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गौ सेवा से प्राकृतिक खेती तक: बसामन मामा वन्य विहार में राजेन्द्र दास जी की विशेष गौ कथा

भोपाल. बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास जी महाराज गौ कथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती पर अपनी अमृतमयी वाणी से कथा करेंगे। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आयोजन की तैयारियों के संबंध में न्यू सर्किट हाउस रीवा में आयोजित बैठक में सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजेन्द्र दास जी की कथा से गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को बल मिलेगा। गौ अभ्यारण्य परिसर में आयोजित होने वाली कथा अप्रतिम व भव्य होगी।     उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बैठक में निर्देश दिए कि महाराज जी एवं उनके साथ आने वाले संतों के रूकने की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। बैठक व्यवस्था से लेकर पार्किंग तथा प्रसाद वितरण आदि की व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को दायित्व सौंपे जाएं। प्रचार-प्रसार समिति आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। आयोजन स्थल में बनने वाला प्रसाद में प्राकृतिक खेती से उत्पादित अन्न व सब्जी का ही उपयोग किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आयोजन के संबंध में जिन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है उसका वह सजगता से निर्वहन करें। उल्लेखनीय है कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक महाराज की कथा होगी। समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के सचिव डॉ राजेश मिश्रा सहित संबंधितजन एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

‘BJP की डबल इंजन सरकार का असर’, यूपी दिवस पर अमित शाह ने दिया शक्तिशाली संदेश

लखनऊ  'जो उत्तर प्रदेश कभी देश को सिर्फ मजदूर (Labour Source) देता था, आज वही राज्य प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है।' यह हुंकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भरी। शाह ने न केवल विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया, बल्कि इशारों-इशारों में यह भी साफ कर दिया कि साल 2047 के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व कितना अनिवार्य है। इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में UP की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी अमित शाह ने समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 2017 से पहले इन दलों ने उत्तर प्रदेश को 'बीमारू' राज्य बनाकर छोड़ दिया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, 'कांग्रेस और सपा के दौर में यूपी की पहचान सिर्फ पलायन और अपराध से होती थी। आज स्थिति यह है कि प्रदेश का युवा नौकरी के लिए बाहर नहीं जा रहा, बल्कि हर जिले में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। आज भारत के कुल इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है।'  2047 का संकल्प और योगी का नेतृत्व कार्यक्रम के दौरान अमित शाह का सबसे बड़ा बयान यूपी के भविष्य को लेकर आया। उन्होंने कहा, "15 अगस्त 2047 को जब देश अपनी आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब उत्तर प्रदेश एक पूर्ण विकसित राज्य के रूप में 'विकसित भारत' की आत्मा होगा।" राजनीतिक गलियारों में शाह के इस बयान को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि 2047 के इस लंबे विजन को पूरा करने के लिए भाजपा की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में ही सुरक्षित है। राम मंदिर से महाकुंभ तक: सनातन का उत्थान गृह मंत्री ने कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर जोर देते हुए कहा कि आज यूपी में कनेक्टिविटी सुधरी है और निवेश का माहौल बना है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और प्रयागराज में आगामी महाकुंभ को 'सनातन धर्म' की शक्ति का प्रतीक बताया। शाह ने कहा कि यूपी न केवल आईटी और डेटा सेंटर का हब बन रहा है, बल्कि देश की सुरक्षा में भी इसकी भूमिका अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। UP: शुभंशु शुक्ला को 'उत्तर प्रदेश गौरव' सम्मान समारोह के दौरान एक खास पल तब आया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह ने ग्रुप कैप्टन शुभंशु शुक्ला को 'उत्तर प्रदेश गौरव' पुरस्कार से सम्मानित किया। अंतरिक्ष अन्वेषण और नवाचार (Innovation and Space Exploration) के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया, जो बदलते और आधुनिक होते उत्तर प्रदेश की एक नई तस्वीर पेश करता है। सीएम योगी ने किया गर्मजोशी से स्वागत लखनऊ पहुंचते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आत्मीय स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण संवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी ने अमित शाह को पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रदेश सरकार की ओर से स्वागत किया। यह दृश्य भाजपा नेतृत्व की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती को दर्शाता नजर आया। डिप्टी सीएम और मंत्रियों ने किया अभिनंदन मुख्यमंत्री के साथ ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी अमित शाह का स्वागत किया। इसके अलावा यूपी सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे और केंद्रीय गृह मंत्री का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर अमित शाह की उपस्थिति को उत्तर प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताया। भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी केंद्रीय गृह मंत्री का स्वागत किया। इसके साथ ही पार्टी के संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अमित शाह का अभिनंदन किया। भाजपा संगठन के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी से यह साफ संकेत मिला कि यूपी स्थापना दिवस समारोह को पार्टी और सरकार दोनों ही स्तर पर विशेष महत्व दिया जा रहा है। प्रशासनिक अमला भी रहा उपस्थित राज्य के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने भी एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत किया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पूरी सतर्कता दिखाई दी।अमित शाह के दौरे को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यूपी स्थापना दिवस समारोह में होंगे शामिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश के 77 वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य रूप से शामिल होंगे। इस अवसर पर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और विकास से जुड़े प्रस्तुतीकरण की योजना है। अमित शाह के कार्यक्रम में शामिल होने से आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की मजबूत मौजूदगी यूपी स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह आयोजन केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि विकास और सुशासन के संदेश को आगे बढ़ाने का भी मंच बनेगा। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा पर रहेगा फोकस स्थापना दिवस समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश की 77 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियां और भविष्य की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। अमित शाह की उपस्थिति में यह संदेश देने की कोशिश होगी कि उत्तर प्रदेश अब देश के विकास का अहम स्तंभ बन चुका है। राजनीतिक दृष्टि से भी अहम दौरा राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमित शाह का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। स्थापना दिवस समारोह के बहाने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को साझा करने का अवसर मिलेगा। राजधानी में उत्सव जैसा माहौल अमित शाह के आगमन और यूपी स्थापना दिवस को लेकर राजधानी लखनऊ में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सरकारी भवनों को सजाया गया है और कार्यक्रम स्थल पर विशेष तैयारियां की गई हैं। स्थापना दिवस समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिकों … Read more

