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MP के बरगी डैम के 9 गेट खुले, नर्मदा का जलस्तर 8 फीट बढ़ेगा

जबलपुर  जबलपुर का बरगी बांध पानी से लबालब हो गया है। बांध के जलग्रहण क्षेत्र में कल और रात्रि में हुई वर्षा के कारण पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बांध की सुरक्षा एवं जल स्तर को नियंत्रित एवं स्थिर बनाए रखने की दृष्टि से जल निकासी बढ़ाई जा रही है। आज यानि 26 सितंबर को बरगी बांध के 9 गेट खोलकर नर्मदा नदी में पानी छोड़ा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार बांध में पानी बढ़ने से ऐसा करना आवश्यक हो गया है। जल निकासी को देखते हुए प्रशासन ने नर्मदा के आसपास रहनेवालों को घाटों से दूर रहने को चेताया है। बांध से पानी निकालने के कारण नर्मदा के घाटों पर वर्तमान जलस्तर से लगभग 8 फीट की वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सहायक यंत्री ने बरगी के और जल द्वार खोलना जरूरी बताया बरगी बांध के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सहायक यंत्री ने बताया कि बरगी के और जल द्वार खोलना जरूरी हो गया है। बांध से निकाले पानी से नर्मदा के जलस्तर में वृद्धि होगी जिसके संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है। बांध के 9 गेट प्रातः 11:00 बजे से खोले जाएंगे सहायक यंत्री के अनुसार बांध के 9 गेट खोले जाएंगे। इन सभी जलद्वारों को औसतन 1.83 मीटर ऊंचाई तक खोला जाएगा। आधिकारिक सूचना के अनुसार बरगी बांध के 9 गेट प्रातः 11:00 बजे से खोले जाएंगे। इससे लगभग 2522 क्यूमेक जल निकाला जाएगा। जल निकासी के कारण नर्मदा के वर्तमान जलस्तर से लगभग 8 फीट वृद्धि होने की संभावना बरगी बांध के जल द्वार औसतन 1.83 मीटर ऊंचाई तक खोलने का व्यापक प्रभाव पड़ेगा। नर्मदा में पानी छोड़ने से नदी का जलस्तर बढ़ेगा। अधिकारियों ने बताया कि बरगी बांध से पानी की इस जल निकासी के कारण नर्मदा के घाटों पर वर्तमान जलस्तर से लगभग 6 से 8 फीट की वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में आमजनों से अनुरोध भी किया गया है कि नर्मदा के घाटों एवं तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। अधिकारियों का यह भी कहना है कि बरगी बांध में पानी की आवक के अनुसार जल निकासी की मात्रा को आवश्यकता के अनुरूप कभी भी घटाया अथवा बढ़ाया जा सकता है।

भोपाल की बेटी आशी चौकसे ने बढ़ाया MP का मान, शूटिंग में रजत पदक

भोपाल  मध्य प्रदेश की बेटी और स्टार शूटर आशी चौकसे ने एशियाई खेलों (Asian Games 2026) में देश का नाम रोशन करते हुए रजत पदक अपने नाम कर लिया है। आशी चौकसे ने यह ऐतिहासिक सफलता महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन (Three Positions) टीम स्पर्धा में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करते हुए हासिल की। इस स्पर्धा में आशी चौकसे के साथ तिलोत्तमा सेन और विदरसा विनोद की तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में सिल्वर मेडल डाला। तिलोत्तमा सेन और विदर्शा विनोद ने तीसरे और छठे स्थान पर रहकर क्वालिफाई किया। तिलोत्तमा ने स्टैंडिंग राउंड में 97 और 98 के स्कोर के साथ कुल 590 अंक हासिल किए। वह दो चीनी खिलाड़ियों से पीछे रहीं, जिनके स्कोर 594 और 591 थे। विदर्शा का स्टैंडिंग राउंड का प्रदर्शन शानदार रहा (98 और 98)। उन्होंने नीलिंग राउंड के 193 के स्कोर से वापसी करते हुए कुल 588 अंक बनाए और छठे स्थान पर रहीं। स्टैंडिंग राउंड की पहली सीरीज में 93 के स्कोर ने आशी चौकसे को काफी पीछे कर दिया और वह इससे उबर नहीं पाईं। अपनी आखिरी स्टैंडिंग सीरीज में 97 के स्कोर के साथ उन्होंने कुल 585 अंक हासिल किए। 9वीं कक्षा से की थी शूटिंग करियर की शुरुआत भोपाल की रहने वाली आशी चौकसे की निशानेबाजी यात्रा की शुरुआत कक्षा 9वीं में नेशनल कैडेट कोर (NCC) के माध्यम से हुई थी। एनसीसी से मिले शुरुआती अनुभव के बाद उनका चयन 'मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी' (भोपाल) में हुआ, जहां उन्होंने कोच सुमा शिरूर और वैभव शर्मा के मार्गदर्शन में अपनी तकनीक को निखारा। अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐतिहासिक सफलताएं 2022 (वर्ल्ड कप डेब्यू): बाकू (Baku) में आयोजित ISSF विश्व कप में मिक्स्ड टीम इवेंट में स्वर्ण पदक (Gold) जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही सूहल (Suhl) जूनियर विश्व कप में दो कांस्य पदक (Bronze) जीते। 2023 (एशियाई खेल, हंगझोऊ): हंगझोऊ एशियाई खेलों में आशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 50m राइफल 3 पोजिशन टीम इवेंट में रजत पदक (Silver) और व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक (Bronze) अपने नाम किया। 2023 (एशियाई चैंपियनशिप): टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। 2024 (एशियाई चैंपियनशिप, जकार्ता): व्यक्तिगत 50m राइफल 3 पोजिशन स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया।   

