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घर पर मिलेगा डाकिया, लाइफ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया में हुआ बदलाव

भोपाल  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने ईपीएस पेंशनधारकों को बड़ी राहत देते हुए डोरस्टेप डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) की सुविधा शुरू कर दी है। अब पेंशनधारकों को सालाना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए बैंक, डाकघर या EPFO कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। यह सुविधा भारत पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के सहयोग से शुरू की गई है और पूरी तरह निःशुल्क है। इससे पेंशन भुगतान में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आएगी। घर आएगा डाकिया, वहीं बनेगा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट इस योजना के तहत डाक सेवक या पोस्टमैन पेंशनर के घर पहुंचकर आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तुरंत तैयार करेगा। यह सुविधा खास तौर पर बुजुर्ग, बीमार, दिव्यांग और असहाय पेंशनधारकों के लिए वरदान साबित होगी। एक कॉल पर पहुंचेगा डाक सेवक पेंशनधारक या उनके परिजन IPPB कस्टमर केयर नंबर 033-22029000 पर कॉल करके इस डोरस्टेप सेवा का लाभ ले सकते हैं। कॉल के बाद संबंधित क्षेत्र का डाक सेवक पेंशनर के घर पहुंचकर पहचान सत्यापित करेगा और तुरंत डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जनरेट कर देगा। साथ ही भविष्य में फेस ऑथेंटिकेशन के इस्तेमाल का मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। जरूरी सावधानियां इस सेवा के लिए कोई शुल्क नहीं देना है, यह पूरी तरह मुफ्त है किसी को भी पैसे न दें किसी भी अनियमितता या शिकायत की स्थिति में EPFO या IPPB की शिकायत निवारण प्रणाली में शिकायत दर्ज करें…

पहला स्वदेशी ऑटोनॉमस रोबोट ‘डैगर’ जयपुर में बना, दिल्ली में परेड में दिखेंगे मेड इन इंडिया के 3 रोबोट

