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पंजाब में मौसम का बदलाव: आंधी और बारिश का अलर्ट, फरीदकोट में तापमान 33°C दर्ज

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में 31 मार्च को मौसम ने फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने पूरे क्षेत्र के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए आंधी, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। यह बदलाव पहले से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटों में तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक तापमान फरीदकोट में 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज हवाओं और आंधी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के दस जिलों में आंधी आने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), तरनतारन, अमृतसर, कपूरथला और जालंधर शामिल हैं। इन इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर खुले क्षेत्रों और कमजोर ढांचों के पास जाने से बचने को कहा गया है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि यह स्थिति दिनभर बनी रह सकती है और शाम तक कुछ स्थानों पर प्रभाव अधिक दिखाई दे सकता है। कई जिलों में बारिश के आसार राज्य के 22 जिलों में अलग-अलग स्तर पर बारिश की संभावना जताई गई है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में छिटपुट स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। बारिश के इस दौर से जहां तापमान में संतुलन बना हुआ है, वहीं किसानों के लिए भी यह राहत और चिंता दोनों का कारण बन सकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पिछले 24 घंटे का मौसम हाल बीते दिन सुबह से शाम तक पंजाब के अधिकतर हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। कई मौसम केंद्रों पर शून्य मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिसमें पठानकोट के थिन डैम क्षेत्र में 5.5 मिलीमीटर और फिरोजपुर में 1.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। राज्य के प्रमुख शहरों में इस दौरान कोई उल्लेखनीय वर्षा रिकॉर्ड नहीं की गई। मौसम विभाग के अनुसार यह अस्थिर स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के कारण बनी हुई है, जिससे कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बारिश हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस समय सक्रिय है। यह सिस्टम उत्तर ईरान और उससे सटे कैस्पियन सागर के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में 3.1 से 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके साथ एक ट्रफ भी बना हुआ है, जो मौसम को और अधिक अस्थिर बना रहा है। इसके प्रभाव से एक और चक्रवाती परिसंचरण, जो पहले उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर था, अब पंजाब और आसपास के हरियाणा क्षेत्र में शिफ्ट हो गया है। यह परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है, जिससे क्षेत्र में बादल, बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बनी हुई है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार 31 मार्च, 1 अप्रैल और 3 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद भी कुछ स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। तापमान की बात करें तो अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। हालांकि इसके बाद अगले चार दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद फिर से तापमान में गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिलेगा।

कलेक्टर ने जनसुनवाई में 38 आवेदकों की सुनी समस्याएं

कलेक्टर ने जनसुनवाई में 38 आवेदकों की सुनी समस्याएं  अनूपपुर  जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में संपन्न हुई। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने 38 आवेदनों पर जनसुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों ने भी आवेदकों की समस्याएं सुनी।  जनसुनवाई के दौरान तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम श्यामदुवारी निवासी श्रीमती वंशी कुमारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग हेतु भूमि का अधिग्रहण करने पर मुआवजा राशि दिलाए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम पोंड़ी खुर्द निवासी केशव प्रसाद पटेल ने पीएम कृषक मित्र सूर्य योजना का लाभ दिलाए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम छोहरी निवासी श्यामलाल ने फौती नामांतरण कराए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम कांसा निवासी सूर्यबली विश्वकर्मा ने सीमांकन कराए जाने, तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम लखौरा निवासी बुजुर्ग श्रीमती कुंवारिया पनिका ने भरण पोषण अधिनियम के तहत आर्थिक सहायता प्रदाय किए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम धिरौल (डोंगराटोला) निवासी श्रीमती दुर्गा सिंह ने स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता प्रदाय किए जाने के संबंध में आवेदन दिए।

