोग थे जिनके पास एक भी गाय-भैंस नहीं थी, लेकिन हजारों टन खोया और पनीर की आपूर्ति का दम रखते थे। पिछले साल दीपावली में ऐसे लोगों की सूची तैयार कराई गई। बड़े पैमाने पर सुबह चार बजे एक साथ छापेमारी कराई। हजारों कुंतल मिलावटी खोआ व पनीर बरामद किया गया था। ऐसे लोगों की पहचान व छापेमारी का अभियान जारी हैं। बीमार भारत आत्मनिर्भर व संशक्त नहीं हो सकता दिल, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर समेत दूसरी बीमारियों ने चुनौती खड़ी कर दी है। अभी भी गरीब मेहनतकश को दिल की बीमारी कम होती है। लेकिन हो गई तो उसका इलाज पर आने वाले खर्च की फिक्र करने की जरूरत नहीं है। इलाज तो मुफ्त मिल सकता है लेकिन इंसान की कार्यक्षमता कैसे बचाई जा सकती है? उसे बढ़ाना कठिन कार्य है। लिहाजा सेहत को लेकर अभी से चौकन्ना हो जाएं। स्वस्थ्य नगारिक से ही स्वस्थ्य समाज होगा। सशक्त भारत के निर्माण के लिए अच्छी सेहत जरूरी है। बीमार भारत विकसित, सशक्त व आत्मनिर्भर नहीं हो सकता है। मुख्यमंत्री ने अच्छी सेहत के लिए टिप्स दी मुख्यमंत्री ने कहा कि हमे सेहत के लिए खुद ही संजीदा रहने की जरूरत है। खानपान की आदते सुधारें। फास्ट फूड से तौबा करें। घर की बनी पौष्टिक वस्तुओं का ही सेवन करें। योग करें। समय पर जागने की आदत डाले। नियमित कसरत करें। स्मार्ट फोन का इस्तेमाल रात में न करें। दिन में भी फोन का जरूरत पर ही प्रयोग करें। डॉक्टर सेहत के प्रति जागरुक करने का बीड़ा उठाएं। प्रचार प्रसार करें। इसका समाज पर प्रभाव अधिक पड़ेगा। इस कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष, अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अमित देवगन, लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋषि सेट्ठी, पीजीआई कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आदित्य कपूर, डॉ. सतेंद्र तिवारी, डॉ. शरद चन्द्रा, डॉ. गौरव चौधरी डॉ. अखिल शर्मा समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।

