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10 युवाओं को ‘विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ से सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री

स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर वृहद आयोजन करेगी योगी सरकार  10 युवाओं को ‘विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ से सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री  राष्ट्रीय युवा दिवस पर सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा राज्य स्तरीय आयोजन  पांच मल्टीपर्पज हॉल का लोकार्पण व तीन ग्रामीण स्टेडियम का शुभारंभ भी करेंगे मुख्यमंत्री लखनऊ योगी सरकार स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर वृहद आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में होने वाले मुख्य आयोजन में राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवॉर्ड (2024-25) प्रदान करेंगे। इस दौरान खेल व युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेलो इंडिया खेलो योजना के अंतर्गत 21 करोड़ रुपये से निर्मित 5 मल्टीपर्पज हॉल (लखनऊ में दो, हरदोई, कन्नौज व सहारनपुर में एक-एक) का लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री यहीं से 26 करोड़ से निर्मित होने वाले तीन ग्रामीण स्टेडियम (सुल्तानपुर, कासगंज व फतेहपुर) का शिलान्यास भी करेंगे।    युवा कल्याण विभाग के उपनिदेशक अजात शत्रु शाही ने बताया कि व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित 10 युवाओं व मंगल दल श्रेणी में चयनित युवक व महिला मंगल दल के सदस्यों को राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया जाएगा। व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित युवाओं को 50 हजार रुपये, स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। वहीं युवक व महिला मंगल दल को राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार स्वरूप एक-एक लाख रुपये, ट्रॉफी, मोमेंटो, शॉल, प्रमाण पत्र आदि प्रदान किया जाएगा। लखनऊ में होने वाले विवेकानंद यूथ अवार्ड वितरण कार्यक्रम में मंगल दल के 1500 से अधिक युवा सम्मिलित होंगे। व्यक्तिगत श्रेणी में इन युवाओं को राज्य स्तर पर सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री  1-    अभिनीत कुमार मौर्य- हरदोई 2-    महिका खन्ना- शाहजहांपुर 3-    मार्तण्ड राम त्रिपाठी-गोरखपुर 4-    अभिषेक पांडेय- मऊ 5-    संजना सिंह- बरेली 6-    प्रणव द्विवेदी- गोरखपुर  7-    साक्षी झा- गाजियाबाद 8-    सचिन गौरी वर्मा- गोरखपुर 9-    दिव्यांश टंडन-मेरठ 10-    शिखा सहलोत – गाजियाबाद  चयनित युवक मंगल दल 1-    संतकबीर नगर- सेमरियावां ग्राम पंचायत- रिजवान मुनीर (अध्यक्ष) 2-    बिजनौर- शहदपुरगुलाल ग्राम पंचायत- घनश्याम सिंह (अध्य़क्ष)  3-    शाहजहांपुर- चौधेरा ग्राम पंचायत- इंद्रजीत लोधी (अध्यक्ष)  महिला मंगल दल  1-    बिजनौर- नहटौर विकास खंड- बसेड़ाखुर्द ग्राम पंचायत- ज्योति (अध्यक्ष)  2-    फिरोजाबाद- अरांव विकास खंड- अकबरपुर सराय ग्राम पंचायत- शिवानी चंदेल (अध्यक्ष)  3-    संतकबीर नगर- सांथा विकास खंड- पसाई ग्राम पंचायत- सुमन कुमारी (अध्यक्ष)

पंचकूला में रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल की हादसे में मौत

पंचकूला. पंचकूला के सेक्टर-4 एमडीसी में सड़क हादसे में 83 वर्षीय लेफ्टिनेंट जनरल कुलवंत सिंह मान (सेवानिवृत्त) का निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह अपने आवास के पास सैर कर रहे थे, इसी दौरान डॉल्फिन चौक की ओर जाने वाली सड़क पर अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। जानकारी के मुताबिक यह हादसा साकेत्री रोड पर भाजपा कार्यालय के समीप हुआ। राहगीरों ने उन्हें सड़क पर घायल अवस्था में देखा और तत्काल कमांड अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही एमडीसी पुलिस थाना ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरा नहीं है, लेकिन आसपास के इलाकों, विशेषकर नजदीकी पेट्रोल पंप पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी व वाहन की पहचान की जा सके। पुलिस ने बताया कि मृतक के पुत्र के कनाडा से आने के कारण पोस्टमार्टम संभवतः आज कराया जाएगा। वहीं अज्ञात वाहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी। कुलवंत सिंह मान के एक पुत्र कनाडा पुलिस में सेवारत हैं, जबकि दूसरे पुत्र भारतीय सेना में कर्नल के पद पर कार्यरत हैं। उनका परिवार मूल रूप से बठिंडा का निवासी है और उनकी तीन पीढ़ियां भारतीय सेना में सेवाएं दे चुकी हैं।इस मामले में माता मनसा देवी थाना पुलिस ने बतायाकि इस हादसे की पुलिस के द्वारा जांच पड़ताल की जा रही है। उन्होंने बतायाकि आस पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। उन्होंने बतायाकि जल्द ही वाहन चालक को गिरफ्तार किया जाएगा।

