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सीएम योगी के नेतृत्व में तेजी से शिखर पर पहुंचा गन्ना व चीनी उद्योग

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिखर पर पहुंचे गन्ना व चीनी उद्योग ने नई सफलता अर्जित की है। राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि. (एनएफसीएसएफ) नई दिल्ली की ओर से डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित ’राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार समारोह’ में उत्तर प्रदेश की 08 सहकारी चीनी मिलों को सम्मानित किया गया। संघ की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर देश की सहकारी चीनी मिलों को गन्ना विकास, तकनीकी दक्षता, वित्तीय प्रबंधन और समग्र प्रदर्शन आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं विशिष्ट योगदान के लिए प्रत्येक वर्ष दक्षता पुरस्कार दिए जाते हैं, जिससे सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों की कार्यक्षमता एवं दक्षता में सुधार के साथ-साथ वृद्धि हो सके। वर्ष 2024-25 के लिए घोषित पुरस्कारों में प्रदेश की दि किसान सहकारी चीनी मिल, स्नेह रोड, नजीबाबाद (बिजनौर) को सभी मानकों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला। सरजू सहकारी चीनी मिल, बेलरायां (लखीमपुर खीरी) को गन्ना विकास, दि किसान सहकारी चीनी मिल, गजरौला (अमरोहा) को चीनी परता (शुगर रिकवरी) में सुधार एवं बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड, बागपत को वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया है। इसी प्रकार वर्ष 2025-26 के लिए घोषित पुरस्कारों में भी प्रदेश की चार अन्य सहकारी चीनी मिलों ने परचम लहराया है। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना (मुजफ्फरनगर) को गन्ना विकास, रमाला सहकारी चीनी मिल, रमाला (बागपत) तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश की दि किसान सहकारी चीनी मिल, सठियांव (आजमगढ़) को उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता से पुरस्कृत किया गया। दि किसान सहकारी चीनी मिल, पुवायां (शाहजहांपुर) को उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार से नवाजा गया। इस उपलब्धि पर चीनी उद्योग व गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीना, गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस., सहकारी चीनी मिल्स संघ के प्रबंध निदेशक मंगला प्रसाद सिंह, संयुक्त प्रबंध निदेशक अमृत पाल कौर ने सहकारी चीनी मिलों के प्रबंध तंत्र एवं कार्मिकों को बधाई दी है।

‘अंत्योदय और एकात्म मानव दर्शन के विचार राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे’—वित्त मंत्री चौधरी

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया श्रद्धापूर्वक नमन नवा रायपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण ‘अंत्योदय और एकात्म मानव दर्शन के विचार राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे’—वित्त मंत्री चौधरी रायपुर अंत्योदय और एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वित्त मंत्री चौधरी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के राष्ट्र निर्माण में योगदान और उनके विचारों का स्मरण करते हुए कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को केंद्र में रखने वाला ‘अंत्योदय’ का उनका विचार आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानव दर्शन के माध्यम से समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की अवधारणा प्रस्तुत की। उनका चिंतन समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की प्रेरणा देता है। चौधरी ने कहा कि ‘अंत्योदय’ जैसे कालजयी विचार के सूत्रधार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार और आदर्श राष्ट्र के लिए सतत प्रेरणा बने रहेंगे।

कांग्रेस के प्रदर्शन में हंगामा, राजा वड़िंग हिरासत में; चन्नी नदारद

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद पुलिस ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में निकले इस विरोध मार्च में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा शामिल नहीं हुए जबकि डॉ राजकुमार वेरका, परगट सिंह समेत कुछ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। वाटर कैनन का किया प्रयोग पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग कार्यालय तक पहुंचने से रोकने के लिए सेक्टर-17 में सुरक्षा का कड़ा घेरा बनाया था। जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें पीछे धकेलना शुरू किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया। इसके बाद कई नेताओं को पुलिस वाहनों में बैठाकर थाने ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी। कई स्तरों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। कांग्रेस की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो और कार्रवाई की जाए। पार्टी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर भी लगातार सवाल उठा रही है। मतदाता सूची पुनरीक्षण पर भी सवाल पंजाब कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी लगातार सवाल उठा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने विधानसभा चुनाव तक विशेष गहन पुनरीक्षण रोकने और पिछली मतदाता सूचियों के आधार पर चुनाव कराने की मांग की है। कांग्रेस की ओर से यह प्रदर्शन ऐसे समय किया जा रहा है, जब चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण समेत कुछ प्रक्रियाओं को लेकर आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई है। चुनाव आयोग ने कहा है कि तकनीकी टिप्पणियां और सवाल बहुसदस्यीय संस्था की सामान्य कार्यप्रणाली का हिस्सा हैं तथा विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े अंतिम निर्णय तीनों आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।

