samacharsecretary.com

मनेंद्रगढ़ जिले में ही दिव्यांगजनों को मिलेगा मेडिकल बोर्ड का लाभ

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर. जिले के नागरिकों—खासतौर पर दिव्यांगजनों और जरूरतमंद परिवारों—के लिए एक बेहद राहत भरी और उपयोगी पहल सामने आई है। शासन के निर्देशानुसार अब मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में जिला मेडिकल बोर्ड का नियमित संचालन शुरू होने जा रहा है। इससे लोगों को मेडिकल प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता आकलन और संबंधित प्रक्रियाओं के लिए अब दूर-दराज के जिलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।मेडिकल बोर्ड का संचालन तय कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। यह बोर्ड हर माह चार दिन कार्य करेगा। प्रथम एवं तृतीय गुरुवार को जिला चिकित्सालय, चिरमिरी में द्वितीय एवं चतुर्थ गुरुवार को 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल, मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल बोर्ड का समय प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित किया गया है। यदि किसी कारणवश निर्धारित तिथि पर शासकीय अवकाश रहता है, तो बोर्ड की बैठक अगले कार्य दिवस में आयोजित की जाएगी।स्थानीय विधायक और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि यह निर्णय समय, धन और परेशानियों की बचत करने वाला है। पहले जहां मेडिकल बोर्ड के लिए दूसरे जिलों की यात्रा करनी पड़ती थी, वहीं अब जिले में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में कार्य संपादित होगा। इससे खासकर दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और ग्रामीण अंचल के नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। आदेश के अनुसार मेडिकल बोर्ड में पदेन अध्यक्ष, चिकित्सा विशेषज्ञ सदस्य एवं सहकर्मी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे, जिससे कार्य पारदर्शी और सुचारु रूप से संपन्न हो सके। जिला मेडिकल बोर्ड का यह संचालन जिले की स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आमजन को सीधा और स्थायी लाभ मिलेगा।

बलौदाबाजार में मरीन ड्राइव की तर्ज पर बनी चौपाटी का भव्य शुभारंभ

रायपुर : बलौदाबाजार में मरीन ड्राइव की तर्ज पर चौपाटी का शुभारंभ राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया लोकार्पण रायपुर बलौदाबाजार नगर को एक नई शहरी पहचान देते हुए राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित बलौदाबाजार चौपाटी का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। चौपाटी का लोकार्पण छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब द्वारा पूजा-अर्चना एवं फीता काटकर किया गया। लोकार्पण के साथ ही चौपाटी आम नागरिकों के लिए खोल दी गई। स्वामी विवेकानंद सरोवर के किनारे विकसित हुआ आकर्षक चौपाटी परिसर नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार द्वारा शहर के हृदय स्थल स्वामी विवेकानंद सरोवर के किनारे सुंदर एवं आकर्षक चौपाटी का विकास किया गया है। इसके साथ ही सरोवर का सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्य भी पूर्ण किए गए हैं। चौपाटी शहर के लिए उपलब्धि – राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ विकसित यह चौपाटी बलौदाबाजार शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यहां शहरवासी मनोरंजन के साथ-साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। उन्होंने चौपाटी की सुंदरता बनाए रखने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और शासन विकास कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। इस अवसर पर मंत्री वर्मा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गीत गाकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध किया। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प में सबकी सहभागिता जरूरी – तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि रायपुर की तर्ज पर एक ही स्थान पर मनोरंजन एवं विविध व्यंजनों की सुविधा उपलब्ध कराने वाली यह चौपाटी नगरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को विकसित प्रदेश बनाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। चौपाटी में आधुनिक सुविधाओं का समावेश चौपाटी में एक आधुनिक फूड जोन विकसित किया गया है, जिसमें एक दर्जन से अधिक फूड स्टॉल एवं रेस्टोरेंट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों के लिए चिल्ड्रन प्ले एरिया, झूले एवं अन्य मनोरंजन साधन उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा एवं सुव्यवस्था के लिए पार्किंग व्यवस्था, फ्लोटिंग फाउंटेन, सेल्फी प्वाइंट, फ्लोटिंग जेट्टी, कांक्रीट सड़क एवं लॉन जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। नगरवासियों को मिला नया मनोरंजन केंद्र चौपाटी के शुभारंभ से शहरवासियों को मनोरंजन का एक नया केंद्र प्राप्त हुआ है। जहां युवा और बच्चे मनोरंजन का आनंद ले सकेंगे, वहीं बुजुर्ग नागरिक सरोवर के चारों ओर बने पाथ-वे पर वॉकिंग कर सकेंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना यादव, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, प्रमोद शर्मा, लक्ष्मी बघेल, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, नगर पालिका उपाध्यक्ष जितेंद्र महाले, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