कमिशनर संस्कृति जैन ने किया कमाल, ‘गिफ्ट ए डेस्क’ अभियान को गोल्ड स्कॉच अवार्ड से नवाजा गया

भोपाल मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल सिवनी जिले से शुरू हुई एक छोटी सी पहल आज राष्ट्रीय स्तर पर गौरव का विषय बन गई है। सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को दूर करने के लिए शुरू की गई ‘गिफ्ट ए डेस्क’ मुहिम को दिल्ली में आयोजित 105वें स्कॉच समिट (SKOCH Summit) में प्रतिष्ठित गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान सिवनी की तत्कालीन कलेक्टर संस्कृति जैन के उस प्रशासनिक नवाचार को मिला है, जिसने बिना किसी सरकारी बजट के हजारों बच्चों के बैठने का तरीका बदल दिया। क्या है ‘गिफ्ट ए डेस्क’ मॉडल? अक्सर सरकारी स्कूलों में बजट की कमी के कारण बच्चे टाट-पट्टी या जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर होते हैं। तत्कालीन कलेक्टर संस्कृति जैन ने इस समस्या का समाधान सरकारी फाइलों में खोजने के बजाय 'जनभागीदारी' में ढूंढा। उन्होंने एक पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म और वेबसाइट तैयार की, जिसके जरिए आम नागरिक, उद्योगपति और एनआरआई सीधे स्कूलों को डेस्क-बेंच दान कर सकते थे। अभियान की बड़ी सफलताएं: • 17,000 से ज्यादा डेस्क-बेंच अब तक स्कूलों को दान में मिले। • 40,000 छात्र अब जमीन की जगह सम्मानजनक तरीके से डेस्क पर बैठकर पढ़ रहे हैं। • पारदर्शी व्यवस्था के कारण दानदाताओं ने खुद वेंडर और स्कूल चुनने की आजादी पाई। विदाई भी रही ऐतिहासिक : पालकी पर सवार होकर हुईं विदा संस्कृति जैन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब उनका स्थानांतरण हुआ, तो सिवनी की जनता ने उन्हें किसी राजनेता या अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह विदाई दी। जिले के प्रति उनके लगाव और जनहित के कार्यों के सम्मान में उन्हें पारंपरिक पालकी में सवार कर विदा किया गया। यह दृश्य सिवनी के इतिहास में दर्ज हो गया, जहां एक अधिकारी के प्रति जनता का इतना गहरा प्रेम और सम्मान प्रकट हुआ। क्यों खास है यह उपलब्धि? स्कॉच गोल्ड अवार्ड देश के सबसे प्रतिष्ठित गवर्नेंस पुरस्कारों में से एक है। संस्कृति जैन की यह पहल साबित करती है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो समाज के सहयोग से बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। आज यह मुहिम सिर्फ सिवनी की ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश की पहचान बन चुकी है।  

मुख्यमंत्री ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’, प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रार्थीगणों की समस्याएं सुनीं