 जयपुर  भारतीय सेना ने आधुनिक युद्ध कौशल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के अखनूर में आतंकियों के खिलाफ हुए सफल ऑपरेशन में मानवरहित रोबोट ‘जीना’ ने मुख्य भूमिका निभाई। करीब 30 डिग्री की ढलान और घने जंगलों के बीच छिपे भारी हथियारों से लैस तीन आतंकियों का पता लगाने और उन्हें ढेर करने में इस एआई-लेस रोबोट का इस्तेमाल किया गया। इस तकनीक की मदद से बिना किसी मानवीय क्षति के ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। स्वदेशी ‘डैगर’ भारतीय सेना की 50 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) में शामिल किया गया ‘डैगर’ देश का पहला पूरी तरह से स्वदेशी और नेक्स्ट-जेन ऑटोनॉमस रोबोट है। यह रोबोट न केवल युद्ध क्षेत्र में रीयल-टाइम निगरानी करता है, बल्कि भीषण गोलीबारी के बीच घायलों को सुरक्षित स्थान तक निकालने में भी सक्षम है। ‘डैगर’ को राइफल, लाइट मशीन गन (LMG) और ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर जैसे हथियारों से लैस किया जा सकता है। यह 450 किलो तक वजन उठाकर उबड़-खाबड़ रास्तों पर 10 घंटे तक लगातार काम कर सकता है। ‘मेक इन इंडिया’ का गौरव इन अत्याधुनिक रोबोट्स को जयपुर की कंपनी क्लब फर्स्ट रोबोटिक्स द्वारा ‘सीतापुरा’ क्षेत्र में डिजाइन और तैयार किया गया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक भुवनेश मिश्रा और डायरेक्टर डॉ. नीलिमा मिश्रा के अनुसार, डैगर को पूरी तरह से भारत में विकसित करना ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक मील का पत्थर है। रक्षा रोबोटिक्स के अलावा, कंपनी ने ‘कृष्णा’ नामक रोबोट भी बनाया है जो खतरनाक आग बुझाने और केमिकल प्लांट्स जैसी जोखिम भरी जगहों पर काम करने में सक्षम है। राजपथ पर दिखेगा पराक्रम आगामी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान देश की राजधानी दिल्ली में इन स्वदेशी रोबोट्स का वैभव पूरी दुनिया देखेगी। सेना की तकनीकी निगरानी, पैरामीटर सुरक्षा और कॉम्बैट सपोर्ट के लिए डिजाइन किए गए ये रोबोट अब ऊंचे पहाड़ी इलाकों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सैनिकों के लिए ‘कवच’ का काम करेंगे। इनकी मदद से सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए मिलिट्री ऑपरेशन करना संभव होगा, जिससे सैनिकों की जान का जोखिम न्यूनतम हो जाएगा। इन खूबियों से लैस हैं ये व्हीकल यूजीवी डैगर : नाइट विजन के साथ अत्याधुनिक फीचर इसे जमीन पर सहायता के लिए ह्यूमन कंट्रोल से लैस किया गया है। मल्टी यूजीवी कॉर्डिनेट मूवमेंट के लिए कॉन्वॉय फॉलोइंग मोड का विकल्प भी है। मजबूत मिलिट्री-ग्रेड ऑल-टेरेन मोबिलिटी यूजीवी डैगर दूसरे रोबोट्स की तुलना में अधिक मजबूत है। इसमें नाइट विजन के साथ रीयल टाइम आईएसआर जैसे अत्याधुनिक फीचर भी हैं। डैगर युद्ध क्षेत्र में घायलों को निकालकर सुरक्षित स्थान तक लाने की खूबी रखता है। यह आईएसआर मिशन के लिए टेथर्ड ड्रोन को सपोर्ट करता है। इस अत्याधुनिक रोबोट को आरसीडब्ल्यूएस के अनुकूल किया गया है। इससे यह राइफल, लाइट मशीन गन (एलएमजी), मीडियम मशीन गन (एमएमजी) और ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर (एजीएल) के साथ काम करने में भी सक्षम है। इसकी खासियत से सैनिकों को उबड़-खाबड़ रास्तों व खतरे वाले स्थानों पर जाने की जरूरत नहीं होगी और जान का खतरा नहीं होगा। जीना : ऊंचाई और मुश्किल इलाकों के लिए बनाया यह एक मिनी वेपनाइज्ड मानवरहित ग्राउंड व्हीकल (यूजीवी) है। इसे विशेष तौर पर ऊंचाई और मुश्किल इलाकों में टेक्निकल निगरानी, पैरामीटर सुरक्षा और कॉम्बैट सपोर्ट के लिए डिजाइन किया है। यह दिन के साथ रात में भी कैमरा पेलोड और रिमोट वेपन स्टेशन इंटीग्रेशन को सपोर्ट करता है। इससे सुरक्षित दूरी से बिना किसी खतरे के मिलिट्री ऑपरेशन किए जा सकते हैं। इसका कॉम्पैक्ट डिजाइन रक्षा मिशन के लिए तेज डिप्लॉयमेंट, उच्च स्थिरता और मजबूत मोबिलिटी सुनिश्चित करता है। अखनूर में आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल हुआ जीना रोबोट अक्टूबर 2024 में जम्मू-कश्मीर के अखनूर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में सेना की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस मानव रहित रोबोट 'जीना' का इस्तेमाल किया गया था। वहां करीब 30 डिग्री की ढलान और घने जंगल में आतंकवादियों का पता लगाने और उन तक पहुंचने के लिए इनका इस्तेमाल किया था। इस आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में भारी हथियारों से लैस तीनों आतंकवादी मारे गए थे। कृष्णा : आग लगने की जगह पानी-फोम फेंककर बुझाने में सक्षम यह एडवांस्ड एआई लैस फायर फाइटिंग यूजीवी है। इसे औद्योगिक और तेल व गैस, केमिकल प्लांट, आयुध और विस्फोटक क्षेत्रों जैसे उच्च जोखिम वाले आग वाले वातावरण के लिए बनाया गया है। यह ऑनबोर्ड कैमरों और सेंसर से रियल-टाइम निगरानी के साथ रिमोट फायर सप्रेशन को सक्षम बनाता है। आपातकालीन टीमों के लिए डिजाइन किया गया कृष्णा रोबोट खतरनाक स्थितियों में इंसान की जान के जोखिम को कम करते हुए अत्यधिक प्रेशर से पानी/फोम फेंकने में सक्षम है। अत्यधिक गर्मी या धुएं वाला वातावरण भी इसको नुकसान नहीं पहुंचा सकते। यूजीवी डैगर 450 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम क्लब फर्स्ट रोबोटिक्स की डायरेक्टर डॉ. नीलिमा मिश्रा ने बताया- यूजीवी डैगर 450 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम है। इसे 30 किलोमीटर की रेंज में ऑटोनॉमस नेविगेशन से ऑपरेट किया जा सकता है। गोला-बारूद और अन्य लॉजिस्टिक्स को युद्ध क्षेत्र में ले जाने के लिए यह लगातार 10 घंटे तक ऑपरेशन करने की काबिलियत रखता है। भारत में डिजाइन, डेवलप हैं ये रोबोट क्लब फर्स्ट रोबोटिक्स के प्रबंध निदेशक भुवनेश मिश्रा ने कहा- हमें गर्व है कि हमने यूजीवी डैगर को पूरी तरह से भारत में डिजाइन, डवलप और निर्मित किया है। इससे यह सही मायने में पूरी तरह से स्वदेशी रोबोट है। टीम ने 'मेक इन इंडिया' अभियान में योगदान देने की कोशिश की है। यह कदम भारतीय सेना के रक्षा रोबोटिक्स में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में माइलस्टोन है। उल्लेखनीय है कि क्लब फर्स्ट रोबोटिक्स भारत की रक्षा और अग्निशमन रोबोटिक्स इनोवेटर कंपनी है। इसके द्वारा राइजिंग राजस्थान में किए एमओयू के तहत देश की एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जयपुर में स्थापित की जा रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जनवरी को सर्व सुविधायुक्त सशुल्क वृद्धाश्रम ‘संध्या छाया’ का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जनवरी को सर्व सुविधायुक्त, सशुल्क वृद्धाश्रम संध्या छाया का लोकार्पण करेंगे भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 जनवरी को प्रात: 11 बजे सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा नव निर्मित "सर्व सुविधायुक्त, सशुल्क वृद्धाश्रम (संध्या-छाया) का पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड न. 3 भोपाल में लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकार्पण कार्यक्रम में राज्य स्तरीय 'स्पर्श मेला-2026' के विजेताओं को पुरस्कार तथा सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों 327 करोड़ की राशि अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक (दक्षिण-पश्चिम) श्री भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने रामघाट में 11 करोड़ के नवीन फिल्टर प्लांट का किया भूमि-पूजन

