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बालोद सड़क दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

बालोद सड़क दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक शोकाकुल परिवारों के प्रति व्यक्त की संवेदना, घायलों के समुचित उपचार के दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बालोद जिले के मरकाटोला घाट में हुई भीषण सड़क दुर्घटना में कई लोगों के असामयिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस हृदयविदारक घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले शोकाकुल परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने घायलों के समुचित उपचार के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।

गणेश विसर्जन झांकी के दौरान भारी वाहनों पर प्रतिबंध

राजनांदगांव. गणेश विसर्जन झांकी के दौरान शहर में शुक्रवार को भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस संबंध में यातायात पुलिस ने ट्रेफिक एडवाइजरी जारी की है। ज्ञात हो कि 25 सितंबर को शहर में गणेश विसर्जन झांकी एवं 25 एवं 26 को गणेश प्रतिमाओं का मोहारा कुण्ड में विसर्जन किया जाना है। इस दौरान शहर में श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों की बड़ी संख्या में आवाजाही को देखते हुए यातायात पुलिस राजनांदगांव द्वारा 25 सितंबर के दोपहर 2 बजे से 26 सितंबर के सुबह 10 बजे तक विशेष यातायात व्यवस्था की गई है। इस दौरान फरहद चौक, ट्रांसपोर्ट नगर, मोहारा बायपास, गठुला एवं सीआईटी बायपास से राजनांदगांव शहर की ओर आने वाले सभी हल्के एवं भारी चारपहिया वाहनों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। गणेश पंडालों में चोरी : चोरों ने भगवान के पंडाल को भी नहीं छोड़ा गणेश उत्सव के बीच खैरागढ़ थाना क्षेत्र में चोरों ने अब भगवान के पंडालों को भी | निशाना बनाना शुरू कर दिया है। थाना क्षेत्र के सरागोंदी, आमदनी और भोरामपुर गांव में अलग-अलग गणेश पंडालों से कलश, थाली समेत अन्य पूजन सामग्री चोरी होने का मामला सामने आया है। एक साथ तीन गांवों में हुई चोरी की घटनाओं से गणेश उत्सव समितियों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारी और ग्रामीण खैरागढ़ थाना पहुंचे। उन्होंने पुलिस को लिखित आवेदन सौंपकर अज्ञात चोरों का पता लगाने और मामले की जांच की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक गणेश उत्सव के दौरान पंडालों में देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद पंडालों से पूजन सामग्री चोरी होने से श्रद्धालु सकते में है।

झारखंड BJP को मिले नए प्रभारी, गजेंद्र पटेल और पवन साय संभालेंगे जिम्मेदारी

रांची झारखंड में लगातार दो बार से सरकार बनाने से चूक जा रही भारतीय जनता पार्टी ने जीत के लिए अब संगठन में बदलाव किए हैं। केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से दिल्ली से रांची तक झारखंड भाजपा को नए प्रभारी मिले हैं। खास बात यह है कि प्रभारी बनाए गए नेता मध्यप्रदेश या छत्तीसगढ़ से आते हैं। भाजपा के नए प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय अभी तक छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।पार्टी के प्रदेश प्रभारी गजेंद्र पटेल मध्यप्रदेश के खरगोन से सांसद हैं। जबकि सह प्रभारी बनाए गए सौरव सिंह छत्तीसगढ़ में खनिज विकास निगम के अध्यक्ष हैं। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह भी मध्यप्रदेश के ही रहने वाले हैं। सौदान सिंह इससे पहले भी झारखंड और छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभार में रहे हैं और दोनों ही जगह भाजपा की सरकार बनाने में उनकी रणनीतिक भूमिका रही है। 2014 में झारखंड विधानसभा में भाजपा की जीत के समय सौदान सिंह ही प्रभारी थे। पिछले दिनों हुए राज्यसभा चुनाव के समय भी छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को केंद्रीय नेतृत्व ने झारखंड में प्रभारी बनाया था। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से मिलती है झारखंड की सामाजिक संरचना मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की तरह ही झारखंड में आदिवासी जनसंख्या बड़ी संख्या में है। प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह खरगोन सुरक्षित लोकसभा से आदिवासी सांसद हैं। संगठन महामंत्री पवन साय भी आदिवासी समुदाय से आते हैं। ऐसे में राज्य के आदिवासी समाज को भाजपा संगठन में अपनी शीर्ष सामाजिक भागीदारी देखने को मिलेगी। पवन साय झारखंड से सटे जशपुर जिले के रहने वाले हैं जहां से सिमडेगा, गुमला जैसे पड़ोसी जिलों में बड़ी संख्या में रिश्तेदारी होती है।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ननिहाल सिमडेगा जिले में ही है। ऐसे में संगठन के शीर्ष दो पदों पर आदिवासी नेता को लाकर भाजपा ने एक संदेश दिया है। गिरिडीह उपचुनाव में होगी रणनीति की परीक्षा पूर्व मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन के बाद राज्य के गिरिडीह विधानसभा में उपचुनाव होना है। भाजपा के संगठन में हुए नए नेताओं की इंट्री के साथ बदली हुई रणनीति के साथ पार्टी उपचुनाव में जाएगी। यहां प्रत्याशी चयन से लेकर प्रचार अभियान तक में पार्टी के पास अब अनुभवी नेताओं की टीम होगी।  

