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इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में मददगार होगी कंप्यूटर लैब: सीएम योगी

दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज में मुख्यमंत्री ने किया डॉ. तेज प्रताप शाही की स्मृति में आधुनिक कंप्यूटर प्रयोगशाला का उद्घाटन इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में मददगार होगी कंप्यूटर लैब: सीएम योगी ‘बच्चा बाबू’ को याद करते गला व आंखें भर आईं सीएम योगी की गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज में आधुनिक प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। यह प्रयोगशाला पीजी कॉलेज के पूर्व शिक्षक डॉ. तेज प्रताप शाही की स्मृति में उनके परिवार की तरफ से बनवाई गई है। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कंप्यूटर लैब इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, शोध-अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने में विद्यार्थियों के लिए काफी मददगार साबित होगी। कार्यकम में मुख्यमंत्री ने ‘बच्चा बाबू’ के नाम से चर्चित रहे डॉ. तेज प्रताप शाही की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए कंप्यूटर लैब के जरिये उनके परिवार की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज में लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रोफेसर एवं महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के वरिष्ठ सदस्य डॉ. शाही की स्मृतियों को नमन करने के लिए आयोजित किया गया है। उनके पुत्रों द्वारा महाविद्यालय में स्थापित यह अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस कार्य के लिए सीएम ने स्वर्गीय शाही के पुत्रों अनन्य प्रताप शाही और अतिरेक शाही को हृदय से साधुवाद दिया और डॉ. शाही की स्मृतियों को नमन करते हुए अपनी विनम्र श्रद्धांजलि भी अर्पित की। बच्चा बाबू की अगाध निष्ठा को यादकर भावुक हुए सीएम योगी कार्यक्रम के दौरान बच्चा बाबू की गोरक्षपीठ के प्रति अगाध निष्ठा को याद कर मुख्यमंत्री काफी भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि वास्तव में व्यक्ति क्या है, हम उसके रहते हुए समझने का प्रयास नहीं करते। हम लोगों ने स्वर्गीय हरि प्रसाद शाही को नहीं देखा था, लेकिन उनके पुत्रों को और उनमें डॉ. तेज प्रताप शाही को बहुत नजदीक से कार्य करते हुए देखा है। कैसे समन्वय किया जा सकता है, कैसे संबंधों को बनाए रखा जा सकता है, यह बच्चा बाबू से सीखा जा सकता है। डॉ. शाही गोरखपुर कांग्रेस के अध्यक्ष थे। केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। एक समय राज्य व केंद्र, दोनों जगह कांग्रेस सरकार थी। पर, कांग्रेस के साथ रहते हुए भी डॉ. शाही गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त थे। गोरक्षपीठ के मूल्यों और आदर्शों के प्रति उनकी अटूट निष्ठा थी। वह पूज्य महाराज ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी के साथ सदैव खड़े रहने वाले लोगों में थे। विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी वह साथ रहे।  रुंधे गले से साझा किया संस्मरण सीएम ने डॉ. शाही का एक संस्मरण साझा करते हुए सीएम योगी का गला रुंध गया। अश्रुपूरित नेत्रों के साथ उन्होंने कहा, “मुझे याद है, जुलाई 2020 में एक दिन अचानक डॉ. शाही का फोन आया। समय लेकर वह अपने दोनों पुत्रों को लेकर मिलने आए। मैंने उनसे कहा,  बच्चा बाबू इनके साथ आप गोरखपुर में भी मिल सकते थे। इस पर उन्होंने कहा- मुझे कुछ आभास हो रहा था, इसलिए अपने दोनों पुत्रों का आपसे परिचय कराने के लिए लाया हूं। अब आप इनके अभिभावक के रूप में हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं भौंचक था और लगा कि हो सकता है कि बच्चा बाबू मेरे साथ मजाक कर रहे हैं। पर, ठीक एक सप्ताह के बाद जानकारी मिली कि उनको कोरोना हो गया है। और बाद में जब उन्हें परिजन लखनऊ लेकर गए तो उनका शरीर छूट चुका था। यानी पहले से ही उनको इस चीज का एहसास हो गया था कि मुझे अब अपनी दुनियादारी को समेटना है और उसको देखते हुए स्वयं मेरे पास लखनऊ आए थे। कार्यक्रम में डॉ. तेज प्रताप शाही के परिजनों अनन्य शाही, अतिरेक शाही, चांदनी शाही ने मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया। आभार ज्ञापन दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश सिंह ने किया। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, नौतनवा के विधायक ऋषि त्रिपाठी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, पूर्व महापौर अंजू चौधरी, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सदस्यगण आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

सत्ता नहीं, संस्कार की है भाजपा की विकास यात्रा: मुख्यमंत्री

भाजपा के स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर के हिंदू सेवाश्रम भवन पर फहराया पार्टी का झंडा सत्ता नहीं, संस्कार की है भाजपा की विकास यात्रा: मुख्यमंत्री सेवा, संस्कार और समर्पण के संकल्प के साथ देशवासियों की आकांक्षाओं को निरंतर शक्ति दे रहा राष्ट्रवादी परिवार: सीएम योगी पार्टी पदाधिकारियों के साथ सेल्फी ली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित हिंदू सेवाश्रम भवन की छत पर पार्टी का झंडा फहराया। इस अवसर पर उन्होंने झंडे के सम्मुख पार्टी पदाधिकारियों के साथ सेल्फी ली और सभी को स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि भाजपा की विकास यात्रा सत्ता की नहीं, संस्कार की है। विस्तार की नहीं, विचार की है। 'अंत्योदय से राष्ट्रोदय' के संकल्प की सिद्धि की है। भाजपा के स्थापना दिवस पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिये सीएम योगी ने कहा, विश्व के सबसे विशाल राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस की सभी समर्पित कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। भाजपा मात्र एक राजनीतिक संरचना नहीं, बल्कि श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी और भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी के उदात्त लोकतांत्रिक आदर्शों एवं सात्विक सनातनी जीवन मूल्यों से अभिसिंचित एक जीवंत विचार परंपरा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत यह राष्ट्रवादी परिवार आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है, जो सेवा, संस्कार और समर्पण के संकल्प के साथ 145 करोड़ देशवासियों की आशाओं व आकांक्षाओं को निरंतर शक्ति दे रहा है। गोरखनाथ मंदिर परिसर में पार्टी का झंडा फहराने के अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, नगर निगम के उप सभापति पवन त्रिपाठी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, पार्षद दुर्गेश बजाज, जंगल कौड़िया के ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव, भरोहिया के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संजय सिंह समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा

रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा  मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और 'डिजिटल फर्जीवाड़े' का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी 'अंधेरगर्दी': लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि:कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: "राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल" पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस 'डिजिटल सेंधमारी' को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240

योगी सरकार की पहल से अमेठी की पूनम ने आत्मनिर्भर उद्यमी के रूप में स्थापित किया खुद को

योगी सरकार की पहल से अमेठी की पूनम बनीं आत्मनिर्भर उद्यमी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना ने सपनों को दिया नया आकार लखनऊ जब इच्छाशक्ति मजबूत हो और सही समय पर सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो साधारण परिस्थितियां भी असाधारण सफलता की कहानी बन जाती हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है अमेठी जिले के गौरीगंज में रहने वाली पूनम की, जिन्होंने योगी सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लाभ उठाकर अपने सपनों को हकीकत में बदल दिया। सरकारी योजना से मिला ऋण तो बदली अपनी पहचान पूनम ने अगस्त 2025 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत आवेदन किया। शुरुआत में उन्हें इस योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन एक मित्र के माध्यम से उन्हें इस योजना का पता चला। उन्होंने हिम्मत दिखाई और आवेदन किया। दिसंबर 2025 में उन्हें ₹2.55 लाख की पहली वित्तीय सहायता मिली, जिसके बाद ₹1.70 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि उन्हें इंडियन बैंक से प्राप्त हुई। शेष पूंजी की व्यवस्था उन्होंने स्वयं की, जो उनके दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास को दर्शाता है। आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकान शुरू की इस आर्थिक सहयोग के साथ पूनम ने अपने गांव में “मुन्ना कैलाश ज्वेलर्स” नाम से आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकान गौरीगंज में शुरू की। शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। धीरे-धीरे उनका व्यवसाय गति पकड़ने लगा और ग्राहकों का भरोसा बढ़ने लगा। आज उनकी दुकान न केवल उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत बन चुकी है, बल्कि गांव में खास पहचान भी बना चुकी है। इस सफर में उनके पति भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। अब दोनों मिलकर व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। यह साझेदारी न केवल आर्थिक मजबूती का प्रतीक है, बल्कि पारिवारिक सहयोग और विश्वास की मिसाल भी है। योगी सरकार की पहल से सशक्त बनीं पूनम  पूनम की कहानी यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सही उपयोग करने पर ये आम लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला सकती हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना ने उन्हें सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दिया। आज पूनम न केवल अपने परिवार का सहारा हैं, बल्कि अपने गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अगर अवसर मिले और उसे सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो हर सपना साकार हो सकता है।

मानसरोवर रामलीला मैदान में भाजपा के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