मंदसौर के हर परिवार को मिलेगा शुद्ध पेयजल- उप मुख्यमंत्री देवड़ा  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने रामघाट में 11 करोड़ के नवीन फिल्टर प्लांट का किया भूमि-पूजन मंदसौर के हर परिवार को मिलेगा शुद्ध पेयजल, उप मुख्यमंत्री देवड़ा का आश्वासन मंदसौर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि नवीन फिल्टर प्लांट के निर्माण से मंदसौर शहर के प्रत्येक परिवार को शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री देवड़ा गुरुवार को रामघाट, मंदसौर में अमृत 2.0 योजना में 11 करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले नवीन फिल्टर प्लांट, वॉटर टैंक एवं डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि नगर की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए नए और आधुनिक फिल्टर प्लांट का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। यह परियोजना मंदसौर की पेयजल व्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ बनाएगी। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में अमृत 2.0 योजना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के माध्यम से सरकार द्वारा पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि देश के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचे और वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जाए। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि बिजली, स्वच्छता और जल जैसी मूलभूत सुविधाएं बनाए रखना केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी नागरिकों को अपने शहर, गांव और घर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने में सक्रिय सहभागिता करनी चाहिए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने फिल्टर प्लांट परिसर का अवलोकन भी किया। जागरूकता रथ को किया रवाना उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कार्यक्रम के बाद विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के परिवारों के शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए संचालित जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर ने कहा कि 16 एमएलडी क्षमता के नवीन फिल्टर प्लांट के साथ तीन जल टंकियों का निर्माण एवं तेलिया तालाब का सौंदर्यीकरण एक साथ किया जाएगा। इससे मंदसौर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चंबल नदी से लगभग 60 प्रतिशत जलापूर्ति की जा रही है। इसके साथ ही लगभग 3300 करोड़ रुपये की लागत से मंदसौर बैराज परियोजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे भविष्य में शहर को और अधिक जल उपलब्ध हो सकेगा। सांसद गुर्जर ने यह भी बताया कि सिवरेज परियोजना का कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आएगा। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, जिला योजना समिति सदस्य राजेश दीक्षित, नगर पालिका के पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।  

