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CM यादव बोले: MSME इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र और लाखों परिवारों का स्वावलंबन

एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का हैं आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने उपलब्ध करा रही है सहयोग और मार्गदर्शन देश-दुनिया के सभी निवेशकों के लिए खुले हैं प्रदेश के दरवाजे देश के प्रमुख स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की एमएसएमई इकाइयों को 169 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित स्टार्टअप को अनुदान और उद्यमियों को प्रदान किए भू-आवंटन पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंत्री काश्यप ने भेंट किया लघु उद्योग निगम के 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चैक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश के सर्वाधिक सशक्त, आर्थिक रूप से सुदृढ़ और बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाले प्रथम तीन राज्यों में से एक है। राज्य सरकार प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है। देश-दुनिया के सभी निवेशकों के लिए प्रदेश के दरवाजे खुले हैं। हम उद्योग मित्र नीतियों और सहयोग की भावना के साथ उनके स्वागत के लिए तत्पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्योग हो या कृषि हर क्षेत्र में योगदान के लिए निरंतर सक्रिय है। एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र होने के साथ लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समर्थ एमएसएमई विकसित मध्यप्रदेश की थीम पर मुख्यमंत्री निवास में 257 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को उनके खाते में 169.57 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से जारी कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टार्टअप को लगभग 28 लाख से अधिक की अनुदान राशि की प्रथम किश्त भी जारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने लघु उद्योग निगम की ओर से 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल और आगर-मालवा के तीन उद्यमियों को औद्योगिक भूमि के लिए आवंटन-पत्र प्रदान किए और मुख्यमत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत हितलाभ वितरण भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का आयोजन महावीर जयंती के शुभ अवसर पर हो रहा है। यह भगवान महावीर के जनकल्याण और शुचिता के सिद्धांतों को साकार करने का भी प्रतीक है। प्रदेश में उद्योग-व्यापार गतिविधि और उद्यमिता प्रोत्साहित करने के लिए व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करते हुए निरंतर नवाचार जारी हैं। राज्य सरकार उद्यमियों को लिए पूंजी, भूमि और व्यवस्थाओं में सरलता कर, उनकी प्रगति की राह को आसान बना रही है। विभाग द्वारा बड़ी राशि का सिंगल क्लिक से सीधे अंतरण व्यवस्था में सुगमता और स्पष्टता का परिचायक है। पूरे देश में मार्च क्लोजिंग का वातावरण है, ऐसे में राज्य सरकार द्वारा एमएसएमई इकाइयों और उद्यमियों को राशि और सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह प्रदेश में नए संकल्पों के साथ नया वित्तीय वर्ष आरंभ करने का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ही भारत स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हुए प्रगति पथ पर अग्रसर है। युद्ध के दोनों पक्ष भारत का सहयोग कर रहे हैं, यह प्रधानमंत्री मोदी की कुशल नीतियों से ही संभव है। जहां एक ओर विश्व के कई देशों में पेट्रोल-डीजल, गैस की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, वहीं हमारे देश में प्रधानमंत्री मोदी ने इनके मूल्यों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ने दिया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत समर्थ भी है और सक्षम भी। सभी क्षेत्रों में हो रही है प्रगति : मंत्री काश्यप सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनता के बीच सक्रिय होने के साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी निरंतर गतिशील हैं। उनके व्यापक और स्पष्ट दृष्टिकोण के परिणाम स्वरूप प्रदेश उद्योग-व्यापार, कृषि, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विभाग में डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं। जिसके परिणामस्वरूप भूमि आवंटन प्रक्रिया को गति मिली है। प्रदेश के 25 औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्य जारी हैं, साथ ही 6 नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 7100 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश, देश के प्रमुख स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है। कार्यक्रम में एमएसएमई इकाई के संचालक, उद्यमी और बड़ी संख्या में स्टार्ट-अप्स मौजूद रहे।  

विशेष खिलाड़ियों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग राजीव गांधी स्टेडियम बनेगा नया स्पोर्ट्स हब

