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इन्वेस्टर्स समिट, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और चार ग्राउंडब्रेकिंग समारोहों से यूपी बना देश का सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्य

यूपी दिवस विशेष प्रदेश में निवेश के नए युग का आगाज, एमओयू से ग्राउंड ब्रेकिंग तक ऐतिहासिक प्रगति इन्वेस्टर्स समिट, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और चार ग्राउंडब्रेकिंग समारोहों से यूपी बना देश का सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्य रिकॉर्ड निवेश से औद्योगिक आधार का विस्तार, कारखानों, रोजगार और उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, लेदर, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स हब के जरिए संतुलित क्षेत्रीय विकास राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत समग्र योजना, तेज क्रियान्वयन और जनपद स्तर तक इंटीग्रेशन आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के साथ रक्षा कॉरिडोर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का विस्तार लखनऊ योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बीते पौने नौ वर्षों में विकास की वह यात्रा तय की है, जो वर्ष 2017 से पहले कल्पना से परे थी। एक समय निवेशकों के लिए अविश्वसनीय माना जाने वाला प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा निवेश गंतव्य बन चुका है। वर्ष 2018 की पहली इन्वेस्टर्स समिट से लेकर 2023 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तक योगी सरकार ने निवेश को सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि ग्राउंड ब्रेकिंग और क्रियान्वयन के मजबूत मॉडल के जरिए उसे धरातल पर उतारा। प्रदेश में अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली 16 हजार से ज्यादा परियोजनाओं का शिलान्यास हो चुका है, जिनमें से हजारों परियोजनाएं व्यावसायिक रूप से संचालित होकर लाखों युवाओं को रोजगार दे रही हैं।  प्रधानमंत्री गति शक्ति मास्टर प्लान, डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर नीति, आईटी–आईटीईएस, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में किए गए सुनियोजित प्रयासों ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की छवि से निकालकर भारत के औद्योगिक विकास का अगुआ बना दिया है। कानून-व्यवस्था, पारदर्शिता और समयबद्ध निर्णयों के साथ योगी सरकार ने यह साबित किया है कि उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं का नहीं, बल्कि संभावनाओं को परिणाम में परिवर्तित करने वाला राज्य है। भरोसे की बहाली से निवेश की बहार तक उत्तर प्रदेश का कायाकल्प वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान कमजोर कानून-व्यवस्था, निवेशकों की उदासीनता और अधूरी परियोजनाओं से जुड़ी थी। उद्योग लगाने में वर्षों लग जाते थे, फाइलें दफ्तरों में अटकी रहती थीं और रोजगार की तलाश में युवा प्रदेश से बाहर पलायन करने को मजबूर थे। इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक पार्क और आधुनिक लॉजिस्टिक्स की कमी ने राज्य की अर्थव्यवस्था को जकड़ रखा था। वर्ष 2017 में सत्ता संभालते ही योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले कानून-व्यवस्था, पारदर्शिता और गुड गवर्नेंस को प्राथमिकता दी। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, ‘इन्वेस्ट यूपी’ और ‘निवेश सारथी’ जैसे प्लेटफॉर्म्स ने निवेशकों का भरोसा लौटाया। वर्ष 2018 की इन्वेस्टर्स समिट से शुरू हुई यह यात्रा 2023 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तक ₹45 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों तक पहुंची है और अब भी निरंतर जारी है।  घोषणाओं से आगे ग्राउंड ब्रेकिंग का मॉडल योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि निवेश सिर्फ एमओयू तक सीमित नहीं रहे। अब तक चार ग्राउंडब्रेकिंग समारोहों के जरिए 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली 16,000 से ज्यादा परियोजनाओं का शिलान्यास हो चुका है। इनमें 8,300 से अधिक परियोजनाओं का व्यावसायिक संचालन प्रारंभ हो चुका है, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिला है। योगी सरकार की औद्योगिक नीति ने कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रहने के बजाय सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, लेदर, फूड प्रोसेसिंग, प्लास्टिक, परफ्यूम, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विविध क्षेत्रों को समान रूप से बढ़ावा दिया। पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, मेगा लेदर क्लस्टर, फूड पार्क और फ्लैटेड फैक्ट्री मॉडल ने छोटे-मध्यम निवेशकों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा। आज देश के 65% से अधिक मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं और लखनऊ-नोएडा जैसे शहर उभरते टेक हब बन चुके हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर और गति शक्ति से मिली विकास को रफ्तार प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के साथ उत्तर प्रदेश ने योजना, भूमि उपयोग और परियोजना क्रियान्वयन को एकीकृत किया। एक्सप्रेसवे-आधारित औद्योगिक क्लस्टर, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब, ट्रांस-गंगा सिटी और ग्रेटर नोएडा निवेश क्षेत्र ने राज्य को इंफ्रास्ट्रक्चर-ड्रिवन इकोनॉमी की दिशा में अग्रसर किया। जिला स्तर तक डेटा-आधारित योजना आज उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुकी है। उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस इंटीग्रेशन सुविधा, अदानी डिफेंस जैसी मेगा यूनिट्स ने राज्य को राष्ट्रीय सुरक्षा उत्पादन का केंद्र बनाया। वहीं डेटा सेंटर नीति, आईटी-आईटीईएस विस्तार और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) के जरिए उत्तर प्रदेश डिजिटल और नॉलेज इकॉनमी का नया हब बन रहा है। यह बदलाव केवल निवेश नहीं, बल्कि भविष्य की नौकरियों और तकनीकी नेतृत्व का आधार है। बुंदेलखंड से पूर्वांचल तक विकास का समावेशी मॉडल बुंदेलखंड, पूर्वांचल व तराई क्षेत्रों में औद्योगिक पार्कों की स्थापना साबित करती है कि योगी सरकार का विकास मॉडल केवल पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं। वर्ष 2017 के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय संतुलन के साथ औद्योगिकीकरण साकार हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने यह साबित कर दिया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति, सख्त प्रशासन और स्पष्ट विजन से किसी भी राज्य की तस्वीर बदली जा सकती है। यूपी अब बीते कल की चुनौतियों में नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं में जी रहा है। एक ऐसा प्रदेश, जो भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने को तैयार है।