रोमांच के सहारे बदलेगी बस्तर की तस्वीर, बाइकर्स मीट से पर्यटन को नई उड़ान

जगदलपुर. बस्तर अब अपनी पहचान बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है, जहां पहली बार बस्तर राइडर्स मीट 2026 का आयोजन कर इसे एडवेंचर टूरिज्म के नए हब के रूप में पेश किया जाएगा. इस आयोजन में देश और विदेश के प्रोफेशनल राइडर्स हिस्सा लेंगे, और डर्ट बाइक रेस जैसे रोमांचक खेलों का प्रदर्शन करेंगे. करीब 500 से ज्यादा बाइकर्स ऊबड़ खाबड़ ट्रैक पर अपनी स्किल दिखाएंगे, वहीं 5 अप्रैल को चित्रकोट तक विशाल बाइक रैली निकाली जाएगी. आयोजन के दौरान स्थानीय संस्कृति खानपान और कला को भी मंच मिलेगा, जिससे बस्तर की सकारात्मक छवि सामने आएगी. जिला प्रशासन के सहयोग से यह इवेंट पर्यटन और स्थानीय प्रतिभाओं को नई पहचान देने का प्रयास है, जो बस्तर को राष्ट्रीय स्तर पर एक नए रूप में स्थापित कर सकता है. ज्ञात हो कि गत शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बस्तर के लिए बाइकर्स का ग्रुप राइडिंग पर निकल। बाइकर्स ग्रुप में शामिल युवाओं ने बताया कि छत्तीसगढ़ में तो कई खूबसूरत जगह है पर बस्तर की बात ही अलग है। यहां कि हरियाली देखते ही बनती है। साल के ऊंचे-ऊंचे पेड़ की बात कुछ और है। रास्ते भर दोनों ओर हरे भरे पेड़ जो सफर को और सुकून देते हैं। रास्ते में पड़ने वाली केशकाल की घुमावदार घाटी में बाइक राइड करना अद्भूत अनुभव देता है। बस्तर में कई ऐसी जगह हैं, जिन्हें लोग नहीं जानते। बस्तर कहते ही हमें चित्रकोट और तिरथगढ़ वॉटरफाल का दृश्य जहन में आता है। वहां पर और भी वॉटरफाल हैं। उनमें से एक नया नाम नबीं वॉटरफाल का आ रहा है। वही बस्तर की संस्कृति, वाद्य यंत्र और व्यंजनों को बढ़ावा देना इस सफर का एक उद्देश्य है। यहां पर टेंट और होम स्टे जैसी सुविधाएं भी अब उपलब्ध हैं। देश और राज्य के लोगों को बस्तर जाने में थोड़ी झिझक होती है पर अब हालात अलग हैं। बस्तर के लोगों को बेहतर रोजगार पर्यटन के माध्यम से मिले यही बाइकर्स का एक लक्ष्य हैं। ग्रुप में 25 बाइकर्स होंगे शामिल राजधानी में कई बाइकर्स ग्रुप हैं। इनमें से एक ग्रुप 36 राइडिंग क्लब के सदस्य बस्तर में नए पर्यटन स्थल को निहारने जाएंगे। इस ग्रुप के 25 सदस्य अपनी=अपनी बाइक लेकर सफर पर निकलेगें। इस ग्रुप में लड़कों के साथ ही लड़कियां भी शामिल हैं। ग्रुप में पेशे से कोई डॉक्टर तो इंजीनियर तो फायनेंस एक्सपर्ट है।