जनता दर्शन  अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं, भूमाफिया व दबंगों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाईः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’, प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रार्थीगणों की समस्याएं सुनीं  गंभीर बीमारियों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता दे रही सरकारः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने बच्चों को किया दुलार, अभिभावकों से कहा- ठंड में बच्चों का रखें विशेष ध्यान  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक प्रार्थी से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। आमजनों के प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया और कहा कि अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं है। भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी है और नियमित रूप से होती रहेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ ही लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार आपकी समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।  कानून व राजस्व के प्रकरण में शीघ्रता से निस्तारण का दिया निर्देश  मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ वादी जमीन कब्जा व मारपीट आदि की शिकायत लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हर एक व्यक्ति के पास पहुंचकर उसकी शिकायत सुनी, प्रार्थना पत्र लिया, फिर अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर कानून व राजस्व के प्रकरण में तेजी से सुनवाई करते हुए इसका निस्तारण किया जाए। कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में है। इसमें हीला-हवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और जनपद, मंडल, रेंज व जोन के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि दबंगों व भूमाफिया के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखें।   इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता दे रही सरकार गंभीर बीमारी से जूझ रहे कुछ पीड़ितों ने ‘जनता दर्शन’ में पहुंचकर इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। सीएम ने कहा कि सरकार इलाज के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। आप भी हॉस्पिटल से जल्द एस्टिमेट बनवाकर दें, एस्टिमेट मिलते ही आपके इलाज में सरकार तुरंत आर्थिक मदद करेगी। धन के अभाव में इलाज नहीं रुकेगा।  सीएम योगी ने किया नौनिहालों को दुलार ‘जनता दर्शन’ में कई बच्चे भी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे। नन्हे-मुन्ने बच्चों के सामने सीएम योगी का बालप्रेम फिर उमड़ पड़ा। मुख्यमंत्री ने बच्चों का हाल जाना, उन्हें दुलारा-पुचकारा और चॉकलेट दी। सीएम ने अभिभावकों से कहा कि ठंड में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यह अपनत्वपूर्ण भाव सुनकर अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

CM मान आज स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव में होंगे शामिल

जालंधर. पंजाब CM भगवंत मान आज जालंधर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव में हिस्सा लेंगे। इसमें प्रदेश के कई बड़े व्यापारी-उद्योगपति हिस्सा लेंगे। कॉन्क्लेव में युवाओं के लिए नए स्टार्टअप और इन्वेस्टमेंट की घोषणा कर सकते हैं। इससे पहले स्टार्टअप के लिए पंजाब सरकार कई उपाय कर चुकी 500 करोड़ का 'पंजाब स्टार्टअप फंड: सरकार ने सूबे के उभरते उद्यमियों के लिए 500 करोड़ रुपए के विशेष फंड की घोषणा की थी। यह फंड मुख्य रूप से कृषि-तकनीक और मैन्यूफैक्चरिंग स्टार्टअप पर फोकस्ड होगा। आसान कारोबार पोर्टल: उद्यमियों को सरकारी कागजी कार्रवाई से बचाने के लिए एक सिंगल विंडो डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया गया। अब स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन और सब्सिडी का पैसा सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होता है। महिला उद्यमियों के लिए विशेष कोटा: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्टार्टअप फंड का 25% हिस्सा विशेष रूप से महिला उद्यमियों द्वारा शुरू स्टार्टअप के लिए रिजर्व रहेगा। मशीन लर्निंग और AI हब: मोहाली को उत्तर भारत के सबसे बड़े AI और रोबोटिक्स हब के रूप में विकसित करने की योजना पेश की गई। पहले भी हुए कॉन्क्लेव खेती को हाई-टेक बिजनेस बनाने पर चर्चा हो चुकी है। इसके लिए 2026 के अंत तक पंजाब से कम से कम 5 नए यूनिकॉर्न निकालने का लक्ष्य रखा गया। पंजाब में मिशन प्रगति की शुरुआत: सीएम भगंवत मान बोले- प्रतियोगी परिक्षाओं के लिए दी जाएगी निशुल्क कोचिंग चंडीगढ़. युवाओं को करियर निर्माण के लिए तैयार करने पर और अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को बठिंडा की जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति के तहत नामांकित अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों से संवाद किया। इस पहल के अंतर्गत नौकरी तलाशने वालों को नौकरी देने वालों में बदलने के व्यापक प्रयासों के हिस्से के रूप में एसएसबी, पुलिस और सशस्त्र बलों सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की तैयारी हेतु ग्रामीण और मेधावी विद्यार्थियों को मुफ्त अकादमिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। बठिंडा जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति के अंतर्गत विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ठंड के बावजूद उपस्थित लोगों का स्वागत किया और इस कार्यक्रम को पंजाब के बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा पंजाब सरकार ने जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति के तहत यह कोचिंग कार्यक्रम शुरू किया है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग दी जा रही है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को सुविधा प्रदान करना है, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण और किफायती कोचिंग सुविधाओं तक पहुंच नहीं मिल पाती। 40 छात्रों को दिया गया प्रवेश इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले बैच में 40 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। उन्होंने आगे कहा अकादमिक कोचिंग के साथ-साथ विद्यार्थियों को शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि वे पूरी तरह स्वस्थ रहें। यह शारीरिक प्रशिक्षण पंजाब पुलिस और सी-पाइट के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा सी-पाइट मैदान में दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को एसएसबी, पंजाब पुलिस, सीपीओ, सशस्त्र बलों तथा अन्य केंद्रीय और राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। प्रतिस्पर्धी माहौल में अभ्यर्थियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आवश्यक अध्ययन सामग्री और महंगी किताबें अक्सर विद्यार्थियों की पहुंच से बाहर होती हैं। उन्होंने कहा विद्यार्थियों को पुस्तकालय के सदस्य के रूप में चुना जाएगा और आवश्यक पुस्तकें मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कार्यक्रम मौजूदा बुनियादी ढांचे और संसाधनों का उपयोग करके शुरू किया गया है, जिससे महत्वपूर्ण वित्तीय बचत होती है। इस ढांचे का वर्णन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षक-मार्गदर्शक मॉडल का अनुसरण करता है, जिसमें फैकल्टी सदस्य स्वयं वे अभ्यर्थी होते हैं जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लिया है। उन्होंने कहा यह पहल युवाओं की मदद करने वाले मॉडल के रूप में उभरी है और इसे शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों, पुलिस, खिलाड़ियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और समाज के हर वर्ग का समर्थन प्राप्त है। इस सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को एक समुदाय-संचालित और सहयोगात्मक मॉडल में परिवर्तित कर दिया है। मिशन प्रगति के मार्गदर्शक दर्शन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई भी पीछे न रहे के सिद्धांत पर आधारित है और युवा सशक्तिकरण, समान शैक्षिक अवसरों तथा सरकारी सेवाओं में बठिंडा के विद्यार्थियों की प्रतिनिधित्व बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उपस्थित लोगों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा और पंजाब के सर्वांगीण विकास तथा लोगों की खुशहाली के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। राज्य सरकार के व्यापक दृष्टिकोण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नौकरी खोजने वालों के बजाय नौकरी देने वालों में बदलकर उनकी किस्मत बदलने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा पंजाब शिक्षा क्रांति के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है और यह क्रांति विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार कर तथा उन्हें जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सक्षम बनाकर परिणाम दे रही है। युवाओं को नौकरियां प्रदान करने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं, वहीं उनकी असीम ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए समानांतर प्रयास भी किए जा रहे हैं। उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिस प्रकार एक रनवे विमान को सुचारु रूप से उड़ान भरने में सक्षम बनाता है, उसी प्रकार राज्य सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। अतीत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह निराशाजनक है कि एक समय गलत नीतियों के कारण गरीब बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित रखा गया, लेकिन अब यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ प्रयास किए जा रहे हैं कि पंजाब के बच्चे अपने सपनों को हकीकत में बदल सकें और जीवन में नई ऊंचाइयों को छू सकें।

रायपुर नगर निगम ने डेयरी संचालक पर लगाया 10000 का ई-जुर्माना

रायपुर. आज रायपुर नगर पालिक निगम स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त डेयरी में गन्दगी की जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही और नगर निगम जोन 5 के जोन आयुक्त खीरसागर नायक के निर्देशानुसार जोन 5 जोन स्वास्थ्य अधिकारी संदीप वर्मा के नेतृत्व में नगर निगम जोन 5 स्वास्थ्य विभाग के स्वच्छता निरीक्षक प्रेम मानिकपुरी दिलीप साहू की उपस्थिति में जोन 5:स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 5: क्षेत्र अंतर्गत भक्त माता कर्मा वार्ड 67 अंतर्गत भाठागांव क्षेत्र में आवासीय क्षेत्र में संचालित नीलकंड डेयरी का औचक निरीक्षण किया गया. औचक निरीक्षण के दौरान गन्दगी और प्रदूषण सहित डेयरी की भैंसों को सड़क पर छोड़े जाने से आए दिन सड़क दुर्घटनाओं के होने की जनशिकायत सही मिली. जोन स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा काऊकैचर वाहन और विशेष टीम की सहायता से भाठागांव सड़क मार्ग पर सम्बंधित डेयरी की 10 भैंसों की धरपकड़ कर उन्हें लाखेनगर कांजी हाउस भेज दिया. Also Read – भगवा कपड़े पहनकर साधु के भेष में संदिग्ध पुलिस के हत्थे चढ़े प्रकरण में रायपुर नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी और जोन 5 जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने नीलकंड डेयरी भाठागांव के सम्बंधित संचालक पर तत्काल 10000 रूपये का ई जुर्माना किया और उन्हें आवासीय क्षेत्र से अपनी डेयरी स्वतः बन्द कर निगम क्षेत्र के बाहर शीघ्र शिफ्ट कर लेने नोटिस पुनः जारी करते हुए भविष्य के लिए कड़ी कार्यवाही नियमानुसार करने की चेतावनी दी. जुर्माना अदा करने के पश्चात नगर निगम जोन 5 स्वास्थ्य विभाग द्वारा सम्बंधित नीलकंठ डेयरी की भैंसों को भविष्य में सड़क मार्ग पर नहीं छोड़े जाने की कड़ी हिदायत देकर छोड़ा गया और प्राप्त जन शिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया. सड़क मार्ग पर दोबारा डेयरी की भैंसों को छोड़े जाने की स्थिति में रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 5 स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाकर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही करेगा.