रांची के सपूत अजय लकड़ा जम्मू-कश्मीर में शहीद

रांची. जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान जवान अजय लकड़ा की मौत हो गई। अजय लकड़ा धुर्वा स्थित लाबेद गांव के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि वह खाई में गिरने से शहीद हुए। उनके परिवार के लिए यह घटना एक बड़ा सदमा है। अजय लकड़ा के पिता स्वर्गीय लोहरा उरांव की कई वर्ष पहले मौत हो गई थी। उस समय अजय बहुत छोटे थे। पिता की मृत्यु के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां पोकलो देवी ने उठाई। उन्होंने अपने बच्चों का पालन-पोषण अत्यंत कठिन परिस्थितियों में किया। अजय लकड़ा का एक छोटा भाई अरूण लकड़ा है और उनके चार बहनें हैं। मां ने बच्चों को हड़िया बेचकर और मजदूरी कराकर पढ़ाया और पालन-पोषण किया। अजय लकड़ा का बचपन से ही सेना में जाने का सपना था। उन्होंने हमेशा शारीरिक रूप से खुद को तैयार रखा और दौड़ने जैसी मेहनत वाली गतिविधियों में भाग लिया। इसी जुनून के चलते अजय सात साल पहले सेना में भर्ती हुए। उनका भाई भी सीआइएसएफ में तैनात है और उनकी सबसे छोटी बहन अंजू लकड़ा झारखंड पुलिस में पदस्थापित हैं। अजय की तीन बहनों की शादी हो चुकी है। सेना के अधिकारियों ने मां को फोन पर बेटे की मौत की दी सूचना सेना ने शहीद जवान अजय लकड़ा की मां को फोन पर उनकी मौत की जानकारी दी। अजय की मृत्यु की खबर से पूरे गांव में मातम छा गया है। अजय का शव शनिवार को रांची पहुंचने की संभावना है। उनके परिवार के लोग रोते-बिलखते हुए भावुक नजर आए। माता-पिता और भाई-बहनों के साथ-साथ पूरे गांव में लोग अजय की शहादत को याद कर उनका सम्मान कर रहे हैं। उनके दोस्तों और सहकर्मियों ने भी कहा कि अजय हमेशा साहसी और जिम्मेदार जवान थे। मां पोकलो देवी ने अपने संघर्ष और मेहनत के बलबूते पर अपने छह बच्चों में तीन को सरकारी नौकरी लगावाया। उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया जहां वह अपना नाम कर सके। दिसंबर में छुट्टी पर रांची आया था शहीद जवान अजय दिसंबर माह में अजय अपने घर 15 दिन की छुट्टी पर आए थे। छुट्टी पूरी करने के बाद वह जम्मू-कश्मीर लौट गए थे। उनका विवाह नहीं हुआ था, जबकि उनके छोटे भाई अरूण की शादी वर्ष 2025 में हो चुकी थी। अजय ने हमेशा अपनी मां से कहा था कि पूरी जिम्मेदारी निभाने के बाद ही विवाह करेंगे। अजय लकड़ा की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में शोक का माहौल है।

