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चंडीगढ़ के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

चंडीगढ़. चंडीगढ़ के स्कूलों में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 5 बड़े स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई थी। जिन स्कूलों को धमकी मिली उनमें सेक्टर-25 का चितकारा इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-16 का मॉडल स्कूल, सेक्टर-45 का सेंट स्टीफंस स्कूल, सेक्टर-35 का मॉडल स्कूल और सेक्टर-19 का मॉडल स्कूल शामिल हैं। धमकी मिलते ही एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों को खाली करा लिया गया। बच्चों को स्कूल से निकाल दिया गया और स्कूल बसों को रास्ते से वापस भेज दिया गया। चंडीगढ़ पुलिस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और स्कूल कॉम्प्लेक्स में तलाशी ली जा रही है। वहीं अभी तक कोई संदिग्ध चीज बरामद नहीं हुई है। पुलिस ईमेल भेजने वाले की पहचान और धमकी की सच्चाई की जांच कर रही है। सुरक्षा कारणों से आस-पास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। इस धमकी के बाद बच्चों के साथ-साथ माता-पिता में भी चिंता का माहौल है।

दुर्ग आईजी ने थाना प्रभारियों चेताया- ‘पुलिसिंग में ढिलाई बर्दाश्त नहीं’

दुर्ग. दुर्ग रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (IG) अभिषेक शांडिल्य ने पदभार ग्रहण करने के बाद मंगलवार को जिले के पुलिस अधिकारियों की पहली अहम बैठक ली। पुलिस नियंत्रण कक्ष में हुई इस बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी शामिल हुए। बैठक में थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए है। आईजी ने कहा कि थाना प्रभारी पुलिसिंग में ढिलाई नहीं, बल्कि अनुशासन, जवाबदेही के साथ काम करें। इसके साथ ही IG ने कहा कि लुभावने विज्ञापन देकर ठगी करने वालों की सूची बनाई जाए, ऐसे गंभीर मामलों में TI खुद ही FIR दर्ज करें। वहीं उन्होंने 90 दिनों में लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश दिए है। बैठक के दौरान आईजी शांडिल्य ने अधिकारियों से परिचय लिया और जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्य, गतिविधियों और आचरण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस की छवि सीधे तौर पर आम जनता के विश्वास से जुड़ी होती है।