बस्तर में बारिश का कहर, मंत्री कश्यप ने सभी कलेक्टरों से जानी स्थिति

भारी बारिश को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर संभाग के सभी कलेक्टरों से ली स्थिति की जानकारी प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी के दिए निर्देश रायपुर बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश और कई क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों से दूरभाष पर चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बारिश से प्रभावित क्षेत्रों, नदी-नालों के जलस्तर, आवागमन की स्थिति तथा प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को पूरी सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए। मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जहां भी जलभराव अथवा बाढ़ की स्थिति बन रही है, वहां प्रशासन तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करे। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उनके लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निचले और संवेदनशील इलाकों तथा नदी-नालों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। जिन मार्गों, पुल-पुलियों या रपटों पर पानी बह रहा हो, वहां लोगों को आवागमन न करने दिया जाए। आवश्यकता के अनुसार पुलिस एवं प्रशासन की टीम तैनात कर बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। मंत्री कश्यप ने बस्तर के ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण संपर्क मार्ग प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखी जाएं और राहत दल आवश्यक संसाधनों के साथ सतर्क रहें, ताकि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके। मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाना और जनहानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को जिला स्तर पर स्थिति की लगातार समीक्षा करने, आवश्यकतानुसार संसाधनों की तत्काल व्यवस्था करने तथा मैदानी अमले को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि किसी भी प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचाने में विलंब न हो। राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश मंत्री कश्यप ने कहा कि जिन क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की आवश्यकता हो, वहां राहत शिविरों की समुचित व्यवस्था की जाए। शिविरों में भोजन, पेयजल, आवश्यक दवाइयां और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध हो। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने बारिश और जलभराव के बाद उत्पन्न हो सकने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य अमले को सतर्क रखने के निर्देश भी दिए। नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील मंत्री कश्यप ने नागरिकों से अपील की कि भारी बारिश के दौरान तेज बहाव वाले नदी-नालों, जलमग्न पुल-पुलियों और रास्तों को पार करने का प्रयास न करें। जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति या सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।

दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना में बड़ी उपलब्धि, ताड़ोकी-रावघाट खंड पूरा