यूपी के 77वें स्थापना दिवस पर सीएम ने दी प्रदेश की जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं

लखनऊ. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल में उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मृति चिह्न देकर गृह मंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को यूपी दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी पढ़कर सुनाया। सीएम योगी ने ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना यूपी की ताकत बनेगी। स्थानीय खाद्य उत्पादों को अब दिला सकेंगे वैश्विक पहचान सीएम योगी ने कहा कि आज गृह एवं सहकारिता मंत्री के कर कमलों से वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन (ओडीओसी) योजना लागू की गई है। इससे 75 जनपदों की 75 प्रकार की भोजन सामग्री अब यूपी की नई ताकत बनेगी। अच्छा हाईजीन युक्त भोजन, खाद्य सामग्री, अन्न से बनी सामग्री लोगों को प्राप्त हो सके, स्थानीय उत्पादों को जियो टैग कर सकें और फिर उसे वैश्विक पहचान दिला सकें, उसकी पैकेजिंग, ब्रांडिंग, डिजाइनिंग करने के साथ देश व वैश्विक मांग के अनुरूप उस प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट कर सकें, यह अवसर यूपी में अब हर व्यंजन के लिए प्राप्त होगा। आत्मनिर्भर भारत में ‘ओडीओपी’ का योगदान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल के साथ ही प्रदेश के सभी 75 जनपदों और हर राज्य में यह आयोजन हो रहा है। देश, प्रदेश व दुनिया में जहां कहीं भी उत्तर प्रदेशवासी हैं, वह इस आयोजन से जुड़ रहे हैं। 2018 में उत्तर प्रदेश ने जब पहली बार अपने स्थापना दिवस कार्यक्रम को आयोजित किया था, उस समय राज्यपाल राम नाईक जी थे और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह जी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। इनकी प्रेरणा से हम लोगों ने परंपरागत उद्यमों को ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) के रूप में आगे बढ़ाया था। आज यह योजना आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नई ताकत बनी है और आत्मनिर्भर भारत में अपना योगदान दे रही है। सीएम योगी ने कहा कि जिन्होंने लीक से हटकर देश के लिए कुछ विशिष्ट किया है। ऐसी पांच विभूतियों को यूपी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया है। इन विभूतियों ने विकसित भारत की प्रधानमंत्री की संकल्पना में अपने नवाचार, शोध, परिश्रम से योगदान दिया है। सीएम ने सम्मानित होने वाली विभूतियों को बधाई दी। युवाओं के स्केल को स्किल में बदलेगी ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यूपी के युवाओं के लिए ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ योजना का भी शुभारंभ हुआ। हर जनपद में 100 एकड़ क्षेत्रफल में इसका विकास होगा। जो भी युवा नौकरी व कारोबार प्रारंभ करने का इच्छुक है, उसकी योग्यता व क्षमता के अनुरूप उसके स्केल को स्किल डेवपलमेंट में बदला जाएगा। यूपी में उसके लिए रोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए इस विशिष्ट योजना का प्रारंभ भी गृह मंत्री के कर कमलों से हो रहा है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक, योगी सरकार के मंत्री जयवीर सिंह, राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, सांसद संजय सेठ, ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायक नीरज बोरा, जय देवी, राजेश्वर सिंह, अमरेश कुमार, ओपी वास्तव तथा योगेश शुक्ल समेत कई गण्यमान्य अतिथि मौजूद रहे।