नए UGC नियमों पर मायावती का बचाव, बोलीं विरोध सवर्णों तक सीमित नहीं होना चाहिए

लखनऊ नए यूजीसी नियमों को लेकर बसपा प्रमुख की प्रतिक्रिया सामने आई है. मायावती ने उच्च शिक्षण संस्थानों में इक्विटी कमेटियों के गठन को अनिवार्य बनाने वाले UGC के नए नियमों का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के कुछ लोगों द्वारा इस कदम का विरोध बिल्कुल भी जायज नहीं है. हालांकि, मायावती ने चेतावनी दी कि सामाजिक तनाव से बचने के लिए इन नियमों को व्यापक विचार-विमर्श के बाद लागू किया जाना चाहिए था. X पर कई पोस्ट में, मायावती ने कहा कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति-आधारित भेदभाव को खत्म करने के उद्देश्य से UGC के उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले नियम, 2026 को 'जातिवादी मानसिकता' वाले लोगों द्वारा गलत तरीके से भेदभावपूर्ण बताया जा रहा है. उन्होंने कहा- सरकारी कॉलेजों और निजी विश्वविद्यालयों में जाति-आधारित भेदभाव को हल करने के लिए 'इक्विटी कमेटियों' के गठन के नए UGC नियमों के कुछ प्रावधानों का विरोध केवल सामान्य वर्ग के वे लोग कर रहे हैं जिनकी जातिवादी मानसिकता है, और वे इन्हें साजिश और भेदभावपूर्ण बता रहे हैं. यह बिल्कुल भी उचित नहीं है.  बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना ​​है कि ऐसे नियमों को लागू करने से पहले सभी को विश्वास में लिया जाता तो बेहतर होता है. सरकारों और संस्थानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे कदम देश में सामाजिक तनाव का कारण न बनें. उन्होंने दलितों और पिछड़े वर्गों से भी अपील की कि वे स्वार्थी और अवसरवादी नेताओं के भड़काऊ बयानों के शिकार न बनें.  मायावती ने कहा, "ऐसे मामलों में, दलितों और OBC को भी अपने ही स्वार्थी और बिके हुए नेताओं के भड़काऊ बयानों के प्रभाव में नहीं आना चाहिए, जो उनकी आड़ में गंदी राजनीति करते रहते हैं. इन वर्गों को सतर्क रहना चाहिए." आपको बता दें कि UGC ने 13 जनवरी को नए नियमों को अधिसूचित किया, जिसमें सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए भेदभाव की शिकायतों को देखने और समावेश को बढ़ावा देने के लिए इक्विटी कमेटियों का गठन करना अनिवार्य कर दिया गया है. नियमों के अनुसार, इन कमेटियों में अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग व्यक्तियों और महिलाओं के सदस्य शामिल होने चाहिए. 2026 के नियम UGC के 2012 के इक्विटी नियमों की जगह लेते हैं, जो काफी हद तक सलाहकारी प्रकृति के थे. इस कदम से उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया है, जिसमें आलोचकों का आरोप है कि नियमों का दुरुपयोग किया जा सकता है. इन चिंताओं को दूर करते हुए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि नए ढांचे के तहत कोई उत्पीड़न या भेदभाव नहीं होगा. प्रधान ने कहा, "मैं सभी को विनम्रतापूर्वक भरोसा दिलाना चाहता हूं कि किसी को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होगी, कोई भेदभाव नहीं होगा और किसी को भी भेदभाव के नाम पर नियम का गलत इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं होगा."

छत्तीसगढ़: युवाओं के लिए सुनहरा अवसर, ओबेरॉय और हयात जैसी बड़ी संस्थाओं में काम करने का मौका