देश और समाज के लिए जीता है भाजपा कार्यकर्ता: सीएम योगी मानसरोवर रामलीला मैदान में भाजपा के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्थापकों के आदर्शों और कार्यकर्ताओं के समर्पण से भाजपा बनी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी: सीएम योगी भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए हर राष्ट्रभक्त को जुड़ना चाहिए भाजपा से: सीएम योगी      गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं में समाज व देश के लिए जीने की भावना जनसंघ काल से चली आ रही है। उनका जीवन राष्ट्र प्रथम के भाव और इसकी संकल्प सिद्धि के लिए ही समर्पित रहता है। अपने संस्थापकों के सिद्धांतों, मूल्यों व आदर्शों पर चलते हुए कार्यकर्ताओं के समर्पण भाव से ही आज भाजपा देश ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी राजनीति पार्टी के रूप में प्रतिष्ठित हुई है।  सीएम योगी सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर मानसरोवर रामलीला मैदान में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यकर्ताओं को उत्साहित व प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनंतकाल तक भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए हर राष्ट्रभक्त को भाजपा से जुड़ना चाहिए। हमारा जीवन व्यष्टि नहीं, समष्टि के लिए और व्यक्ति की बजाय राष्ट्र के लिए समर्पित हो, यही प्रेरणा पार्टी के संस्थापकों ने दी है। कांग्रेस की पृथकतावादी सोच के खिलाफ डॉ. मुखर्जी ने बुलंद की आवाज मुख्यमंत्री ने कहा कि 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ/भाजपा की इस राजनीतिक परंपरा के पहले अध्यक्ष के रूप में राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाया। उन्होंने देश की अखंडता पर जोर दिया। आजादी के बाद से ही कांग्रेस नेतृत्व की सरकार ने विश्वासघात करना प्रारंभ कर दिया था। यह विश्वासघात हर स्तर पर था। देश के अंदर ही परमिट सिस्टम लागू किया गया, जम्मू कश्मीर को अलग स्टेटस दे दिया गया। शेष भारत के लोग परमिट लेकर वहां जा सकते थे। पूर्वोत्तर राज्यों में भी कुछ जगहों पर यही व्यवस्था लागू की गई। तब पहली बार कांग्रेस की इस पृथकतावादी सोच के खिलाफ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आवाज बुलंद की थी। उन्होंने नारा दिया था – “एक देश में दो प्रधान, दो निशान, दो विधान नहीं चलेंगे।” डॉ. मुखर्जी ने इसके लिए अपना बलिदान भी कर दिया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भी भारतीय राजनीति के एक ऐसे विचारक थे, जिन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के लिए ‘अंत्योदय’ की नई दृष्टि भारतीय राजनीति को दी। भारत की राजनीति में स्थिरता लाए अटल जी सीएम योगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का गठन 6 अप्रैल 1980 को हुआ। तब परिस्थितियां विपरीत थीं, किंतु उन विपरीत स्थितियों में भी एक संकल्प था कि हम भारत की आत्मा पर प्रहार करने की छूट किसी को नहीं देंगे। दुनिया के अंदर ऐसा उदाहरण देखने को नहीं मिलता कि किसी दल को उसके गठन के मात्र 16 वर्ष के अंदर देश की सत्ता प्राप्त हो। ये देश की जनता की अटूट निष्ठा का परिणाम है। जिन मूल्यों और जिन आदर्शों को लेकर भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ, जिसमें राष्ट्र सर्वोपरि का भाव है, राष्ट्र प्रथम का भाव है, उस भाव को देश की जनता ने हाथों-हाथ लिया। प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार करते हुए अंत्योदय की बात की। भारत की राजनीति में स्थिरता लाने का कार्य किया। विकास को बिना भेदभाव हर तबके तक पहुंचाने के अभियान को आगे बढ़ाया, जिसे देश और दुनिया ने सराहा। जनता को पीएम मोदी के चमत्कारिक नेतृत्व पर विश्वास सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत का सूर्योदय तब होता है, जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते हैं। तब देश ही नहीं, पूरी दुनिया में एक नया संकल्प गूंजा था। हर व्यक्ति के चेहरे पर एक नई चमक देखने को मिली। वह चमक ऐसे ही नहीं थी। उन्हें मोदी जी के चमत्कारिक नेतृत्व पर विश्वास था। इस बात पर विश्वास था कि मोदी जी आए हैं, कुछ नया जरूर करेंगे। और, मोदी जी ने वह करके दिखाया। पीएम मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सपने के साथ ही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश-एक निशान-एक विधान” के सपने को पूरा कर के दिखाया। कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करके वहां भी भारत का संविधान लागू कराया। हर गरीब को राशन, आवास, स्वास्थ्य सहित अनेक योजनाओं का लाभ दिया। किसानों को खुशहाल बनाया, नौजवानों को रोजगार दिया। यह इसलिए संभव हो सका कि देश के अंदर भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के मूल्यों, सिद्धांतों से रचा-बसा एक कार्यकर्ता भारत के प्रधानमंत्री के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक कर रहा है। राममंदिर के रूप में साकार हुआ अटल-आडवाणी का संकल्प सीएम योगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में भाजपा ने ‘रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ का जो संकल्प लिया था, वह भी आज डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में अयोध्या में साकार हो गया है। यह मंदिर राष्ट्रमंदिर है।  जो कहा, कर के दिखाया मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जो कहा, वह कर के दिखाया है। और, जो किया वही बोला है। भाजपा की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। आचार और विचार में कोई भेद नहीं है। पार्टी ने उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूरब से पश्चिम तक, एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाया है। ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ के भाव के साथ जिस दल ने अपनी इस यात्रा को यशस्वी ढंग से आगे बढ़ाया है, वह दल है भारतीय जनता पार्टी। जितना बड़ा संगठन, उतनी ज्यादा चुनौतियां भी सीएम योगी ने कहा कि अपनी यात्रा में भाजपा ने अनेक कठिनाइयों का सामना किया है। आपातकाल का मुकाबला किया है और राजनीतिक षड्यंत्रों का जवाब दिया है। बिना रुके, बिना डिगे, बिना झुके भारतीय जनता पार्टी की यात्रा आगे बढ़ रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सचेत करते हुए कहा कि जितना बड़ा संगठन होगा, उतनी ज्यादा चुनौतियां भी होंगी। भारत आगे बढ़ेगा तो भारत के दुश्मन उसको स्वीकार नहीं कर पाएंगे। … Read more

विशेष अभियान के तहत किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराई जाएगी

फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने के लिए चलाया जाएगा विशेष अभियान 15 अप्रैल तक ग्राम सचिवालय में लगाया जाएगा कैंप समस्त ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान व पंचायत सचिवों को जोड़ा जाएगा फार्मर रजिस्ट्री में पीएम किसान योजना के तहत संख्या 1,72,06,355 तक पहुंची लखनऊ  प्रदेश में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने के लिए विशेष अभियान चलाएगी। यह अभियान 15 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में संचालित होगा, जिसके तहत प्रत्येक ग्राम सचिवालय में कैंप लगाकर किसानों का पंजीकरण कराया जाएगा।   योगी सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है, ताकि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य कृषि योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। अभियान के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।  इन शिविरों के माध्यम से शेष कृषकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ नाम संबंधी त्रुटियों का भी तत्काल निराकरण किया जाए। इस कार्य में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव एवं लेखपालों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिसमें लेखपालों को अपने क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत के कम से कम एक शिविर में उपस्थित रहने को कहा गया।  इस विशेष अभियान में ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों की अहम भूमिका तय की गई है। सभी ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा, ताकि हर पात्र किसान का पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कैंप के दौरान किसानों को आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दें और मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराएं। अब तक प्रदेश में 1,72,06,355 किसानों को पीएम किसान योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा चुका है। हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं, जिनका पंजीकरण बाकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।       इस पहल से न केवल किसानों का सटीक डाटाबेस तैयार होगा, बल्कि भविष्य में कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में भी पारदर्शिता और तेजी आएगी। साथ ही, किसानों को समय पर आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी यह रजिस्ट्री महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  राज्य सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान को मिशन मोड में चलाया जाए और तय समयसीमा के भीतर अधिकतम किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।

मंत्री कुशवाह का निर्देश: चंदेल-बुन्देला कालीन जल संरचनाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता से होगा

चंदेल-बुन्देला कालीन जल संरचाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता से किया जाये: मंत्री कुशवाह मंत्री कुशवाह द्वारा निवाड़ी जिले की विकास योजनाओं की समीक्षा निवाड़ी सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण तथा निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत निवाड़ी जिले में स्थित चंदेल-बुंदेला कालीन जल संरचाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता के साथ किया जाए। साथ ही अमृत सरोवरों का विकास और जीर्णोद्वार कार्य को भी प्राथमिकता दी जाए। कुशवाह ने यह निर्देश निवाड़ी जिले में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्री कुशवाह ने कहा निवाड़ी जिले में संचालित सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाए। उन्होंने कहा कि निवाड़ी जिले में नवीन कलेक्ट्रेट भवन सहित अन्य विभागों के भवनों का निर्माण कार्य प्राथमिकता से कराया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण के लिए निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से मौका मुआयना करें। उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सेवाऐं को सुदृढ़ बनाने और संजीवनी क्लिनिक कार्य भी पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। मंत्री कुशवाह ने कहा कि निवाड़ी जिला बुंदेला और चंदेल राजवंश में काफी विकसित क्षेत्र रहा है। इन राजवंशों ने बुन्देलखण्ड अंचल में पानी की कमी को देखते हुए तालाबों, नहरों, कुओं और बावडियों का बड़े पैमाने पर निर्माण कराया था। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इन संरचनाओं सफा-सफाई जीर्णोद्वार प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये। बैठक मेंविधायक निवाड़ी अनिल जैन, कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे, पुलिस अधीक्षक राय सिंह नरवरिया, सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ शिशुपाल यादव, अध्यक्ष नगर पालिका निवाड़ी गुलाब अहिरवार अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास  में  ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने सौजन्य मुलाकात की।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल एवं पोषण सुधार के प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बर्नार्ड लिंच को बेल मेटल निर्मित धातु की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, सीनियर इकोनॉमिक रिसर्च अफसर सुअनघा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने दिए निर्देश, ई-ऑफिस में फाइल प्रस्तुत करते समय नियमों का पालन अनिवार्य

