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कला और संस्कृति का महाजुटान होगा रांची का आड्रे हाउस, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगेंगे 100 से अधिक फ्री स्टॉल

रांची झारखंड के कलाकारों और स्वदेशी उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के लिए राजधानी में एक से तीन मई तक सांसद सांस्कृतिक महोत्सव व स्वदेशी मेला आयोजित किया जाएगा. इसमें झारखंड सहित देश के लोक कलाकारों का महाजुटान होगा. रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. पत्रकारों से बात करते हुए संजय सेठ ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि यह महोत्सव कला, संस्कृति और स्वदेशी का अनूठा संगम होगा. इन वर्गों की होगी भागीदारी इस आयोजन में रांची लोकसभा क्षेत्र के बच्चे, युवा, महिला और बुजुर्ग शामिल होंगे. राजधानी के आड्रे हाउस में होने वाले इस कार्यक्रम में लोकसभा क्षेत्र के 50 से अधिक स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र अपनी सहभागिता निभाएंगे. संवाददाता सम्मेलन में पद्मश्री मुकुंद नायक, पद्मश्री मधु मंसूरी, नाट्य कलाकार अजय  मलकानी, पूनम आनंद, मुकेश काबरा, एसडी सिंह, पवन बजाज, ऐश्वर सेठ, रमेंद्र कुमार, नीरज चौधरी मौजूद थे. इन प्रतियोगिताओं का किया जाएगा आयोजन महोत्सव में अलग-अलग आयु वर्ग के लिए नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी. महोत्सव में अर्धशास्त्रीय, लोकगीत, देशभक्ति गीत, वेस्टर्न, फ्यूजन म्यूजिक श्रेणी में गायन प्रतियोगिता होगी. महोत्सव में रंगारंग बैंड प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. झारखंडी उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि इस महोत्सव में रांची लोकसभा क्षेत्र के स्थानीय उत्पादकों और कारीगरों को विशेष अवसर दिया जाएगा. मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे. इस स्वदेशी मेले में झारखंडी स्वदेशी उत्पाद, झारखंड की पारंपरिक वेशभूषा, झारखंडी खानपान और मिलेट यानी मोटा अनाज को विशेष रूप से प्रदर्शित और प्रोत्साहित किया जाएगा. स्वदेशी उत्पाद के लिए स्टॉल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा.

टाटा मोटर्स यूनियन की तीन सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार, 13 अप्रैल को मिलेंगे नामांकन फॉर्म और बढ़ी चुनावी सरगर्मी

  जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर में टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के तीन रिक्त कमेटी मेंबर पदों पर उपचुनाव के लिए मतदान 17 अप्रैल को होगा. चुनाव पदाधिकारी चिदानंद खंडई ने गुरुवार को अधिसूचना जारी कर चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी. जिसके साथ ही कंपनी परिसर में चुनावी सरगर्मी तेज हो गयी है. 13 अप्रैल को मिलेगा नामांकन फॉर्म घोषित कार्यक्रम के अनुसार इन पदों के लिए नामांकन पत्रों का वितरण 13 अप्रैल को होगा. इसके बाद 17 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा और इसी दिन शाम को मतगणना के बाद देर रात तक नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी. कमेटी मेंबरों का चुनाव पूरा होते ही यूनियन की कमेटी मीटिंग बुलाई जाएगी. इसके बाद ही खाली उपाध्यक्ष और सहायक सचिव के एक-एक पदों पर भरा जाएगा. त्रिकोणीय मुकाबले के आसार एक्सल डिवीजन की दो सीटों के लिए जहां विजय कुमार शर्मा, रवींद्र कुमार, अश्विनी तिवारी और विजय कुमार सिंह जैसे पुराने चेहरे आमने-सामने हैं. वहीं इआरसी की एक सीट पर दो से अधिक दावेदारों के कूदने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है. संभावित प्रत्याशी अपने-अपने विभागों में छोटी-छोटी बैठकें कर रहे हैं और मतदाताओं को रिझाने के लिए पार्टियों का दौर भी शुरू हो चुका है. रिटाइरमेंट के कारण खाली हुए पद एक्सल डिवीजन से कमेटी मेंबर सैयद मुनव्वर और उपाध्यक्ष शिव नारायण सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद दो सीटें खाली हुई थीं. वहीं, इआरसी विभाग से सहायक सचिव मनोज कुमार शर्मा के रिटायर होने से एक पद खाली हुआ था. इन तीनों सीटों पर कब्जा जमाने के लिए प्रत्याशियों ने अभी से फील्डिंग सजानी शुरू कर दी है.