रायपुर : छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर, ओबेरॉय व हयात जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में मिलेगा कार्य करने का मौका होटल प्रबंध संस्थान नया रायपुर में तीन वर्षीय डिग्री कोर्स की 80 सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 जनवरी तक आमंत्रित पर्यटन विभाग के तहत संचालित इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट रिकॉर्ड रायपुर नया रायपुर स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (SIHM) ने 2026 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के अधीन यह संस्थान राष्ट्रीय होटल प्रबंधन एवं खानपान प्रौद्योगिकी परिषद (NCHMCT) से संबद्ध है, जहां 100 प्रतिशत प्लेसमेंट के साथ युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की नौकरियां मिल रही हैं। स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (SIHM)  रायपुर, छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग द्वारा संचालित एक अग्रणी संस्थान है। सभी पाठ्यक्रमों हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना उपलब्ध है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की हॉस्पिटैलिटी शिक्षा प्रदान करती है। संस्थान डिग्री एवं डिप्लोमा कोर्स सहित व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित करता है, जिनमें फूड प्रोडक्शन, बेकरी, हाउसकीपिंग आदि शामिल हैं। डेढ़ वर्ष की डिप्लोमा ट्रेनिंग के बाद छात्र पांच सितारा होटलों में कार्यरत हो जाते हैं। तीन वर्षीय डिग्री पूर्ण करने के पश्चात विद्यार्थियों को शुरूआत में 15-25 हजार स्टाइपेंड मिलता है। संस्थान द्वारा तीन वर्षीय पूर्णकालिक बीएससी हॉस्पिटैलिटी एवं होटल एडमिनिस्ट्रेशन की 80 सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग के तहत संचालित इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट रिकॉर्ड प्रवेश प्रक्रिया व महत्वपूर्ण तिथियां संस्थान में प्रवेश नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (NCHMJEE – 2026) प्रवेश परीक्षा के माध्यम से हो रही है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। आवेदन अधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/nchm-jee पर न्यू रजिस्ट्रेशन से करना होगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि  25 जनवरी  2026 है।  कम्प्यूटर आधारित परीक्षा होगी जिसमें न्यूमेरिकल एबिलिटी 15 अंक, तार्किक क्षमता व लॉजिकल 15 अंक, सामान्य ज्ञान व समसामयिक विषय 15 अंक, इंग्लिश भाषा 45 अंक, सेवा क्षेत्र योग्यता के लिए 30 अंक इस तरह से कुल 120 अंको की परीक्षा होगी।  शैक्षणिक योग्यता किसी भी विषय में 12वीं पास होना चाहिए। 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थी भी आवेदन कर सकते हैं। कक्षा बारहवीं में एक विषय के रूप में अंग्रेजी अनिवार्य है। आयु संबंधी किसी भी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (NCHMJEE) ऑनलाइन वस्तुनिष्ठ आधारित परीक्षा है, जो राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होती है। आवेदन के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर शुल्क जमा करना है, और सबमिट करना है। प्रवेश परीक्षा 25 अप्रैल 2026 को होगी, जिसके परिणाम की घोषणा मई 2026 में की जाएगी। ऑनलाइन काउंसलिंग जून 2026 से प्रारंभ होंगे। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार तिथियों में परिवर्तन किया जा सकता है।  अधोसंरचना व शैक्षणिक सुविधाएं इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट रायपुर छत्तीसगढ़ का प्रमुख होटल प्रबंधन संस्थान है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल आधारित प्रशिक्षण एवं उद्योग-अकादमिक समन्वय के माध्यम से आतिथ्य उद्योग के भविष्य को सशक्त रूप से आकार दे रहा है। आईएचएम रायपुर में आधुनिक प्रैक्टिकल लैब्स एवं इंडस्ट्री-ओरिएंटेड पाठ्यक्रम का संचालन किया जा रहा है, साथ ही राष्ट्रीय एवं अंर्तराष्ट्रीय होटल समूहों में प्लेसमेंट की सुविधा भी है। संस्थान में आधुनिक फूड प्रोडक्शन, बेकरी एवं एफ-एंड-बी सर्विस लैब, पूर्णतः सुसज्जित हाउसकीपिंग प्रैक्टिकल लैब, पुस्तकालय एवं कंप्यूटर लैब, खेल एवं मनोरंजन की सुविधाएं तथा पृथक से बालक-बालिका छात्रावास की भी सुविधा है। आईएचएम रायपुर ने अल्प अवधि में ही शतप्रतिशत प्लेसमेंट का रिकॉर्ड स्थापित किया है, जो संस्थान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यहां प्रशिक्षित विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित होटल समूहों, कॉर्पोरेट संस्थानों एवं फूड चेन में चयनित हुए हैं, जिनमें ओबेरॉय होटल्स एंड रिसोर्टस, राजसा बाय ताज, कोर्टयार्ड बाय मैरियेट, सयाजी होटल्स, मेफेयर होटल्स एंड रिसोर्ट, फेयरमोन्ट होटल जयपुर, हयात होटल्स, रिलायंस रिटेल, बर्गर किंग, बारबेक्यू नेशन, डोमिनोज एवं हल्दीराम नागपुर प्रमुख हैं।     आईएचएम रायपुर ने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियागिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जो इसे राष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनाती है। आईएचएम रायपुर ने पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित एडिबल क्रॅाकरी एवं कटलरी डिजाइन चैलेंज में देश के शीर्ष 21 होटल प्रबंधन संस्थानों के बीच कड़ी स्पर्धा में द्धितीय स्थान प्राप्त कर एक लाख पचास हजार रू. का नगद पुरस्कार प्राप्त किया है। आईएचएम हैदराबाद में आयोजित प्रतिष्ठित नेशनल बडिंग शेफ प्रतियोगिता में आईएचएम रायपुर ने लगातार तीन वर्षों तक क्षेत्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर निरंतर उत्कृष्टता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसी तरह आईएचएम रायपुर ने एवरेस्ट बेटर  किचन कलिनरी चैलेंज प्रतियोगिता में विगत तीन वर्षाें में क्रमशः प्रथम व द्धितीय स्थान प्राप्त कर राज्य को गौरान्वित किया है।  छत्तीसगढ़ के जो बच्चे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करना चाहते हैं, वह इसमें प्रवेश ले सकते हैं। इससे सबसे ज्यादा फायदा छत्तीसगढ़ सहित रायपुर होटल इंडस्ट्री को हो रहा है। पहले उन्हें बाहर से लोगों को लाना पड़ता था। अब छत्तीसगढ़ के बच्चों को यहां पर रोजगार मिल रहा है, साथ ही होटल इंडस्ट्री को लोकल स्तर पर छत्तीसगढ़ के लोग उपलब्ध हो रहे हैं। उन्हें अन्य राज्यों से स्किल्ड लोगों को नहीं लाना पड़ रहा है। डिप्लोमा कोर्स की खास बात यह है कि महज डेढ़ वर्ष की पढ़ाई के बाद ही छात्र देश के प्रतिष्ठित फाइव स्टार होटलों में कार्य करने लगते हैं। यह युवाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर है, जो उन्हें कम समय में व्यावसायिक सफलता की ओर ले जाता है। प्रवेश प्रक्रिया की अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय पर निम्नांकित फोन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।  फोन नम्बर-0771-2972411,  0771-2990302,  +91-94395-95155,  +91-99770-42905,  +91-78697-83865