बिहार में दारोगा परीक्षा में 20 लाख में सेटिंग वाले गिरोह का भंडाफोड़

सहरसा. प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग-गेटिंग बिहार के लिए कोई नहीं बात नहीं है। बुधवार को आयोजित दारोगा परीक्षा में सेटिंग की तैयारी थी। हालांकि, सहरसा पुलिस ने परीक्षा से पहले ही इस रैकेट के आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूरी मामले की पोल खोल दी। इसमें एक महिला भी है। महिला के पास से कई चेक और परीक्षा से संबंधित कागजात भी जब्त किया गया है। पुलिस फिलहाल पूछताछ कर रही है। जानकारी अनुसार गुरूवार को पुलिस को सूचना मिली कि बाहर से कुछ बदमाश जिले में आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए जमा हो रहे हैं। इसको लेकर पुलिस सर्तक थी और गश्त चल रही थी। इसी दौरान सहरसा-बनगांव पथ में पुलिस ने एक स्कॉर्पियो को शक के आधार पर रोका। इस पर सवार चार युवकों से पुलिस ने पूछताछ करनी शुरू दी। पूछताछ के दौरान सभी युवक अलग-अलग बात बताने लगे। संदेह होने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो बताया गया कि दारोगा परीक्षा के लिए पूर्णिया जा रहे हैं। पूर्णिया जाने की बात जानने पर पुलिस का संदेह और बढ़ गया और उन चारों को गाड़ी चालक के साथ हिरासत में ले लिया गया। थाना पर पूछताछ में युवकों ने बताया कि उन्हें दारोगा परीक्षा पास कराने के लिए प्रश्न-उत्तर आज मिलना था। इसके लिए ही वो सभी जा रहे थे। बीस लाख में हुआ था सौदा पकड़े गये युवकों ने बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए बीस लाख रुपये में सौदा हुआ था। सभी अभ्यर्थी को बनगांव थाना क्षेत्र के रहुआ मणि के पास लाया गया था। जहां से किसी स्थान पर लेकर जाकर इन्हें अन्य परीक्षार्थियों के साथ प्रश्न उत्तर दिया जाना था। हालांकि युवकों को किस स्थान पर जाना था यह उन्हें नहीं पता था। दौलत कुमार है किंग पिन पूछताछ में पुलिस को इस रैकेट के सरगना बनमा इटहरी थाना क्षेत्र के सरबेला महारस के रमानंद ठाकुर उर्फ दौलत कुमार की जानकारी मिली। दौलत कुमार की तलाश में पुलिस जुट गयी। जांच के दौरान पता चला कि इसकी पत्नी भी आज होने वाली परीक्षा में शामिल हुई है। पुलिस ने उसकी पत्नी को परीक्षा केंद्र के बाहर दबोच लिया। महिला की जांच के दौरान उसके बैग से कुछ चेक और परीक्षार्थियों के परीक्षा से संबंधित कागजात बरामद हुए। दौलत का भाई और साला दे चुका है परीक्षा सेटिंग के सरगना दौलत कुमार की पत्नी मुंगेर जिला पुलिस बल में सिपाही पद पर पदस्थापित है। जांच में यह सामने आया है कि दौलत का भाई 18 जनवरी को हुई दारोगा परीक्षा में मुंगेर जिले में परीक्षा दे चुका है। वहीं, दौलत का साला बुधवार को हुए परीक्षा में मधेपुरा में परीक्षा दे चुका है।