गुरुग्राम गुरुग्राम के दौलताबाद स्थित राजीव गांधी स्टेडियम अब विशेष (स्पेशल) खिलाड़ियों के लिए एक नए खेल हब के रूप में उभरने जा रहा है। करीब 15 लाख रुपये की लागत से यहां जिले का पहला ‘स्पेशल’ पावरलिफ्टिंग सेंटर तैयार होगा, जिसे नेशनल सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना है। इस सेंटर में इंडोर ट्रेनिंग की आधुनिक सुविधाएं, एडवांस इक्विपमेंट और प्रोफेशनल माहौल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को उच्च स्तर की तैयारी का अवसर मिलेगा। स्पेशल खिलाड़ियों को बड़ा गिफ्ट, मिलेगी बेहतर ट्रेनिंग खास बात यह है कि इस पहल से गुरुग्राम के साथ-साथ हरियाणा और अन्य राज्यों के स्पेशल खिलाड़ियों को भी एक ही जगह बेहतर ट्रेनिंग और एक्सपोजर मिल सकेगा। अभी तक खिलाड़ियों को ऐसी सुविधाओं के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर की तैयारी का प्लेटफॉर्म मिलेगा, जो उनके प्रदर्शन और भविष्य दोनों को नई दिशा देगा। स्पेशल खिलाड़ियों को मिलेगा पहचान बनाने का मौका यह सेंटर न केवल खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाएगा, बल्कि स्पेशल खिलाड़ियों में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देगा, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। स्पेशल ओलंपिक हरियाणा के एरिया इंचार्ज वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यह स्पेशल खिलाड़ियों के लिए बड़ी शुरुआत है। जिले में धीरे इस तरह के सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सके। पूरी तरह इंडोर होगा यह सेंटर उन्होंने बताया कि यह सेंटर खिलाड़ियों के सपनों को नई दिशा देगा और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा। इस सेंटर को पूरी तरह इंडोर बनाया जाएगा ताकि खिलाड़ी हर मौसम में अभ्यास कर सकें। आरामदायक तरीके से ले सकेंगे ट्रेनिंग इस ‘स्पेशल’ पावरलिफ्टिंग सेंटर में बेंच प्रेस टेबल, स्क्वाट रैक, डेडलिफ्ट प्लेटफॉर्म, मल्टी जिम, स्ट्रेंथ मशीन, एडवांस वेट प्लेट्स और प्रोफेशनल बारबेल लगाए जाएंगे। सभी उपकरण स्पेशल खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए जाएंगे, जिससे वे सुरक्षित और आरामदायक तरीके से ट्रेनिंग ले सकें। राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए बेहतर मंच मिलेगा यह सेंटर केवल एक ट्रेनिंग जगह नहीं होगी, बल्कि नेशनल लेवल की तैयारी का प्लेटफॉर्म बनेगा। यहां समय-समय पर बड़े ट्रेनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अलग-अलग राज्यों के खिलाड़ी भी हिस्सा लेंगे। इससे खिलाड़ियों को प्रतियोगी माहौल मिलेगा और वे अपनी क्षमता को बेहतर तरीके से निखार सकेंगे।   गुरुग्राम जिले का पहला 'स्पेशल' सेंटर यह गुरुग्राम जिले का पहला ऐसा स्पेशल सेंटर होगा जो विशेष रूप से स्पेशल खिलाड़ियों के लिए तैयार किया जा रहा है। यहां सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले स्पेशल बच्चे नियमित रूप से प्रैक्टिस कर सकेंगे। इसके साथ ही विशेष सत्रों के माध्यम से उन्हें खेल के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित किया जाएगा।

पल्लवी की बेटी महज छह महीने की थी जब उन्होंने दोबारा वेटलिफ्टिंग पर ध्यान देने का फैसला किया