केआईटीजी 2026: मिडफील्ड की कमान से लेकर गोलकीपिंग के शानदार प्रदर्शन तक

केआईटीजी 2026: मिडफील्ड की कमान से लेकर गोलकीपिंग के कमाल तक  कप्तान किरण ने छत्तीसगढ़ को फुटबॉल फाइनल में पहुंचाया मेजबान महिलाएँ हॉकी में कांस्य के लिए भिड़ेंगीं रायपुर  कप्तान किरण पिस्दा की शानदार दोहरी भूमिका से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले संस्करण के फाइनल में जगह बना ली है, जबकि राज्य की महिला हॉकी टीम ने भी कांस्य पदक मुकाबले में पहुंचकर अपनी उम्मीदें बरकरार रखी हैं। भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी किरण ने मंगलवार को स्वामी विवेकानंद कोटा स्टेडियम में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच की स्टार रहीं। उनके हरफनमौला खेल की बदौलत छत्तीसगढ़ ने निर्धारित समय के बाद 2-2 की बराबरी रहने पर पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से रोमांचक जीत दर्ज की। टूर्नामेंट में अब तक करीब 20 गोल कर चुकीं किरण ने एक बार फिर आक्रामक भूमिका निभाते हुए 18वें मिनट में गोल कर मेजबान टीम को 2-0 की बढ़त दिलाई।               हालांकि अरुणाचल प्रदेश ने 41वें और 86वें मिनट में गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया और मैच को शूटआउट में पहुंचा दिया। इसके बाद किरण ने साहसिक फैसला लेते हुए नियमित गोलकीपर योगिता की जगह खुद दस्ताने पहनकर गोलपोस्ट संभालने का निर्णय लिया। उनका यह निर्णय कप्तानी की मिसाल बन गया, जब उन्होंने दो शानदार बचाव किए और खुद एक पेनल्टी भी सफलतापूर्वक गोल में बदली, जिससे टीम को फाइनल का टिकट मिला। अंतिम पेनल्टी के गोल के साथ ही मेजबान टीम ने मैदान पर जश्न मनाना शुरू कर दिया।             अपने प्रदर्शन पर किरण ने साई मीडिया से कहा, “मैं अपनी टीम को हर हाल में फाइनल में पहुंचाना चाहती थी। मुझे गोलकीपर के रूप में अच्छा करने का भरोसा था। मैंने पहले भी अपनी राज्य टीम के लिए यह भूमिका निभाई है। मेरी मेहनत सफल रही और हम फाइनल में हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है।” अब फाइनल में छत्तीसगढ़ का सामना झारखंड और गुजरात के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। उल्लेखनीय है कि ग्रुप चरण में मेजबान टीम गुजरात को 2-1 से हरा चुकी है, जिसमें किरण ने भी एक गोल किया था।            वहीं, इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में चल रही प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की महिला हॉकी टीम 1 अप्रैल को पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के खिलाफ कांस्य पदक के मुकाबले में उतरेगी। सेमीफाइनल में मेजबान टीम को ओडिशा से 1-5 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब कप्तान कुजूर अश्विन के मार्गदर्शन में टीम पदक जीतने के लिए तैयार है। हॉकी का फाइनल भी 1 अप्रैल को झारखंड और ओडिशा के बीच खेला जाएगा।

CM भगवंत मान ने 508 नए वाहनों को हरी झंडी दी, ‘डायल 112’ सेवा में तेज़ी से मिलेगा मदद