विकसित ग्राम पंचायत योजना को लेकर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित

विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करने राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण आयोजित  आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा की अध्यक्षता में सभी जिलों के सहायक परियोजना अधिकारियों एवं प्रोग्रामरों को दिया गया प्रशिक्षण 2 अक्टूबर से ग्राम सभाओं में शुरू होगी योजना निर्माण की प्रक्रिया, ग्रामीणों की भागीदारी से तय होंगी विकास की प्राथमिकताएं रायपुर,  विकसित भारत -जीरामजी योजना के अंतर्गत प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) तैयार करने के लिए आज ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा में राज्य स्तरीय जिला मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। विकसित भारत-जीरामजी के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में प्रदेश के सभी जिलों के सहायक परियोजना अधिकारियों एवं प्रोग्रामरों ने भाग लिया।     आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने सभी प्रशिक्षार्थियों से कहा कि विकसित ग्राम पंचायत योजना प्रक्रिया में ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा में  प्रत्येक गांव की जरूरतों और प्राथमिकताओं पर खुलकर संवाद किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बस्ती एवं वार्ड स्तर तक पहुंचकर अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।     प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीणों की सहभागिता से विकास योजना तैयार करने, डिजिटल मैपिंग, परिसंपत्तियों के सत्यापन और योजनाओं के समेकन की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य जिला मास्टर ट्रेनर्स को योजना निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराना है, ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर निर्धारित समय-सीमा में योजनाएं तैयार की जा सकें।        प्रशिक्षण में बताया गया कि 2 अक्टूबर से प्रदेश की ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं के माध्यम से विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को गांव के आधारभूत आंकड़ों, उपलब्ध संसाधनों, मानचित्रों और प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी। ग्रामीण स्वयं अपने गांव की जरूरतों, समस्याओं और विकास की प्राथमिकताओं को तय करने में भागीदारी निभाएंगे। ग्राम सभाओं में प्राप्त सुझावों के आधार पर ग्राम पंचायतों की आगामी विकास कार्ययोजना तैयार की जाएगी। अक्टूबर-नवंबर में सीधा संवाद और दिसंबर में होगा योजना का अनुमोदन       प्रशिक्षण में जानकारी दी गई कि अक्टूबर और नवंबर माह में बस्ती एवं वार्ड स्तर पर ग्रामीणों के साथ बैठकें आयोजित कर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन किया जाएगा। इन बैठकों में ग्रामीणों से गांव की समस्याओं, आवश्यक सुविधाओं, उपलब्ध संसाधनों और प्रस्तावित विकास कार्यों के संबंध में सुझाव प्राप्त किए जाएंगे।       इस दौरान गांवों में मौजूद परिसंपत्तियों का स्थल सत्यापन भी किया जाएगा। ऐसी परिसंपत्तियां, जो भौतिक रूप से उपलब्ध हैं लेकिन डिजिटल अभिलेखों में दर्ज नहीं हैं, उन्हें युक्तधारा पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर प्रस्तावित विकास कार्यों के संभावित स्थानों को डिजिटल मानचित्र पर चिह्नित किया जाएगा।       दिसंबर माह में तैयार विकसित ग्राम पंचायत योजना का प्रारूप ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। ग्रामीणों के सुझावों और आवश्यक विचार-विमर्श के आधार पर योजना में संशोधन कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद ग्राम सभा से औपचारिक अनुमोदन प्राप्त कर योजना को विकासखंड स्तर पर भेजा जाएगा। ग्राम पंचायतों से प्राप्त योजनाओं का विकासखंड एवं जिला स्तर पर समेकन 15 जनवरी तक पूरा किया जाएगा। जल सुरक्षा, आजीविका और ग्रामीण अधोसंरचना पर विशेष ध्यान       विकसित ग्राम पंचायत योजना में जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से संबंधित अधोसंरचना और प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना निर्माण के दौरान गांवों में उपलब्ध प्राकृतिक एवं भौतिक संसाधनों का आकलन किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में संयुक्त आयुक्त , वीबी – जी राम जी रामाधन श्रीवास, दीपक शर्मा, अधीक्षण अभियंता विनय गुप्ता, सहायक आयुक्त यशवत चंद्राकर,  राज्य एमआईएस नोडल अधिकारी मजहर शामी, वीबी जी राम जी संकाय सदस्य आनंद रघुवंशी ने शामिल होकर विकसित ग्राम पंचायत योजना निर्माण की प्रक्रिया एवं तकनीकी बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया ।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो वैश्विक बाजार में यूपी के उत्पादों की पहचान बनाने का सशक्त मंच : भूपेंद्र चौधरी

