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2 गोहाना धन्यवाद रैली में सीएम सैनी ने की करोड़ों की नई घोषणाएं और विकास कार्यों का आगाज

गोहाना (सोनीपत) नई सब्जी मंडी में आयोजित धन्यवाद एवं विकास रैली में पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएं करते हुए 113 करोड़ रुपये की 16 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोहाना की धरती पर आकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है और सरकार क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोहाना क्षेत्र के लिए पहले की गई 97 घोषणाओं में से 87 पूरी हो चुकी हैं और बाकी पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में गोहाना हल्के में 1794 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए गए हैं। रैली में मुख्यमंत्री ने कई नई घोषणाएं की मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बिना खर्ची और बिना पर्ची के रोजगार देने की नीति पर काम कर रही है। रैली में मुख्यमंत्री ने कई नई घोषणाएं भी कीं। सोनीपत चुंगी से पानीपत चुंगी तक भगवान परशुराम विरासत पार्क में जॉगिंग ट्रैक बनाया जाएगा। गोहाना में भूमि उपलब्ध होने पर मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा। नगर परिषद गोहाना की म्युनिसिपल लिमिट को बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भूमि उपलब्ध होने पर सोनीपत रोड पर शिव धाम बनाया जाएगा। महम रोड पावर हाउस में 33 केवी सब स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा और खानपुर कलां में भी 33केवी सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाई जाएगी। गोहाना में भूमि मिलने पर टूरिज्म रिजॉर्ट भी बनाया जाएगा तथा एचएसवीपी की ओर ट्रांसपोर्ट नगर विकसित किया जाएगा।   सड़कों का निर्माण करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि गोहाना में सिंचाई भवन, शक्ति भवन और रेस्ट हाउस का पुनर्निर्माण किया जाएगा। भगत फूल सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्डियो कैथ लैब स्थापित की जाएगी। गोहाना विधानसभा के गांवों के सरकारी स्कूलों के विकास कार्यों पर शिक्षा विभाग एक करोड़ रुपये खर्च करेगा। खानपुर कलां में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत की जाएगी और शेष सीवरेज लाइन भी बिछाई जाएगी। जिस पर करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा हरियाणा राज्य मार्केटिंग बोर्ड की कई सड़कों की मरम्मत और पीडब्ल्यूडी की सड़कों का निर्माण करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा।मुख्यमंत्री ने गोहाना क्षेत्र के गांवों के विकास के लिए अलग से 5 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।   गांव मोई माजरी के विद्यालय भवन का 3 करोड़ 77 लाख रुपये से उद्घाटन इस दौरान कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। गांव मोई माजरी के विद्यालय भवन का 3 करोड़ 77 लाख रुपये से उद्घाटन किया गया। बड़वासनी और तिहाड़ मलिक में 13 करोड़ 50 लाख रुपये से बने 33 केवी सब स्टेशनों का उद्घाटन हुआ। गोहाना नगर परिषद में 60 लाख रुपये से बने संत गुरु कबीर दास गेट का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा मार्केटिंग बोर्ड की चार सड़कों के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। भालौठ सब ब्रांच की 74 करोड़ रुपये की रिमॉडलिंग का शिलान्यास हुआ। गामड़ी और बिधल में करीब सवा 14 करोड़ रुपये की लागत से 33 केवी सब स्टेशन बनाने का शिलान्यास किया गया। खेड़ी दमकन, बड़वासनी, महलाना और जुआं में करीब सवा 2 करोड़ रुपये की लागत से स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया। रैली की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने की और बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।

राजस्थान बोर्ड 12वीं के तीनों संकायों का रिजल्ट शिक्षा मंत्री मदन दिलावर करेंगे घोषित

