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छत्तीसगढ़ में लाखों श्रमिकों को राहत: DA और सैलरी दरों में वृद्धि, नई वेतन दरें की गई लागू

रायपुर  प्रदेश के लाखों श्रमिकों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के लिए नई परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (DA Hike) और न्यूनतम वेतन दरों का निर्धारण कर दिया है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होकर 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगी। महंगाई भत्ते में वृद्धि लेबर ब्यूरो, शिमला से प्राप्त जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर औद्योगिक सूचकांक में औसतन 11.28 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी आधार पर श्रमिकों के महंगाई भत्ते में 226 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, सूचकांक में 34 अंकों की वृद्धि के चलते कृषि श्रमिकों के भत्ते में 170 रुपये प्रतिमाह का इजाफा हुआ है। अगरबत्ती श्रमिकों को भी लाभ अगरबत्ती निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों के लिए भी दरों में वृद्धि की गई है। प्रति हजार अगरबत्ती निर्माण पर 8.53 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी निर्धारित की गई है, जिससे इस क्षेत्र के श्रमिकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। श्रेणी और जोन के अनुसार वेतन सरकार द्वारा निर्धारित नई दरों के अनुसार अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल श्रमिकों के लिए अलग-अलग वेतन तय किए गए हैं। जोन ‘अ’, ‘ब’ और ‘स’ के आधार पर मासिक वेतन 10,882 रुपये से लेकर 13,612 रुपये तक निर्धारित किया गया है। दैनिक वेतन और जानकारी दैनिक वेतन की बात करें तो यह श्रमिकों की श्रेणी और जोन के अनुसार 419 रुपये से 524 रुपये के बीच रहेगा। श्रमायुक्त हिमशिखर गुप्ता ने इन दरों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.shramevjayate.cg.gov.in या श्रमायुक्त कार्यालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर से संपर्क किया जा सकता है। इसी क्रम में अर्द्धकुशल श्रमिकों हेतु वेतन क्रमशः 12,052.00 रुपये (जोन अ), 11,792.00 रुपये (जोन ब) और 11,532.00 रुपये (जोन स) निर्धारित है। कुशल श्रमिकों को जोन 'अ' में 12,832.00 रुपये, 'ब' में 12,572.00 रुपये और 'स' में 12,312.00 रुपये प्राप्त होंगे, जबकि उच्च कुशल श्रमिकों के लिए यह दरें क्रमशः 13,612.00 रुपये, 13,352.00 रुपये और 13,092.00 रुपये प्रतिमाह होंगी।  दैनिक वेतन की बात करें तो यह श्रेणी और जोन के अनुसार 419 रुपये से लेकर 524 रुपये के मध्य देय होगा। विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाइट https://shramevjayate.cg.gov.in/ या श्रमायुक्त कार्यालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर से प्राप्त की जा सकती है 