संगरूर पंजाब की कानून व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज एक बड़ा कदम उठाया है। संगरूर के लड्डा कोठी में आयोजित एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान, CM मान ने 508 हाई-टेक इमरजेंसी रिस्पांस वाहनों के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 'डायल 112' सेवा के तहत तैनात होने वाले ये वाहन न केवल पुलिस के रिस्पांस टाइम को कम करेंगे, बल्कि राज्य के हर कोने में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाएंगे। समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने मुख्यमंत्री का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने लगभग 327 करोड़ रुपये की लागत से पंजाब पुलिस के वाहन बेड़े को अपग्रेड किया है। आधुनिक तकनीक से लैस इन वाहनों से पुलिस की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर उन्होंने वादा किया था कि पंजाब पुलिस को देश की बेहतरीन पुलिस बलों में शामिल किया जाएगा। इसी संकल्प के तहत पुलिस को आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई गाड़ियों के शामिल होने से न केवल अपराध पर नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी बढ़ेगी। समारोह के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला। इन क्विक रिस्पांस वाहनों के माध्यम से पंजाब पुलिस राज्यभर में अधिक प्रभावी व समयबद्ध सेवा देने के लिए तैयार है। 1. संगरूर से शुरुआत: पंजाब पुलिस को मिली डिजिटल ताकत मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन वाहनों को पंजाब की जनता के लिए एक बड़ी सौगात बताया है। संगरूर के लड्डा कोठी में आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण करते हुए उन्होंने कहा कि इन 508 वाहनों के शामिल होने से पुलिस बल की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। ये सभी वाहन जीपीएस और अत्याधुनिक संचार प्रणालियों से लैस हैं, जो इन्हें एक "चलते-फिरते कंट्रोल रूम" के रूप में स्थापित करते हैं। 2. 'डायल 112' सेवा होगी और भी तेज अब पंजाब के किसी भी जिले में विषम परिस्थिति होने पर जैसे ही कोई नागरिक 112 नंबर डायल करेगा, पुलिस पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से मौके पर पहुँचेगी। त्वरित सहायता: हाई-टेक लोकेशन ट्रैकिंग से नजदीकी वाहन तुरंत सक्रिय होगा। अपराध पर अंकुश: त्वरित रिस्पांस से अनहोनी या आपराधिक घटनाओं को समय रहते रोका जा सकेगा। जनता को सीधा लाभ: दूर-दराज के इलाकों में भी अब पुलिस की पहुँच मिनटों में सुनिश्चित होगी। 3. हाई-टेक फीचर्स से लैस हैं नए वाहन शासन स्तर से जारी किए गए ये 508 वाहन केवल परिवहन का साधन नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक का बेजोड़ नमूना हैं। इनमें: रियल-टाइम डेटा सिंकिंग की सुविधा। एडवांस वायरलेस सेट और इमरजेंसी लाइट सिस्टम। सुरक्षा उपकरणों का पूरा किट मौजूद है, जो पुलिसकर्मियों को फील्ड में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा। 4. कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता CM भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाना है। इन नए वाहनों की तैनाती पंजाब के सभी जिलों में समान रूप से की जाएगी। इससे न केवल शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक और सुरक्षा प्रबंधन सुधरेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों के बीच सुरक्षा की भावना प्रबल होगी।

10 अप्रैल से मालवांचल, नर्मदापुरम और भोपाल में गेहूं उपार्जन, बाकी संभागों में 15 मार्च से खरीदी शुरू

भोपाल प्रदेश में गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया एक बार फिर टल गई है। अब न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,885 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी एक अप्रैल के बजाय 10 अप्रैल से शुरू होगी। इंदौर-उज्जैन (मालवांचल), नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में 10 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ होगी, जबकि अन्य संभागों में यह प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू की जाएगी। कैबिनेट समिति की बैठक में लिया गया यह निर्णय किसानों के लिए अहम माना जा रहा है, हालांकि देरी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल भी उठाए हैं। बोरों की कमी बनी देरी की वजह सरकार के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण बोरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हुई। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने चार करोड़ सिंगल यूज बोरे खरीदने के लिए टेंडर जारी किए हैं। जैसे ही इनकी आपूर्ति होगी, खरीदी में तेजी लाई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। पारदर्शी और समयबद्ध खरीदी पर जोर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि बैठक में खाद्यान्न आपूर्ति और भंडारण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध हो। किसानों को उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा और प्रबंधन पर फोकस सरकार का मानना है कि व्यवस्थित और समय पर गेहूं खरीदी से न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी। बदलते वैश्विक हालात के बीच यह कदम राज्य में खाद्यान्न प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष ने उठाए सवाल उधर, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री अरुण यादव ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल खेतों में पड़ी है, लेकिन सरकार खरीदी की तारीख लगातार आगे बढ़ा रही है। पहले 16 मार्च, फिर एक अप्रैल और अब 10 अप्रैल तय किया गया है, जिससे साफ है कि किसान सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं। बैठक में रहे कई मंत्री शामिल वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, किसान कल्याण मंत्री एंदल सिंह कंसाना और पशुपालन मंत्री लखन पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