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) 12वीं कक्षा (कला, विज्ञान और वाणिज्य) का परिणाम 31 मार्च को सुबह 10 बजे जारी करेगा। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ऑनलाइन माध्यम से परिणाम घोषित करेंगे, जबकि बोर्ड प्रशासक शक्ति सिंह राठौड़ और सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ बोर्ड कार्यालय से इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे। परिणाम घोषित होते ही 9 लाख से अधिक विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हो जाएगा। कहां देख सकेंगे नतीजे ? छात्र-छात्राएं अपना परिणाम अमर उजाला की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना पंजीकरण करना होगा। यहां क्लिक करके पंजीकरण करें.. 12 फरवरी से 11 मार्च के बीच आयोजित की गई थीं परीक्षाएं इस वर्ष 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 11 मार्च के बीच राज्यभर में आयोजित की गई थीं, जिनमें 9 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने भाग लिया। इनमें कला संकाय के करीब 6 लाख, विज्ञान के लगभग 2.20 लाख और वाणिज्य के करीब 80 हजार छात्र-छात्राएं शामिल रहे। परीक्षा का आयोजन कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक बोर्ड के नियमों के अनुसार प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यदि कोई विद्यार्थी एक या दो विषयों में असफल होता है, तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा, जो आमतौर पर सितंबर माह में आयोजित की जाती है, ताकि छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकेंगे छात्र इसके अलावा, जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होंगे, वे पुनर्मूल्यांकन (स्क्रूटनी) के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की जाती है, जिससे अंकों में संशोधन की संभावना रहती है। ये भी पढ़ें: मंदिर के बाहर बैठकर बीड़ी पी, फिर गेट तोड़ चांदी के छत्र ले उड़ा चोर, CCTV में कैद वारदात 9 लाख से अधिक छात्रों की  निगाहें 31 मार्च पर टिकी रिजल्ट जारी होने के बाद कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी। विशेष रूप से विज्ञान और वाणिज्य वर्ग के छात्र विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सेस में प्रवेश के लिए आवेदन करेंगे, वहीं कला संकाय के विद्यार्थी स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले की तैयारी शुरू करेंगे। फिलहाल पूरे प्रदेश के 9 लाख से अधिक छात्रों की निगाहें 31 मार्च को घोषित होने वाले परिणाम पर टिकी हुई हैं, जो उनके भविष्य की दिशा तय करेगा।

सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी: CG के जंगल से भारी मात्रा में हथियार बरामद

राजनांदगांव. राजनांदगांव रेंज के मोहला-मानपुर जिले के मदनवाड़ा के घने जंगलों में पुलिस को हथियारों का एक जखीरा मिला है। बताया जा रहा है कि पुलिस 31 मार्च की आखिरी तारीख  से पहले मिली यह कामयाबी नक्सल सफाए की आखिरी कील के रूप में देख रही है। आईजी बालाजी राव ने  जवानों को बधाई दी है। वहीं एसपी वाईपी सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर सुरक्षाबलों का हौसला बढ़ाया। मिली जानकारी के मुताबिक मदनवाड़ा इलाके में पुलिस को एके-47, इंसास रायफल व अन्य घातक हथियारों के अलावा जिंदा कारतूस डंप होने की सूचना मिली थी। सुरक्षाबलों की टीम ने मदनवाड़ा इलाके के कलवर, कोवाचीटोला और उईकाटोला के बीच स्थित बीहड़ जंगल में सर्चिंग अभियान चलाया। सुरक्षाबलों ने कड़ी मशक्कत के बाद हथियारों का एक बड़ा जखीरा  बरामद किया। पुलिस का कहना है कि नक्सलियों ने हथियारों को सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से जमीन में छिपाकर रखा था। हथियार जब्त होने से नक्सल संगठन को एक तरह से झटका लगा है। हालांकि राजनांदगांव रेंज का सर्वाधिक नक्सलग्रस्त माने जाने वाला मोहला-मानपुर जिले में अब एक भी सक्रिय नक्सली नहीं है। सूत्रों का कहना है कि कांकेर में आत्मसर्पण करने वाले नक्सलियों की निशानदेही पर हथियारों को जब्त किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटना की जांच कर रही है। इस सफलता में डीआरजी और आईटीबीपी की संयुक्त टुकड़ी की अहम भूमिका रही। मदनवाड़ा क्षेत्र में हथियार मिलने के बाद पुलिस  पूरे क्षेत्र में सघन नक्सल ऑपरेशन चला रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन होना चाहिए

राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से राजनीति में आने वालों से लोकतांत्रिक मूल्य और व्यवस्थाएं होती हैं प्रभावित जनप्रतिनिधि का संवेदनशील, अध्ययनशील, तनाव प्रबंधन में दक्ष और जनहित के लिए समर्पित होना आवश्यक लोकतंत्र, भारतीय राजनैतिक व्यवस्था का नैसर्गिक गुण लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवा विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण : विधानसभा अध्यक्ष तोमर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन का किया शुभारंभ मध्यप्रदेश सहित राजस्थान और छत्तीसगढ़ के युवा विधायक हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक है। वे ही इस क्षेत्र में सक्रिय और सफल हो सकते हैं, जिनमें जनसेवा और जनकल्याण की भावना हो। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से राजनीति में आने वाले लोगों के कारण लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जनप्रतिनिधियों के लिए जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील होना, अध्ययनशील होना, तनाव प्रबंधन में दक्ष होना और जनहित के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करना आवश्यक है। कोई समस्या आने पर जनप्रतिनिधि का व्यवहार और समस्या निराकरण के लिए उनका प्रबंधन कौशल, उनके व्यक्तित्व को दर्शाता है। सकारात्मक और समाज हित की गतिविधियों और विकास कार्यों के लिए हमें दलगत मतभेदों से ऊपर उठकर सोचना और कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। विधानसभा के विधान परिषद हाल में हुआ कार्यक्रम वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विशेष रूप से उपस्थित थे। सम्मेलन में राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र 6) के तीन राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान के 45 वर्ष आयु तक के विधायक सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मानना कि लोकतंत्र के विचार की उत्पत्ति पश्चिम से हुई थी, पूर्णत: सत्य नहीं है। लोकतंत्र, भारतीय राजनैतिक व्यवस्था का नैसर्गिक गुण है। भारतीय व्यवस्थाओं में सदैव से ही मत भिन्नता को सम्मान दिया गया है, राजनैतिक और धार्मिक व्यवस्थाओं में शास्त्रार्थ की परम्परा प्राचीन समय से रही है। भारत में विचारों की अभिव्यक्ति को सभी क्षेत्रों में सम्मान और महत्व प्रदान किया गया। भारत में ऐतिहासिक रूप से जुड़े लोकतंत्र के संस्कारों और मूल्यों का ही परिणाम है कि अंग्रेजों के जाने के बाद भी देश में लोकतंत्र पर आधारित व्यवस्थाएं सुगमता से संचालित होती रहीं। जबकि अन्य पड़ोसी देशों का हाल सबके सामने है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा विधायकों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें हर स्थिति में सम भाव से रहने की प्रेरणा मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम से लेना चाहिए। जब उन्हें राजपाट सौंपा जाना था, तब उन्हें वनवास दे दिया गया। परंतु उन्होंने दोनों स्थितियों को समभाव से लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य सहित कई भारतीय शासकों के इतिहास से ज्ञात होता है कि उन्होंने कभी अपनी अगली पीढ़ी को राज सत्ता सौंपने का उपक्रम नहीं किया। राज्य के प्रबंधन में लगे लोगों ने ही उनके बाद व्यवस्थाएं संभाली। ऐसे महान शासकों का मानना था कि यदि अगली पीढ़ी में नेतृत्व क्षमता और राज सत्ता के प्रबंधन की दक्षता होगी, तो वे स्वयं इस दिशा में सक्रिय होंगे। इन भारतीय मूल्यों और परम्पराओं का वर्तमान में भी पालन होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों और सत्ता से जुड़े लोगों का अपने परिवार को समय देना और उन्हें अच्छे संस्कार देना भी आवश्यक है। अच्छे संस्कारों के अभाव में अगली पीढ़ी द्वारा यश प्रभावित करने की संभावना बनी रहती है। जनप्रतिनिधियों को इस ओर से विशेष रूप से संवेदनशील और सतर्क रहना चाहिए। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवा जनप्रतिनिधियों की अहम जिम्मेदारी मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति, समुदाय या क्षेत्र की व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की स्वतंत्रता, न्याय, समानता और बंधुता पर आधारित एक व्यापक व्यवस्था है। भारत का लोकतंत्र नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही मजबूत होता है। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के 25 नवंबर 1949 के संविधान सभा के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे लागू करने वाले लोग कितने प्रतिबद्ध और नैतिक हैं। तोमर ने कहा कि युवा विधायक लोकतंत्र में नागरिकों और शासन के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं। उनकी नई ऊर्जा, आधुनिक सोच और नवाचार की क्षमता शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि युवा जनप्रतिनिधि सामाजिक कुरीतियों जैसे जातिवाद, नशाखोरी और लैंगिक भेदभाव के विरुद्ध समाज को जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस सोच का उल्लेख किया जिसमें राजनीति में नई ऊर्जा और पारदर्शिता लाने के लिए बड़ी संख्या में युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम 2021 के माध्यम से मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है। तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा ने भी लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। पहली बार निर्वाचित विधायकों की शून्यकाल सूचनाओं को प्राथमिकता देने तथा प्रश्नकाल से जुड़े उत्तरों की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जैसे कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। उन्होंने युवा विधायकों से आह्वान किया कि वे संसदीय परंपराओं, नियमों और प्रक्रियाओं का गंभीर अध्ययन करें, सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा वरिष्ठ सदस्यों से मार्गदर्शन लेकर अपने ज्ञान और अनुभव को समृद्ध बनाएं। उन्होंने कहा कि अतीत के अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बीच वर्तमान का सशक्त पुल युवा नेतृत्व ही बन सकता है। विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि युवा विधायक सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श और संवाद लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करेंगे तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान करेंगे। जनता और … Read more