दक्षिण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में नया अध्याय, रावघाट तक पहुंची रेल पटरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना के अंतिम ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा, मुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि मुख्यमंत्री ने कहा- दूरस्थ अंचलों की दूरियां घटेंगी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के नए अवसरों के द्वार खुलेंगे 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट परियोजना का अंतिम 17.5 किलोमीटर रेल खंड तैयार मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति जताया आभार रायपुर  दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों को देश के व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर अंचल की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि रावघाट तक रेल पटरी पहुंचना केवल रेल कनेक्टिविटी का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों में विकास और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार को अभूतपूर्व गति मिली है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को भी आधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़ने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दल्लीराजहरा से रावघाट तक रेल संपर्क का विस्तार इस अंचल के सामाजिक और आर्थिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने वाला सिद्ध होगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय नागरिकों के लिए आवागमन सुगम होगा और राजधानी रायपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच बेहतर होगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक क्षेत्रवासियों की पहुंच और आसान होगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ से दूरस्थ क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। बस्तर सहित दक्षिण छत्तीसगढ़ में मजबूत होती कनेक्टिविटी क्षेत्र की संभावनाओं को नई शक्ति दे रही है। 95 किलोमीटर की परियोजना का अंतिम 17.5 किलोमीटर खंड तैयार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इसके अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज रेल खंड है। नई रेल लाइन को परिचालन के लिए तैयार करने की निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत इस खंड का रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा निरीक्षण एवं गति परीक्षण किया गया है। इस दौरान रेल लाइन, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग सहित सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई। वर्तमान में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। ताड़ोकी-रावघाट खंड में रेल परिचालन प्रारंभ होने के बाद आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। पर्यटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी अपने साथ विकास की अनेक संभावनाएं लेकर आती है। रावघाट तक रेल संपर्क से क्षेत्र में पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को बल मिलेगा तथा स्थानीय व्यापार एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा। दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों को व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने से लोगों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की नई संभावनाओं के सृजन में भी यह रेल परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन, कृषि एवं वनोपज की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। बेहतर कनेक्टिविटी इन संभावनाओं को वास्तविक आर्थिक अवसरों में बदलने का माध्यम बनेगी। विकास और कनेक्टिविटी से बदल रही दक्षिण छत्तीसगढ़ की तस्वीर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दक्षिण छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास के साथ आधारभूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी आवागमन कठिन था, वहां आज सड़क, रेल और संचार नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास की सुविधाएं अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक पहुंचें और उसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आर्थिक प्रगति के समान अवसर मिलें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रावघाट तक पहुंची रेल पटरी विकास की पटरी पर तेजी से आगे बढ़ते छत्तीसगढ़ की तस्वीर है। यह रेल लाइन दक्षिण छत्तीसगढ़ की दूरियां कम करने के साथ यहां के लोगों को अवसरों के और करीब लाएगी। आने वाले समय में बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से इस पूरे अंचल की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक और मजबूत रेल अधोसंरचना इस संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

तूफान-बारिश से बिजली गुल, रांची-बोकारो में टूटे खंभे और तार

 रांची  अर्नब चक्रवात के कारण 40 से 50 किमी की रफ्तार के तूफान और झमाझम बारिश के बीच पूरे राज्य में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। रांची, बोकारो, जमशेदपुर समेत कुछ और शहरों में बिजली गुल होने की सूचना से ऊर्जा विभाग के मुख्यालय में सबके कान खड़े हो गए। ऊर्जा सचिव के अलावा झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के सीएमडी और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के एमडी के. श्रीनिवासन ने ऊर्जा भवन में अधीनस्थ आला अधिकारियों को तलब किया गया। जिला वार समीक्षा शुरू की गई। पाया गया कि रांची और बोकारो में बिजली के खंभे और तार अपेक्षाकृत अधिक क्षतिग्रस्त हुए हैं। दोनों जगहों पर स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है, तभी बिजली व्यवस्था सुचारू हो पाएगी। के श्रीनिवासन के निर्देश पर कार्य शुरू हुआ भी। के. श्रीनिवासन के पास झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से जो सूचनाएं आईं, उसके बाद अंदाजा लग गया था कि शिथिलता रही तो हालात बिगड़ते चले जाएंगे। एक-एक कर बिजली महाप्रबंधकों से पूछताछ शुरू हुई। जानकारी मिली कि अकेले रांची जिला के चुटिया, मेन रोड, चडरी, नामकुम, कुसई कालोनी, खेल गांव, कोकर, टाटीसिलवे, बरियातु, विकास, सिल्ली, बूटी मोड़, एयरपोर्ट और रिम्स में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। रात तक अधिकतर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कई शहरों में बड़े-बड़े पेड़ और उसकी डाली गिर जाने से बिजली तार टूट गए हैं। बिजली खंभे उखड़ या मुड़़ गए हैं। श्रीनिवासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि तुरंत उन्हें ठीक करें। यह निर्देश भी दिया गया कि जहां भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई है, वहां सब स्टेशन पर योग्य अधिकारी जरुर उपस्थित रहेंगे। शिकायतों के लिए मोबाइल नंबर जारी निगम की ओर से बिजली से जुड़ी शिकायतों के लिए मोबाइल नंबर जारी किया गया है। मोबाइल नंबर 9031110121, 8003456570, 9431135503, 9031110118, 9031110119 एवं 9031110120 पर नागरिक शिकायत कर सकते हैं।  