झारखंड में नगरीय चुनावी रण शुरू, 23 फरवरी को वोटिंग; जानिए कब आएंगे नतीजे

रांची झारखंड में निकाय चुनावों का शंखनाद हो गया है. झारखंड राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने मंगलवार 27 जनवरी 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया है. निर्वाचन आयुक्त की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, झारखंड में 23 फरवरी 2026 दिन सोमवार को मतदान होगा, जबकि 27 फरवरी को मतगणना की तिथि घोषित की गई है. निर्वाचन आयोग की ओर से अधिसूचना के अनुसार, नामांकन से लेकर मतगणना तक की सभी महत्वपूर्ण तिथियां तय कर दी गई हैं. यह कार्यक्रम जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगर निगम) के माध्यम से लागू होगा. राज्य की सभी नगर पालिकाओं, नगर निगमों और नगर परिषदों के लिए एक साथ चुनाव कराए जाएंगे। निर्वाचन आयोग की घोषणा के साथ ही पूरे झारखंड में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, 23 फरवरी को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होगा। जबकि चुनाव के नतीजे 27 फरवरी को आएंगे। चुनाव प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत 28 जनवरी 2026 बुधवार को होगी. इसी दिन पूर्वाह्न 11 बजे प्रपत्र-5 में निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन किया जाएगा. इसके साथ ही आचार संहिता प्रभावी मानी जाएगी. इसके साथ ही राज्य की 20 नगर परिषदों में अध्यक्ष पदों के लिए SC, ST, ओबीसी और अनारक्षित श्रेणियों के साथ-साथ महिला आरक्षण का भी पूरा ध्यान रखा गया है। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, गिरिडीह, गढ़वा, दुमका, जामताड़ा, साहेबगंज और पूर्वी सिंहभूम जैसे जिलों की कई नगर पंचायतों में अध्यक्ष का पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं, खूंटी, लातेहार, गोड्डा और रांची जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग को प्राथमिकता दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि नगर निकाय चुनाव, 9 जनवरी को जारी की गई आरक्षण सूची के आधार पर ही होंगे। इस बार राजधानी रांची नगर निगम का मेयर पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं, धनबाद और चास नगर निगम के मेयर पद को सामान्य श्रेणी के लिए रखा गया है।