छात्रों को झटका: 10वीं-12वीं फीस बढ़ी, बेस्ट ऑफ फाइव सिस्टम बंद

भोपाल मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नौवीं से 12वीं तक की नई प्रवेश नीति जारी कर दी है। इसके तहत 10वीं और 12वीं के परीक्षा फार्म 15 मई से भरे जाएंगे। इस बार मंडल ने 10वीं व 12वीं के परीक्षा शुल्क, नामांकन सहित फीस और अन्य शुल्कों में 25 फीसद से लेकर 80 फीसद तक की बढ़ोतरी की है, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। शुल्क बढ़ा नई व्यवस्था के अनुसार नियमित विद्यार्थियों को अब 1200 रुपये की जगह 1500 रुपये परीक्षा शुल्क देना होगा, जबकि स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए शुल्क 1600 रुपये निर्धारित किया गया है। नौवीं कक्षा में नामांकन शुल्क भी 350 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, 10 वर्ष पुरानी अंकसूची की प्रति प्राप्त करने का शुल्क 600 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं डीएलएड परीक्षा शुल्क में भी वृद्धि की गई है। नियमित विद्यार्थियों को सभी विषयों के लिए सात हजार रुपये देने होंगे, जबकि दूसरे अवसर के लिए विषयों के अनुसार तीन हजार से सात हजार रुपये तक शुल्क तय किया गया है। वहीं, स्कूलों की संबद्धता फीस में भी इजाफा किया गया है। 10वीं के लिए सरकारी स्कूलों को 20 हजार और निजी स्कूलों को 22 हजार रुपये देने होंगे, जबकि 12वीं के लिए यह राशि क्रमशः 27 हजार और 30 हजार रुपये होगी। गलत प्रवेश पर प्राचार्य पर लगेगा जुर्माना नई नीति में नियमों को भी सख्त किया गया है। यदि किसी छात्र को गलत तरीके से प्रवेश दिया जाता है, तो संबंधित संस्था के प्राचार्य पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। यह राशि छात्र से नहीं वसूली जाएगी। साथ ही गंभीर मामलों में संस्था की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा, मंडल ने 10वीं कक्षा में वर्षों से लागू “बेस्ट ऑफ फाइव” प्रणाली को समाप्त कर दिया है। अब सभी विषयों के अंक अनिवार्य रूप से जोड़े जाएंगे। वहीं नौवीं में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 13 वर्ष तय की गई है। ऑनलाइन प्रक्रिया और डमी प्रवेश पत्र अनिवार्य प्रवेश नीति के अनुसार, कक्षा नौवीं का ऑनलाइन नामांकन 15 मई से 30 सितंबर तक किया जा सकेगा। वहीं 10वीं-12वीं के परीक्षा फार्म 15 मई से 15 सितंबर तक भरे जाएंगे। आवेदन पत्र में अपार आईडी नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। परीक्षा फार्म भरने के सात दिन बाद छात्रों को डमी प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। स्कूल प्राचार्यों को इसे डाउनलोड कर विद्यार्थियों और अभिभावकों से जानकारी का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। समय सीमा में ही सुधारा यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो उसे निर्धारित समय सीमा में ही सुधारा जा सकेगा। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी संस्था द्वारा समय पर घोषणा-पत्र अपलोड नहीं किया गया, तो विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र जारी नहीं किए जाएंगे। साथ ही परीक्षा के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन मान्य नहीं होगा।  

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों की तस्‍करी के विरूद्ध सख्त कार्रवाई विगत तीन सप्ताह में 52 अवैध हथियार जब्त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस अवैध हथियारों की तस्करी एवं अपराध नियंत्रण के विरुद्ध प्रदेशभर में लगातार सख्त और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी कार्यवाही के तहत विगत तीन सप्ताह के दौरान विभिन्न जिलों से 52 अवैध हथियार जब्त कर तस्‍करों को गिरफ्तार किया है। प्रमुख कार्यवाही इंदौर जिले के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र से पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (टेलीग्राम एवं इंस्टाग्राम) के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क स्थापित कर अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 06 देशी पिस्टल एवं 04 जिंदा कारतूस बरामद किए है। वहीं, इंदौर ग्रामीण के थाना मानपुर में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 पिस्टल जब्त की है। इस प्रकार इन दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने कुल 16 अवैध हथियार जप्‍त किये है। खरगोन जिले में थाना गोगावां पुलिस ने अंतर्राज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उत्तरप्रदेश एवं हरियाणा के आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 देशी पिस्टल एवं 05 देशी कट्टे (कुल 15 अवैध हथियार) तथा एक मोटरसाइकिल जब्त की। इसके अलावा थाना गोगावां एवं थाना भीकनगाँव पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 08 देशी पिस्टल एवं 02 मोटरसाइकिल जब्त की हैं। इस प्रकार खरगोन जिले में कुल 23 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं। बड़वानी थाना निवाली में पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक अवैध हथियार तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 07 देशी पिस्टल की है। जबलपुर जिले में क्राइम ब्रांच एवं थाना पाटन पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों के कारोबार में लिप्त 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 04 देशी पिस्टल, 08 कारतूस, 03 मोबाइल फोन एवं एक कार जब्त की है। आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। बुरहानपुर थाना खकनार में अंतर्राज्यीय अवैध हथियार तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए पंजाब के 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 02 हस्तनिर्मित पिस्टल जब्त की हैं। इन सभी कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस अवैध हथियारों की तस्करी के विरुद्ध सतत सतर्कता एवं दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के चलते अपराधियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो रही है।  