झारखंड के सभी जिलों में खुलेंगे कैंसर डे-केयर यूनिट, इलाज के लिए अब दूसरे राज्यों में नहीं भटकेंगे मरीज

 रांची  राजधानी रांची के सदर अस्पताल में मरीजों को अब विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू हो गया है. स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना की समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि सदर अस्पताल में 200 बेड का नया सुपर स्पेशियलिटी विंग स्थापित किया जाएगा. इसके लिए जमीन का चयन कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया जल्द आरंभ करने का निर्देश दिया गया है. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य के सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना और मरीजों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराना रहा. कैंसर मरीजों के लिए विशेष सुविधाएं और रेडिएशन बंकर झारखंड में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. स्वास्थ्य सचिव ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी जिलों के सदर अस्पतालों में कैंसर मरीजों के लिए समर्पित ‘डे-केयर यूनिट’ बनाई जाए. इसके साथ ही, रेडिएशन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष बंकरों का निर्माण भी किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मरीजों को राज्य से बाहर या महंगे निजी अस्पतालों में न जाना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में उचित चिकित्सा और देखभाल मिल सके. आईपीएचएस मानकों के आधार पर अस्पतालों का उन्नयन बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सभी सदर अस्पतालों का विकास इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप किया जाएगा. इसके तहत अस्पतालों की बेड क्षमता बढ़ाई जाएगी और वहां अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. स्वास्थ्य सचिव ने बोकारो, धनबाद, सरायकेला, चाईबासा, गोड्डा और रामगढ़ के लिए पूर्व में तैयार डीपीआर में संशोधन कर उन्हें पुन: प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, धनबाद, साहिबगंज, गिरिडीह, दुमका, पाकुड़ और गढ़वा के अस्पतालों के जीर्णोद्धार (Renovation) प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई है. मानव संसाधन विकास और नामकुम में प्रशिक्षण केंद्र अस्पतालों के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. रांची के नामकुम में 500 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना पर चर्चा की गई है. स्वास्थ्य सचिव ने एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी और गहन चिकित्सा (ICU) सेवाओं में प्रशिक्षित कर्मियों की कमी पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने निर्देश दिया है कि इन सेवाओं के लिए विशेषज्ञ कर्मियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि जीवन रक्षक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके.

मोनालिसा की शादी में फर्जीवाड़ा: पति फरमान पर पॉक्सो एक्ट में मामला, छिपाई गई कुंभ गर्ल की उम्र, MP-केरल के DGP को दिल्ली तलब

