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शिवहर ने मारी बाजी: ई-KYC और VBG राम जी योजना में हजारों मजदूर जुड़े

शिवहर. शिवहर जिले ने जिले के कुल 72 हजार 193 मजदूरों का ई-केवाइसी करा 83.14 प्रतिशत उपलब्धि के साथ बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है। 13 दिसंबर 2025 को शिवहर जिला 56.28 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राज्य में 15 वें स्थान था। शिवहर में योगदान के साथ ही जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने पूरी ताकत झोंक दी। जिलाधिकारी के लगातार निरीक्षण, अनुश्रवण एवं मार्गदर्शन के बाद शिवहर जिला अब बिहार में पहले स्थान पर पहुंच गया है। 83.14 प्रतिशत सक्रिय मजदूरों का हो चुका ई-केवाइसी जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने बताया है कि शिवहर जिले में 83. 14 प्रतिशत सक्रिय मजदूरों का ई-केवाइसी हो चुका है। जिले में कुल 86 हजार 830 सक्रिय मजदूर है। इनमें 72 हजार 193 मजदूरों का ई-केवाइसी कराया जा चुका है। बताया कि वीबी जी राम जी के तहत उन्हीं को काम मिलेगा। जिनका ई-केवाइसी होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि कोई भी मौजूद मजदूर ई-केवाइसी से वंचित नहीं रहे। अन्यथा उनको बीवी जी राम जी के तहत काम मिलने में कठिनाई होगी। इसका पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जा रहा है ताकि कोई मजदूर छूटे नहीं। घर-घर जाकर किया जा रहा ई-केवाइसी बताया कि ई-केवाइसी के लिए प्रारंभ में पंचायत स्तर व फिर वार्ड स्तर पर कैंप लगाया गया था। अब कर्मी मनरेगा मजदूरों के घर-घर जा रहे हैं तथा उनका ई-केवाइसी कर रहे हैं। कुछ मजदूर अस्थायी रूप से बाहर रह रहे हैं, उनके परिवार के सदस्यों से उन्हें बुलवाकर ई-केवाइसी कराने को भी कहा जा रहा है। आवास सर्वे में शामिल लोगों व मजदूरों का भी ई-केवाइसी किया जा रहा है। अच्छे काम करने वाले कर्मचारियों को किया गया सम्मानित जिलाधिकारी प्रतिभा रानी द्वारा बताया गया कि ई-केवाइसी का कार्य बढ़ाने के लिए उप विकास आयुक्त बृजेश कुमार तथा निदेशक, एनईपी डीआरडीए हरि मोहन कुमार को निदेश दिया गया है। बताया कि विगत दिनों अच्छे कार्य करने वाले कर्मी एवं पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया है। पुनः भविष्य में बेहतर काम करने वाले पदाधिकारी व कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारी और कर्मी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

संजय पार्क में बड़ी लापरवाही: कुत्तों के काटने से 15 हिरण मरे, वन विभाग पर कार्रवाई

अंबिकापुर. अंबिकापुर के संजय पार्क में आवारा कुत्तों के काटने से 15 हिरणों की मौत हो गई है। ये सभी कुत्ते शनिवार की भोर को हिरणों के बाड़े में घुस गए थे। संजय पार्क का एक हिस्सा जंगल से लगा हुआ है। इस घटना से विभाग में खलबली मची है। सीसीएफ दिलराज प्रभाकर ने चार वन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। संजय पार्क में वन्य जीवों को रेस्क्यू सेंटर के नाम पर रखा जाता है। MP के शाहगढ़ गांव में भी सामने आ चुकी है ऐसी घटना कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बाजना वन परिक्षेत्र के शाहगढ़ गांव में सुबह एक जंगली हिरण भटककर रिहायशी इलाके में पहुंच गया। इस दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेरकर हमला कर दिया। गांव के बच्चों की सतर्कता और ग्रामीणों की मदद से हिरण की जान बचाई जा सकी। हिरण को कुत्तों से घिरा देख बच्चों ने शोर मचाया हिरण को कुत्तों से घिरा देख बच्चों ने शोर मचाया, जिससे आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कुत्तों को खदेड़कर हिरण को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे पास के केरखोरा वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस देरी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। वन विभाग ने जांच के दिए थे निर्देश वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई बार जंगली जानवर रास्ता भटककर गांवों में पहुंच जाते हैं। डीएफओ ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की जाएगी