MP में 5 दिन आंधी-बारिश का मौसम, ग्वालियर-चंबल में ओले और भोपाल-जबलपुर में बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में मार्च के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश में सक्रिय हुए नए मौसम सिस्टम के चलते अब अगले 4 से 5 दिनों तक आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर बना रहेगा। रविवार को ग्वालियर सहित कई इलाकों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, वहीं सोमवार से इसका असर और तेज होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है. मौसम विभाग ने आज 30 मार्च से 2 अप्रैल तक पूरे प्रदेश के लिए अलर्ट जारी किया है. इस दौरान इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा समेत लगभग सभी संभागों में मौसम बदला रहेगा. हालांकि, इस आंधी-बारिश से लोगों को तपती गर्मी से राहत जरूर मिलेगी और दिन के तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी. भट्टी की तरह तप रहें कई जिले पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के कई शहर भट्टी की तरह तप रहे हैं. मंडला में रविवार को पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री दर्ज किया गया. जबकि नौगांव में 39 डिग्री और दतिया में पारा 38.4 डिग्री तक पहुँच गया. इसी तरह नर्मदापुरम में 38.3°, खरगोन-सतना में 38.2°, और खंडवा में 38.1° के साथ भीषण गर्मी का असर रहा. दिन में गर्मी से राहत मिलेगी आंधी-बारिश का दौर रहने की वजह से दिन के तापमान में गिरावट होगी। वर्तमान में अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री या इससे अधिक है। रविवार को मंडला में पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री रहा। मंडला, नौगांव में 39 डिग्री, दतिया में 38.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.3 डिग्री, खरगोन-सतना में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी, गुना-उमरिया में 38 डिग्री, टीकमगढ़ में 37.8 डिग्री, रतलाम-दमोह में 37.6 डिग्री, मलाजखंड में 37.5 डिग्री, रीवा, नरसिंहपुर-रायसेन में 37.4 डिग्री और छिंदवाड़ा में 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 37.5 डिग्री, भोपाल में 36.6 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.2 डिग्री और उज्जैन में पारा 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मार्च में चौथी बार बदला मौसम मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। अब तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार रविवार से मौसम ने फिर करवट बदली है। यह सिस्टम अप्रैल के पहले सप्ताह में भी असर दिखाएगा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। 30 मार्च को कहां कहां होगी बारिश? प्रदेश में आज दतिया-भिंड में ओले का अलर्ट है.ग्वालियर, भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं. 31 मार्च को भीगेंगे एमपी के ये जिले ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी. 1 अप्रैल को आंधी-बारिश का अलर्ट भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में आंधी, बारिश का अलर्ट है. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 36.6°C इंदौर में 35.8°C जबलपुर में 37.5°C ग्वालियर में 38.2°C उज्जैन में 36.4°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  22.2°C इंदौर में 22.4°C जबलपुर में 20.4°C ग्वालियर में 21.6°C उज्जैन में 22.0°C

