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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा को दी 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 105 विकास कार्यों की सौगात

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। गरीब, किसान, महिला और युवा सहित सभी वर्गों का कल्याण राज्य सरकार का संकल्प है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान, दोनों बराबर हैं। प्रदेश के किसानों को सालभर में 12 हजार रुपए की सम्मान निधि और लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात मिल रही है। अन्नदाता की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की खुशहाली है। इसी ध्येय से किसानों को फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन, दूध उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण से आय दोगुनी करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह प्रदेश का स्वर्णिम काल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगीकरण और युवाओं को रोजगार से जोड़ने में सबसे आगे है। उन्होंने छिंदवाड़ा जिले को 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 105 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 133 करोड़ की लागत के तामिया-जुन्नारदेव मार्ग, नल जल योजना के कार्य, पुलिस आवास गृह, माध्यमिक विद्यालय भवन और छात्रावास सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के लिए नया भवन बनाए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से प्रदेश के 7008 श्रमिकों के खातों में संबल योजना की 157 करोड़ की राशि का अंतरण किया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में 55 लाख से अधिक हितग्राहियों को 463 करोड़ की राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र एवं हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चैत्र नवरात्रि की महा अष्टमी के दिन छिंदवाड़ा में दीप प्रज्ज्वलित कर एवं कन्या पूजन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रदेशवासियों को दी महाअष्टमी और राम नवमी की मंगलकामनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा को लगभग 500 करोड़ और पांढुर्णा को 350 करोड़ से अधिक की अनुपम सौगात मिली है। छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के पास जामसांवली में  हनुमान लोक के लोकार्पण का सौभाग्य मिला। भगवान  हनुमान के बिना तो रामराज्य भी अधूरा सा लगता है। हमारा शासनकाल भगवान राम के राज्य जैसा होना चाहिए। राज्य सरकार अयोध्या में प्रभु राम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद अब मध्यप्रदेश के पवित्र चित्रकूट धाम को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। विरासत को विकास से जोड़ते हुए प्रदेश में राम गमन पथ का कार्य जारी है। उज्जैन में बाबा महाकाल, जामसांवली  हनुमान धाम, सतना की शारदा मैया जैसे अनेक प्रसिद्ध धर्म स्थलों में महत्वपूर्ण तीर्थ होने के नाते सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सांसद  बंटी विवेक साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक कर्मयोगी की तरह प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। पांढुर्णा में आज  हनुमान लोक का लोकार्पण होने के साथ ही दूसरे चरण के कार्यों की भी घोषणा की गई है। छिंदवाड़ा के जनजातीय अंचलों के लिए 84 उप-स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए विद्यालय और छात्रावास की भी सौगात मिली है। तामिया-जुन्नारदेव सड़क 2 जिलों को जोड़ रही है। छिंदवाड़ा में एयरपोर्ट के विकास से क्षेत्र की एक अलग पहचान बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया है। छिंदवाड़ा कॉर्न (मक्का) सिटी है। छिंदवाड़ा जिले में आज 350 करोड़ से अधिक लागत के सिर्फ लोकार्पण हुए हैं। कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

वायरल तस्वीरों के बाद बड़ा एक्शन, IPS रतन लाल डांगी सस्पेंड

रायपुर राज्य सरकार ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी आईजी IPS रतन लाल डांगी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई है। इसका आदेश गृह (पुलिस) विभाग, छग शासन ने जारी किया है। प्रारंभिक तौर पर यह पाया गया है कि IPS रतन लाल डांगी ने अपने पद की गरिमा के अनुरूप आचरण नहीं किया और ऐसा व्यवहार किया जो नैतिकता और सेवा नियमों के खिलाफ है। उन पर पद के प्रभाव का दुरुपयोग करने और स्थापित सामाजिक मानकों का उल्लंघन करने के आरोप भी लगे हैं। आदेश में कहा गया है कि उनकी गतिविधियां सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुईं, जिससे पुलिस विभाग की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा। इस आधार पर उनके खिलाफ अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। फिलहाल IPS रतन लाल डांगी को निलंबित कर विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान रतन लाल डांगी का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। साथ ही सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। शासन की इस कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है।

CM कार्यक्रम से लौटते समय हादसा, छिंदवाड़ा में बस पलटने से 3 की मौत और कई घायल

छिंदवाड़ा सिमरिया मंदिर के पास बस और पिकअप वाहन की आमने-सामने टक्कर में बड़ा हादसा हो गया। टक्कर के बाद बस पलट गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह बस छिंदवाड़ा से भंडारकुंड जा रही थी और यात्री सीएम के कार्यक्रम से लौट रहे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अस्पताल पहुंचाए गए घायल घटना के तुरंत बाद प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को जल्द इलाज दिलाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। राहत-बचाव कार्य जारी हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेज किया गया। गंभीर रूप से घायलों का इलाज जारी है, जबकि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: अंजलि मुंडा बनीं पहली महिला गोल्ड मेडलिस्ट