1 अप्रैल से राजस्थान में जंगल सफारी का आनंद पड़ेगा महंगा, वन विभाग ने गुपचुप बढ़ाए 10% दाम

जयपुर  राजस्थान में एक अप्रैल से शराब महंगी होगी। राजस्थान में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही एक अप्रेल से शराब की कीमतों में 8 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने जा रही है। राज्य सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी ड्यूटी में 5 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर दिया है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बीयर की एक बोतल अब करीब 15 से 20 रुपए तक महंगी मिल सकती है, जबकि 1000 रुपए की शराब की बोतल की कीमत बढ़कर लगभग 1100 रुपए तक पहुंचने की संभावना है। विभाग के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में आबकारी से करीब 19 हजार करोड़ रुपए के राजस्व का लक्ष्य रखा गया था। वहीं, आगामी वित्तीय वर्ष के लिए यह लक्ष्य बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक निर्धारित किया गया है। कल से महंगा होगा जंगल घूमना, दस फीसदी बढे़गा किराया प्रदेशभर में बुधवार से आमजन का जंगल घूमना महंगा हो जाएगा। यानि अब पर्यटकों को जंगल या सफारी घूमने में थोड़ा ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। वजह यह है​ कि वन विभाग ने दस फीसदी तक दाम बढ़ा दिए हैं। इस संबंध में विभाग ने गुपचुप आदेश जारी किए है। वन अधिकारियों के अनुसार एक अप्रेल से सफारी शुल्क में करीब 10 प्रतिशत तक वृद्धि होगी, जो जिप्सी और कैन्टर सहित विभिन्न श्रेणियों पर लागू रहेगी। वन विभाग के अनुसार यह निर्णय बढ़ती परिचालन लागत और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है। यह जैविक उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों में एक साथ लागू होगा। रणथंभौर में सफारी का समय बदलेगा रणथंभौर (सवाई माधोपुर) के डीएफओ संजीव शर्मा ने बताया कि 1 अप्रैल से सफारी के समय में बदलाव किया जाएगा। नए समय के अनुसार, मॉर्निंग सफारी सुबह 6 से 9.30 बजे तक और इवनिंग सफारी दोपहर 3 से शाम 6.30 बजे तक संचालित होगी।

विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत चयनित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की होगी जांच, अंबाला से गुरुग्राम तक तय हुईं तारीखें

चंडीगढ़ हरियाणा में पिछले साल भर्ती 13 हजार 246 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाएगा। राज्य सरकार ने विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत चयनित कॉमन काडर ग्रुप-डी के 13 हजार 246 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। हरियाणा में पिछले साल भर्ती 13 हजार 246 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन  राज्य सरकार ने विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत चयनित कॉमन काडर ग्रुप-डी के 13 हजार 246 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। पंचकूला में उपायुक्त तो शेष अन्य जिलों में मंडलायुक्त के स्तर पर यह कार्य किया जाएगा। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अंबाला मंडल में 20 अप्रैल को 1451 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इनमें 1417 कर्मचारी विभिन्न विभागों में तैनात हैं, जबकि 34 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं।  करनाल मंडल में 21 अप्रैल को कुल 1662 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा  इनमें से 1584 कर्मचारी विभागों में कार्यरत हैं जबकि 78 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। रोहतक मंडल में 22 और 23 अप्रैल को 3750 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा। इनमें से 3389 कर्मचारी विभागों में कार्यरत हैं तथा 361 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। हिसार मंडल में 24 और 27 अप्रैल को 2918 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इनमें 2585 कर्मचारी विभागों में कार्यरत हैं जबकि 333 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। फरीदाबाद मंडल में 28 अप्रैल को 960 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा, जिनमें 954 विभागों में कार्यरत हैं तथा छह कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। गुरुग्राम मंडल में 29 अप्रैल को 1841 कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा, जिनमें 1801 विभागों में कार्यरत हैं तथा 40 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। पंचकूला में 30 अप्रैल को 664 कर्मचारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इनमें चंडीगढ़, पंचकूला तथा विभिन्न विभागों एवं मंडल आयुक्त कार्यालयों से संबद्ध शेष अभ्यर्थी शामिल होंगे। सभी मंडल आयुक्तों तथा उपायुक्त पंचकूला से अनुरोध किया गया है कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बायोमेट्रिक सत्यापन के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक स्टाफ एवं संसाधन उपलब्ध करवाएं। साथ ही सत्यापन के उपरांत उपस्थित, अनुपस्थित तथा सत्यापित उम्मीदवारों की संख्या संबंधी रिपोर्ट भी उपलब्ध करवाने को कहा गया है।