दिल्ली में लश्कर-ए-तैयबा के शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी, ISI के आतंकी मॉड्यूल का खुलासा

नई दिल्ली   दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए उसके हैंडलर शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हाल ही में सामने आए ‘मेट्रो पोस्टर केस’ में पकड़े गए आतंकी नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, शब्बीर अहमद लोन बांग्लादेश में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर संचालित हो रहा था। लोन का सीधा संपर्क लश्कर के शीर्ष आतंकियों हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी से बताया गया है, जबकि मॉड्यूल को ISI से फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट मिल रहा था। भर्ती और ब्रेनवॉश का नेटवर्क जांच में खुलासा हुआ है कि लोन बांग्लादेश से ऑपरेट करते हुए आतंकियों की भर्ती और ब्रेनवॉश करता था। खासतौर पर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को निशाना बनाकर उन्हें कट्टरपंथी बनाया जाता था। इसके बाद फर्जी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड तैयार कर उन्हें भारत में अलग-अलग जगहों पर छिपाया जाता था। संचार के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता था और दिल्ली समेत कई शहरों में रेकी भी कराई गई थी। पहले भी हो चुका है गिरफ्तार शब्बीर अहमद लोन को वर्ष 2007 में भी दिल्ली पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार (AK-47 और ग्रेनेड) के साथ गिरफ्तार किया था। आर्म्स एक्ट के तहत सजा काटने के बाद वह 2018 तक तिहाड़ जेल में बंद रहा। जमानत पर बाहर आने के बाद वह बांग्लादेश चला गया और वहां से दोबारा आतंकी नेटवर्क को सक्रिय करने लगा। संवेदनशील ठिकाने थे निशाने पर एजेंसियों का मानना है कि यह मॉड्यूल भारत में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था। लाल किले जैसे संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाने की योजना थी। फरवरी 2026 में दिल्ली पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 7 बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। समय रहते टला बड़ा हमला अधिकारियों के अनुसार, शब्बीर अहमद लोन एक प्रशिक्षित और अनुभवी आतंकी ऑपरेटिव है, जिसने पाकिस्तान स्थित मुजफ्फराबाद के LeT कैंप में ट्रेनिंग ली थी। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लिंक खंगालने में जुटी हैं।

पंजाब कांग्रेस नेता के बेटे का सुसाइड, वीडियो में चंडीगढ़ के बिल्डर पर ₹4 करोड़ के फ्रॉड का आरोप