बैलेट पेपर से पंच और सरपंच तथा ईवीएम से होंगे जिला पंचायत के चुनाव

जयपुर. राजस्थान में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर मतदान व्यवस्था में एक बड़ा और अहम बदलाव किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार पंच और सरपंच पदों के चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराने का फैसला लिया है। वहीं, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान कराया जाएगा। इस संबंध में आयोग ने सभी जिला कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं और उसी अनुरूप चुनावी तैयारियां करने को कहा गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की गाइड लाइन राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, पंच और सरपंच चुनावों में बैलेट पेपर, बैलेट बॉक्स, मतगणना की प्रक्रिया और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएंगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन पदों के लिए ईवीएम का इस्तेमाल नहीं होगा। इसके साथ ही जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे, लेकिन जहां ईवीएम की उपलब्धता कम होगी, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बैलेट बॉक्स की तैयारी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका मकसद यह है कि किसी भी जिले में मशीनों की कमी के कारण मतदान प्रक्रिया प्रभावित न हो। गौरतलब है कि राजस्थान में पिछले तीन पंचायती राज चुनावों में सभी पदों के लिए मतदान ईवीएम से ही कराया गया था। पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद चारों स्तरों पर ईवीएम का इस्तेमाल किया जाता रहा है। ऐसे में लंबे समय बाद पंच और सरपंच चुनावों में बैलेट प्रणाली की वापसी को एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इसे चुनाव प्रबंधन से जुड़ा बड़ा फैसला बताया जा रहा है। निर्वाचन आयोग का कहना है कि यह निर्णय चुनावों को सुचारु, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से लिया गया है। ईवीएम की सीमित संख्या और बड़े पैमाने पर होने वाले ग्रामीण चुनावों को देखते हुए बैलेट और ईवीएम दोनों विकल्पों को साथ में रखा गया है। आयोग ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में आवश्यक संसाधनों का आकलन कर समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी करें, ताकि चुनाव के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण लोकतंत्र की आधारशिला मानी जाती हैं और इन चुनावों में बड़ी संख्या में मतदाता भाग लेते हैं। ऐसे में मतदान प्रक्रिया में किए गए इस बदलाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अब ग्रामीण मतदाता पंच और सरपंच के लिए मतपत्र के जरिए वोट डालेंगे, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद के लिए ईवीएम का इस्तेमाल होगा। आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, विधानसभा की मतदाता सूचियों के आधार पर फोटोयुक्त पंचायत मतदाता सूचियां तैयार की जा रही हैं। इन सूचियों का अंतिम प्रकाशन 25 फरवरी को होगा। पंच और सरपंच के चुनाव मतपेटियों से कराए जाएंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से होने की संभावना है। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की एमपीएसवी ईवीएम भी मंगाई जा रही हैं।

नीतीश से बेटे को लेकर ललन सिंह बोले- ‘अब इन्हें भी आने दीजिए’

पटना. बिहार की राजनीति अक्सर इशारों, मुस्कानों और खामोशी के बीच फैसले करती है. ऐसा ही एक पल शुक्रवार को पटना स्थित जेडीयू आईटी सेल कार्यालय में देखने को मिला, जब सरस्वती पूजा कार्यक्रम में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी. केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की एक हल्की-सी टिप्पणी और मुख्यमंत्री की मुस्कान ने इस चर्चा को और तेज कर दिया कि क्या निशांत कुमार की ‘राजनीतिक पारी’ अब बस शुरू होने वाली है. “तुम कब आ गए?” और उसके पीछे छिपा संकेत जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और उन्होंने निशांत को पहले से मौजूद देखा, तो सहज भाव में पूछा, “तुम कब आ गए?” निशांत का जवाब था, “आधा घंटा हो गया है.” यह संवाद भले ही सामान्य लगे, लेकिन राजनीति में हर शब्द और हर भाव का अपना अर्थ होता है. यह पहली बार नहीं है जब निशांत किसी सार्वजनिक राजनीतिक कार्यक्रम में दिखे हों, लेकिन इस बार माहौल कुछ अलग था. उनके साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की मौजूदगी और पूरे कार्यक्रम में राजनीतिक गर्माहट साफ महसूस की जा सकती थी. ललन सिंह की लाइन और नीतीश की मुस्कान कार्यक्रम के दौरान ललन सिंह ने मजाकिया लहजे में नीतीश कुमार से कहा, “बोल दीजिए कि मानेंगे.” मतलब साफ था कि निशांत कुमार के राजनीति में आने पर अपनी सहमति दे दीजिए. इस पर मुख्यमंत्री और निशांत दोनों ही कुछ बोले नहीं, बस मुस्कुराते रहे. बिहार की राजनीति में यह मुस्कान किसी बयान से कम नहीं मानी जा रही है. यह न तो सीधा इनकार था और न ही खुला समर्थन, बल्कि संभावनाओं का एक दरवाजा खोलने वाला संकेत था. निशांत कुमार की मौजूदगी क्यों बन रही है बड़ी खबर निशांत कुमार अब तक सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखते आए हैं. वे चुनावी मंचों, रैलियों और पार्टी की रणनीतिक बैठकों से दूर ही दिखे हैं. ऐसे में जेडीयू आईटी सेल जैसे राजनीतिक रूप से अहम मंच पर उनकी मौजूदगी अपने आप में खास है. वहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से घुल-मिलकर बातचीत की, सरस्वती पूजा में हिस्सा लिया और पूरे कार्यक्रम में सहज दिखाई दिए. यह सब उस छवि से अलग था, जिसमें निशांत को हमेशा राजनीतिक हलकों से दूर रहने वाला माना जाता रहा है. बिहार की राजनीति और ‘राजनीतिक उत्तराधिकार’ की बहस बिहार में परिवारवाद हमेशा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है. लालू प्रसाद यादव से लेकर रामविलास पासवान तक, हर बड़े नेता के परिवार ने राजनीति में अपनी जगह बनाई है. नीतीश कुमार को अब तक इस मामले में अलग माना जाता रहा है, क्योंकि उन्होंने कभी अपने बेटे को राजनीति में आगे नहीं बढ़ाया. यही वजह है कि निशांत कुमार की मौजूदगी और उस पर नीतीश की चुप्पी ज्यादा मायने रखती है. यह चुप्पी कहीं न कहीं इस संभावना को मजबूत करती है कि भविष्य में तस्वीर बदल सकती है. फिलहाल न तो नीतीश कुमार ने कोई औपचारिक ऐलान किया है और न ही निशांत कुमार ने अपनी मंशा जाहिर की है. लेकिन बिहार की राजनीति में इतना भर काफी है कि एक मुस्कान और एक चुप्पी से नई चर्चाओं का दौर शुरू हो जाए. अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि यह मुस्कान आगे चलकर राजनीतिक हरी झंडी में बदलती है या फिर सिर्फ एक संयोग बनकर रह जाती है.

उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर लांच हुई ‘एक जनपद–एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश में शुरू की गई एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी)  योजना ने स्थानीय उद्योगों, कारीगरों और निर्यात को नई दिशा दी है। ओडीओपी के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश के लाखों कारीगरों को स्वरोजगार मिला, निर्यात बढ़ा और यूपी की पहचान वैश्विक बाजारों तक पहुंची। अब इसी सफलता मॉडल को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की समृद्ध पाक-कला विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “एक जनपद–एक व्यंजन” यानी ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन) योजना की शुरुआत की है। यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरासत संग विकास विजन का विस्तार है, जिसमें सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन, रोजगार और निर्यात को एक साथ साधने का प्रयास किया गया है। क्या है ओडीओसी योजना का उद्देश्य ओडीओसी योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद से एक विशिष्ट, ऐतिहासिक और पारंपरिक व्यंजन की पहचान की जाएगी। इस योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं-  प्रदेश की पारंपरिक पाक-कला विरासत का संरक्षण व संवर्धन  व्यंजन तैयार करने वाले स्थानीय कारीगरों, हलवाइयों का पंजीकरण  चयनित व्यंजनों का गुणवत्ता मानकीकरण, ब्रांडिंग और मार्केटिंग  राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यंजनों को पहचान दिलाना  स्थानीय आजीविका, स्वरोजगार व एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा ओडीओपी की तर्ज पर ओडीओसी भी जमीनी स्तर पर रोजगार सृजन का एक प्रभावी माध्यम बनेगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। पैकेजिंग  जीआई टैग और ई-कॉमर्स से स्थानीय व्यंजनों को वैश्विक मंच मिलेगा। इस योजना के अंतर्गत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के सहयोग से फूड पैकेजिंग, शेल्फ लाइफ बढ़ाने और सुरक्षित परिवहन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्थानीय उद्यमियों को एफएसएसएआई सर्टिफिकेशन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पारंपरिक फूड वेंडर्स को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा। चयनित व्यंजनों की जीआई टैगिंग कर उनकी प्रामाणिकता और अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही पर्यटन विभाग के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों और महोत्सवों में ओडीओसी फूड स्टाल लगाए जाएंगे, जिससे पर्यटक एक ही स्थान पर उत्तर प्रदेश के विविध स्वादों का अनुभव कर सकें। दुनिया तक पहुँचेगा यूपी का स्वाद उत्तर प्रदेश का लगभग हर जनपद किसी न किसी विशिष्ट व्यंजन के लिए प्रसिद्ध है। जैसे आगरा का पंछी पेठा, मथुरा का ब्रजवासी पेड़ा, अयोध्या का रामआसरे पेड़ा, अलीगढ़ (इगलास) का चमचम, बाराबंकी की चंद्रकला, पूर्वांचल का बाटी-चोखा व लिट्टी-चोखा, लखनऊ की रेवड़ी व मलाई मक्खन, काशी की लौंगलता व मलइयो, संडीला (हरदोई) के लड्डू और कानपुर के समोसे। ऐसे सैकड़ों व्यंजन हैं, जो अपने शहर में तो लोकप्रिय हैं, लेकिन राज्य या देश से बाहर इन्हें सीमित पहचान मिली है। ओडीओसी योजना के माध्यम से यूपी के सभी 75 जनपदों के इन ऐतिहासिक व स्वादिष्ट व्यंजनों को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश में शुरू की गई एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी)  योजना ने स्थानीय उद्योगों, कारीगरों और निर्यात को नई दिशा दी है। ओडीओपी के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश के लाखों कारीगरों को स्वरोजगार मिला, निर्यात बढ़ा और यूपी की पहचान वैश्विक बाजारों तक पहुंची। अब इसी सफलता मॉडल को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की समृद्ध पाक-कला विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “एक जनपद–एक व्यंजन” यानी ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन) योजना की शुरुआत की है। यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरासत संग विकास विजन का विस्तार है, जिसमें सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन, रोजगार और निर्यात को एक साथ साधने का प्रयास किया गया है। क्या है ओडीओसी योजना का उद्देश्य ओडीओसी योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद से एक विशिष्ट, ऐतिहासिक और पारंपरिक व्यंजन की पहचान की जाएगी। इस योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं-  प्रदेश की पारंपरिक पाक-कला विरासत का संरक्षण व संवर्धन  व्यंजन तैयार करने वाले स्थानीय कारीगरों, हलवाइयों का पंजीकरण  चयनित व्यंजनों का गुणवत्ता मानकीकरण, ब्रांडिंग और मार्केटिंग  राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यंजनों को पहचान दिलाना  स्थानीय आजीविका, स्वरोजगार व एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा ओडीओपी की तर्ज पर ओडीओसी भी जमीनी स्तर पर रोजगार सृजन का एक प्रभावी माध्यम बनेगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। पैकेजिंग  जीआई टैग और ई-कॉमर्स से स्थानीय व्यंजनों को वैश्विक मंच मिलेगा। इस योजना के अंतर्गत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के सहयोग से फूड पैकेजिंग, शेल्फ लाइफ बढ़ाने और सुरक्षित परिवहन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्थानीय उद्यमियों को एफएसएसएआई सर्टिफिकेशन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पारंपरिक फूड वेंडर्स को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा। चयनित व्यंजनों की जीआई टैगिंग कर उनकी प्रामाणिकता और अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही पर्यटन विभाग के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों और महोत्सवों में ओडीओसी फूड स्टाल लगाए जाएंगे, जिससे पर्यटक एक ही स्थान पर उत्तर प्रदेश के विविध स्वादों का अनुभव कर सकें। दुनिया तक पहुँचेगा यूपी का स्वाद उत्तर प्रदेश का लगभग हर जनपद किसी न किसी विशिष्ट व्यंजन के लिए प्रसिद्ध है। जैसे आगरा का पंछी पेठा, मथुरा का ब्रजवासी पेड़ा, अयोध्या का रामआसरे पेड़ा, अलीगढ़ (इगलास) का चमचम, बाराबंकी की चंद्रकला, पूर्वांचल का बाटी-चोखा व लिट्टी-चोखा, लखनऊ की रेवड़ी व मलाई मक्खन, काशी की लौंगलता व मलइयो, संडीला (हरदोई) के लड्डू और कानपुर के समोसे। ऐसे सैकड़ों व्यंजन हैं, जो अपने शहर में तो लोकप्रिय हैं, लेकिन राज्य या देश से बाहर इन्हें सीमित पहचान मिली है। ओडीओसी योजना के माध्यम से यूपी के सभी 75 जनपदों के इन ऐतिहासिक व स्वादिष्ट व्यंजनों को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