अयोध्या जाना हुआ आसान: 13 फरवरी से चलेगी स्पेशल ट्रेन, जानें किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी

भोपाल आने वाले फरवरी और मार्च के महीने में अगर आप अयोध्या जाने का प्लान कर रहे है तो ये खबर आपके काम की है। जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने अयोध्या जाने वाले यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेन (Special Train) चलाने का फैसला लिया है। ये स्पेशल ट्रेन तीन राज्यों को कवर करके चलेगी। इसकी शुरुआत गुजरात के उधना जंक्शन से होगी। यह संचालन दोनों दिशाओं में सात-सात फेरे के लिए किया जाएगा। ट्रेन में एसी, स्लीपर और जनरल श्रेणी की बोगियां होंगी। जानें क्या रहेगी ट्रेन की टाइमिंग रेलवे गुजरात के उधना जंक्शन से लखनऊ होकर अयोध्या कैंट के लिए 13 फरवरी से स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू होगा। ट्रेन नंबर 09093 उधना से 13 फरवरी से 27 मार्च तक प्रत्येक शुक्रवार की सुबह 7:25 बजे चलेगी। यह ट्रेन वडोदरा, गोधरा, रतलाम, उज्जैन, बीना, झांसी, कानपुर के रास्ते शनिवार 7:45 बजे लखनऊ पहुंचेगी।   यहां से छूटने के बाद ट्रेन बाराबंकी होकर सुबह 08:30 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी। इसी तरह वापसी यात्रा में 09094 स्पेशल अयोध्या कैंट से 14 फरवरी से 28 मार्च तक प्रत्येक शनिवार को शाम 5:17 बजे छूटेगी। यह ट्रेन शाम 6:40 बजे लखनऊ होते हुए रविवार शाम 5:15 बजे उधना पहुंचेगी। एमपी के इन स्टेशनों में होगा स्टॉपेज ये ट्रेन मध्यप्रदेश के रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, सीहोर, संत हिरदाराम, बीना में रुकेगी। आगे ये ट्रेन कानपुर, लखनऊ के रास्ते अयोध्या जाएगी। ये ट्रेन कुल 15 स्टेशनों में रुकेगी।   इस ट्रेन में टिकट बुक करने के लिए आप IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट (irctc.co.in) या IRCTC Rail Connect ऐप का उपयोग कर सकते हैं। ऐप में लॉगिन करें, यात्रा का विवरण (स्थान, तारीख) दर्ज करें, ट्रेन चुनें, यात्री विवरण भरें और UPI/डेबिट कार्ड के माध्यम से भुगतान करें। इसके अलावा, आप रेलवे स्टेशन काउंटर पर भी टिकट ले सकते हैं।

सड़कों पर उतरी करणी सेना, UGC नीति के विरोध में 1 फरवरी को देशव्यापी बंद

इंदौर विश्विद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के द्वारा नई नीति के विरोध में करणी सेना आ गई है। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के स्थित देवी अहिल्या बाई विश्विद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और साथ कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा। परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किया देवी आहिल्या बाई विश्वविद्यालय के आरएनटी मार्ग स्थित परिसर में करणी सेना के कार्याकर्ताओं द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान करणी सेना अध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार को हनुमान जी सरकार सद्बुद्धि दें। हम लोग शिक्षा में समानता के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। 1 फरवरी को भारत बंद का ऐलान अनुराग सिंह ने बताया कि यूजीसी के प्रस्ताव के खिलाफ हम एक फरवरी को भारत बंद करेंगे। इसके बाद दो फरवरी को मध्यप्रदेश के सभी सांसदों को ज्ञापन सौंपकर, उनसे पूछेंगे कि वह यूजीसी के इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं या समर्थन करते हैं। अगर वह विरोध करते हैं तो उनके लिखित में आश्वासन लेंगे कि वह केंद्र सरकार के सामने हमारी बात को रखें। वहीं, यूजीसी के प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सांसदों को चूड़ियां भेंट की जाएंगी और उनकी अर्थी भी निकालेंगे। सभी जगह समर्थन करने वाले सांसदों का विरोध किया जाएगा। दरअसल, यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा 13 जनवरी को ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस’ नाम से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था। जिसमें 15 जनवरी से देशभर की यूनिवर्सिटीज-कॉलेज में लागू कर दिया गया है। इसको लेकर सरकार ने दावा किया है कि इससे कॉलेजों में जाति, धर्म, लिंग, नस्ल, जन्मस्थान, विकलांगता के आधार पर होने वाला भेदभाव पूरी तरह खत्म हो जाएगा। साथ ही नए नियम के अनुसार, हर यूनिवर्सिटी-कॉलेज को ईओसी बनाना जरूरी होगा।