ई-ऑफिस में फाईल बढ़ाते समय सभी नियमों एवं स्पष्ट अभिमत के साथ हो प्रस्तुतिकरण: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा   नए वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना एवं नवीन व्यय प्रस्तावों की समीक्षा   आधार बेस उपस्थिति प्रणाली – प्रथम स्थान पर आने वालों की प्रशंसा समय पर उपस्थित ना होने वालों पर होगी कार्यवाही रायपुर आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में गत वर्ष के आय-व्यय एवं नए वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।   बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा कुल बजट का 68 प्रतिशत व्यय किया गया है। प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु जो बजट आंबटित किया जाता है उसका पूर्ण लाभ हितग्राही वर्ग को मिलना चाहिए। इसके लिए वर्ष के प्रारंभ से ही एक कार्ययोजना बनाकर उसपर अमल किया जाए। इस हेतु सभी प्रभारी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य संपादित करना चाहिए। बोरा ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यय को 80 प्रतिशत किए जाने का लक्ष्य दिया है।  प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व एवं मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग प्रगति ओर अग्रसर है। विभागीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को देखते हुए भारत सरकार से वित्तीय वर्ष 2025-26 में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान हेतु 732 करोड़, 21 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों हेतु 915 करोड़ तथा अनुच्छेद 275 (1) अंतर्गत 170 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, यह विभाग के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है, जो आगामी दो वर्षोें में इन सभी कार्यों के सफल क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ के विकास को गति मिलेगी।    बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के अलावा आदिम जाति अनुंसधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास तथा छ.ग. राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के वित्तीय वर्ष 2025-26 अंतर्गत आय-व्यय की भी समीक्षा की गई। बैठक में संयुक्त सचिव बी.के.राजपूत, अनुपम त्रिवेदी, वित्त नियंत्रक लाजरूस मिंज, अपर संचालक संजय गौड़, आर.एस.भोई, उपायुक्त श्रीमती गायत्री नेताम, प्रज्ञान सेठ, एल.आर.कुर्रें, विश्वनाथ रेडडी, श्रीमती मेनका चंद्राकर, कार्यपालन अभियंता त्रिदीप चक्रवर्ती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।       प्रमुख सचिव बोरा ने बैठक में आधार फेस उपस्थिति प्रणाली एवं ई-ऑफिस व्यवस्था की भी समीक्षा की। आधार बेस उपस्थिति प्रणाली में विभाग में सर्वाधिक उपस्थिति वाले अधिकारी-कर्मचारियों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने कहा कि समय पर नहीं आने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।  प्रमुख सचिव बोरा ने बैठक में ई-ऑफिस की भी समीक्षा करते हुए कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से प्रशासन में पारदर्शिता एवं कसावट आई है। साथ ही  व्यवस्था सुुदृढ़ करने में बहुत ही उपयोगी सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि अब ई-ऑफिस में फाईल आने के बाद से बहुत ही तीव्र गति से कार्य संचालन संभव हुआ है। अधिकारी फाईल बढ़ाते समय सभी नियमों एवं स्पष्ट अभिमत के साथ ही फाईल को प्रस्तुत करें, ताकि उस पर अंतिम रूप से निर्णय लिया जा सके।  उन्होंने बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के अपरीक्षित नवीन व्यय मद प्रस्तावों तथा विभिन्न विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा क्रय की गई सामग्रियों के मानकीकरण निर्धारित हो। उन्होंने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की जिलावार स्थिति, आवंटित एवं व्यय राशि की भी समीक्षा की।   प्रमुख सचिव ने बैठक में भवन निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं धरती आबा योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही छत्तीगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय से प्राप्त आय-व्यय के  आगामी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

विश्व स्वास्थ्य दिवस : स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यह दिवस न केवल स्वास्थ्य से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर है, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी संदेश देता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान – ये तीनों स्वस्थ जीवन के मूल आधार हैं। यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सुधार करें, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत है।  मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएँ, ताकि एक स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।