बठिंडा पंजाब के बठिंडा जिले में कांग्रेस से जुड़े दिवंगत नेता सुखराज सिंह नत्त के इकलौते बेटे और पेशे से एडवोकेट दविंदर पाल सिंह नत्त (32) ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारने की घटना में अब सुसाइड वीडियो सामने आया है। आत्महत्या से पहले उन्होंने करीब 8 मिनट 45 सेकंड का एक वीडियो रिकार्ड किया और एक पन्ने का सुसाइड नोट भी छोड़ा है। अपने सुसाइड नोट व वीडियो में उन्होंने मोहाली-जीरकपुर के एक नामी बिल्डर और उसके परिवार को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। घटना की सूचना मिलते ही थाना कैनाल कालोनी व वर्धमान पुलिस चौंकी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट और वीडियो को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह मामला 5.5 करोड़ों रुपये के लेन-देन और कथित धोखाधड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है। मृतक एडवाेकेट दविंदर नत्त ने अपने वीडियो और सुसाइड नोट में खुलासा किया कि माेहाली-जीरकपुर के बिल्डर बिंदरपाल मित्तल, उसके बेटे प्रतीक मित्तल और भरत मित्तल ने उनसे भारी रकम ली थी, जो वापस नहीं की जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें खुद करीब साढ़े 5 करोड़ रुपये लेने थे। इसके अलावा उन्होंने अपने दोस्तों और जान-पहचान वालों से भी 6-7 करोड़ रुपये उक्त फर्म में निवेश करवाए थे। वीडियो में उन्होंने कहा कि “मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। मैंने अपनी पूरी जिंदगी की जमा पूंजी, यहां तक कि पिता की जमीन बेचकर आए पैसे, बीमा की रकम और घर की बचत तक उन्हें दे दी, लेकिन अब वे पैसे लौटाने से मुकर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस आर्थिक दबाव के कारण वे गहरे मानसिक तनाव में थे। उनपर एसबीआई बैंक का करीब 80 लाख रुपये का कर्ज भी था, जिसने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया। नेताओं और मंत्रियों से भी नहीं मिला इंसाफ वीडियो में दविंदर नत्त ने कहा कि उन्होंने न्याय पाने के लिए कई नेताओं और मंत्रियों के दरवाजे भी खटखटाए। उन्होंने बताया कि उन्होंने कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां से भी मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मैंने हर संभव कोशिश की, राजनीतिक दबाव भी डलवाया, लेकिन मुझे कहीं से इंसाफ नहीं मिला। अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा है। परिवार के लिए छोड़ा भावुक संदेश वीडियो में दविंदर नत्त बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने अपने दिवंगत पिता सुखराज सिंह नत्त से माफी मांगते हुए कहा कि वह उनका सपना पूरा नहीं कर सके। उन्होंने अपनी बुजुर्ग मां, बीमार पत्नी और बहनों का जिक्र करते हुए समाज और वकील समुदाय से उनके परिवार को संभालने और न्याय दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मेरी मां अकेली है, उसका ख्याल रखना। अगर हमारा परिवार कभी आपके काम आया हो, तो अब मेरा साथ देना और मेरे परिवार को इंसाफ दिलाना। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मौत के बाद किसी को परेशान न किया जाए, लेकिन जिन लोगों पर उन्होंने आरोप लगाए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होनी चाहिए। पोस्टमार्टम न कराने की अपील वीडियो में उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा जताते हुए कहा कि उनके शव का पोस्टमार्टम न कराया जाए, लेकिन पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत शव का पोस्टमार्टम करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोगों और वकील समुदाय में इस घटना को लेकर भारी रोष है। लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बता दे कि कि मृतक के पिता सुखराज सिंह नत्त कांग्रेस के प्रभावशाली नेता रहे हैं और मौड़ विधानसभा क्षेत्र से तीन बार चुनाव लड़ चुके थे। कांग्रेस सरकार के दौरान उन्हें वेवको का चेयरमैन भी बनाया गया था। दविंदर नत्त परिवार के इकलौते बेटे थे और उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पीछे बुजुर्ग मां, बीमार पत्नी और बहनें हैं। उनकी कोई संतान नहीं थी। पुलिस हर पहलू से कर रही जांच इस पूरे मामले को लेकर एसपी सिटी नरिंदर सिंह का कहना है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि डबवाली रोड पर स्थित गण्पति इनक्लेव के निवासी व दविंदर पाल सिंह नत्त (32) ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने करीब 8 मिनट 45 सेकंड का एक वीडियो रिकार्ड किया और एक पन्ने का सुसाइड नोट भी छोड़ा। सुसाइड नोट में उन्होंने मोहाली-जीरकपुर के एक नामी बिल्डर और उसके परिवार को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट और वीडियो की जांच की जा रही है और जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी। फिलहाल मृतक की मां के बयानों के आधार पर थाना कैनाल कालोनी में सुसराइड नोट में जिन लोगों के नाम शामिल किए गए है, उनके खिलाफ मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई की जा रही है।