5वीं की 16 और 8वीं की 17 मार्च से होगी वार्षिक परीक्षा

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक शिक्षा संचालनालय ने कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी जारी कर दी है. इस बार परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न में आयोजित की जाएगी. जारी एग्जाम शेड्यूल में  5वीं कक्षा की 16 मार्च और 8वीं कक्षा की 17 मार्च से वार्षिक परीक्षा (Final Examination Schedule) आयोजित होंगी. सुबह 9 बजे से दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू होंगी। हालांकि इसमें CBSE और ICSE स्कूलों के छात्र इन परीक्षाओं में शामिल नहीं होंगे. संचालनालय की ओर से इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को  निर्देश जारी कर दिया है. जारी टाइमटेबल के अनुसार, कक्षा 5वीं की परीक्षा कुल 50 अंकों की होगी, जिसमें 40 अंक लिखित परीक्षा के लिए और 10 अंक प्रोजेक्ट वर्क के लिए निर्धारित हैं. जबकि कक्षा 8वीं की परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी, जिसमें 80 अंक लिखित परीक्षा और 20 अंक प्रोजेक्ट वर्क के होंगे. कक्षा 5वीं की परीक्षा सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक और कक्षा 8वीं की परीक्षा सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक होगी.

मान सरकार ने दी राहत, गन्ने के लिए किसानों को मिलेगा 68.50 रुपए प्रति क्विंटल सब्सिडी

  चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक विशेष रूप से किसान-कल्याण के लिए फैसले लेने पर केंद्रित रही, जिसमें कैबिनेट द्वारा निर्धारित स्टेट एग्रीड प्राइस में से 68.50 रुपए प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी की मंजूरी दी गई। इससे पंजाब राज्य गन्ना किसानों को देश में गन्ने का सबसे अधिक भाव देने में लगातार अग्रणी बना हुआ है। यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न सुधारों के साथ लोगों की तंदुरुस्त स्वास्थ्य संबंधी पहलकदमियों और शहरी प्रशासन में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाने संबंधी मंजूरियां शामिल हैं, जो पंजाब सरकार की निर्णायक और परिणाम-आधारित पहुंच को दर्शाती हैं। मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि निजी चीनी मिलों की ओर से गन्ना किसानों को 2025-26 पिराई सीजन के लिए निर्धारित स्टेट एग्रीड प्राइस में से 68.50 रुपए प्रति क्विंटल सब्सिडी सीधे तौर पर अदा की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजाब पहले ही देश में गन्ने के लिए सबसे अधिक 416 रुपए प्रति क्विंटल स्टेट एग्रीड प्राइस दे रहा है, जो पिछले साल से 15 रुपए की वृद्धि दर्शाता है। यह पंजाब के गन्ना काश्तकारों को देश भर में सबसे अधिक भाव मिलना सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसानों के लिए आय सुरक्षा को और मजबूत करेगा। जन स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती पर निरंतर ध्यान केंद्रित करते हुए मंत्रिमंडल ने ‘सीएम दी योगशाला’ प्रोजेक्ट के अधीन योग ट्रेनरों के 1,000 अतिरिक्त पदों के सृजन को भी मंजूरी दे दी है। बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान इस पहल के लिए 35 करोड़ रुपए का बजट प्रबंध किया जाएगा, जिसका उद्देश्य एक स्वस्थ और तंदुरुस्त पंजाब का सृजन सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को मजबूती देने के एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने मुक्तसर जिले के गांव बादल, तरन तारन जिले के खडूर साहिब, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर जलालाबाद और फाजिल्का जिले के टर्शियरी केयर सेंटर को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीएफयूएचएस), फरीदकोट में पूरी तरह हस्तांतरित करने की मंजूरी भी दे दी है। इस हस्तांतरण से इन क्षेत्रों के निवासी यूनिवर्सिटी के उन्नत मेडिकल बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञता का लाभ उठाकर बेहतर इलाज और जांच सेवाओं तक पहुंच सकेंगे। मंत्रिमंडल ने पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर म्यूनिसिपल एक्ट, 2020 की धारा 4 के अधीन निर्देशों के गठन और नोटिफिकेशन को भी मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य पंजाब सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों और जन क्षेत्र के अन्य संस्थानों से संबंधित म्यूनिसिपल संपत्तियों को जन उद्देश्यों के लिए हस्तांतरित करने की सुविधा प्रदान करना है। ये फैसले राज्य भर में विकास परियोजनाओं को नई गति देने के साथ-साथ जमीन के वितरण में एकरूपता सुनिश्चित करने और सरकारी जमीन के दुरुपयोग को रोकने में विशेष रूप से सहायक होंगे। संबंधित जिले के डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व वाली एक कमेटी आवंटन प्रक्रिया की सिफारिश करेगी, जो राज्य सरकार की मंजूरी के अधीन होगी। जमीन संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के माध्यम से विकास में तेजी लाने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने म्यूनिसिपल सीमाओं के अंदर सभी सरकारी-लाइसेंसशुदा परियोजनाओं के अधीन स्थित खाली छोड़े गए या उपयोग में आने वाले रास्तों या जल मार्गों (खालों) की बिक्री या एक्सचेंज के जरिए हस्तांतरण के लिए भी नीति को मंजूरी दे दी। इस नीति का उद्देश्य विकास की संभावनाओं को तलाशना और शहरी योजना के परिणामों को बेहतर बनाना है। मंत्रिमंडल ने पीएपीआरए (पंजाब किफायती संपत्ति पंजीकरण अधिनियम) लाइसेंसशुदा परियोजनाओं के लिए समय अवधि 1 जनवरी, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक एक साल बढ़ाने को भी मंजूरी दे दी। यह वृद्धि प्रति एकड़ 25,000 रुपए की एक्सटेंशन फीस पर अधिकतम तीन साल की अवधि के लिए दी जाएगी और संबंधित सक्षम अधिकारियों द्वारा पहले लागू नियमों और शर्तों के अनुसार इसकी अनुमति दी जाएगी। शहरी विकास संबंधी एक अन्य फैसले में मंत्रिमंडल ने जनवरी 2026 के बाद नीलामी के लिए रखी जाने वाली प्रस्तावित संपत्तियों के लिए अतिरिक्त सतही क्षेत्र अनुपात के खर्च को निर्धारित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले फॉर्मूले को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही 20 फरवरी, 2025 को अधिसूचित ई-ऑक्शन नीति 2025 के पैरा 10.2 में संशोधनों को भी मंजूरी दी गई, जिससे भविष्य में विकास प्राधिकरणों द्वारा नीलाम की जाने वाली सभी श्रेणियों की संपत्तियों पर लागू संशोधित उपबंध बनाए गए। मंत्रिमंडल ने नियम 6ए शामिल कर पंजाब सिविल सर्विसेज (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1994 में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी। संशोधन के अनुसार, न्यूनतम शैक्षिक और अन्य योग्यताओं सहित योग्यता मापदंड निर्धारित करने की अंतिम तिथि आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि होगी, जब तक कि संबंधित सेवा नियमों में विशेष रूप से कोई अन्य तिथि निर्धारित न की गई हो। फसली विविधता को प्रोत्साहित करने के लिए एक अग्रगामी कदम के तहत मंत्रिमंडल ने पंजाब के बागवानी क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए जापानी तकनीक पेश करने हेतु जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के साथ भागीदारी को भी मंजूरी दी। यह भागीदारी बागवानी विकास, कोल्ड चेन बुनियादी ढांचे, जल प्रबंधन और हुनर विकास पर केंद्रित होगी, जिसका उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था में बागवानी क्षेत्र के योगदान को दोगुना करना है।

दूषित पानी का कहर इंदौर में, पिता के जाने से 4 बेटियों का परिवार बिखरा, मौतें 25 तक पहुंचीं

इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार देर रात इलाज के दौरान एक और व्यक्ति, हेमंत गायकवाड़ (51), ने दम तोड़ दिया। इस ताजा मौत के साथ ही शहर में दूषित पानी से मरने वालों की कुल संख्या अब 25 हो गई है। अस्पताल में 14 दिनों तक चला संघर्ष भागीरथपुरा निवासी हेमंत गायकवाड़ को 22 दिसंबर को गंदा पानी पीने के बाद उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले वर्मा नर्सिंग होम और बाद में 7 जनवरी को अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, हेमंत पहले से कैंसर और किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे, लेकिन दूषित पानी के संक्रमण (उल्टी-दस्त) के बाद उनकी स्थिति गंभीर हो गई और अंततः उन्हें बचाया नहीं जा सका। बेटी बोली- अचानक बिगड़ी थी तबीयत गायकवाड़ की बेटी जिया ने बताया, पिताजी को उल्टी दस्त के कारण पहले 24 दिसंबर को वर्मा नर्सिंग होम में एडमिट किया था l 28 दिसंबर को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था l इसके बाद घर पर फिर उनकी तबीयत खराब हुई और 8 जनवरी को अरविंदो अस्पताल में एडमिट किया गया l वहां पता चला कि उन्हें कैंसर और किडनी की तकलीफ भी है l परिवार का कहना है कि हेमंत राहुल गांधी से मिलना चाहते थे, लेकिन अस्पताल में एडमिट होने के कारण वह मुलाकात नहीं कर पाए। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे से अपनी स्थिति बता दी थी। दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। अब तक 25 मौत हो चुकी है। अभी 38 मरीज एडमिट हैं, जिनमें से 10 आईसीयू में हैं। इनमें भी तीन वेंटिलेटर पर हैं। लगातार हो रही मौतों को लेकर अभी भी क्षेत्र में दहशत है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ हेमंत परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और ई-रिक्शा चलाकर घर का गुजारा करते थे। उनकी मौत के बाद उनकी चार बेटियां— रिया (21), जिया (20), खुशबू (16) और मनाली (12)— अनाथ हो गई हैं। परिवार के सामने अब जीवन-यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बेटी जिया ने बताया कि तबीयत बिगड़ने के कारण पिता की राहुल गांधी से मिलने की अंतिम इच्छा भी अधूरी रह गई। भागीरथपुरा में दहशत का माहौल क्षेत्र में नई पाइपलाइन बिछाने के काम के दौरान गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए। ताजा स्थिति : कुल मौतें-25, अभी भर्ती मरीज-38, ICU में- 10 मरीज (3 वेंटिलेटर पर)। प्रशासनिक लापरवाही : भागीरथपुरा क्षेत्र में लगातार हो रही मौतों के कारण लोगों में भारी आक्रोश और दहशत है। अस्पताल में अभी भी कई मरीजों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

हरियाणा में इलेक्ट्रिक बसों का आगमन, अनिल विज ने बताया पर्यावरण और ग्रीन एनर्जी को फायदा

