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उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान कर किया पूजन

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में स्नान कर किया पूजन राष्ट्र की निरंतर प्रगति और कल्याण के पथ पर अग्रसर रहने की माँ गंगा से की प्रार्थना माघ मेले के पुण्य अवसर पर किया गंगा स्नान भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने माघ मेले के पुण्य अवसर पर प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में स्नान कर पूजन किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ माघ मास में संगम तट पर स्नान का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस काल में गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान से आत्मशुद्धि, पुण्य लाभ एवं लोक परलोक दोनों का कल्याण होता है। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के पवित्र तट पर संतों, श्रद्धालुओं और साधकों की उपस्थिति ने वातावरण को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया। वैदिक मंत्रोच्चार, आरती और पूजन के मध्य किया गया स्नान अंतर्मन को शांति, संतुलन और सकारात्मक संकल्प से भरने वाला रहा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने माँ गंगा से समस्त देशवासियों पर अपनी कृपा बनाए रखने, समाज में सद्भाव, समरसता और नैतिक चेतना का विस्तार करने और राष्ट्र के निरंतर प्रगति और कल्याण के पथ पर अग्रसर रहने की प्रार्थना की है। संत जनों से लिया आशीर्वाद उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने माघ मेला क्षेत्र, प्रयागराज में सतुआ बाबा के शिविर पहुंचकर संतोष दास (सतुआ बाबा) से आत्मीय भेंट कर उनका सान्निध्य प्राप्त किया। इस अवसर पर आध्यात्मिक विषयों, सनातन परंपराओं और सामाजिक समरसता से जुड़े विचारों पर संवाद किया। साथ ही श्रीमद् जगद्गुरु नृसिंह पीठाधीश्वर पूज्य डॉ. स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज (नरसिंह मंदिर – गीताधाम जबलपुर) से भेंट की और मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।  

मीडिया मामलों पर सीएम साय को सलाह देंगे आर. कृष्णा दास

रायपुर वरिष्ठ पत्रकार आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सलाहकार नियुक्त किया गया है. सलाहकार के रूप में वे मुख्यमंत्री को मीडिया एवं अन्य विषयों पर परामर्श देंगे. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि सलाहकार के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा. इसके साथ उन्हें राज्य शासन के विशेष सचिव के समकक्ष अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी. कृष्ण दास ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ के छत्तीसगढ़ प्रमुख के रूप में लंबे समय से कार्यरत रहे हैं.

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड कार्यालय में ओएमआर शीट में नंबर बढ़ाकर फर्जीवाड़ा

जयपुर. जयपुर में दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केन्द्र स्थित राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड कार्यालय में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आना गंभीर सवाल खड़े करता है। ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन) शीट्स में नंबर बढ़ाकर अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ दिलाने के महाघोटाले की जांच स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) कर रही है। यह गड़बड़ी चयन बोर्ड के तकनीकी प्रमुख संजय माथुर के कार्यकाल में हुई बताई जा रही है। एसओजी अब कंपनी की ओर से करवाई सभी परीक्षाओं की गहन जांच करेगी। एसओजी को आशंका है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है, जिसमें तकनीकी स्तर पर छेड़छाड़ कर अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए गए और इसके बदले मोटी रकम का लेन-देन हुआ। अनुसंधान जारी है – डीआइजी परिस देशमुख डीआइजी परिस देशमुख ने बताया कि मामले में अनुसंधान जारी है और संदेह में आए सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। 3 आरोपी जेल भेजे मामले में गिरफ्तार आउटसोर्स फर्म राभव लिमिटेड, नई दिल्ली के प्रतिनिधि विनोद कुमार गौड़, शादान खान और अभ्यर्थी पूनम को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। पूछताछ में आए तथ्यों के आधार पर एसओजी अब उन अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर बुलाने की तैयारी कर रही है, जिनकी ओएमआर शीट्स में नंबर बढ़ाए गए। अनुसंधान के बाद इन अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया जाएगा। एसओजी उन बिचौलियों की भी तलाश में है, जिन्होंने अभ्यर्थियों और तकनीकी टीम के बीच सेतु का काम किया। माना जा रहा है कि इन्हीं बिचौलियों के जरिये सौदे तय हुए और रकम का लेन-देन हुआ। इस संबंध में बैंक खातों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल की जा रही है। तकनीकी प्रमुख और प्रोग्रामर रिमांड पर अनुसंधान अधिकारी यशवंत सिंह ने बताया कि तकनीकी प्रमुख संजय माथुर को 23 जनवरी को और प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल को 22 जनवरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोनों फिलहाल एसओजी रिमांड पर हैं।