CM के सोशल मीडिया हैंडल से नाबालिग की फोटो पोस्ट, कर्मचारी पर FIR

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारी सोशल मीडिया हैंडल से जमुई कांड की नाबालिग पीड़िता का फोटो पोस्ट करने के मामले में एफआईआर हो गई है। पटना के सचिवालय थाना में शुक्रवार को केस दर्ज किया गया है। इसमें सम्राट के दफ्तर के एक कर्मचारी को आरोपी बनाया गया है। सचिवालय थाना की एसआई अमिता कुमारी की शिकायत पर सीएम सचिवालय में तैनात आशुलिपिक (स्टेनोग्राफर) सागर प्रसाद पर पॉक्सो एक्ट समेत अन्य अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। दरअसल, जमुई जिले में बीते दिनों सरेआम हवसी गुंडों के उत्पीड़न की शिकार हुई नाबालिग छात्रा ने परिवार के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से गुरुवार को मुलाकात की थी। पटना स्थित सीएम आवास में हुई इस मुलाकात की तस्वीर सीएम के सोशल मीडिया हैंडल पर रात में पोस्ट कर दी गई। हालांकि, फोटो को कुछ ही मिनटों में हटा दिया गया, लेकिन तब तक यह वायरल हो गई। तेजस्वी ने सीएम पर बोला हमला विपक्ष ने इसे मुद्दा बना दिया। नेता प्रतिपक्ष एवं आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी पर नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप लगाया। उन्होंने सुसंगत धाराओं में केस दर्ज करने की भी मांग की। अब इस मामले में सीएम के हैंडल से फोटो पोस्ट करने वाले कर्मचारी पर ऐक्शन हो गया है। स्टेनोग्राफर ने अपलोड किया था फोटो एफआईआर में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के आधिकारिक एक्स हैंडल से जमुई कांड की पीड़िता की फोटो पोस्ट की गई थी। यह फोटो अन्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। सूचना मिलने के बाद सचिवालय थाना पुलिस ने जब सत्यापन किया तो पाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद ने यह फोटो एक्स पर अपलोड किया था। फोटो शेयर करने वाले अन्य लोगों पर भी ऐक्शन होगा एफआईआर में आशुलिपिक सागर के अलावा पीड़िता की सोशल मीडिया पर पहचान उजागर करने वाले अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। सचिवालय थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि फोटो को शेयर करने वाले अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने से घटना की संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक हो गई है। यह लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है। देश भर में चर्चित हुआ जमुई की घटना जमुई जिले में मड़वा पहाड़ी के रास्ते 19 सितंबर की शाम को सहपाठी के साथ लौट रही नाबालिग छात्रा के साथ हवसी गुंडों ने बीच सड़क छेड़खानी की थी। आरोपियों ने पीड़िता के साथ अश्लील हरकत और बदसलूकी की। इसका वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला देश भर में चर्चा का विषय बना। जमुई पुलिस ने इस केस में मुख्य आरोपी नंदन यादव और हरेराम यादव के अलावा अन्य सभी गुंडों को गिरफ्तार कर लिया। जमुई के बाद समस्तीपुर, बांका और किशनगंज जैसे जिलों से भी ऐसी ही घटनाएं सामने आईं, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

