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स्कूलों में बदला मिड डे मील मेनू, अब शनिवार को परोसी जाएगी पौष्टिक माह की दाल

लुधियाना. पंजाब स्टेट मिड-डे-मील सोसाइटी की ओर से पी.एम. पोषण स्कीम के तहत स्कूलों में दिए जाने वाले दोपहर के भोजन (मिड-डे-मील) के लिए साप्ताहिक मेन्यू जारी आकर दिया है। यह नया मेन्यू 1 से 30 अप्रैल तक लागू रहेगा। सोसाइटी के जनरल मैनेजर द्वारा जारी पत्र के अनुसार, स्कूल के विद्यार्थियों को कतार में बिठाकर मिड-डे-मील इंचार्ज की निगरानी में मेन्यू के अनुसार खाना खिलाना यकीनी बनाया जाए। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी स्कूल में मेन्यू का पालन नहीं किया जाता या नियमों की अनदेखी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल मुखी की होगी। इसके अलावा 'तिथि भोजन' के तहत गांव के सरपंच या दानी सज्जनों के सहयोग से विशेष अवसरों, त्यौहारों या जन्मदिन पर विद्यार्थियों को फल, मिठाई या विशेष भोजन देने के प्रयास करने के लिए भी कहा गया है। साप्ताहिक मेन्यू सोमवार : दाल और रोटी। मंगलवार : राजमाह-चावल और खीर। बुधवार : काले या सफेद चने (आलू के साथ) और पूरी या रोटी। गुरुवार : कढ़ी (आलू और प्याज के पकौड़ों के साथ) और चावल। शुक्रवार : मौसमी सब्जी, रोटी और मौसमी फल। शनिवार : साबुत माह की दाल और चावल। पी.टी.एम. के दौरान विद्यार्थियों को मिलेंगे आयुर्वेद के टिप्स पंजाब स्टेट मिड-डे-मील सोसाइटी की ओर से सरकारी स्कूलों के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार अब स्कूलों में पेरैंट्स-टीचर मीटिंग वाले दिन विद्यार्थियों और अध्यापकों को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष लेक्चर आयोजित किए जाएंगे। पंजाब स्टेट फूड कमीशन के सुझाव पर आधारित इन निर्देशों में कहा गया है कि आयुर्वैदिक मैडीकल ऑफिसर अपने नजदीकी स्कूलों में जाकर बच्चों को आयुर्वेद के अनुसार खान-पान और रहन-सहन की जानकारी देंगे। स्कूल मुखियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आयुष डॉक्टरों या आयुर्वेद के माहिर व्यक्तियों के माध्यम से ऐसे लेक्चर करवाने के प्रयास करें।

PACL घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई: 15,582 करोड़ की संपत्तियां लोढ़ा कमेटी को सौंपे गए

चंडीगढ  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पर्ल्स एग्रीटेक कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 15,582 करोड़ के अनुमानित बाजार मूल्य वाली 455 अचल संपत्तियों को जस्टिस आरएम लोढ़ा कमेटी को सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन आफ मनी लान्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य लाखों प्रभावित निवेशकों को उनकी राशि वापस दिलाना है। ईडी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में ही लगभग 26,324 करोड़ की संपत्तियां अटैच की गई हैं, जिससे इस मामले में कुल अटैचमेंट बढ़कर 27,030 करोड़ हो गई है। इनमें भारत के अलावा आस्ट्रेलिया सहित विदेशों में स्थित संपत्तियां भी शामिल हैं। ये संपत्तियां एमएस पीएसीएल लिमिटेड, उससे जुड़ी कंपनियों और दिवंगत निर्मल सिंह भंगू के परिवार व सहयोगियों बरिंदर कौर, हरसतिंदर पाल सिंह हेयर, सुखविंदर कौर, गुरप्रताप सिंह और प्रेम कौर के नाम पर पाई गई हैं। सीबीआइ ने 19 फरवरी 2014 को पर्ल्स ग्रुप (पीएसीएल और पीजीएफ लिमिटेड) और उसके प्रमोटरों पर लाखों निवेशकों से धोखाधड़ी करने के आरोप केस दर्ज किया था। सीबीआइ की चार्जशीट और पूरक चार्जशीट के अनुसार, दिवंगत निर्मल सिंह भंगू और उनके सहयोगियों के नियंत्रण में एक बड़े पैमाने पर अवैध कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम चलाई गई, जिसके जरिए देशभर से 68,000 करोड़ से अधिक की राशि जुटाई गई। इस स्कीम में निवेशकों से नकद और किस्तों में पैसा लेकर उन्हें भ्रामक दस्तावेज जैसे एग्रीमेंट, स्पेशल पावर आफ अटार्नी आदि पर हस्ताक्षर करवाए गए। कई मामलों में बिना जमीन के स्वामित्व के ही अलाटमेंट लेटर जारी किए गए, जिससे बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी हुई। करीब 48,000 करोड़ की राशि अब भी निवेशकों को लौटाई जानी बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को सेबी को जस्टिस आरएम लोढ़ा (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का निर्देश दिया था, ताकि पीएसीएल की संपत्तियों को बेचकर निवेशकों को भुगतान किया जा सके। इसी मामले में ईडी ने 26 जुलाई 2016 मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि अपराध से अर्जित धन को कई कंपनियों और सहयोगियों के जरिए घुमाकर भारत और विदेशों में संपत्तियां खरीदी गईं। इस मामले में कुछ आरोपितों के खिलाफ भगोड़ा की कार्यवाही शुरू की गई है। साथ ही, हरसतिंदर पाल सिंह हेयर को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बरिंदर कौर और प्रेम कौर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पर्ल ग्रुप घोटाले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच के आदेश दिए थे। सरकार के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में पर्ल ग्रुप की संपत्तियों की पहचान करवाई गई और डिप्टी कमिश्नरों से रिपोर्ट मंगवाई गई। इसके आधार पर पंजाब में कंपनी की संपत्तियों की सूची भी तैयार की गई है, जो सुप्रीम कोर्ट और जस्टिस लोढ़ा कमेटी के निर्देशों के अनुरूप है।