चंडीगढ़  हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमारी सरकार जल्द ही ग्रीन एनर्जी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों को लेने जा रही है और इस संबंध में आदेश दिए जा चुके है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार बहुत बढ़िया चल रही है और हर वर्ग का ख्याल रखा जा रहा है तथा कानून व्यवस्था पर भी नियंत्रित किया जा रहा है। वहीं, विज ने कहा भाजपा के नए युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक प्रकार से बुलेट ट्रेन चला दी है क्योंकि लोग विकास की राजनीति को पसंद कर रहे है। विज आज पानीपत में मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे। परिवहन विभाग में विकास और व्यवस्था के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारी सरकार परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं और इसके साथ-साथ प्रदूषण भी एक बहुत बड़ा मुद्दा है इसलिए हमारी सरकार चाहती है कि ग्रीन एनर्जी से संबंधित वाहनों को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित किया जाए। इसी कड़ी में इलेक्ट्रिक बसों को बड़ी संख्या में संचालित करने की योजना सरकार की है। उन्होंने कहा कि अब लोगों का रुझान इलेक्ट्रिक कारों की तरफ भी बढ़ रहा है और इसलिए इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन भी ज्यादा से ज्यादा होने चाहिए और इस दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है तथा इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन को बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि ऐसे इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन हो जहां पर पारिवारिक सदस्यों को रुकने के लिए भी सुविधा होनी चाहिए। इन चार्जिंग स्टेशन पर रेस्टोरेंट, रेस्ट रूम तथा वॉशरूम जैसी सुविधाएं परिवार के सदस्यों को मिले क्योंकि गाड़ी को रिचार्ज करने में समय लगता है। इसके अलावा, पानीपत में भी इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन का कार्य परिवहन विभाग द्वारा किया जा रहा है। हरियाणा की कानून व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लगभग 5000 असामाजिक तत्वों को पकड़कर जेल में डाला गया है और कानून व्यवस्था को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा रहा है तथा सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई वारदात होती है तो वहां पर हमारी पुलिस कुछ ही मिनट में पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि जब मैं गृहमंत्री था उस समय पर डायल 112 सेवा का शुभारंभ किया गया था और अब डायल 112 की गाड़ी सात आठ मिनट के अंदर ही घटनास्थल पर पहुंच जाती है। भारतीय जनता पार्टी को नवनिर्वाचित नए अध्यक्ष नितिन नवीन के मिलने के संबंध में पूछे के सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि आजकल जेन-जी का जमाना है और नए युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष को बनाकर प्रधानमंत्री नई नरेंद्र मोदी ने एक प्रकार से बुलेट ट्रेन चला दी है। उन्होंने कहा कि लोग अब विकास चाहते हैं और भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हर क्षेत्र में विकास किया है यही कारण है कि आज हमारी ग्रोथ रेट दुनिया में तीसरे या चौथे नंबर पर आ गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का चुनाव आ रहा है और शत प्रतिशत भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल के चुनाव में विजय पताका फहराएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अन्य सभी पार्टियों के दफ्तर बंद करवा दिए हैं और अब इन पार्टियों को कोई पूछने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब टुकड़े-टुकड़े पार्टी है क्योंकि इसमें कई समूह बन चुके हैं। श्री विज ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि एक गाना है "बिक गया जो उसका कोई खरीदार नहीं होता" अर्थात अब कांग्रेस का काम खत्म हो चुका है। कांग्रेस की सक्रियता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा, दिल्ली, बिहार और अब हम महाराष्ट्र में बीएमसी के चुनाव जीते हैं और इन् जगहों पर कांग्रेस हारी है और अब जहां-जहां भी चुनाव होंगे वहां बीजेपी जीतेगी क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राजनीति की दिशा बदल दी है जबकि पहले झूठे नारे जैसे की गरीबी हटाओ की राजनीति की जाती थी। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री ने काम और विकास करके दिखाया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोग विश्वास करते हैं। विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने लाडो लक्ष्मी योजना पर सवाल खड़े किए हैं, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि हुड्डा साहब अब काफी डिप्रेशन में है और लाडो लक्ष्मी योजना के संबंध में स्पष्ट करते हुए कहा कि लोगों की मांग पर हमने पारिवारिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए 1100 रूपये नगद तथा अन्य राशि बैंक में डालने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सरकार अब ऐसे सभी पात्र लाभार्थियों का 1000 रूपये बचाने का कार्य करेगी और यह जमा राशि परिवार को आवश्यकता पड़ने पर मिल पाएगी। कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा के बयान की भाजपा के नेता अवैध कालोनी काटने का काम कर रहे हैं, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस संबंध में हुड्डा अध्ययन करें और अध्ययन करके एफआईआर दर्ज कराए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा अर्थात कौन सच बोल रहा है कौन झूठ बोल रहा है पता चल जाएगा।

रायपुर में मंत्री रामविचार नेताम ने केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान से की अहम मुलाकात

रायपुर : मंत्री रामविचार नेताम ने केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान से की मुलाकात मक्का एवं दलहन प्रोत्साहन के लिए मिली 30.42 करोड़ की स्वीकृति राज्य में मक्का एवं दलहन उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा  रायपुर छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री ने नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से उनके शासकीय निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। मंत्री नेताम ने राज्य में दलहन एवं तिलहन फसलों के विकास से जुड़ी प्रमुख मांगों को रखा। बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर केन्द्रीय स्तर से स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे राज्य के कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। कृषि मंत्री नेताम ने इसे राज्य के किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि केन्द्र-राज्य के समन्वय से राज्य में मक्का एवं दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री नेताम ने इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से कृषि विकास, आधुनिक कृषि उपकरणों सहित विभिन्न प्रस्ताव रखें। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने राज्य में मक्का फसल प्रोत्साहन हेतु 6 करोड़ 32 लाख 50 हजार और दलहन-तिलहन फसलों के प्रोत्साहन के लिए 24 करोड़ 10 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की है। इससे राज्य में 55 हजार हेक्टेयर में मक्का फसल का प्रदर्शन होगा, जिससे लगभग 7 हजार किसान लाभान्वित होंगे। इसी प्रकार दलहन फसलों के अंतर्गत उड़द एवं मूंग के प्रोत्साहन के लिए 24 हजार 100 हेक्टेयर में फसल प्रदर्शन हो सकेगा, जिससे राज्य के लगभग 28 हजार तक के किसान लाभान्वित होंगे। यहां यह उल्लेखनीय है कि मंत्री रामविचार नेताम ने केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान जानकारी दी कि राज्य में परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 के लिए 27 करोड़ 68 लाख का प्रस्ताव कृषि मंत्रालय भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। मंत्री नेताम ने केन्द्रीय मंत्री से उक्त लंबित की स्वीकृति का आग्रह किया।

तकनीकी खामी से परीक्षा रद्द: कानपुर के परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों का हंगामा

कानपुर  कानपुर में दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ा हंगामा हो गया. परीक्षा केंद्र पर तकनीकी खराबी के कारण पहली शिफ्ट की परीक्षा रद्द कर दी गई, जिससे अभ्यर्थी नाराज हो गए. गुस्साए छात्रों ने परीक्षा केंद्र में कंप्यूटर, दरवाजे, शीशे और वायरिंग को नुकसान पहुंचाया. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया. अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर अन्य केंद्र भी दिए जाएंगे. नाराज अभ्यर्थियों ने कॉलेज परिसर में की तोड़फोड़ मंगलवार को कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर स्थित MGA कॉलेज में दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान भारी हंगामा हो गया. परीक्षा सर्वर खराबी के कारण रद्द कर दी गई, जिससे नाराज अभ्यर्थियों ने कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ कर दी. उम्मीदवारों के अनुसार, पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होनी थी और 8:45 बजे से एंट्री तय थी. लेकिन तय समय के बाद भी कॉलेज का मुख्य गेट नहीं खोला गया. बाहर खड़े सैकड़ों अभ्यर्थी बेचैन हो गए और विरोध करने लगे. कॉलेज प्रबंधन ने सर्वर में तकनीकी दिक्कत बताकर छात्रों से इंतजार करने को कहा, लेकिन सुबह करीब 10:30 बजे तक न तो कोई लिखित सूचना लगाई गई और न ही परीक्षा रद्द होने की साफ जानकारी दी गई. जानकारी न मिलने और लंबे इंतजार की वजह से छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया. गेट और सर्वर रूम में तोड़फोड़ हालात बिगड़ने पर सैकड़ों अभ्यर्थी कॉलेज का मुख्य गेट तोड़कर अंदर घुस गए. इसके बाद सर्वर रूम का गेट भी तोड़ा गया और वहां लगे कंप्यूटर व सिस्टम को नुकसान पहुंचाया गया. छात्रों ने परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए. अधिकारियों ने समझा-बुझाकर छात्रों को शांत किया और स्थिति पर काबू पाया. तीनों शिफ्ट की परीक्षा रद्द हंगामे और तकनीकी दिक्कतों के चलते इस केंद्र पर होने वाली तीनों शिफ्ट की परीक्षाएं रद्द कर दी गई. दूर-दराज से आए हजारों अभ्यर्थियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा. फिलहाल SSC या परीक्षा कराने वाली एजेंसी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. उम्मीदवारों का कहना है कि यह स्थिति समय पर जानकारी न देने और खराब व्यवस्था की वजह से पैदा हुई. घटना के बाद परीक्षा केंद्र की तैयारियों और तकनीकी इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं. अभ्यर्थियों ने मांग की है कि रद्द हुई परीक्षा की नई तारीख जल्द घोषित की जाए और आगे ऐसी अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं.

टैरिफ संकट की मार: मुरादाबाद का निर्यात लगातार छह महीने से डाउन, 1.5 लाख मजदूरों पर संकट

मुरादाबाद अमेरिका के टैरिफ की मार का असर निर्यातकों के साथ-साथ कारीगरों पर भी पड़ने लगा है। हस्तशिल्प उत्पादों के ऑर्डर घटने से अधिकांश निर्यातकों ने हफ्ते में दो दिन फैक्टरी बंद रखने का रास्ता पकड़ लिया है। साथ ही काम करने वालों का बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया है। इसका ज्यादा असर उन कारीगरों और कामगारों पर पड़ रहा है, जो प्रभावित फैक्टरियों के लिए काम करते हैं। जानकार बताते हैं कि छह माह से निर्यात में लगातार गिरावट से करीब डेढ़ लाख कामगार बेरोजगार हो गए हैं।निर्यात क्षेत्र का अनुभव रखने वाले बताते हैं कि पिछले साल हस्तशिल्प उत्पाद के कारोबार से करीब 5.50 लाख लोग जुड़े थे। इनमें से अब केवल 3.85 लाख कामगारों के पास ही रोजगार बचा है। फैक्टरियों से जुड़े लोगों में से छह माह में करीब डेढ़ लाख कामगारों की सेवा खत्म हो चुकी है। निर्यातक अजय गुप्ता का कहना है कि जिले में छह हजार से अधिक फैक्टरियों में हस्तशिल्प उत्पाद तैयार किए जाते हैं। छह महीने के भीतर 25 से 30 प्रतिशत निर्यात घट गया है। पिछले छह महीने में पीतलनगरी के कुल कारीगारों में से 30 प्रतिशत की सेवा जा चुकी है। अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही तो आने वाले छह महीने में हजारों कामगारों की सेवाए और प्रभावित होंगी। फैक्टरी संचालकों को नुकसान के कारण एेसे कदम उठाने पड़े हैं। द हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव सतपाल ने बताया कि अमेरिकी काम हाथ से निकलने के कारण तमाम फैक्टरियों में काम के घंटे कम कर दिए गए हैं। नए ऑर्डर कम मिलने का असर फैक्टरियों में काम करने वालों पर पड़ रहा है। जिले में करीब 100 फैक्टरियां ऐसी हैं, जहां पर हफ्ते में दो दिन काम बंद रहता है। उनका कहना है कि अगर अमेरिका की 50 प्रतिशत टैरिफ की मार जारी रही तो आने वाले एक साल में हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात खत्म होने की कगार पर पहुंचने का खतरा है। वह अमेरिकी टैरिफ के साथ धातुओं की महंगाई को भी काम पर असर का बड़ा कारण मान रहे हैं। 40 प्रतिशत ऑर्डर मिलते हैं अमेरिका से जिला उद्योग केंद्र के मुताबिक पीतलनगरी से हर साल 10437 करोड़ रुपये के हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात किया जाता है। बीते साल यह निर्यात 30 प्रतिशत कम हुआ है। करीब सात हजार करोड़ रुपये के ही उत्पादों का निर्यात हो पाया। एमएचईए के प्रेसिडेंट नावेद उर रहमान ने बताया कि कुल निर्यात के 40 प्रतिशत हस्तशिल्प उत्पाद निर्यात के ऑर्डर अमेरिका से मिलतें हैं। अमेरिकी खरीदारों ने तीन महीने से ऑर्डर होल्ड कर दिए हैं। रॉ-मैटेरियल की कीमतें लगातार बढ़ने से 2.75 प्रतिशत सबवेंशन स्कीम का कोई फायदा नहीं मिल पाएगा। विदेशों में स्टोर खोलने से निर्यात नहीं बढ़ेगा, क्योंकि बड़ी फैक्टरियों को बड़े ऑर्डर की जरूरत है न की 10 से 15 पीस के ऑर्डर की। अमेरिका से ही सबसे ज्यादा ऑर्डर मिलते थे। पांच-छह महीने इसी तरह की स्थिति रही तो लाखों का नुकसान उठाना पड़ेगा।  -अजय गुप्ता, निर्यातक फैक्टरियों में ठेके पर काम करने वाले कारीगरों को सबसे ज्यादा नुकसान है। ऑर्डर कम मिलने से उन्हें समय से काम नहीं मिल पा रहा है। कई ठेकेदार तीन महीने से खाली बैठे हुए है। निर्यातकों के पास ऑर्डर नहीं है कि उन्हें काम दे सकें। बड़ी फैक्टरियां चलाने में हर महीने औसतन 50 लाख रुपये तक खर्च आता है। इन फैक्टरियों को करोड़ों का ऑर्डर चाहिए। यह तभी संभव होगा जब विदेशों में शांति और ज्यादा महंगाई न हो। – सतपाल, सचिव, द हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन अमेरिका समेत अन्य देशों में ऑर्डर को लेकर खरीदारों से बातचीत चल रही है लेकिन कोई फायदा नहीं है। रॉ-मैटेरियल के बढ़ते दाम और अमेरिका टैरिफ की स्थिति से ऑर्डर कम मिल रहे हैं। इससे फैक्टरी चलाना मुश्किल हो रहा है। छह महीने में हजारों लोग बेरोजगार हुए हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में समस्याएं और बढ़ जाएंगी।  – विभोर गुप्ता, संचालक, डिजाइनको अमेरिकी टैरिफ की वजह से पुराने आर्डर होल्ड पर हैं। पुराने माल की सप्लाई मुश्किल हो गई है। अमेरिका के लिए अब 30 प्रतिशत निर्यात का औसत है। अमेरिकी खरीदारों का कहना है कि उनके यहां हस्तशिल्प उत्पादों का पुराना स्टॉक नहीं बिका है। इसकी वजह से वह ऑर्डर नहीं दे रहे हैं। पुराना स्टॉक क्लियर होने पर ही ऑर्डर मिल पाएंगे। – मोहम्मद अख्तर शम्सी, चेयरमैन, पैरामाउंट होम कलेक्शंस  