फर्जी वर्दी, असली ठगी: मैहर में नकली पुलिस का आतंक, कैमरा देखते ही बदला रूप

सतना  मैहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां खुद को पुलिसकर्मी बताकर कुछ लोग एक महिला के घर में घुस गए और पैसों की मांग करते हुए उसे धमकाया। मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पीड़िता रजनी मुग्धु (निवासी विधि कॉलोनी) ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार, शनिवार शाम कुछ लोग खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उनके घर में जबरन घुस आए। मारपीट और उगाही: वीडियो बनते ही बदला आरोपियों का चोला आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज की, पति के साथ मारपीट की और 5 लाख रुपये की मांग की। महिला का कहना है कि जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, तो आरोपियों का रवैया बदल गया। पहले खुद को पुलिस बताने वाले लोग अचानक पत्रकार होने का दावा करने लगे और जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। वीडियो रिकॉर्डिंग बनी अहम कड़ी: पुलिस को सौंपे सबूत पीड़िता ने घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की है, जिसे पुलिस को सौंपा गया है। यह वीडियो अब जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। महिला का कहना है कि आरोपी जाते-जाते यह धमकी भी दे गए कि “हम पुलिस वाले हैं, देख लेंगे।” फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की पहचान और तलाश में जुट गई है।

पटना-रांची जनशताब्दी में अफरा-तफरी: चलते ट्रेन के पहिये से धुआं, समय रहते टला हादसा

गयाजी गया-कोडरमा रेलखंड पर रविवार की सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब पटना से रांची जा रही जनशताब्दी एक्सप्रेस के एक कोच के पहिये के पास से अचानक धुआं उठने लगा। घटना सुबह करीब 8:40 बजे की है, जब ट्रेन गया जंक्शन से खुलने के कुछ ही देर बाद बंधुआ रेलवे क्रासिंग के पास पहुंची थी। धुआं उठते देख यात्रियों में दहशत फैल गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। तकनीकी खराबी बनी वजह रेल सूत्रों के अनुसार, गार्ड से तीसरे डिब्बे के ब्रेक में तकनीकी खराबी के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। ब्रेक जाम होने से पहिये में अत्यधिक घर्षण पैदा हुआ, जिससे तेज धुआं निकलने लगा। पास के मानपुर-रसलपुर गेट से इसकी सूचना तत्काल चालक और गार्ड को दी गई। चालक की सतर्कता से टला हादसा स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने बिना देर किए ट्रेन को तुरंत रोक दिया। ट्रेन रुकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री एहतियातन अपने-अपने डिब्बों से उतरकर पटरी किनारे खड़े हो गए। हालांकि, मौके पर पहुंचे रेलकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए यात्रियों को शांत कराया। अग्निशामक यंत्र से पाया गया काबू रेलवे कर्मियों ने तत्काल अग्निशामक यंत्र का उपयोग कर पहिये के पास उत्पन्न गर्मी और धुएं पर काबू पा लिया। समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया। अग्निशामक यंत्र से आग पर पाया गया काबू। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि कुछ समय तक भय का माहौल बना रहा। 30 मिनट तक बंद रहा क्रासिंग इस घटना के कारण बंधुआ रेलवे क्रासिंग करीब 30 मिनट तक बंद रहा, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थिति सामान्य होने के बाद लगभग 9:05 बजे ट्रेन को पुनः आगे के लिए रवाना किया गया। मरम्मत के बाद रवाना हुई ट्रेन रेल तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर ब्रेक की खराबी को ठीक किया। इसके बाद ट्रेन को सुरक्षित रूप से पहाड़पुर और कोडरमा की ओर रवाना कर दिया गया। रेल प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और यात्रियों को भरोसा दिलाया कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रियों ने ली राहत की सांस घटना के बाद कुछ देर तक दहशत में रहे यात्रियों ने स्थिति सामान्य होने पर राहत की सांस ली। यात्रियों ने चालक और रेलकर्मियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, जिनकी सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।  