उद्यानिकी मंत्री कुशवाह ने कहा- पुष्प उत्पादन को दिया जायेगा व्यवसायिक स्वरूप

प्रदेश में 45 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में होती है फूलों की खेती   भोपाल उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रदेश में पुष्प उत्पादन को व्यावसायिक स्वरूप दिया जाएगा। पुष्पों के उत्पादन के प्रति किसानों को आकर्षित करने के लिये 30 जनवरी को राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा गुलाब उद्यान में किया जायेगा। प्रदर्शनी में पुष्प उत्पादक कृषक, पुष्प विशेषज्ञ, नर्सरी व्यवसाय से जुड़े उद्यमी, पुष्प उत्पादक संस्थाओं के प्रतिनिधि, कृषि विश्वविद्यलयों के छात्र तथा पुष्प प्रेमी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पुष्प उत्पादन में देश में द्वितीय स्थान पर है। प्रदेश के लगभग 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती की जा रही है जिसमें 5 लाख मी.टन फूलों का उत्पादन प्रतिवर्ष हो रहा है। प्रदेश में लगभग 40 हजार किसान फूलों की खेती से जुडे हुए है। मंत्री श्री कुशवाह ने बताया कि राज्य शासन का लक्ष्य फूलों के उत्पादन के व्यावसायिक स्वरूप प्रदान करते हुए किसानों की आय को दोगुना करना है। मध्यप्रदेश को पुष्प उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाना है। प्रदेश के ऐसे धार्मिक स्थान और शहर जिनमें फूलों की अधिक मांग रहती है उनके आस-पास पुष्प उत्पादन क्लस्टर विकसित करने कार्य योजना बनायी गई है। इसी कडी में उद्यानिकी विभाग द्वारा 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले को बडे अवसर के रूप में देख रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन के यादव पहल पर उज्जैन के आस पास लगभग 100 एकड में फूल उत्पादन का विशेष क्लस्टर विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है। मंत्री श्री कुशवाह ने बताया कि प्रदेश के गुना जैसे छोटे जिले के किसानों द्वारा गुलाब उत्पादन में देश और विदेश में नई पहचान बनाई है। गुना का गुलाब दिल्ली, मुम्बई, बैंगलौर सहित विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा फूलों के उत्पादन को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) से भी जोडा गया है। अनेक हितग्राही योजना का लाभ उठा कर फूलों से बनने वाले उत्पादों से जुडे़ हुए है। मंत्री श्री कुशवाह ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रदर्शनी बहु-उद्देशीय है         • फूलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देकर कृषकों की आय में वृद्धि करना।         • विभिन्न प्रजातियों में फूलों के व्यावसायिक उत्पादन को प्रोत्साहित करना।         • कृषकों को नवीन तकनीकों, उन्नत किस्मों एवं आधुनिक उत्पादन विधियों से जोड़कर उन्हें प्रोत्साहित करना।         • पुष्प उत्पादन एवं शोभायमान पौधों का उत्पादन करने वाली नर्सरियों को बढ़ावा देना।         • शहरी क्षेत्रों में शोभायमान वाटिकाओं, उद्यानों एवं हरित परिवेश के प्रति नागरिकों की रुचि विकसित करना।         • आमजन में पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली एवं उद्यानिकी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना।         पुष्प प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण पुष्पों एवं प्रसंस्कृत उत्पादों का भव्य प्रदर्शनमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पादित दुर्लभ, आकर्षक एवं रंग-बिरंगी पुष्प प्रजातियों तथा पुष्पों से निर्मित प्रसंस्कृत उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। इनमें प्रमुख रूप से-         • बहुवर्षीय पुष्प: गुलाब, ज़रबेरा, गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा, ग्लेडियोलस, ऑर्किड, लिलियम, एंथुरियम, कारनेशन, गुड़हल, बोगनवेलिया आदि।         • मौसमी (एन्युअल) पुष्प: जीनिया, पैंजी, फ्लॉक्स, एस्टर, मेरीगोल्ड, जिरेनियम आदि।         • गमलों में शोभायमान पौधे: क्रोटन, ड्रैसीना, कोलियस, पाम, पर्पल हार्ट/जीजस हार्ट आदि।         · विशेष श्रेणियाँ: कैक्टस समूह, बोन्साई समूह एवं पुष्पों के प्रसंस्कृत उत्पाद।         उद्यानिकी कृषकों एवं उद्यमियों का सम्मान पुष्प एवं शोभायमान पौधों के उत्पादन तथा पुष्प प्रसंस्करण से जुड़े उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, उद्यमियों एवं समूहों को प्रदर्शनी के दौरान सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।         थीम आधारित कलात्मक प्रस्तुतियाँ आयोजन स्थल पर पुष्पों से निर्मित कलात्मक आकृतियाँ, थीम आधारित संरचनाएँ एवं रचनात्मक डिज़ाइन प्रदर्शित की जाएँगी, जो प्रकृति, उद्यानिकी, कृषि एवं नवाचार का जीवंत संगम प्रस्तुत करेंगी। राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी प्रदेश में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र की असीम संभावनाओं को उजागर करने के साथ-साथ हरित एवं सतत विकास का सशक्त संदेश देगा।  