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा: 31 जनवरी तक पूरे होंगे जमीन से संबंधित सभी काम

पटना सीएम नीतीश कुमार ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने समृद्धि यात्रा पर गोपालगंज रवाना होने से पहले जमीन विवाद के मामले को कम करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि 20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद हमलोगों ने बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है। सात निश्चय-3 (2025-30) के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान‘ (Ease of Living) का मुख्य मकसद राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है। इसे लेकर हमलोग लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। अनावश्यक भूमि विवाद उत्पन्न होते हैं सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि कई बार ऐसा देखा गया है कि राज्य में जमीन मापी कराने के इच्छुक लोगों द्वारा आवेदन देने के पश्चात जमीन मापी की प्रक्रिया संपन्न होने में काफी वक्त लग जाता है। इस कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जमीन की समय पर मापी नहीं होने के कारण अनावश्यक भूमि विवाद उत्पन्न होते हैं। ऐसे में ‘सबका सम्मान-जीवन आसान‘ (Ease of Living) के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु भूमि मापी की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं नागरिक अनुकूल बनाने के लिए निम्न निर्णय लिए गए हैं :     31 जनवरी 2026 तक जमीन मापी के लिए लंबित आवेदनों का निपटारा विशेष भूमि मापी अभियान चलाकर कर दिया जाएगा।     एक अप्रैल 2026 से अविवादित जमीन की मापी के लिए आवेदक द्वारा मापी शुल्क जमा किए जाने के अधिकतम 7 कार्य दिवस में जमीन की मापी सुनिश्चित की जाएगी तथा विवादित जमीन की मापी के लिए आवेदक द्वारा मापी शुल्क जमा किए जाने के अधिकतम 11 कार्य दिवस में जमीन की मापी सुनिश्चित की जाएगी।     अविवादित तथा विवादित जमीन की निर्धारित कार्य दिवस में मापी की प्रक्रिया पूर्ण कर अमीन द्वारा मापी का प्रतिवेदन मापी के पश्चात आवेदक के आवेदन की तिथि के 14वें दिन निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।     निर्धारित समय सीमा के अंदर जमीन मापी सुनिश्चित करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा आवश्यक कर्मचारियों एवं संसाधनों की व्यवस्था के साथ-साथ पूरी प्रक्रिया के गहन पर्यवेक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।       मुझे पूरा विश्वास है कि जमीन मापी प्रक्रिया को सरल बनाने से संबंधित यह पहल समस्त प्रदेशवासियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी और उनका दैनिक जीवन और भी आसान हो सकेगा।     इस व्यवस्था के संबंध में यदि आप कोई अन्य विशिष्ट सुझाव देना चाहते हैं तो अपने बहुमूल्य सुझाव 25 जनवरी 2026 तक निम्न में से किसी एक माध्यम से दे सकते हैं।