पंजाब में महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: CM मान ने ₹1500 देने का किया ऐलान

जलालाबाद/फाजिल्का. भगवंत सिंह मान ने रविवार को जलालाबाद पहुंचकर विकास परियोजनाओं की शुरुआत के साथ-साथ विपक्ष पर तीखा हमला बोला। अनाज मंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जलालाबाद लंबे समय तक ऐसे नेताओं के हाथ में रहा, जिनके पास सत्ता और ताकत थी, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए सुखबीर सिंह बादल और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जलालाबाद को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक लोगों की बुनियादी जरूरतों और विकास कार्यों को नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण क्षेत्र पिछड़ता चला गया। विपक्ष के पास कोई ठोस योजना नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में विपक्ष के पास पंजाब के लिए कोई ठोस योजना या दिशा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब विपक्षी दल केवल एक मौका देने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके पास न कोई स्पष्ट योजना है और न ही विकास का खाका। उन्होंने कांग्रेस पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर ही मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं, जिससे उनकी स्थिति स्पष्ट नजर आती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि एक हजार से पंद्रह सौ रुपये के बीच होगी, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। असंभव कामों को पूरा किया गया मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन कामों को पहले असंभव बताया जाता था, उन्हें अब पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि मुफ्त बिजली देना संभव नहीं है, लेकिन सरकार ने यह सुविधा लागू कर दी। इसी तरह गांव-गांव तक पानी पहुंचाने का काम भी किया गया है। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरते हुए कहा कि सरकार ने अब तक 65,264 युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सब बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के किया गया है, जिससे युवाओं का भरोसा सरकार पर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को विकास की नई दिशा देना है और आने वाले समय में भी इसी तरह जनहित के फैसले लिए जाते रहेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने किया “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” के पोस्टर का विमोचन

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  राजधानी स्थित निवास कार्यालय में "इनोवेशन महाकुंभ 1.0" के पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति  मनोज वास्तव और स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक  जगदीश पटेल भी उपस्थित रहे। बस्तर के युवाओं में नवाचार,उद्यमिता और स्वरोजगार में तकनीक आधारित विकास हेतु “ इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का आयोजन आगामी 4 एवं 5 मई को किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर और स्वावलंबी भारत अभियान, पीएम ऊषा एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के साथ किया जाएगा। जिसमें एनआईटी रायपुर,आईआईएम रायपुर,आईआईटी भिलाई, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की भी सहभागिता होगी।

नशे का बड़ा खेल बेनकाब: साबूदाने की आड़ में हेरोइन तस्करी, 2 आरोपी गिरफ्तार; असम से बिहार तक नेटवर्क

