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बसंत पंचमी के दिन नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचा शिक्षक

सरगुजा. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सरकारी टीचर बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा में नशे में धुत होकर स्कूल पहुंच गया। शराब के नशे में टीचर ने हाथ जोड़कर कहा- वह आज सरस्वती पूजा में आया था। सब पूजा-पाठ में लगे हैं, उसने भी पूजा में नारियल चढ़ा दिया। एक ग्रामीण पूछता है कि क्या-क्या पीए हो तो जवाब में टीचर कहता है- कुछ नहीं। मध्यान्ह भोजन में दाल-भात खाएं हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने टीचर का वीडियो बना लिया, जो अब वायरल हो रहा है। यह घटना गुमगरा के जूनापारा प्राइमरी स्कूल की है। शराब के नशे में टीचर स्कूल पहुंचा और बहकी-बहकी बातें कर रहा था। टीचर की हरकतों से परेशान लोगों ने ग्राम सभा बुलाई और उसे हटाने का प्रस्ताव पारित किया। मामले में लखनपुर बीईओ ने टीचर को सस्पेंड करने की सिफारिश कर रिपोर्ट डीईओ सरगुजा को भेज दी है। जानकारी के अनुसार गुमगरा के जूनापारा प्राइमरी स्कूल में पोस्टेड शिक्षक बुद्धेश्वर दास आदतन शराबी है। बसंत पंचमी के दिन शुक्रवार को स्कूल में सरस्वती पूजन का आयोजन हुआ। पूजा में शामिल अभिभावकों ने शिक्षक को नशे की हालत में देखा और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। नशे में धुत टीचर का वीडियो रिकॉर्ड करते हुए टीचर से शराब पीने के बारे में पूछा गया तो पहले उसने शराब पीने से इनकार करते हुए कहा कि प्राइमरी स्कूल में मध्यान्ह भोजन खाया है। जब टीचर से उसका नाम पूछा गया तो टीचर ने कहा कि क्यों नाम बताऊंगा, नहीं बताऊंगा। टीचर ने वीडियो बनाने वालों से कहा कि वे मैनपाट के पहाड़गांव में पोस्टेड हैं। बाद में बताया कि गुमगरा खुर्द में पोस्टेड हैं। टीचर ने कहा कि आज सरस्वती पूजा है तो हमने भगवान को दूसरा प्रसाद चढ़ा दिया है। टीचर ने बताया कि संकुल प्रभारी विनोद गुप्ता हैं, लेकिन उन्हें कॉल करने से मना कर दिया और कहा कि उनका नंबर मेरे पास नहीं है। पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि गुड्डू सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक बुद्धेश्वर दास आदतन शराबी है। आए दिन स्कूल में शराब का सेवन कर पहुंचते हैं। कई बार ग्रामीणों को समझाइश के बाद भी उनकी आदत में सुधार नहीं हुआ है। टीचर के शराब पीकर स्कूल आने की सूचना पर सरपंच रुपमनिया मरावी, पंचायत प्रतिनिधियों के साथ स्कूल पहुंची और ग्राम सभा बुलाकर शिक्षक बुद्धेश्वर दास को स्कूल से हटाए जाने प्रस्ताव पारित किया गया। लखनपुर बीईओ डीके गुप्ता ने बताया कि टीचर बुद्धेश्वर दास का वीडियो आज मिला है। संकुल प्रभारी से मामले की जांच कराई गई। संकुल प्रभारी ने टीचर के शराब पीकर स्कूल आने की रिपोर्ट दी है। टीचर को सस्पेंड करने की सिफारिश के साथ प्रतिवेदन सरगुजा डीईओ को भेज दिया गया है।