रायपुर जब पल्लवी पायेंग की बेटी सिर्फ छह महीने की थी, तब असम की इस वेटलिफ्टर के सामने एक कठिन फैसला था। या तो वह अपने पसंदीदा खेल को छोड़ दें या फिर अपनी बेटी से दूर रहकर दोबारा ट्रेनिंग शुरू करें। ऐसे समय में उनके पति सुखावन थौमंग ने उन्हें अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया, जबकि उनकी मां ने बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। पल्लवी ने इस त्याग को सार्थक करते हुए यहां आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। असम की मिसिंग जनजाति से ताल्लुक रखने वाली पल्लवी ने 2018 में वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई। लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन ने उनके खेल जीवन की रफ्तार को रोक दिया। इसी दौरान वह मां बनीं, लेकिन वेटलिफ्टिंग मंच पर वापसी की इच्छा उनके भीतर हमेशा बनी रही। हालांकि, मां बनने के बाद खेल में लौटने का विचार जितना उत्साहजनक था, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। पल्लवी ने साई मीडिया से कहा, “यह आसान नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महिलाओं ने मां बनने के बाद शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन एक महिला ही समझ सकती है कि पूरी फिटनेस में लौटने के लिए उसे किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।” उन्होंने कहा, “मैंने अपनी बेटी को तब छोड़ा जब वह सिर्फ छह महीने की थी, ताकि मैं दोबारा ट्रेनिंग शुरू कर सकूं। यह भावनात्मक फैसला था, लेकिन मुझे लगा कि यही सही समय है।” अब चार साल की उनकी बेटी, पल्लवी के सरूपथार स्थित किराए के घर और गोलाघाट जिले के बोरपाथार स्थित नानी के घर के बीच समय बिताती है, जो करीब 20 किलोमीटर दूर है। यह फैसला आसान नहीं था बेटी से दूर लंबे समय तक रहना और कई बार अपने निर्णय पर सवाल उठाना, पल्लवी के सफर का हिस्सा रहा। लेकिन परिवार के सहयोग ने उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, “मेरे पति ने हमेशा मेरा साथ दिया है, जबकि मेरी मां यह सुनिश्चित करती हैं कि जब मैं प्रतियोगिताओं के लिए बाहर जाती हूं, तो मेरी बेटी का पूरा ख्याल रखा जाए।” पल्लवी के पति, जो राष्ट्रीय स्तर के पूर्व मुक्केबाजी पदक विजेता रह चुके हैं, वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं और जम्मू में तैनात हैं। इसके बावजूद वापसी का रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था। मां बनने के बाद 2023 में गोलाघाट में हुए राज्य चैंपियनशिप में पल्लवी छठे स्थान पर रहीं। अगले साल डिब्रूगढ़ में उन्हें निराशा हाथ लगी, जब प्रतियोगिता देर रात तक चली और वह अपनी लय नहीं बना सकीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2025 में उनकी मेहनत रंग लाने लगी। तेजपुर में हुए राज्य चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीता और उसी साल अस्मिता लीग में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस वर्ष भी अस्मिता लीग में एक और स्वर्ण जीतकर उन्होंने अपनी वापसी को और मजबूत किया। रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक उनके लिए खास रहा। उन्होंने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक मेरे करियर के लिए एक अहम उपलब्धि है। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला है कि मैं इस स्तर की खिलाड़ी हूं।”

नशा विरोधी अभियान में फरीदकोट ने गाड़े झंडे, पंजाब के टॉप जिलों में बनाई अपनी पहचान