मदद के नाम पर खाली हो सकता है आपका बैंक खाता, ‘एक कॉल’ वाले इस नए साइबर फ्रॉड से ऐसे बचें

जयपुर भीड़भाड़ वाले बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या किसी पार्क में अगर कोई घबराया हुआ शख्स आपसे कहे भाई साहब, एक जरूरी कॉल करनी है” तो जरा ठहर जाइए। यह मासूम सी लगने वाली गुजारिश अब एक खतरनाक साइबर साजिश का हिस्सा बन चुकी है। राजस्थान में तेजी से फैल रहे इस नए फ्रॉड ने पुलिस और आम लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने इस खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग अब सीधे डिजिटल फ्रॉड करने के बजाय लोगों की भावनाओं और इंसानियत को निशाना बना रहे हैं। “एक कॉल” का बहाना बनाकर वे कुछ ही सेकंड में ऐसा खेल कर जाते हैं कि पीड़ित को देर तक पता ही नहीं चलता कि उसके साथ क्या हो गया। कैसे रचते हैं ठगी का जाल? डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के अनुसार, ठग पहले सार्वजनिक जगहों पर ऐसे लोगों को तलाशते हैं जो जल्दी मदद करने को तैयार दिखें। फिर वे इमरजेंसी का हवाला देकर मोबाइल मांगते हैं कभी कहते हैं बैटरी खत्म हो गई, कभी किसी परिजन की तबीयत खराब होने की बात करते हैं। जैसे ही मोबाइल उनके हाथ में आता है, वे तेजी से एक खास कोड डायल करते हैं। यही वह पल होता है, जब खेल शुरू हो जाता है। इस कोड के जरिए कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव कर दी जाती है, जिससे आपके फोन पर आने वाले ओटीपी सीधे ठग के नंबर पर पहुंचने लगते हैं। इसके बाद ठग को आपके बैंक खाते, यूपीआई ऐप, सोशल मीडिया या व्हाट्सएप तक पहुंच बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता। वह आराम से पासवर्ड रीसेट करता है और खाते से पैसे साफ कर देता है और आपको भनक तक नहीं लगती। स्पाइवेयर का भी खतरा मामला यहीं खत्म नहीं होता। कई मामलों में ठग आपके फोन में चुपके से स्पाइवेयर या की-लॉगर इंस्टॉल कर देते हैं। ये ऐसे खतरनाक टूल होते हैं जो आपके हर टाइप किए गए शब्द, पासवर्ड, बैंक डिटेल और निजी बातचीत को रिकॉर्ड कर लेते हैं। यानि, एक बार फोन हाथ में देने के बाद आपकी पूरी डिजिटल जिंदगी किसी अनजान व्यक्ति के नियंत्रण में जा सकती है। रिश्तों का भी कर सकते हैं दुरुपयोग साइबर अपराधी यहीं नहीं रुकते। वे आपके कॉन्टैक्ट्स चुरा लेते हैं और फिर आपके परिवार या दोस्तों को मैसेज या कॉल कर “इमरजेंसी” का ड्रामा रचते हैं। “मैं मुसीबत में हूं, तुरंत पैसे भेजो” ऐसे मैसेज भेजकर वे आपके करीबी लोगों से भी पैसे ठग लेते हैं। कानूनी झंझट में भी फंस सकते हैं आप इस पूरे खेल का एक और खतरनाक पहलू है। अगर कोई ठग आपके फोन से किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए कॉल करता है, तो जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में आपका नंबर सामने आएगा। ऐसे में आप बिना गलती के भी पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया में उलझ सकते हैं। कैसे बचें इस ‘एक कॉल’ के जाल से? राजस्थान पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मदद जरूर करें, लेकिन सतर्कता के साथ। अगर कोई कॉल करने के लिए कहता है, तो फोन खुद अपने हाथ में रखें, नंबर खुद डायल करें और स्पीकर पर बात कराएं। किसी भी अनजान व्यक्ति को अनलॉक मोबाइल देना खतरनाक हो सकता है। अगर गलती से आपने फोन दे दिया है, तो तुरंत अपने मोबाइल में *#21# डायल कर कॉल फॉरवर्डिंग चेक करें और ##002# डायल कर उसे बंद कर दें। साथ ही अपने सभी पेमेंट ऐप्स पर मजबूत पिन और बायोमेट्रिक लॉक जरूर लगाएं। शिकायत कहां करें? अगर आप या आपका कोई परिचित इस तरह की ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर कार्रवाई से नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।

CG के 4 IPS को मिलेगी हैदराबाद में ट्रेनिंग, DGP ने नियुक्त किए नए प्रभारी एसपी, मनीषा ठाकुर को रायपुर की जिम्मेदारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम ने 4 जिलों में प्रभारी एसपी की नियुक्ति की है। इन जिलों के एसपी के इंडक्शन ट्रेनिंग पर जाने के कारण यह व्यवस्था की गई है। प्रभारी एसपी की नियुक्ति का आदेश पुलिस मुख्यालय से जारी किया गया है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ कैडर के 4 आईपीएस अधिकारी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, पंकज चंद्रा, वेदव्रत सिरमौर और विजय पांडेय को इंडक्शन ट्रेनिंग के लिए चुना गया है। IPS श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा रायपुर ग्रामीण में, विजय पांडेय जांजगीर-चांपा, पंकज चंद्रा कोंडागांव, वेदव्रत सिरमौर गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक हैं। यह उच्च स्तरीय प्रशिक्षण हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस अकादमी में आयोजित किया जाएगा। ट्रेनिंग का शेड्यूल 6 अप्रैल से शुरू होकर 15 मई तक चलेगा। किसे कहां की मिली जिम्मेदारी रायपुर ग्रामीण की जिम्मेदारी मनीषा ठाकुर रावटे को सौंपी गई है। जांजगीर-चांपा का प्रभार विमल कुमार बैस को दिया गया है। कोंडागांव की जिम्मेदारी प्रभारी कप्तान त्रिलोक बंसल को सौंपी गई है।गरियाबंद में प्रभारी एसपी के रूप में नीरज चंद्राकर को जिम्मेदारी दी गई है। ट्रेनिंग अवधि तक रहेगा प्रभार इन एसपी रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में अब संबंधित जिलों का कानून-व्यवस्था संचालन किया जाएगा। डीजीपी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक मूल अधिकारी ट्रेनिंग से वापस नहीं लौटते, तब तक ये चारों अधिकारी अपने-अपने जिलों में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के सभी दायित्वों का निर्वहन करेंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आधुनिक पुलिसिंग के लिए अहम है इंडक्शन ट्रेनिंग आईपीएस अधिकारियों की इंडक्शन ट्रेनिंग हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में आयोजित की जाती है। इस प्रशिक्षण के लिए देशभर से आईपीएस अधिकारियों का चयन किया जाता है। इंडक्शन ट्रेनिंग को आईपीएस अधिकारियों के करियर ग्राफ के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। करीब डेढ़ महीने तक चलने वाली इस ट्रेनिंग के दौरान अधिकारी आधुनिक पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था और प्रशासन के नए आयामों को सीखते हैं। महासमुंद पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष सिंह का तबादला कर दिया गया है। उन्हें केंद्रीय गृह विभाग की प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में एसपी बनाया गया है। यह तबादला हाल ही में हुई एक बैठक से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें एसपी आशुतोष सिंह की गृहमंत्री विजय शर्मा के साथ तीखी नोकझोंक हुई थी।

रांची से जमशेदपुर तक अधिकारियों का तबादला, गजेंद्र सिंह संयुक्त आयुक्त और उमाशंकर सिंह बने सहायक आयुक्त

रांची झारखंड के प्रशासनिक महकमे से बड़ी खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने मद्य एवं उत्पाद विभाग झारखंड में बड़े पैमाने पर तबादले करते हुए नई पोस्टिंग की अधिसूचना जारी कर दी है. इस फेरबदल में सहायक आयुक्त, अधीक्षक और निरीक्षक स्तर के कई अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. टॉप लेवल पर बदलाव जारी आदेश के अनुसार, गजेंद्र कुमार सिंह को संयुक्त आयुक्त उत्पाद, रांची के पद पर पदस्थापित किया गया है. वहीं उमाशंकर सिंह को बोकारो से स्थानांतरित कर सहायक आयुक्त उत्पाद, रांची बनाया गया है. इसके अलावा, संजय कुमार मेहता को मुख्यालय से हटाकर बोकारो में सहायक आयुक्त उत्पाद की जिम्मेदारी दी गई है. जिलों में बड़े स्तर पर फेरबदल सरकार ने कई जिलों में पदस्थापित अधिकारियों का तबादला किया है.     अरविंद कुजूर को पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) से रामगढ़ भेजा गया है.     अरुण कुमार मिश्र को रांची से पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) स्थानांतरित किया गया है.     सुनील कुमार चौधरी को हजारीबाग में सहायक आयुक्त उत्पाद बनाया गया है.     रामलीला रवानी को धनबाद से हटाकर दुमका (संथाल परगना प्रमंडल) में प्रभारी उपायुक्त उत्पाद बनाया गया है. प्रभारी पदों पर नई जिम्मेदारी     राकेश कुमार को प्रभारी उपायुक्त उत्पाद (मुख्यालय), रांची बनाया गया है.     मनोज कुमार को प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद (मुख्यालय), रांची की जिम्मेदारी दी गई है.     अजय कुमार गोंड को प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद, धनबाद बनाया गया है, साथ ही उन्हें अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. अधीक्षक और निरीक्षक स्तर पर भी बदलाव अधीक्षक और निरीक्षक स्तर पर भी बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं.     जितेंद्र कुमार को साहेबगंज से पाकुड़ भेजा गया है.     आशुतोष कुमार को पाकुड़ से मुख्यालय EIB में प्रभारी अधीक्षक बनाया गया है.     शैलेंद्र कुमार को सिमडेगा से कोडरमा भेजा गया है.     शिव कुमार साहू को हजारीबाग से गिरिडीह में प्रभारी अधीक्षक बनाया गया है.     विमला लकड़ा को रामगढ़ से देवघर भेजा गया है.     क्षितिज विजय मिंज को गुमला से सरायकेला-खरसावां स्थानांतरित किया गया है. कई जिलों में निरीक्षकों की नई तैनाती निरीक्षक स्तर पर भी कई अहम बदलाव हुए हैं.     संजय कुमार श्रीवास्तव को देवघर से दुमका भेजा गया है.     प्रेम प्रकाश उरांव को जमशेदपुर से चतरा में नई जिम्मेदारी मिली है.     रंजन तिवारी को लातेहार से चाईबासा भेजा गया है.     संजीत कुमार देव को पलामू से गढ़वा स्थानांतरित किया गया है.     प्रवीण कुमार राणा को साहेबगंज से गोड्डा भेजा गया है. इसके अलावा कई अन्य अधिकारियों को भी विभिन्न जिलों और कार्यालयों में नई जिम्मेदारी दी गई है. सरकार का मानना है कि इस बड़े पैमाने पर किए गए तबादले से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा.