पंजाब में बिना वेरिफिकेशन किराएदार रखने वालों की अब खैर नहीं

लुधियाना. महानगर में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने अब अपना शिकंजा उन मकान मालिकों पर कसना शुरू कर दिया है जो चंद रुपयों के लालच में नियमों को ताक पर रखकर बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किराएदार रखते हैं। पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए शहर के अलग-अलग थानों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की है, जिसके तहत 16 एफआईआर दर्ज कर कुल 17 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस का यह एक्शन उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अनजान व्यक्तियों को अपने घरों में पनाह देते हैं और उनकी जानकारी संबंधित थानों में साझा नहीं करते। ​दरअसल, पुलिस द्वारा गैंगस्टरों और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ चलाई विशेष मुहिम के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधी पुलिस की नजरों से बचने के लिए शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में आसानी से किराए पर कमरा ले लेते हैं। बिना वेरिफिकेशन के कमरा मिलने के कारण अपराधियों की पहचान गुप्त रह जाती है और वे पुलिस की रडार पर आए बिना अपनी साजिशों को अंजाम देते रहते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि बड़े अपराधी पड़ोसी राज्यों से आकर यहां छिप जाते हैं और मकान मालिकों की लापरवाही के कारण पुलिस को इनकी मौजूदगी की भनक तक नहीं लगती। ​पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कमिश्नरेट पुलिस का मानना है कि किराएदार का वेरिफिकेशन न करवाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह समाज की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह चेकिंग अभियान और भी तेज किया जाएगा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को किराए पर कमरा देने से पहले उसके आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों की जांच करें और तुरंत नजदीकी थाने में उसकी वेरिफिकेशन करवाएं, अन्यथा जेल जाने की बारी उनकी भी हो सकती है।

IPS अभिषेक तिवारी ने छोड़ी पुलिस सेवा, President Gallantry Medal से सम्मानित होने के बावजूद इस्तीफा

भोपाल मध्यप्रदेश कैडर के 2013 बैच के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अभिषेक तिवारी ने भारतीय पुलिस सेवा की नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। गृह विभाग को सौंपे गए इस्तीफे में उन्होंने कारण व्यक्तिगत बताया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार अब वे आईटी सेक्टर में अपना भविष्य तलाशने जा रहे हैं। अपने आगामी टेक्नोलॉजी आधारित प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए उन्होंने यह बड़ा निर्णय लिया है। इंजीनियरिंग से IPS तक का सफर सिवनी जिले के मूल निवासी अभिषेक तिवारी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद फाइनेंस में पीजी डिप्लोमा (मैनेजमेंट) किया। वर्ष 2012 में यूपीएससी परीक्षा पास कर वे 2013 में भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। सेवा के दौरान उन्होंने प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में बतौर एसपी जिम्मेदारी संभाली। राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित आईपीएस अभिषेक तिवारी को उनके साहसिक और प्रभावी नक्सल विरोधी अभियानों के लिए राष्ट्रपति वीरता पदक (President Gallantry Medal) से सम्मानित किया जा चुका है। बालाघाट में एसपी रहते हुए 2019 और 2020 में उन्होंने कई सफल नक्सल ऑपरेशनों को अंजाम दिया, जिससे क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर बड़ा अंकुश लगा। एनटीआरओ प्रतिनियुक्ति और सागर घटना मार्च 2024 में अभिषेक तिवारी को नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (NTRO) में प्रतिनियुक्ति मिली थी, लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते केंद्र में कार्यभार ग्रहण नहीं हो सका। चुनाव के बाद भी उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इसी दौरान जुलाई–अगस्त 2024 में, जब वे सागर एसपी पद पर थे और विदेश प्रवास पर थे, तब दीवार गिरने की घटना में नौ बच्चों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद उन्हें सागर से हटाया गया और वे प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली चले गए। अब टेक्नोलॉजी की दुनिया में नई पारी बालाघाट, रतलाम और सागर जैसे जिलों में सेवाएं दे चुके अभिषेक तिवारी अब आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। उनका यह फैसला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और युवा अफसरों के बीच एक नई बहस को जन्म दे रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष ने सस्ते पक्के घरों सहित 67 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात

कोटा. शहर के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार सुबह 11 बजे जगपुरा क्षेत्र में 832 अफोर्डेबल आवासों के निर्माण का शिलान्यास किया। ये आवास मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जाएंगे। इस योजना से शहर के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को सस्ते दामों में पक्का घर मिलने का सपना पूरा होगा। कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) की ओर से जगपुरा क्षेत्र में लगभग 38 करोड़ रुपए की लागत से इन 832 अफोर्डेबल आवासों का निर्माण किया जाएगा। योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक कारणों से अब तक अपने घर का सपना पूरा नहीं कर सके हैं। इन घरों में बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। अफोर्डेबल आवासों के साथ-साथ लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र में भी बड़े विकास कार्यों की शुरुआत की गई। करीब 27 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण, खेल मैदान और सामुदायिक भवन जैसे विकास कार्य किए जाएंगे। इस तरह कुल 67 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई। शहर के विकास को मिलेगी नई गति इन विकास कार्यों से न केवल आवास समस्या का समाधान होगा, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। बेहतर सड़कें, खेल मैदान और सामुदायिक भवन बनने से स्थानीय लोगों को सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी इस अवसर पर लाडपुरा विधायक कल्पना देवी भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर मिले और शहर के हर क्षेत्र में समान रूप से विकास हो। कार्यक्रम में केडीए के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए। गरीब और मध्यम वर्ग को मिलेगा सीधा लाभ सरकार की इस पहल से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी। सस्ते आवास और बेहतर सुविधाओं के साथ ये योजना कोटा शहर के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। जिससे शहर के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को पक्के घर का लाभ मिलेगा। अफोर्डेबल हाउस के साथ 27 करोड़ रुपए की लागत से लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण, खेल मैदान, सामुदायिक भवन सहित कुल 67 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों की भी आधारशिला रखी जाएगी। इस अवसर पर लाडपुरा विधायक कल्पना देवी भी उपस्थित रहीं।