जयपुर-जोधपुर-कोटा में भी BJP का कब्जा, राजस्थान के 10 नगर निगमों के मेयर तय

जयपुर राजस्थान के 10 नगर निगमों में महापौर चुनाव की प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। शुक्रवार को जयपुर, जोधपुर और कोटा में हुए चुनाव के साथ प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों के मेयर का फैसला हो गया। इन चुनावों में भाजपा के प्रत्याशियों ने 9 नगर निगमों में जीत दर्ज की, जबकि बीकानेर में कांग्रेस का मेयर चुना गया। जयपुर में भाजपा के सुनील कोठारी ने कांग्रेस की सुनीता मावर को 29 वोट से हराया। कोटा में अनुसुईया गोस्वामी ने सुनीता सुमन को 30 वोट से हराया। जोधपुर में प्रसन्नचंद मेहता ने राजेंद्र सोलंकी को 6 वोट से शिकस्त दी। इससे पहले अजमेर, अलवर, पाली और उदयपुर में भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए थे। भरतपुर और भीलवाड़ा में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध मेयर चुने गए, जबकि बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने भाजपा प्रत्याशी को 20 वोट से हराया। 1-अजमेर: भाजपा की अनामिका शर्मा को 43 और कांग्रेस की किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले। 2-उदयपुर: पारस सिंघवी ने 55 वोट हासिल किए और कांग्रेस की पूनम कुंवर राठौड़ को 25 वोट मिले। 3-अलवर: सुमनलता अग्रवाल को 42 और कांग्रेस की कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले। 4-पाली: भाजपा की नमिता बुबकिया 33 वोट लेकर मेयर बनीं। यहां निर्दलीय राजबाला हिंगड़ को 29 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी सुमित्रा जैन को सिर्फ 3 वोट मिले। इसलिए सबसे नजदीकी प्रतिद्वंद्वी के आधार पर जीत का अंतर 4 वोट रहा। 5-भरतपुर: यहां निर्विरोध निर्वाचन हुआ और भाजपा की जसवंत कंवर महापौर बनी। 6—भीलवाड़ा: भाजपा की अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर चुनी गईं। 7-बीकानेर: कांग्रेस के अनिल कल्ला ने 50 वोट हासिल किए तो भाजपा के सुरेंद्र सिंह को 30 वोट मिले। 8-जयपुर: भाजपा के सुनील कोठारी को 89 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की सुनीता मावर को 60 वोट मिले। कोठारी 29 वोट के अंतर से विजयी रहे। 9-कोटा: भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी ने 65 वोट हासिल किए, जबकि कांग्रेस की सुनीता सुमन को 35 वोट मिले। यहां जीत का अंतर 30 वोट रहा। 10-जोधपुर: भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता को 53 और कांग्रेस के राजेंद्र सिंह सोलंकी को 47 वोट मिले। मेहता ने 6 वोट के अंतर से चुनाव जीता। इस तरह 10 नगर निगमों में भाजपा के 9 और कांग्रेस का 1 महापौर है। दस में से सात नगर निगमों में मेयर का चुनाव 21 सितंबर को हो चुका था, जबकि जयपुर, जोधपुर और कोटा में चुनाव 25 सितंबर को हुए। नगर निगम    विजेता      पार्टी          विजेता को वोट    दूसरे प्रत्याशी को वोट       जीत का अंतर जयपुर    सुनील कोठारी    भाजपा        89                     सुनीता मावर 60             29 वोट जोधपुर    प्रसन्नचंद मेहता    भाजपा      53                    राजेंद्र सोलंकी 47            6 वोट कोटा    अनुसुईया गोस्वामी    भाजपा      65                     सुनीता सुमन 35           30 वोट बीकानेर    अनिल कल्ला    कांग्रेस            50                     सुरेंद्र सिंह 30                 20 वोट अजमेर    अनामिका शर्मा    भाजपा        43                      किरण गढ़वाल 37           6 वोट उदयपुर    पारस सिंघवी    भाजपा            55                    पूनम कुंवर राठौड़ 25         30 वोट अलवर    सुमनलता अग्रवाल    भाजपा    42                      कमलेश शर्मा 23             19 वोट पाली    नमिता बुबकिया    भाजपा           33                    राजबाला हिंगड़ 29                4 वोट भरतपुर    अनुराधा सिंह    भाजपा          निर्विरोध                —                                    निर्विरोध भीलवाड़ा    जसवंत कंवर    भाजपा       निर्विरोध                  —                                     निर्विरोध