ग्रेटर नोएडा प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सशक्त मंच बन चुका है। देश-दुनिया से बड़ी संख्या में क्रेताओं और प्रतिनिधियों की सहभागिता से ये साफ है कि उत्तर प्रदेश नए भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण के शुभारंभ अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले तीन आयोजनों की सफलता के बाद अब यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में देश-विदेश के क्रेताओं द्वारा दिखाई गई रुचि के कारण इस बार इसे और अधिक व्यापक एवं भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है। भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि आयोजन में रक्षा, कृषि, उद्योग, ई-कॉमर्स, आईटी, शिक्षा, अवसंरचना, चिकित्सा, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, डेयरी, हैंडलूम, टेक्सटाइल तथा विभिन्न प्राधिकरणों एवं जीआई उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों के 2400 से अधिक स्टॉल प्रमुख आकर्षण हैं। आयोजन के दौरान विभिन्न विषयों पर नॉलेज सेशन भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर, वित्त, एफपीओ, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बेस्ट मैनेजमेंट और फार्मा जैसे विषय शामिल हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस के सहयोग से विभिन्न देशों के क्रेताओं के साथ बी2बी बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को अपने उत्पादों के संबंध में वैश्विक क्रेताओं से सीधे विचार-विमर्श करने, नए बाजार तलाशने तथा अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का व्यापक अवसर मिलेगा। उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमों को वैश्विक एक्सपोजर मिलेगा एमएसएमई मंत्री ने बताया कि आयोजन में 5 लाख से अधिक फुटफॉल की संभावना है। साथ ही, 90 से अधिक देशों के 600 से अधिक क्रेताओं की सहभागिता प्रदेश के उद्यमियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर सृजित करेगी। उन्होंने कहा कि निर्यातकों, युवा उद्यमियों, इनोवेटर्स, तकनीकी संस्थानों, ओडीओपी उद्यमियों, खाद्य क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों, महिला उद्यमियों तथा विभिन्न सरकारी विभागों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमों को वैश्विक एक्सपोजर मिलेगा। उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न सेक्टरों के लिए नीतियां लागू की गई हैं। निवेश मित्र के माध्यम से विभिन्न सेक्टर आधारित नीतियों का लाभ ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश की जीडीपी, प्रति व्यक्ति आय, निर्यात तथा युवाओं के लिए रोजगार सृजन के क्षेत्र में हुई प्रगति यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश आर्थिक विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। एमएसएमई मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इन इकाइयों में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है और कृषि क्षेत्र के बाद एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश में रोजगार उपलब्ध कराने वाला प्रमुख क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और प्लेज पार्क योजना जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को ऋण, प्रशिक्षण, विपणन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण तथा उन्नत टूल किट उपलब्ध कराकर उन्हें अपने हुनर को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 6 लाख से अधिक कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को लाभान्वित किया जा चुका है।कारीगरों और युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस बार विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में 14 नई ट्रेडों को जोड़ते हुए कुल 25 ट्रेडों में प्रशिक्षण एवं उन्नत टूल किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बिना गारंटी और बिना ब्याज ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

सीएम योगी के नेतृत्व में तेजी से शिखर पर पहुंचा गन्ना व चीनी उद्योग

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिखर पर पहुंचे गन्ना व चीनी उद्योग ने नई सफलता अर्जित की है। राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि. (एनएफसीएसएफ) नई दिल्ली की ओर से डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित ’राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार समारोह’ में उत्तर प्रदेश की 08 सहकारी चीनी मिलों को सम्मानित किया गया। संघ की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर देश की सहकारी चीनी मिलों को गन्ना विकास, तकनीकी दक्षता, वित्तीय प्रबंधन और समग्र प्रदर्शन आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं विशिष्ट योगदान के लिए प्रत्येक वर्ष दक्षता पुरस्कार दिए जाते हैं, जिससे सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों की कार्यक्षमता एवं दक्षता में सुधार के साथ-साथ वृद्धि हो सके। वर्ष 2024-25 के लिए घोषित पुरस्कारों में प्रदेश की दि किसान सहकारी चीनी मिल, स्नेह रोड, नजीबाबाद (बिजनौर) को सभी मानकों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला। सरजू सहकारी चीनी मिल, बेलरायां (लखीमपुर खीरी) को गन्ना विकास, दि किसान सहकारी चीनी मिल, गजरौला (अमरोहा) को चीनी परता (शुगर रिकवरी) में सुधार एवं बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड, बागपत को वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया है। इसी प्रकार वर्ष 2025-26 के लिए घोषित पुरस्कारों में भी प्रदेश की चार अन्य सहकारी चीनी मिलों ने परचम लहराया है। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना (मुजफ्फरनगर) को गन्ना विकास, रमाला सहकारी चीनी मिल, रमाला (बागपत) तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश की दि किसान सहकारी चीनी मिल, सठियांव (आजमगढ़) को उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता से पुरस्कृत किया गया। दि किसान सहकारी चीनी मिल, पुवायां (शाहजहांपुर) को उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार से नवाजा गया। इस उपलब्धि पर चीनी उद्योग व गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीना, गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस., सहकारी चीनी मिल्स संघ के प्रबंध निदेशक मंगला प्रसाद सिंह, संयुक्त प्रबंध निदेशक अमृत पाल कौर ने सहकारी चीनी मिलों के प्रबंध तंत्र एवं कार्मिकों को बधाई दी है।

‘अंत्योदय और एकात्म मानव दर्शन के विचार राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे’—वित्त मंत्री चौधरी

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया श्रद्धापूर्वक नमन नवा रायपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण ‘अंत्योदय और एकात्म मानव दर्शन के विचार राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे’—वित्त मंत्री चौधरी रायपुर अंत्योदय और एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वित्त मंत्री चौधरी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के राष्ट्र निर्माण में योगदान और उनके विचारों का स्मरण करते हुए कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को केंद्र में रखने वाला ‘अंत्योदय’ का उनका विचार आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानव दर्शन के माध्यम से समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की अवधारणा प्रस्तुत की। उनका चिंतन समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की प्रेरणा देता है। चौधरी ने कहा कि ‘अंत्योदय’ जैसे कालजयी विचार के सूत्रधार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार और आदर्श राष्ट्र के लिए सतत प्रेरणा बने रहेंगे।

कांग्रेस के प्रदर्शन में हंगामा, राजा वड़िंग हिरासत में; चन्नी नदारद

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद पुलिस ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में निकले इस विरोध मार्च में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा शामिल नहीं हुए जबकि डॉ राजकुमार वेरका, परगट सिंह समेत कुछ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। वाटर कैनन का किया प्रयोग पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग कार्यालय तक पहुंचने से रोकने के लिए सेक्टर-17 में सुरक्षा का कड़ा घेरा बनाया था। जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें पीछे धकेलना शुरू किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया। इसके बाद कई नेताओं को पुलिस वाहनों में बैठाकर थाने ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी। कई स्तरों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। कांग्रेस की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो और कार्रवाई की जाए। पार्टी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर भी लगातार सवाल उठा रही है। मतदाता सूची पुनरीक्षण पर भी सवाल पंजाब कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी लगातार सवाल उठा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने विधानसभा चुनाव तक विशेष गहन पुनरीक्षण रोकने और पिछली मतदाता सूचियों के आधार पर चुनाव कराने की मांग की है। कांग्रेस की ओर से यह प्रदर्शन ऐसे समय किया जा रहा है, जब चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण समेत कुछ प्रक्रियाओं को लेकर आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई है। चुनाव आयोग ने कहा है कि तकनीकी टिप्पणियां और सवाल बहुसदस्यीय संस्था की सामान्य कार्यप्रणाली का हिस्सा हैं तथा विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े अंतिम निर्णय तीनों आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।

जयपुर-जोधपुर-कोटा में भी BJP का कब्जा, राजस्थान के 10 नगर निगमों के मेयर तय

जयपुर राजस्थान के 10 नगर निगमों में महापौर चुनाव की प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। शुक्रवार को जयपुर, जोधपुर और कोटा में हुए चुनाव के साथ प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों के मेयर का फैसला हो गया। इन चुनावों में भाजपा के प्रत्याशियों ने 9 नगर निगमों में जीत दर्ज की, जबकि बीकानेर में कांग्रेस का मेयर चुना गया। जयपुर में भाजपा के सुनील कोठारी ने कांग्रेस की सुनीता मावर को 29 वोट से हराया। कोटा में अनुसुईया गोस्वामी ने सुनीता सुमन को 30 वोट से हराया। जोधपुर में प्रसन्नचंद मेहता ने राजेंद्र सोलंकी को 6 वोट से शिकस्त दी। इससे पहले अजमेर, अलवर, पाली और उदयपुर में भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए थे। भरतपुर और भीलवाड़ा में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध मेयर चुने गए, जबकि बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने भाजपा प्रत्याशी को 20 वोट से हराया। 1-अजमेर: भाजपा की अनामिका शर्मा को 43 और कांग्रेस की किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले। 2-उदयपुर: पारस सिंघवी ने 55 वोट हासिल किए और कांग्रेस की पूनम कुंवर राठौड़ को 25 वोट मिले। 3-अलवर: सुमनलता अग्रवाल को 42 और कांग्रेस की कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले। 4-पाली: भाजपा की नमिता बुबकिया 33 वोट लेकर मेयर बनीं। यहां निर्दलीय राजबाला हिंगड़ को 29 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी सुमित्रा जैन को सिर्फ 3 वोट मिले। इसलिए सबसे नजदीकी प्रतिद्वंद्वी के आधार पर जीत का अंतर 4 वोट रहा। 5-भरतपुर: यहां निर्विरोध निर्वाचन हुआ और भाजपा की जसवंत कंवर महापौर बनी। 6—भीलवाड़ा: भाजपा की अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर चुनी गईं। 7-बीकानेर: कांग्रेस के अनिल कल्ला ने 50 वोट हासिल किए तो भाजपा के सुरेंद्र सिंह को 30 वोट मिले। 8-जयपुर: भाजपा के सुनील कोठारी को 89 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की सुनीता मावर को 60 वोट मिले। कोठारी 29 वोट के अंतर से विजयी रहे। 9-कोटा: भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी ने 65 वोट हासिल किए, जबकि कांग्रेस की सुनीता सुमन को 35 वोट मिले। यहां जीत का अंतर 30 वोट रहा। 10-जोधपुर: भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता को 53 और कांग्रेस के राजेंद्र सिंह सोलंकी को 47 वोट मिले। मेहता ने 6 वोट के अंतर से चुनाव जीता। इस तरह 10 नगर निगमों में भाजपा के 9 और कांग्रेस का 1 महापौर है। दस में से सात नगर निगमों में मेयर का चुनाव 21 सितंबर को हो चुका था, जबकि जयपुर, जोधपुर और कोटा में चुनाव 25 सितंबर को हुए। नगर निगम    विजेता      पार्टी          विजेता को वोट    दूसरे प्रत्याशी को वोट       जीत का अंतर जयपुर    सुनील कोठारी    भाजपा        89                     सुनीता मावर 60             29 वोट जोधपुर    प्रसन्नचंद मेहता    भाजपा      53                    राजेंद्र सोलंकी 47            6 वोट कोटा    अनुसुईया गोस्वामी    भाजपा      65                     सुनीता सुमन 35           30 वोट बीकानेर    अनिल कल्ला    कांग्रेस            50                     सुरेंद्र सिंह 30                 20 वोट अजमेर    अनामिका शर्मा    भाजपा        43                      किरण गढ़वाल 37           6 वोट उदयपुर    पारस सिंघवी    भाजपा            55                    पूनम कुंवर राठौड़ 25         30 वोट अलवर    सुमनलता अग्रवाल    भाजपा    42                      कमलेश शर्मा 23             19 वोट पाली    नमिता बुबकिया    भाजपा           33                    राजबाला हिंगड़ 29                4 वोट भरतपुर    अनुराधा सिंह    भाजपा          निर्विरोध                —                                    निर्विरोध भीलवाड़ा    जसवंत कंवर    भाजपा       निर्विरोध                  —                                     निर्विरोध

विकसित राज्य @2047: शिक्षा और युवा शक्ति से बनेगा नया भारत

विशेष लेख "सेवा_संकल्प_अभियान" विकसित राज्य @2047: शिक्षा, नवाचार और युवा शक्ति से गढ़ी जा रही स्वर्णिम भारत की नई गाथा ज्ञान और युवा शक्ति: विकास का मूल आधार  रायपुर                   ​किसी भी समृद्ध और सर्वसुविधायुक्त राज्य का निर्माण केवल भौतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि उसके युवाओं की बौद्धिक क्षमता और कार्यकुशलता से संभव होता है। इसी दूरदर्शी सोच के साथ प्रदेश के विकास मॉडल के केंद्र में 'GYAN' यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को रखा गया है। युवाओं को आर्थिक और सामाजिक उन्नति का मुख्य आधार मानते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक व्यापक और परिणामोन्मुख कायाकल्प की शुरुआत की जा चुकी है। अब शिक्षा को केवल औपचारिक डिग्रियों तक सीमित न रखकर आधुनिक उद्योगों की माँग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और व्यावसायिक बनाया जा रहा है। उच्च शिक्षा में मिशन मोड: उपलब्धियां और लक्ष्य          ​राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत उच्च शिक्षा विभाग पूरी तरह से 'मिशन मोड' में कार्य कर रहा है। 'उच्च शिक्षा मिशन योजना' के सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (GER) वर्ष 2021-22 के 19.6 प्रतिशत से उल्लेखनीय बढ़त हासिल करते हुए वर्तमान में 27.5 प्रतिशत तक पहुँच गया है, जिसे वर्ष 2035 तक 50 प्रतिशत करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण और समावेशी विकास को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक सर्वसुविधायुक्त 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही, शोध और अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'राज्य रिसर्च एवं इनोवेशन योजना' का खाका तैयार किया गया है। शिक्षा को जड़ों से जोड़ने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली को भी विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रमों में प्रमुखता से शामिल किया गया है। गुणवत्ता, अवसंरचना और रोजगार के नए अवसर          ​शिक्षा में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नैक (NAAC) मूल्यांकन पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिसके तहत पात्र 254 शासकीय महाविद्यालयों में से 200 तथा 09 में से 05 विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन सफलता से पूर्ण हो चुका है। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए शैक्षणिक अवसंरचना का भी तेज़ी से विस्तार किया जा रहा है; वर्ष 2025–26 में 08 नए शासकीय महाविद्यालय, 05 नए निजी महाविद्यालय और 03 नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। संस्थाओं में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्राध्यापकों, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल व क्रीड़ाधिकारी के पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे ये समन्वित प्रयास वर्ष 2047 के स्वर्णिम और विकसित प्रदेश की एक सुदृढ़ नींव रख रहे हैं। विष्णु प्रसाद वर्मा सहायक संचालक