 महेश्वर कुंभ मेले में वायरल हुई मोनालिसा की शादी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। जांच में सामने आया है कि जिस लड़की को बालिग बताकर शादी कराई गई थी, वह वास्तव में नाबालिग है। इसके बाद पति फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय जनजाति आयोग (NCST) की जांच में यह खुलासा हुआ कि शादी के समय मोनालिसा की उम्र महज 16 वर्ष 2 माह थी। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच में संबंधित दस्तावेज और स्थानीय रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच में महेश्वर अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले गए। NCST ने मामले में केरलम और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिल्ली तलब किया है। महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी का मामला अब बड़ा विवाद बन गया है. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में खुलासा हुआ है कि मोनालिसा नाबालिग है. महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. आयोग के अध्यक्ष के नेतृत्व में टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें लड़की की जन्म तारीख 30 दिसंबर 2009 पाई गई. इस हिसाब से मार्च 2026 में हुई शादी के समय उसकी उम्र कानूनी रूप से कम थी।  जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि निकाह के समय लड़की की उम्र करीब 16 साल 2 महीने थी. मिली जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका से जारी एक गलत जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर केरल के एक गांव में शादी का रजिस्ट्रेशन कराया गया. अब इस रजिस्ट्रेशन को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस खुलासे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है और पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी तरह की लापरवाही सामने आ सके।  मामले में एक और बड़ा खुलासा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें पता चला है कि कुछ संगठनों और राजनीतिक कनेक्शन की आशंका जताई गई है. वहीं आयोग के सामने केरल के कुछ नेताओं और संगठनों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं. साथ ही यह भी जानकारी सामने आई है कि पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या एजेंडा हो सकता है. जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी और लड़की पिछले तीन महीनों से अलग-अलग वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे. इसके बाद शक और गहराता गया है।  दोनों राज्यों के DGP को तलब वहीं इस मामले को गंभीरता से देखते हुए, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केरल और मध्य प्रदेश के डीजीपी को भी दिल्ली तलब किया है और नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं. पुलिस अब फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क और इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है. साथ ही यह भी जांच हो रही है कि कहीं इसमें मानव तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों का कनेक्शन तो नहीं है. प्रशासन का कहना है कि पीड़ित आदिवासी लड़की को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  PFI कनेक्शन और विदेशी फंडिंग की आशंका मामले में अधिवक्ता प्रथम दुबे ने आयोग के समक्ष केरल के सीपीआई-एम नेताओं और पीएफआई जैसे संगठनों की संभावित संलिप्तता का मुद्दा उठाया है। आरोप है कि यह निकाह किसी बड़े एजेंडे का हिस्सा हो सकता है। इसके पीछे विदेशी फंडिंग की भी आशंका जताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी और पीड़िता पिछले तीन महीनों से वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे। आयोग इस मामले की जांच आदिवासी बच्चों की तस्करी के एंगल से भी कर रहा है। 2 राज्यों के डीजीपी दिल्ली तलब मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने 22 अप्रैल 2026 को केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिल्ली मुख्यालय तलब किया है। आयोग ने दोनों राज्यों की पुलिस को हर तीन दिन में जांच की प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि पीड़ित आदिवासी बेटी को न्याय दिलाने के लिए मामले की लगातार निगरानी की जाएगी। पीड़िता के पिता की शिकायत पर FIR महेश्वर पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर फरमान खान के खिलाफ FIR दर्ज की है। युवक पर नाबालिग लड़की को फिल्म स्टार बनाने का लालच देकर केरल ले जाने का आरोप है। वहां नाबालिग को बहलाकर शादी कर ली। पीड़िता के पिता के मुताबिक, शूटिंग के दौरान ही फरमान खान से संपर्क हुआ था। आरोपी ने फिल्म में 'कर्नल' का रोल दिलाने और बेटी को करोड़ों रुपए कमाने का झांसा देकर केरल बुलाया। फरमान ने खुद ही इंदौर से केरल के लिए फ्लाइट के टिकट बुक कराए थे। फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की तलाश महेश्वर पुलिस शादी के पीछे सक्रिय सिंडिकेट और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की तलाश में जुटी है। साथ ही केरल पुलिस और स्थानीय राजनेताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

गैस एजेंसियों के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर, राजधानी के कई इलाकों में छोटे सिलिंडर के लिए लोग काट रहे चक्कर