विकास की रफ्तार,अदाणी-अंबानी के बाद अब टाटा पावर चमकाएगा गोरखपुर, 300 लोगों को मिलेगा रोजगार

गोरखपुर विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ते उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के लिए एक और गुड न्यूज है। यहां अदाणी और अंबानी ग्रुप के बाद टाटा पावर ने दिलचस्पी दिखाई है। टाटा पावर यहां 100 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाना चाहता है जिसके लिए सरकार उसे करीब 300 एकड़ जमीन मुहैया कराएगी। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण ( गीडा) ने टाटा पावर को सोलर प्लांट के लिए यह जमीन मुहैया कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए धुरियापार औद्योगिक कारिडोर में 300 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। जल्द टाटा पावर की तकनीकी टीम निरीक्षण को आएगी। जमीन पसंद आते ही आवंटन प्रक्रिया शुरू होगी। अदाणी और अंबानी समूह के बाद अब टाटा पावर कंपनी की ओर से 100 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। इस प्लांट पर लगभग 800 करोड़ रुपये के निवेश होंगे। परियोजना पूरी तरह से सौर ऊर्जा आधारित होगी, जिससे स्वच्छ और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। सोलर प्लांट से हर साल करीब 20 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन हो सकता है। गीडा अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के प्रतिनिधि जल्द ही चिह्नित भूमि का निरीक्षण को धुरियापार आ सकते हैं। अनुमान है कि इस परियोजना से 300 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है। वायु गुणवत्ता सुधारने को 30.35 करोड़ केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत गोरखपुर समेत उत्तर प्रदेश के 10 शहरों के लिए 163.70 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह धनराशि शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित कर वायु गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से दी गई है। गोरखपुर को इस मद में 30.35 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत पांच साल में गोरखपुर को 150.31 करोड़ रुपये मिले हैं जिनमें 82.28 करोड़ रुपये की धनराशि अब तक खर्च की जा चुकी है। क्या बोले गीडा के अधिकारी गीडा के एसीईओ राम प्रकाश ने कहा कि टाटा पावर कंपनी ने 800 करोड़ के निवेश से 100 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी की मांग के अनुसार 300 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही प्रतिनिधियों को जमीन दिखा दी जाएगी।

मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर लिखेंगे सुशासन और आध्यात्मिक पर्यटन की नई इबारत:CM यादव

मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर लिखेंगे सुशासन और आध्यात्मिक पर्यटन की नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा विश्वनाथ से की प्रदेश की जनता की खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना क्रॉउड मैनेजमेंट, दर्शन व्यवस्था और मोबाइल ऐप आधारित टोकन सिस्टम का किया अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का किया भ्रमण भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सरकारें "विरासत के साथ विकास" के मंत्र को आत्मसात करते हुए सुशासन और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में साझा संस्कृति विकसित कर रही हैं। यह न केवल दोनों राज्यों के संबंधों को प्रगाढ़ करेगा, बल्कि जन-कल्याण के नए मार्ग भी प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात वाराणसी में विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के भ्रमण के दौरान कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने वाराणसी भ्रमण की शुरूआत देवादिदेव महादेव काशी विश्वनाथ जी के दर्शन और पूजन के साथ किया। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधि-विधान से पूजन कर मध्यप्रदेश की जनता की खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पावन गंगा घाट पहुँचकर पतित पावनी माँ गंगा के दर्शन किए। उन्होंने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ माँ गंगा का पूजन किया और गंगाजल से आचमन किया। दर्शन और पूजन के बाद उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ के धाम में आकर जो आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है, वह अद्भुत है। काशी-महाकाल के बीच व्यवस्थाओं का साझा संगम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को वाराणसी भ्रमण के दौरान विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल के धामों के बीच व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण एमओयू (MOU) किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दर्शनार्थियों को सुगम और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। सिंहस्थ-2028 के लिए प्रबंधन का रोडमैप मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी के अनुभवों को मध्यप्रदेश के उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ-2028 के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के न्यासियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रेजेंटेशन से कॉरिडोर में तीर्थयात्री प्रबंधन, क्राउड कंट्रोल (भीड़ प्रबंधन), दर्शन व्यवस्था और मोबाइल ऐप आधारित टोकन सिस्टम का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुंभ और काशी कॉरिडोर के प्रबंधन से सीख लेकर हम उज्जैन में श्रद्धालुओं के लिए दूरगामी योजनाएं तैयार कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को दर्शन की उच्चतम और सुगम व्यवस्था देना हमारा लक्ष्य है। प्रेजेंटेशन से तीर्थ स्थल प्रबंधन की एसओपी (SOP) को समझा। इसमें रियल टाइम सीसीटीवी मॉनिटरिंग, जोन-बेस्ड क्राउड कंट्रोल, सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्वच्छता प्रबंधन के आधुनिक तौर-तरीकों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट द्वारा 'ग्लोबल सनातन' पुस्तक भी भेंट की गई। वाराणसी में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का भव्य मंचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आगामी 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। सम्राट विक्रमादित्य शोध संस्थान के माध्यम से आयोजित होने वाले इस महानाट्य में सैकड़ों कलाकार हिस्सा लेंगे, जिसमें हाथी, घोड़े और ऊंटों के साथ प्राचीन विधाओं का जीवंत प्रदर्शन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच बढ़ते आर्थिक और बुनियादी ढांचे के सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से दोनों राज्यों के किसानों का भाग्य बदल रहा है। दोनों राज्यों के किसानों को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध होगी। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर भ्रमण और बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान के साथ अपर मुख्य सचिव राघवेंद्र सिंह, सचिव पर्यटन डॉ. इलैया राजा टी, उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह, वाराणसी कलेक्टर सत्येंद्र सिंह और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के सीईओ विश्व भूषण मिश्र सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

CM सैनी का बड़ा कदम: सफाई व्यवस्था होगी स्मार्ट, कैमरों से होगी निगरानी

चंडीगढ़. हरियाणा में स्वीपिंग मशीनों की निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएंगे। सफाई कर्मचारियों के लिए एक जैसी ड्रेस लागू की जाएगी। सभी सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू किया जाएगा और साथ ही नई जगह भी तलाशी जाएंगी। बरसाती मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अभी से तैयारियां शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिए गए। इस दौरान वर्षा से पहले ड्रेन को सफाई, जल निकासी और सफाई व्यवस्था पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां जल निकासी में दिक्कत है, उन स्थानों की पहचान कर वहां वैकल्पिक उपाय अपनाए जाएं। ऐसे स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के विकल्प तलाशे जाएं, ताकि वर्षा जल का संचयन हो सके और जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सके। बैठक में बताया गया कि सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरआइएफडी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ी है। जीपीएस आधारित कचरा कलेक्शन सिस्टम कारगर रहा है। स्वीपिंग मशीनों की निगरानी के लिए चार कैमरे लगाए जाएंगे। एक आगे की ओर, एक ऊपर, एक नीचे और एक पीछे की ओर। यदि सफाई के दौरान मशीन का नीचे लगा सेंसर बंद पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी को भुगतान नहीं किया जाएगा। एजेंसियों को हर महीने अपने बिल के साथ काम से संबंधित वीडियो फुटेज भी जमा करनी होगी, ताकि जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके। इस व्यवस्था में 1250 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से पेनल्टी का प्रावधान किया गया है, जिससे एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी और काम में लापरवाही नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को ड्रेस, जूते और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। पूरे हरियाणा में कार्यरत सेनेटरी वर्करों के लिए एक जैसी ड्रेस लागू की जाएगी। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों में सफाई व्यवस्था, जल निकासी और पानी की उपलब्धता को लेकर सुनिश्चित किया जाएगा कि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, विभाग के निदेशक मुकुल कुमार ने भी अपनी बात रखी।

नई व्यवस्था लागू: आउटसोर्स कर्मचारियों को अब सीधे बैंक खाते में मिलेगा वेतन

भोपाल  मध्यप्रदेश में आउटसोर्स एम्प्लॉइमेंट सिस्टम बदलने जा रहा है। जिसका सीधा फायदा लाखों कर्मचारियों को मिलेगा। मध्यप्रदेश के सभी सरकारी विभागों में आउटसोर्स एम्प्लॉइज के अपॉइंटमेंट और उनके कामकाज की व्यवस्था बदलेगी। 1 अप्रैल 2026 से पूरे आउटसोर्सिंग सिस्टम के संचालन की नई गाइडलाइन लागू हो जाएगी। आउटसोर्स की पूरी प्रोसेस डिजिटल की जाएगी। एम्प्लॉइज के अकाउंट में  सीधे सैलरी आएगी। मध्यप्रदेश में ये कंपनियां होंगी ब्लैकलिस्ट दरअसल, मध्यप्रदेश सरकार उन सभी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करेगी, जो एम्प्लॉइमेंट के लिए एंट्री फीस या सिक्योरिटी डिपॉजिट वसूलती है। बिचौलिया कंपनियों द्वारा किए जा रहे एम्प्लॉइज के शोषण पर रोक लगेगी। वित्त विभाग ने सभी विभाग के अधिकारियों को आउटसोर्सिंग एजेंसी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने को कहा है। 1 अप्रैल से लागू होंगी नई गाइडलाइन आगामी 1 अप्रैल से प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में आउटसोर्स नियुक्तियों और उनके कामकाज को लेकर नई गाइडलाइन प्रभावी हो जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। सरकार के इस फैसले से न केवल वेतन मिलने में देरी की समस्या खत्म होगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में होने वाले भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। 4 कैटेगरी में बंटेंगे एम्प्लॉइज, एंट्री फीस पर रोक मध्यप्रदेश सरकार ने पहली बार एम्प्लॉइज को चार कैटेगरी में बांट दिया है। इससे ये होगा कि कोई भी एम्प्लॉइज ग्रे जोन में नहीं रहेगा। इन चार कैटेगरी में स्थायी, अस्थायी, संविदा और आउटसोर्स शामिल हैं। भर्ती में किसी भी तरह की एंट्री फीस पर रोक रहेगी। अवैध वूसली पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। एम्प्लॉइज का EPF, ESIC लेबर कानून से कटेगा नए सिस्टम के तहत प्राइवेट एजेंसियां के पास सैलरी का अधिकार नहीं रहेगा। एम्प्लॉइज की सैलरी सीधे उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी। मिनिमम सैलरी से एक रुपया भी कम नहीं दिया जाएगा। एम्प्लॉइज के ईपीएफ, ईएसआईसी और लेबर कानूनों के तहत पूरा प्रोसेस की जाएगी। बिचौलिया कंपनियों से राहत, नहीं होगा शोषण     सीधा बैंक खाते में वेतन: नई व्यवस्था में वेतन निजी एजेंसियों के माध्यम से नहीं होगा। वेतन सीधे कर्मचारी के बैंक खातों में ट्रांसफर होगा। बिचौलियों और एजेंसियों द्वारा वेतन में कटौती या कमीशनखोरी नहीं की जा सकेगी।     न्यूनतम वेतन की गारंटी: न्यूनतम वेतन से एक रुपया भी कम नहीं दिया जाएगा। ईपीएफ, ईएसआई और श्रम कानूनों का पालन अनिवार्य होगा।     स्पष्ट श्रेणी और पहचान: सरकार ने पहली बार कर्मचारियों को स्पष्ट श्रेणियों (स्थायी, अस्थायी, संविदा, आउटसोर्स आदि) में बांट दिया है। इससे कोई भी कर्मचारी 'ग्रे जोन'में नहीं रहेगा।     शोषण से मुक्ति: भर्ती के नाम पर किसी भी तरह की एंट्री फीस या अवैध वसूली पर प्रतिबंध लगेगा। उल्लंघन पर कार्रवाई होगी।

संजीव अरोड़ा का बड़ा ऐलान: लुधियाना और जालंधर में गैस पाइपलाइनों का जाल बिछेगा

चंडीगढ़  राज्य में चालू वर्ष में 39 लाख पीएनजी गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने पत्रकारों से बातचीत में भरोसा दिलाया कि गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार से इंडस्ट्री को गैस की किल्लत से पूरी तरह राहत मिलेगी। अरोड़ा ने बताया कि अब तक एक लाख 30 हजार कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं और शहरों की हर गली तक पाइपलाइन पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिहायशी क्षेत्रों में गैस की कोई कमी नहीं है और अब सरकार का फोकस औद्योगिक क्षेत्रों को कवर करने पर है। मंत्री ने कहा कि गैस पाइपलाइन दोराहा तक पहुंच चुकी है और जल्द ही लुधियाना की इंडस्ट्री को इससे जोड़ा जाएगा। इसके बाद जालंधर को भी नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां-जहां पाइपलाइन पहुंची है, वहां स्थिति बेहतर है और इंडस्ट्री को गैस की सप्लाई सुचारू बनी हुई है। अरोड़ा ने इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट्स की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने माना कि कई फोकल प्वाइंट्स में इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस से जुड़ी दिक्कतें सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सरकार ने नई आपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) नीति लागू की है। इसके तहत अब स्थानीय स्तर पर ही फैसले लिए जा सकेंगे और जरूरी कामों में देरी नहीं होगी। इंडस्ट्री से जुड़ी सेवाओं में देरी का एक बड़ा कारण पालिसी इंटरप्रिटेशन और विभिन्न स्तरों पर मंजूरी (अप्रूवल) की प्रक्रिया थी। इसे दूर करने के लिए फास्ट सर्विस सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत पहले 15 दिन में मिलने वाली सेवाओं को अब 10 दिन में पूरा किया जाएगा। अरोड़ा ने “फ्रीहोल्ड प्रापर्टी” का जिक्र करते हुए कहा कि फ्रीहोल्ड इंडस्ट्रियल प्लाट्स को अब प्राथमिकता के आधार पर तेज सेवाएं दी जाएंगी, ताकि उद्योगपतियों को कम समय में मंजूरी और सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही “डेलीगेशन आफ पावर्स” के तहत अधिकारियों को अधिक अधिकार दिए गए हैं, जिससे उन्हें बार-बार उच्च स्तर पर अप्रूवल लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने लीज होल्ड प्रापर्टी से जुड़े मुद्दों को भी स्वीकार किया और कहा कि इन मामलों में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को चरणबद्ध तरीके से हल किया जा रहा है, ताकि उद्योगों को किसी प्रकार की बाधा न हो। नई व्यवस्था के तहत अब संबंधित चार्जेज बिजली बिलों के साथ ही वसूले जाएंगे, जिससे कलेक्शन सुनिश्चित होगा। यह राशि स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) को ट्रांसफर की जाएगी, जो फोकल प्वाइंट्स में सड़कों, लाइटिंग और अन्य सुविधाओं पर खर्च तय करेगा। मंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य न केवल गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, बल्कि फोकल प्वाइंट्स की समस्याओं को दूर कर उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना भी है, जिससे पंजाब में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिल सके।

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026: योगी मॉडल से ओडीओपी को मिलेगा सशक्त राष्ट्रीय मंच

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026: योगी मॉडल से सशक्त ओडीओपी को मिलेगा राष्ट्रीय मंच वाराणसी में 31 मार्च को होगा सम्मेलन, व्यापार, पर्यटन और एमएसएमई में सहयोग पर फोकस दोनों राज्यों के बीच बढ़ेगा समन्वय, ओडीओपी और जीआई शिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल लखनऊ  मध्यप्रदेश शासन द्वारा 31 मार्च को वाराणसी स्थित रामाडा होटल में “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन मध्यप्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के मध्य व्यापार, शिल्प, ओडीओपी उत्पाद, पर्यटन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री राकेश सचान को सम्मेलन में गरिमामय उपस्थिति हेतु आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन का मुख्य सत्र दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे के मध्य आयोजित होगा। विशेष रूप से, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना ने प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों और शिल्प को नई पहचान दी है। इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए इस सम्मेलन में दोनों राज्यों के ओडीओपी उत्पादों एवं जीआई टैग शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, पर्यटन के क्षेत्र में परस्पर सहयोग बढ़ाने तथा एमएसएमई सेक्टर में साझा संभावनाओं को विकसित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। यह आयोजन न केवल व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ‘योगी मॉडल’ के तहत विकसित उद्यमिता, स्थानीय उत्पादों के सशक्तीकरण और वैश्विक बाजार से जुड़ाव की दिशा में भी एक प्रभावी मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन के माध्यम से दोनों राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की अपेक्षा है।

यति नरसिंहानंद बोले: हिंदुओं को तालिबान और ISIS जैसी सेना बनानी होगी

गुना  'हिंदुओं को बनानी होगी अपनी सेना, तभी बचेगा सनातन!' हमें तालिबान और आईएसआईएस के पैटर्न पर अपनी सेना तैयार करनी होगी। हिंदुत्ववादी नेता यति नरसिंहानंद सरस्वती ने देश के मौजूदा हालात को लेकर चेताया है। उन्होंने दो टूक कहा कि संघ और बजरंग दल जैसे संगठनों के भरोसे सनातन का बचाना असंभव है। चेतावनी दी है कि अगर हिंदू समाज ने अब भी कट्टरता नहीं दिखाई, तो भारत का 'विश्वगुरु' बनने का सपना सिर्फ एक मुस्लिम राष्ट्र बनकर रह जाएगा। हिंदुत्ववादी यति नरसिंहानंद सरस्वती ने अपने ताजा बयान से नए विवाद को जन्म दे दिया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए भारत और सनातन को खतरे में बताया है। उन्होंने कहा कि यदि हिंदुओं को अपना अस्तित्व बचाना है, तो उन्हें तालिबान और आईएसआईएस के पैटर्न पर अपनी सेना तैयार करनी होगी। उन्होंने संघ और बजरंग दल जैसे संगठनों पर तीखा कटाक्ष करते हुए इन्हें नपुंशक संगठन करार दिया और कहा कि इनके भरोसे सनातन धर्म का बचना असंभव है। वे एमपी के गुना में मीडिया से रूबरू हो रहे थे। RSS और बजरंग दल पर दिया विवादास्पद बयान यति नरसिंहानंद ने संगठनों पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने इन संगठनों को 'नपुंसक' करार देते हुए कहा कि, इनके भरोसे सनातन धर्म का बचना असंभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये संगठन केवल सोशल मीडिया पर फोटो डालने और नेताओं की 'चमचागिरी' कर चुनाव का रास्ता ढूंढने के लिए बने हैं। यति नरसिंहानंद सरस्वती के बयान की मुख्य बातें     हिंदुओं को अपना अस्तित्व बचाने के लिए ISIS और तालिबान जैसी कट्टर सेना बनानी होगी     संघ और बजरंग दल जैसे संगठनों भरोसे सनातन धर्म नहीं बचेगा     भारत 'विश्वगुरु' नहीं बल्कि 'मुस्लिम भारत' बनने की ओर बढ़ रहा है     'विश्वगुरु' का सपना छलावा धर्मगुरु जनता को मूर्ख बना रहे हैं     भारत पिछले 1400 साल से समर्पण की मुद्रा में है     इजरायल मानवता का रक्षक हर हिंदू को उसका साथ देना चाहिए     मुस्लिम लड़कियों से दोस्ती न करें, वे युवकों से भी ज्यादा 'जिहादी' हैं     भारत के कानून हिंदुओं को आपस में लड़ाकर खत्म करने के लिए बनाए गए हैं तालिबान-ISIS की कार्यप्रणाली को बताया आदर्श महामंडलेश्वर ने कहा कि जो समर्पण और कट्टरता इस्लाम के लिए तालिबान और आईएसआईएस दिखाते हैं, वैसी ही सेना बनाने की आज हिंदुओं को जरूरत है। उन्होंने कहा कि 'बाकी की फालतू सेनाओं का हम समर्थन नहीं करते। बजरंग दल और संघ के चक्कर में पड़े रहे, तो भविष्य में सनातनियों का कुछ भी बचने वाला नहीं है।' हिंदुओं को अपना अस्तित्व बचाने के लिए ISIS और तालिबान जैसी कट्टर सेना बनानी होगी, क्योंकि RSS और बजरंग दल जैसे संगठनों के भरोसे सनातन धर्म नहीं बचेगा विश्वगुरु का सपना एक 'छलावा' मात्र है, मूर्ख बना रहे भारत के विश्वगुरु बनने के दावों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि जिस गति से जनसंख्या असंतुलन बढ़ रहा है, भारत 'सनातन भारत' नहीं बल्कि 'मुस्लिम भारत' की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने हिंदू धर्मगुरुओं पर भी निशाना साधा और कहा कि जो गुरु भारत के विश्वगुरु बनने का दावा कर रहे हैं, वे अपने अनुयायियों को मूर्ख बनाकर केवल पैसा बटोर रहे हैं। यूजीसी और मौजूदा कानून हिन्दुओं को लड़वा रहे महंत ने UGC और देश के मौजूदा कानूनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये भेदभाव मिटाने के लिए नहीं, बल्कि हिंदुओं को आपस में लड़वाकर खत्म करने के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने जनता से ऐसी सरकारों का विरोध करने की अपील की जो सनातन विरोधी 'काले कानून' लाती हैं। इजरायल का समर्थन किया, बोले-जालिमों से लड़ रहे ईरान-इजरायल युद्ध का जिक्र करते हुए उन्होंने इजरायल को 'मानवता का रक्षक' बताया। उन्होंने कहा कि 90 लाख इजरायली दुनिया के 200 करोड़ 'जालिमों' से लड़ रहे हैं, इसलिए हर मानवतावादी को इजरायल का साथ देना चाहिए।  

मुल्लांपुर में आज PBKS और GT का मुकाबला: दोनों टीमों ने की प्रैक्टिस, स्टेडियम के गेट 3:30 बजे होंगे खोलें

मुल्लांपुर  पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच आज आईपीएल का अहम मुकाबला खेला जाएगा। ये मैच दोनों टीमों के लिए इस साल के आईपीएल में पहला मुकाबला है, इसलिए अहम हो जाता है। पंजाब किंग्स की कप्तानी जहां एक ओर श्रेयस अय्यर संभाल रहे हैं, वहीं गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल हैं। इस बीच आज का मैच कौन सी टीम जीतेगी, ये जानने की कोशिश करते हैं।  मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में शाम साढ़े सात बजे से होगा पंजाब और गुजरात का मैच आईपीएल में आज यानी मंगलवार को मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स के बीच मैच होगा। मैच का समय वही रहेगा, यानी शाम को साढ़े सात बजे से मैच शुरू हो जाएगा, इससे आधे घंटे पहले सात बजे टॉस होगा। वैसे तो गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स के बीच अब तक छह मुकाबले खेले गए हैं। इसमें से 3-3 मैच दोनों टीमों ने जीते हैं। यानी टक्कर बराबरी की है। लेकिन फिर भी माना जा रहा है कि गुजरात टाइटंस का पलड़ा हल्का सा भारी है। पंजाब किंग्स के पास श्रेयस अय्यर जैसा कप्तान तो है ही, साथ ही मार्कस स्टॉयनिस, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल जैसे मैचविनर भी हैं, जो अकेले के दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं। शुभमन गिल के अलावा गुजरात टाइटंस के भी पास जॉस बटलर, राशिद खान, मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी है, जो विरोधी टीम पर भारी पड़ सकते हैं।  गुजरात टाइटंस की सलामी जोड़ी का जवाब नहीं, स्पिनर और फिनिशर्स भी जबरदस्त अब बात करते हैं कि दोनों टीमों की मजबूती क्या है, जिसके आधार पर टीम जीत दर्ज कर सकती है। गुजरात टाइटंस की सलामी जोड़ी काफी मजबूत नजर आती है। कप्तान शुभमन गिल के साथ साई सुदर्शन पारी का आगाज करने के लिए मैदान पर आएंगे। साई ने पिछले साल के आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने का काम किया था। टीम के पास राशिद खान और साई ​किशोर के रूप में जबरदस्त स्पिन जोड़ी है, जो बीच के ओवर्स में ज्यादा रन नहीं बनाने देते। साथ ही आखिरी ओवर्स के लिए टीम के पास राहुल तेवतिया और शाहरुख खान जैसे खिलाड़ी भी हैं।  गुजरात टाइटंस अपने शीर्ष क्रम (शुभमन गिल, साई सुदर्शन, जोस बटलर) पर निर्भर होगी। राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज वाली एक बेहतरीन गेंदबाजी यूनिट है। अशोक शर्मा एक होनहार नए खिलाड़ी हैं जिन्हें मौका मिल सकता है, जबकि अरशद खान बाएं हाथ के गेंदबाज के तौर पर टीम को एक अलग विकल्प देते हैं। राशिद खान और वॉशिंगटन सुंदर के खेलने की संभावना को देखते हुए गुजरात टाइटंस आर साई किशोर के बजाय चौथे तेज गेंदबाज को मौका दे सकती है, क्योंकि न्यू चंडीगढ़ की पिच सीम बॉलिंग के लिए ज्यादा मददगार है। पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस हेड 2 हेड पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच हेड-टू-हेड मुकाबला बराबरी का रहा है। पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस ने एक-दूसरे के खिलाफ छह मैच खेले हैं और दोनों ही टीमों ने तीन-तीन मैच जीते हैं। पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस पिच रिपोर्ट पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच पिच नंबर 4 पर खेला जाएगा। यह वही पिच है जिसका इस्तेमाल आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच हुए मैच में किया गया था। तब पंजाब किंग्स ने प्रियांश आर्य के शतक की बदौलत 219 रन बनाए थे। जवाब में चेन्नई सुपर किंग्स ने 201 रन बनाए थे। पंजाब किंग्स के हेड कोच रिकी पोंटिंग को एक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है। पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस की संभावित प्लेइंग 12 पंजाब किंग्स की संभावित 12: प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), मार्कस स्टोइनिस, नेहल वढे़रा, शशांक सिंह, मार्को यानसेन, ज़ेवियर बार्टलेट/बेन ड्वार्शियस/अजमतुल्लाह उमरजई, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, विजयकुमार वैशाक। गुजरात टाइटंस की संभावित 12: शुभमन गिल (कप्तान), बीसाई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, मोहम्मद शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, जेसन होल्डर/कगिसो रबाडा, राशिद खान, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, आरसाई किशोर/अशोक शर्मा/अरशद खान। पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच की डिटेल्स     मुकाबला: IPL 2026 का चौथा मैच, पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस     मैच की तारीख: 31 मार्च 2026 (मंगलवार)     टॉस का समय: शाम 7:00 बजे (भारतीय समयानुसार)     समय: शाम 7:30 बजे (भारतीय समयानुसार)     मैदान: महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर, न्यू चंडीगढ़।     लाइव प्रसारण: पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच भारत में टीवी पर Star Sports (स्टार स्पोर्ट्स) नेटवर्क के विभिन्न चैनलों पर LIVE उपलब्ध होगा।     लाइव स्ट्रीमिंग: पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच की भारत में लाइव स्ट्रीमिंग JioHotstar वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध होगी। पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस से जुड़े प्रमुख आंकड़े     हो सकता है कि 2025 में पंजाब किंग्स के लिए श्रेयस अय्यर का प्रदर्शन शानदार रहा हो, लेकिन न्यू चंडीगढ़ में उनका रिकॉर्ड काफी खराब है। इस मैदान पर खेले गए पांच मैच में उन्होंने सिर्फ 27 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 100 रहा है और उनका सबसे बड़ा स्कोर 10 रन है।     IPL 2025 में, प्रभसिमरन सिंह ने पांच पारियों में बाएं हाथ के स्पिनर के खिलाफ तीन बार आउट हुए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ 104 रहा।     पंजाब किंग्स के लेग-स्पिनर युजवेंद्र चहल के खिलाफ गुजरात टाइटंस (GT) के ओपनर्स का रिकॉर्ड बिल्कुल अलग-अलग है। युजवेंद्र चहल के खिलाफ शुभमन गिल सिर्फ 122 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं और तीन बार उनके हाथों आउट हो चुके हैं, जबकि साई सुदर्शन ने युजवेंद्र चहल के खिलाफ 17 गेंदों में 40 रन बनाए हैं और एक भी बार आउट नहीं हुए हैं। दोनों टीमों के अगले 3-3 मैच पंजाब किंग्स     03 अप्रैल: बनाम चेन्नई सुपर किंग्स, चेन्नई में     06 अप्रैल: बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स, कोलकाता में     11 अप्रैल: बनाम सनराइजर्स हैदराबाद, न्यू चंडीगढ़ में गुजरात टाइटंस     04 अप्रैल: बनाम राजस्थान रॉयल्स, अहमदाबाद में     08 अप्रैल: बनाम दिल्ली कैपिटल्स, नई दिल्ली में     12 अप्रैल: बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स, लखनऊ में पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस का फुल स्क्वॉड पंजाब … Read more