हनीट्रैप की आरोपी वकील को तीसरी बार भी जमानत नहीं

पानीपत. सरकारी अस्पताल में तैनात सीनियर मलेरिया इंस्पेक्टर को हनीट्रैप में फंसाकर लाखों रुपये वसूलने के मामले में आरोपित महिला वकील की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अदालत ने धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोपों में घिरी आरोपित वकील की तीसरी जमानत याचिका भी खारिज कर दी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की अदालत ने मामले की गंभीरता और गवाहों के बयानों को आधार बनाते हुए आरोपित को राहत देने से साफ इनकार कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि केवल चालान पेश हो जाना जमानत का आधार नहीं हो सकता, जबकि अभी मामले में आरोप तय होना और गवाहों के बयान दर्ज होना बाकी हैं। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपित को गलत फंसाए जाने और जांच पूरी होने की दलील दी, वहीं अभियोजन पक्ष ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपित ने सुनियोजित साजिश के तहत हनीट्रैप कर शिकायतकर्ता से मोटी रकम वसूलने की कोशिश की। जमानत मिलने पर गवाहों को प्रभावित करने की भी आशंका जताई गई थी। वहीं, तीसरी बार तय तारीख को शादी न होने से सगाई टूटने की बात कहकर बचाव पक्ष ने जमानत याचिका दाखिल की थी। लेकिन अभियोजन पक्ष के विरोध के बाद अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। शिकायत के अनुसार, पहले पहचान और दोस्ती बढ़ाई गई, फिर बहाने से फ्लैट पर बुलाकर कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाया। इसके बाद आपत्तिजनक हालात बनाकर वीडियो और झूठे केस की धमकी देकर 11 लाख रुपये की मांग की गई, बाद में चार लाख में मामला निपटाने का दबाव बनाया गया। पीड़ित की शिकायत पर सात जुलाई को थाना पुराना औद्योगिक पुलिस ने मामला दर्ज कर तीन आरोपितों को जेल भेज दिया था।