जनजातीय प्रतिभाओं को मिला राष्ट्रीय मंच, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स बना नए अवसरों का द्वार – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल आडिटोरियम रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों में छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर जो जोश और ऊर्जा देखने को मिली, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश की आदिवासी प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने और उनकी खेल क्षमता को सामने लाने का अनूठा अवसर साबित हुआ है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विजन और मार्गदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ। साथ ही केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के निरंतर सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ आज देश के खेल मानचित्र में प्रमुख स्थान पर स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि अब यह गेम्स प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जाएंगे, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनजातीय समाज और खेल का रिश्ता सदियों पुराना है। तीरंदाजी, दौड़ और कुश्ती जैसे खेल जनजातीय जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। उन्होंने स्वयं के जनजातीय पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज में अपार ऊर्जा और प्रतिभा निहित है, जिसे सही मंच मिलने पर देश-विदेश में पहचान मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश की एकता, संस्कृति और कौशल का महाकुंभ बनकर उभरा है। देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय खिलाड़ियों ने इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह आयोजन आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाने और खेलों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खिलाड़ियों ने केवल जीत के लिए नहीं, बल्कि साहस और उत्कृष्टता की नई कहानियां रचने के लिए प्रतिस्पर्धा की है। उन्होंने यह साबित किया है कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि बस्तर, सरगुजा, झारखंड और पूर्वोत्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी भरपूर है। समारोह में मुख्यमंत्री  साय ने पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले कर्नाटक, द्वितीय स्थान ओडिशा और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले झारखंड के खिलाड़ियों को बधाई दी। साथ ही छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने कुल 19 पदक (03 स्वर्ण, 10 रजत और 06 कांस्य) हासिल किए हैं। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि स्विमिंग में अनुष्का भगत ने 4 रजत पदक जीते, निखिल खलखो और न्यासा पैकरा ने भी पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। एथलेटिक्स में सिद्धार्थ नागेश ने स्वर्ण और रजत पदक जीते, वहीं अन्य खिलाड़ियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वेटलिफ्टिंग में निकिता ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश की बेटियों का मान बढ़ाया। बालिका वर्ग फुटबॉल टीम ने स्वर्ण और बालक वर्ग हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और समर्पण से वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने पदक विजेताओं के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा भी की। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक के लिए 2 लाख रुपये, रजत के लिए 1.5 लाख रुपये और कांस्य के लिए 1 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। वहीं दलीय स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 1 लाख रुपये, रजत के लिए 75 हजार रुपये और कांस्य के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी खिलाड़ियों, कोच, आयोजन समिति, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं को इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ जनजातीय खेलों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत उन्हें ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक अवश्य पहुंचाएगी। समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने  सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि पूरे देश के जनजातीय खिलाड़ियों ने इस खेल महाकुंभ में उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया। उन्होंने बताया कि यह पहला अवसर है जब इस स्तर पर ट्राइबल गेम्स का आयोजन किया गया, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह आयोजन संभव हो पाया। साव ने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के आगमन से लेकर प्रतियोगिता के दौरान आवास, भोजन और अन्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की। साथ ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव कराने का भी प्रयास किया गया।  उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन और अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा। उन्होंने पदक तालिका में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की।  इस अवसर पर मुख्य सचिव  विकास शील ने सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में देशभर के 2000 से अधिक जनजातीय खिलाड़ी एवं अधिकारियों ने भाग लिया, जिससे यह प्रतियोगिता एक राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण मंच बन गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। यह मंच खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर देता है। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। साथ ही केबिनेट मंत्री  राजेश अग्रवाल, विधायक  पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव  विक्रम सिसोदिया, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष  जितेन्द्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार, रायपुर कमिश्नर  संजीव शुक्ला, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में देश भर … Read more

दमोह के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 03 व्यक्तियों को पहुँचाया अस्पताल

भोपाल  दमोह जिले के थाना हटा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से दो मोटर साइकिल की टक्कर में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित कार्रवाई से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। दिनांक 02 अप्रैल को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना हटा क्षेत्र अंतर्गत सेमरी फतेहपुर के पास दो मोटर साइकिल की आपसी टक्कर में 03 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं एवं तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही हटा थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक  देवेन्द्र आठिया एवं पायलट  राम पटेल ने दुर्घटना में घायल तीनों व्यक्तियों को तत्काल सहायता प्रदान करते हुए त्वरित राहत कार्य प्रारंभ किया गया। डायल-112 जवानों ने सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हटा पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार किया जा रहा है। डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