वृंदावन, मिलावटी पेड़े और ई-रिक्शा पर होगी सख्ती

वृंदावन  ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर की हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी की बैठक बृहस्पतिवार को लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन में आयोजित की गई। इसमें कई महत्वपूर्ण फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। ठाकुरजी के फूल बंगलों में आ रही रुकावट पर कमेटी ने नरम रुख दिखाया और उसका शुल्क 1,51000 रुपये से घटाकर 101000 रुपये कर दिया गया। साथ ही मंदिर खुलने से एक घंटे पहले फूल बंगला सजाने वाले के यजमान और उसके परिजन को सिंहासन पूजा की भी अनुमति दी गई। इसके अलावा मंदिर की व्यवस्था, सुरक्षा और अतिक्रमण हटाने पर मंथन किया गया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 25 बिंदुओं के एजेंडा पर विस्तार से चर्चा की गई। फूल बंगले के अलावा मंदिरों के आसपास बिक रहे मिलावटी पेड़े को लेकर अध्यक्ष ने एफएसडीए के अफसरों को निर्देश दिए कि मिलावटी पेड़े बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में मौजूद अध्यक्ष अशोक कुमार, मुकेश मिश्रा व अन्य। उन्होंने कहा कि राजस्थान बॉर्डर से लाकर सस्ता खोया यहां खपाया जा रहा है, लेकिन ऐसे लोगों पर अब कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा वृंदावन में ई-रिक्शों से आ रही परेशानी को दूर करने के लिए निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ई रिक्शा सीज किए जाएंगे तो उन्हें खड़ा करने की समस्या आएगी, इस पर नगरायुक्त जग प्रवेश ने बताया कि चार धाम मंदिर के पास सरकारी जगह है, वहां सीज वाहनों को रखा जाएगा। मंदिर में निजी सुरक्षाकर्मियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए उन्हें मंदिर के प्रबंधक को निर्देश दिए और कहा कि अगली बैठक में उनके लिए नए नियम तय किए जाएंगे। इसके अलावा मंदिर चबूतरे पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा की गई। सर्वसम्मति निर्णय लिया गया है कि बांकेबिहारी मंदिर और उससे जुडे़ अन्य मंदिरों पर किए जा रहे विकास कार्यों को जल्द पूरा किया जाए। मंदिर परिसर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को एचडी एवं एआई तकनीक से लैस कर अपग्रेड किया जाए। निधिवन राज और सुरक्षा सेवाओं के ठेकों की अवधि समाप्त होने पर नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने पर मंथन किया गया। इसके अलावा विभिन्न बैंकों से वित्तीय वर्ष 2025-26 में जमा धनराशि और अर्जित ब्याज का विवरण देखा गया। साथ ही चार बैंकों में धनराशि जमा करने और मंदिर के ऑडिट, लेखांकन व्यवस्था और मीडिया उपकरणों की खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। मंदिर के सिंहासन को ठीक कराने पर सहमति बनीं।   अक्षय तृतीय पर पूरे मार्ग पर मिलेगा पेयजल अध्यक्ष ने कहा कि अक्षय तृतीय पर बांकेबिहारी पर बहुत भीड़ होती है। ऐसे में किसी श्रद्धालु को परेशानी न हो इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं को मंदिर से लेकर गलियों तक में पेयजल की जगह-जगह व्यवस्था होगी। मंदिर की ओर से पानी की बोतलें बांटी जाएंगी। फूल बंगले पर सेवायत एकमत नहीं फूल बंगले की धनराशि को लेकर एक बार फिर दोनों भोगों के सेवायतों में स्वर नहीं मिले। जहां शयनभाेग के सेवायतों ने कहा कि धनराशि को कम नहीं किया जाए। वहीं राजभोग सेवायतों धनराशि कम करने के फैसले को सही बताया। कॉरिडोर के लिए रजिस्ट्री की संख्या बढ़ाने पर दिया जोर बांकेबिहारी कॉरिडोर को लेकर स्वेच्छा से रजिस्ट्री कर रहे लोगों की संख्या को बढ़ाने के लिए जोर दिया गया। कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि ठाकुरजी के लिए कई लोग आगे आए, उन्होंने अपने घरों की रजिस्ट्री की, यह उनके लिए गर्व की बात है। अन्य लोगों को भी खुद ही आगे आना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि ऐसे लोगों के लिए पहले आओ पहले पाओ स्कीम चलाई जा रही है। पहले आने वालों के सामने जगह से लेकर मल्टी स्टोरी में फ्लोर चुनने का भी विकल्प है। वह अपनी पसंद से जगह ले सकते हैं।  ये रहे मौजूद सदस्य बैठक में सेवानिवृत्त जिला जज मुकेश मिश्रा, जिला जज मथुरा विकास कुमार, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मंदिर के मैनेजर मुनीश शर्मा आदि मौजूद रहे।  

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027: 78% प्री-SIR का काम पूरा, डबल वोटर कार्ड पर सख्ती से होगी कार्रवाई

अमृतसर  पंजाब में फरवरी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में दैनिक ट्रिब्यून ने राज्य की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया जारी है। प्री-एसआईआर एक्सरसाइज के तहत अब तक करीब 78 प्रतिशत क्षेत्र को कवर किया जा चुका है। राज्य में कुल 2 करोड़ 14 लाख 57 हजार 521 मतदाता हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने मतदाता विवरण सही तरीके से अपडेट करें और बीएलओ (Booth Level Officer) के साथ सहयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी व्यक्ति के पास दो वोटर कार्ड पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें एक साल तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मतदाता 2003 की मतदाता सूची के जरिए अपनी डिटेल्स को सत्यापित कर सकते हैं। इसके लिए Election Commission of India के आधिकारिक पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर पुरानी वोटर लिस्ट देखी जा सकती है। अनिंदिता मित्रा ने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की सूची में नहीं मिलता है, तो वे अपने परिवार के सदस्यों जैसे माता-पिता या दादा-दादी की जानकारी के माध्यम से लिंकेज स्थापित कर सकते हैं, जो एसआईआर प्रक्रिया में मददगार साबित होगा।

शाजापुर: 12 नामजद समेत 150 कांग्रेसियों पर केस दर्ज, SP ने कहा- सुरक्षा चूक पर TI होंगे जिम्मेदार

शाजापुर   शाजापुर। किसानों के समर्थन में कांग्रेस द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय घेराव मामले में 12 कांग्रेसियों खिलाफ नामजद और 150 अज्ञात लोगों पर लालघाटी थाने में मामला दर्ज किया गया है। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में घुसकर विरोध प्रदर्शन किया था। इन पर हुआ मामला दर्ज लालघाटी पुलिस ने भीड़ का नेतृत्व कर रहे है कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, कांग्रेस के कालापीपल के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी, सीताराम पवैया, यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जयंत रामवीर सिंह सिकरवार, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष कमल चौधरी, पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष इरशाद खान सहित अन्य कांग्रेसियों के खिलाफ पुलिस ने धारा 223(ए), 132,191,(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है।  कुणाल चौधरी ने जिला प्रशासन पर साधा निशाना कुणाल चौधरी ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि शाजापुर प्रशासन एक बार फिर गुलामी पर लग चुका है। सरकार किसानों का गेहूं नहीं खरीद पा रही है और ऐसे मामले पर जब कांग्रेस किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करती है तो प्रशासन के द्वारा उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। सीधा जवाब दो कब किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा, कब वसूली बंद की जाएगी। ना हम अंग्रेजों से डरे ना आप से डरेंगे। हमें जेल में डालकर आप खुश होंगे तो हमें जेल में डाल दीजिए, लेकिन किसानों का पैसा दो, किसानों के कर्ज को माफ करो। भारी पुलिस बल के बावजूद चूक प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही कड़े इंतजाम किए थे। मौके पर 5 निरीक्षक, 4 उप निरीक्षक, 4 सहायक निरीक्षक, 10 प्रधान आरक्षक, 12 आरक्षक और 5 महिला आरक्षक सहित करीब 40 पुलिसकर्मी तैनात थे। इसके अलावा एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय और एसडीएम मनीषा वास्कले सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। बावजूद इसके, प्रदर्शनकारियों का कलेक्टर कक्ष तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। एफआईआर पर पर्दा डालने की कोशिश? मामले में यह भी सामने आया कि पुलिस प्रशासन शुरुआती स्तर पर एफआईआर दर्ज होने की जानकारी को सार्वजनिक करने से बचता रहा। थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने पहले प्रकरण दर्ज होने से इनकार किया, लेकिन बाद में दस्तावेज सामने आने पर कार्रवाई की पुष्टि हुई। इन नेताओं पर दर्ज हुआ मामला पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, पूर्व विधायक व राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी समेत मनीष परमार, राधेश्याम मालवीय, सीताराम पवैया, जयंत सिकरवार, राजकुमार कराड़ा, इरशाद खान, इरशाद नागौरी, शकील वारसी, आशुतोष शर्मा और कमल चौधरी को नामजद आरोपी बनाया है। सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(ए), 132 और 191(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने शुक्रवार से धरपकड़ शुरू करने के संकेत दिए हैं। SP बोले—TI देंगे जवाब सुरक्षा में चूक के सवाल पर एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने जिम्मेदारी थाना प्रभारी पर डालते हुए कहा कि मौके की पूरी स्थिति और तैनाती की जानकारी टीआई ही स्पष्ट करेंगे। वहीं, थाना प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। कांग्रेस का तेवर बरकरार दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने साफ किया है कि यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि वे जनता के मुद्दों को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कुल मिलाकर, शाजापुर की यह घटना अब कानून-व्यवस्था और सियासी टकराव दोनों का बड़ा मुद्दा बन गई है, जिस पर आने वाले दिनों में और गर्माहट देखने को मिल सकती है।

स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला – स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा देगा वाइस चांसलर मीट-2026: CM साय

स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला – स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा देगा वाइस चांसलर मीट-2026 : मुख्यमंत्री श्रीविष्णुदेव साय आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक औषधीय ज्ञान के संगम से सशक्त होगा छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य मॉडल: मुख्यमंत्री साय मेडिसिटी हब और नए मेडिकल कॉलेज से बदलेगा प्रदेश का स्वास्थ्य परिदृश्य सुकमा में “मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना” का होगा शुभारम्भ रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट-2026 को संबोधित करते हुए इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर देशभर से आए कुलपतियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पहली बार आयोजित इस एकदिवसीय सम्मेलन के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों का व्यापक आदान-प्रदान होगा, जो आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच से निकले विचार न केवल नीति निर्माण को दिशा देंगे, बल्कि आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भी सहायक होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज तथा एक होम्योपैथी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं और इसी दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलना उनके लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीणों को कर्ज लेने या जमीन बेचने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है और स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां, जो पहले सीमित वर्ग तक मानी जाती थीं, अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा “आरोग्य मंदिर” जैसी पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश में तीन आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो औषधीय पौधों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। इसी संदर्भ में उन्होंने हेमचंद मांझी को आयुर्वेद के क्षेत्र में पद्मसम्मान मिलने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पास कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के तेजी से विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र में मेडिसिटी हब विकसित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में रायपुर में एक दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों का शुभारंभ किया गया है। भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे महान शिक्षा केंद्रों का धनी रहा है और चिकित्सा व अध्यात्म दोनों क्षेत्रों में विश्व गुरु के रूप में स्थापित रहा है। आयुर्वेद को ऋग्वेद का उपवेद बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का भाव सदैव विद्यमान रहा है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने तीन प्रकार के टीकों का विकास कर न केवल अपने 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि अन्य देशों की भी सहायता कर वैश्विक स्तर पर मानवता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री साय ने चिकित्सकों को समाज में भगवान के बाद सबसे महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए उनसे सेवा भाव के साथ संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मार्ग प्रशस्त करेगा और इसके सकारात्मक परिणाम आम जनता तक पहुंचेंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में नवाचार के तहत हिंदी माध्यम की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। उन्होंने चिकित्सकों से सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और 2 मानसिक अस्पताल सहित स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है तथा 275 अत्याधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 13 अप्रैल से सुकमा में मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना के तहत 36 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग और आयुष्मान कार्ड निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नक्सल समस्या के समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दिशा में अग्रसर होगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से प्राप्त सुझाव आयुष मंत्रालय को भेजे जाएंगे और यह आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में प्रेरक भूमिका निभाएगा। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर विधायक इंद्र कुमार साहू, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विशेष आमंत्रित अतिथि डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, भारतीय स्वास्थ्य विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. राजीव सूद तथा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

वृंदावन में यमुना नदी में नाव पलटने से 6 श्रद्धालुओं की मौत, कई लापता; CM योगी ने हादसे पर जताया संज्ञान, रेस्क्यू के निर्देश

वृंदावन  उत्तर प्रदेश के वृंदावन में बड़ा हादसा हो गया. यहां श्रद्धालुओं से भरी एक नाव यमुना नदी में पलट गई. इस दुर्घटना में 6 लोगों की मौत की पुष्टि जिला प्रशासन ने की है, जबकि 14 से अधिक लोगों को बचा लिया गया. हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए तुरंत रेस्क्यू अभियान तेज करने के निर्देश दिए. प्रशासन और राहत टीमें मौके पर लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं।  जानकारी के अनुसार, पंजाब से आए श्रद्धालु यमुना नदी में घूमने के लिए मोटर बोट पर सवार थे, लेकिन अचानक बोट असंतुलित होकर पलट गई. इसमें सभी लोग नदी में गिर गए।  दिल को झकझोर देने वाली है ये घटना : सीएम योगी सीएम योगी ने एक्स पर लिखा कि जनपद मथुरा में नाव पलटने से हुई मौतें बेहद दुखद और दिल को झकझोर देने वाली हैं. उन्होंने कहा कि इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं. उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य तेज करने और घायलों का बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए. साथ ही उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।  हादसा दोपहर पौने 3 बजे केशी घाट पर हुआ, जो श्रीबांके बिहार मंदिर से करीब ढाई किमी की दूरी पर है. नाव पीपा पुल से टकराने के बाद नदी में पलट गई. स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की टीमें करीब 50 स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं. बताया जा रहा है कि तेज हवा के कारण नाव पर नियंत्रण नहीं रहा और वह पीपा पुल से टकराकर यमुना नदी में पलट गई।  मथुरा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने कहा, 'केशी घाट के पास यमुना नदी के एक हिस्से में नाव डूब गई है. अब तक 22 लोगों को नदी से बाहर निकाला जा चुका है. बचाए गए लोगों को एम्बुलेंस और पुलिस वाहन (पीआरवी) की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. हम फिलहाल स्थिति का जायजा ले रहे हैं ताकि पता चल सके कि कितने लोग सुरक्षित हैं और कितने लोगों की जान गई है… यहां एक पोंटून पुल है. चूंकि यह पुल जर्जर हालत में था, इसलिए एक एजेंसी पोंटूनों की मरम्मत का काम कर रही थी. आशंका है कि यह दुर्घटना इसी मरम्मत कार्य के दौरान हुई होगी। 

बीमार भारत न तो विकसित हो सकता है, न सशक्त बन सकता है और न ही आत्मनिर्भर: मुख्यमंत्री

व्यापक बचाव अभियान और मजबूत उपचार व्यवस्था ही बनेगी भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के सम्मेलन ‘एनआईसी-2026’ को किया संबोधित सीएम ने कहा- स्वस्थ नागरिक से स्वस्थ समाज बनेगा और स्वस्थ समाज ही रखता है एक सशक्त राष्ट्र की नींव बीमार भारत न तो विकसित हो सकता है, न सशक्त बन सकता है और न ही आत्मनिर्भर: मुख्यमंत्री स्वस्थ दिनचर्या और संतुलित जीवनशैली के माध्यम से ही कर सकते हैं इस चुनौती का प्रभावी समाधान: सीएम लखनऊ तेजी से बदलती जीवनशैली और नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य नीति के केंद्र में अब केवल उपचार नहीं, बल्कि बचाव (प्रिवेंशन) और उपचार (ट्रीटमेंट), दोनों का संतुलित समन्वय अनिवार्य हो गया है। इसी व्यापक दृष्टि को सामने रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि देश को दीर्घकालिक रूप से स्वस्थ और उत्पादक बनाना है, तो चिकित्सा व्यवस्था को इलाज-केंद्रित मॉडल से आगे बढ़ाकर जन-जागरूकता और जीवनशैली में सुधार पर आधारित मॉडल की ओर ले जाना होगा। मुख्यमंत्री शुक्रवार को अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के सम्मेलन ‘एनआईसी-2026’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना और किफायती उपचार के विस्तार पर काम कर रही है। दूसरी ओर, समाज को बीमारियों से पहले ही सुरक्षित करने की रणनीति यानी ‘बचाव’ को प्राथमिकता देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यही द्विस्तरीय दृष्टिकोण (मजबूत उपचार व्यवस्था और व्यापक बचाव अभियान) आने वाले भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार बनेगा और ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को वास्तविकता में बदलने की दिशा तय करेगा। बचाव को बनाना होगा प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज आज समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं, जबकि भारत की परंपरा में संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या हमेशा से स्वस्थ जीवन का आधार रही है। बदलती जीवनशैली के चलते उत्पन्न चुनौतियों के बीच अब स्वास्थ्य के दो प्रमुख आयाम – बचाव (प्रिवेंशन) और उपचार (ट्रीटमेंट) स्पष्ट रूप से सामने हैं। जहां विशेषज्ञों की स्वाभाविक रुचि उपचार और नवाचार में होती है, वहीं उनका मानना है कि इन बीमारियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बचाव को प्राथमिकता देनी होगी। जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, जिससे भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से किया जा सके। आयुष्मान भारत बना सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तेजी से नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियां बढ़ रही हैं और समाज का बड़ा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है, वह गंभीर चिंता का विषय है। पहले गंभीर बीमारी का मतलब पूरे परिवार के लिए आर्थिक संकट होता था, क्योंकि न पर्याप्त स्वास्थ्य संस्थान थे और न ही विशेषज्ञों की उपलब्धता। लेकिन पिछले वर्षों में स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से आज देश के लगभग 55-60 करोड़ लोगों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है, जो दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ कवरेज योजनाओं में एक है और आमजन को उपचार की बड़ी चिंता से राहत प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से लगभग 1400 करोड़ रुपये उपचार के लिए जनता को उपलब्ध कराए गए, जो सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है। आयुष्मान भारत योजना से वंचित रह गए वर्गों को भी मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत शामिल कर स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाया गया है। हाल ही में शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्कर्स, एएनएम तथा मिड-डे मील से जुड़े रसोइयों को भी इस योजना में कवर किया गया है, जिससे समाज का एक बड़ा वर्ग अब स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आ गया है और उन्हें प्रभावी लाभ मिल रहा है। जागरूकता के बिना नहीं रुकेगी बीमारी की चुनौती मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दशक पहले उत्तर प्रदेश में केवल 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित थे, जो 25 करोड़ की आबादी के लिए बेहद अपर्याप्त थे, जबकि आज केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उनकी संख्या बढ़कर 81 हो गई है और 2 एम्स भी संचालित हैं। हर जिले में आईसीयू की स्थापना, अनेक स्थानों पर कैथ लैब की शुरुआत, निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों का तेजी से विस्तार और पुराने मेडिकल कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती दे रहा है। लखनऊ के एसजीपीजीआई, केजीएमयू और डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान के माध्यम से टेली-कंसल्टेशन, टेली-आईसीयू और वर्चुअल आईसीयू सेवाओं को प्रदेशभर के अस्पतालों से जोड़ा गया है। साथ ही मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क के जरिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण उपचार व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने इंगित किया कि इन सभी प्रयासों के बावजूद, यदि जीवनशैली में सुधार और व्यापक जागरूकता अभियान पर समान बल नहीं दिया गया, तो बढ़ती बीमारियों की चुनौती को केवल उपचार के माध्यम से नियंत्रित करना संभव नहीं होगा। चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां निजी क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सकों के लिए परिस्थितियां अपेक्षाकृत सहज हैं, वहीं सरकारी संस्थानों में अत्यधिक मरीजों की भीड़ एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि केजीएमयू में प्रतिदिन 12 से 14 हजार, एम्स दिल्ली में 16 से 17 हजार और एसजीपीजीआई में 10 से 12 हजार तक ओपीडी होती है। ऐसी स्थिति में प्रत्येक मरीज को पर्याप्त समय और गुणवत्तापूर्ण उपचार दे पाना कठिन हो जाता है, और भविष्य में यह दबाव और बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, विशेषकर प्रतिदिन 4 से 6 घंटे स्मार्टफोन के उपयोग ने नई बीमारियों को जन्म दिया है, वहीं डायबिटीज का तेजी से बढ़ता प्रसार भी बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। इन परिस्थितियों में केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि व्यापक जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यही संदेश डॉक्टरों के माध्यम से समाज तक पहुंचता है, तो उसका प्रभाव अधिक गहरा और स्थायी होता है, इसलिए चिकित्सकों की भूमिका इस अभियान में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मिलावटी खान-पान और बिगड़ी दिनचर्या सबसे बड़ी चुनौती मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की सबसे बड़ी … Read more

शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान: यूरिया और डीएपी की कीमत बढ़ने पर किसानों का चेक होगा रिकॉर्ड

भोपाल  अमेरिका-ईरान के बीच भले ही सीजफायर हो गया हो, लेकिन अभी भी तनाव बना हुआ है. ऐसे में भारत में युद्ध का असर दिखने लगा है. रासायनिक खाद संकट को देखते हुए केन्द्र सरकार ने खाद वितरण का एक नया तरीका तैयार किया है. किसानों को आगामी फसलों के लिए पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार नया सिस्टम तैयार कर रही है. इसमें किसानों को उनकी जमीन और फसल के हिसाब से खाद उपलब्ध कराया जाएगा. केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी है।  शिवराज बोले- नहीं बढ़ेंगी खाद की कीमतें केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा "युद्ध की वजह से अभी रासायनिक खाद का कोई संकट नहीं है. देश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है. केन्द्र सरकार अलग-अलग स्तर पर इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है. पश्चिम एशिया में पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लगातार बैठकें की जा रही हैं।  शिवराज ने कहा "युद्ध के चलते कच्चे माल की कीमतों में बढोत्तरी हुई है. इससे डीएपी और यूरिया के रेट में बढोत्तरी हुई है, लेकिन सरकार ने तय किया है कि डीएपी और यूरिया के दाम पहले के तरह ही रहेंगे. खाद की कीमतों में बढोत्तरी नहीं की जाएगी. इसके लिए केन्द्र सरकार ने अपनी पिछली कैबिनेट बैठक में 41 हजार करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की है, ताकि बढ़ती कीमतों का बोझ किसानों पर न पड़े. इसके अलावा खाद की उपलब्धता जहां से हो सकती है, उसके प्रयास किए जा रहे हैं।  किसान की आईडी के आधार पर मिलेगा खाद केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा "किसानों को मिलने वाले खाद का डायवर्सन बहुत होता है. सब्सिडी पर किसानों को मिलने वाला सस्ता खाद अलग-अलग तरीकों से इंडस्ट्री में चला जाता है, इसको रोकने के लिए मध्य प्रदेश सहित देशभर के किसानों को फॉर्मर आईडी बनाई जा रही है. अभी तक 9 करोड़ 29 लाख फार्मर आईडी बन चुकी हैं. इस संख्या को बढ़ाकर 13 करोड़ तक लेकर जाना है।  फॉर्मर आईडी से किसान का पूरा डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा. पता चल सकेगा कि किसान के पास कितनी भूमि है और वह कौन-सी फसल उगाता है. भूमि के हिसाब से उसे कितनी खाद की जरूरत होगी. उस हिसाब से ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी. जरूरत पड़ने पर कुछ अतिरिक्त उर्वरक भी उपलब्ध कराया जाएगा. ब्लैकमार्केटिंग पर लगाम लगाने के लिए सिस्टम तैयार किया जा रहा है।  हर स्थिति पर नजर रखे है केंद्र सरकार केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा "उम्मीद तो यही की जाती है कि युद्ध की परिस्थितियां समाप्त हो जाएं. मैं यह नहीं कहता कि ऐसी परिस्थितियों का हम पर प्रभाव नहीं पड़ता. एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भी किसान को परेशानी न हो, इसकी कोशिशें की जा रही हैं. रासायनिक खाद की उपलब्धता को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं और प्रयास किए जा रहे हैं कि यह कहां से कितना मिल सकता है।  साथ ही इसका बेहतर तरीके से वितरण कैसे करना है. किसानों के उत्पादों के निर्यात पर भी निगाह बनाए रखी है. परिस्थितियां चुनौनीपूर्ण हैं और यह सामान्य भी होंगी, लेकिन इससे निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।