फरीदकोट भगवंत मान सरकार के नशा विरोधी अभियान के तहत पंजाब का फरीदकोट जिला एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया है. जिले में कुल अपराध में 37% की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि लूटपाट के मामलों में 97% रिकवरी दर हासिल हुई है. यह "युद्ध नशेयां विरुद्ध" और ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत लगातार चल रही कार्रवाई का परिणाम है।  फरीदकोट में यह बदलाव सख्त कार्रवाई, तकनीक आधारित निगरानी और मजबूत जनभागीदारी के संयोजन से संभव हुआ है. इन प्रयासों ने स्थानीय स्तर पर नशा नेटवर्क को कमजोर किया है और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाया है. भगवंत मान सरकार का नशे के तंत्र को खत्म करने का अभियान अब जिला स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है।  पुलिस अधिकारियों के अनुसार ग्राम रक्षा समितियों (VDC), गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और सामाजिक संस्थाओं के साथ नियमित बैठकों से जमीनी स्तर की खुफिया जानकारी मजबूत हुई है. इसके चलते लोग अब नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों की जानकारी सक्रिय रूप से साझा कर रहे हैं, जिससे पुलिस को तेजी और सटीकता के साथ कार्रवाई करने में मदद मिल रही है।  अभियान की निगरानी कर रहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रज्ञा जैन, आईपीएस ने कहा, “लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है क्योंकि सूचनादाताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और तुरंत कार्रवाई की जाती है. हर आयु वर्ग के लोग इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि यह विश्वास नशे और अपराध के खिलाफ कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण ताकत बनकर उभरा है।  इस बदलाव में तकनीक की भी अहम भूमिका रही है. फरीदकोट के प्रमुख स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों ने निगरानी और प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत किया है. ढिलवां कलां गांव में एक व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया गया है, जो लिंक सड़कों और आसपास के राजमार्गों को कवर करता है. इस प्रणाली की रियल-टाइम निगरानी गांव प्रशासन और पुलिस दोनों के पास उपलब्ध है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।  स्थानीय लोगों ने भी इन प्रयासों के असर को स्वीकार किया है. गांव के सरपंच सुखजीत सिंह ने बताया कि सीसीटीवी निगरानी के जरिए नशा तस्करी से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों का समय रहते पता चल रहा है, जिससे पुलिस तुरंत कार्रवाई कर पा रही है और अपराध होने से पहले ही आरोपियों को पकड़ा जा रहा है।  सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों ने भी इस बदलाव को सकारात्मक बताया है. सहारा सेवा सोसाइटी के चेयरमैन प्रवीण काला ने कहा कि सख्त कार्रवाई से जिले में नशा तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और पुलिस के साथ लोगों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है।  अधिकारियों ने बताया कि सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान, स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय और पर्यावरण व पौधारोपण जैसी सामुदायिक पहल भी चलाई जा रही हैं, ताकि नशे के खिलाफ दीर्घकालिक सामाजिक बदलाव सुनिश्चित किया जा सके।  भगवंत मान सरकार के "युद्ध नशेयां विरुद्ध" अभियान के तहत सख्त पुलिसिंग, तकनीक का प्रभावी उपयोग और मजबूत जनभागीदारी के साथ फरीदकोट एक आदर्श जिले के रूप में उभर रहा है. यह दिखाता है कि समन्वित प्रयासों से नशा नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है और कानून-व्यवस्था में जनता का विश्वास और मजबूत किया जा सकता है। 

उमरिया खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने हेतु किसानों को विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। इसी क्रम में कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने ‘संकल्प से समाधान’ शिविर के दौरान ग्राम अमदरा निवासी किसान देवेंद्र महरा को ई-कृषि यंत्र सुपर सीडर की चाबी सौंपी। चाबी प्राप्त कर देवेंद्र महरा ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उन्होंने पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि सुपर सीडर सहित कुल 11 कृषि यंत्रों का पैकेज लगभग 22 लाख 90 हजार रुपये का है, जिस पर शासन द्वारा 9 लाख 12 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है। इस पैकेज में ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, सुपर सीडर, थ्रेसर, रोटावेटर, रिपर एवं पावर वीडर सहित अन्य उपकरण शामिल हैं। देवेंद्र महरा ने बताया कि उन्होंने गांव में कस्टम हायरिंग सेंटर भी स्थापित किया है, जिसके माध्यम से अन्य किसानों को भी ये यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे किसानों को कम लागत में आधुनिक तकनीक का लाभ मिल रहा है और उत्पादन में वृद्धि हो रही है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन एवं कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

2 गोहाना धन्यवाद रैली में सीएम सैनी ने की करोड़ों की नई घोषणाएं और विकास कार्यों का आगाज

गोहाना (सोनीपत) नई सब्जी मंडी में आयोजित धन्यवाद एवं विकास रैली में पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएं करते हुए 113 करोड़ रुपये की 16 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोहाना की धरती पर आकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है और सरकार क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोहाना क्षेत्र के लिए पहले की गई 97 घोषणाओं में से 87 पूरी हो चुकी हैं और बाकी पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में गोहाना हल्के में 1794 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए गए हैं। रैली में मुख्यमंत्री ने कई नई घोषणाएं की मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बिना खर्ची और बिना पर्ची के रोजगार देने की नीति पर काम कर रही है। रैली में मुख्यमंत्री ने कई नई घोषणाएं भी कीं। सोनीपत चुंगी से पानीपत चुंगी तक भगवान परशुराम विरासत पार्क में जॉगिंग ट्रैक बनाया जाएगा। गोहाना में भूमि उपलब्ध होने पर मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा। नगर परिषद गोहाना की म्युनिसिपल लिमिट को बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भूमि उपलब्ध होने पर सोनीपत रोड पर शिव धाम बनाया जाएगा। महम रोड पावर हाउस में 33 केवी सब स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा और खानपुर कलां में भी 33केवी सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाई जाएगी। गोहाना में भूमि मिलने पर टूरिज्म रिजॉर्ट भी बनाया जाएगा तथा एचएसवीपी की ओर ट्रांसपोर्ट नगर विकसित किया जाएगा।   सड़कों का निर्माण करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि गोहाना में सिंचाई भवन, शक्ति भवन और रेस्ट हाउस का पुनर्निर्माण किया जाएगा। भगत फूल सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्डियो कैथ लैब स्थापित की जाएगी। गोहाना विधानसभा के गांवों के सरकारी स्कूलों के विकास कार्यों पर शिक्षा विभाग एक करोड़ रुपये खर्च करेगा। खानपुर कलां में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत की जाएगी और शेष सीवरेज लाइन भी बिछाई जाएगी। जिस पर करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा हरियाणा राज्य मार्केटिंग बोर्ड की कई सड़कों की मरम्मत और पीडब्ल्यूडी की सड़कों का निर्माण करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा।मुख्यमंत्री ने गोहाना क्षेत्र के गांवों के विकास के लिए अलग से 5 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।   गांव मोई माजरी के विद्यालय भवन का 3 करोड़ 77 लाख रुपये से उद्घाटन इस दौरान कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। गांव मोई माजरी के विद्यालय भवन का 3 करोड़ 77 लाख रुपये से उद्घाटन किया गया। बड़वासनी और तिहाड़ मलिक में 13 करोड़ 50 लाख रुपये से बने 33 केवी सब स्टेशनों का उद्घाटन हुआ। गोहाना नगर परिषद में 60 लाख रुपये से बने संत गुरु कबीर दास गेट का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा मार्केटिंग बोर्ड की चार सड़कों के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। भालौठ सब ब्रांच की 74 करोड़ रुपये की रिमॉडलिंग का शिलान्यास हुआ। गामड़ी और बिधल में करीब सवा 14 करोड़ रुपये की लागत से 33 केवी सब स्टेशन बनाने का शिलान्यास किया गया। खेड़ी दमकन, बड़वासनी, महलाना और जुआं में करीब सवा 2 करोड़ रुपये की लागत से स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया। रैली की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने की और बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।

राजस्थान बोर्ड 12वीं के तीनों संकायों का रिजल्ट शिक्षा मंत्री मदन दिलावर करेंगे घोषित

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) 12वीं कक्षा (कला, विज्ञान और वाणिज्य) का परिणाम 31 मार्च को सुबह 10 बजे जारी करेगा। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ऑनलाइन माध्यम से परिणाम घोषित करेंगे, जबकि बोर्ड प्रशासक शक्ति सिंह राठौड़ और सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ बोर्ड कार्यालय से इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे। परिणाम घोषित होते ही 9 लाख से अधिक विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हो जाएगा। कहां देख सकेंगे नतीजे ? छात्र-छात्राएं अपना परिणाम अमर उजाला की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना पंजीकरण करना होगा। यहां क्लिक करके पंजीकरण करें.. 12 फरवरी से 11 मार्च के बीच आयोजित की गई थीं परीक्षाएं इस वर्ष 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 11 मार्च के बीच राज्यभर में आयोजित की गई थीं, जिनमें 9 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने भाग लिया। इनमें कला संकाय के करीब 6 लाख, विज्ञान के लगभग 2.20 लाख और वाणिज्य के करीब 80 हजार छात्र-छात्राएं शामिल रहे। परीक्षा का आयोजन कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक बोर्ड के नियमों के अनुसार प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यदि कोई विद्यार्थी एक या दो विषयों में असफल होता है, तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा, जो आमतौर पर सितंबर माह में आयोजित की जाती है, ताकि छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकेंगे छात्र इसके अलावा, जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होंगे, वे पुनर्मूल्यांकन (स्क्रूटनी) के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की जाती है, जिससे अंकों में संशोधन की संभावना रहती है। ये भी पढ़ें: मंदिर के बाहर बैठकर बीड़ी पी, फिर गेट तोड़ चांदी के छत्र ले उड़ा चोर, CCTV में कैद वारदात 9 लाख से अधिक छात्रों की  निगाहें 31 मार्च पर टिकी रिजल्ट जारी होने के बाद कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी। विशेष रूप से विज्ञान और वाणिज्य वर्ग के छात्र विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सेस में प्रवेश के लिए आवेदन करेंगे, वहीं कला संकाय के विद्यार्थी स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले की तैयारी शुरू करेंगे। फिलहाल पूरे प्रदेश के 9 लाख से अधिक छात्रों की निगाहें 31 मार्च को घोषित होने वाले परिणाम पर टिकी हुई हैं, जो उनके भविष्य की दिशा तय करेगा।

सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी: CG के जंगल से भारी मात्रा में हथियार बरामद

राजनांदगांव. राजनांदगांव रेंज के मोहला-मानपुर जिले के मदनवाड़ा के घने जंगलों में पुलिस को हथियारों का एक जखीरा मिला है। बताया जा रहा है कि पुलिस 31 मार्च की आखिरी तारीख  से पहले मिली यह कामयाबी नक्सल सफाए की आखिरी कील के रूप में देख रही है। आईजी बालाजी राव ने  जवानों को बधाई दी है। वहीं एसपी वाईपी सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर सुरक्षाबलों का हौसला बढ़ाया। मिली जानकारी के मुताबिक मदनवाड़ा इलाके में पुलिस को एके-47, इंसास रायफल व अन्य घातक हथियारों के अलावा जिंदा कारतूस डंप होने की सूचना मिली थी। सुरक्षाबलों की टीम ने मदनवाड़ा इलाके के कलवर, कोवाचीटोला और उईकाटोला के बीच स्थित बीहड़ जंगल में सर्चिंग अभियान चलाया। सुरक्षाबलों ने कड़ी मशक्कत के बाद हथियारों का एक बड़ा जखीरा  बरामद किया। पुलिस का कहना है कि नक्सलियों ने हथियारों को सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से जमीन में छिपाकर रखा था। हथियार जब्त होने से नक्सल संगठन को एक तरह से झटका लगा है। हालांकि राजनांदगांव रेंज का सर्वाधिक नक्सलग्रस्त माने जाने वाला मोहला-मानपुर जिले में अब एक भी सक्रिय नक्सली नहीं है। सूत्रों का कहना है कि कांकेर में आत्मसर्पण करने वाले नक्सलियों की निशानदेही पर हथियारों को जब्त किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटना की जांच कर रही है। इस सफलता में डीआरजी और आईटीबीपी की संयुक्त टुकड़ी की अहम भूमिका रही। मदनवाड़ा क्षेत्र में हथियार मिलने के बाद पुलिस  पूरे क्षेत्र में सघन नक्सल ऑपरेशन चला रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन होना चाहिए

राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से राजनीति में आने वालों से लोकतांत्रिक मूल्य और व्यवस्थाएं होती हैं प्रभावित जनप्रतिनिधि का संवेदनशील, अध्ययनशील, तनाव प्रबंधन में दक्ष और जनहित के लिए समर्पित होना आवश्यक लोकतंत्र, भारतीय राजनैतिक व्यवस्था का नैसर्गिक गुण लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवा विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण : विधानसभा अध्यक्ष तोमर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन का किया शुभारंभ मध्यप्रदेश सहित राजस्थान और छत्तीसगढ़ के युवा विधायक हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक है। वे ही इस क्षेत्र में सक्रिय और सफल हो सकते हैं, जिनमें जनसेवा और जनकल्याण की भावना हो। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से राजनीति में आने वाले लोगों के कारण लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जनप्रतिनिधियों के लिए जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील होना, अध्ययनशील होना, तनाव प्रबंधन में दक्ष होना और जनहित के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करना आवश्यक है। कोई समस्या आने पर जनप्रतिनिधि का व्यवहार और समस्या निराकरण के लिए उनका प्रबंधन कौशल, उनके व्यक्तित्व को दर्शाता है। सकारात्मक और समाज हित की गतिविधियों और विकास कार्यों के लिए हमें दलगत मतभेदों से ऊपर उठकर सोचना और कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। विधानसभा के विधान परिषद हाल में हुआ कार्यक्रम वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विशेष रूप से उपस्थित थे। सम्मेलन में राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र 6) के तीन राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान के 45 वर्ष आयु तक के विधायक सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मानना कि लोकतंत्र के विचार की उत्पत्ति पश्चिम से हुई थी, पूर्णत: सत्य नहीं है। लोकतंत्र, भारतीय राजनैतिक व्यवस्था का नैसर्गिक गुण है। भारतीय व्यवस्थाओं में सदैव से ही मत भिन्नता को सम्मान दिया गया है, राजनैतिक और धार्मिक व्यवस्थाओं में शास्त्रार्थ की परम्परा प्राचीन समय से रही है। भारत में विचारों की अभिव्यक्ति को सभी क्षेत्रों में सम्मान और महत्व प्रदान किया गया। भारत में ऐतिहासिक रूप से जुड़े लोकतंत्र के संस्कारों और मूल्यों का ही परिणाम है कि अंग्रेजों के जाने के बाद भी देश में लोकतंत्र पर आधारित व्यवस्थाएं सुगमता से संचालित होती रहीं। जबकि अन्य पड़ोसी देशों का हाल सबके सामने है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा विधायकों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें हर स्थिति में सम भाव से रहने की प्रेरणा मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम से लेना चाहिए। जब उन्हें राजपाट सौंपा जाना था, तब उन्हें वनवास दे दिया गया। परंतु उन्होंने दोनों स्थितियों को समभाव से लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य सहित कई भारतीय शासकों के इतिहास से ज्ञात होता है कि उन्होंने कभी अपनी अगली पीढ़ी को राज सत्ता सौंपने का उपक्रम नहीं किया। राज्य के प्रबंधन में लगे लोगों ने ही उनके बाद व्यवस्थाएं संभाली। ऐसे महान शासकों का मानना था कि यदि अगली पीढ़ी में नेतृत्व क्षमता और राज सत्ता के प्रबंधन की दक्षता होगी, तो वे स्वयं इस दिशा में सक्रिय होंगे। इन भारतीय मूल्यों और परम्पराओं का वर्तमान में भी पालन होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों और सत्ता से जुड़े लोगों का अपने परिवार को समय देना और उन्हें अच्छे संस्कार देना भी आवश्यक है। अच्छे संस्कारों के अभाव में अगली पीढ़ी द्वारा यश प्रभावित करने की संभावना बनी रहती है। जनप्रतिनिधियों को इस ओर से विशेष रूप से संवेदनशील और सतर्क रहना चाहिए। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवा जनप्रतिनिधियों की अहम जिम्मेदारी मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति, समुदाय या क्षेत्र की व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की स्वतंत्रता, न्याय, समानता और बंधुता पर आधारित एक व्यापक व्यवस्था है। भारत का लोकतंत्र नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही मजबूत होता है। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के 25 नवंबर 1949 के संविधान सभा के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे लागू करने वाले लोग कितने प्रतिबद्ध और नैतिक हैं। तोमर ने कहा कि युवा विधायक लोकतंत्र में नागरिकों और शासन के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं। उनकी नई ऊर्जा, आधुनिक सोच और नवाचार की क्षमता शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि युवा जनप्रतिनिधि सामाजिक कुरीतियों जैसे जातिवाद, नशाखोरी और लैंगिक भेदभाव के विरुद्ध समाज को जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस सोच का उल्लेख किया जिसमें राजनीति में नई ऊर्जा और पारदर्शिता लाने के लिए बड़ी संख्या में युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम 2021 के माध्यम से मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है। तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा ने भी लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। पहली बार निर्वाचित विधायकों की शून्यकाल सूचनाओं को प्राथमिकता देने तथा प्रश्नकाल से जुड़े उत्तरों की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जैसे कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। उन्होंने युवा विधायकों से आह्वान किया कि वे संसदीय परंपराओं, नियमों और प्रक्रियाओं का गंभीर अध्ययन करें, सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा वरिष्ठ सदस्यों से मार्गदर्शन लेकर अपने ज्ञान और अनुभव को समृद्ध बनाएं। उन्होंने कहा कि अतीत के अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बीच वर्तमान का सशक्त पुल युवा नेतृत्व ही बन सकता है। विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि युवा विधायक सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श और संवाद लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करेंगे तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान करेंगे। जनता और … Read more

MP में 5 दिन आंधी-बारिश का मौसम, ग्वालियर-चंबल में ओले और भोपाल-जबलपुर में बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में मार्च के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश में सक्रिय हुए नए मौसम सिस्टम के चलते अब अगले 4 से 5 दिनों तक आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर बना रहेगा। रविवार को ग्वालियर सहित कई इलाकों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, वहीं सोमवार से इसका असर और तेज होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है. मौसम विभाग ने आज 30 मार्च से 2 अप्रैल तक पूरे प्रदेश के लिए अलर्ट जारी किया है. इस दौरान इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा समेत लगभग सभी संभागों में मौसम बदला रहेगा. हालांकि, इस आंधी-बारिश से लोगों को तपती गर्मी से राहत जरूर मिलेगी और दिन के तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी. भट्टी की तरह तप रहें कई जिले पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के कई शहर भट्टी की तरह तप रहे हैं. मंडला में रविवार को पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री दर्ज किया गया. जबकि नौगांव में 39 डिग्री और दतिया में पारा 38.4 डिग्री तक पहुँच गया. इसी तरह नर्मदापुरम में 38.3°, खरगोन-सतना में 38.2°, और खंडवा में 38.1° के साथ भीषण गर्मी का असर रहा. दिन में गर्मी से राहत मिलेगी आंधी-बारिश का दौर रहने की वजह से दिन के तापमान में गिरावट होगी। वर्तमान में अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री या इससे अधिक है। रविवार को मंडला में पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री रहा। मंडला, नौगांव में 39 डिग्री, दतिया में 38.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.3 डिग्री, खरगोन-सतना में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी, गुना-उमरिया में 38 डिग्री, टीकमगढ़ में 37.8 डिग्री, रतलाम-दमोह में 37.6 डिग्री, मलाजखंड में 37.5 डिग्री, रीवा, नरसिंहपुर-रायसेन में 37.4 डिग्री और छिंदवाड़ा में 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 37.5 डिग्री, भोपाल में 36.6 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.2 डिग्री और उज्जैन में पारा 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मार्च में चौथी बार बदला मौसम मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। अब तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार रविवार से मौसम ने फिर करवट बदली है। यह सिस्टम अप्रैल के पहले सप्ताह में भी असर दिखाएगा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। 30 मार्च को कहां कहां होगी बारिश? प्रदेश में आज दतिया-भिंड में ओले का अलर्ट है.ग्वालियर, भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं. 31 मार्च को भीगेंगे एमपी के ये जिले ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी. 1 अप्रैल को आंधी-बारिश का अलर्ट भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में आंधी, बारिश का अलर्ट है. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 36.6°C इंदौर में 35.8°C जबलपुर में 37.5°C ग्वालियर में 38.2°C उज्जैन में 36.4°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  22.2°C इंदौर में 22.4°C जबलपुर में 20.4°C ग्वालियर में 21.6°C उज्जैन में 22.0°C