samacharsecretary.com

ओडिशा की अंजलि मुंडा ने महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में एक और स्वर्ण पदक जीता

रायपुर कर्नाटक के तैराक मणिकांता एल ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में अपना तीसरा लगातार स्वर्ण पदक जीतकर स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी की। वहीं ओडिशा की अंजलि मुंडा ने महिलाओं की स्पर्धा में अपना दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। यह उपलब्धियां उन्होंने गुरुवार को यहां खेले जा रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के दूसरे दिन हासिल कीं। मेजबान छत्तीसगढ़ के लिए भी खुशी की बात रही, जहां स्थानीय तैराक अनुष्का भगत ने महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में दूसरा स्थान हासिल कर अपना दूसरा रजत पदक जीता। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस पहले संस्करण में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें लगभग 3800 खिलाड़ी नौ खेलों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर हैं, जबकि मल्लखंब और कबड्डी को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है। मणिकांता, जिन्होंने बुधवार को 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 50 मीटर बटरफ्लाई में स्वर्ण पदक जीते थे, ने अपना दबदबा जारी रखते हुए 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले 2ः25.93 सेकंड में जीत लिया। त्रिपुरा के रियाज त्रिपुरा (2ः34.04 सेकंड) ने रजत और ओडिशा के कान्हू सोरेन (2ः36.21 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता। महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में अंजलि मुंडा ने 2ः53.82 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत (2ः59.33 सेकंड) ने रजत और ओडिशा की अंजलि मलिक (3ः06.13 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता। पदक तालिका में कर्नाटक छह स्वर्ण और दो रजत पदकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि ओडिशा तीन स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है। वेटलिफ्टिंग में असम की मोनिखा सोनोवाल और मिजोरम के इसाक मालसावम्तलुआंगा ने चोट से जूझते हुए शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीते। मोनिखा ने घुटने की चोट के बावजूद महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में 57 किग्रा स्नैच और 75 किग्रा क्लीन एंड जर्क के साथ कुल 132 किग्रा उठाकर स्वर्ण पदक जीता। ओडिशा की दीपा रानी मलिक (120 किग्रा) ने रजत और अंडमान-निकोबार की अलास्का अलीना (115 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किया। मोनिखा, जो असम के धेमाजी जिले से हैं, ने बताया कि तीन महीने पहले अभ्यास के दौरान उनका घुटना मुड़ गया था और कोच उन्हें प्रतियोगिता से हटाने पर विचार कर रहे थे, लेकिन उन्होंने खेलने का फैसला किया। उन्नीस साल के खिलाड़ी ने कहा,” मैं इस प्रतियोगिता को मिस नहीं करना चाहती थी क्योंकि मैं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। मुझे खुशी है कि मैं दबाव में अच्छा प्रदर्शन कर सकी।” मिजोरम के इसाक मालसावम्तलुआंगा भी पीठ की चोट से जूझ रहे थे। स्नैच में 108 किग्रा उठाने में संघर्ष के कारण वह दूसरे स्थान पर थे, लेकिन क्लीन एंड जर्क में शानदार वापसी करते हुए 130 किग्रा उठाकर कुल 235 किग्रा के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। झारखंड के बाबूलाल हेम्ब्रम (230 किग्रा) ने रजत और ओडिशा के सुब्रत नाइक (228 किग्रा) ने कांस्य पदक जीता।

बाल श्रम पर कड़ा प्रहार: खतरनाक उद्योगों में पूर्ण प्रतिबंध, नियम तोड़ने पर ‘जीरो रेटिंग’