रायपुर कभी-कभी जीवन की दिशा एक छोटे से निर्णय से बदल जाती है। ओडिशा की 15 वर्षीय अंजलि मुंडा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वर्ष 2022 में कक्षा में खेल चयन के दौरान उन्होंने तैराकी को चुना। एक ऐसा खेल जिसे वे उस समय सिर्फ मनोरंजन के रूप में जानती थीं। आज, वही निर्णय उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धि तक ले आया है। ओडिशा के जाजपुर जिले के गहिरागड़िया गांव की रहने वाली अंजलि ने रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में 2:39.02 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वे इस प्रतियोगिता की पहली महिला स्वर्ण पदक विजेता बन गईं। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली अंजलि चार भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। उनके पिता एक स्थानीय फैक्ट्री में वैन चालक हैं। 10 वर्ष की आयु में वे कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज से जुड़ीं, जहां उन्हें निःशुल्क शिक्षा और प्रशिक्षण मिला। यहीं से उनके खेल करियर की नींव मजबूत हुई। शुरुआत में वे अपनी बड़ी बहन से प्रेरित थीं, जो तीरंदाजी में सक्रिय हैं, लेकिन अंजलि ने तैराकी को अपना मार्ग चुना। उनकी मेहनत जल्द ही रंग लाई और तैराकी शुरू करने के एक वर्ष के भीतर ही उन्होंने एक स्थानीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। अंजलि अपनी सफलता का श्रेय अपने कोचों और खेल मंत्रालय की ‘अस्मिता लीग’ पहल को देती हैं। वर्ष 2024 में संबलपुर में आयोजित इस लीग में उन्होंने दो रजत पदक जीते थे, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। इसके बाद गुवाहाटी में आयोजित अस्मिता स्विमिंग लीग (ईस्ट जोन) में भी उन्होंने दो रजत पदक हासिल किए। हालांकि, इस उपलब्धि के बावजूद अंजलि संतुष्ट नहीं हैं। उनका लक्ष्य अपने 2:25 के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय को बेहतर करना है। लगातार यात्रा और थकान के बावजूद उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। अब अंजलि की नजर आगामी स्पर्धाओं- 50 मीटर बैकस्ट्रोक, 100 मीटर बैकस्ट्रोक और 200 मीटर इंडिविजुअल मेडली पर है, जहां वे अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने के इरादे से उतरेंगी। अंजलि मुंडा की यह सफलता न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर प्रतिभा किस तरह नई ऊंचाइयों को छू सकती है।

बिजली दरों में बढ़ोतरी का झटका! MP में 1 अप्रैल से नई दरें लागू, EV चार्जिंग टाइमिंग बदली

भोपाल मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। MPERC ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ आदेश जारी कर दिया है, जिसमें अलग-अलग श्रेणियों के लिए नई दरें तय की गई हैं। बिजली की दरों में 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। इस बार घरेलू, गैर-घरेलू, औद्योगिक और कृषि सभी तरह के उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग टैरिफ स्ट्रक्चर लागू किया गया है। खास बात यह है कि लो टेंशन (LT) उपभोक्ताओं को राहत देते हुए न्यूनतम शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इससे कम बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर खर्च का बोझ कम होने की संभावना है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए क्या घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्लैब सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी जितनी कम खपत, उतना कम बिल और ज्यादा खपत पर ज्यादा दरें लागू रहेंगी। वहीं, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरें उनके लोड और खपत के आधार पर तय की जाएंगी।

Jharkhand Doctor Bharti: राज्य में बड़े पैमाने पर भर्ती, स्वास्थ्य व्यवस्था होगी सशक्त

रांची राज्य के मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में शीघ्र ही 942 चिकित्सकों की नियुक्ति होगी। स्वास्थ्य विभाग ने रिक्त पड़े कुल 942 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत कुल 276 पदों पर नियुक्ति के लिए कार्मिक विभाग के माध्यम से अधियाचना झारखंड लोक सेवा आयोग को भेजी गई है। वहीं, शेष 666 पदों के लिए जेपीएससी को अधियाचना भेजने के लिए कार्मिक विभाग से अनुरोध किया गया है। राज्य के मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 180 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी, जिनमें 155 पद नियमित तथा 25 पद बैकलॉग श्रेणी के हैं। ये नियुक्तियां 24 विभिन्न विभागों में की जाएंगी, जिनमें मेडिसिन, सर्जरी, निश्चेतना, स्त्री एवं प्रसव रोग तथा शिशु रोग जैसे महत्वपूर्ण विभाग सम्मिलित हैं। यह नियुक्ति प्रक्रिया झारखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली, 2018 (संशोधित 2021) तथा राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के नवीनतम मानकों अनुरूप संपन्न होगी, जिससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके साथ ही राज्य के पांच प्रमुख मेडिकल कालेजों धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग, पलामू और दुमका में सुपर स्पेशियलिटी विभागों को सशक्त बनाने के लिए 96 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। इन पदों में न्यूरो सर्जरी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और आंकोलॉजी जैसे अत्याधुनिक चिकित्सा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इस पहल से राज्य में जटिल एवं गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें अपने ही राज्य में उन्नत उपचार सुविधाएं मिल सकेंगी।इसी तरह, स्वास्थ्य सेवाओं के जमीनी स्तर को मजबूत करने के लिए राज्य के विभिन्न जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों में 666 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी, जिनमें 506 पद नियमित तथा 160 पद बैकलाग के हैं। इस संबंध में विभाग के द्वारा कार्मिक विभाग को पत्र लिखा गया है कि जेपीएससी को अधियाचना भेजी जाए ताकि नियमित नियुक्ति हो सके। इनमें सर्वाधिक पद फिजिशियन (226) और शिशु रोग विशेषज्ञ (224) के हैं, जबकि निश्चेतक और स्त्री रोग विशेषज्ञ के बड़ी संख्या में पद सम्मिलित हैं। स्वास्थ्य विभाग इसके अतिरिक्त 335 चिकित्सा पदाधिकारियों की भी नियुक्ति की जानी है, जिसके लिए अधियाचना जेपीएससी को भेजने की तैयारी चल रही है।  

मंत्री सारंग ने मार्कफेड को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

मंत्री सारंग के मार्कफेड को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश बंद इकाइयों के पुनरुद्धार और संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग पर भी जोर 10.80 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य पैक्स केंद्रों पर किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश राज्य सहकारी विपणन संघ की गतिविधियों की समीक्षा भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) कार्यालय में समीक्षा बैठक में संघ की गतिविधियों, उर्वरक वितरण व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन, परिसंपत्तियों के उपयोग एवं व्यवसाय विस्तार की विस्तृत समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने कहा कि मार्कफेड को आत्मनिर्भर, आधुनिक एवं व्यावसायिक रूप से मजबूत संस्था बनाने के लिए सभी अधिकारी लक्ष्य आधारित कार्य करें। उन्होंने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने, बंद औद्योगिक इकाइयों को पुनः प्रारंभ करने, संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग करने तथा गोदामों के पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उर्वरक (खाद) प्रबंधन एवं वितरण बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 10.80 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध 23 मार्च तक 6.70 लाख मीट्रिक टन का भंडारण हो चुका है। किसानों को स्थानीय स्तर पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मंत्री सारंग ने वित्तीय प्रबंधन की समीक्षा करते हुए बैंकों से प्राप्त ऋण एवं लंबित बकाया राशि की शीघ्र वसूली के निर्देश दिए, जिससे उर्वरक कंपनियों को भुगतान में कोई बाधा नहीं आए। उन्होंने कहा कि संस्था की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाना प्राथमिकता है। परिसंपत्ति प्रबंधन एवं डिजिटल ट्रैकिंग मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि संघ की सभी अचल संपत्तियों की मैपिंग कर उनका विवरण ‘संपदा पोर्टल’ पर अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाए। साथ ही अचल संपत्तियों की सुरक्षा एवं व्यावसायिक उपयोग के लिये विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर मुख्यालय भेजी जाए। बैठक में भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर एवं अन्य स्थानों पर बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को प्रारंभ करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए। उज्जैन स्थित पेट्रोल पंप को तत्काल पुनः प्रारंभ करने तथा मुख्य मार्गों पर स्थित भूमि पर नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स/पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिये वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के भी निर्देश दिए गए। ईईसी एवं एनसीडीसी योजना के पुराने गोदामों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने तथा उपार्जन प्रक्रिया में संघ के 316 गोदामों (क्षमता 7.84 लाख मीट्रिक टन) का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा गया। संगठनात्मक लक्ष्य एवं अनुसंधान मार्कफेड के कायाकल्प के लिये गठित विशेष अनुसंधान समिति को 15 दिवस के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। “को-ऑपरेशन एमंग को-ऑपरेटिव्स” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए कृषि विपणन आंदोलन को राज्य स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। मंत्री सारंग ने कहा कि मार्कफेड के माध्यम से कृषि विपणन आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा तथा संस्था की वित्तीय स्थिति का सटीक आकलन इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक पूर्ण किया जाएगा। बैठक में राज्य विपणन संघ के प्रबंध संचालक अभिजीत अग्रवाल, सचिव महेंद्र दीक्षित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   

वन्य-जीव संरक्षण में सहयोग करने की वन विभाग ने की अपील

भोपाल  वन्य-जीव (संरक्षण) अधिनियम-1972 में प्रतिबंधित वन्य-जीवों की अवैध बिक्री, खरीद-फरोख्त एवं पालन को रोकने के लिए वन विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। फरवरी 2026 में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स एवं वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अनुसूची-I प्रजाति के 313 जीवित कछुओं को जप्त किया गया और इस मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया। वन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचीबद्ध वन्य-जीवों का शिकार, व्यापार, परिवहन, कब्जा या पालन दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद बाजार में कुछ पेट शॉप और एक्वेरियम दुकानों में प्रतिबंधित कछुओं, पक्षियों एवं अन्य जीवित प्रजातियों की अवैध बिक्री की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जो पूर्णतः गैरकानूनी है और वन्य-जीवों की प्राकृतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध है। वन विभाग ने दुकानदारों और पालतू पशु-पक्षी विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति CITES प्रजातियों का व्यापार न करें और अपने प्रतिष्ठान में उपलब्ध पशु-पक्षियों से संबंधित वैध दस्तावेज सुरक्षित रखें। साथ ही प्रतिबंधित प्रजातियों की सोशल मीडिया या ऑनलाइन माध्यमों से बिक्री और प्रचार-प्रसार से भी दूर रहने को कहा गया है। आम नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि वे प्रतिबंधित वन्य-जीवों को न खरीदें और न ही घरों में पालें। यदि किसी के पास ऐसी जानकारी हो तो तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचित करें। अवैध वन्य-जीव व्यापार की सूचना वन विभाग के टोल फ्री नंबर 0755-2524000 पर भी दी जा सकती है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वन्य-जीव (संरक्षण) अधिनियम-1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 7 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव)  एल. कृष्णामूर्ति ने नागरिकों, पेट शॉप संचालकों एवं मीडिया से वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता की रक्षा के लिए सहयोग करने की अपील की है।

जल चौपालों में दिलाया जा रहा जल संरक्षण का संकल्प

भोपाल  जल गंगा संवर्धन अभियान–2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ प्रदेश में जल संरक्षण की सशक्त पहल बनकर उभरा है। जनभागीदारी, जागरुकता और सामूहिक प्रयासों से यह अभियान जल संकट के समाधान के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रदेश में संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान–2026’ जल संरक्षण और संवर्धन का सशक्‍त माध्‍यम बन गया है। ‘बूंद-बूंद का संरक्षण’ और ‘जनभागीदारी’ के सिद्धांत पर संचालित हो रहा यह अभियान पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन और राज्य को जल-संपन्न बनाने की दिशा में प्रभावकारी सिद्ध रहा है। जबलपुर संभाग में अभियान के अंतर्गत नर्मदा नदी सहित क्षेत्र के तालाबों, कुओं और अन्य जल संरचनाओं के पुनर्भरण, साफ-सफाई और संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सक्रिय जन भागीदारी ने इस अभियान को जन-आंदोलन बना दिया है। इस अभियान से जल प्रबंधन और पर्यावरण पारिस्थितिकी संतुलन की स्थिति में सुधार हो रहा है। जल चौपाल से जल जागरुकता जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जबलपुर जिले के कुंडम विकासखंड में कलेक्टर  राघवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में ग्राम झोझ स्थित खेरमाता मंदिर परिसर में जल चौपाल का आयोजन कर ग्रामीणों को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। साथ ही जल स्रोतों की साफ-सफाई और सोक-पिट्स के निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई। अभियान के अंतर्गत कटनी जिले के रीठी विकासखंड के ग्राम पोड़ी में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं नवांकुर संस्था द्वारा जल जागरूकता चौपाल आयोजित की गई। इस दौरान तालाब, नदी, बावड़ी जैसे जल स्रोतों के गहरीकरण, साफ-सफाई से वर्षा जल संरक्षण के लिये श्रमदान का संकल्प दिलाया गया। कलश यात्रा एवं जन-जागरूकता रैली के माध्यम से भी सामूहिक स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। जल शक्ति से नव भक्ति नरसिंहपुर जिले के चांवरपाठा विकासखंड के ग्राम सिमरियाकला में वृक्ष पूजन, पौधरोपण एवं स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित कर जल संरक्षण का संदेश दिया गया। ग्रामीणों को जल की प्रत्येक बूंद बचाने की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही डिंडौरी जिले के ग्राम चटुवा में ‘जल शक्ति से नव-भक्ति’ कार्यक्रम के अंतर्गत पीपल वृक्ष पूजन एवं पुराने कुएँ की साफ-सफाई की गई। ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण के उपायों की जानकारी दी गई। जल मंदिर (प्याऊ) का शुभारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मंडला जिले में नर्मदा पथ आश्रय स्थल पर परकोलेशन टैंक निर्माण हेतु श्रमदान एवं पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर में वृद्धि करना है। इसके अलावा छिंदवाड़ा जिले के परासिया विकासखंड के ग्राम डुंगरिया तीतरा में ‘जल शक्ति से नव भक्ति’ कार्यक्रम के अंतर्गत जल मंदिर (प्याऊ) का शुभारंभ किया गया, जिससे गर्मी में राहगीरों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। जल संरक्षण पर सांस्कृतिक आयोजनों से जन जागरुकता जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सिवनी जिले में दिव्य शिक्षा आदर्श समिति द्वारा हनुमान घाट गोपालगंज की साफ-सफाई कर प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट हटाए गए तथा जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इसके अलावा बालाघाट जिले के खैरलांजी विकासखंड के ग्राम बिटोड़ी एवं लोहारा में पेयजल गुणवत्ता जांच एवं स्वच्छता अभियान चलाया गया। फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से जल के क्लोरीन, आयरन एवं फ्लोराइड की जांच कर ग्रामीणों को प्रशिक्षित किया गया। इसी प्रकार पांढुर्णा जिले के शासकीय महाविद्यालय सौसर में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर  नीरज कुमार वशिष्ठ ने कहा, “जल ही जीवन है, केवल उक्ति नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व का आधार है”। बढ़ते जल संकट के बीच नदियों, झीलों और भूजल स्तर में गिरावट चिंता का विषय है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ जल संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प और जन जागरूकता और सहभागिता का प्रभावी अभियान बनकर उभरा है।  

भावुक हुआ माहौल: ‘अपने जैसा CM बनाकर जाएं’—जीविका दीदियों की नीतीश से गुहार

नालंदा. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को नालंदा में अपनी स्मृद्धि यात्रा का समापन किया। नालंदा जिले को उन्होंने 810 करोड़ की योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान सीएम ने विशाल जनसभा को भी संबोधित किया। जनसभा में भारी तादात में महिलाएं भी दिखीं। कुछ महिलाएं नीतीश कुमार के भाषण के दौरान भावुक भी हो गईं। दीपनगर स्टेडियम में समृद्धि यात्रा के दौरान एक भावुक दृश्य देखने को मिला। जीविका दीदियों और स्थानीय महिलाओं की आंखें नम थीं। राज्यसभा और दिल्ली की राजनीति की चर्चाओं के बीच महिलाओं ने कहा कि नीतीश बाबू हमारे गार्जियन हैं, उनके जाने से ऐसा लग रहा है जैसे सिर से साया उठ रहा हो। महिलाओं ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार दिल्ली जाने से पहले अपने जैसा सीएम बनाकर जाएं। हम उनको बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं। उन्होंने बिहार की महिलाओं के लिए बहुत कुछ किया है और रोजगार देने का काम किया। विपक्ष पर बोला हमला बता दें कि सीएम नीतीश कुमार ने जनसभा के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले का बिहार किस हाल में था, ये सब जानते हैं। बिहार 2005 के बाद बदला है। नीतीश कुमार ने इस दौरान केंद्र सरकार और पीएम मोदी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज बिहार को केंद्र से लगातार सहायता मिल रही है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया है और अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। नीतीश जाएंगे राज्यसभा, कौन बनेगा बिहार का सीएम? बता दें कि आने वाले 5 दिनों में नीतीश कुमार एमएलसी के पद से इस्तीफा दे देंगे। वहीं, 10 अप्रैल तक वह राज्यसभा की शपथ भी ले लेंगे। इसके बाद बिहार में नई सरकार का गठन होगा। नया मुख्यमंत्री बीजेपी के कोटे से हो सकता है। वहीं, सूत्र बता रहे हैं कि जदयू निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाना चाहती है और विधानसभा अध्यक्ष पद भी दावेदारी पेश करेगी।