राष्ट्रपति के साथ गणतंत्र परेड में होंगी हरियाणा की फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता

झज्जर. कासनी गांव निवासी अक्षिता धनखड़ का नाम आज पूरे देश में गूंज रहा है। वह भारतीय वायु सेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट हैं और गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ रहेंगी। अक्षिता ने बताया कि वे बचपन में गणतंत्र दिवस की परेड देखती थीं और कर्तव्य पथ पर खड़े होने का सपना देखती थीं। पिता ने भी गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लिया था। उनकी कहानियां सुनकर वर्दी पहनने का सपना पक्का हो गया। बचपन की यादें ही कॅरिअर का आधार बनीं। अक्षिता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से पढ़ाई की। एनसीसी (नेशनल कैडेट कोर) में हिस्सा लिया। अक्षिता ने मेहनत से कैडेट सजेंट मेजर का रैंक हासिल किया। एनसीसी यूनिट ने उन्हें एक्स-सीएसएम कहकर याद किया क्योंकि उन्होंने साथी कैडेट्स को उदाहरण से प्रेरित किया। एनसीसी की मिलिट्री जैसी ट्रेनिंग ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से सेना के लिए तैयार किया। अक्षिता ने बताया कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है। जहां उनको देश की राष्ट्रपति के साथ तिरंगा झंडा फहराने का मौका मिला है। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद 27 तोपों की सलामी भी दी जाएगी। अक्षिता की माता सुनीता ने भी इसे गर्व का क्षण बताया।

राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के शुभारंभ पर बोले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह

लखनऊ. देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान गृह मंत्री ने प्रदेश की जनता से भावनात्मक और निर्णायक अपील करते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में जात-पात से ऊपर उठकर वंशवादी पार्टियों को पूरी तरह रिजेक्ट करें और फिर से एक बार भारतीय जनता पार्टी का कमल खिलाएं। उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश को लेबर सोर्स स्टेट कहा जाता था, लेकिन आज यह भारत की इकोनॉमी का फोर्स स्टेट बन चुका है। गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के लिए, उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य के लिए और देश की सुरक्षा के लिए एक बार फिर यहां पूर्ण बहुमत की, प्रचंड बहुमत की भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनानी आवश्यक है। ये परिवारवादी पार्टियां चाहे कांग्रेस हो,  समाजवादी पार्टी या बहुजन समाज पार्टी, इस उत्तर प्रदेश का कल्याण नहीं कर सकतीं। उत्तर प्रदेश का कल्याण केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। प्रदेश को एक बार फिर सही दिशा में आगे बढ़ाने का निर्णय लेना होगा अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश हर काल खंड में देश को सुरक्षित करने वाला राज्य बना है और आज उन्हें गर्व है कि फिर से एक बार इस प्रदेश में देशभक्ति की लौ जागृत हो चुकी है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014, 2017, 2019 व 2022 में उत्तर प्रदेश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी का साथ दिया और अगला साल चुनाव का साल है, जिसमें प्रदेश को एक बार फिर सही दिशा में आगे बढ़ाने का निर्णय लेना होगा। मोदी व योगी ने उत्तर प्रदेश के भीतर विकास की सारी संभावनाओं को तराशा गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के भीतर विकास की सारी संभावनाओं को तराशकर अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया है। पीएम मोदी ने पूरे उत्तर प्रदेश को नेशनल हाईवे नेटवर्क से जोड़ने का काम किया है। आज उत्तर प्रदेश देश का वह राज्य है, जहां सबसे अधिक एयरपोर्ट हैं। भारत सरकार ने प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना की, जहां ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि यह जो परिवर्तन देश के अंदर दिखाई दे रहा है, उसमें योगी सरकार की बड़ी भूमिका है। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार को नेस्तनाबूत किया गया, कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया और हर गरीब के कल्याण के लिए ढेर सारी योजनाओं को जमीन पर उतारा गया। भाजपा सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि हर गांव तक 24 घंटे में कम से कम 20 घंटे बिजली जरूर पहुंचे। गृह मंत्री ने दोहराया कि आने वाले चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश का हर मतदाता जात-पात से ऊपर उठकर वंशवादी पार्टियों को रिजेक्ट करे और फिर से एक बार भारतीय जनता पार्टी का कमल खिलाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर महान राज्य उत्तर प्रदेश के सभी वासियों को अनंत शुभकामनाएं देते हुए वंदे मातरम और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपना संबोधन आगे बढ़ाया। उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का भव्य शुभारंभ राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने सबसे पहले दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने भारत माता की जय और जय श्रीराम का उद्घोष किया और उपस्थित जनसमूह ने भी उनका साथ दिया। उत्तर प्रदेश से आए सभी लोगों को राम-राम कहते हुए उन्होंने देश, दुनिया में रहने वाले सभी प्रदेशवासियों को उत्तर प्रदेश दिवस की शुभकामनाएं दीं। 15 अगस्त 2047 तक उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित प्रदेश बनकर विकसित भारत का एक अहम राज्य होगा अमित शाह ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के साथ-साथ विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण किया जा रहा है। जब 15 अगस्त 2047 को देश की आजादी की शताब्दी मनाई जाएगी, तब उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित प्रदेश बनकर विकसित भारत का एक अहम राज्य होगा। उत्तर प्रदेश भारत की धड़कन है और भारत की आत्मा भी। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश भारत के विकास का इंजन बनने जा रहा है। उत्तर प्रदेश युग-प्रवर्तकों की पवन भूमि गृह मंत्री ने कहा कि इस भूमि को प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, बाबा विश्वनाथ, महावीर व बुद्ध जैसे अनेक युग-प्रवर्तक महानुभावों ने पावन किया है। उन्होंने राष्ट्र प्रेरणा स्थल की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आसमान छूती मूर्तियां आने वाले दशकों तक देश को दिशा देने का काम करेंगी। कूड़े के पहाड़ से प्रेरणा स्थल तक अमित शाह ने कहा कि जहां आज यह भव्य प्रेरणा स्थल खड़ा है, वहां कभी 65 एकड़ में कूड़े का पहाड़ था। भाजपा सरकार ने कूड़े को कंचन में बदलने की व्यवस्था की और यह स्थान आज पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। युवाओं को ब्याज-मुक्त लोन गृह मंत्री ने बताया कि हर साल एक लाख युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त लोन दिया जा रहा है, जिसमें 10 प्रतिशत अनुदान भी शामिल है। अब तक 1,30,000 युवाओं को 5,322 करोड़ रुपये का लाभ मिल चुका है। ओडीओपी और उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान गृह मंत्री ने कहा कि 2017 में जब दिल्ली में यूपी का घोषणा पत्र बन रहा था, तब वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट की कल्पना की गई थी। उस समय लोग संशय में थे, लेकिन डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आज यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश में फैल चुकी है। इससे कारीगरों, युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। उत्तर प्रदेश के हर जिले का व्यंजन मेला आज प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और पहचान को दुनिया के सामने रख रहा है। कार्यक्रम में पांच विशिष्ट व्यक्तित्वों को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान प्रदान किया गया। अमित शाह ने विशेष रूप से डॉ हरिओम पंवार के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज को जागरूक करने का उल्लेखनीय कार्य किया है। फूड बास्केट से लेकर फोर्स स्टेट तक अमित शाह ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश का फूड बास्केट बन चुका है। पिछले तीन वर्षों में … Read more

पंजाब में खेत में खोदे गहरे गड्ढे में गिरने से 9 वर्षीय बच्चे की मौत

जालंधर. बसंत पंचमी के दिन शहर में हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। इसी दौरान मकसूदा क्षेत्र में सुरानसी पेट्रोल पंप के पास एक किसान ने बरसाती पानी से फसल को बचाने के लिए अपने खेत में करीब 10 फीट गहरा गड्ढा खुदवाया था। दोपहर बाद बारिश थमने पर इलाके के बच्चे पतंग उड़ाने लगे। इसी दौरान पतंग लूटने के लिए कुछ बच्चे खेत की ओर दौड़े, तभी एक 9 वर्षीय बच्चा खेत में बने गहरे गड्ढे में गिर गया। बच्चे के साथ मौजूद अन्य बच्चे घबरा गए और घर चले गए, लेकिन उन्होंने इस घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। जब बच्चा देर शाम तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना नंबर एक की पुलिस मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान रात करीब 8 बजे खेत में बने गहरे गड्ढे से बच्चे का शव बरामद किया गया। मृतक बच्चे की पहचान शिवम के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक बच्चे के परिजनों ने खेत मालिक किसान पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि निजी लाभ के लिए इतना गहरा और असुरक्षित गड्ढा खोदना उनके बच्चे की मौत का कारण बना। परिजनों ने प्रशासन से दोषी किसान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं थाना नंबर एक के प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।