विकसित राज्य @2047: शिक्षा और युवा शक्ति से बनेगा नया भारत

विशेष लेख "सेवा_संकल्प_अभियान" विकसित राज्य @2047: शिक्षा, नवाचार और युवा शक्ति से गढ़ी जा रही स्वर्णिम भारत की नई गाथा ज्ञान और युवा शक्ति: विकास का मूल आधार  रायपुर                   ​किसी भी समृद्ध और सर्वसुविधायुक्त राज्य का निर्माण केवल भौतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि उसके युवाओं की बौद्धिक क्षमता और कार्यकुशलता से संभव होता है। इसी दूरदर्शी सोच के साथ प्रदेश के विकास मॉडल के केंद्र में 'GYAN' यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को रखा गया है। युवाओं को आर्थिक और सामाजिक उन्नति का मुख्य आधार मानते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक व्यापक और परिणामोन्मुख कायाकल्प की शुरुआत की जा चुकी है। अब शिक्षा को केवल औपचारिक डिग्रियों तक सीमित न रखकर आधुनिक उद्योगों की माँग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और व्यावसायिक बनाया जा रहा है। उच्च शिक्षा में मिशन मोड: उपलब्धियां और लक्ष्य          ​राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत उच्च शिक्षा विभाग पूरी तरह से 'मिशन मोड' में कार्य कर रहा है। 'उच्च शिक्षा मिशन योजना' के सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (GER) वर्ष 2021-22 के 19.6 प्रतिशत से उल्लेखनीय बढ़त हासिल करते हुए वर्तमान में 27.5 प्रतिशत तक पहुँच गया है, जिसे वर्ष 2035 तक 50 प्रतिशत करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण और समावेशी विकास को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक सर्वसुविधायुक्त 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही, शोध और अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'राज्य रिसर्च एवं इनोवेशन योजना' का खाका तैयार किया गया है। शिक्षा को जड़ों से जोड़ने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली को भी विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रमों में प्रमुखता से शामिल किया गया है। गुणवत्ता, अवसंरचना और रोजगार के नए अवसर          ​शिक्षा में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नैक (NAAC) मूल्यांकन पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिसके तहत पात्र 254 शासकीय महाविद्यालयों में से 200 तथा 09 में से 05 विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन सफलता से पूर्ण हो चुका है। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए शैक्षणिक अवसंरचना का भी तेज़ी से विस्तार किया जा रहा है; वर्ष 2025–26 में 08 नए शासकीय महाविद्यालय, 05 नए निजी महाविद्यालय और 03 नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। संस्थाओं में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्राध्यापकों, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल व क्रीड़ाधिकारी के पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे ये समन्वित प्रयास वर्ष 2047 के स्वर्णिम और विकसित प्रदेश की एक सुदृढ़ नींव रख रहे हैं। विष्णु प्रसाद वर्मा सहायक संचालक