मुख्य आकर्षण : लोकभवन की ऐतिहासिकता और प्राकृतिक सौंदर्य

नागरिकों के लिए 25 जनवरी को दोपहर 2 बजे से खुलेगा लोकभवन मुख्य आकर्षण : लोकभवन की ऐतिहासिकता और प्राकृतिक सौंदर्य विशेष आकर्षण : “राजभवन से लोकभवन” विषय पर आधारित प्रदर्शनी भोपाल   राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देशानुसार 25 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक लोकभवन आमजन के लिए खोला जा रहा है। इन तीनों दिन नागरिक लोकभवन की ऐतिहासिकता, प्राकृतिक सौंदर्य एवं विशेष सजावट को करीब से देख सकेंगे। केन्द्रीय संचार ब्यूरो और मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा “राजभवन से लोकभवन” विषय पर आधारित प्रदर्शनी विशेष आकर्षण रहेगी। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने समस्त नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे लोकभवन का भ्रमण जरूर करे। लोकतांत्रिक मूल्यों को निकट से अनुभव कर संविधान के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना को और अधिक सुदृढ़ करे। यह आयोजन नागरिकों और शासन के बीच संवाद, सहभागिता और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रवेश गेट क्रमांक- 1 से और निकास गेट क्रमांक- 4 से राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी ने बताया कि आमजन लोकभवन का भ्रमण 25 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक कर सकेंगे। दिनांक 25 और 27 जनवरी को दोपहर 2 बजे से शाम 8 बजे तक प्रवेश का समय निर्धारित है। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के दिन, लोकभवन भ्रमण का समय प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। नागरिकों के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर में वाहन पार्किंग होगी। आमजन लोकभवन में गेट क्रमांक-1 से प्रवेश और गेट क्रमांक- 4 से निकास करेंगे। भ्रमण का इस प्रकार रहेगा रूट राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी ने बताया कि लोकभवन भ्रमण के लिए आने वाले आमजन का रूट निर्धारित किया गया है। गेट क्रमांक-1 से प्रवेश के बाद नागरिक लोकभवन सचिवालय एवं व्ही.आई.पी. रोड होते हुए कांच गेट से लोकभवन परिसर में प्रवेश करेंगे। स्वर्ण जयंती सभागार (बैंक्वेट हॉल), ऐतिहासिक दरबार हॉल, तोप एवं ध्वज वंदन स्थल का अवलोकन करेंगे। इसके पश्चात सिविल डिस्पेंसरी के सामने आयोजित केन्द्र और राज्य सरकार की प्रदर्शनी, सांदीपनि सभागार के बाहर वॉटर फाउंटेन के समीप वीडियो वॉल के माध्यम से लघु फिल्मों को देख सकेंगे। नागरिक, मंदिर के सामने वाले द्वार से होते हुए, गेट क्रमांक-4 से परिसर से बाहर निकलेंगे। विशेष आकर्षण : केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रदर्शनियां लोकभवन की ऐतिहासिकता के अवलोकन के साथ आमजन, केन्द्र एवं राज्य सरकार के विकासपरक एवं ऐतिहासिक पलों को प्रदर्शनी के माध्यम से देख सकेंगे। भारत सरकार के केन्द्रीय संचार ब्यूरो द्वारा “वीबी-जी रामजी योजना” तथा “वंदे भारत” थीम पर आधारित आकर्षक एवं सूचनात्मक प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जो नागरिकों को राष्ट्र निर्माण की योजनाओं और विकास यात्रा से परिचित कराएगी। जनसंपर्क विभाग द्वारा “राजभवन से लोकभवन” विषय पर विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश की स्थापना से लेकर अब तक के सभी राज्यपालों की जानकारी सरल एवं रोचक रूप में प्रस्तुत की जाएंगी। लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।  