रोमांच का महाकुंभ इंदौर में — 31 जनवरी से उड़ान भरेगा टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्ट

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब का संयुक्त आयोजन सिर्फ 2,999 रुपये में ले सकेंगे टैंडम पैराग्लाइडिंग का रोमांचक अनुभव www.mpfc.in और इंस्टाग्राम पेज mpflyingclub से होगी बुकिंग भोपाल मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल से प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में एक नया और रोमांचक अध्याय जुड़ने जा रहा है। एडवेंचर स्पोर्ट्स प्रेमियों के लिए इंदौर में पहली बार टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल का आयोजन 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को शहर के मनोरम और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कोरबन हिल्स में किया जाएगा। यह आयोजन मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब के संयुक्त सहयोग से संपन्न होगा। सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य, भौगोलिक विविधता और रोमांचक पर्यटन की अपार संभावनाओं से समृद्ध राज्य है। टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल जैसे आयोजन प्रदेश को एडवेंचर टूरिज्म के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। संयुक्त संचालक (एडवेंचर टूरिज्म) डॉ. एस. के. श्रीवास्तव ने बताया कि फेस्टिवल के दौरान शुरुआती एवं अनुभवी प्रतिभागियों के लिए विशेष पैराग्लाइडिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। कैप्टन मंधार महाजन (चीफ इंस्ट्रक्टर) ने बताया कि सभी उड़ानें प्रमाणित प्रशिक्षकों की निगरानी में कराई जाएंगी तथा अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा। निदेशक, मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब श्री नीरज मुजूमदार ने बताया कि पैराग्लाइडिंग के लिए स्लॉट सीमित हैं। इच्छुक प्रतिभागी मात्र 2,999 रुपये में टैंडम पैराग्लाइडिंग का रोमांचक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी एवं बुकिंग के लिए www.mpfc.in अथवा इंस्टाग्राम आईडी mpflyingclub पर संपर्क किया जा सकता है।  