MP में भारी बारिश का अलर्ट, सतना में स्कूलों की छुट्टी बढ़ी

भोपाल मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले बारिश का एक और मजबूत दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को प्रदेश के 13 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन बारिश का असर ज्यादा रहेगा। कुछ इलाकों में चार इंच से अधिक पानी गिर सकता है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब अब मजबूत मौसमी सिस्टम में बदल गया है। इसके असर से 25 और 26 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर रहेगा। 27 सितंबर को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इसके बाद तंत्र आगे बढ़ जाएगा। शुक्रवार को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं भिंड, दतिया, निवाड़ी, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में भारी बारिश हो सकती है। मानसून विदाई से ठीक पहले बारिश का जोर मध्य प्रदेश में मानसून का आधिकारिक सीजन 30 सितंबर तक रहता है। यानी अब इसकी विदाई में करीब छह दिन बाकी हैं। इससे पहले प्रदेश में लगातार बारिश के दो दौर आ चुके हैं और अब आखिरी सप्ताह में तीसरे मजबूत दौर ने दस्तक दी है।मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार 25 और 26 सितंबर को सिस्टम का प्रभाव ज्यादा रहेगा। 27 सितंबर को भी बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद मौसम में बदलाव आने की संभावना है। अब भी सामान्य से 2.4 इंच कम बारिश बारिश के नए दौर के बावजूद प्रदेश में सीजन की कुल बारिश अभी सामान्य से पीछे है। अब तक 873.4 मिमी यानी 34.4 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा करीब 935.1 मिमी यानी 36.8 इंच है। इस तरह प्रदेश में अब तक करीब 2.4 इंच यानी 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी करीब 2 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी प्रदेश के अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इसके उलट कई जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से काफी नीचे है। हालांकि सितंबर के अंतिम दौर की बारिश से कमी तेजी से घट रही है। जून की कमी अब भी पूरी नहीं हुई इस मानसून में जून सबसे कमजोर रहा। महीने में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश ने स्थिति संभाली और दोनों महीनों का कोटा पूरा हुआ, लेकिन जून की कमी पूरी तरह नहीं भर सकी। इसी वजह से पूरे मानसून सीजन का आंकड़ा अभी भी सामान्य से नीचे है। 25-26 सितंबर की बारिश के बाद यह अंतर और कम होने की उम्मीद है।  प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, भिंड, दतिया, निवाड़ी, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में भारी बारिश होगी। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के कुछ जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अतिवृष्टि की संभावना: सतना में 2 दिन स्कूल बंद अतिवृष्टि की संभावना को देखते हुए सतना जिले में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने 26 सितंबर को भी नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। यह आदेश शासकीय, अशासकीय, केंद्रीय, नवोदय, आईसीएसई सहित सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। अगले 2 दिन असर रहेगा मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब अब महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम के रूप में उभर रहा यह स्ट्रॉन्ग हो गया है। इस वजह से 25 और 26 सितंबर को असर ज्यादा रहेगा। 27 को भी तेज बारिश होगी। इसके बाद सिस्टम आगे बढ़ जाएगा। मानसून की विदाई को 6 दिन बचे एमपी में दक्षिण-पश्चिम मानसून का पीरियड 1 जून से 30 सितंबर तक है। यानी, मानसून की विदाई को छह दिन बचे हैं। इस बार भी सितंबर के आखिरी सप्ताह से विदाई होने लगेगी। राजस्थान के कई जिलों से मानसून लौट चुका है। सामान्य बारिश से 2.4 इंच नीचे चल रहा प्रदेश IMD की मानें तो प्रदेश में अब तक 873.4 मिमी यानी, 34.4 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 36.8 इंच (935.1 मिमी) की तुलना में 2.4 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 7 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 2% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 11% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 2% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 23% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। गुरुवार को भी आंकड़ा माइनस में दो प्रतिशत रहा। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 8% से 50% कम पानी गिरा है। इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।  

केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएम योगी के साथ ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) पोर्टल का भी किया शुभारंभ

 ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के परंपरागत हुनर से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में दुनिया के सामने दिखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं, जबकि 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों के साथ ट्रेड शो में हिस्सा ले रहे हैं। अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और यहां के उद्यमियों की विश्वसनीयता पर आज पूरी दुनिया को भरोसा है। आज प्रदेश दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है।   बढ़ता फुटफॉल वैश्विक भरोसे का प्रतीक मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच बन गया है। पिछले वर्ष 72 देशों के 550 बायर्स इसमें शामिल हुए थे। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे हैं और करीब डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के आयोजन में शामिल होने की संभावना है। यह बढ़ती भागीदारी उत्तर प्रदेश के कारीगरों के हुनर, युवाओं के इनोवेशन, एमएसएमई सेक्टर और अन्नदाता किसानों की मेहनत के प्रति बढ़ते वैश्विक भरोसे को दिखाती है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसका उदाहरण है। यह ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन के साथ हुनर और बाजार की ताकत को एक साथ देखने का अवसर है। यहां यूपी की लोकल स्ट्रेंथ ग्लोबल मार्केट के सामने अपनी पहचान बना रही है। यह डबल इंजन सरकार की क्षमता को संभावना और संभावना को समृद्धि में बदलने की कार्यसंस्कृति है।   अमित शाह ने पहचानी थी परंपरागत उद्यमों की ताकत मुख्यमंत्री ने अमित शाह को प्रदेश के परंपरागत उद्यमों को नई पहचान देने की सोच का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह जी ने उत्तर प्रदेश के लोक कल्याण संकल्प पत्र के निर्माण के दौरान प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचाना था। उनका मानना था कि जिस दिन उत्तर प्रदेश अपनी इस ताकत को पहचान लेगा, उसे मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा। सरकार बनने के बाद इसी सोच को ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ के रूप में ब्रांड दिया गया।   गांव के हुनर को मिला दुनिया का बाजार मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी। जरूरत उस क्षमता को पहचानने, सही माहौल देने और उसे बड़े बाजार तक पहुंचाने की थी। आजादी के बाद दशकों तक कारीगरों को जरूरी संसाधन, सही दिशा, बाजार और मंच नहीं मिला। इसका असर यह हुआ कि नई पीढ़ी अपने पुश्तैनी हुनर से दूर होने लगी। सरकार ने जिलों, गांवों और स्थानीय क्लस्टर में मौजूद हुनर को पहचानकर आगे बढ़ने का अवसर दिया।   उन्होंने कहा कि टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया। गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार के अनुरूप तैयार किया गया। विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार ने स्थानीय उत्पादों के लिए बड़े एवं वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान की है।   79 उत्पादों को जीआई टैग, 75 और कतार में मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है और 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अब करोड़ों रुपये के कारोबार वाले ब्रांड में बदल चुकी है। ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा गया है। ट्रेड शो में कारीगर और उद्यमी सीधे ग्लोबल बायर्स तक पहुंच रहे हैं।   छह देशों के पवेलियन, कारोबार के नए रास्ते यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में जुड़े हैं। इनके विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन देशों की भागीदारी से द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी। रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वेंचर के रास्ते भी खुलेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया के कई बड़े देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को यहां उत्पादन करने और यहीं से वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर दे रहा है। कार्यक्रम में ये गणमान्य रहे मौजूद उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक,  कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, भूपेंद्र चौधरी, राकेश सचान, डॉ. संजय निषाद, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, बृजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा, सुरेंद्र नागर, विधायक पंकज सिंह, धीरेंद्र सिंह, तेजपाल नागर, विधानपरिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा, नरेंद्र भाटी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, नोएडा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, महानगर अध्यक्ष महेश चौहान समेत जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जापान के राजदूत ओनो केईची, भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सायमन वोंग और बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को समेत विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, विदेशी खरीदार, एग्जीबिटर्स और उद्यमी भी इस समारोह में शामिल हुए। बॉक्स-1 ई-कार्ट से केंद्रीय गृह मंत्री व मुख्यमंत्री ने देखा ट्रेड शो कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को फिरोजाबाद के ओडीओपी के तहत ओपल ग्लास से बनी राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की। इसके बाद दोनों नेता एक साथ ई-कार्ट से ट्रेड शो में लगे स्टॉल देखने पहुंचे। अलग-अलग स्टॉल पर रुककर उत्पाद देखे और उद्यमियों से उनकी जानकारी ली। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक जनपद एक व्यंजन’ ओडीओसी पोर्टल का शुभारंभ भी किया।   बॉक्स-2 एक करोड़ से अधिक एमएसएमई दे रहीं तीन करोड़ से अधिक को रोजगार एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो … Read more