गणतंत्र दिवस पर गांधी मैदान में 12 विभागों की झांकियों में दिखेगा नया बिहार

पटना. गणतंत्र दिवस पर पटना का गांधी मैदान सिर्फ परेड का स्थल नहीं, बल्कि बिहार के विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन की जीवंत प्रदर्शनी बनेगा। राज्य सरकार के 12 विभाग अपनी-अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे, जिससे आम लोग सीधे तौर पर 'नए बिहार' की तस्वीर देख सकेंगे। महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव पर फोकस झांकियों में महिला शक्ति को खास तौर पर केंद्र में रखा गया है। महिला बस चालक, जीविका दीदियों की आत्मनिर्भरता, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और नशामुक्त बिहार जैसे विषयों के जरिए सामाजिक बदलाव की मजबूत तस्वीर पेश होगी। परिवहन, जीविका और मद्य निषेध विभाग की झांकियां इसी थीम को मजबूती से उभारेंगी। संस्कृति से लेकर तकनीक तक का संगम कला-संस्कृति विभाग परंपरा और संरक्षण की कहानी कहेगा, वहीं ऊर्जा विभाग कजरा सौर ऊर्जा और बैटरी भंडारण परियोजना के जरिए भविष्य की ऊर्जा नीति को दिखाएगा। पर्यटन विभाग की झांकी में मां जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम की झलक होगी, जो आस्था और पर्यटन विकास का संगम दर्शाएगी। विकास योजनाओं की सीधी झलक कृषि, उद्योग, शिक्षा, सहकारिता और अग्निशमन विभाग की झांकियां गांवों की समृद्धि, औद्योगिक विकास, सुरक्षित विद्यालय, विकसित पैक्स और आपदा प्रबंधन जैसी योजनाओं को सामने लाएंगी। हर झांकी एक अलग कहानी कहेगी, लेकिन संदेश एक ही होगा, विकसित बिहार, सशक्त बिहार। कड़ी निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था पूरे आयोजन की निगरानी के लिए प्रशासनिक टीम 24×7 सक्रिय है। गांधी मैदान में झांकियों के लिए अलग पंडाल तैयार किया जा रहा है और ऊंचाई 15 फीट से अधिक नहीं रखी जाएगी। सभी झांकियों की एंटी-सबोटाज जांच और पूर्वाभ्यास अनिवार्य किया गया है। कलाकारों की उम्र को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में परेड के साथ-साथ विकास की कहानी भी मंच पर उतरेगी। गांधी मैदान में सजी झांकियां सिर्फ देखने का दृश्य नहीं होंगी, बल्कि बिहार के वर्तमान और भविष्य की झलक बनेंगी- जहां परंपरा, प्रगति और परिवर्तन एक साथ नजर आएंगे।