पंजाब दहला: अमृतसर के थाने पर ग्रेनेड अटैक, हमलावर मौके से फरार

अमृतसर. पंजाब के सरहदी जिले अमृतसर देहात क्षेत्र में स्थित भिंडी सैदा थाने के बाहर सोमवार धमाके की सूचना है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी में इसे ग्रेनेड हमले की आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल इस बात से इनकार कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, बाइक पर सवार दो अज्ञात युवक थाने के पास पहुंचे और वहां किसी विस्फोटक वस्तु को फेंक कर फरार हो गए। वस्तु गिरते ही जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अभी इसे ग्रेनेड अटैक नहीं मान रही पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इस घटना को ग्रेनेड हमला नहीं माना जा रहा है और इसे एक मामूली धमाका बताया जा रहा है। हालांकि विस्फोट की प्रकृति और परिस्थितियों को देखते हुए जांच के सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। डीएसपी गुरिंदर पाल सिंह नगर ने बताया कि सारे मामले की जांच करवाई जा रही हैl पुलिस अभी इस विस्फोटक हमला नहीं मान रहीl डीएसपी ने बताया कि फोरेंसिक टीम की जांच के बाद ही इस बारे में कुछ स्पष्ट हो पाएगा लोगों ने दूर तक सुनी धमाके की आवाज स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाका काफी तेज था और दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी। घटना के बाद क्षेत्र में डर का माहौल बन गया है। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, इस घटना के पीछे शरारती तत्वों या किसी साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के असली कारणों का खुलासा किया जाएगा।

हाईवे पर सफर होगा महंगा और प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र

राजस्थान राजस्थान में 1 अप्रैल से एक साथ कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। ये बदलाव आम आदमी की जेब, दिनचर्या और जीवनशैली तीनों पर असर डालेंगे। सबसे बड़ा असर हाईवे पर सफर करने वालों पर पड़ेगा, जहां टोल दरों में बढ़ोतरी तय है। वहीं, सरकारी अस्पतालों से लेकर स्कूलों और पर्यटन स्थलों तक हर जगह नया शेड्यूल लागू होगा। इन बदलावों की पूरी तस्वीर समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर क्या-क्या बदलने जा रहा है और इसका सीधा असर किन लोगों पर पड़ेगा। हाईवे पर सफर अब पड़ेगा महंगा 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्रदेश के कई प्रमुख टोल प्लाजा पर दरों में बढ़ोतरी कर दी है। जयपुर से दिल्ली, किशनगढ़, सीकर और दौसा जाने वाले मार्गों पर स्थित टोल प्लाजा इस बढ़ोतरी के दायरे में आए हैं। इनमें दौलतपुरा, मनोहरपुर, शाहजहांपुर, ठीकरिया, बड़गांव, सीतारामपुरा, हिंगोनिया और टाटियावास जैसे टोल शामिल हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि निजी कार चालकों के लिए टोल दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। बढ़ोतरी मुख्य रूप से भारी और कॉमर्शियल वाहनों पर लागू होगी, जहां 5 से 20 रुपए तक का इजाफा किया गया है। लेकिन सालाना पास लेने वालों को झटका जरूर लगा है कार के वार्षिक पास की कीमत में 75 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई है। अस्पतालों में बदलेगा ओपीडी टाइम गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में भी समय बदलाव लागू किया जाएगा। मरीजों को अब पहले के मुकाबले जल्दी अस्पताल पहुंचना होगा, क्योंकि ओपीडी का समय बदलकर सुबह की ओर शिफ्ट किया जा रहा है। इस बदलाव का मकसद भीड़ को नियंत्रित करना और मरीजों को तेज गर्मी से राहत देना बताया जा रहा है। स्कूलों में नई शुरुआत 1 अप्रैल से प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। नए सत्र के साथ ही किताबें, टाइम-टेबल और कई स्कूलों में नई नीतियां भी लागू होंगी। अभिभावकों और छात्रों के लिए यह समय नई तैयारी और नए लक्ष्य तय करने का होगा। रणथंभौर में सफारी का नया समय पर्यटकों के लिए भी 1 अप्रैल से बदलाव लागू होगा। सवाई माधोपुर के रणथंभौर नेशनल पार्क में सफारी का समय बदल दिया गया है। अब मॉर्निंग सफारी सुबह 6 बजे से 9:30 बजे तक और इवनिंग सफारी दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक होगी। इसी तरह जयपुर के आमेर में हाथी सवारी का समय भी घटा दिया गया है। अब पर्यटक सुबह 7 बजे से 10:30 बजे तक ही इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। अदालतों में भी बदलेगा टाइम टेबल राजस्थान हाईकोर्ट सहित प्रदेश की सभी अदालतों में भी जल्द नया समय लागू होगा। 13 अप्रैल से ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी लागू होगी, जिसके तहत अदालतों में कार्यवाही सुबह 8 बजे से शुरू होगी। हाईकोर्ट में सुनवाई दोपहर 1 बजे तक चलेगी, जबकि ट्रायल कोर्ट में यह समय 12:30 बजे तक रहेगा। बीच में छोटे-छोटे ब्रेक भी निर्धारित किए गए हैं। यह नई व्यवस्था 28 जून तक प्रभावी रहेगी। एक नजर में बड़ा असर 1 अप्रैल से लागू हो रहे ये बदलाव सीधे तौर पर आम जनता के रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित करेंगे। जहां सफर महंगा होगा, वहीं दिन की शुरुआत भी पहले करनी पड़ेगी।