डिंडौरी-उमरिया-शहडोल में बारिश से हाहाकार, बाणसागर के 6 गेट खुलेंगे

डिंडौरी/उमरिया/शहडोल  डिंडौरी जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। नर्मदा नदी में बाढ़ आने से जबलपुर-अमरकंटक मार्ग पिछले 1 घंटे से बंद है। जोगी टिकरिया पुल पानी में डूब गया है, जबकि जिला मुख्यालय का पुल भी डूबने की कगार पर है। जिला मुख्यालय से शहडोल मार्ग भी सुबह से ही बंद है, यहां भी पानी पुल के ऊपर आ गया है। बजाग, करंजिया जनपद क्षेत्र में भी एक सैकड़ा से अधिक गांवों का संपर्क जनपद और जिला मुख्यालय से टूटा हुआ है। यहां भी स्थानीय नदियां उफान पर हैं। जिला मुख्यालय सहित अमरकंटक, बजाग और करंजिया क्षेत्र में तेज बारिश का दौर लगातार जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूट गया है और कई गांवों में पानी घरों में घुसने लगा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है। घाटों में पुलिस बल भी तैनात किया जा रहा है। साथ ही नर्मदा नदी किनारे बसाहट क्षेत्र को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में आज अवकाश लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा को देखते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया के निर्देश पर विद्यार्थियों एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए आज जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, CBSE, नवोदय, केंद्रीय विद्यालय और अनुदान प्राप्त संस्थाओं में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के लिए एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आज अवकाश रहेगा। हालांकि शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और अन्य कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहेंगे।   तेज बारिश से स्कूलों की छुट्टी उमरिया जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही अति-वृष्टि और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर 26 सितंबर को जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश प्री-प्रायमरी से कक्षा 12वीं तक संचालित सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई और आईसीएसई विद्यालयों पर लागू रहेगा। शिक्षकों का अवकाश नहीं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगा। सभी शिक्षक एवं विद्यालयीन कर्मचारी निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर अपने नियमित कार्यों का संपादन करेंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने लगातार बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए विद्यार्थियों को घर से बाहर निकलने से बचाने और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। जनजीवन प्रभावित इधर, लगातार बारिश का असर जिले के सामान्य जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। उमरिया शहर में डीएफओ कार्यालय के पास बारिश के कारण एक पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। सड़क पर पेड़ गिरने से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद संबंधित अमले द्वारा पेड़ को हटाने की कार्रवाई की गई, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। भारी बारिश से बाणसागर बांध लबालब जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाणसागर बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। इसी को देखते हुए बांध प्रशासन ने आज 26 सितंबर को दोपहर 12 बजे से जल निकासी बढ़ाने का फैसला लिया है। फुल लेवल बनाए रखने के लिए बाणसागर मेन डैम के पहले से खुले हुए 6 रेडियल गेट नंबर 6, 7, 8, 9, 10 और 11 की ओपनिंग को 1.50 मीटर से बढ़ाकर 2.00 मीटर किया जा रहा है। सोन नदी में 2632 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जाएगा इससे स्पिलवे के 6 रेडियल गेटों से कुल 2458.00 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज होगा। बाणसागर मेन डैम के स्पिलवे और पावर हाउस नंबर-03 से सोन नदी में छोड़े जा रहे पानी का कुल फ्लो 2632.23 क्यूमेक्स होगा। विभाग ने कहा है कि अगर आवक और बढ़ी तो डिस्चार्ज और बढ़ाया जा सकता है। डाउनस्ट्रीम इलाके के लोगों के लिए अलर्ट मुख्य अभियंता, गंगा कछार जल संसाधन विभाग ने ऑर्डर जारी कर सभी फील्ड स्टाफ को अलर्ट और सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बाणसागर बांध के डाउनस्ट्रीम इलाके में सोन नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे सोन नदी से दूरी बनाए रखें और नदी में न जाएं। बता दें कि जिले में पिछले 48 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। दिन और रात कभी तेज तो कभी धीमी बारिश हो रही है। इसका असर बांध, नदी, तालाब और दूसरे वाटर सोर्स पर पड़ रहा है और सभी जल स्रोत अब लबालब हो चुके हैं। जल भराव लगातार बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जलभराव, सड़क किनारे मिट्टी धंसने और पेड़-पौधों के गिरने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन द्वारा लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने तथा जलभराव वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के बीच स्कूल पहुंचे मासूम, बाद में पता चला छुट्टी है उमरिया जिले में लगातार हो रही अति-वृष्टि के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने 26 सितंबर को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया,लेकिन आदेश जारी होने के बावजूद इसकी सूचना समय पर विद्यार्थियों और अभिभावकों तक नहीं पहुंच सकी।नतीजा यह हुआ कि मूसलाधार बारिश के बीच कई परिजन बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच गए और वहां जाकर पता चला कि आज छुट्टी है। इस अव्यवस्था की जीवंत तस्वीर शनिवार सुबह सामने आई,जब पिता गुलाब सिंह अपने एलकेजी में अध्ययनरत बेटे साहिल सिंह को बारिश से बचाने के लिए पन्नी आदि से ढककर विद्यालय लेकर पहुंचे।बच्चे को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने की जद्दोजहद के बाद जब छुट्टी की जानकारी मिली तो उन्हें वापस करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर गांव खितौली-बगदरी लौटना पड़ा। गुलाब सिंह ने बताया कि उन्हें छुट्टी का मैसेज शनिवार सुबह करीब 8.50 बजे मिला। उनका कहना था कि यदि सूचना शुक्रवार रात को ही मिल जाती तो इतनी तेज बारिश में बच्चे … Read more

गंडक-राप्ती समेत कई नदियां उफान पर, यूपी के जिलों में बढ़ा बाढ़ का खतरा

लखनऊ नेपाल के पहाड़ी इलाकों और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बड़ी गंडक, राप्ती, रोहिन, चंदन और व्यास नदियां उफान पर हैं। बारिश के चलते गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर और महराजगंज जिले के कई जलभराव वाले क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई जा रही है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें। उफनाते नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सीएम योगी ने जीर्ण-शीर्ण मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को जरूरत के अनुसार निकटतम राहत शरणालय में पहुंचाया जाए, ताकि भारी बारिश या आकस्मिक बाढ़ की स्थिति में उनके जीवन को खतरा न हो। महाराजगंज के धानी क्षेत्र में रिगौली बांध पर राप्ती नदी का जलस्तर बढ़कर 76.85 मीटर पर पहुंच गया है। सदर क्षेत्र के त्रिमुहानी घाट पर रोहिन नदी का जलस्तर 78.48 मीटर और ठूठीबारी क्षेत्र में चंदन नदी का जलस्तर 99.65 मीटर दर्ज किया गया है। कंट्रोल रूम के अनुसार महराजगंज और नेपाल सीमा के सभी तटबंध फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं। उधर, नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के बाद बड़ी गंडक नदी का डिस्चार्ज तेजी से बढ़ने लगा है। शुक्रवार की दोपहर वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज 79 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया, जो शाम तक बढ़कर 1 लाख 21 हजार 500 क्यूसेक पर पहुंच गया। नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज धारा को लेकर कुशीनगर में रेता क्षेत्र के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। छितौनी तटबंध के भैसहा गेज पर नदी चेतावनी बिंदु 95 मीटर के सापेक्ष 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे तटबंध पर पुनर्स्थापित किए गए स्परों पर नदी का दबाव सीधे पड़ रहा है। वहीं, छितौनी तटबंध के ठोकर नंबर दो और भेड़ियारी ठोकर नंबर तीन पर कटान का खतरा बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए बाढ़ खंड के एसडीओ संजय गौंड टीम के साथ तटबंध और संवेदनशील बिंदुओं का निरीक्षण कर रहे हैं। करीब दो हफ्ते तक शांत रहने वाली बड़ी गंडक नदी नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में बारिश के बाद एक बार फिर उफान पर आ गई है। लगातार बारिश से उफनाईं नदियां, जलस्तर में बढ़ोतरी शुक्रवार की शाम पांच बजे जारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष से जारी रिपोर्ट के अनुसार गंडक बैराज वाल्मीकिनगर से डिस्चार्ज बढ़कर 1 लाख 29 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है। मौसम विभाग और प्रशासन ने महाराजगंज में अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी करते हुए नदी-नालों से दूरी बनाने की अपील की है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे तक जिले में 53 मिमी और बी-गैप क्षेत्र में 79 मिमी भारी बारिश दर्ज की गई। 24 घंटे के भीतर नदियों के जलस्तर और डिस्चार्ज में भारी उछाल आया है। वाल्मीकिनगर बैराज का डिस्चार्ज गुरुवार को जहां 56 हजार क्यूसेक था वह शुक्रवार सुबह आठ बजे 79 हजार 700 क्यूसेक, सायं चार बजे बढ़कर 1 लाख 21 हजार 500 क्यूसेक व सायं पांच बजे 1.29 लाख क्यूसेक पहुंच गया। गंडक नदी में लगातार पानी बढ़ रहा है। दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश गोरखपुर मंडल में पिछले दो-तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश और तेज हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कहीं बारिश से सूख रहे खेतों को संजीवनी मिली है, तो कहीं तेज हवा के कारण पककर तैयार धान और खड़ी गन्ने की फसल खेतों में गिर गई है। निचले और चंवर क्षेत्र के खेतों में पानी भरने से धान की फसल प्रभावित होने लगी है। नदी पार क्षेत्र में केले की खेती पर भी मौसम की मार पड़ी है। लगातार बारिश के कारण किसानों के सामने गिरी फसल को संभालने की चुनौती खड़ी हो गई है। तेज हवा-बारिश से धान और गन्ने की फसलें गिरीं कुशीनगर के सोहसा मठिया प्रतिनिधि के अुनुसार क्षेत्र में बारिश के साथ चली तेज हवा से कई खेतों में गन्ने और धान की फसल गिर गई। वहीं, पानी पहुंचने में दिक्कत वाले खेतों में महंगे डीजल से सिंचाई कर रहे किसानों को बारिश से राहत मिली है। क्षेत्र के सोहसा, कुरमौटा, मंझरिया, नरकटिया, महुई बुजुर्ग, परवरपार, पिपरी, मदरहा आदि गांवों में बारिश से धान की फसल को पानी मिला है। किसान महंथ यादव, जितेंद्र राव, ब्रजेश सिंह, सोमनाथ तिवारी, प्रमोद शर्मा, बबलू मल्ल, शशिकांत ओझा, दिग्विजय शर्मा आदि ने बताया कि बारिश से गन्ने और धान की फसल को पानी मिला है, जिससे फायदा हुआ है, लेकिन तेज हवा के कारण कई खेतों में फसल गिर गई है। इससे फसल को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। बरवा रतनपुर प्रतिनिधि के अनुसार नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में बारिश से धूस भूमि के खेतों में लगी धान की फसल को राहत मिली है, जबकि चंवर और निचले क्षेत्रों में पानी भरने से फसल प्रभावित हुई है। बरवा रतनपुर, कोहरगड्डी, नौगांवा आदि गांवों में खेतों में पानी लगा है। मेहंदीगंज प्रनिनिधि के अनुसार रामकोला क्षेत्र में बारिश और तेज हवा से गन्ने की खड़ी फसल प्रभावित हुई है। दो दिन में 10 एमएम हुई बारिश, ठंडक की दस्तक पश्चिमी बंगाल में उठे चक्रवात लानीलों के चलते जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। सुबह से लेकर शाम तक रुक-रुककर हुई बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं मौसम में यकायक ठंडक महसूस होने लगी। मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि आगामी तीन तक रिमझिम बारिश होने की संभावना है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और रिमझिम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर और शाम तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इसके चलते तापमान में गिरावट महसूस हुई। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के अध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि लानीनो के प्रभाव से अगले तीन दिन तक कभी कभार तेज हवा के साथ रिमझिम बारिश होगी। दो दिन में जिले में 10 एमएम बारिश हुई है। वहीं शुक्रवार को कुशीनगर का अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। रिमझिम बारिश से किसानों को फायदा हुआ है। तेज हवा चलने पर … Read more

हरियाणा DSP भर्ती में अगला चरण शुरू, 1 अक्टूबर को होगी शारीरिक जांच

 चंडीगढ़ हरियाणा में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के आठ पदों के लिए 183 अभ्यर्थी दौड़ में हैं। मुख्य परीक्षा पास कर चुके इन युवाओं को शारीरिक जांच परीक्षण (पीएमटी) के लिए एक अक्टूबर को हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) मुख्यालय बुलाया गया है। सुबह नौ बजे से पीएमटी शुरू होगा। हरियाणा सिविल सर्विस (कार्यकारी शाखा) और संबद्ध सेवाओं के 102 पदों के लिए साक्षात्कार तीन से आठ अक्टूबर तक चलेंगे। साक्षात्कार से पहले डीएसपी पद के सभी उम्मीदवारों को पीएमटी की प्रक्रिया से गुजरना होगा। पात्रता और आयु के आधार पर शार्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि इसके बाद पीएमटी के लिए कोई अन्य तिथि नहीं दी जाएगी। यदि किसी अभ्यर्थी ने आनलाइन आवेदन में डीएसपी पद का विकल्प चुना है, लेकिन उसका रोल नंबर जारी सूची में नहीं है, तो वह भी निर्धारित तिथि और समय पर संबंधित दस्तावेजों के साथ पीएमटी स्थल पर उपस्थित हो सकता है। सभी अभ्यर्थियों को पीएमटी के लिए प्रोविजनल तौर पर बुलाया गया है। उनकी पात्रता का परीक्षण विज्ञापन में निर्धारित शारीरिक मापदंड और आयु संबंधी प्रविधानों के अनुसार किया जाएगा। हरियाणा पुलिस सेवा नियम-2002 के तहत डीएसपी पद के लिए शारीरिक मानक भी आयोग ने स्पष्ट किए हैं। पुरुष अभ्यर्थियों की न्यूनतम ऊंचाई 5 फुट 7 इंच यानी 170.18 सेंटीमीटर निर्धारित है। पुरुष अभ्यर्थियों की छाती 33 इंच यानी 83.82 सेंटीमीटर तथा फुलाव के बाद 34½ इंच यानी 87.63 सेंटीमीटर होनी चाहिए। नियमों के अनुसार पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 1½ इंच (3.81 सेंटीमीटर) छाती का फुलाव अनिवार्य है। महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 5 फुट 2 इंच यानी 157.50 सेंटीमीटर निर्धारित है। महिलाओं के लिए छाती का माप लागू नहीं है। पीएमटी में अनुपस्थित हुए तो चयन से बाहर आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो अभ्यर्थी पीएमटी में अनुपस्थित रहते हैं अथवा विज्ञापन के अनुसार अपात्र पाए जाते हैं, उन्हें इस भर्ती में डीएसपी पद पर नियुक्ति के लिए विचार नहीं किया जाएगा। पीएमटी में शामिल होना अपने आप में चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ने का अधिकार नहीं देता। यदि किसी चरण में अभ्यर्थी अपात्र पाया जाता है तो उसे चयन प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। आयोग की ओर से इसके लिए किसी अभ्यर्थी को अलग से सूचना नहीं भेजी जाएगी। मूल प्रमाणपत्र और फोटो पहचान पत्र लाना होगा पीएमटी के दिन अभ्यर्थियों को सभी मूल दस्तावेज/प्रमाणपत्र, आनलाइन आवेदन फार्म की प्रति, मुख्य परीक्षा के एडमिट कार्ड की प्रति और मूल फोटो पहचान पत्र साथ लाना होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।  

मोहन यादव को धमकी से मचा हड़कंप, भोपाल से उज्जैन तक सुरक्षा कड़ी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। बुधवार को भोपाल के भदभदा स्थित रेडियो मुख्यालय में डायल-112 के हेल्पलाइन वाट्सएप नंबर पर एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी वाला मैसेज भेजा। मैसेज में मुख्यमंत्री का नाम लिखकर उन्हें जान से खत्म करने की बात कही गई थी। बाद में आरोपित ने मैसेज को दो बार एडिट किया और अंत में डिलीट कर दिया। पुलिसकर्मियों ने समय रहते उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया। जानकारी के अनुसार, 23 सितंबर की सुबह करीब 11.30 बजे डायल-112 के वाट्सएप नंबर पर यह धमकी भरा मैसेज आया। इसमें लिखा था कि वह मुख्यमंत्री को जान से मार देगा और वे ज्यादा दिन तक नहीं बच पाएंगे। मैसेज में मुख्यमंत्री के बारे में अन्य आपत्तिजनक बातें भी लिखी गई थीं। मैसेज देखने के बाद डायल-112 के कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेडियो मुख्यालय की ओर से भोपाल पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत क्राइम ब्रांच पहुंचने के बाद गुरुवार को पुलिस ने धमकी देने वाले के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। इसके बाद रेडियो मुख्यालय की ओर से भोपाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत को क्राइम ब्रांच भेजा गया। पुलिस ने गुरुवार को मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। क्राइम ब्रांच की टीम ने उस मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की, जिससे व्हाट्सऐप संदेश भेजा गया था। जांच में मोबाइल नंबर की लोकेशन मुंबई में सामने आई। इसके बाद पुलिस की एक टीम शुक्रवार को मुंबई पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी को भोपाल ला रही है। यहां उससे धमकी देने के पीछे की वजह, संदेश में किए गए दावों और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने धमकी भरे संदेश के स्क्रीनशॉट के साथ अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया है। आरोपित मुंबई से गिरफ्तार क्राइम ब्रांच ने वाट्सएप मैसेज भेजने वाले मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस को उसकी लोकेशन मुंबई में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने शुक्रवार को मुंबई पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार किया। पुलिस उसे भोपाल ला रही है। यहां उससे पूछताछ कर धमकी भेजने की वजह, मैसेज में किए गए दावों और उसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी। पुलिस ने धमकी वाले मैसेज का स्क्रीनशाट और अन्य तकनीकी साक्ष्य जांच में सुरक्षित रखे हैं। मामले की जांच जारी है।