इंडस्ट्री को बड़ी राहत: लुधियाना और जालंधर में बिछेगी गैस पाइपलाइन, मंत्री का भरोसा

चंडीगढ़. राज्य में चालू वर्ष में 39 लाख पीएनजी गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने पत्रकारों से बातचीत में भरोसा दिलाया कि गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार से इंडस्ट्री को गैस की किल्लत से पूरी तरह राहत मिलेगी। अरोड़ा ने बताया कि अब तक एक लाख 30 हजार कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं और शहरों की हर गली तक पाइप लाइन पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिहायशी क्षेत्रों में गैस की कोई कमी नहीं है और अब सरकार का फोकस औद्योगिक क्षेत्रों को कवर करने पर है। मंत्री ने कहा कि गैस पाइपलाइन दोराहा तक पहुंच चुकी है और जल्द ही लुधियाना की इंडस्ट्री को इससे जोड़ा जाएगा। इसके बाद जालंधर को भी नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां-जहां पाइपलाइन पहुंची है, वहां स्थिति बेहतर है और इंडस्ट्री को गैस की सप्लाई सुचारू बनी हुई है। अरोड़ा ने इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट्स की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने माना कि कई फोकल प्वाइंट्स में इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस से जुड़ी दिक्कतें सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सरकार ने नई आपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) नीति लागू की है। इसके तहत अब स्थानीय स्तर पर ही फैसले लिए जा सकेंगे और जरूरी कामों में देरी नहीं होगी। इंडस्ट्री से जुड़ी सेवाओं में देरी का एक बड़ा कारण पालिसी इंटरप्रिटेशन और विभिन्न स्तरों पर मंजूरी (अप्रूवल) की प्रक्रिया थी। इसे दूर करने के लिए फास्ट सर्विस सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत पहले 15 दिन में मिलने वाली सेवाओं को अब 10 दिन में पूरा किया जाएगा। अरोड़ा ने “फ्रीहोल्ड प्रापर्टी” का जिक्र करते हुए कहा कि फ्रीहोल्ड इंडस्ट्रियल प्लाट्स को अब प्राथमिकता के आधार पर तेज सेवाएं दी जाएंगी, ताकि उद्योगपतियों को कम समय में मंजूरी और सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही “डेलीगेशन आफ पावर्स” के तहत अधिकारियों को अधिक अधिकार दिए गए हैं, जिससे उन्हें बार-बार उच्च स्तर पर अप्रूवल लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने लीज होल्ड प्रापर्टी से जुड़े मुद्दों को भी स्वीकार किया और कहा कि इन मामलों में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को चरणबद्ध तरीके से हल किया जा रहा है, ताकि उद्योगों को किसी प्रकार की बाधा न हो। नई व्यवस्था के तहत अब संबंधित चार्जेज बिजली बिलों के साथ ही वसूले जाएंगे, जिससे कलेक्शन सुनिश्चित होगा। यह राशि स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) को ट्रांसफर की जाएगी, जो फोकल प्वाइंट्स में सड़कों, लाइटिंग और अन्य सुविधाओं पर खर्च तय करेगा। मंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य न केवल गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, बल्कि फोकल प्वाइंट्स की समस्याओं को दूर कर उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना भी है, जिससे पंजाब में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिल सके।