स्वच्छ माहौल और अनुशासित जीवन, बच्चियों की दिनचर्या ने खींचा ध्यान

कांकेर  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने गुरुवार, 24 सितंबर को कांकेर प्रवास के दौरान प्रयास कन्या छात्रावास एवं आदिवासी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं के साथ आत्मीय संवाद करते हुए उनके रहन-सहन, पढ़ाई और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। छात्राओं ने भी सहजता के साथ अपनी आवश्यकताओं और समस्याओं को आयोग अध्यक्ष के समक्ष रखा। निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने बताया कि छात्रावास में वेंडिंग मशीन उपलब्ध है, लेकिन पैड डिस्पोजल मशीन की सुविधा नहीं है। साथ ही बिजली की समस्या के कारण पढ़ाई प्रभावित होती है। छात्राओं ने बिजली की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सोलर पैनल तथा आपातकालीन लाइट की व्यवस्था की आवश्यकता बताई। इसके अलावा बेहतर डिजिटल शिक्षा के लिए कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास हेतु स्मार्ट बोर्ड उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। डॉ. वर्णिका शर्मा ने छात्राओं की बातों को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना तथा आवश्यक सुविधाओं के लिए उचित स्तर पर पहल करने का आश्वासन दिया। छात्राओं ने सूर्यकिरण में रहने की इच्छा भी व्यक्त की, जिस पर उन्होंने उनके लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। छात्राओं ने मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा भी जताई। आयोग अध्यक्ष ने छात्रावास में स्वच्छता, अनुशासन और व्यवस्थित वातावरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों की आवश्यकताओं को समझने और उनकी बातों को सीधे सुनने से ही बाल अधिकारों की वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। निरीक्षण के दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा के साथ छात्राओं का आत्मीय एवं  मातृत्वपूर्ण व्यवहार रहा, जिससे छात्राएं भी सहज और उत्साहित नजर आईं। डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों को केवल शिक्षा उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ, सम्मानजनक और सुविधायुक्त वातावरण देना भी हमारी जिम्मेदारी है। बच्चों की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को समय पर पूरा करना उनके बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और आयोग हमेशा उनके लिए तत्पर है।

बाढ़ प्रबंधन पर CM सम्राट का बड़ा प्लान, कोसी के 100 KM डेंजर जोन में डबल शीट पायलिंग

पटना बिहार में बाढ़ से तबाही को लेकर सरकार संवेदनशील है। जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए कार्ययोजना बनायी जाएगी। बाढ़ प्रबंधन के तहत गंगा नदी, कोसी नदी एवं गंडक नदी को व्यवस्थित किया जाएगा। इन नदियों के दोनों तरफ तटबंधों को मजबूत करते हुए उन पर फोरलेन सड़क का निर्माण भी किया जाना है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक में बाढ़ प्रबंधन, सड़क संपर्क तथा सौर ऊर्जा से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की तथा पदाधिकारियों को कई ‌आवश्यक निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में गंगा, गंडक एवं कोसी नदी परियोजना, बक्सर-भागलपुर ग्रीन फिल्ड एक्सप्रेस-वे, 2400 मेगावाट क्षमता की पीरपैंती इकाई तथा पीएम कुसुम योजना से संबंधित प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि गंगा नदी, कोसी नदी एवं गंडक नदी क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों को स्थायी राहत प्रदान करने के साथ-साथ इस क्षेत्र को समृद्ध क्षेत्र बनाना है। कोसी क्षेत्र के शुरुआती 100 किलोमीटर जो विशेष डेंजर जोन है, उस पर डबल शीट पायलिंग करने की आवश्यकता है। गाद निकासी पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों का गाद निकालने से जल संग्रहण एवं प्रवाह क्षमता भी संयमित होगी। इस दौरान जल संसाधन सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, ऊर्जा सचिव अजय यादव एवं पथ निर्माण सचिव पंकज कुमार पाल ने अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत,सीएम के सचिव संजय कुमार सिंह आदि उपस्थित थे। सीएम ने सभी अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए प्रभावी प्लान बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने आम जनों को भी आश्वासन दिया कि बाढ़ से होने वाली तबाही को लेकर सरकार संवेदनशील है। जल्द ही इसका स्थाई समाधान निकाला जाएगा। सीएम के अहम निर्देश 1. गाद प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें, ताकि जल संग्रहण और प्रवाह क्षमता में सुधार हो 2. नए बैराज के निर्माण की दिशा में प्रक्रिया शुरू करें 3. कोसी क्षेत्र के शुरुआती 100 किमी पर डबल शीट पायलिंग कराएं 4. संबंधित विभाग आपसी समन्वय से परियोजनाओं की नियमित निगरानी करें। एक्सप्रेस-वे और सड़क परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करें मुख्यमंत्री ने बक्सर-भागलपुर 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की प्रगति की जानकारी ली। 348 किलोमीटर लंबी इस सड़क का 336 किलोमीटर हिस्सा बिहार तथा लगभग 12 किलोमीटर उत्तर प्रदेश में है। मुख्यमंत्री ने इसके अतिरिक्त गंगा-अंबिका पथ (बिदुपुर दिघवारा), नारायणी पथ (दरिहारा-डुमरिया घाट) और विश्वामित्र पथ (बक्सर आरा-मनेर) परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने समय-सीमा में इसे पूरा करने का निर्देश दिया।

