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स्थापना दिवस पर विशेष- शून्य से शिखर तक भाजपा का सफर

स्थापना दिवस पर विशेष- शून्य से शिखर तक भाजपा का सफर भोपाल भाजपा की कुल उम्र कांग्रेस के शासन काल से कम होने के बावजूद भी आज सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। आज बीजेपी का 44वां स्थापना दिवस है। अपने स्थापना दिवस आयोजन के तहत पीएम के संबोधन से लेकर देश में अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम किए जा रहे हैं। बीजेपी ने 2 से 303 सांसदों तक का सफर पूरा कर बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी का आकार ले लिया है।   देश में आपातकाल के वापस लेने के बाद बीजेएस ने कई अन्य छोटे क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर जनता पार्टी का गठन किया। जनता पार्टी ने 1977 के लोकसभा चुनाव में सफलता का स्वाद चखा और मोरारजी देसाई को प्रधानमंत्री बनाकर केंद्र में सरकार बनाई। जनता पार्टी का प्रयोग अधिक दिनों तक नहीं चल पाया। दो-ढाई वर्षों में ही अंतर्विरोध सतह पर आने लगा। कांग्रेस ने भी जनता पार्टी को तोड़ने में राजनीतिक दांव-पेंच खेलने से परहेज नहीं किया। भारतीय जनसंघ से जनता पार्टी में आये सदस्यों को अलग-थलग करने के लिए ‘दोहरी-सदस्यता’ का मामला उठाया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंध रखने पर आपत्तियां उठायी जानी लगीं। यह कहा गया कि जनता पार्टी के सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य नहीं बन सकते। 4 अप्रैल, 1980 को जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति ने अपने सदस्यों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य होने पर प्रतिबंध लगा दिया। पूर्व के भारतीय जनसंघ से संबद्ध सदस्यों ने इसका विरोध किया नतीजतन मोरारजी देसाई को 1980 में पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह के कारण इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा और नए चुनाव हुए। जनता पार्टी 1980 में भंग हो गई और इसके सदस्यों ने अटल बिहारी वाजपेयी के साथ इसके पहले अध्यक्ष के रूप में भाजपा (BJP) का गठन किया।  और जनता पार्टी से अलग होकर 6 अप्रैल, 1980 को एक नये संगठन ‘भारतीय जनता पार्टी’ की घोषणा की, इस प्रकार भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई। 1984 के चुनावों में पार्टी की भारी हार से भाजपा को झटका लगा. बीजेपी को सिर्फ 2 सीटों पर संतोष करना पड़ा. साल 1989 में नौवीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव में BJP को 85 सीटें हासिल हुईं. हालांकि, 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के साथ इसका ग्राफ ऊपर चढ़ने लगा।  पंडित श्यामा प्रसाद, दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों के अनुसार राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का साधन नहीं है। समाज को अपेक्षित दिशा में प्रगति पथ पर ले जाना भी उसका कार्य है। इसके लिये संगत दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है, जो संगत विचारधारा से प्राप्त होता है। आज भारत के सभी राजनैतिक दल विचारधारा शून्यता के शिकार हैं। भाजपा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, एकात्म मानववाद तथा पंचनिष्ठाओं की संगत विचारधाराओं के आधार पर संगठन का नियमन कर रही है। शासन की नीति में भी ये दिखाई दे रहा है । भाजपा अपने ध्येनिष्ठ कार्यकर्ताओं की शक्ति के दम पर 13 साल का केन्द्रीय शासन एवं प्रदेशों में भाजपा की सरकारों ने अन्य दलों की सरकारों की तुलना में अच्छा शासन दिया है। दस वर्षों से श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सकारात्मक सुशासन की प्रक्रिया भले ही तीव्र गति से चल रही हो, पर व्यवस्थाओं की पुरानी विकृतियों का शमन करने में अभी भी कुछ समय लगेगा। (मनोज बाबू चौबे) 

कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, हरियाणा में मकान और वाहन खरीदने पर मिलेगा सरकारी लोन

