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मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को मिलेगी बड़ी मदद, 5 चरणों में मिलेंगे 2 लाख रुपये

पटना बिहार में अप्रैल महीने के अंत तक जीविका दीदियों के खाते में 20-20 हजार रुपए ट्रांसफर किए जा सकते हैं. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब महिलाओं को दूसरी किस्त देने की तैयारी की गई है. अब तक लगभग 19 लाख जीविका दीदियों ने आवेदन किया है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को इंडिपेंडेंट बनाने की पहल बिहार सरकार की ओर से की गई. पहले जीविका दीदियों को 10-10 हजार रुपए सहायता राशि दी गई. अब उन्हें 20-20 हजार रुपए दिए जाने की तैयारी की जा रही है. यह दूसरी किस्त के रूप में जीविका दीदियों को दी जायेगी. अप्रैल के अंत तक मिल सकती है राशि संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल महीने के अंत तक ही जीविका दीदियों के खाते में यह अमाउंट ट्रांसफर कर दिया जा सकता है. जीविका दीदियों की ओर से विकसित किए गए ऐप के जरिए ही चयन प्रक्रिया शुरू की गई है. जानकारी के मुताबिक, अब तक जिन महिलाओं ने अपना रोजगार शुरू किया है, उन्हें प्रायोरिटी लिस्ट में प्रीफरेंस देने का प्रावधान किया गया है. सिर्फ इन जीविका दीदियों को मिलेंगे 20-20 हजार पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपए दिए जाने के बाद कितनी महिलाओं ने अपना रोजगार शुरू किया, इसकी पहले मैपिंग की जाएगी. इसी दौरान महिलाओं को चिह्नित किया जाएगा और उन जीविका दीदियों को 20-20 हजार रुपए दिए जायेंगे. इसमें खुद के 5 हजार रुपए और लगाकर जीविका दीदियां रोजगार को बढ़ा सकतीं हैं. अब तक इस योजना के तहत लगभग 1.81 करोड़ महिलाओं को दस-दस हजार रुपए दिए गए हैं. 5 फेज में कितनी-कितनी राशि होंगे ट्रांसफर जानकारी के मुताबिक, जीविका दीदियों को 5 फेज में 2 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी. दूसरी में किस्त में 20 हजार, तीसरी में 40 हजार, चौथी में 80 हजार और पांचवीं में 60 हजार रुपए की राशि दी जाएगी. इसके साथ ही हर फेज में जीविका दीदियों को दी गई राशि कहां-कहां खर्च की गई, इसके बारे में जानकारी देनी पड़ेगी. सत्यापन होने के बाद ही अगले फेज की राशि उन्हें दी जाएगी.

बिहार के रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज, 160 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें और खत्म होंगे फाटक

पटना बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक गुड न्यूज है। मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे नए दो लेन पुल से ट्रेनों की आवाजाही जून में शुरू हो जाएगी। इस पुल के चालू होने से दानापुर और सोनपुर मंडल के बीच ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी। साथ ही दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। इसके बाद पटना से दिल्ली का सफर लगभग 7 घंटे में तय किया जा सकेगा। इसकी जानकारी पूर्व मध्य रेलवे के जीएम छत्रसाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दी। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के लिए 'गेम चेंजर' बनेगा नया पुल जीएम छत्रसाल सिंह ने बताया कि राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे इस पुल के दोनों ओर रेल फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि झाझा-पटना की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों या राजेंद्र पुल पर चढ़ने वाली गाड़ियों के कारण मेन लाइन का परिचालन बाधित नहीं होगा। यह बुनियादी ढांचा मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों के समयबद्ध परिचालन के लिए 'गेम चेंजर' साबित होने वाला है। कवच तकनीक से 160 किमी की स्पीड का लक्ष्य रेल मंत्रालय ने 'मिशन रफ्तार' के तहत दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूट को हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में चिह्नित किया है। पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय) से प्रधानखंटा खंड के बीच 294 किलोमीटर के दायरे में अत्याधुनिक 'कवच' सिस्टम लगाने का काम चल रहा है। पटना से दिल्ली का सफर लगभग 7 घंटे होगा तय: जीएम छत्रसाल सिंह ने बताया कि अगले एक वर्ष में इस खंड में कवच स्थापित हो जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे (गाजियाबाद से डीडीयू) और पूर्व रेलवे (आसनसोल और हावड़ा मंडल) में भी कवच का काम जारी है। जैसे ही इन तीनों रेलवे जोन में कवच सिस्टम पूरी तरह सक्रिय होगा, पटना होकर दिल्ली से हावड़ा के बीच ट्रेनें 160 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने लगेंगी, जिससे पटना से दिल्ली का सफर लगभग 7 घंटे में तय किया जा सकेगा। अंडरपास और आरओबी निर्माण से खत्म होंगे फाटक रेलवे परिचालन को और अधिक सुरक्षित और तेज बनाने के लिए पूर्व मध्य रेल बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रहा है। पूर्व मध्य रेल के जीएम ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 41 जगरों पर अंडरपास और छोटे ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। अब 71 और जगहों पर ऐसे ही छोटे ओवर ब्रिज और अंडरपास का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है।  

पंजाब में सुरक्षा चुनौतियों के बीच पुलिस फोर्स बढ़ाने की योजना, स्वीकृत पद 1.25 लाख तक बढ़ाने की तैयारी

चंडीगढ़ बॉर्डर स्टेट होने की वजह से पंजाब में जिस तरह की सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही है। उसके मद्देनजर सरकार पंजाब पुलिस में स्वीकृत पदों की संख्या 1.25 लाख करना चाहती है। इसी लक्ष्य के चलते पहले चरण में 10 हजार नए पदों को सृजित किया जा रहा है। जिसके लिए जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।  पंजाब पुलिस में जवानों और अफसरों की संख्या देखी जाए तो साल 2000 में यह 80 हजार के करीब थी। साल 2026 में भी कुल पदों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई मगर सूबे में सुरक्षा की संवेदनशीलता बढ़ती गई। वर्तमान स्थिति यदि देखें तो पंजाब की आबादी भी करीब साढ़े तीन करोड़ के आसपास पहुंच चुकी है। ऐसे में आबादी के हिसाब से पुलिस की नफरी अपेक्षाकृत कम है। इसके अलावा बॉर्डर पार से पाकिस्तानी की नापाक गतिविधियां, नशा और हथियार तस्करी, गैंगस्टरवाद, रंगदारी, हत्याएं, लूट, डकैती, चोरियां इत्यादि आपराधिक वारदातों ने भी पंजाब पुलिस की चुनौतियों को काफी बढ़ा दिया है। इन पर नकेल कसने और पंजाबियों को पूरी तरह सुरक्षित माहौल मुहैय्या करवाने के मकसद से सरकार को अब पुलिस जवानों और अफसरों की संख्या बढ़ाना जरूरत महसूस हो रही है। इसके अलावा पंजाब सरकार ने क्रास बॉर्डर वेपन और ड्रग्स सिंडीकेट की तस्करी पर नकेल कसने के लिए पाकिस्तान बॉर्डर पर बीएसएफ की चौकियों से लगभग दो किलोमीटर पहले सेंकड लाइन ऑफ डिफेंस भी खड़ी करने का फैसला लिया है। इसके तहत कई छोटी-छोटी चौकियां खोली जा रही हैं। इन चौकियों पर पुलिस के जवान और होमगार्ड तैनात किए जा रहे हैं। इसके लिए भी अधिक पुलिस जवानों की जरूरत है। दूसरी ओर, लंबे से पुलिस अफसरों और जवानों के पद भी रिक्त पड़े रहते थे। भर्ती प्रक्रिया लटकी रहती थी। आप सरकार ने पिछले चार साल में पुलिस के 12966 रिक्त पदों को भरकर स्टाफ की कमी से जूझ रही पंजाब पुलिस को कुछ राहत देने की कोशिश की है। चुनावी साल में भर्तियां करती थी सरकारें पिछली रिवायती सरकारों की भर्ती प्रक्रिया भी सियासी फायदा के लिए होती थी। सत्ता में आने के बाद चार साल भर्तियां लटकी रहती थीं और पांचवें चुनावी साल में भर्तियां करतेथे मगर वे भी अपने रिश्तेदारों और सिफारिशी लोगों को नौकरी देते थे। 26 साल से पुलिस की नफरी जितनी थी, आज भी उतनी ही है। हम पंजाब पुलिस के स्वीकृत पदों को पहले 90 हजार तक लेकर जाएंगे और उसके बाद 1.25 लाख करेंगे।- भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब

बिरहोर समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल  रमेन डेका ने आज जशपुर जिला के कुनकुरी विकासखंड के बेहराखार ग्राम का दौरा कर विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय के लोगों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनके रहन-सहन, जीवनशैली  को नजदीक से समझा और उनसे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। राज्यपाल ने बिरहोर समुदाय के लोगों से चर्चा करते हुए विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में जानकारी प्राप्त की।  उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों तक सभी शासकीय योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके और वे मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बिरहोर समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर दिया। राज्यपाल  रमेन डेका ने बिरहोर समुदाय के लोगों से संवाद करते हुए उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने समुदाय के लोगों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की।  साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह देते हुए कहा कि बीमारी की स्थिति में अस्पताल या स्वास्थ्य शिविरों में जाकर समय पर उपचार कराना चाहिए। राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा  कि बिरहोर समुदाय को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिए संचालित पीएम जनमन योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि इन क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं, जिससे लोगों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण हो सके। साथ ही उन्होंने बच्चों के लिए टीकाकरण को अनिवार्य बताते हुए सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को समय पर वैक्सीन लगवाने की अपील की।               राज्यपाल  डेका ने बिरहोर समुदाय के लोगों को अपने घरों में पढ़ाई के लिए एक अलग कोना बनाने की सलाह दी, जिससे बच्चों को अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके और वे अधिक प्रेरित हों। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि बिरहोर समुदाय द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों का वैल्यू एडिशन किया जाए, ताकि उनके उत्पादों को बाजार में उचित मूल्य मिल सके। इस अवसर पर बिरहोर समुदाय के गुरुबारु ने राज्यपाल को जानकारी दी कि क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों का निर्माण भी किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने पद्म जागेश्वर यादव के सहयोग की सराहना भी की। कार्यक्रम के दौरान बिरहोर समुदाय के लोगों ने राज्यपाल का पारंपरिक रूप से स्वागत करते हुए उन्हें केंद फूल, लाटा तथा स्वयं निर्मित रस्सी भेंट की। राज्यपाल ने भी समुदाय के लोगों को साल भेंट कर सम्मानित किया तथा उपयोगी सामग्री के रूप में टॉर्च प्रदान की। साथ ही उन्होंने पद्म जागेश्वर यादव को राजकीय गमछा भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार सहित अधिकारीगण मौजूद रहे। पद्म जागेश्वर यादव ने बिरहोर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के अपने संघर्षों का किया उल्लेख            पद्म जागेश्वर यादव ने राज्यपाल  रमेन डेका के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने उन्होंने बिरहोर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के अपने लंबे संघर्षों का उल्लेख भी किया। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 1980 से इस विशेष पिछड़ी जनजाति के बीच रहकर कार्य कर रहे हैं। उस समय बिरहोर समुदाय के लोग घने जंगलों में निवास करते थे, जंगलों से प्राप्त फलों पर निर्भर रहते थे और जमीन पर ही जीवन यापन करते थे। उन्होंने कहा कि इन समुदायों को वर्तमान स्थिति तक लाने में उन्हें अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लगातार प्रयास, जागरूकता और शासन-प्रशासन के सहयोग से आज बिरहोर समुदाय के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है और वे धीरे-धीरे मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। बेहराखार में बिरहोर परिवारों के समग्र विकास के लिए प्रशासन पूरी तत्परता से कर रहा कार्य          कलेक्टर  रोहित व्यास ने राज्यपाल को जानकारी देते हुए बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रशासन गंभीरता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम बहेराखार में बिरहोर समुदाय के कुल 22 परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 85 है। इनमें से 73 लोगों के आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। सभी परिवारों का सिकल सेल स्क्रीनिंग परीक्षण पूर्ण कर लिया गया है तथा सभी को राशन कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 19 परिवारों के जॉब कार्ड भी बनाए जा चुके हैं। कुछ परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन प्राप्त हो चुका है, जबकि शेष परिवारों को लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। महतारी वंदन योजना का लाभ भी  दिया जा रहा है। साथ ही अन्य योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है।

भ्रष्टाचार की हद, डीएसपी गौतम कुमार की नौकरानी के पास मिली करोड़ों की संपत्ति और लग्जरी गाड़ियां

किशनगंज  किशनगंज में तैनात DSP गौतम कुमार की कथित 80 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति के मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब इस केस में एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. उनके घर में काम करने वाली नौकरानी पारो के पास भी करोड़ों की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है. 35 लाख की थार से काम पर आती थी नौकरानी धरमगंज के किला बागान की रहने वाली पारो की लाइफस्टाइल किसी आम घरेलू सहायिका जैसी नहीं थी. वह करीब 35 लाख रुपए की लग्जरी थार से काम करने आती थी. इतना ही नहीं, उसे लाने-ले जाने के लिए कई बार सरकारी और निजी वाहनों का इस्तेमाल भी किया जाता था. बंगाल में करोड़ का बंगला, गिफ्ट में मिली बुलेट जांच में सामने आया है कि पारो ने पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के मलद्वार इलाके में लगभग एक करोड़ रुपए का आलीशान बंगला बनवाया है. इसके अलावा उसे DSP गौतम कुमार की ओर से एक बुलेट बाइक भी गिफ्ट में दी गई थी. नौकरानी पारो की तस्वीर सोशल मीडिया पर दिखती थी लग्जरी लाइफ पारो सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रही है. उसने बुलेट बाइक के साथ अपनी तस्वीरें शेयर की हैं. एक वीडियो में उसके हाथ में करीब डेढ़ लाख रुपए कैश भी नजर आ रहे हैं. कई तस्वीरों में वह DSP और उनके करीबियों के साथ दिखाई दे रही है. EOU रेड के बाद फरार हुई पारो आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी के बाद पारो अपने पूरे परिवार के साथ फरार हो गई है. इस खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस प्रशासन भी सकते में है. SDPO पर 80 करोड़ की बेनामी संपत्ति का आरोप गौतम कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी 32 साल की सेवा के दौरान करीब 80 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित की. उनके महंगे शौक लक्जरी रिसॉर्ट में ठहरना, फैमिली ट्रिप और आलीशान जीवनशैली पहले से ही चर्चा में थे. ढाई करोड़ का बंगला, करोड़ों की फर्निशिंग पूर्णिया में उनका जिस बंगले में रहना बताया जा रहा है, उसकी कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपए है. वहीं उसके इंटीरियर और फर्निशिंग पर 1 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं. उनकी पत्नी सरकारी शिक्षिका हैं, लेकिन खुद भी लग्जरी गाड़ियों से चलती हैं. 8 ठिकानों पर EOU की छापेमारी 31 मार्च को EOU ने गौतम कुमार के 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. इनमें पूर्णिया, किशनगंज, पटना, अररिया और सिलीगुड़ी शामिल हैं. छापेमारी के दौरान जमीन के 36 दस्तावेज, LIC और नोएडा-गुड़गांव में निवेश से जुड़े कागजात बरामद हुए. साथ ही 60 लाख रुपए के गहने, महंगी घड़ियां और क्रेटा-थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी मिलीं. सस्पेंशन की प्रक्रिया शुरू, हटाए गए पद से EOU की कार्रवाई के बाद गौतम कुमार को पुलिस मुख्यालय क्लोज कर दिया गया है. DGP विनय कुमार ने उनके निलंबन की प्रक्रिया शुरू होने की पुष्टि की है. कौन हैं गौतम कुमार? गौतम कुमार मूल रूप से सहरसा के रहने वाले हैं और 1994 बैच के सब-इंस्पेक्टर हैं. वर्तमान में उन्हें पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में योगदान देने का आदेश दिया गया है. उनकी जगह SDPO-2 मंगलेश कुमार सिंह को किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. सूत्रों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल इस मामले ने बिहार के पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है.

विकसित फरीदाबाद रैल,मुख्यमंत्री ने किया इंटरनेशनल स्विमिंग पूल और नेचर पार्क का ऐलान, नोएडा-गुरुग्राम मेट्रो पर भी बड़ा अपडेट

 फरीदाबाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज फरीदाबाद के सेक्टर-12 में हुई ''धन्यवाद एवं विकसित फरीदाबाद रैली'' में विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। इसमें सबसे अहम सेक्टर-8 में बहुमंजिला सुपरस्पेशलिटी सरकारी अस्पताल बनाने की घोषणा रही। इसके अलावा चौराहों का सौंदर्यीकरण, शिक्षा, खेल, पर्यावरण को लेकर भी शहर को काफी कुछ दिया। रैली का आयोजन राजस्व मंत्री विपुल गोयल की ओर से किया गया था। रैली में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह का माहौल बना रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए अस्पताल में सभी प्रमुख बीमारियों का इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लोगों को इलाज के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों के सरकारी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस अस्पताल को बहुमंजिला इमारत में विकसित किया जाएगा। प्रमुख जंक्शनों में सुधार किया जाएगा ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर भी सरकार ने गंभीरता दिखाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के प्रमुख जंक्शनों में सुधार किया जाएगा, जिससे यातायात सुगम हो सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में शहरवासियों को जाम से राहत मिलेगी। गंगा का पानी फरीदाबाद तक लाने की योजना पर होगा काम मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल संकट को दूर करने के लिए गंगा का पानी फरीदाबाद तक लाने की योजना पर काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए पहले विस्तृत फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय में वह उत्तर प्रदेश सरकार से स्वयं बातचीत करेंगे, ताकि परियोजना को जल्द आगे बढ़ाया जा सके। ग्रेटर फरीदाबाद में नेचर पार्क बनेगा इसके अलावा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों, पार्कों और सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे वर्षा के पानी को सहेज कर भविष्य में उपयोग किया जा सकेगा। पर्यावरण संरक्षण के तहत ग्रेटर फरीदाबाद में नेचर पार्क विकसित करने की भी घोषणा की गई। सेक्टर-12 में मल्टीलेवल भवन बनाया जाएगा सामाजिक कार्यक्रमों के लिए सेक्टर-12 में मल्टीलेवल भवन बनाया जाएगा, जिससे आम लोगों को कम खर्च में शादी और अन्य आयोजन करने की सुविधा मिल सकेगी। शिक्षा के क्षेत्र में ग्रेटर फरीदाबाद में केंद्रीय विद्यालय खोलने का ऐलान किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बनेगा स्विमिंग पूल मनोरंजन के लिए चंदावली आईएमटी के पास मनोरंजन सिटी विकसित करने की योजना भी सामने आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सेक्टर-12 खेल परिसर के स्विमिंग पूल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा। वहीं उन्होंने परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए फरीदाबाद के रास्ते नोएडा तक ट्रेन चलाने की परियोजना पर तेजी से काम करने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। रैली में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर, खेल मंत्री गौरव गौतम, विधायक मूलचंद शर्मा, विधायक धनेश अदलखा, विधायक सतीश फागना, मेयर प्रवीण जोशी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। रैली के चलते शहर की रफ्तार थमी, जगह-जगह लगा जाम सेक्टर-12 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की रैली के कारण शनिवार को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही। नीलम चौक और नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लगा। भारी पुलिस तैनाती के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल सकी। फरीदाबाद के सेक्टर-12 में आयोजित धन्यवाद एवं विकसित फरीदाबाद रैली के कारण सुबह से ही आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ने लगा। सुबह 8 बजे से ही रैली स्थल की ओर लोगों का आना शुरू हो गया था, जो दोपहर तक जारी रहा। अलग-अलग इलाकों से वाहन लगातार पहुंचते रहे, जिससे मुख्य मार्गों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई। नीलम चौक, बाटा पुल और दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावित रही। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए। ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन और व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को जाम से जूझना पड़ा। दोपहर करीब 12 बजे मंचीय कार्यक्रम शुरू हुआ और करीब डेढ़ बजे तक रैली चली। मुख्यमंत्री का संबोधन अंत में हुआ। रैली के दौरान शहर के अन्य हिस्सों में भी ट्रैफिक का असर देखने को मिला। स्थानीय लोगों और राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी सिग्नल पॉइंट्स पर हुई, जहां लंबे समय तक वाहन फंसे रहे। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा।

नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा और राज्यसभा की शपथ,क्या बिहार में पहली बार बनेगा भाजपा का मुख्यमंत्री?

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद बिहार में नई सरकार के गठन पर अटकलें तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश अगले सप्ताह दिल्ली जाएंगे और राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। इसके बाद वे पटना लौटकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद बिहार में नई सरकार का गठन होगा और राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलेगा। 14 अप्रैल तक नए सीएम की शपथ होने की चर्चा भी चल रही है। हालांकि, इस बारे में किसी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि नीतीश कुमार के 9 अप्रैल को दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में उनका शपथ ग्रहण होने की संभावना है। इसके अगले दिन 11 अप्रैल को वे पटना लौट सकते हैं। फिर 12 अप्रैल को नीतीश मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देकर राज्यपाल को सौंप सकते हैं। बिहार को कब मिलेगा नया मुख्यमंत्री? नीतीश के इस्तीफे के तुरंत बाद बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। रिपोर्ट्स में 14 अप्रैल को नए सीएम के शपथ ग्रहण की संभावित तारीख बताई जा रही है। हालांकि, इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई सूचना नहीं दी गई है। बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। वहीं, अभी खरमास चल रहा है, जो 14 अप्रैल तक रहेगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, खरमास में कोई शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। ऐसे में चर्चा है कि नए सीएम का शपथ ग्रहण खरमास खत्म होने के बाद भी हो सकता है। चर्चा यह भी है कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद पूरे कैबिनेट को नए सिरे से गठित किया जाएगा। ऐसे में नए सीएम के साथ मंत्रियों का भी शपथ ग्रहण संभावित है। भाजपा से होगा नया सीएम? सियासी गलियारों में चर्चा है कि नीतीश के बाद बिहार का मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो भारतीय जनता पार्टी बिहार में पहली बार अपना सीएम बनाएगी। भाजपा से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम प्रमुखता से चल रहा है। रेस में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, दूसरे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, मंत्री दिलीप जायसवाल, मंगल पांडेय जैसे नेताओं का नाम भी चल रहा है। एनडीए के नेताओं का कहना है कि गठबंधन के शीर्ष नेता मिलकर नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाएंगे। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने पिछले दिनों कहा था कि अभी यह भी तय नहीं हुआ है कि अगला मुख्यमंत्री किस पार्टी से होगा।

वन टीम पर गाड़ी चढ़ाने का खामियाजा: तस्करों को 5 साल की सजा सुनाई

यमुना नगर. वन विभाग के कर्मचारियों को जान से मारने की नीयत से गाड़ी चढ़ाने के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। दो दोषी गांव खिल्लावाला निवासी कामिल और जट्टावाला निवासी दाऊद को पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई है। षियों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने इंडियन फारेस्ट एक्ट और वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत भी दो अन्य दोषी गांव खिल्लावाला निवासी मुंशी और सद्दाम को एक वर्ष की सजा सुनाई है। फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश दानिश गुप्ता की अदालत ने सुनाया। प्रतापनगर थाना पुलिस ने 26 अगस्त 2019 को वन क्षेत्राधिकारी कलेसर कुलदीप सिंह की शिकायत पर हत्या के प्रयास, इंडियन फारेस्ट एक्ट, वाइल्डलाइफ एक्ट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। शिकायत में बताया था कि कुछ दिन पहले आमवाला और ताजेवाला बीट से खैर की लकड़ी चोरी हुई थी। 25 अगस्त की रात सूचना मिली कि चोरी की लकड़ी सद्दाम और मुंशी के घर में छिपाई है और कलीम व दाऊद उसे बेचने के लिए ले जाने वाले हैं। आरोपितों को पकड़ने के लिए दो टीमें गठित कर नाकाबंदी की गई। नाकाबंदी के दौरान जब आरोपितों की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने वन विभाग की टीम पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। गाड़ी खेत में फंस गई। गाड़ी से खैर की लकड़ी बरामद की थी। आरोपितों ने कई बार टक्कर मारकर सरकारी वाहन को भी क्षतिग्रस्त किया था।

ओडिशा से महाराष्ट्र सप्लाई की साजिश नाकाम, 1.5 करोड़ का गांजा पकड़ा गया

रायपुर. नशे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए महासमुंद पुलिस ने एक करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपए कीमत का 281.900 किलो ग्राम (02 क्विटल 81.900 किलोग्राम) गांजा जब्त किया है. मामले में महाराष्ट्र के पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. ओडिशा से गांजा लेकर आने की सूचना पर एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स एवं थाना सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम एनएच 53 रेहटीखोल रोड पहुंच कर नाकाबंदी किए. कुछ समय बाद एक फार्चुनर (MH 12 WC 0090) एवं एक स्कार्पियो (MH 12 YH 0090) पहुंची. गाड़ी में रखी बोरियों के संबंध में गाड़ी में सवार लोगों ने गांजा रखे होने की जानकारी दी, और गांजा को जिला फुलवानी, ओडिशा से पुणे, महाराष्ट्र ले जाना बताए. पुलिस ने गाड़ी की जांच में 1,40,95,000 रुपए कीमत का 281.900 किलो ग्राम अवैध गांजा के साथ गांजा परिवहन में प्रयुक्त फार्चुनर MH 12 WC 0090 कीमती 40,00,000 रुपए और स्कार्पियो MH 12 YH 0090 कीमती 25,00,000 रुपए के साथ 4 मोबाइल मिलाकर कुल 2,06,45,000 रुपए का सामान जप्त किया. मामले में महाराष्ट्र निवासी आरोपी प्रशांत शंकर गोले पिता शंकर गोले (38 साल), क्षितिज वीरसेन जाधव पिता वीरसेन जाधव (21 साल), अक्षय नंदकुमार निगम पिता नंदकुमार निगम (27 साल), अभिषेक डेविड जगले पिता डेविड जगले (26 साल) और महेश काटकर पिता धोनडिराम काटकर (39 साल) को गिरफ्तार कुल जुमला 2,06,45,000 रुपए जब्त की. 

दोपहर बाद बदला मिजाज: ग्वालियर में ओलावृष्टि का कहर, बाइक-कारों के शीशे चकनाचूर

ग्वालियर ग्वालियर में शनिवार का सूरज तीखे तेवर लेकर निकला था, लेकिन दोपहर होते-होते कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया. अचानक आए घने बादलों के बाद ऐसी भयानक ओलावृष्टि हुई कि शहर के पॉश इलाके सिटी सेंटर की सड़कें सफेद चादर से ढक गईं. यह नजारा देखने में जितना सुंदर था, शहर के लिए उतना ही नुकसानदेह साबित हुआ. ओलों का आकार इतना बड़ा था कि ग्वालियर की शान महाराजा बाड़ा स्थित म्यूजियम के ऊपर लगी ऐतिहासिक घड़ी ओलों की चोट से टूट गई है. शहर के एक निजी अस्पताल की बाउंड्री वॉल गिरने से उसके नीचे खड़ी कई कारें दब गईं. यही नहीं, ओलों के सीधे प्रहार से सड़कों के किनारे और पार्किंग में खड़े बाइक और कारों के शीशे तक चकनाचूर हो गए. पद्मा स्कूल में बाइक के कांच फूटे हालात कुछ ऐसे हो गए कि शहर के मुरार, आनंद नगर, बहोड़ापुर, विनय नगर समेत सिटी सेंटर इलाकों में इतनी अधिक ओलावृष्टि हुई कि वहां सफेद चादर पसर गई. कश्मीर जैसा मंजर दिखाई देने लगा. पद्मा राजे कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल का दृश्य देखें:-  किसानों पर मार एक तरफ शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली, तो दूसरी तरफ अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गईं. खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी थी, जिसे इस ओलावृष्टि ने जमीन पर बिछा दिया है. फसल खराब होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है. देखें VIDEO:-  सटीक निकली IMD की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी थी. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, भूमध्य सागर से उठी इन हवाओं ने जेट स्ट्रीम के सहारे भारत पहुंचकर मध्य प्रदेश और राजस्थान में असर दिखाना शुरू कर दिया है विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 7 अप्रैल तक गरज-चमक और ओलावृष्टि का यह सिलसिला जारी रह सकता है. इस साल मार्च में सामान्य से कहीं अधिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे, जिसका असर अब अप्रैल की शुरुआत में भी दिख रहा है.