एमपी ट्रांसको में थर्ड पार्टी प्रोटेक्शन ऑडिट शुरू

एमपी ट्रांसको में थर्ड पार्टी प्रोटेक्शन ऑडिट शुरू भोपाल  केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के दिशा-निर्देशों के तहत मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा प्रदेश के ट्रांसमिशन सिस्टम की थर्ड पार्टी प्रोटेक्शन ऑडिट कराई जा रही है। यह आडिट देश मे पावर क्षेत्र की प्रमुख केंद्रीय एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है। इसमें सेंट्रल बोर्ड आफ इरिगेशन एंड पावर, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन बडौदा जैसी प्रतिष्ठित एजेंसी शामिल हैं। इस स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट में ट्रांसमिशन ग्रिड एवं सबस्टेशनों में लगे प्रोटेक्शन सिस्टम, रिले सेटिंग्स, ट्रिपिंग लॉजिक, कंट्रोल व कम्युनिकेशन सिस्टम का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है। विद्युत पारेषण की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना उद्देश्य एम पी ट्रांसको के मुख्य अभियंता अमरकीर्ति सक्सेना ने जानकारी दी कि ऑडिट का उद्देश्य अनावश्यक ग्रिड ट्रिपिंग को रोकना, सिस्टम रेस्टोरेशन क्षमता बढ़ाना और विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। बार-बार ट्रिपिंग वाले फीडरों के इवेंट लॉग व तकनीकी डेटा का विश्लेषण कर स्थायी समाधान तैयार किए जाएंगे। ऑडिट के बाद विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट व सुधारात्मक कार्ययोजना के आधार पर आवश्यक अपग्रेडेशन किए जाएंगे। यह प्रक्रिया ट्रांसमिशन नेटवर्क की एक समग्र “ग्रिड हेल्थ चेकअप” के रूप में भविष्य की मांगों और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के लिए सिस्टम को सशक्त बनाएंगी।  

भाखड़ा बोर्ड के चेयरमैन की पत्नी की बीजेपी में ज्वाइनिंग कैंसिल

पंचकूला. हरियाणा के पंचकुला से एक हैरान कर देने वाली खबर आई है। यहां बीजेपी ज्वाइन करने जा रहीं भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी की पत्नी दीप्ति त्रिपाठी को बब्बर खालसा की धमकी मिली है। बीजेपी कार्यालय में ज्यादा भीड़ जमा होने पर सुरक्षा कारणों के चलते फिलहाल, दीप्ति त्रिपाठी की ज्वाइनिंग को स्थगित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार, 20 जनवरी को पंचकूला स्थित भाजपा कार्यालय पंचकमल में बीबीएमबी के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी की पत्नी दीप्ति त्रिपाठी को पार्टी में शामिल होना था। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष अजय मित्तल एवं कालका विधानसभा क्षेत्र की विधायक शक्ति रानी शर्मा भी मौजूद रहने वाली थीं। इसके लिए वह घर से करीब एक हजार लोगों को साथ लेकर बीजेपी कार्यालय भी पहुंची। लेकिन इसी दौरान दीप्ति त्रिपाठी को इंटेलिजेंस की तरफ से सूचना मिली कि उनके बीजेपी ज्वाइन करने पर जान का खतरा है। इसके बाद सुरक्षा कारणों के चलते दीप्ति त्रिपाठी की ज्वाइनिंग को स्थगित कर दिया गया। नई तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। बता दें, दीप्ति त्रिपाठी की ज्वाइनिंग को लेकर सुबह से ही मीडिया में खबरें चल रही थी। लेकिन इंटेलिजेंस एजेंसी की तरफ से इनपुट मिली कि आईएसआई , रिंदा ग्रुप और बब्बर खालसा की तरफ से दीप्ति त्रिपाठी की जान को खतरा है। इसको देखते हुए दीप्ति त्रिपाठी की ज्वाइनिंग टाल दी गई और उनके घर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दीप्ति त्रिपाठी के मुताबिक वह लंबे समय से समाज कल्याण के लिए काम कर रही हैं। वह पॉलिटिकल पार्टी ज्वाइन करके लोगों की सेवा करने के लिए अपना दायरा बढ़ाना चाहती है। ताकि वह और बड़े स्तर पर लोगों को मदद कर सके। दीप्ति त्रिपाठी का कहना है कि वह जल्द ही बीजेपी ज्वाइन करेंगी।

पंजाब कांग्रेस चीफ बनने को लेकर खींचतान तेज

चंडीगढ़. चुनावी वर्ष से पहले ही पंजाब कांग्रेस की खींचतान सतह पर आनी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी का अनुसूचित जाति की पार्टी में अनदेखी का आरोप लगाने का वाडियो प्रसारित होने के बाद कांग्रेस में प्रदेश प्रधान बनने को लेकर जोड़तोड़ तेज हो गई है। कारण स्पष्ट है कि 2027 का विधानसभा चुनाव जिसके नेतृत्व में लड़ा जाएगा, टिकट वितरण में भी उसकी भूमिका अहम होगी। अगर उसके समर्थक ज्यादा जीतकर आए तो उसकी मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी भी मजबूत हो जाएगी। यही वजह है कि प्रधानगी हथियाने की कवायद तेज हो गई है। चन्नी ने प्रसारित वीडियो में प्रदेश प्रधान, नेता विपक्ष, संगठन महामंत्री व एनएसयूआइ के प्रधान का पद उच्च जातियों को देने को लेकर सवाल उठाया है। इसके बाद खड़े हुए विवाद से पंजाब में कांग्रेस मुश्किल में पड़ गई है। कांग्रेस प्रधान को लेकर विवाद जारी दरअसल, सारा विवाद प्रदेश प्रधान की कुर्सी को लेकर हैं। कांग्रेस का पिछले ढाई दशकों में इतिहास रहा है कि चुनावी वर्ष से पहले प्रधानगी की कुर्सी को लेकर खींचतान शुरू हो जाती है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा कई मौकों पर इस बात का जिक्र भी कर चुके हैं। कांग्रेस में 2027 का चेहरा बनने की खींचतान लंबे समय से मुख्य रूप से प्रताप सिंह बाजवा, चरणजीत सिंह चन्नी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सुखजिंदर रंधावा के बीच चली आ रही है। सीएम के चेहरे को आगे किए बिना होगा चुनाव ऐसे में राजा वड़िंग ने इस बात पर जोर दिया कि वह 70 से 80 नए चेहरों को चुनाव मैदान में लाने के पक्ष में हैं। इसके उपरांत प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने यह घोषणा कर दी कि पार्टी 2022 की गलती को पुन: नहीं दोहराएगी और 2027 में कांग्रेस मुख्यमंत्री के चेहरे को आगे किए बिना ही चुनाव लड़ेगी। ऐसे में अगर चुनाव राजा वड़िंग के नेतृत्व में लड़ा गया तो उनका पलड़ा भारी हो जाएगा। चूंकि टिकट बंटवारे में प्रदेश प्रधान की अहम भूमिका रहती है। 2002 और 2017 का चुनाव कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़ा गया और कैप्टन ही मुख्यमंत्री बने। दोनों ही बार कैप्टन ने पार्टी की कमान संभालने के लिए लंबी जद्दोजहद की थी। अनायास नहीं था चन्नी का बयान 2015 में तो उन्होंने प्रताप सिंह बाजवा को प्रधान पद से हटाने के लिए लंबी डिप्लोमेसी की। पार्टी सूत्र बताते हैं कि चन्नी द्वारा ‘अपर कास्ट’ को लेकर दिया गया बयान अनायास नहीं था। बघेल द्वारा 2022 की गलती दोबारा नहीं दोहराने के बयान के बाद से ही चन्नी के समर्थन में जट और गैर जट नेताओं ने लाबिंग करनी शुरू कर दी है। चन्नी के समर्थन में 31 जट नेताओं ने तो हाईकमान को पत्र लिख कर समय भी मांग लिया है। हालांकि हाईकमान की तरफ से अभी तक इन नेताओं को मिलने का समय नहीं दिया है। पार्टी अगर चरण जीत सिंह चन्नी को चेहरा बनाकर 2027 का चुनाव लड़ेगी तो उसे पहले पार्टी की कमान भी सौंपनी होगी। यही कारण है कि कांग्रेस की असली खींचतान प्रदेश प्रधान की कुर्सी को लेकर है, क्योंकि यहीं से 2027 के लिए मुख्यमंत्री का दावा मजबूत होगा।

दिल्ली से अहमदाबाद वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द की जल्द मिलेगी सौगात

जयपुर. राजस्थान में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की आस लगाए बैठे रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। माना जा रहा है कि राजस्थान को जल्द ही पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल सकती है। दरअसल, उत्तर-पश्चिम रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। प्रस्ताव के अनुसार यह ट्रेन दिल्ली से अहमदाबाद वाया जयपुर रूट पर चल सकती है, जिससे राजस्थान के यात्रियों को दिल्ली और अहमदाबाद के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से अहमदाबाद के बीच जल्द ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। इस ट्रेन का ठहराव जयपुर, अजमेर और आबू रोड जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर हो सकता है। रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद जयपुर को दोहरा लाभ मिलेगा। एक ओर जयपुर से दिल्ली और दूसरी ओर जयपुर से अहमदाबाद का सफर सुविधाजनक हो जाएगा। साथ ही समय की भी काफी बचत होगी। कब चलेगी यह ट्रेन? रेलवे सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड से मंजूरी के बाद सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी कर ली जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि सब कुछ सही रहा तो मार्च तक स्लीपर वंदे भारत ट्रेन राजस्थान में दौड़ती नजर आएगी। इससे रेल यात्रियों को कम समय में बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। राजस्थान के इन स्टेशनों पर हो सकता है ठहराव प्रस्तावित रूट के अनुसार दिल्ली-अहमदाबाद के बीच चलने वाली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन राजस्थान से होकर गुजरेगी। यह ट्रेन प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ेगी। बताया जा रहा है कि जयपुर, अजमेर और आबू रोड रेलव स्टेशन पर इस ट्रेन का ठहराव हो सकता है। ऐसे में पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को काफी फायदा होगा। रेल यात्रियों को मिलेगा बेहतर विकल्प वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए एक आधुनिक और आरामदायक विकल्प साबित होगी। विशेष रूप से यह ट्रेन रात के सफर के लिहज से डिजाइन की गई है। ट्रेन के आधुनिक कोच, बेहतर स्लीपिंग अरेंजमेंट और उन्नत सुविधाएं यात्रियों को प्रीमियम अनुभव देंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सामने म.प्र. और डीपी वर्ल्ड के बीच हुआ एमओयू हस्ताक्षर

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में म.प्र. और डीपी वर्ल्ड के बीच हुआ एमओयू लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश सहयोग के लिए बनी सहमति संयुक्त अरब अमीरात स्थित वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी है डीपी वर्ल्ड भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में बुधवार को दावोस में मध्यप्रदेश और वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में स्थित अग्रणी कंपनी डीपी वर्ल्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मध्यप्रदेश शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने एवं डीपी वर्ल्ड की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा वित्त एवं व्यवसाय विकास अधिकारी श्री अनिल मोहता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर डीपी वर्ल्ड के समूह अध्यक्ष श्री सुल्तान अहमद बिन सुलायेम उपस्थित रहे। इस एमओयू के माध्यम से औद्योगिक विकास और निवेश सहयोग से जुड़े विषयों पर सहमति बनी, जो राज्य में लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। एमओयू में डीपी वर्ल्ड द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई। यह पहल राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक नीतियों और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण एवं बुनियादी ढांचे के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। एमओयू के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और औपचारिक रूप से समझौता दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। यह समझौता ज्ञापन मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और व्यापार के क्षेत्र में एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।  

26 जनवरी पर तिरंगा फहराने के लिए राज्यपाल और सीएम के साथ मंत्री किस जिले में जाएंगे? देखें पूरी लिस्ट

भोपाल  देश के अन्य राज्यों की तरह ही मध्य प्रदेश में भी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें राज्य सरकार के अलग-अलग जनप्रतिनिधि हिस्सा लेकर झंडावंदन करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बारे में जानकारी देते हुए एक पत्र जारी किया है और बताया है कि इस साल होने वाले जिलास्तरीय आयोजनों कौन से प्रतिनिधि कहां पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। राज्य के सभी कलेक्टरों के नाम पर जारी इस पत्र में बताया गया है कि राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय कार्यक्रमों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उप मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्यमंत्री और कलेक्टर किन जिला मुख्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। मध्य प्रदेश में 26 जनवरी पर मनाए जाने वाले भारत के गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरो शोर से चल रही है। इस दिन प्रदेशभर के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें राज्य सरकार के अलग-अलग जनप्रतिनिधि हिस्सा लेकर झंडावंदन करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सूची जारी करते हुए बताया है कि, इस साल होने वाले जिलास्तरीय आयोजनों में कौन किस जिले में राष्ट्रीय ध्वज फहराएगा। प्रदेश के सभी कलेक्टरों के नाम पर जारी इस लिस्ट में बताया गया है कि, राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय कार्यक्रमों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उप मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्यमंत्री और कलेक्टर किन जिला मुख्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे राज्यपाल विभाग की ओर से जारी सूची क अनुसार, राज्यपाल मंगुभाई पटेल राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में होने वाले मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने गृह नगर उज्जैन में होने वाले आयोजन में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इसके अलावा, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर जिले में ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। पत्र के अनुसार, प्रदेश के 23 जिले ऐसे भी हैं, जहां पर स्थानीय कलेक्टर ही ध्वज फहराएंगे। जबकि, शेष में जनप्रतिनिधी झंडावंदन करेंगे। किस जिले में कौनसा मंत्री फहराएगा ध्वज -इंदौर : जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री -सागर : राजेन्द्र शुक्ल, उप मुख्यमंत्री -रतलाम : कुंवर विजय शाह, मंत्री -रीवा : प्रहलाद सिंह पटेल, मंत्री -छिंदवाडा : राकेश सिंह, मंत्री -सिवनी : करण सिंह वर्मा, मंत्री -कटनी : उदय प्रताप सिंह, मंत्री -जबलपुर : सम्पतिया उईके, मंत्री -बुरहानपुर : तुलसीराम सिलावट, मंत्री -दतिया : एदल सिंह कंषाना, मंत्री -नीमच : निर्मला भूरिया, मंत्री -गुना : गोविन्द सिंह राजपूत, मंत्री -खरगोन : विश्वास सारंग, मंत्री -शाजापुर : नारायण सिंह कुशवाह, मंत्री -आगर मालवा : नागर सिंह चौहान, मंत्री -शिवपुरी : प्रद्युम्न सिंह तोमर, मंत्री -अशोकनगर : राकेश शुक्ला, मंत्री -राजगढ़ : चेतन्य काश्यप, मंत्री -दमोह : इंदर सिंह परमार, मंत्री -सीहोर : कृष्णा गौर, राज्यमंत्री -खंडवा : धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, राज्यमंत्री -मंडला : दिलीप जायसवाल, राज्यमंत्री -बड़वानी : गौतम टेटवाल, राज्यमंत्री -विदिशा : लखन सिंह पटेल, राज्यमंत्री -रायसेन : नारायण सिंह पंवार, राज्यमंत्री -नर्मदापुरम : नरेंद्र शिवाजी पटेल, राज्यमंत्री -डिंडौरी : प्रतिमा बागरी, राज्यमंत्री -अनूपपुर : दिलीप अहिरवार, राज्यमंत्री -मैहर : राधा सिंह, राज्यमंत्री इन 23 जिलों में कलेक्टर ध्वज फहराकर पढ़ेंगे सीएम का संदेश 1-देवास, 2-धार, 3-झाबुआ, 4-अलीराजपुर, 5-मुरैना, 6-मंदसौर, 7-श्योपुर, 8-भिंड, 9-सीधी, 10-सतना, 11-मऊगंज, 12-शहडोल, 13-उमरिया, 14-पन्ना, 15-छतरपुर, 16-टीकमगढ़, 17-निवाड़ी, 18-बैतूल, 19-हरदा, 20-सिंगरौली, 21-नरसिंहपुर, 22-बालाघाट, 23-पांढुर्णा।

प्रदेश के युवाओं को बड़ा झटका: छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग की सब-इंस्पेक्टर नियुक्ति रद्द

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के युवाओं को बड़ा झटका दिया है। राज्य सरकार ने आबकारी विभाग में उपनिरीक्षक पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों के आदेश को रद्द करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विभागीय स्तर पर आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। हालांकि, आदेश में नियुक्ति निरस्त करने के पीछे की ठोस वजहों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे चयनित अभ्यर्थियों में असमंजस और नाराजगी का माहौल बन गया है। तकनीकी कारणों का हवाला, लेकिन वजह स्पष्ट नहीं जारी पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2024 की चयन सूची के अनुसार अनुशंसित आबकारी उप निरीक्षक पदों पर कार्यालयीन आदेश से जारी नियुक्ति को “तकनीकी कारणों” के चलते निरस्त किया जाता है। हालांकि, इन तकनीकी कारणों की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसी वजह से चयनित उम्मीदवारों के साथ-साथ विपक्षी दल भी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। 85 चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2024 के माध्यम से आबकारी विभाग में कुल 85 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए साल की शुरुआत में अभ्यर्थियों के शारीरिक मापदंडों की जांच, प्रमाण पत्र सत्यापन और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया प्रस्तावित थी। लेकिन नियुक्ति आदेश निरस्त होने से अब इन सभी युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। युवाओं में नाराजगी, सरकार से स्पष्टीकरण की मांग नियुक्ति रद्द होने की खबर सामने आते ही चयनित अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। कई उम्मीदवारों ने सरकार से तत्काल स्पष्ट कारण बताने और जल्द समाधान निकालने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबी परीक्षा प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस तरह का फैसला न केवल मानसिक आघात पहुंचाने वाला है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय भी है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम और संभावित स्पष्टीकरण पर टिकी हुई हैं।