चंडीगढ़. हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को अब मकान, वाहन, कंप्यूटर और विवाह के लिए ऋण लेने की खातिर बैंकों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार ने साढ़े नौ साल पुराने आदेश को बदलते हुए फिर से पुराना सिस्टम लागू कर दिया है। सरकारी कर्मचारियों को ऋण दिलाने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। चार नवंबर 2016 को जारी आदेशों को वापस लिया गया है, जिसके तहत हरियाणा सरकार के कर्मचारियों को दिए जाने वाले गृह ऋण, वाहन ऋण, कंप्यूटर ऋण और विवाह ऋण के संबंध में ऋण पोर्टफोलियो को पंजाब नेशनल बैंक में स्थानांतरित कर दिया गया था। अब हरियाणा सरकार की पूर्व की नीति और समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार ऋण प्रदान किए जाएंगे। डायरेक्ट लोन व्यवस्था को फिर से लागू करने से कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को मेजर हेड-7610 के अंतर्गत वार्षिक बजट प्रविधान के माध्यम से सीधे ऋण या अग्रिम राशि प्रदान करेगी। लास्ट पे सर्टिफिकेट का प्रारूप भी बदलेगा प्रदेश सरकार हरियाणा ट्रेजरी नियम के अंतर्गत निर्धारित लास्ट पे सर्टिफिकेट (एलपीएसी) के प्रारूप में भी संशोधन करने जा रही है। सरकारी कर्मचारियों से संबंधित वित्तीय अभिलेखों की प्रणाली को आधुनिक एवं अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसका उपयोग विशेष रूप से किसी सरकारी कर्मचारी का एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानांतरण के समय होता है। लास्ट पे सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जिसमें कर्मचारी के वेतन, भत्तों, कटौतियों, ऋणों एवं अग्रिमों से संबंधित विस्तृत जानकारी होती है। इससे विभागों के बीच वित्तीय प्रक्रिया का सुचारू संचालन सुनिश्चित होता है। लास्ट पे सर्टिफिकेट के संशोधित प्रारूप में हालिया प्रशासनिक एवं वित्तीय सुधारों के अनुरूप कई नए प्रविधान शामिल किए गए हैं। नए प्रारूप में विशेष रूप से यूनिक कोड पेयी तथा स्थायी सेवानिवृत्ति खाता नंबर को शामिल करने का प्रविधान किया गया है, जो हाल के वर्षों में कर्मचारी के वित्तीय अभिलेखों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इसके अतिरिक्त सेवा की पूरी अवधि के सत्यापन से संबंधित एक नया कालम भी जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा। संशोधित प्रारूप में कर्मचारियों से संबंधित विस्तृत जानकारी शामिल करने का भी प्रविधान किया गया है। इसके अंतर्गत कर्मचारी का पैन, मोबाइल नंबर, पे-लेवल, बेसिक पे, अलाउंस विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही इनकम टैक्स, जीपीएफ, सब्सक्रिप्शन, एडवांस और रिकवरी सहित पूरी कटौती लेने का भी प्रविधान शामिल किया गया है।

‘रील’ बनाने के नाम पर पटियाला में हंगामा, हथियारों के साथ घूमते दिखे 50 युवक

पटियाला. शहर में 50 से अधिक युवकों ने रविवार को तेजधार हथियार लहराते हुए सड़कों पर हुड़दंग मचाया। ये युवक सूल्लर दारू कुटिया इलाके से बाइक व कार की छत पर बैठकर निकले और तेजधार हथियार लहरा रहे थे। घटना रविवार दोपहर के समय की बताई जा रही है। पुलिस से बेखौफ इन युवकों ने वीडियो भी बनाई और इंटरनेट पर अपलोड भी कर दी। मामला सामने आने और वायरल वीडियो के बाद पुलिस हरकत में आई। रविवार देर शाम तक कुछ युवकों की पहचान कर इन्हें राउंडअप भी किया है। यह वीडियो जतिन राजपूत नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड हुई है। वायरल वीडियो में युवकों का यह झुंड सुल्लर पुल से शुरू होता दिख रहा है। कार की छत पर सवार युवक तलवारें, गंडासी, टकुए सहित अन्य तेजधार हथियार लहरा रहे हैं। सुल्लर पुल से शुरू होकर वे न्यू अफसर कालोनी वाली रोड की तरफ मुड़ते हैं। इलाके में चर्चा रही कि ये युवक रैली के नाम पर किसी राजनीतिक पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सरहिंद रोड की तरफ गए थे लेकिन रैली में शामिल होने के सुराग पुलिस को अब तक नहीं मिले हैं। हालांकि, इनके हथियार लेकर हवा में लहराते व ललकारे मारने की वीडियो पुलिस के पास जरूर पहुंची है। एसपी सिटी पलविंदर सिंह चीमा ने कहा कि युवकों द्वारा तेजधार हथियारों के साथ हुड़दंग मचाने की वीडियो पुलिस को मिल चुकी है। युवकों की पहचान कर जल्द ही युवकों को काबू किया जाएगा।

नया फोर लेन बायपास दो राज्यों के बीच सांस्कृतिक कड़ी बनेगा: मुख्यमंत्री डॉ यादव

दो राज्यों को सांस्कृतिक डोर से जोड़ेगा नया फोर लेन बायपास : मुख्यमंत्री डॉ यादव मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री गडकरी का जताया आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को दिन-प्रतिदिन नई-नई सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा रविवार को मध्यप्रदेश (ज़िला निवाड़ी) और उत्तर प्रदेश (ज़िला झाँसी) राज्यों में, झांसी के लिए 15.5 किमी लंबाई के 4-लेन वाले दक्षिणी बाईपास के निर्माण और बंगाय खास से ओरछा तिगेला तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-39 को जोड़ने वाली लिंक रोड के लिए 631.73 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है। यह बायपास और लिंक रोड दो बड़े प्रदेशों के नागरिकों को एक सांस्कृतिक डोर से हमेशा के लिए जोड़ देगा। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर), राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर), राष्ट्रीय राजमार्ग-39, राष्ट्रीय राजमार्ग-539, राष्ट्रीय राजमार्ग-552 इन पाँच राजमार्गों के जंक्शन पर स्थित है, जिसके कारण शहर के भीड़भाड़ वाले मुख्य इलाके से होकर गुज़रने वाले ट्रैफिक में भारी बढ़ोतरी होती है। झांसी में एक नया औद्योगिक शहर (BIDA) भी बसाया जा रहा है, जहां भारी माल ढुलाई की ज़रूरत होगी। उन्होंने कहा कि दक्षिणी बाईपास झांसी के आस-पास से गुज़रने वाले शहरों के बीच के ट्रैफिक के लिए एक निर्बाध रास्ता बनाएगा, जिससे शहर के अंदर यात्रा का समय कम होगा और शहर में ट्रैफिक का दबाव घटेगा। इससे प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के बीच, झांसी से होकर गुज़रने वाले पाँच राष्ट्रीय राजमार्गों के रास्ते माल की आवाजाही में लगने वाला समय भी कम होगा। यह बाईपास ओरछा तिगेला पर खत्म होता है, जो UNESCO की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल है और जहाँ जहाँगीर महल, राम राजा मंदिर और बेतवा वन्यजीव अभयारण्य स्थित हैं। हाईवे तक बेहतर पहुंच से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और विकास को भी गति मिलेगी।  

हाईकोर्ट का बड़ा निर्णय: अमित जोगी को जग्गी मर्डर केस में आजीवन कारावास

बिलासपुर. साल 2003 के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने सीबीआई की अपील (ACQA No. 66/2026) को स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया। अनुमति याचिका, जल्द हो सकती है सुनवाई हाईकोर्ट ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और धारा 120-बी (अपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में छह माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है। हाईकोर्ट का यह फैसला 31 मई 2007 के ट्रायल कोर्ट के फैसले को पूरी तरह पलट दिया है। उस समय स्पेशल जज (एट्रोसिटी) रायपुर ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि चिमन सिंह, याह्या ढेबर, अभय गोयल और फिरोज सिद्दीकी सहित अन्य 28 आरोपियों को सजा सुनाई गई थी। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि “एक ही गवाही के आधार पर कुछ आरोपियों को दोषी ठहराना और मुख्य साजिशकर्ता को बरी कर दिया जाना कानूनी रूप से असंगत और गलत है।” बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामला रीओपन किया गया था, जिसके बाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई थी। 2003 में हुई थी एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया। जानिए कौन थे रामावतार जग्गी कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था। ये पाए गए थे दोषी जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे।

पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास से जांजगीर-चांपा में मिली सम्मानित मुलाकात