पंजाब में ‘ऑपरेशन प्रहार’ में बदमाशों के 2500 मददगार किए डिटेन

फरीदकोट. पंजाब सरकार द्वारा पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए अपने अभियान जारी है।  पंजाब पुलिस टीमों ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन 72 घंटे लंबे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत विदेश में बैठे गैंगस्टरों से जुड़े पहचाने गए और मैप किए गए ठिकानों पर छापे मारे। मंगलवार को गैंगस्टरों के खिलाफ पूरी तरह से मोर्चा खोलते हुए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने 72 घंटे लंबे अभियान 'ऑपरेशन प्रहार' की शुरुआत की थी, जिसके तहत संगठित अपराध के इकोसिस्टम को खत्म करने के लिए राज्य भर में लगभग 12,000 कर्मियों वाली 2000 से अधिक पुलिस टीमों को तैनात किया गया था। 1186 मददगारों को पकड़ा ऑपरेशन के दूसरे दिन का हाल शेयर करते हुए स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (स्पेशल DGP) लॉ एंड ऑर्डर अर्पित शुक्ला, जिन्होंने चल रही कार्रवाई की निगरानी के लिए व्यक्तिगत रूप से मोहाली का दौरा किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दूसरे दिन राज्य भर में विदेश में बैठे गैंगस्टरों के 1186 सहयोगियों और मददगारों को पकड़ा गया है, जिससे कुल संख्या 2500 हो गई है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन प्रहार के पहले दिन 1314 लोगों को पकड़ा गया था। स्पेशल DGP अर्पित शुक्ला ने कहा कि संगठित अपराध को समर्थन देने वाले सपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह से खत्म करने के लिए वित्तीय नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स, हथियार आपूर्ति और संचार लिंक सहित विभिन्न पहलुओं से गहन जांच चल रही है। पुलिस ने की इनाम की घोषणा नागरिकों से संगठित अपराध के खिलाफ अभियान में सक्रिय रूप से समर्थन करने का आग्रह करते हुए, स्पेशल DGP अर्पित शुक्ला ने कहा कि लोग वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों से संबंधित जानकारी गुमनाम रूप से रिपोर्ट कर सकते हैं। इसके साथ ही एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से अपराध और आपराधिक गतिविधि के बारे में टिप्स भी साझा कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि गैंगस्टरों की गिरफ्तारी की ओर ले जाने वाली जानकारी के लिए 10 लाख रुपये तक का नकद इनाम दिया जाएगा।

धर्मांतरण को लेकर लोगों के साथ मारपीट कर गांव से भगाया

नारायणपुर. अबूझमाड़ क्षेत्र में ओरछा ब्लॉक के ईकनार गांव में धर्मांतरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि कुछ ग्रामीणों ने गांव में मतांतरित दो परिवारों के 16 लोगों के साथ मारपीट कर उन्हें गांव से भगा दिया गया। इतना ही नहीं, पीड़ित परिवारों के घर तोड़ दिए गए। साथ ही राशन सामग्री और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। बता दें कि इससे पहले आमाबेड़ा गांव में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी और अब ईकनार गांव में सनसनी फैला दी है। मारपीट में घायल परिवार के सदस्य किसी तरह जान बचाकर ओरछा ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई है। गांव में सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है और हालात पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल मौके पर तनाव बरकरार है। 

SC का बड़ा आदेश: धार भोजशाला में बसंत पंचमी पर पूजा और नमाज के लिए अलग-अलग टाइमिंग निर्धारित

धार  मध्य प्रदेश के धार जिले में विवादित भोजशाला में बसंत पंचमी के दिन पूजा के साथ नमाज भी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अहम फैसला देते हुए कहा कि हिंदुओं को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करने की अनुमति होगी। वहीं, मुसलमानों को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक शुक्रवार की नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने भोजशाला में पूजा-अर्चना के लिए कानून व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया और कुछ उपाय भी सुझाए। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि विवादित भोजशाला में नमाज के लिए आने वाले मुस्लिम समुदाय के व्यक्तियों की संख्या जिला प्रशासन को बताई जाए। हिंदू समुदाय भोजशाला को वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद कहता है। एएसआई की 7 अप्रैल 2003 को जारी व्यवस्था के मुताबिक हिंदुओं को हर मंगलवार को भोजशाला में पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुसलमान हर शुक्रवार यहां नमाज पढ़ सकते हैं। पिछले 23 सालों से यह व्यवस्था है। इस बार शुक्रवार के दिन ही बसंत पंचमी होने की वजह से प्रशासन के लिए सामने चुनौती खड़ो हो गई है। दरअसल, हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से दायर की गई याचिका में आगामी बसंत पंचमी (23 जनवरी 2026, शुक्रवार) को भोजशाला में केवल हिंदुओं को मां सरस्वती की पूजा की अनुमति देने और मुस्लिम समुदाय को नमाज अदा करने से रोकने की मांग की थी. याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने हिंदू पक्ष को बसंत पंचमी पर पूरे दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) पारंपरिक अनुष्ठान करने की अनुमति दे दी है, लेकिन नमाज के समय (1-3 बजे) स्थान उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है.  इसके बाद CJI ने महाधिवक्ता से पूछा कि क्या आप ये व्यवस्थाएं कर पाएंगे? इस पर महाधिवक्ता ने कहा कि इससे पूजा पूरे दिन जारी रह सकती है. मुस्लिम पक्ष को देनी होगी अनुमानित संख्या इसके अलावा कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को गुरुवार शाम तक धार के जिला मजिस्ट्रेट को नमाज के लिए आने वाले लोगों की अनुमानित संख्या बतानी होगी, ताकि पास जारी हो सकें और प्रवेश-निकास की व्यवस्था हो सके. अदालत ने दोनों पक्षों से अपील की कि वे आपसी सम्मान, सहिष्णुता और सहयोग दिखाएं तथा प्रशासन के साथ मिलकर शांति बनाए रखें. पहले भी चुका है ऐसा वहीं, कोर्ट में सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने कहा कि मुख्य याचिका पहले ही अप्रभावी हो चुकी है और ये आवेदन एक लंबित मामले में दायर किया गया है. उन्होंने अदालत को बताया कि पहले की व्यवस्थाओं के अनुसार कानून-व्यवस्था के इंतजाम किए जा सकते हैं. साथ ही एएसजी और महाधिवक्ता ने आश्वासन दिया कि पहले की तरह पूरी व्यवस्था की जाएगी.   मस्जिद कमेटी की ओर से पेश हुए खुर्शीद दूसरी ओर मस्जिद कमेटी की ओर से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने दलील दी कि पहले भी तीन बार बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हिंदू पक्ष को तीन घंटे तक पूजा की अनुमति दी है. उन्होंने कहा, 'ऐसा ही दोबारा होने दिया जाए. जुमा की नमाज दोपहर एक से तीन बजे तक होती है, हम 3 बजे तक जगह खाली कर देंगे. हम न्यूनतम समय मांग रहे हैं और खुशी से समायोजन करने को तैयार हैं. पूजा बाहर भी जारी रह सकती है.' हिंदू पक्ष का तर्क एएसआई की ओर से पेश वकील ने बताया कि पूजा का मुहूर्त दोपहर 1 बजे तक है और वे हिंदू पक्ष को अनुमति दे सकते हैं. हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने जोर देकर कहा कि पूजा-अनुष्ठान सूर्योदय से सूर्यास्त तक होना चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि यदि नमाज शाम 5 बजे कर ली जाए तो हिंदू पक्ष पूजा पूरी कर 5 बजे जगह खाली कर देगा. उन्होंने कोर्ट को बताया कि पंडाल-बैरिकेड लगाए जा सकते हैं, जबकि मुख्य प्रवेश द्वार साझा रहेगा तो न्यायमूर्ति जे. बागची ने कहा कि एक तरफ हवन कुंड रखा जाए और दूसरी तरफ नमाज के लिए विभाजन किया जाए, क्या ये संभव है? इससे पहले वर्ष 2016 में भी बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन थी। तब भोजशाला में पूजा और नमाज के समय को लेकर विवाद हुआ था और स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन और झड़पें हुई थीं। इस बार प्रशासन ने पहले से ही यहां सुरक्षा बढ़ा दी है।

शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पोती का नाम रखा इस देवी के नाम पर, जानें उसका अर्थ

भोपाल  मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय पिता बन गए. उनकी पत्नी अमानत ने एक बेटी को जन्म दिया. इसी खुशी में शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार की रात को अपने X हैंडल पर अपनी पोती से जुड़ा एक भावुक वीडियो शेयर किया. उस पोस्ट में शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि, 'हमारे घर आज लाडली लक्ष्मी आई है. कार्तिकेय पिता बन गए और अमानत मां. कोकिला अब दादी जी हैं और मां दादा. कुणाल और ऋद्धि चाचा और चाची. अनुपम जी नाना, रुचिता जी नानी और आर्यन मामा. 2025 में हमारे घर दो बेटियां आईं- अमानत और ऋद्धि. 2026 में फिर बेटी इला का शुभ आगमन हुआ. स्वागतम लक्ष्मी.' पोती का नाम रखा है 'इला', ये है मतलब शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पोती का नाम इला रखा है. यह नाम संस्कृत से लिया गया है, जिसका अर्थ मुख्य रूप से पृथ्वी, वाणी और उर्वरता की देवी से जुड़ा है, जो वैदिक साहित्य में 'इदा' के रूप में भी जानी जाती हैं और सरस्वती तथा भारती के साथ पूजी जाती हैं. पुराणों के अनुसार, इला वैवस्वत मनु की पुत्री और बुध देवता की पत्नी हैं, जिनसे पुरूरवा का जन्म हुआ. आसान शब्दों में कहें तो इला का संबंध शक्ति, पवित्रता और सुंदरता से है. संस्कृत के अलावा यह नाम हिब्रू, और फिनिश जैसी विभिन्न भाषाओं से जुड़ा है, जहां इन्हें शक्ति, सहनशक्ति और आनंद का प्रतीक माना जाता है. शिवराज सिंह चौहान बने दादा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान दादा बन गए हैं। उनके बड़े बेटे कार्तिकेय और बहू अमानत के घर बेटी का जन्म हुआ है। पूर्व सीएम ने अपने घर आई इस खुशखबरी को सोशल मीडिया पर शेयर किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने अपनी पोती का नाम भी बताया। उन्होंने बताया कि उनके घर लाडली लक्ष्मी आई है और कार्तिकेय पिता बन गए हैं और अमानत मां बन गई हैं। चौहान ने बताया कि कोकिला अब दादी जी हैं और मैं दादा। साथ ही कुणाल और ऋद्धि अब चाचा-चाची बन गए हैं। शिवराज ने आगे बताया कि पिछले साल हमारे घर दो बेटियां आई अमानत और ऋद्धि, वहीं अब तीसरी बेटी आई है। अपनी इस पोस्ट में उन्होंने अपनी पोती के नाम का खुलासा भी कर दिया। उन्होंने बताया कि 2026 में बेटी इला का शुभ आगमन हुआ है। दादी खुशी से बोलीं- लाडली लक्ष्मी आई है अपनी पोस्ट के साथ शिवराज ने जो वीडियो शेयर किया, उसमें डॉक्टर उनकी पोती को लेकर गोद में लेकर आते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि बैकग्राउंड में गायत्री मंत्र का उच्चारण करते हुए कृषि मंत्री की आवाज सुनाई दे रही है। इस दौरान वहां पर दोनों परिवारों के सदस्य मौजूद दिखाई दे रहे हैं। शिवराज के बेटे कार्तिकेय बेटी को सबसे पहले गोद में लेते हैं और उसके कान में कुछ सुनाते हैं। इसी दौरान दादी बनी साधना चौहान खुशी से उछलते हुए कहती हैं हमारे घर लाडली लक्ष्मी आई है। पोती के कान में दादू ने सुनाया गायत्री मंत्र इसके बाद डॉक्टर बेटी का नाम पूछती हैं तो कार्तिकेय उन्हें इला नाम बताते हैं। इसके बाद पहले कार्तिकेय और फिर दादू बने शिवराज सिंह चौहान अपनी पोती के कानों में गायत्री मंत्र सुनाते हैं। बता दें कि शिवराज सिंह चौहान के दो बेटे हैं, जिनमें से बड़े बेटे का नाम कार्तिकेय और छोटे बेटे का नाम कुणाल है। कार्तिकेय की शादी पिछले साल 6 मार्च को जोधपुर के भव्य उम्मेद भवन पैलेस में लिबर्टी शू कंपनी के डायरेक्टर अनुपम बंसल की बेटी अमानत बंसल से हुई थी। इस समारोह के बाद दिल्ली में एक ग्रैंड रिसेप्शन भी रखा गया था। जिसमें राजनीति और उद्योग जगत की कई हस्तियां शामिल हुई थीं। शिवराज सिंह ने दिखाई अपनी पोती की पहली झलक हॉस्पिटल से सामने आए वीडियो में शिवराज सिंह का पूरा परिवार बहुत ही खुश नजर आ रहा है. जैसे ही ऑपरेशन थिएटर से बच्ची को बाहर लाया गया, अस्पताल में खुशी का माहौल बन गया. दादी साधना सिंह अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाईं और खुश होते हुए बोलीं कि, 'घर में लक्ष्मी आई है'. पापा बने कार्तिकेय ने बेटी को अपनी गोद में उठाते हुए उसका नाम 'इला' रखा. गायत्री मंत्र से किया पोती इला का स्वागत वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि पोती के बाहर आते ही शिवराज सिंह चौहान गायत्री मंत्र का जाप करते हुए दिख रहे हैं. उसके बाद पोती को गोद में लेने के बाद भी शिवराज सिंह ने उसके कान में एक बार फिर गायत्री मंत्र पढ़ा. कार्तिकेय भी अपनी बेटी को थामे हुए मंत्रों का जप करते नजर आए. 

हरियाणा में गणतंत्र दिवस से पहले रोहतक में हाई अलर्ट

रोहतक. गणतंत्र दिवस के मद्देनजर पुलिस की ओर से जिले भर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस की अलग-अलग टीमों ने होटल, ढाबों, धर्मशालाओं और अन्य ठहरने के स्थानों पर गहन जांच की। पुलिस ने यहां ठहरे हुए लोगों की पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस अधिकारियों ने होटल व धर्मशाला संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि वे किसी भी व्यक्ति को ठहराने से पहले उसकी पहचान पत्र (आधार कार्ड आदि) की फोटोकापी अवश्य लें और उसे अपने रिकार्ड में सुरक्षित रखें। बिना आईडी सत्यापन के किसी को भी कमरा देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही निर्देश दिए गए कि सभी आगंतुकों का पूरा नाम, पता और संपर्क विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाए। गणतंत्र दिवस को ध्यान में रखते हुए थाना व चौकी प्रभारियों के नेतृत्व में अपने-अपने क्षेत्रों में सर्चिंग व काम्बिंग अभियान भी चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और आवश्यकतानुसार उनकी तस्दीक संबंधित थानों से कराई जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या वाहन नजर आए तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना, चौकी या डायल 112 पर दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

महाधिरानी कामसुंदरी देवी के श्राद्धकर्म में शामिल होंगे राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां

दरभंगा. दरभंगा महाराजाधिराज स्व. कामेश्वर सिंह की तीसरी एवं अंतिम पत्नी महाधिरानी कामसुंदरी देवी के श्राद्धकर्म में शामिल होने के लिए आज बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां दरभंगा पहुंचेंगे। राज्यपाल सुबह 11 बजे दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से वे सड़क मार्ग से कल्याणी निवास जाएंगे। राज्यपाल कल्याणी निवास में करीब 30 मिनट तक रुकेंगे और इसके बाद पुनः एयरपोर्ट पहुंचकर पटना के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल के आगमन को लेकर एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। श्राद्धकर्म कार्यक्रम से पूर्व ही कल्याणी निवास में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय सहित कई गणमान्य अतिथि पहुंच चुके हैं। कौन थीं महारानी कामसुंदरी देवी? महारानी कामसुंदरी देवी दरभंगा के अंतिम शासक महाराजाधिराज स्व. कामेश्वर सिंह की तीसरी एवं अंतिम पत्नी थीं। उन्हें ‘महारानी कल्याणी’ के नाम से भी जाना जाता था। वे भारत में ‘महाधिरानी’ की उपाधि धारण करने वाली अंतिम जीवित व्यक्ति मानी जाती थीं। महारानी ने अपने पति की स्मृति में महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना की थी। इसके माध्यम से उन्होंने मिथिला की सांस्कृतिक, साहित्यिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने महाराजा की निजी लाइब्रेरी को आम जनता और शोधकर्ताओं के लिए खोलकर उल्लेखनीय कार्य किया। महारानी कामसुंदरी देवी का निधन 12 जनवरी 2026 (सोमवार) को तड़के सुबह दरभंगा स्थित कल्याणी निवास में हुआ। उनकी आयु 94 से 96 वर्ष के बीच बताई जा रही है। वे पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ थीं। सितंबर 2025 में गिरने के बाद उन्हें ब्रेन हेमरेज की गंभीर समस्या हो गई थी। उनका अंतिम संस्कार दरभंगा के शाही श्यामा माई मंदिर परिसर (माधेश्वर परिसर) में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

CS अनुराग जैन का कड़ा संदेश: कलेक्टर-SP को दिया अल्टीमेटम, अब नहीं चलेगी मनमानी

भोपाल  मध्यप्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी को मुख्य सचिव अनुराग जैन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है – अफसर सुधरें, जनता के काम रुकने नहीं चाहिए, नहीं तो अंजाम ठीक नहीं होगा।” कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के तहत वर्चुअल समीक्षा के दौरान CS जैन ने संभागायुक्त, कलेक्टर, DIG, पुलिस कमिश्नर और SP को दो-टूक निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि जिलों में किसी भी तरह का अवैध काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, खासकर अवैध खनन पर तत्काल और सख़्त कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी साफ किया कि CM हेल्पलाइन की शिकायतों के निपटारे में लापरवाही मुख्यमंत्री को नाराज़ कर रही है। अवैध खनन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर फटकार CS जैन ने समीक्षा में पाया कि कई जिलों में अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है। भिंड जिले का उदाहरण देते हुए उन्होंने SP से सीधा सवाल किया – पुलिस का डर कहां है? ऐसे नहीं चलेगा। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को लेकर भी नाराज़गी जताई। भिंड से बड़ी संख्या में नवजातों को ग्वालियर रेफर किए जाने पर कलेक्टर को निर्देश दिए कि जिले में ही बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। एयर एंबुलेंस में भी बड़ा अंतर समीक्षा में सामने आया कि रीवा (44), जबलपुर (21), भोपाल (14), छतरपुर (11) और ग्वालियर (5) ने एयर एंबुलेंस सेवा का उपयोग किया जबकि 32 जिलों ने एक भी बार सेवा नहीं ली, जिसे CS ने गंभीर लापरवाही माना जिलों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड ST-SC मामलों में मुआवजा वितरण अव्वल: जबलपुर, सीहोर, राजगढ़ पिछड़े: विदिशा, मऊगंज, भोपाल शहरी सड़क हादसों में कमी आगे: बैतूल, रतलाम, आगर मालवा   पिछड़े: गुना, डिंडौरी, मैहर, मुरैना, श्योपुर, सीधी, अनूपपुर, दमोह, इंदौर, विदिशा, टीकमगढ़ नामांतरण प्रकरण निपटारा अव्वल: दतिया, हरदा, बड़वानी, बालाघाट, खंडवा पीछे: दमोह, सीधी सीमांकन व बंटवारा प्रकरण  आगे: मंडला, बड़वानी, छतरपुर, अशोकनगर पीछे: मैहर, टीकमगढ़, सीधी एक बगिया मां के नाम योजना आगे: खंडवा, सिंगरौली  पीछे: सतना, मुरैना राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम  टॉप: इंदौर, देवास पिछड़े: भोपाल, ग्वालियर नर्मदा परिक्रमा पथ सीवरेज योजना आगे: अनूपपुर, नरसिंहपुर, खंडवा पीछे: खरगोन, नर्मदापुरम साफ संदेश: अब बहाने नहीं चलेंगे मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्पष्ट कर दिया कि अब कामकाज में लापरवाही, जनता की अनदेखी और अवैध गतिविधियों पर सीधे एक्शन होगा। अच्छा काम करने वाले अफसरों की पीठ थपथपाई गई, लेकिन पिछड़े जिलों को अंतिम चेतावनी भी दे दी गई।