MP बजट 2026: ग्वालियर के लिए नई उड़ान और चंबल क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति

 ग्वालियर मध्य प्रदेश के आगामी बजट 2026-27 को लेकर ग्वालियर-चंबल संभाग की उम्मीदें सातवें आसमान पर हैं। बजट से अंचल के सभी छह जिलों ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी और श्योपुर के विकास को नए पंख लगने की आस है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किए जाने के बाद से कृषि प्रधान इस अंचल की आशाएं बलवती हो गई हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए आगामी बजट केवल वित्तीय आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि विकास की एक ऐसी पटरी साबित होगी जिस पर अंचल की रफ्तार तय होगी। किसान कल्याण वर्ष और ग्वालियर का स्मार्ट सिटी विजन मिलकर अंचल को प्रदेश का नया ग्रोथ इंजन बना सकते हैं। ग्वालियर : 2322 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान और म्यूजिक सिटी का कायाकल्प ग्वालियर के लिए यह बजट ऐतिहासिक हो सकता है। ग्वालियर नगर निगम ने 2322 करोड़ रुपये का एक महत्वाकांक्षी बजट प्रस्ताव तैयार किया है। इसे राज्य के बजट से संजीवनी मिलने की उम्मीद है। शहर के भीतर ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, पिंक टायलेट्स और स्मार्ट शौचालयों का जाल बिछाने की योजना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर के लिए भी काफी उम्मीदें हैं। 1000 बिस्तर वाले अस्पताल को पूर्णतः क्रियाशील बनाने और सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष पैकेज की उम्मीद है। साथ ही, यूनेस्को म्यूजिक सिटी होने के नाते संगीत और कला के क्षेत्र में नई परियोजनाओं को धनराशि मिलने की आस है। मुरैना और भिंड : अटल प्रगति पथ से औद्योगिक क्रांति चंबल क्षेत्र के दो प्रमुख जिले मुरैना और भिंड के लिए सबसे बड़ी बात अटल प्रगति पथ (चंबल एक्सप्रेस-वे) की इन-प्रिंसिपल मंजूरी है। 420 किमी लंबा यह कारिडोर भिंड और मुरैना को सीधे उत्तर प्रदेश और राजस्थान से जोड़ेगा। बजट 2026 में इसके भूमि अधिग्रहण के लिए बड़े आवंटन की उम्मीद है। मुरैना में 600 मेगावाट के सोलर-प्लस-स्टोरेज प्रोजेक्ट और भिंड के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में डिफेंस सहायक इकाइयों के विकास के लिए राशि प्रविधान होने की उम्मीद है। श्योपुर : चीता स्टेट की वैश्विक ब्रांडिंग श्योपुर जिला अब प्रोजेक्ट चीता की सफलता के बाद वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी जगह बना चुका है। कूनो नेशनल पार्क के आसपास इको-टूरिज्म और चीता सफारी के विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक के फंड की अपेक्षा है। ग्वालियर-श्योपुर रेल लाइन के अंतिम चरण के लिए फंड की घोषणा श्योपुर के आर्थिक परिदृश्य को बदल देगी। शिवपुरी और दतिया : पर्यटन और आस्था का संगम शिवपुरी को नए एयरपोर्ट विकास (प्रस्तावित लागत 45 करोड़) और टाइगर सफारी के लिए बड़ी राशि की उम्मीद है। साथ ही पार्वती-काली सिंध-चंबल लिंक परियोजना से सिंचाई के लिए जल अभाव की समस्या दूर होने की आस है। स्किल डेवलपमेंट को लेकर पिछले बजट में जो प्रविधान किए गए थे, उनका धरातल पर क्रियान्वयन हो, ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। शिवपुरी में औद्योगिक क्षेत्र तो विकसित कर दिए गए हैं, परंतु उनमें उद्योग अब तक नहीं आ पाए हैं। इस दिशा में काम होने की उम्मीद है। यह कहते हैं क्षेत्र के लोग     बजट 2026 से मुख्य अपेक्षा है कि इसमें स्मार्ट मोबिलिटी और ग्रीन एनर्जी के लिए ठोस आवंटन हो। विशेषकर, शहर के बढ़ते दायरे को देखते हुए और कन्वेंशन सेंटर जैसे प्रोजेक्ट्स ग्वालियर को टीयर-1 शहरों की श्रेणी में खड़ा करेंगे। सरकार स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत न केवल ऐतिहासिक स्मारकों के जीर्णोद्धार के लिए फंड देगी। ग्वालियर को अब लांग टर्म बिजनेस हब के रूप में पहचान दिलाने वाले वित्तीय प्रविधानों की जरूरत है। – डॉ. प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ कामर्स, ग्वालियर  