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही सुअमिता श्रीवास को उनके आगामी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही सुअमिता श्रीवास से मुलाकात के दौरान कहा कि आगामी 9 अप्रैल को सुअमिता विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं, साहस और आत्मविश्वास की ऊंची उड़ान है। उन्होंने कहा कि अमिता का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अटल हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं रहती। प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए मानक स्थापित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ को नई पहचान दे रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माउंट किलिमंजारो को फतह कर पहले ही अपनी क्षमता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनका यह सतत प्रयास न केवल उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमिता अपने इस साहसिक अभियान में सफलता प्राप्त कर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर देश का तिरंगा फहराएंगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी। मुख्यमंत्री ने सुअमिता श्रीवास को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने CM साय से मुलाकात की। सीएम साय ने कहा, जांजगीर-चांपा की बेटी पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास से मुलाकात कर अत्यंत प्रसन्नता हुई। वे आगामी 9 अप्रैल को विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं – यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है। अमिता इससे पहले वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर माउंट किलिमंजारो फतह कर देश और प्रदेश का मान बढ़ा चुकी हैं। उनका आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और लक्ष्य के प्रति समर्पण प्रदेश की हर बेटी के लिए प्रेरणा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारी बेटियां हर चुनौती को पार कर नई ऊंचाइयों को छूने का हौसला रखती हैं। अमिता को इस अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं। आपका यह साहसिक प्रयास देश का मान और ऊंचा करेगा। पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास अब दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने की तैयारी में जुटी जांजगीर-चांपा जिले की रहने वाली अमिता श्रीवास अब दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने की तैयारी में जुटी हैं. चांपा शहर की रहने वाली अमिता पेशे से एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, लेकिन उनके सपने बेहद बड़े और प्रेरणादायक हैं, साधारण परिवार से आने के बावजूद उन्होंने अपने हौसले, मेहनत और जुनून के दम पर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य तय किया है. सीमित संसाधनों के बावजूद अमिता अपने इस सपने को साकार करने के लिए लगातार कड़ी मेहनत और विशेष प्रशिक्षण ले रही हैं. इससे पहले भी वह कई ऊंची चोटियों पर चढ़ाई कर भारत का तिरंगा लहरा चुकी हैं।  पर्वतारोही अमिता श्रीवास बताती हैं कि उन्होंने हमेशा भीड़ से अलग कुछ करने का सपना देखा था. उनका कहना है कि आमतौर पर लोग एक ही दिशा में चलते हैं, लेकिन उन्होंने तय किया कि उन्हें कुछ अलग करना है. इसी सोच के साथ उन्होंने पर्वतारोहण जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र को चुना, ताकि वह अपने जिले जांजगीर-चांपा और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें. अमिता बताती हैं कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से हुई है. उन्होंने प्राथमिक पढ़ाई मठ प्राथमिक स्कूल से की, जबकि मैट्रिक की पढ़ाई चांपा के गर्ल्स स्कूल से पूरी की. इसके बाद उन्होंने एमएमआरपीजी कॉलेज से अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी की।  कई प्रमाणपत्र हासिल किए पर्वतारोहण की शुरुआत उन्होंने साल 2018 में की. उन्होंने राजस्थान के माउंट आबू स्थित सरकारी संस्थान से रॉक क्लाइंबिंग का कोर्स किया, इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे इस क्षेत्र में आगे बढ़ना शुरू किया और अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी अन्य क्षेत्रों की तरह लिखित, मौखिक और प्रैक्टिकल परीक्षाएं होती हैं. इन सभी में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद ही प्रमाणपत्र मिलता है. अपने प्रशिक्षण के दौरान अमिता ने पश्चिम सिक्किम और उत्तर सिक्किम के पर्वतीय क्षेत्रों में करीब 5500 मीटर की ऊंचाई तक चढ़ाई की है. इसके अलावा उन्होंने उत्तराखंड की प्रसिद्ध चोटी यूटी कांगरी पर भी चढ़ाई की है।   

पंजाब के फिरोजपुर में कोर्ट पर खतरा, बम धमकी के बाद कॉम्प्लेक्स कराया गया खाली

फिरोजपुर. पंजाब के फिरोजपुर की अदालत को एक बार फिर से धमकी भरी ईमेल मिलने के बाद सोमवार को कोर्ट परिसर को खाली करवा लिया गया है। पता चला है कि राज्य में फिरोजपुर अमृतसर की जिला अदालतों को यह धमकी मिली है। बेशक अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रोजाना की भांति जैसे ही कोर्ट स्टाफ वकील सहित अन्य लोग कोर्ट में पहुंचे तो अचानक से कोर्ट को खाली करवाने के आदेश आए। सुबह 9:45 पर कोर्ट परिसर को खाली करवाना शुरू कर दिया गया। एडवोकेट रोहित अरोड़ा और एडवोकेट अर्शदीप सिंह रंधावा ने बताया कि ऐसा दूसरी बार हुआ है कि जब 2महीने के भीतर कोर्ट में धमकी आई हो। ज्ञात होकि गाठ दिवस भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में बम धमकी मिलने के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गयाथा। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय को एक ईमेल भेजा गया, जिसमें हाईकोर्ट के भीतर बम लगाए जाने की चेतावनी दी गई थी। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और परिसर को खाली कराना शुरू किया। इस दौरान आसपास के क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ। बम निरोधक दस्ते और स्निफर डॉग्स भी मौके पर पहुंचे और तलाशी अभियान शुरू किया। यह धमकी ठीक एक दिन बाद आई है, जब सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ था। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। पिछले साल मई में हाईकोर्ट रजिस्ट्रार कार्यालय को धमकी भरा ईमेल मिला था और इसी साल फरवरी में जिला अदालत को भी इसी तरह की धमकी दी गई थी। अधिकारियों ने ईमेल के स्रोत की जांच शुरू कर दी है और अदालत परिसरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