नई दिल्ली राजधानी में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण आम लोग परेशान हैं। दिल्ली सरकार के निर्देशों के बावजूद 5 किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। अब बड़े सिलिंडरों के साथ साथ छोटे सिलिंडरों की कमी भी लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। कम खपत वाले परिवारों और छोटे कारोबारियों को खासतौर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर या तो उपलब्ध नहीं हैं या बेहद सीमित संख्या में मिल रहे हैं, जो जल्दी खत्म हो जाते हैं। ठेला चालकों, छोटे दुकानदारों और किराए पर रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है, क्योंकि वह बड़े सिलिंडर का खर्च नहीं उठा सकते। मजबूरी में उन्हें महंगे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं। छोटे सिलिंडर न मिलने से लोग परेशान : जंगपुरा, भाई वीर सिंह मार्ग, पंचकुइयां रोड, गोल मार्केट, और मुनिरका स्थित एजेंसियों और पंपों पर छोटे सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। कई उपभोक्ताओं के अनुसार, वह पिछले कई दिनों से गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिल रहा है। गोल मार्केट निवासी हिमानी ने बताया कि एजेंसी कर्मचारी स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज देते हैं, जबकि कुछ जगहों पर सीमित संख्या में सिलिंडर आते हैं, जो कुछ ही समय में खत्म हो जाते हैं। जंगपुरा निवासी अशोक ने बताया कि वह पिछले 4 से 5 दिनों से एजेंसी जा रहे हैं, लेकिन हर बार यही कहा जाता है कि स्टॉक नहीं आया। इससे घर में खाना बनाने में काफी दिक्कत हो रही है। एजेंसियों के दावों और हकीकत में अंतर : जंगपुरा, आरके पुरम और गोल मार्केट स्थित गैस एजेंसियों के अनुसार, सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जो लोग सिलिंडर लेने आ रहे हैं उन्हें दिया जा रहा है। अधिकतर गैस एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि राजधानी में सिलिंडर की किसी तरह की कोई कमी नहीं है। ज्यादातर उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर दिया जा रहा है। कुछ मामलों में ट्रांसपोर्ट या तकनीकी कारणों से देरी हो सकती है, लेकिन इसे बड़ी समस्या नहीं माना जाना चाहिए। एजेंसी संचालकों ने कहा कि सप्लाई सामान्य है और अनावश्यक रूप से इसे बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। वहीं, जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है। राजधानी नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम धारीवाल ने बताया कि अभी तक गैस एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। छोटी सिलिंडरों की कमी से आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ी मार गैस की कमी के साथ साथ बढ़ती कीमतों ने भी गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मजदूरों का कहना है कि पहले जितने पैसे में कई दिनों तक गैस चल जाती थी, अब उतने में मुश्किल से कुछ दिन ही काम चलता है। आर्थिक तंगी के कारण कई परिवारों ने गैस का उपयोग कम कर दिया है। कुछ घरों में दिन में केवल एक बार ही खाना बन रहा है, जबकि कई लोग अब लकड़ी और कोयले का सहारा लेने लगे हैं। ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने बताया कि उनकी समस्याएं अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती हैं। उनके लिए गैस की यह कमी सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन का गंभीर संकट बन चुकी है, क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।  

पंजाब में 15 अप्रैल तक मौसम रहेगा सूखा, तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री कम, अप्रैल में 525% अधिक बारिश की संभावना

जालंधर  वीरवार को दिनभर मौसम साफ रहा और तेज धूप भी खिली रही। हालांकि दो दिनों तक रुक रुक कर होती रही वर्षा का असर भी दिखाई दिया। कारण, तेज धूप होने के बावजूद ज्यादा गर्मी का अहसास नहीं हुआ। मगर दिन ढलने के बाद ही कुछ हद तक ठंडक महसूस हुई क्योंकि हवाएं चलने का क्रम जारी रहा। जिसके चलते ही अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। 33 डिग्री पार जा सकता है तापमान बुधवार को अधिकतम 19.1 और न्यूनतम 14.4 दर्ज हुआ था। इस हिसाब से देखें तो अधिकतम में लगभग सात डिग्री की बढ़ौतरी हुई है, वहीं न्यूनतम में एक डिग्री की गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तेज धूप खिलेगी और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। यही नहीं छह दिनों के भीतर तापमान 33 डिग्री व उससे पार तक भी जा सकता है। मौसम विशेषज्ञ डा. दलजीत सिंह का कहना है कि मौसम विभाग की तरफ से जारी किए गए पूर्वानुमान से क्लियर है कि आने वाले दिनों में तेज धूप खिलेगी और बढ़ती हुई गर्मी सताएगी भी। 15 से पश्चिमी विक्षोभ होगा एक्टिव उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस समय जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है, जिससे पहाड़ी इलाकों में बादल छाने, हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। ऊंचाई पर तेज गति से चल रही हवाएं (जेट स्ट्रीम) इन मौसम प्रणालियों को और सक्रिय कर रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे वहां मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। फाजिल्का में सबसे ज्यादा 56.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड पंजाब में 1 से 9 अप्रैल 2026 के बीच सामान्य से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में औसतन 25.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य रूप से यह आंकड़ा 4.1 मिमी रहता है। इस प्रकार, राज्य में 525 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 56.8 मिमी बारिश फाजिल्का में और सबसे कम 4.4 मिमी होशियारपुर में दर्ज की गई। पांच दिनों में 8 डिग्री तक तापमान बढ़ेगा मौसम विभाग चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। साथ ही, अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है, जिससे लोगों को फिर से गर्मी का एहसास होने लगेगा। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी मरीजों की संख्या 15 प्रतिशत के करीब बढ़ी अप्रैल माह में भी फरवरी जैसा मौसम। फरवरी में तापमान बढ़ने से गर्मी समय से पहले शुरू होने के साथ मार्च और उसके बाद अप्रैल में में वर्षा से मौसम में ठंडक । मौसम में उतार चढ़ाव के साथ ही शुरू हुआ वायरल मरीजों के लिए परेशानियां पैदा कर रहा है। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में पिछले एक सप्ताह से ओपीडी में आने वाले मरीजों में बुखार, खांसी, जुकाम और गला खराब के मरीजों की संख्या में 15 प्रतिशत के करीब बढ़ोतरी दर्ज हुई है। 

हाथियों की शाही दावत और महावतों का सम्मान, जयपुर में अनंत अंबानी के जन्मदिन पर पशु प्रेम का दिखा अनोखा नजारा

जयपुर जयपुर में हाथी गांव में उद्योगपति अनंत अंबानी का जन्मदिन इस बार बेहद अनोखे अंदाज में मनाया गया। इस खास मौके पर हाथियों ने 2.5 फीट ऊंचा केक काटा और 3000 किलो फलों की भव्य दावत का आनंद लिया। कार्यक्रम ने न केवल उत्साह फैलाया बल्कि पशु प्रेम और संवेदनशीलता का संदेश भी दिया। हाथियों ने फलों से बने केक काटे जन्मदिन समारोह में हाथी बाबू, हथिनी पुष्पा और चंदा ने मिलकर फलों से बने केक को काटा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग और पशु प्रेमी उपस्थित थे। इस केक को विशेष रूप से हाथियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए तैयार किया गया था। 3 हजार किलो फल की भव्य दावत कार्यक्रम में हाथियों के लिए विशेष बुफे भी सजाया गया, जिसमें केले, सेब, पपीता, गन्ना, गुड़ और हरा चारा शामिल था। लगभग 3000 किलो फल और पोषक आहार का आनंद हाथियों ने भरपूर लिया। हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष शफीक बल्लू खान ने बताया कि अनंत अंबानी पशुओं के प्रति बेहद संवेदनशील हैं और उनका हाथी गांव से जुड़ाव इस आयोजन को और भी खास बनाता है। महावतों का भी हुआ सम्मान साथ ही हाथी महावतों का भी सम्मान किया गया। उन्हें राशन किट, जूते, कैप और अन्य उपयोगी वस्तुएं भेंट की गईं, जो उनके योगदान को सराहने का प्रतीक हैं। उपस्थित पशु प्रेमियों ने इस आयोजन को प्रेरणादायक बताया और कहा कि बेजुबान जानवरों के साथ खुशियां साझा करना समाज में सकारात्मक संदेश फैलाता है और पशु संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाता है। कुल मिलाकर यह समारोह केवल जन्मदिन नहीं बल्कि पशु प्रेम, सेवा और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।  

बंगाल में ‘हजार करोड़ की डील’ के वीडियो के बाद ओवैसी की पार्टी ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन

कोलकाता पश्चिम बंगाल में बीच चुनाव भी गठबंधनों का गणित बदलने का सिलसिला जारी है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निकाले जाने के बाद हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी बना ली थी. हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन कर असदुद्दीन ओवैसी  की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अपनी सियासी जड़े जमाने की कोशिश में थी।  इस बार मिलकर चुनावी रणभूमि में उतरने का ऐलान करने वाली दोनों पार्टियों की राहें अब जुदा हो गई हैं. ओवैसी की अगुवाई वाली एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया है. एआईएमआईएम ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से पोस्ट कर कहा है कि पार्टी पश्चिम बंगाल चुनाव अकेले लड़ेगी. आगे किसी भी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा।  एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर के बयानों से किनारा करते हुए कहा है कि पार्टी किसी भी ऐसे बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिसमें मुस्लिमों की निष्ठा और ईमानदारी पर सवाल उठाए जाएं. एआईएमआईएम की ओर से कहा गया है कि आज के हालात में पार्टी ने हुमायूं कबीर के दल के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर दिया है।  एआईएमआईएम ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा है कि बंगाल के मुस्लिम देश के सबसे गरीब, उपेक्षित और उत्पीड़न का शिकार समुदायों में से एक हैं. पार्टी ने लेफ्ट और टीएमसी पर तंज करते हुए कहा कि दशकों तक तथाकथित धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों के लिए कुछ खास नहीं किया गया।  ओवैसी की पार्टी ने इसी पोस्ट में यह भी कहा है कि किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने को लेकर एआईएमआईएम की नीति यह है कि हाशिए पर मौजूद समुदायों को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिले. एआईएमआईएम की ओर से यह ऐलान हुमायूं कबीर का वीडियो वायरल होने के बाद आया है।  वायरल वीडियो में क्या था तृणमूल कांग्रेस ने एक वीडियो शेयर किया था. इस वीडियो में आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के बीजेपी के साथ मिलकर एक हजार करोड़ रुपये का खेल करने की बात थी. टीएमसी ने दावा किया था कि मुस्लिमों की भावनाओं का इस्तेमाल कर उनके वोट बीजेपी की ओर मोड़ने की कोशिशें हो रही हैं. फिरहाद हकीम ने टीएमसी नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीडियो जारी किया, जिसमें हुमायूं कबीर किसी से बात करते दिखाई दे रहे हैं।  हुमायूं कबीर इस वीडियो में कहते दिखाई दे रहे हैं कि बाबरी मस्जिद बनेगी या नहीं, ये छोड़ो. एक हजार करोड़ रुपये आएंगे. मुस्लिम बहुत भोले हैं, उनको बेवकूफ बनाना बहुत आसान है. टीएमसी ने हुमायूं कबीर और बीजेपी के बीच हजार करोड़ रुपये की डील का दावा किया था. इस वीडियो पर हुमायूं कबीर की सफाई भी आई थी. हुमायूं कबीर ने वीडियो को एआई जेनरेटेड बताते हुए कहा था कि टीएमसी की ओर से लगाए गए सभी आरोप गलत हैं।   हुमायूं कबीर ने क्या कहा था हुमायूं कबीर ने कहा था कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह हैं. साल 2019 के बाद इनमें से किसी से भी कोई संपर्क नहीं है. उन्होंने टीएमसी को चुनौती दी कि 2019 के बाद किसी बीजेपी नेता से मुलाकात की फोटो या सबूत हो, तो दिखाएं. हुमायूं कबीर ने इस मामले में फिरहाद हकीम और कुणाल घोष के साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भी मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही थी। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: बुनकरों की आय और सम्मान सुनिश्चित करना हमारी प्रमुख प्राथमिकता

बुनकरों की आय, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करना प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क्लस्टर आधारित विकास से बुनकरों को बाजार, डिजाइन और तकनीक से जोड़ें: मुख्यमंत्री हथकरघा क्षेत्र को वैल्यू चेन मॉडल पर विकसित करें, केवल उत्पादन तक सीमित न रहें:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री का जोर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्रांडिंग से बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ा जाए पॉवरलूम बुनकरों के विद्युत बिल में कमी लाने के लिए बेहतर प्रयासों की जरूरत, तैयार करें व्यवहारिक कार्ययोजना: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुनकर केवल परंपरा के संवाहक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सशक्त आधार हैं। ऐसे में उनकी आय, सम्मान और आजीविका की स्थिरता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बुनकरों के सामने कच्चे माल की बढ़ती लागत, डिजाइन और आधुनिक तकनीक का अभाव तथा सीमित बाजार पहुंच जैसी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं का समाधान केवल योजनागत सहायता से नहीं, बल्कि एक सुदृढ़ एवं समन्वित तंत्र विकसित कर ही संभव है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में परिणामोन्मुख, क्लस्टर-आधारित नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। गुरुवार को हथकरघा विभाग की समीक्षा बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में लगभग 1.99 लाख बुनकर कार्यरत हैं और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश में छठवें स्थान पर है। कालीन, दरी एवं मैट के उत्पादन में प्रदेश अग्रणी है, जबकि बेडशीट, फर्निशिंग और ब्लैंकेट जैसे उत्पादों में भी राज्य की मजबूत उपस्थिति है। वर्ष 2024-25 में देश का कुल हथकरघा निर्यात ₹1178.93 करोड़ रहा, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान ₹109.40 करोड़ (लगभग 9.27 प्रतिशत) रहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बुनकर बहुल क्षेत्रों की पहचान कर वहां क्लस्टर विकसित किए जाएं, ताकि उत्पादन, गुणवत्ता और विपणन को एकीकृत किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये क्लस्टर केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर पूर्ण वैल्यू चेन के रूप में विकसित हों, जहां डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच एक ही ढांचे में सुनिश्चित हो। बैठक में क्लस्टर चयन, बेसलाइन सर्वे, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने, प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत अनुश्रवण जैसे पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्लस्टर में सीमित संख्या में बुनकरों को संगठित कर पंजीकृत इकाइयों के रूप में विकसित किया जाए, जिससे सामूहिक उत्पादन और विपणन को बढ़ावा मिले। साथ ही, इन क्लस्टरों को आधुनिक तकनीक, उन्नत उपकरणों और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाए, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हो। डिजाइन और विपणन को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पाद की सफलता बाजार की मांग के अनुरूप होने पर ही संभव है। उन्होंने ‘डिजाइनर-कम-मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव’ तथा ‘डिजाइन हाउस/सोर्सिंग-बाइंग एजेंसी/एक्सपोर्ट हाउस’ जैसे संस्थागत तंत्र को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए। इससे उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, बड़े बाजारों तक पहुंच और बुनकरों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स और ब्रांडिंग के विस्तार पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ा जा सके।  बैठक में मुख्यमंत्री ने पॉवरलूम बुनकरों के विद्युत बिल में कमी लाने के लिए बेहतर प्रयासों की जरूरत भी बताई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस संबंध में हतकरघा विभाग और पॉवर कॉर्पोरेशन मिलकर कार्ययोजना तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर विशेष बल देते हुए कहा कि इससे बुनकरों की विद्युत लागत में कमी आएगी और उन्हें दीर्घकालिक राहत मिलेगी। उन्होंने इस दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बुनकर समुदाय राज्य की समृद्ध परंपरा, रोजगार और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अतः ऐसी संतुलित, पारदर्शी और व्यावहारिक नीति तैयार की जाए, जिससे बुनकरों को वास्तविक राहत मिले, उद्योग को नई गति मिले और प्रदेश की पारंपरिक बुनकरी को सशक्त आधार प्राप्त हो सके। बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान जी की उपस्थिति रही।

बिहार में नई सरकार और सीएम का निर्णय दिल्ली में, बीजेपी बैठक में क्या होगा आज?

नई दिल्ली/ पटना  बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से सीएम बनने जा रहे नेता के नाम पर आपसी सहमति बनाने के लिए भाजपा ने आज दिल्ली में राज्य के प्रमुख नेताओं की बैठक रखी है। बीजेपी मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन इस बैठक को लेंगे, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, राज्य के मंत्री मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, सांसद संजय जायसवाल जैसे बड़े नेता शामिल होंगे। बीजेपी की आज की बैठक का मकसद बिहार में भाजपा के पहले सीएम के नाम पर आपसी सहमति हासिल करना है। पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के दौर में भाजपा में एक नाम पर सहमति बनाना मुश्किल काम नहीं है। बिहार में 14 या 15 अप्रैल को भाजपा के सीएम के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नई सरकार का गठन हो सकता है। सरकार में पहले की तरह भाजपा के साथ नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर), जीतनराम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) से मंत्री शामिल होंगे। नीतीश कुमार के मौजूदा कैबिनेट के कई मंत्री अगली सरकार में भी शामिल हो सकते हैं, लेकिन कम से कम भाजपा और जदयू में कुछ नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा है। अगर दोबारा मंत्री बने तो सबसे ज्यादा फायदा में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा रहेंगे। उनको 6 महीने के अंदर एमएलसी या एमएलए बनने का मौका दोबारा मिल जाएगा। इस समय उनके मंत्री बनने का 5वां महीने पूरा होने को है और नियमतः उन्हें छह महीने के अंदर किसी सदन में पहुंचना है। तकनीकी पेच ना हो तो नई सरकार में फिर से शपथ लेने के बाद उन्हें छह महीने की यह मियाद एक बार फिर मिल जाएगी। भाजपा में मुख्यमंत्री का चुनाव कैसे होता है? लिखा-पढ़ी में मुख्यमंत्री का चुनाव पार्टी के विधायक करते हैं, लेकिन भाजपा में विधायक दल की बैठक में नेता चुनने से पहले पार्टी का संसदीय बोर्ड इसका फैसला कर देता है। भाजपा के संसदीय बोर्ड में नितिन नवीन, नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा, बीएस येदियुरप्पा, सर्बानंद सोनोवाल, के लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यानारायण जाटिया और बीएल संतोष शामिल हैं। संसदीय बोर्ड से फैसले के बाद पार्टी विधायक दल के नेता का चुनाव कराने के लिए एक या दो पर्यवेक्षक भेजती है। पर्यवेक्षक पार्टी हाईकमान के फैसले की जानकारी विधायकों को देते हैं और फिर विधायक उस फैसले का अनुपालन करते हुए नेता चुनने की औपचारिकता पूरी करते हैं। विधायक दल का नेता मुख्यमंत्री बनता है। अभी सम्राट हैं बीजेपी विधायक दल के नेता, विजय सिन्हा उप-नेता, दोनों डिप्टी सीएम बिहार में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन उसके पास अकेले बहुमत नहीं है। इसलिए भाजपा के विधायक दल के नेता को एनडीए गठबंधन के विधायक दल का भी नेता चुना जाएगा। इस प्रक्रिया में कोई अड़चन नहीं है, लेकिन औपचारिकता पूरी करनी होगी। सबसे पहले एनडीए के पांचों दल का नेता चुना जाएगा और अंत में एनडीए के सभी विधायकों की एक साथ बैठक होगी, जिसमें भाजपा के विधायक दल के नेता को एनडीए विधायक दल का नेता यानी मुख्यमंत्री चुना जाएगा। बिहार में नई सरकार का सम्राट किसे बनाएगी भाजपा? बिहार में इस समय भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी और उप-नेता विजय कुमार सिन्हा हैं। दोनों नीतीश सरकार में उप-मुख्यमंत्री हैं, जिसमें सम्राट चौधरी को नंबर 2 का दर्जा हासिल है। सीएम के चयन में भाजपा फिर चौंकाती है या आम तौर पर जिन नेताओं के नाम की चर्चा चल रही है, उनमें ही किसी पर भरोसा जताती है, यह एक पहेली है, जिसे सिर्फ मोदी और शाह सुलझा सकते हैं। बिहार में हर जुबान पर अभी यही सवाल है कि भाजपा बिहार में सरकार का सम्राट किसे बनाएगी।