भोपाल प्रदेश में 14 से 18 वर्ष तक के बच्चों का खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। सहायक श्रम आयुक्त सुश्री राखी जोशी ने बताया है कि श्रम स्टार रेटिंग के अंतर्गत यदि किसी संस्थान में बाल श्रम अथवा बंधक श्रम पाया जाता है, तो जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उस संस्थान को शून्य अंक दिए जाएंगे। इस संबंध में मध्यप्रदेश के सभी श्रम अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिन संस्थानों में बाल या बंधुआ श्रमिक नियोजित नहीं हैं, उन्हें अन्य मापदंडों में कुछ कमी होने के बावजूद श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। “वेदा पहल” के तहत बाल श्रम उन्मूलन और सतत निगरानी बाल श्रम उन्मूलन के लिए श्रम विभाग द्वारा “वेदा पहल” के अंतर्गत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत प्रत्येक शुक्रवार को नियमित समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है और अभियोजन मामलों की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साथ ही, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 (टोल-फ्री, 24/7) पर प्राप्त शिकायतों की भी निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। बाल एवं बंधक श्रम पर सख्त दंड का प्रावधान सहायक श्रम आयुक्त, श्रमायुक्त कार्यालय इंदौर से प्राप्त जानकारी के अनुसार कानूनी प्रावधानों के तहत बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत दोषी पाए जाने पर 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माना और 6 माह से 2 वर्ष तक कारावास की सजा का प्रावधान है। वहीं, बंधक श्रम पद्धति (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के अंतर्गत अधिकतम 3 वर्ष कारावास या 2 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। बंधक श्रमिकों के पुनर्वास के लिये आर्थिक सहायता और कार्पस फंड व्यवस्था बंधक श्रमिकों के पुनर्वास के लिए केंद्र प्रवर्तित योजना 2021 के तहत वयस्क पुरुष श्रमिकों को 1 लाख रुपये, महिला श्रमिकों और अनाथ बच्चों को 2 लाख रुपये तथा शारीरिक शोषण या मानव तस्करी के पीड़ितों को 3 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा प्रत्येक जिले में पुनर्वास के लिए कार्पस फंड का भी गठन किया गया है।  

स्कूलों में ही बनेंगे आधार कार्ड और अद्यतन भी होगा

भोपाल राज्य शिक्षा केन्द्र, स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के सहयोग से प्रदेश के स्कूलों में छात्रों की सुविधा के लिए आधार नामांकन एवं अद्यतन शिविर विद्यार्थियों के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार का अगला चरण 1 अप्रैल से शुरू किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके विद्यालय परिसर में ही आधार से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें नामांकन और अपडेट के लिए अलग से कहीं जाने की आवश्यकता न पड़े। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व यह कार्यक्रम 18 अगस्त से 31 अक्टूबर 2025 के बीच दो चरणों में आयोजित किया जा चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लाभ मिला था। अब इसके अगले चरण के माध्यम से शेष विद्यार्थियों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लंबित बायोमेट्रिक अपडेट को पूर्ण करने के उद्देश्य से “विद्यार्थियों के लिए आधार, अब स्कूल के द्वार” अभियान का अगला चरण प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर 15 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर पर ही आधार से संबंधित सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। 500 से अधिक ऑपरेटर्स का किया गया है चयन आधार शिविरों के कुशल संचालन के लिए लगभग 500 से अधिक ऑपरेटर्स का चयन किया गया है। इसके साथ ही इस सबंध में शालाओं के प्रधानाध्‍यापकों को निर्देशित भी किया गया है कि वे UDISE+ पोर्टल से उन विद्यार्थियों की सूची अद्यतन कर लें जिनके आधार में MBU पेंडिंग हैं। ऐसे विद्यार्थियों को आधार अपडेट कराने के लिये जागरूक करें और इसके लिए एक रोस्टर बनाएं। स्‍कूल शिक्षा विभाग की यह पहल मुख्य रूप से बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) पर केंद्रित है। जिसमें उनके आधार में उंगलियों के निशान, आईरिस स्कैन और एक तस्वीर अपडेट करना शामिल है। पहला अपडेट तब आवश्यक है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए। दूसरा MBU तब आवश्यक है जब बच्चा 15 वर्ष का हो जाए। दूसरा MBU 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निःशुल्क है, लेकिन 17 वर्ष की आयु के बाद शुल्क लागू होता है। अपडेटेड बायोमेट्रिक्स वाला आधार कार्ड, स्कूल प्रवेश, प्रवेश परीक्षा, छात्रवृत्ति और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं जैसी सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसीलिए सरकार समयबद्ध तरीके से विद्यार्थियों की 100 प्रतिशत अपार आईडी (APAAR id) बनाने का भी लक्ष्य रख रही है। अपार आईडी विद्यार्थियों को उनके सभी शैक्षणिक क्रेडिट, जैसे स्कोर कार्ड, मार्कशीट, ग्रेड शीट, डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और सह-पाठ्यचर्या संबंधी उपलब्धियों को डिजिटल रूप से संग्रहीत, प्रबंधित और एक्सेस करने में मदद करती है। यह आईडी शिक्षा जगत में छात्र के लिए एक स्थायी डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करती है। APAAR id के लिए महत्वपूर्ण है कि स्कूलों द्वारा APAAR Id बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले UDISE+ पोर्टल में दर्ज छात्र का नाम, आधार कार्ड में दर्ज नाम से मेल खाना चाहिए। स्कूल एडमीशन, प्रवेश परीक्षा, स्कॉलरशिप और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रोग्राम जैसी सर्विस पाने के लिए स्टूडेंट के पास मौजूदा बायोमेट्रिक्स वाला आधार होना ज़रूरी है। स्टूडेंट्स के लिए सबसे नए बायोमेट्रिक्स वाला अपडेटेड आधार भी ज़रूरी है, क्योंकि NTA, UPSC, JEE, NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए परीक्षा फॉर्म जमा करने और परीक्षा केन्‍द्रों में आगे एंट्री के लिए मोबाइल नंबर से जुड़ी आधार विवरण आवश्‍यक होता है। अपडेटेड आधार से स्टूडेंट की APAR ID भी आसानी से बन जाती है। पहले चरण में 2000 से अधिक स्कूलों में लगा था शिविर विद्यार्थियों की सुविधा के लिए, मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग, राज्य शिक्षा केंद्र के द्वारा यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (UIDAI) के सहयोग से "विद्यार्थी के लिए आधार, अब स्कूल के द्वार" पहल शुरू की गई है। पहले चरण में प्रदेश के 2000 से ज़्यादा विद्यालयों में MBU कैंप लगाए गए थे, जिनमें 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने आधार में बायोमेट्रिक्स अपडेट किए थे।  

पुलिस का बड़ा एक्शन: जालंधर में हथियार तस्कर गिरफ्तार, जर्मनी-अमेरिका से जुड़े तार

जालंधर. जालंधर में काउंटर इंटेलिजेंस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरराज्यीय अवैध हथियार सप्लाई करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश से जुड़े बताए जा रहे हैं और लंबे समय से पंजाब में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को हथियार मुहैया करवा रहे थे। पुलिस के अनुसार आरोपितों के कब्जे से 7.65 एमएम की 10 देसी पिस्तौल और 20 मैगजीन बरामद की गई हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये हथियार पंजाब के विभिन्न जिलों में गैंगस्टरों तक पहुंचाए जा रहे थे, जिससे आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा था। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि नेटवर्क के तार विदेश तक जुड़े हुए हैं। आरोपी जर्मनी और अमेरिका में बैठे अपराधियों के निर्देश पर काम कर रहे थे। विदेश में बैठे ये हैंडलर पंजाब में अपने नेटवर्क के जरिए हथियारों की सप्लाई करवा रहे थे और गैंगस्टरों को मजबूत करने में लगे हुए थे। बीकेआई के सक्रिय सदस्य हो चुके अरेसट पुलिस ने बताया कि इससे पहले इसी मामले में बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। इन लोगों ने विदेशी आकाओं के निर्देश पर बलाचौर के पास तीन ग्रेनेड और एक विस्फोटक उपकरण लगाया था। बाद में यही विस्फोटक हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ थाना क्षेत्र में हुए धमाके में इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा, गिरफ्तार आरोपी गढ़शंकर में एक ट्रैवल एजेंट के घर पर गोलीबारी और उगाही की घटना में भी शामिल पाए गए हैं। यह वारदात भी उन्होंने विदेश में बैठे अपने आकाओं के कहने पर अंजाम दी थी। एसएसओसी अमृतसर में मामला दर्ज पुलिस ने इस मामले में अमृतसर स्थित स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल में केस दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। यह कार्रवाई दिखाती है कि पंजाब में अवैध हथियारों और विदेशी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है, ताकि कानून व्यवस्था को मजबूत रखा जा सके।

बस्तर में गृहमंत्री का अचानक दौरा: रात में CRPF कैंप पहुंचे विजय शर्मा, सुरक्षा बनी चुनौती

बस्तर. छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने बुधवार को बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। वे बस्तर से दंतेवाड़ा, बारसूर और माडुम घाटी होते हुए सड़क मार्ग से रात करीब 9 बजे सातधार स्थित CRPF कैंप पहुंचे। यह वही मार्ग है, जो कभी नक्सल गतिविधियों के कारण बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा होता था। ऐसे इलाके में गृहमंत्री का सड़क मार्ग से सफर करना सुरक्षा व्यवस्था में आए बदलाव और सरकार के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला मौका है, जब कोई गृहमंत्री इस तरह सड़क मार्ग से इन दुर्गम और पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होते हुए सातधार कैंप तक पहुंचे हैं। गृहमंत्री विजय शर्मा के इस दौरे को बस्तर में शांति और विकास की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी इस यात्रा को लेकर उत्साह देखा गया और इसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य हालात लौटने के रूप में देखा जा रहा है।

नई एक्साइज पॉलिसी की मंजूरी, अब इस शहर के पेट्रोल पंप पर मिलेगी शराब

 चंडीगढ़ चंडीगढ़ में अब शराब खरीदना और भी आसान हो जाएगा. चंडीगढ़ प्रशासन ने नई एक्साइज पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी दे दी है. इस नई नीति में बड़ा बदलाव ये है कि अब शराब सिर्फ पुरानी ठेकों पर ही नहीं, बल्कि पेट्रोल पंपों, शॉपिंग मॉल्स और लोकल मार्केट्स में भी बिक सकेगी. इसके अलावा बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर्स भी विदेशी शराब, वाइन और बीयर बेच सकेंगे।  इसके साथ ही सरकार ने कुछ जरूरी नियम भी बनाए हैं. अब हर शराब की दुकान पर डिजिटल पेमेंट (कार्ड और POS मशीन) अनिवार्य कर दिया गया है. बार, होटल और रेस्टोरेंट में अल्कोहल मीटर (शराब जांचने वाली मशीन) लगाना भी जरूरी होगा, ताकि लोग जिम्मेदारी से शराब पी सकें. कुल मिलाकर नई नीति में सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता और बेहतर नियंत्रण पर भी जोर दिया गया है।  डिजिटल पेमेंट होगा जरूरी नई नीति में पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करने के लिए कई तकनीकी प्रावधान किए गए हैं। अब सभी शराब दुकानों पर डिजिटल पेमेंट की सुविधा अनिवार्य होगी, जिसमें कार्ड और पीओएस मशीन का उपयोग करना जरूरी रहेगा। इसके साथ ही बार, होटल और रेस्टोरेंट में अल्कोहल मीटर लगाने का प्रावधान किया गया है, ताकि शराब की मात्रा और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन का मानना है कि इन कदमों से जिम्मेदारी के साथ शराब सेवन को बढ़ावा मिलेगा और नियमों के पालन में भी आसानी होगी। नई नीति में 97 दुकानों को मंजूरी नई एक्साइज नीति के तहत चंडीगढ़ में कुल 97 शराब दुकानों को मंजूरी दी गई है। भारतीय शराब, बीयर और वाइन की कीमतों में अधिकतम 2 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। इसके अलावा शराब की सप्लाई करने वाले वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है, जिससे परिवहन प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके। बोटलिंग प्लांट को सप्ताह में छह दिन संचालन की अनुमति दी गई है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों और लाइव मॉनिटरिंग के जरिए पूरी व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। पारदर्शिता और नियंत्रण पर फोकस प्रशासन का कहना है कि नई नीति से जहां लोगों को शराब खरीदने में सुविधा मिलेगी, वहीं अवैध गतिविधियों पर भी रोक लगेगी। संगठित खुदरा स्थानों पर बिक्री की अनुमति मिलने से उपभोक्ताओं को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिलेगा। सरकार का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है। माना जा रहा है कि यह नीति उपभोक्ताओं की सुविधा, राजस्व वृद्धि और नियंत्रण व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायक साबित होगी।  चंडीगढ़ में कुल 97 शराब की दुकानें मंजूर की गई हैं. भारतीय शराब, बीयर और वाइन पर अधिकतम 2 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. शराब ले जाने वाली गाड़ियों में GPS ट्रैकिंग लगाना अनिवार्य होगा. बोतलिंग प्लांट अब हफ्ते में 6 दिन काम कर सकेंगे. CCTV और लाइव मॉनिटरिंग के जरिए निगरानी सख्त की जाएगी।  सरकार का कहना है कि नई पॉलिसी से लोगों को शराब आसानी से मिल सकेगी और साथ ही अवैध कामों पर भी लगाम लगेगी. प्रशासन का उद्देश्य इससे न केवल शराब की खरीद को आसान बनाना है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित करना है. संगठित खुदरा स्थानों पर बिक्री की अनुमति से उपभोक्ताओं को एक सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिलेगा, जहां वे आसानी से शराब खरीद सकेंगे। 

राज्यपाल पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया ने सौजन्य भेंट की भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने गुरूवार को राजभवन पहुँचकर सौजन्य भेंट की। आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने राज्य वित्त आयोग का कार्यभार ग्रहण करने की जानकारी राज्यपाल को दी। उल्लेखनीय है कि 23 मार्च 2026 को आयोग के अध्यक्ष पवैया के साथ आयोग के सदस्य के. के. सिंह तथा सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार ने भी अपना-अपना कार्यभार ग्रहण किया है। राज्यपाल पटेल ने वित्त आयोग की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा विभिन्न गतिविधियों को लेकर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि राज्य वित्त आयोग अपने उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करते हुए प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष पवैया ने राज्यपाल पटेल को आश्वस्त किया कि आयोग को सौंपे गए दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया जाएगा और राज्य के विकास में आयोग अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाएगा। राज्यपाल पटेल ने आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आयोग को सौंपे गए दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना ही राज्य और देश की सच्ची सेवा है।  

काम में कसावट के लिए सख्त कदम: हरियाणा में 63 अफसरों का ट्रांसफर

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 21 आईएएस और 42 एचसीएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां कर दी हैं। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं और सभी बदलाव तुरंत लागू कर दिए गए हैं। सरकार ने इस फेरबदल के जरिए कई विभागों और जिलों में कामकाज को और मजबूत करने की कोशिश की है। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कई अधिकारियों को अहम पदों पर नई तैनाती मिली है। इन अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी जारी आदेशों के मुताबिक, आईएएस अधिकारी अमित कुमार अग्रवाल को उनके मौजूदा काम के साथ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का सदस्य सचिव बनाया गया है। गीता भारती को हिसार मंडल का आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, रवि प्रकाश गुप्ता को शहरी संपदा विभाग का सचिव और गुरुग्राम मंडल का आयुक्त बनाया गया है। नरहरि सिंह बांगड़ को कंफेड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। सत्येंद्र दुहान को कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग में निदेशक और अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। सतबीर सिंह को फायर सर्विसेज का निदेशक और आयुष्मान भारत हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है। जिलों और विभागों में भी बदलाव वंदना डिसोदिया को गृह विभाग में अतिरिक्त सचिव के साथ हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की प्रबंध निदेशक बनाया गया है। जयदीप कुमार को पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग में अतिरिक्त सचिव लगाया गया है। लक्षित सरीन को हांसी में एडीसी-कम-डीसीआरआईओ के साथ जिला नगर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। 

कांकेर में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, 33 लाख के इनामी 6 माओवादी हथियारों समेत आत्मसमर्पण

कांकेर कांकेर जिला अंतर्गत दो दिनों में राजनांदगांव-कांकेर बॉर्डर डिवीजन के 05 माओवादी कैडर एवं मिलिट्री कंपनी-05 के 01 कैडर ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में स्वरूपा उसेंडी के ऊपर 8 लाख और शेष प्रत्येक माओवादी पर 5-5 लाख का इनाम घोषित था। कुल 33 लाख के इनामी माओवादियों ने पुलिस के सामने घुटने टेके हैं। हथियारों के साथ पहुंचे नक्सली, पुनर्वास नीति से हुए प्रभावित आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों में एसीएम मंगेश पोडियमी, एसीएम गणेश वीके, एसीएम मंगती जुर्री, एसीएम हिडमे मरकाम उर्फ सुनीता, एसीएम राजे और पीपीसीएम स्वरूपा उसेंडी (पीएलजीए कंपनी-05) शामिल हैं। पुनर्वास हेतु आगे आए इन माओवादी कैडरों द्वारा कुल 03 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया गया है, जिसमें 01 नग एसएलआर तथा 02 नग .303 राइफल शामिल हैं। पुनर्वास हेतु आगे आए माओवादी कैडरों से प्राप्त जानकारी के आधार पर इलाके में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से संपर्क स्थापित कर उन्हें भी मुख्यधारा में शामिल कराने के प्रयास जारी हैं। बस्तर आईजी की अपील, मुख्यधारा में लौटें शेष बचे माओवादी वे सभी 06 माओवादी कैडर जिन्होंने पुनर्वास का मार्ग चुना है, उनके सामाजिक मुख्यधारा में पुनः एकीकरण तथा हथियारों की औपचारिक सुपुर्दगी आदि की कार्रवाई संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात आयोजित की जाएगी। पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टलिंगम ने एक बार फिर शेष बचे कुछ माओवादी कैडरों से हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील दोहराई। उन्होंने कहा कि जो कैडर शांतिपूर्ण एवं सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आगे आएंगे, उन्हें पुनर्वास नीति के अंतर्गत सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी। यह उल्लेखनीय है कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर पिछले 26 महीनों में 2700 से अधिक माओवादी कैडर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं।

महाअष्टमी विशेष: बंजारी मंदिर में नाग-नागिन के दर्शन की मान्यता, भक्तों का लगा तांता

रायपुर. नवरात्रि के आठवें दिन महाअष्टमी के अवसर पर राजधानी रायपुर के देवी मंदिरों में भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। आज मां महागौरी की पूजा की जा रही है और शहर के तमाम मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। अष्टमी के मौके पर रायपुर के विभिन्न देवी मंदिरों में सुबह से ही हवन, पूजन और आरती का दौर जारी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं, जिससे हर जगह आस्था का सैलाब नजर आ रहा है। बंजारी मंदिर में उमड़ा जनसैलाब रावांभाठा स्थित बंजारी माता मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। बंजारी माता मंदिर को लेकर मान्यता है कि इसे बंजारा समाज द्वारा खोजा गया था, जिसके कारण इसका नाम बंजारी माता मंदिर पड़ा। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित प्रतिमा को लेकर कहा जाता है कि यह मां बगलामुखी की मूर्ति है, जो पास के जंगल से प्राप्त हुई थी। नाग-नागिन की अनोखी मान्यता मां बंजारी मंदिर से जुड़ी एक खास मान्यता भी प्रचलित है। बताया जाता है कि यहां दर्शन के लिए नाग-नागिन के जोड़े आते हैं। पुजारियों के अनुसार पहले एक जोड़ा देखा जाता था, लेकिन अब समय के साथ कई जोड़े यहां नजर आने लगे हैं।