स्वास्थ्य विभाग का नया फरमान, ओपीडी मरीजों के लिए निशुल्क स्कैनिंग सुविधा हुई बंद

अंबाला  कैंट व सिटी के नागरिक अस्पतालों में पीपीपी मोड पर चल रहे डायग्नोस्टिक केंद्रों में नि:शुल्क स्कैनिंग सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक ताजा फरमान ने मरीजों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। नियम के मुताबिक अब केवल अस्पताल में दाखिल मरीजों के ही नि:शुल्क यानी बीपीएल के तहत एमआरआई और सीटी स्कैन किए जाएंगे। जिले के दो बड़े नागरिक अस्पतालों में इस नियम को लेकर अलग-अलग कार्यप्रणाली अपनाई जा रही है। सिटी में जहां इसका पालन हो रहा है तो वहीं कैंट के नागरिक अस्पताल में अभी छूट दी जा रही है। यही कारण है कि मरीज असमंजस में फंस गए हैं। अनावश्यक स्कैन रोकने के लिए उठाया कदम स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले के नागरिक अस्पतालों में अनावश्यक तरीके से चल रहे निशुल्क सीटी स्कैन व एमआरआई पर शिकंजा कसने के लिए यह कदम उठाया है। सिटी व कैंट के नागरिक अस्पताल में अब ओपीडी के आधार पर मुफ्त सीटी स्कैन और एमआरआइ की सुविधा बंद कर दी गई है। 25 मार्च को जारी हुए आदेशों के बाद स्कैन के लिए मरीज को कुछ समय के लिए अस्पताल में फाइल बनाकर भर्ती होना पड़ेगा। ऐसे में अब मरीजों के लिए भी परेशानी बढ़ गई है। केस-1 : ओपीडी में भी स्पष्ट नहीं निर्देश सिटी के मनमोहन नगर निवासी सुनीता ने बताया कि बाइक से गिरने के कारण बेटे के सिर में चोट आई थी। तीन दिन से निजी अस्पताल में उपचार करवा रही हूं। स्कैन करवाने के लिए सिटी के नागरिक अस्पताल में गई तो उन्हें स्कैन से मना कर दिया गया। बोले कि पहले अस्पताल में दाखिल होना जरूरी है। बाद में पता चला कि कैंट में स्कैन हो रहा है तो अपने पति को भेजकर वहां से अपना स्कैन करवाया। अगर आदेश है तो उन्हें स्पष्ट तौर पर लगाया जाना चाहिए। केस-2 : सेंटर के कर्मी बोले- नहीं मिले ऑर्डर सोनिया कॉलोनी निवासी रजनी ने बताया कि वह अपनी टांगों में असहनीय दर्द के कारण आ रही हैं। पहले एक्स-रे करवाया था लेकिन उससे कुछ स्पष्ट नहीं हुआ। सीटी स्कैन के लिए बोला गया है लेकिन ओपीडी में जाते हैं तो वो दाखिल होने की बात बोलते हैं व काउंटर में जाते हैं तो वो अभी इस तरह का कोई ऑर्डर नहीं आने की बात बोल रहे हैं। ऐसे में वह असमंजस में हैं। अनावश्यक सीटी स्कैन व एमआरआई को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। अस्पताल में कुछ समय दाखिल होने के बाद ही नि:शुल्क सीटी स्कैन व एमआरआई होंगे ताकि उनके पास मरीज का पूरा रिकॉर्ड हो। यह निर्देश जारी कर दिए गए है। – डाॅ. सुखप्रीत सिंह, पीपीपी मोड सुविधा, नोडल अधिकारी।