दिल का इलाज हुआ और शरीर पर नहीं लगा एक भी टांका — जानें हार्ट वाल्व बदलने की अत्याधुनिक तकनीक

हिसार हिसार के चिकित्सा क्षेत्र में हृदय रोग के उपचार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। जिंदल अस्पताल हिसार में बिना किसी चीड-फाड़ के हार्ट के एओर्टिक वाल्व को सफलतापूर्वक बदला गया है। यह नई और अत्याधुनिक तकनीक ट्रांस कैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (तावी) के नाम से जानी जाती है, जिसमें ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती। जिंदल अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिमेष अग्रवाल ने बताया कि हिसार के जाने माने प्रॉपर्टी व्यवसायी गुलशन सिंगला को सांस लेने में गंभीर तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज पहले से ही हाई शुगर, ब्लड प्रेशर और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे। जांच में पाया गया कि उनके हार्ट के एओर्टिक वाल्व में अत्यधिक सिकुड़न और कैल्शियम का जमाव हो चुका था, जिससे हृदय की पंपिंग क्षमता कम हो गई थी और हार्ट कमजोर हो गया था। डॉ. अनिमेष अग्रवाल के अनुसार, ऐसे मामलों में वाल्व रिप्लेसमेंट ही एकमात्र उपचार विकल्प होता है। अब तक यह सर्जरी केवल ओपन हार्ट ऑपरेशन द्वारा ही संभव थी, जो कई मरीजों के लिए अत्यधिक जोखिम भरी होती है। तावी तकनीक के माध्यम से बिना चीर-फाड़ पैर की नस के रास्ते कृत्रिम वाल्व को हार्ट तक पहुंचाकर सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया जाता है। इसी तकनीक से मरीज का सफल उपचार किया गया। ऑपरेशन के अगले ही दिन मरीज को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया और दूसरे दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फॉलोअप जांच में पाया गया कि मरीज के हार्ट का फंक्शन पूरी तरह सामान्य हो चुका है। अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक भारद्वाज ने बताया कि हिसार और आसपास के क्षेत्रों में अब तक तावी के बहुत ही सीमित केस हुए हैं। केस की जटिलता को देखते हुए यह संभवतः यह अपनी तरह का पहला सफल मामला है। इस जटिल प्रक्रिया में रेडियोलॉजी विभाग से डॉ. प्रियंका छाबड़ा और डॉ. पंकज लीखा, कार्डियक एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. नीरज मोंगा, कार्डियक सर्जन डॉ. अशोक चहल तथा फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा गर्ग का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।   जिंदल अस्पताल की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रितु चोपड़ा ने कहा कि अस्पताल कार्डियोलॉजी विभाग को इस प्रकार के एडवांस्ड ट्रीटमेंट का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिंदल अस्पताल और समस्त जिंदल परिवार हरियाणा व हिसार के मरीजों तक नवीनतम चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