समस्तीपुर बिहार के समस्तीपुर जिले में पुलिस और नारकोटिक्स सेल के एक संयुक्त अभियान ने एक नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसके परिणामस्वरूप दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 6 लाख रुपए मूल्य की हेरोइन जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 21 मार्च, 2026 की सुबह एक विशेष खुफिया जानकारी मिली थी कि एक नशीले पदार्थों के गिरोह के सदस्य हेरोइन की एक खेप लेकर शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे। तेजी से कार्रवाई करते हुए, स्थानीय पुलिस अधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को मिलाकर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने एक जाल बिछाया और स्टेशन के पास के इलाके की घेराबंदी कर दी। 4 डिब्बों में छिपाकर रखी थी हेरोइन अभियान के दौरान, दो व्यक्तियों (एक पुरुष और एक महिला) को स्टेशन के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए पकड़ा गया। आरोपियों की पहचान वैशाली निवासी राहुल कुमार (26) और असम निवासी शांति देवी के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान, पुलिस ने हेरोइन जिसे स्थानीय रूप से 'कोटा' कहा जाता है बरामद की, जिसे साबूदाना (sago) के चार डिब्बों के अंदर छिपाकर रखा गया था। इसके अलावा, उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन, नकदी, रेलवे टिकट और पहचान पत्र भी जब्त किए गए। बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क की संलिप्तता का संदेह शुरुआती पूछताछ में पता चला कि आरोपी पूर्वोत्तर राज्यों से बिहार में नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल थे। पुलिस को एक बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क की संलिप्तता का संदेह है और वह गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने तथा उनके आपराधिक संपर्कों का पता लगाने पर काम कर रही है। पटोरी पुलिस स्टेशन में NDPS अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया गया है, और आगे की जांच जारी है।  

TET रिजल्ट ने बढ़ाई टेंशन: छत्तीसगढ़ के हजारों शिक्षकों की नौकरी पर खतरा

रायपुर. शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET 2026) के परिणाम से शिक्षा विभाग और शिक्षकों में उथल-पुथल मची है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद राज्य के सरकारी स्कूलों में वर्षों से सेवाएं दे रहे हजारों शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। अनिवार्य की गई टीईटी के हालिया नतीजों ने विभाग और शिक्षक संगठनों की नींद उड़ा दी है। दरअसल, एक फरवरी 2026 को आयोजित परीक्षा में बगैर टीईटी के लगभग 80 हजार शिक्षकों में केवल आठ प्रतिशत शिक्षक (लगभग पांच हजार) ही सफल हो सके हैं। लगभग 75 हजार शिक्षक बिना टीईटी योग्यता वाले वर्तमान में राज्य में लगभग 75 हजार शिक्षक बिना टीईटी योग्यता वाले हैं। टीईटी में प्राथमिक स्तर (कक्षा पहली से पांचवीं) में कुल 1,02,506 परीक्षार्थियों में से केवल 19,292 ही उत्तीर्ण हुए हैं। जबकि 83,214 अभ्यर्थी असफल रहे। इस स्तर पर कुल पात्रता प्रतिशत 18.82 प्रतिशत रहा। उच्च प्राथमिक स्तर 36,377 अभ्यर्थी सफल वहीं उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छठवीं से आठवीं) में 1,82,384 परीक्षार्थियों में से 36,377 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जबकि 1,46,007 असफल रहे। इस स्तर पर पात्रता प्रतिशत 19.94 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इनमें शिक्षक और अन्य अभ्यर्थी दोनों ही शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट का कड़ा आदेश और वर्तमान स्थिति उच्चतम न्यायालय ने एक सितंबर 2025 को एक ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट किया था कि देश के सभी सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों (अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर) में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। बिना इस पात्रता के न तो नौकरी सुरक्षित रहेगी और न ही भविष्य में पदोन्नति (प्रमोशन) मिल सकेगी। इसी आदेश के अनुपालन में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने व्यापमं के माध्यम से परीक्षा आयोजित की थी। अब शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है विभागीय परीक्षा और पाठ्यक्रम में ढील की मांग परीक्षा के कठिन स्तर और निराशाजनक परिणाम को देखते हुए अब शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और डीपीआइ को पत्र लिखकर मांग की है कि सेवारत शिक्षकों के लिए एक 'सीमित विभागीय टीईटी' आयोजित की जाए। संगठनों का तर्क है कि वर्तमान टीईटी का पाठ्यक्रम बहुत कठिन है, जिससे अनुभवी शिक्षकों को परेशानी हो रही है। यदि पाठ्यक्रम में शिथिलता प्रदान करते हुए विभागीय परीक्षा ली जाती है, तो शिक्षकों की नौकरी का संकट भी टलेगा और अदालती आदेश का पालन भी सुनिश्चित होगा। डीपीआइ ने शुरू की कवायद, मांगा डेटा शिक्षक संगठनों के दबाव के बाद लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) एक्शन मोड में आ गया है। 13 मार्च 2026 को जारी एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से सभी संयुक्त संचालकों (जेडी) और जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) से शिक्षकों का आयुवार और श्रेणीवार डेटा मांगा गया है। विभाग अब इस जानकारी के आधार पर एक नई कार्ययोजना तैयार कर रहा है, जिससे बीच का कोई रास्ता निकाला जा सके। दिल्ली में प्रदर्शन की चेतावनी शिक्षकों के सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। प्रदेश शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष राजनारायण द्विवेदी ने दोटूक कहा है कि यदि नियमों में रियायत नहीं दी गई, तो प्रदेश के हजारों शिक्षक चार अप्रैल को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से पढ़ा रहे हैं, ऐसे में अचानक उन पर कठिन परीक्षा थोपना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।  