नटनी का बारा से मंडावर तक बनेगा एलिवेटेड रोड, 26 KM घटेगी दूरी

जयपुर सरिस्का एलिवेटेड रोड एक बार फिर फाइलों से बाहर आया है। इस बार नटनी का बारा से मंडावरा तक 22 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव बनाया गया है। करीब 2200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस परियोजना के लिए पीडब्ल्यूडी एनएच ने डीपीआर केंद्र सरकार को भेज दी है। प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के नीचे से वन्यजीवों के गुजरने की व्यवस्था होगी, जबकि रोड के बीच में आने वाले आठ गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी के भ्रमण के दौरान सामने आया था कि सरिस्का के मध्य से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग 248ए पर आए दिन वाहनों की चपेट में वन्यजीव आ रहे हैं। इसका रास्ता एलिवेटेड रोड निकाला गया। करीब चार साल से इस पर मंथन चल रहा है। दो बार इस एलिवेटेड का रूट तय हो चुका है। एक बार पीडब्ल्यूडी एनएच ने प्रदेश स्तर पर डीपीआर तैयार की, लेकिन उसे रिजेक्ट कर दिया गया। दूसरे प्रस्ताव में यह सामने आया कि थानागाजी के थैंक्यू बोर्ड के आगे यह रोड उतारा जाएगा, जिसका विरोध काफी दिन तक चला और उसके बाद नया प्रस्ताव बनाया गया। यह रहेगा मार्ग, किसानों को मिली राहत अब एलिवेटेड रोड नटनी का बारा से शुरू होकर धर्मपुरा, कुशालगढ़ से मंडावरा तक पहुंचेगा। यह मार्ग आगे जाकर जयपुर मार्ग पर मिलेगा। इसके बीच आठ गांव आएंगे। इन गांवों की जमीन अधिग्रहण की जाएगी। साथ ही, वन विभाग से भी जमीन ली जाएगी। इस मार्ग पर थैंक्यू बोर्ड नहीं आएगा, जिससे विरोध करने वाले किसानों को राहत मिलेगी। 26 किमी दूरी हो जाएगी कम नटनी का बारा से मंडावर की दूरी करीब 48 किमी है। आठ गांवों की जमीन व फॉरेस्ट लैंड से एलिवेटेड गुजरेगा, तो दूरी करीब 26 किमी कम हो जाएगी और जयपुर की राह आसान होगी। करीब 45 मिनट समय बच सकेगा। वन्यजीव नीचे से निकल सकेंगे एलिवेटेड रोड पिलर पर खड़ा होगा, जिसके नीचे से वन्यजीव आसान से निकल सकेंगे। पिलर की ऊंचाई इतनी होगी कि वाहनों का शोर भी अधिक दूर तक नहीं जाएगा। आठ गांवों की जमीन अधिग्रहण करेंगे भू प्रबंधन कार्यालय से रिटायर्ड नायब तहसीलदार बनवारी सिंह ने बताया कि उनकी कंसल्टेंट कंपनी ने सर्वे किया है। एलिवेटेड रोड नटनी का बारा से मंडावर तक जाएगा। इस बीच आठ गांवों की जमीन अधिग्रहित होगी और कुछ वन विभाग की जमीन भी ली जाएगी। इस पर तेजी से काम कर रहे हैं। एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेज दिया है। इस पर करीब 2200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहां से मंजूरी के बाद इस पर आगे काम होगा – वेद प्रकाश शर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी एनएच जयपुर