गणतंत्र दिवस से पहले आतंकी योजना नाकाम, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

अमृतसर गणतंत्र दिवस से ठीक पहले पंजाब पुलिस ने स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) के जरिए एक बड़े आतंकी हमले को टाल दिया। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि अमृतसर में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, एक मॉडर्न पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी किसी सुरक्षा प्रतिष्ठान पर बड़े हमले की तैयारी कर रहा था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी विदेशी आतंकी हैंडलरों के इशारों पर काम कर रहा था। इनमें निशान जौरियन, आदेश जमाराई और सिम्मा देओल शामिल हैं, जो विदेश से पंजाब में आतंकी गतिविधियों को संचालित कर रहे थे। ये हैंडलर आरोपी को हथियार उपलब्ध करवाने और हमले की साजिश रचने में शामिल थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में अमन-चैन बनाए रखने के लिए हर साजिश पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

अस्पताल में हादसा: GMCH-32 की गिरती छत से मचा हड़कंप

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मेन गेट की फॉल सीलिंग अचानक गिर गई। हादसे के समय मौके पर मरीज, उनके परिजन और सुरक्षा कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार इस घटना में एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर सीलिंग कुछ सेकंड पहले या बाद में गिरती तो कई लोगों को गंभीर चोटें आ सकती थीं। गौरतलब है कि इस ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन महज 8 महीने पहले, 8 अगस्त 2025 को किया गया था। नए बने अस्पताल में इस तरह की घटना ने प्रशासन और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सामूहिक विवाह से मजबूत होती है सामाजिक एकता

भोपाल  बसंत पंचमी पर सामूहिक विवाह सामाजिक एकता की है मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बसंत पंचमी पर हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के 121 जोड़ों के सामूहिक विवाह को सामाजिक एकता की मिसाल निरूपित करते हुए नवदम्पत्तियों को भावी जीवन के लिये शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने नवदम्पत्तियों को मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह योजना में 51-51 हजार रुपये की राशि के चेक भी भेंट किये। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जगत प्रकाश नड्डा ने भी नवदम्‍पत्तियों को आशीर्वाद दिया। सामूहिक विवाह समारोह में एक ही मंडप के नीचे 118 हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह और 3 मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलवियों ने संपन्न कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस एकता की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने सभी जोड़ों से देश और समाज के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपेक्षा की। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक स्वस्तिवाचन और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। वर-वधुओं ने जैसे ही एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन पर फूलों की वर्षा कर पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। विवाह की खुशी में झूमते परिजनों के नृत्य ने समारोह की रौनक और बढ़ा दी। समारोह में स्वामी राघवदेवाचार्य और साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, केंद्रीय मंत्री  नड्डा के साथ लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, सांसद  आशीष दुबे, राज्यसभा सांसद मती सुमित्रा बाल्मीकि, महापौर  जगत बहादुर सिंह अन्नू', विधायक  अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे,  नीरज सिंह और  संतोष बरकड़े, नगर निगम अध्‍यक्ष  रिकुंज विज,  रत्‍नेश सोनकर,  राजकुमार पटेल,  अखिलेश जैन सहित अन्‍य प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे।