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सूरजपुर हादसा: जली हुई छात्रा की मौत, मंत्री ने त्वरित जांच का निर्देश जारी किया

सूरजपुर. सड़क किनारे शनिवार को गंभीर रूप से जली हालत में मिली छात्रा की आज रायपुर ले जाते समय बीच रास्ते में मौत हो गई. छात्रा को अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज से बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया था. इस बीच केबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है. बता दें कि बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के गोरखनाथ पुर की रहने वाली कक्षा 11 वी छात्रा मोनिका सिंह पासन नाला के समीप 95% जली हुई हालत में मिली थी. इस बात की जानकारी होते ही इलाके में हड़कंप मच गया था. राहगीरों की सूचना पर स्थानीय लोगों और पुलिस ने तत्काल लड़की को बिश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया था. प्राथमिक उपचार के बाद लड़की की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया था. रायपुर ले जाते समय बीच रास्ते में ही लड़की की मौत हो गई. इस बीच केबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पीड़ित लड़की के परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है. मंत्री ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अधिकारियों को इस पूरे मामले की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच के सख्त निर्देश दिए हैं. जांच कर रही पुलिस घटना के पीछे की वजह को जानने में जुटी है. वास्तविक कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है.

अनूपपुर में भवन गिरने से त्रासदी, मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के लिए राहत पैकेज की घोषणा

अनूपपुर. मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा में शनिवार शाम को हुए एक दर्दनाक हादसे में तीन मंजिला 'अग्रवाल होटल' की इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह (Anuppur Building Collapse) गई। इस हृदयविदारक घटना में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन द्वारा चलाए गए 14 घंटे के लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रविवार सुबह अंतिम शव बरामद किया गया। 14 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, मलबे में दबी मिली महिला शनिवार शाम जब यह हादसा हुआ, तब मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका थी। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने तत्परता से मोर्चा संभाला। शनिवार रात तक दो शव निकाले जा चुके थे, जबकि रविवार सुबह करीब 11 बजे 42 वर्षीय राधा कोल का शव बरामद हुआ। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के खत्म होने तक कुल तीन मौतों की पुष्टि हुई है। मृतकों में हनुमान दीन यादव (50 वर्ष), रामकृपाल यादव (45 वर्ष) और राधाबाई (45 वर्ष) शामिल हैं। लापरवाही ने ली जान: होटल मालिक और भूमि स्वामी पर केस दर्ज प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह सुरक्षा मानकों की अनदेखी को माना जा रहा है। बताया गया है कि होटल की बिल्डिंग के ठीक बाजू में एक गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिससे इमारत की नींव कमजोर हो गई और वह ढह गई। पुलिस अधीक्षक मोतीउर रहमान के अनुसार, इस गंभीर लापरवाही के लिए होटल मालिक लाल अग्रवाल और निर्माण कार्य करा रहे भूमि स्वामी राजीव गर्ग के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 304 और 106 के तहत मामला दर्ज किया गया है। शासन की ओर से आर्थिक सहायता की घोषणा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए विशेष आर्थिक सहायता के निर्देश दिए हैं: मृतकों के परिजनों को: कुल 9 लाख रुपये (4 लाख मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान, 4 लाख संबल योजना और 1 लाख रेडक्रास)। घायलों को: कुल 2.5 लाख रुपये (2 लाख मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान और 50 हजार रेडक्रास)। प्रशासनिक अधिकारियों का दौरा रविवार को भोपाल से अपर मुख्य सचिव (गृह) के.सी. गुप्ता ने कोतमा पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और समुचित इलाज के निर्देश दिए। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और मामले की बारीकी से जांच जारी है।

कुर्मी भवन जामगांव(एम) में डोम शेड और मंच बनाने की घोषणा की

रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम जामगांव (एम) में चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज दुर्ग राज के 56 वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  ललित चंद्राकर भी अधिवेशन में विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज का गौरवशाली अतीत रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे इस समाज के पुरोधाओं ने देश को दिशा दिखाई है। समाज के सामाजिक संगठन की मजबूती के लिए ऐसे अधिवेशन होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मैं अपने आप को कुर्मी समाज के बीच पाकर कृतज्ञ हुआ हूं।  अधिवेशन में समाज की महिलाओं की बड़ी सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की प्रतिभा को स्थान व सम्मान दिलाने देश के प्रधानमंत्री  मोदी जी के मंशा के अनुरूप विधानसभा एवं लोकसभा तथा अन्य सभी जगह महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने आगामी 16, 17 एवं 18 तारीख को संसद का विशेष सत्र का आयोजन किया जा रहा है।  उन्होंने बस्तर सहित छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त राज्य बनाने का श्रेय जवानों को देते हुए बस्तर में शांति स्थापना में शासन के संकल्प से सिद्धि तक के सफर को साझा किया। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने समाज के उन्नत कृषक मती पूजा चंद्राकर, सफल व्यवसायी  विनोद चंद्राकर और कलाकार  पप्पू चंद्राकर को साल व फल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने समाज की मांग पर सामाजिक भवन जामगांव (एम) में डोम शेड और मंच निर्माण तथा ग्राम तर्रा में कुर्मी सामाजिक भवन हेतु 12 लाख रूपए की घोषणा की। कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर ने कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा और संगठन दोनों आवश्यक है। संगठित प्रयास से हर कार्य संभव होता है। वहीं समाजिक जागरूकता के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। उन्होंने समाज के विकास के लिए माताओं एवं बहनों को आगे आने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के केन्द्रीय एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे।  

‘गजवा-ए-हिंद’ की साजिश नाकाम, पाकिस्तान और दुबई से जुड़े तार, संवेदनशील स्थलों की रेकी करने वाले गिरफ्तार

मरेठ उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) ने मेरठ और आसपास के इलाकों में सक्रिय एक खतरनाक आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार सीधे तौर पर सीमा पार पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं। इस जांच में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह मॉड्यूल न केवल भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था, बल्कि पकड़े जाने से बचने के लिए हिंदू रंग-रूप और कोड नेम का इस्तेमाल कर रहा था। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने अपने गुर्गों को सख्त हिदायत दी थी कि वे सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए स्थानीय हिंदू युवाओं को भर्ती करें और संवेदनशील स्थलों की रेकी के लिए उन्हें कवर के तौर पर इस्तेमाल करें। 'गजवा-ए-हिंद' का मिशन मीडिया  रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी शाकिब से हुई पूछताछ में यह बात सामने आई है कि वह पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था। शाकिब को निर्देश दिए गए थे कि किसी भी परिस्थिति में मिशन अधूरा नहीं रहना चाहिए। हैंडलर्स ने उसे गजवा-ए-हिंद के एजेंडे पर काम करने और नेटवर्क का विस्तार इस तरह करने को कहा था जिससे कि सुरक्षा एजेंसियों को भनक तक न लगे। हैंडलर्स ने शाकिब को चेतावनी दी थी कि यदि भारत इस बार कोई ऑपरेशन करने की कोशिश करता है, तो हमें तैयार रहना होगा। इस साजिश के तहत शाकिब ने विकास और लोकेश नाम के दो हिंदू युवाओं को लालच देकर मॉड्यूल में शामिल किया। पहचान छिपाने के लिए उन्हें कोड नेम दिए गए। लोकेश को सलीम और विकास को जाहिद के नाम से बुलाया जाता था। हिंदू रंग-रूप को बनाया सुरक्षा का पास जांचकर्ताओं का कहना है कि शाकिब ने लोकेश (सलीम) का उपयोग उन संवेदनशील और धार्मिक स्थलों की रेकी करने के लिए किया, जहां एक विशेष समुदाय के व्यक्ति के रूप में प्रवेश करना मुश्किल हो सकता था। हिंदू पहचान होने के कारण लोकेश को सुरक्षा जांच में संदिग्ध नहीं माना जाता था, जिसका फायदा उठाकर उसने कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की टोह ली। इस मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य सैन्य ठिकानों और प्रमुख धार्मिक स्थलों की जानकारी जुटाना था। एटीएस को पता चला है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स गूगल लोकेशन साझा करते थे, जिसके बाद शाकिब और उसके साथी उन स्थानों पर जाकर वीडियो रिकॉर्ड करते और वापस भेज देते थे। इस काम के बदले उन्हें विदेशी माध्यमों से भुगतान किया जाता था। दुबई कनेक्शन इस पूरे खेल की कड़ियां केवल पाकिस्तान तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका एक बड़ा सिरा दुबई से भी जुड़ा है। जांच में आकिब नाम के एक व्यक्ति की भूमिका सामने आई है, जो दुबई में बैठकर शाकिब और पाकिस्तानी हैंडलर्स के बीच सेतु का काम कर रहा था। आकिब इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम करता था। वह हथियारों (विशेषकर AK-47) के वीडियो और भड़काऊ कंटेंट साझा करता था ताकि युवाओं के मन में हिंसा के प्रति आकर्षण पैदा किया जा सके। एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश का कहना है कि शाकिब सीधे तौर पर दुबई स्थित आकिब के संपर्क में था। आकिब के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यूपी में पनपते हाइब्रिड मॉड्यूल का पुराना पैटर्न जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश में ऐसे कई मॉड्यूल सामने आए हैं। यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है जिसे हाइब्रिड टेररिज्म कहा जा सकता है, जहां अपराधी अपनी धार्मिक और सामाजिक पहचान छिपाकर वार करते हैं। हाल ही में एटीएस ने बीड़ीएस (BDS) छात्र हारिस अली को गिरफ्तार किया था, जो आईएसआईएस (ISIS) की विचारधारा फैला रहा था और टेलीग्राम, डिस्कॉर्ड जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए पाकिस्तान से निर्देश ले रहा था।

शहर में ताबड़तोड़ चोरी का खुलासा, शेट्टी गैंग के 3 आदतन अपराधी दबोचे गए

राजनांदगांव शहर में एक ही रात में तीन जगह चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले शेट्टी गैंग के तीन आदतन आरोपितों को पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अब भी फरार हैं। आरोपितों के कब्जे से लगभग पांच लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। वारदात में प्रयुक्त चाकू भी पुलिस ने जब्त किया है। थाना बसंतपुर में बीते 14 मार्च को जीवन-ए कालोनी निवासी प्रार्थिया की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। प्रार्थिया ने बताया था कि देर रात तीन बजे अज्ञात बदमाश घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और डराकर आलमारी में रखे जेवरात पार कर दिए। इसी रात लक्ष्मी नगर से बाइक और बी कालोनी में भी चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। इनको किया गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपितों में शशी कुमार (23), शेट्टी विजय (45) और शेट्टी सूर्या (31) शामिल हैं। सभी हैदराबाद के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से चांदी के दिए, कटोरे, बिछिया, कान के टाप्स, कड़ा, बाजूबंद, सोने के टाप्स और लॉकेट समेत अन्य जेवरात बरामद किए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब पांच लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी जब्त किया गया है। पुलिस अन्य फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है। आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। तीनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। 100 सीसीटीवी खंगाले, हैदराबाद में मिली लोकेशन मामले की गंभीरता को देखते हुए बसंतपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल से लेकर शहर के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच में आरोपितों के दुर्ग की ओर जाने के संकेत मिले। आरोपितों ने चोरी किया वाहन दुर्ग में ही लावारिस छोड़ दिया था। इसके बाद दुर्ग-भिलाई, रायपुर और बिलासपुर तक तकनीकी विश्लेषण कर उनकी लोकेशन हैदराबाद में ट्रेस की गई। दो दिन की घेराबंदी कर दबोचा पुलिस टीम हैदराबाद पहुंची और दो दिन की घेराबंदी के बाद तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपितों ने राजनांदगांव में एक ही रात तीन स्थानों पर चोरी करना कबूल किया। साथ ही बिलासपुर के सरकंडा थाना और मोपका चौकी क्षेत्र में भी चोरी की वारदात करना स्वीकार किया। एक रात में तीन वारदात, दूसरे शहर में भी की सेंधमारी पूछताछ में सामने आया कि आरोपितों ने राजनांदगांव के जीवन आवास कालोनी क्षेत्र में एक ही रात में तीन अलग-अलग घरों को निशाना बनाया। चोरी के बाद आरोपी दुर्ग-भिलाई होते हुए ट्रेन से बिलासपुर पहुंचे। वहां भी सरकंडा और मोपका क्षेत्र में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी ट्रेन से हैदराबाद भाग गए। पुलिस का मानना है कि यह गैंग अलग-अलग शहरों में इसी तरह वारदात को अंजाम देता रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व.  यज्ञदत्त शर्मा की जयंती पर विधानसभा में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका स्मरण किया। पुष्पांजलि कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर, स्व.  शर्मा के परिजन, विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व.  शर्मा ने जनकल्याण के दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। स्व.  यज्ञदत्त शर्मा, मध्यप्रदेश विधानसभा के सम्मानित पूर्व अध्यक्ष थे। उन्होंने सदन की गरिमा और लोकतंत्र की मर्यादा को हमेशा बनाए रखा।  शर्मा ने अपने लम्बे राजनीतिक जीवन में सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया।  

आस्था का संगम: रामगढ़ के कैथा कब्रिस्तान में मसीही समुदाय ने मोमबत्तियां जलाकर दी अपनों को श्रद्धांजलि

रामगढ़  गुड फ्राइडे के बाद विशेष संडे के अवसर पर, प्रभु यीशु के पुनः जीवित होने की आस्था को याद किया जाता है. इस मौके पर झारखंड के रामगढ़ जिले के सीएनआई चर्च से जुड़े मसीही समुदाय के लोगों द्वारा कब्रिस्तान में विशेष प्रार्थना कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और अपने दिवंगत परिजनों को श्रद्धांजलि अर्पित की. सुबह 4 बजे से शुरू हुई आराधना कार्यक्रम की तैयारी शाम में ही पूरी कर ली गई थी, जिसके बाद सुबह 4 बजे से आराधना की शुरुआत हुई. CNI कैथा कब्रिस्तान में श्रद्धालु एकत्रित हुए, जहां धार्मिक विधि-विधान के साथ प्रार्थना की गई. मोमबत्तियां जलाकर दी श्रद्धांजलि इस दौरान मसीही श्रद्धालुओं ने मोमबत्तियां जलाकर अपने प्रियजनों को याद किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल शांति, आस्था और श्रद्धा से भरा रहा. लोगों ने एकजुट होकर प्रार्थना की और प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश दिया. लोगों ने क्या कहा इस मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि इस तरह के आयोजन न केवल दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने का माध्यम हैं, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव को भी मजबूत करते हैं.

नागपुर मंडल में मरम्मत कार्य: 20 दिनों तक नहीं चलेंगी तीन बड़ी ट्रेनें

ग्वालियर. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर तीन स्थित लाइन नंबर पांच वाशेबल एप्रन को डिस्मेंटल कर उसे बैलेस्टेड ट्रैक में परिवर्तित करने के लिए कार्य किया जाएगा। इसके चलते स्टेशन पर अगले 20 दिनों तक आवागमन बंद रहेगा। इसके चलते ट्रेन क्रमांक 18237-18238 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस पांच से 27 अप्रैल तक रद रहेगी। ट्रेन क्रमांक 12409 रायगढ़-हजरत निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस छह, आठ, नौ, 10, 11, 13, 15 से 18, 20, 22 से 24 अप्रैल तक रहेगी। इसी प्रकार ट्रेन क्रमांक 12410 हजरत निजामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस छह से नौ अप्रैल, 11, 13 से 16 अप्रैल, 18 व 20 से 22 अप्रैल तक रद रहेगी। वहीं ट्रेन क्रमांक 12807 विशाखापत्तनम-हजरत निजामुद्दीन समता एक्सप्रेस को पांच अप्रैल, सात से नौ, 11, 12, 14 से 16, 18, 19 व 21 से 23 अप्रैल को रद रहेगी। वहीं ट्रेन क्रमांक 12808 हजरत निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम समता एक्सप्रेस सात अप्रैल, नौ से 11 अप्रैल, 13, 14, 16 से 18 अप्रैल, 20, 21, 23 से 25 अप्रैल तक रद की गई है।

जांजगीर में ब्लास्ट से हड़कंप: सीएससी सेंटर में विस्फोट, कंप्यूटर-प्रिंटर चकनाचूर

जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बनाहिल में स्थित वेदांत सर्विस सीएससी सेंटर में डेटोनेटर फटने से हड़कंप मच गया। इस विस्फोट में दुकान संचालक को चोटें आई हैं, वहीं कंप्यूटर, कुर्सी, टेबल सहित अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। क्या है मामला जानकारी के अनुसार भूपेन्द्र कुमार साहू (37 वर्ष), ग्राम धरदेई, थाना शिवरीनारायण, वर्तमान में ग्राम बनाहिल में रहकर स्टेट बैंक के पास वेदांत सर्विस के नाम से सीएससी सेंटर संचालित करता है। शनिवार की रात करीब 11:45 बजे उन्हें दुकान का शटर खुलने-बंद होने जैसी आवाज सुनाई दी। जब वे कमरे से बाहर निकलकर दुकान पहुंचे, तो अंदर धुआं भरा हुआ था और कोई वस्तु जलती हुई नजर आई। जांच करने पर उन्होंने देखा कि वह एक डेटोनेटर था, जिसमें चार डेटोनेटर जुड़े हुए थे। खतरे को भांपते हुए उन्होंने उसे उठाकर दुकान के बाहर फेंक दिया। इसी दौरान जोरदार विस्फोट हो गया, जिससे दुकान के अंदर रखे कंप्यूटर, सीपीयू, कुर्सी, रैक और प्रिंटर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। विस्फोट की चपेट में आने से भूपेन्द्र साहू के बाएं पैर में भी चोट आई है। घटनास्थल का निरीक्षण घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फॉरेंसिक विभाग के वैज्ञानिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में यह मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, जिसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस दो संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है एएसपी उमेश कश्यप का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।  

पश्चिमी सिंहभूम में मागे पर्व की धूम, आदिवासी समुदाय ने पारंपरिक वेशभूषा में की सुख-समृद्धि की कामना

 वेस्ट सिंघभूम   झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत गुवा क्षेत्र के नुईया गांव में आदिवासी समुदाय के लोगों ने पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मागे पर्व मनाया. मागे पर्व पर लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचे. इस मौके पर पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला. इन जगहों से लोग हुए शामिल मागे पर्व के मौके पर जगन्नाथपुर, चाईबासा और दुरदरा सहित आसपास के क्षेत्रों से भी मेहमान पहुंचे और इस पारंपरिक पर्व में शामिल होकर खुशी साझा की. दूर-दराज से आए लोगों की मौजूदगी ने उत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया. पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक झलक इस दौरान बच्चे, बुजुर्ग, युवक और महिलाएं सभी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए. लोगों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया. इस मौके पर पूरे गांव में उत्साह और उमंग का वातावरण बना रहा. पुजारी ने की पूजा-अर्चना गांव के पुजारी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर गांव की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की. इस पर्व के माध्यम से आदिवासी समुदाय ने अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया. मागे पर्व का यह आयोजन आपसी भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का संदेश देता है.