जामताड़ा में जनसभा करने दौरे पर आएंगे राहुल गांधी

रांची. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को जामताड़ा आगमन का औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार करते हुए शीघ्र जामताड़ा आने की सहमति दी। इस अवसर पर जामताड़ा में एक ऐतिहासिक जनसभा और सम्मेलन के आयोजन पर भी सहमति बनी। मुलाकात के दौरान झारखंड की राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। डॉ. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी। राहुल गांधी ने झारखंड सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और सरकार जनहित के मुद्दों पर मजबूती से काम कर रही है। संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करते हुए डॉ. अंसारी ने बताया कि प्रदेश प्रभारी के मार्गदर्शन में कांग्रेस संगठन जमीनी स्तर पर लगातार मजबूत हो रहा है और कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से जनता के बीच सक्रिय हैं। राहुल गांधी ने राज्य सरकार के मंत्रियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी मंत्री अपने-अपने विभागों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। भाजपा को दें सशक्त जवाब बैठक में राहुल गांधी ने स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा को हर मुद्दे पर तथ्यों के साथ सशक्त और मुखर जवाब दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र और समाज की अपेक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। इस अवसर पर स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी को सौंपी गई। उन्होंने 15 लाख रुपये तक के हेल्थ कार्ड से निश्शुल्क इलाज की योजना की सराहना की और स्वास्थ्य ढांचे को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया। डॉ. अंसारी ने बताया कि झारखंड में मेडिकल कालेजों की संख्या बढ़ाई जा रही है और बीमा आधारित स्वास्थ्य योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हैं। खाद्य आपूर्ति व्यवस्था पर चर्चा में पीडीएस प्रणाली को मजबूत करने और फोर जी ई-पॉस मशीनों के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। राहुल गांधी ने डॉ. इरफान अंसारी के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें जनहित में समर्पित भाव से कार्य करते रहने का संदेश दिया।

हरियाणा में फिर होगी झमाझम बारिश और मुसीबत बढ़ाएंगे ओले

हिसार/पानीपत. पहाड़ों पर बर्फबारी के बीच सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने हरियाणा में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदल दिया। रात से शुरू हुई वर्षा और तेज हवा ने दिन-रात के तापमान के फासले को समेट दिया। सुबह 10 बजे तक अधिकतर जिलों में घने बादल छाने से कई बार अंधेरा छाया। वहीं, न्यूनतम तापमान में 5–6 डिग्री का उछाल आया, जबकि अधिकतम तापमान 8–12 डिग्री तक लुढ़क गया। सिरसा, भिवानी और फरीदाबाद के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा, वहीं अधिकांश जिलों में वर्षा रबी फसलों के लिए राहत बनकर आई। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश, ठंडी हवाओं और कोहरे की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। आगे कैसा रहेगा मौसम भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 25 जनवरी तक प्रदेश में बारिश के आसार बने रहेंगे। 27–28 जनवरी को एक और बड़ा पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा को प्रभावित कर सकता है। कैथल (गुहला), कुरुक्षेत्र (पिहोवा, शाहबाद) और अंबाला में आंधी-ओलावृष्टि को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया। नमी बढ़ने से कई इलाकों में घना कोहरा छाने की चेतावनी, यलो अलर्ट प्रभावी। जिलों में ऐसे रहे हालात सिरसा: नाथूसरी चौपटा के 13 गांवों में भारी ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और चने की फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। हालांकि, अन्य क्षेत्रों में 8 एमएम वर्षा से फसलों को लाभ भी मिला है। 27 जनवरी तक वर्षा जारी रहने की संभावना है। यमुनानगर: जिले में 20 एमएम वर्षा और तूफान ने भारी तबाही मचाई है। रादौर में लोहे का शेड बिजली लाइन पर गिरा और अमादलपुर में एक प्लाईवुड फैक्ट्री की 110 फीट ऊंची चिमनी गिर गई। शहर के आधे हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप रही, 200 पोल को नुकसान पहुंचा है। अंबाला: जिले में 42.2 एमएम की रिकॉर्ड वर्षा और तूफान के कारण 55 बिजली के पोल टूट गए और 17 ट्रांसफार्मर गिर गए। अधिकतम तापमान में 12 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई। बिजली का ढांचा चरमराने से कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी। चरखी दादरी: वीरवार रात से जारी रुक-रुक कर बारिश से किसानों को करीब ढाई करोड़ रुपये से अधिक का फायदा हुआ है क्योंकि उनकी एक सिंचाई बच गई। हालांकि, 7 फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप होने से तीन लाख लोगों को कई घंटों तक बिजली संकट झेलना पड़ा। जींद: जिले में औसतन 13.7 एमएम वर्षा हुई है, जिसके कारण गणतंत्र दिवस समारोह की रिहर्सल का स्थान पुलिस लाइन से बदलकर अनाज मंडी करना पड़ा। जलालपुर में हल्की ओलावृष्टि हुई, लेकिन फसलों को नुकसान नहीं है। नरवाना में सर्वाधिक 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। फतेहाबाद: जिले में करीब 10 घंटे तक हुई 16 एमएम वर्षा से रबी फसलों को संजीवनी मिली है। टोहाना और जाखल में 25-25 एमएम बारिश के कारण बाजारों और सड़कों पर भारी जलभराव हुआ। वसंत पंचमी पर वर्षा और ठंडी हवाओं से ठिठुरन में काफी बढ़ोतरी हुई है। कैथल: शुक्रवार को हुई 35 एमएम वर्षा के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में कैद रहे। किसानों के अनुसार यह वर्षा गेहूं की फसल के लिए बेहद फायदेमंद है। 25 जनवरी तक तेज हवाके साथ बूंदाबांदी की चेतावनी है। करनाल: जिले में 20.4 एमएम वर्षा और 8 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है। शाम को नमी की मात्रा 98 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे घने कोहरे के आसार हैं। पानीपत: कुल 18.2 एमएम वर्षा होने से प्रदूषण के स्तर में सुधार हुआ और एक्यूआई 204 दर्ज किया गया। दिन भर ठिठुरन रही। वर्षा के कारण शहर के निचले इलाकों में जलजमाव देखा गया। रोहतक: शहर में 5 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जिससे तापमान गिर गया और ठंड बढ़ गई। कृषि वैज्ञानिकों ने इसे फसलों के लिए अच्छा बताया है, लेकिन शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया।

पंजाब में रेलवे लाइन पर धमाके से मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त

फतेहगढ़/सरहिंद. सरहिंद क्षेत्र में रेलवे लाइन पर देर रात एक बड़ा धमाका होने की खबर सामने आई है। यह ब्लास्ट फतेहगढ़ सहिब-सरहद रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर दूर फ्रेट कॉरिडोर रेलवे लाइन पर हुआ। यह घटना रात करीब 11 बजे उस दौरान घटी जब जब एक मालगाड़ी फ्रंट कोरिडोर रेल लाइन से गुजर रही थी। जानकारी के मुताबिक, यह नई रेलवे लाइन विशेष रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए बनाई गई है। जैसे ही मालगाड़ी का इंजन खानपुर फाटकों के पास पहुंचा, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके के कारण रेलवे लाइन का करीब 12 फीट हिस्सा पूरी तरह उड़ गया। लोको पायलट हुआ घायल इस धमाके में मालगाड़ी के लोको पायलट को भी चोटें आई हैं। घायल चालक को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और इस बाबत रेलवे अधिकारियों को जानकारी दी गई। वहीं, इसे लेकर डीजीपी लॉ ऑर्डर ने बताया की अलग अलग टीम मामले की जांच कर रही। धमाके में आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया या नहीं। यह अभी कहना मुश्किल है। मामले की जांच के लिए अलग-अलग टीम जुट गई हैं। धमाके में घायल लोको पायलट को चंडीगढ़ ले जाया गया है, क्षतिग्रस्त इंजनको अंबाला ले जाया गया है। आतंकी साजिश की ओर इशारा घटनास्थल पर पहुंचे डीआईजी रोपड़ डॉक्टर नानक सिंह ने बताया किइस घटना के पीछे आतंकवादी गतिविधि से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि फोरेंसिक सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रेलवे लाइन पर हुए ब्लास्ट के बाद डॉग स्क्वाडड और बम स्क्वाड ने रेलवे लाइन तथा आसपास के क्षेत्र में सघन जांच शुरू कर दी है। डीआईजी ने बताया की सभी जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। आपसी तालमेल के साथ इस घटना की यह तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। डीआईजी ने बताया कि रेलवे लाइन पर हुआ ब्लास्ट ज्यादा घातक नहीं था। क्षतिग्रस्त इंजन में सवार एक रेल कर्मचारी मामूली रूप से घायल हुआ है। ब्लास्ट से रेल इंजन के शीशे टूट गए। क्षतिग्रस्त रेल इंजन को अंबाला भेज दिया गया है। देर रात चले सर्च अभियान के बाद अब दिन के उजाले में पंजाब पुलिस व एजेंसियां जांच में जुटी हैं।  

