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बिहार-झारखंड के बीच 4447 करोड़ के मोकामा-मुंगेर एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार

लखीसराय. मोकामा-मुंगेर फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (Mokama Munger Four Lane Greenfield Expressway) परियोजना को प्रशासनिक स्तर पर तेज गति दी जा रही है। 4,447 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 82.4 किलोमीटर लंबी यह परियोजना क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देगी। परियोजना के तहत दो बड़े पुलों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सके। यह परियोजना एनएचएआई के अधीन संचालित हो रही है। इस परियोजना के पूरी होने से पूर्व बिहार के साथ ही झारखंड की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। भूमि अधिग्रहण की स्थिति ग्रीनफील्ड सड़क निर्माण के लिए 60 मीटर चौड़ी भूमि अधिगृहित की जाएगी। लखीसराय जिले के पांच प्रखंडों के 48 मौजा में कुल 342.97 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है। अब तक 46 मौजा की 270.71 हेक्टेयर भूमि की अधिसूचना प्रकाशित की जा चुकी है। शेष दो मौजा लखीसराय अंचल का दामोदरपुर और बड़हिया अंचल का इंगलिश का खतियान व जमाबंदी विवरण अंचल कार्यालय से प्राप्त नहीं होने के कारण अधिसूचना लंबित है। जिला प्रशासन ने 174.72 हेक्टेयर भूमि के गजट प्रकाशन का प्रस्ताव एनएचएआई को भेज दिया है। अधिघोषणा की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सभी अंचल अधिकारियों को विभागीय फॉर्मेट-22 एवं नक्शा उपलब्ध करा दिया गया है। 28 फरवरी से पहले भूमि सत्यापन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अंचलवार भूमि का ब्यौरा बड़हिया : 8 मौजा, 78.71 हेक्टेयर लखीसराय : 9 मौजा, 76.29 हेक्टेयर चानन : 7 मौजा, 33.07 हेक्टेयर पिपरिया : 6 मौजा, 15.71 हेक्टेयर सूर्यगढ़ा : 18 मौजा, 139.97 हेक्टेयर यह ग्रीनफील्ड फोरलेन बक्सर-भागलपुर कॉरिडोर का हिस्सा होगा। इसके निर्माण से मुंगेर, मोकामा के रास्ते सीधे पटना से जुड़ जाएगा। परियोजना पूरी होने पर मोकामा और मुंगेर के बीच यात्रा समय लगभग डेढ़ घंटे कम होने का अनुमान है। प्रशासनिक स्तर पर जिलाधिकारी द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। भूमि अधिग्रहण पूर्ण होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। यह परियोजना पटना, लखीसराय, मुंगेर और भागलपुर जिलों के आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। – राहुल कुमार, डीसीएलआर, लखीसराय

निकाय और पंचायत आम चुनाव 2026 से पहले चुनाव मोड में आया प्रशासन

जयपुर. निकाय व पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 से पहले प्रशासन ने ‘चुनावी मोड’ में कदम बढ़ा दिए हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में पंचायत समिति विकास अधिकारियों (बीडीओ) के तबादलों का बड़ा फैसला लिया गया है। आदेश के अनुसार अब कोई भी बीडीओ अपनी गृह पंचायत समिति में पदस्थापित नहीं रहेगा। साथ ही जो अधिकारी पिछले चार वर्षों में तीन वर्ष से अधिक समय तक एक ही जिला, नगर पालिका या पंचायत समिति क्षेत्र में कार्यरत रहे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा। अतिरिक्त कार्यभार भी होगा समाप्त जिन अधिकारियों को लंबे समय से विकास अधिकारी के रिक्त पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है और वे तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही क्षेत्र में कार्यरत हैं, उनका अतिरिक्त कार्यभार भी तुरंत हटाया जाएगा। विभाग का उद्देश्य है कि चुनाव के दौरान कोई भी अधिकारी अत्यधिक प्रभावशाली स्थिति में न रहे। जिला परिषद सीईओ पर जिम्मेदारी ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में पदस्थापित बीडीओ की सूची तैयार कर जांच करें। तीन दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजनी होगी। रिपोर्ट में देरी होने पर संबंधित सीईओ की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जयपुर ग्रामीण में दिखेगा असर पंचायत समिति बस्सी सहित जयपुर ग्रामीण क्षेत्र की बस्सी, चाकसू, जमवारामगढ़, तूंगा, आंधी और कोटखावदा पंचायत समितियों में वर्षों से जमे अधिकारियों पर इस आदेश का सीधा असर पड़ेगा। इनका कहना है… राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यह कदम उठाया गया है। चुनाव निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से कराने के लिए निर्धारित अवधि से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को हटाया जा रहा है। आदेशों की समयबद्ध पालना सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। – डॉ. जोगराम, शासन सचिव एवं आयुक्त, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि

कल्याणपुर–लटोरी–दतिमा–सलका मार्ग का होगा सुदृढ़ीकरण ,40.93 करोड़ रुपए स्वीकृत, 29 किमी सड़क उन्नयन से विकास को मिलेगी नई रफ्तार रायपुर, राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं विकासोन्मुखी नीति के अनुरूप क्षेत्र में आधारभूत अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से जिला सूरजपुर अंतर्गत कल्याणपुर–लटोरी–दतिमा– सलका (मुख्य जिला मार्ग) के विभिन्न खंडों में सड़क सुदृढ़ीकरण एवं निर्माण कार्य के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। लगभग 29 किलोमीटर लंबाई में प्रस्तावित इस कार्य के लिए 40.93 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। यह मार्ग क्षेत्र के अनेक ग्रामों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिसके उन्नयन से आवागमन अधिक सुगम, सुरक्षित एवं तीव्र होगा। इससे ग्रामीण अंचलों का जिला मुख्यालय एवं अन्य प्रमुख स्थलों से बेहतर संपर्क स्थापित होगा। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़क केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि विकास की जीवनरेखा है। सुदृढ़ सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज समय पर बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक सुगमता से पहुंच सुनिश्चित होगी तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक त्वरित पहुंच संभव हो सकेगी। साथ ही व्यापार, लघु उद्योग एवं स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता एवं समावेशी विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। अधोसंरचना विकास के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चरणबद्ध रूप से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

संघर्ष से सफलता की ओर: श्रमिक की बेटी डिंपल कश्यप को मिला संस्कार सिटी स्कूल का सहारा

श्रमिक की बेटी डिंपल कश्यप अब संस्कार सिटी स्कूल में संवार रही अपना भविष्य रायपुर, छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में आई क्रांति अब सुदूर वनांचलों के गरीब और श्रमिक परिवारों के आंगन तक पहुँचकर उनके बच्चों के सपनों को हकीकत में बदल रही है। शासन की अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा दिलाने का संकल्प अब धरातल पर जीवंत होता दिख रहा है।          बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिलौरी के एक पंजीकृत श्रमिक नंदकिशोर कश्यप की सुपुत्री डिंपल कश्यप ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत के दम पर सफलता का अध्याय लिख दिया है। डिंपल का चयन राज्य की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) के आधार पर राजनांदगांव के प्रतिष्ठित संस्कार सिटी स्कूल के लिए हुआ है, जो उनके परिवार के लिए किसी सुखद चमत्कार से कम नहीं है। यहां डिंपल कक्षा छठवीं में अध्ययन कर रही है और बारहवीं तक निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करेगी।        छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह है कि  डिंपल की माध्यमिक शिक्षा से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की पूरी पढ़ाई का सारा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। इस निःशुल्क और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के प्रावधान ने परिवार के सिर से आर्थिक चिंता का बोझ पूरी तरह हटा दिया है, जिससे अब डिंपल की प्रगति की राह में कोई बाधा नहीं आएगी। अपनी बेटी की इस अभूतपूर्व सफलता पर पिता नंदकिशोर कश्यप भावुक स्वर में कहते हैं कि एक श्रमिक के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। वे दिन-रात कड़ी मेहनत ही इसलिए करते हैं ताकि उनके बच्चों का भविष्य उनके अपने संघर्षपूर्ण जीवन से कहीं बेहतर और सुगम हो सके। आज सरकार की इस कल्याणकारी योजना ने उनके उन धुंधले सपनों को हकीकत के पंख दे दिए हैं।       कश्यप दंपत्ति. माता-पिता के रूप में  आज स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्हें अब यह अटूट विश्वास हो चला है कि उनकी बेटी का भविष्य न केवल सुरक्षित है, बल्कि वह अपनी अटूट लगन से सफलता के उस आसमान को भी छू सकेगी जिसका उन्होंने कभी केवल कल्पनाओं में विचार किया था। ग्राम बिलौरी-2 से निकलकर एक प्रतिष्ठित स्कूल तक का डिंपल का यह सफर समाज के उस हर वर्ग के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा को दबाए बैठे हैं। शासन की यह पहल स्पष्ट संदेश देती है कि यदि बच्चे में प्रतिभा और आगे बढ़ने की ललक हो, तो सरकार की योजनाएं एक मजबूत सेतु बनकर उन्हें सफलता के उच्चतम शिखर तक पहुँचाने में पूरी मदद करती हैं।

हरियाणा में CET Group D परीक्षा को लेकर आवेदन पोर्टल जल्द होगा शुरू

हिसार. हरियाणा में सीईटी ग्रुप-D की परीक्षा का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए जरूरी खबर आई है। हरियाणा कर्मचारी आयोग (HSSC) द्वारा CET Group D भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। इस संबंध में अमेंडमेंट नोटिफिकेशन प्राप्त कर लिया गया है। हाल ही में हरियाणा कर्मचारी आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने सोशल मीडिया एक्स प्लेटफॉर्म का प्रयोग कर पोस्ट शेयर की, जिसमें उम्मीदवारों के लिए आवेदन पोर्टल जल्द शुरू करने की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही भर्ती को लेकर एक विस्तृत नोटिस भी जल्द जारी किया जाएगा, जिसमें आवेदन से लेकर अन्य आवश्यक सूचना दी गई है। जानें HSSC CET Group D 2026 आवेदन कैसे करें 1. आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवार हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। 2. वेबसाइट पर दिए गए 'HSSC CET Group D 2026 Application Form' के लिंक पर क्लिक करें। 3. स्क्रीन पर खुले लॉगिन पेज पर वैध आईडी और मोबाइल नंबर की सहायता से लॉगिन क्रिएट करें आवेदन फॉर्म भरें। 4. आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवश्यक दस्तावेज (मार्कशीट, फोटो, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र आदि) अपलोड करें। 5. आवेदन शुल्क का भुगतान कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और फॉर्म को डाउनलोड करना न भूलें।

बिजली व्यवस्था की पड़ताल: जायका टीम ने MP Transco के प्रोजेक्ट्स का लिया जायजा

एसएलडीसी और स्काडा सेंटर की प्रशंसा भोपाल जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) द्वारा मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण हेतु मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में संचालित जायका-2 वित्त पोषित विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत किए गए कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया गया।जायका जापान की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी एवं जायका के भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने निर्माण कार्यों, उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से जांच-पड़ताल की। ढीमरखेडा लाइन एवं सब स्टेशन का किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान टीम ने सर्वप्रथम 132 केवी सब स्टेशन ढीमरखेड़ा तथा इसके लिए निर्मित 132 केवी पनागर–ढीमरखेड़ा ट्रांसमिशन लाइन का अवलोकन किया। इवैल्यूएटर सुश्री ताकाहाशी ने लोन स्वीकृति के समय प्रस्तुत प्रारंभिक योजना, परियोजना के क्रियान्वयन, स्थापित उपकरणों की गुणवत्ता, लागत एवं रखरखाव से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण उपरांत उन्होंने सब स्टेशन एवं ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उपयोगिता जानने के लिए स्थानीय नागरिकों से भी की चर्चा जायका द्वारा वित्त पोषित फंड से निर्मित सब स्टेशन की उपयोगिता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेने के साथ-साथ जायका टीम ने स्थानीय महिलाओं को बुलाकर उनका प्रत्यक्ष फीडबैक भी लिया। महिलाओं ने बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई के लिए भी पर्याप्त विद्युत उपलब्ध हो रही है। इससे उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर और स्काडा का भी किया अवलोकन जायका टीम ने एमपी ट्रांसको के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी )एवं स्वदेशी तकनीकी एवं उपकरणों से निर्मित स्काडा कंट्रोल सेंटर का भी अवलोकन किया और उसकी कार्य प्रणाली की प्रशंसा की। ये अधिकारी रहे उपस्थित निरीक्षण के दौरान एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री के.एम. सिंघल, अधीक्षण अभियंता श्री आर.सी. शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री ए.पी.एस. चौहान, श्री शशि शेखर, श्री रविराज पटेल, सहायक अभियंता श्री जितेन्द्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

विश्व चिंतन दिवस के शताब्दी वर्ष पर स्काउट-गाइड का एकता और भाईचारे का संकल्प

बिलासपुर भारत स्काउट एवं गाइड्स जिला संघ बिलासपुर द्वारा विश्व चिंतन दिवस के 100 वर्ष पूर्ण होने पर एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ओल्ड कंपोजिट बिल्डिंग, डीईओ कार्यालय स्थित स्काउट विभाग कक्ष क्रमांक-16 के प्रांगण में संपन्न हुआ, जिसमें राज्य एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों सहित जिले भर के स्काउट-गाइड, रोवर्स और रेंजर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वधर्म प्रार्थना के साथ हुआ। प्रार्थना के माध्यम से सर्वधर्म समभाव, अनुशासन, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया गया, जो स्काउट-गाइड आंदोलन की मूल भावना को दर्शाता है। इसके बाद कक्ष क्रमांक-6 स्थित सभा हॉल में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सभी सदस्य एकत्रित हुए। विश्व चिंतन दिवस के उपलक्ष्य में स्काउट, गाइड, रोवर्स एवं रेंजर्स द्वारा तैयार स्लोगन, पोस्टर और बैनरों का प्रदर्शन एवं मूल्यांकन किया गया। प्रतिभागियों ने विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, सेवा और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर रचनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस परेड, राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों में सक्रिय सेवा देने वाले स्काउट-गाइड, रोवर्स एवं रेंजर्स को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त राज्य सचिव बीना यादव, अध्यक्षता पदेन जिला आयुक्त (गाइड) सुनीता ध्रुव ने की। विशिष्ट अतिथियों में सहायक राज्य आयुक्त स्काउट विजय कुमार यादव, भूपेंद्र शर्मा तथा सहायक राज्य आयुक्त गाइड डॉ. भारती दुबे उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला संघ के अनेक पदाधिकारी, स्काउटर-गाइडर एवं सदस्य भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।  समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विश्व चिंतन दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और सेवा भावना को सुदृढ़ करने का अवसर है। उन्होंने संगठन के सिद्धांतों का पालन करते हुए समाज सेवा में निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम अनुशासन, उत्साह और संगठनात्मक एकता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा तथा शताब्दी वर्ष का यह आयोजन स्काउट-गाइड आंदोलन के प्रति समर्पण और सेवा भावना को और मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में जिला सचिव सुश्री लता यादव, जिला संगठन आयुक्त स्काउट महेन्द्र बाबू टंडन, जिला संगठन आयुक्त गाइड डॉ पूनम सिंह, एल.टी.स्काउट देवब्रत मिश्रा, डॉ.नवनीत कौशिक, शत्रुघन सूर्यवंशी, सूर्यकांत खूंटे, निखिल सिंह, शशांक विश्वकर्मा, गाइडर के रूप में प्री.ए.एल.टी गाइड पुष्पा शर्मा, लक्ष्मी बृजवासी, रागिनी चौधरी, मिंदु साडे, डॉ.शीला शर्मा, शशिकला साहू, सुश्री निशा साहू, सुश्री कौशल्या साहू, स्काउट-गाइड रोवर्स-रेंजर्स, स्काउटर-गाइडर मुख्य रूप से उपस्थित रहें।  

जल जीवन मिशन: 522 घरों में नल कनेक्शन से पानी के लिए हैंडपंपों और कुओं पर निर्भरता खत्म

बिलासपुर. भारत जैसे भौगोलिक विविधताओं से भरे देश में विषमताएं विकास की राह में अक्सर चुनौती बनती रही हैं। पठारी और पाट क्षेत्रों से घिरे दूरस्थ गांव पेयजल की समस्या से जूझते रहे हैं। लेकिन अब केंद्र सरकार और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन से दूरस्थ व दुर्गम अंचलों में भी सभी घरों में नल से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है। कोरबा जिला मुख्यालय से लगभग 53 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मांगामार की तस्वीर अब बदल चुकी है। ढाई हजार से अधिक की आबादी वाले इस गांव में जल जीवन मिशन के तहत एक करोड़ 45 लाख 34 हजार रुपए की लागत से रेट्रोफिटिंग योजना क्रियान्वित की गई है। योजना के तहत 40 किलोमीटर क्षमता की एक उच्च स्तरीय पानी टंकी स्थापित की गई है। गांव के हर एक घर में पेयजल पहुंचाने के लिए 3700 मीटर पाइपलाइन बिछाकर 522 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। गर्मियों में विकराल हो जाती थी समस्या मांगामार की श्रीमती समारिन बाई खाण्डेल बताती है कि पहले पेयजल के लिए हैंडपंप, कुओं और अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के दिनों में भू-जल स्तर नीचे चला जाता था, जिससे पानी की किल्लत और भी बढ़ जाती थी। कई बार सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगती थीं। महिलाओं को घर के कामकाज के साथ पानी लाने घंटों मशक्कत करनी पड़ती थी। अब हर घर में नल, बदली दिनचर्या जल जीवन मिशन के तहत “हर घर जल” की सुविधा मिलने के बाद अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंच चुका है और नियमित रूप से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो रही है। इससे न केवल जल संकट समाप्त हुआ है, बल्कि महिलाओं की दिनचर्या में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। अब महिलाओं को दूर-दूर तक पानी ढोने की मजबूरी नहीं रही। बचा हुआ समय वे परिवार, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आयवर्धक गतिविधियों में लगा रही हैं। स्वास्थ्य के स्तर पर भी सुधार देखने को मिल रहा है, क्योंकि स्वच्छ पेयजल से जलजनित बीमारियों का खतरा कम हो गया है। दूरस्थ अंचलों में विकास की नई धारा जल जीवन मिशन ने मांगामार जैसे सुदूर गांवों में जीवन की बुनियादी आवश्यकता पेयजल को घर-घर तक पहुंचाकर विकास की नई इबारत लिखी है। अब बारहों महीने ग्रामीणों को घर पर ही शुद्ध पानी उपलब्ध हो रहा है। हैंडपंपों पर निर्भरता समाप्त हो चुकी है और मांगामार जल संकट से मुक्त हो गया है। जल जीवन मिशन दूरस्थ क्षेत्रों में न केवल लोगों, खासकर महिलाओं का जीवन आसान बना रही है, बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में स्थायी सुधार भी ला रही है।

सरस मेले में झूला जाम होने से एक दर्जन बच्चे हवा में लटके

पटियाला. पटियाला के सरस मेले में आज उस समय हाहाकार मच गया, जब यहां एक बड़ा झूला ऊपर जाकर लगभग 70-80 फुट की ऊंचाई पर जाम हो गया। इस झूले में एक दर्जन से अधिक बच्चे फंस गए, जिससे मेले में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों के माता-पिता ने रोना धोना और गुहार लगानी शुरू कर दी। अचानक हड़कंप मचने से मेले का माहौल बिगड़ गया, जिसके बाद जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके को संभाला। ए.डी. सी. डिवैल्पमैंट दमनजीत मान की अगुवाई में एक टीम ने एक-एक कर बच्चों को नीचे उतारा और उन्हें उनके माता-पिता के हवाले किया। पूरा दिन इस बात को लेकर चर्चा होती रही कि आखिर इन झूलों की टेस्टिंग क्यों नहीं हुई। यह झूले कहां से आए हैं और इन्हें चलाने वाले लोग कौन हैं। लोग पहले से ही इस बात से नाराज थे कि झूलों के लिए बहुत अधिक शुल्क वसूला जा रहा है। सरकारी मेला होने के कारण हर चीज का रेट तय होना चाहिए, लेकिन यहां ऐसी कोई व्यवस्था नजर नहीं आई। लोगों ने कहा कि एक दर्जन बच्चों को लगभग एक घंटे में नीचे उतारा गया। भगवान का शुक्र है कि सभी बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारकर उनके माता-पिता को सौंप दिया गया। यदि कोई बड़ा हादसा हो जाता तो यह कभी न भूलने वाला हादसा बन सकता था लेकिन इस लापरवाही के लिए किसी को माफ नहीं किया जाना चाहिए। लोगों का कहना है कि ऐसे झूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

ग्रीन इन्वेस्टमेंट को लेकर सीएम योगी की सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) के निदेशक के साथ सफल बैठक

  स्वच्छ ऊर्जा आधारित ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्क और क्लाइमेट फाइनेंस पर रहा सीएम का फोकस कौशल विकास और रोजगार सृजन के साथ सतत विकास मॉडल को बढ़ावा सिंगापुर/लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सिंगापुर दौरे के पहले दिन ही कई सफलताएं दर्ज की हैं। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) ग्रीन्स के निदेशक सुमित नंदा ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए ₹8000 करोड़ का निवेश करने की घोषणा की। बैठक में प्रदेश में हरित और सतत निवेश (ग्रीन एंड सस्टेनेबल इन्वेस्टमेंट्स) की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परियोजनाओं में सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श हुआ। भविष्य की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए इस बैठक में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं, बैटरी स्टोरेज और ग्रिड सपोर्ट सॉल्यूशंस, ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा संचालित ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्कों के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही पर्यावरण संबंधित जरूरतों के लिए क्लाइमेट फाइनेंस, कार्बन उत्सर्जन में कमी और नवीकरणीय ऊर्जा संचालन से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी बातचीत हुई। इन पहलों के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक विकास मॉडल के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रदेश में निवेश के अनुकूल नीतियां, सुदृढ़ औद्योगिक इकोसिस्टम और तेज निर्णय प्रक्रिया, हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण प्रदान कर रही हैं। उन्होंने जीएससी ग्रीन्स को परियोजना विकास और निवेश के अन्य अवसरों का सक्रिय अन्वेषण करने का आमंत्रण भी दिया।