प्रॉपर्टी रेट अपडेट: चरखी दादरी में नई कलेक्टर गाइडलाइन अपलोड, आपत्ति दर्ज करने का मौका

चरखी दादरी. चरखी दादरी. हरियाणा सरकार के निर्देशों के अनुसार, चरखी दादरी जिले में वर्ष 2026-27 के लिए जमीनों के नए कलेक्टर रेट निर्धारित करने की प्रक्रिया सरकार के निर्देशानुसार शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने संशोधित प्रस्तावित दरों की तहसील अनुसार सूची आधिकारिक वेबसाइट charkhidadri.gov.in पर अपलोड कर दी है ताकि कोई भी नागरिक इन दरों की समीक्षा कर अपने सुझाव या आपत्तियां ऑनलाइन माध्यम से जमाबंदी.एनआईसी.आईएन पर प्रस्तुत कर सकें। उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा वेबसाइट पर अपलोड की गई सूची के अनुसार इस बार अधिकांश क्षेत्रों में कलेक्टर रेट में अधिक बदलाव नहीं किए गए हैं। वहीं कुछ गांवों में 10 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक रेट में बढ़ोतरी की गई है। इसी प्रकार से दादरी शहर में अधिक बदलाव न करते हुए केवल कुछ स्थानों पर आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी में कलेक्टर रेट बढ़ाए गए हैं। शहर में इन क्षेत्रों में प्रस्तावित है कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि प्रशासन की ओर से अपलोड की गई शहर के प्रस्तावित कलेक्टर रेट की सूची के अनुसार भिवानी रोड माइनर से भिवानी चौक तक आवासीय श्रेणी में प्रति गज जमीन के दाम 21,780 से बढ़ाकर 25,047 रुपये करते हुए 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है। इसी प्रकार नगर परिषद कार्यालय से भगवान परशुराम चौक होते हुए काठ मंडी तक व्यावसायिक श्रेणी की जमीन के कलेक्टर रेट में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है जिसके बाद इस क्षेत्र में दाम 1,14,950 से बढ़कर 1,43,687 रुपये प्रति गज हो जाएंगे। वहीं मुथरी घाटी से गोधडिया कॉलोनी में आवासीय श्रेणी के दाम में 25 प्रतिशत, पुराना शहर में आवासीय श्रेणी में 15 प्रतिशत, रविदास नगर में आवासीय श्रेणी में 25 प्रतिशत, सैनीपुरा में आवासीय श्रेणी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है। इसके अलावा शहर में सभी जगह कलेक्टर रेट में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया है। 31 मार्च तक दे सकते हैं प्रतिक्रिया : उपायुक्त उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने कलेक्टर रेट को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की और बताया कि सरकार के निर्देशों के तहत जिले के लोगों को इन प्रस्तावित कलेक्टर रेट पर अपनी राय देने का अवसर दिया गया है। आमजन 31 मार्च को सुबह 10 बजे तक अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने सभी जिलावासियों से अपील की है कि वे समय पर अपने सुझाव दें, जिससे नए कलेक्टर रेट अधिक पारदर्शिता और न्यायसंगत प्रक्रिया के तहत तय किए जा सकें।