लाडोवाल Toll Plaza पर यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना, मैनेजमेंट ने दिया बड़ा बयान

लुधियाना नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देशभर के टोल प्लाजाओं पर टोल फीस में बढ़ोतरी कर दी है, जो 1 अप्रैल से लागू हो चुकी है। इसी के तहत नेशनल हाईवे पर स्थित लाडोवाल टोल प्लाजा पर भी नए रेट लागू कर दिए गए हैं। इसके साथ ही NHAI ने टोल प्लाजाओं पर नकद (कैश) भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया है। लाडोवाल टोल प्लाजा के मैनेजर विपिन राय ने बताया कि नए नोटिफिकेशन के अनुसार अब किसी भी वाहन चालक से कैश में टोल फीस नहीं ली जाएगी। उन्होंने बताया कि अब बिना फास्टैग के टोल पार करने वाले वाहन चालकों से दोगुनी फीस वसूली जाएगी। हालांकि, अगर कोई चालक UPI के जरिए भुगतान करता है तो उससे सामान्य दर पर ही टोल लिया जाएगा। यदि वाहन चालक न तो फास्टैग और न ही UPI का इस्तेमाल करता है, तो उसे दोगुना टोल देना होगा। यह नियम 1 अप्रैल की रात से देश के सभी टोल प्लाजाओं पर लागू कर दिए गए हैं।  पिछले साल भी 1 अप्रैल से टोल रेट बढ़े थे और रेट में 5 रुपए की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। लाडोवाल टोल मैनेजर विपिन राय ने बताया कि NHAI की ओर से 27 मार्च को जारी नोटिफिकेशन के आधार पर दरों में संशोधन किया गया है। वहीं इस टोल से अब केवल फास्टैग या UPI पेमेंट कर ही गाड़ी टोल प्लाजा से गुजारी जा सकेगी। इसलिए, गाड़ी में फास्टैग अकाउंट एक्टिव कर लें। फास्टैग का उपयोग नहीं करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके स्मार्टफोन में UPI पेमेंट की सुविधा चालू हो। बिना डिजिटल पेमेंट के टोल प्लाजा पर पहुंचने पर जुर्माना देना पड़ सकता है या लौटाया जा सकता है, क्योंकि सभी टोल पर सिर्फ फास्टैग या UPI से ही टैक्स चुका सकेंगे।

मल्लखंभ में दिखा कौशल और संतुलन, ट्राइबल गेम्स में शानदार अंत

रायपुर छत्तीसगढ़ की टीम ने मल्लखंभ में लहराया परचम, बालक-बालिका दोनों वर्गों में बने चौंपियन खेलो इंडिया ट्राईबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित डेमो खेल मल्लखंभ प्रतियोगिता का शानदार समापन शुक्रवार को हुआ। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने रोप मल्लखंभ, पोल मल्लखंभ, हैंगिंग मल्लखंभ, पिरामिड मल्लखंभ में एक से बढ़कर एक करतब दिखाए। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर वहां मौजूद दर्शकों द्वारा तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। प्रतियोगिता के बाद विजेता टीम घोषित किया गया। आज हुई प्रतिस्पर्धा में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ विजेता घोषित की गई।  विजेता टीमों को शनिवार को आयोजित मेडल सेरेमनी में मेडल प्रदान किया जाएगा। ये रहे चौंपियन             मल्लखंभ प्रतियोगिता में देश के 14 राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया। राज्यों की टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर जीत के लिए दमखम लगाया।  छत्तीसगढ़ की टीम ने बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। बालक वर्ग में छत्तीसगढ़ की टीम ने 124.35 अंक के साथ गोल्ड, महाराष्ट्र की टीम ने 118.35 अंक के साथ सिल्वर एवं झारखण्ड की टीम ने 86.95 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।  वहीं बलिका वर्ग में छत्तीसगढ़ की टीम ने 80.15 अंक के साथ गोल्ड, महाराष्ट्र की टीम ने 69.90 अंक के सिल्वर एवं झारखण्ड की टीम ने 49.80 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।