मौसम ने ली करवट, छत्तीसगढ़ में ठंडक बढ़ी—आज बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम के अचानक बदले मिजाज से भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली है। इसके साथ ही तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं आज प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं अगले 4 दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और 5 अप्रैल को ओलावृष्टि होने की संभावना है। इसके अलावा अगले 3 दिनों तक अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट हो सकती है, इसके बाद तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। मौसम सारांश बीते रविवार को प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। वर्षा के प्रमुख आंकड़ों में पौड़ी उपरोरा में 1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। सिनोप्टिक सिस्टम गंगा के पश्चिमी बंगाल से लेकर तेलंगाना तक छत्तीसगढ़ से गुजरते हुए एक निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है, जो समुद्र तल से करीब 0.9 किमी ऊपर स्थित है। इसी सिस्टम के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम आज प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही एक-दो जगहों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले दो दिनों के बाद भी प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और बिजली गिरने व तेज हवा (40-50 केएमपीएच) चलने की संभावना है। रायपुर में कैसा रहने वाला है मौसम रायपुर में आज आसमान आंशिक रूप से मेघमय रहेगा। गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

जशपुर में मुख्यमंत्री साय की मौजूदगी, भाजपा स्थापना दिवस व श्रीराम कथा में करेंगे शिरकत

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। इसके अलावा वे आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में भाजपा स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे दोपहर में रायपुर से जशपुर के लिए रवाना होंगे। जशपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 3 बजे प्रभु श्री रामकथा रसपान कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद वे शाम 5:35 बजे जशपुर से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। रायपुर पहुंचने के बाद शाम 6:30 बजे वे जिला भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। भाजपा का 47वां स्थापना दिवस आज, प्रदेशभर में होंगे कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी का 47वां स्थापना दिवस आज मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। सुबह 8:00 बजे भाजपा जिला कार्यालय में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें महिला मोर्चा और अनुसूचित जाति मोर्चा की विशेष भागीदारी रहेगी। इसके बाद सुबह 9 बजे जिला कार्यालय स्थित एकात्म परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित होगा। वहीं, प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सुबह 11:00 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होकर ध्वजारोहण करेंगे। इसके बाद शाम 5:00 बजे जिला कार्यालय एकात्म परिसर में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल होकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

जालंधर: DPS और मेयर वर्ल्ड स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी

जालंधर   पंजाब के जालंधर में आज यानी सोमवार को कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। जालंधर के डीपीएस स्कूल, मेयर वर्ल्ड स्कूल और एक अन्य डीपीएस स्कूल को ईमेल के जरिए धमकी भेजी गई। ईमेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीमें बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचीं और स्कूल परिसरों की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद अभिभावकों और छात्रों में डर का माहौल बन गया है। जालंधर के स्कूलों को बनाया निशाना जालंधर के प्रमुख निजी स्कूलों को भेजी गई धमकी भरी ईमेल ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीपीएस और मेयर वर्ल्ड स्कूल जैसे संस्थानों को सीधे निशाना बनाया गया। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते हुए बच्चों को लेकर चेतावनी दी गई, जिससे स्कूल प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट धमकी मिलने के बाद पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू की। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने स्कूलों में सर्च ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों के अनुसार, हर कोने की जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सतर्कता बढ़ा दी गई है। फिरोजपुर कोर्ट में दोपहर दो बजे तक काम बंद  फिरोजपुर कोर्ट काम्प्लेक्स को एक फिर बम से उठाने की धमकी मिली है। दोपहर दो बजे तक कामकाज बंद कर दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कोर्ट खाली करवाई और छानबीन शुरू कर दी है। साइबर सेल कर रही जांच पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है। ईमेल कहां से भेजा गया, इसका तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पिछले कुछ समय से इस तरह की धमकियों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। ईमेल में लिखी गई गंभीर धमकियां धमकी भरी ईमेल में जालंधर के स्कूलों में बम ब्लास्ट की बात कही गई है और बच्चों को बचाने की चेतावनी दी गई है। इसमें कुछ राजनीतिक और अलगाववादी बयान भी शामिल हैं। ईमेल में बम और ग्रेनेड से हमले का जिक्र करते हुए समय भी लिखा गया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। बड़े नेताओं और अमृतसर का भी जिक्र ईमेल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को 14 अप्रैल को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है। इस कारण पूरे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।