जशपुर जिले में 914 करोड़ से दूरस्थ अंचलों तक पहुंच रहा सड़क नेटवर्क

जशपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी एवं जनहितैषी नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास कार्यों ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। उनके मार्गदर्शन में जिले में प्रगति और समृद्धि के नए द्वार खुल रहे हैं। विशेष रूप से अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा मानी जाने वाली सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे जिले की तस्वीर तेजी से बदल रही है और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। पिछले दो वर्षों के दौरान जिले में कुल 914 करोड़ 94 लाख रुपए की लागत के 603 सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसी विकास यात्रा को और आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर जशपुर जिले में 18.26 करोड़ रुपए की लागत से 6 नई सड़कों के निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिन 6 सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है, उनमें 03 करोड़ 91 लाख 68 लाख रूपए लागत के भट्ठा से सरगुजा सीमा तक सड़क मार्ग। जिसकी लंबाई 4 किलोमीटर है। इसी तरह 04 करोड़ 38 लाख 24 हजार रूपए लागत के 4.42 किमी लंबी बांसटोली से पण्डुटोली पहुंच मार्ग, 02 करोड़ 53 लाख रूपए लागत के 2.52 किमी लंबी दुर्गापारा से फरसापानी मैनी पहुंच मार्ग पुल-पुलिया सहित, 02 करोड़ 62 लाख 69 हजार रूपए लागत के 2.34 किमी लंबी सरडीह से पतरापारा पहुंच मार्ग, 02 करोड़ 36 लाख 54 हजार रूपए लागत के 1.75 किमी लंबी जरूड़ाड से टटकेला पहुंच मार्ग और 02 करोड़ 44 लाख 76 हजार रूपए लागत के 2.50 किमी लंबी बांसाटोली से अकरीकोना पहुंच मार्ग के निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार अधोसंरचना विकास की दिशा में हो रहे प्रयासों से जिले के हर कोने में विकास की रोशनी पहुंच रही है। दूरस्थ क्षेत्रों में निवास कर रहे समुदायों को विद्यालयों, सेवाओं, अस्पतालों तथा मंडियों से जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण और सुधार होने से उन्हें सहूलियत मिलने के साथ ही इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने में भी आसानी होती है। अच्छी सड़कें विकास की भी कुंजी भी कही जाती है। सुरक्षित, पक्की सड़कें जिनका उपयोग मौसम के सभी हालातों में किया जा सकता है, जो पहले कभी दुर्गम रास्तों से होकर अस्पताल पहुंचते थे, देरी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी, अब आधुनिक चिकित्सा केन्द्र तक आसानी से पहुंच सकते हैं। कई शोध बताते हैं कि स्कूलों, कॉलेजों तक पहुंच मार्ग हो जाने से ड्रॉप आऊट संख्या में भी कमी आती है। बाजार तक पहुंच आसान होने से किसानों को फसल का बेहतर मूल्य भी मिल पाता है। सड़कों का यह व्यापक विस्तार न केवल आवागमन को सुगम बना रहा है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार ला रहा है। जिले के लोग इन विकास परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं।

बिहार में भैंस पालन पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी

कटिहार. अब भैंस पालन पर अनुदान मिलेगा। कटिहार जिले को 39 भैंस पालन का लक्ष्य दिया गया है। एक भैंस पर 1.21 लाख रुपये का अनुदान है। यह पहल समग्र भैंस पालन योजना के तहत किया जा रहा है। बताया जाता है कि पहली बार भैंस पालन पर अनुदान की योजना लाई गई है। पशु पालन विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जिला गव्य पदाधिकारी ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि योजना अंतर्गत चयनित पशुपालकों को विभाग द्वारा चयनित एजेंसी के माध्यम से उन्नत मुर्रा नस्ल की दुधारू भैंस उपलब्ध कराई जाएगी। यह नस्ल प्रतिदिन 12 से 16 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है। इससे जिले के कुल दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। बताया कि निर्धारित लक्ष्य के तहत सामान्य वर्ग के लिए 25, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 5, अनुसूचित जाति के लिए 4 तथा अनुसूचित जनजाति के लिए 5 भैंस शामिल की गई हैं। योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग के लाभुकों को 50 प्रतिशत, जबकि एससी, एसटी एवं ईबीसी वर्ग के पशुपालकों को 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। भैंस दूध में वसा मात्रा होती अधिक बताया जाता है कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि दुग्ध व्यवसाय को भी नई गति मिलेगी। भैंस के दूध में वसा की मात्रा अधिक होने के कारण बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है। इससे पशुपालक किसानों की आमदनी बढ़ेगी और उन्हें एक स्थायी आय का साधन मिलेगा। 1.21 लाख मानी गई एक भैंस की कीमत समग्र भैंस पालन योजना के तहत उन्नत नस्ल की एक दुधारू भैंस की कीमत 1.21 लाख निर्धारित की गई है। इसमें EBC, एससी एवं एसटी वर्ग के लाभार्थियों को 75 प्रतिशत या अधिकतम 90,750 रूपया का अनुदान दिया जाएगा। सामान्य वर्गों को 50 प्रतिशत या अधिकतम 60 हजार 500 रूपया अनुदान मिलेगा।