नकल पर सख्ती! MP बोर्ड प्रवेश पत्र में QR टेक्नोलॉजी, स्कैन करते ही दिखेगी परीक्षार्थी की पहचान

भोपाल मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से प्रारंभ होने जा रही हैं। इस बार परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से लीकप्रूफ बनाने के लिए मंडल ने कुछ बदलाव किए हैं। इसमें प्रवेश पत्र पर क्यूआर कोड लगाने की व्यवस्था बनी है। इसको स्कैन करते ही परीक्षार्थी की पूरी जानकारी खुल जाएगी। यह क्यूआर कोड एक विशेष सुरक्षा उपाय के रूप में कार्य करेगा। परीक्षा केंद्र पर क्यूआर कोड स्कैन करते ही विद्यार्थी की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी, जिससे पहचान की पुष्टि आसानी से हो सकेगी। माशिमं ने परीक्षा संबंधी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें प्रवेश पत्रों की नई क्यूआर कोड व्यवस्था पर जोर है। नए निर्देशों के तहत 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र के पीछे क्यूआर कोड लगा रहेगा। यह क्यूआर कोड एक विशेष सुरक्षा उपाय के रूप में कार्य करेगा। परीक्षा केंद्र पर क्यूआर कोड स्कैन करते ही विद्यार्थी की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी, जिससे पहचान की पुष्टि आसानी से हो सकेगी। क्यूआर कोड को स्कैन करने के लिए केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष और पर्यवेक्षकों को अपने मोबाइल पर एमपीबीएसई एडमिट कार्डरीडर एप डाउनलोड करना होगा। इसके अलावा सभी विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं पर बारकोड लगाए जाएंगे। परीक्षक इसी बारकोड के आधार पर उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करेंगे, जिससे किसी भी प्रकार का पक्षपात समाप्त होगा और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष बनी रहेगी। उत्तरपुस्तिकाओं पर लगे बारकोड को स्कैन कर विद्यार्थियों के प्राप्तांक सीधे आनलाइन सिस्टम में अपलोड किए जाएंगे। इस व्यवस्था से फर्जी विद्यार्थियों पर लगाम लग सकेगी। बता दें, कि इस बार परीक्षा में करीब 16 लाख विद्यार्थी 3856 केंद्रों पर शामिल होंगे। पिछली परीक्षाओं में ग्वालियर, मुरैना, भिंड में फर्जी विद्यार्थियों व नकल प्रकरण के मामले सामने आने के बाद मंडल सुरक्षा के काफी एहतियात बरत रहा है। ईमानदारी की पेटी का प्रावधान पिछले वर्ष की तरह इस बार भी सभी केंद्रों पर नकल की पर्ची रखने एक पेटी रखने के लिए निर्देशित किया गया है। ये पेटी ईमानदारी की पेटी कहलाएगी। इसमें गाइड, चिट, किताबों के पेज और अन्य सामग्री को कक्ष में जाने से पहले ही सरेंडर करना होगा। पेटी पर स्पष्ट रूप से लिखा जाएगा कि यह पेटी स्वेच्छा से नकल सामग्री परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले डाल सकता है। पूरक उत्तर पुस्तिका की व्यवस्था खत्म परीक्षार्थियों को 32 पेज की मुख्य विषय और 20 पेज की वोकेशनल और संस्कृत विषय की उत्तरपुस्तिका दी जाएगी। पूरक कापी नहीं दी जाएगी। माशिमं के सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य ने बताया बोर्ड परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली गई है। तकनीक की मदद से पारदर्शी व निष्पक्ष परीक्षा कराने का प्रयास रहेगा। इसके लिए आनलाइन सिस्टम के आधार पर एप के माध्यम से मानीटरिंग की जाएगी। प्रवेश पत्र पर क्यूआर कोड और उत्तरपुस्तिकाओं पर बारकोड लगेगा।