खुशियां बनीं हादसा: गुना में हवा से उड़ा जंपिंग झूला, बच्ची गंभीर घायल

गुना. गुना जिले के बजरंगगढ़ स्थित माता 20 भुजा मंदिर पर चैत्र नवरात्र मेले के दौरान रविवार को एक हादसा हो गया। यहां तेज हवा के झोंके से मिकी माउस का झूला अचानक उखड़कर दूर जा गिरा, जिससे एक वर्षीय बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बालक की पहचान आशुतोष शर्मा के रूप में हुई है। उसे तुरंत गुना के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे भोपाल रेफर करने का निर्णय लिया। दर्शन करने आया था परिवार जानकारी के अनुसार आशुतोष अपनी मां संगीता शर्मा के साथ अशोकनगर जिले के शाढौरा से ट्रेन द्वारा माता मंदिर के दर्शन करने आया था। पहाड़ी पर स्थित मंदिर में दर्शन करने के बाद परिवार मेले में घूम रहा था। झूले की जिद बनी हादसे की वजह मेले में घूमते समय बच्चे ने झूले पर बैठने की जिद की। झूले में एक अन्य बच्चा भी मौजूद था, जिसे इस हादसे में कोई चोट नहीं आई। घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

राइस मिलर्स के लिए खुशखबरी: बिना फोर्टिफाइड चावल की भी होगी सरकारी खरीद

कैथल. हरियाणा में कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति करने वाले राइस मिलरों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। चावल में एक प्रतिशत फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) के मिलान में छूट दे दी गई है। पहले 100 किलोग्राम चावल में एक किलोग्राम एफआरके का मिलान करना जरूरी था। राइस मिलर्स को इसमें परेशानी आ रही थी, क्योंकि प्रदेश में एफआरके की सप्लाई के लिए तीन राइस मिलों को ही टेंडर मिला था और वे इसकी पर्याप्त आपूर्ति नहीं कर पा रहे थे। राइस मिलर अपनी इच्छानुसार फोर्टिफाइड या गैर-फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और अन्य खरीद एजेंसियों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे दी है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) और केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं के तहत जब तक फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति ज्यादा मात्रा में उपलब्ध नहीं होती, इसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रदेश में करीब 1350 राइस मिलरों को सीएमआर नीति के अनुसार चावल धान दिया गया था। 67 प्रतिशत चावल देना अनिवार्य है। मिल मालिकों को 59.41 लाख टन धान दिया गया था।केंद्र सरकार ने फैसला ले दी बड़ी राहत, 40 प्रतिशत चावल दे चुके मिलर lएफआरके की आपूर्ति कम होने से राइस मिलरों को आ रही थी परेशानी पहले एफआरके के भंडार की व्यवस्था होगी केंद्र और प्रदेश सरकार पहले मौजूदा फोर्टिफाइड चावल (एफआरके) के भंडार का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के लिए अच्छे तरीके से तैयारी करेंगी। इसके बाद इसे लागू करने का फैसला लिया जा सकता है। चावल डिलीवरी का पहले यह था शेड्यूल नई नीति के तहत मिल मालिकों को दिसंबर तक सीएमआर का 15 प्रतिशत, जनवरी के अंत तक 25 प्रतिशत, फरवरी के अंत तक 20 प्रतिशत, मार्च के अंत तक 15 प्रतिशत, मई के अंत तक 15 प्रतिशत और शेष 10 प्रतिशत जून के अंत तक लगाना होता है। केंद्र सरकार ने एफआरके नियमों में छूट दी है, जिन राइस मिलर के पास एफआरके उपलब्ध है, चावल में मिलाकर कर अपनी गाड़ियां एफसीआई को भेज सकते हैं। जिनके पास उपलब्ध नहीं है, वे भी बिना एफआरके चावल दे सकते हैं। इससे राइस मिलर्स को बड़ी राहत मिली है। -अमरजीत छाबड़ा, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन पोषक तत्वों से भरपूर होता है एफआरके फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) सूक्ष्म पोषक तत्वों (आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन) से भरपूर चावल होता है। जिन्हें ‘एक्सट्रूज़न’ तकनीक से चावल के आटे के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है। सामान्य चावल के साथ 1:100 में मिलाकर यह कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) को दूर करने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में वितरित किया जाता है। सूखे चावल को पीसकर पाउडर बनाया जाता है, जिसमें पोषक तत्व मिलाकर, मशीन द्वारा चावल के रूप में आकार दिया जाता है। इसमें मुख्य रूप से आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन शामिल होते हैं। 100 किलोग्राम सामान्य चावल में एक किलोग्राम एफआरके मिलाया जाता है। यह चावल सामान्य चावल जैसा होता है और खाने में भी अच्छा होता है। चावल लौटाने में अंबाला अव्वल अंबाला को छोड़ किसी भी जिले के मिल मालिकों की ओर से सरकार को चावल देने का निर्धारित लक्ष्य हासिल करना तो दूर उसके आसपास भी चावल वापस नहीं किया। प्रदेश भर में कुल 41,62,553.93 एमटी चावल (सीएमआर) देना है लेकिन 12,72,293.18 एमटी ही एफसीआई तक पहुंचा है। करीब 61.72 प्रतिशत के साथ अंबाला राज्य में नंबर वन है। करनाल 15.69, कुरुक्षेत्र 33.65 प्रतिशत, पानीपत 1.02 प्रतिशत और रोहतक में 6.2 प्रतिशत चावल की डिलीवरी हुई है। पंचकूला ने 52.26 प्रतिशत की प्रगति दिखाई है, जिसकी मिलिंग अंबाला के ही अधीन आती है। यमुनानगर (31.63), कैथल (30.79) और फतेहाबाद (28.27) भी औसत हैं। यमुनानगर 31.63 प्रतिशत, कैथल 30.79 प्रतिशत और फतेहाबाद 28.27 प्रतिशत पर हैं। 30 जून तक चावल लौटाना है। अंबाला में करीब 61 प्रतिशत सीएमआर की डिलीवरी हो चुकी है जोकि प्रदेश में नंबर वन है। बिना एफआरके चावल डिलीवरी की अनुमति दे दी गई है। इसका प्रयोग इथेनाल निर्माण के लिए केवल फैक्ट्रियों में किया जाना है। -निशांत राठी, डीएफएससी। गेहूं भंडारण की सता रही चिंता प्रदेश में लगभग 28,90,260 मीट्रिक टन चावल की डिलीवरी अभी बाकी है। गोदाम खाली नहीं हुए तो नई फसल के भंडारण के लिए जगह का संकट खड़ा हो सकता है।