इंदौर कनेक्शन के साथ 10 करोड़ की MD ड्रग्स फैक्टरी का भंडाफोड़, हरियाणा तक होती थी सप्लाई

आगर-मालवा  आगर-मालवा में पकड़ी गई अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री मामले में 36 घंटे बीत जाने के बाद भी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो इस खेल के असली 'खिलाड़ी' तक नहीं पहुंच सकी हैं। एनसीबी की छापेमारी में 31.25 किलो ड्रग्स और पूरी लैब तो पकड़ ली गई, लेकिन जमीन के असली मालिक और फैक्टरी संचालक को लेकर रहस्य बना है। दस्तावेजों में जमीन स्थानीय लोगों के नाम है, लेकिन तार इंदौर से जुड़े होने की बात सामने आ रही है। NCB उज्जैन के अधीक्षक मुकेश खत्री ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आगर में इस एमडी ड्रग्स निर्माण की अवैध फैक्टरी के मामले में फाूर्म हाउस के मैनेजर सिद्धनाथ धारासिंह और प्रहलाद सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विभाग को पूछताछ में कुछ अहम जानकारी भी मिली हैं। हालांकि उनका खुलासा नहीं किया गया है। इन लोगों को हिरासत में लिया, कर रहे पूछताछ जानकारी अनुसार आमला के पास स्थित तीर्थ हर्बल नर्सरी पर शनिवार को नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम द्वारा कार्यवाहिकर एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री का खुलासा किया था। मामले में रविवार को नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया की फैक्ट्री संचालन को लेकर तीन लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।  31.25 kgs एमडी और करीब 600 किलो कैमिकल्स जब्त नारकोटिक्स टीम के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आमला स्थित तीर्थ हर्बल नर्सरी में छुपी हुई नशे की फैक्टरी से 31 किलो 250 ग्राम एमडी ड्रग्स और 600 किलो से अधिक ड्रग्स बनाने का कैमिकल्स जब्त किया गया है। टीम ने पूरी लैब को मौके पर ही नष्ट कराया है, ताकि दोबारा यहां अवैध कारोबार न किया जा सके। ड्रग्स बनाने की मशीनें भी मिलीं नारकोटिक्स विभाग के छापे में तलाशी के दौरान नर्सरी परिसर के भीतर MD ड्रग्स बनाने की लैब मिली। मौके से 31.250 किलो तैयार ड्रग्स, करीब 600 किलो केमिकल, ड्रग्स निर्माण में उपयोग होने वाली मशीनें और तकनीकी उपकरण जब्त किए गए। मामले में मैनेजर सिद्धनाथ, धारा सिंह और प्रहलाद सिंह को गिरफ्तार कर केस दर्ज किया गया है। नर्सरी का बोर्ड, तारों की फेंसिंग आगर मालवा जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर झालावाड़-कोटा रोड पर करीब 18 किमी दूर आमला है। यहां से करीब एक किलोमीटर पहले हनुमान मंदिर और क्रेशर के पास से होकर जंगल में अंदर एक रास्ता जाता है। यहां से करीब दो किमी अंदर कच्ची रोड किनारे यह नर्सरी है। बाहर तीर्थ हर्बल फार्म एंड नर्सरी का बोर्ड लगा है। चारों ओर तारों की फेंसिंग है। इसके आसपास अन्य किसानों की खेती की जमीन है। तस्करों को ड्रग्स सप्लाई की जानकारी मिली थी बता दें कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को आमला गांव में हाईवे के निकट स्थित तीर्थ नर्सरी कम फॉर्म हाउस से एक अंतर राज्यीय तस्कर को एमडी ड्रग्स क बड़ी खेप की डिलीवरी की सूचना मिली थी। उज्जैन, जावरा और नीमच कार्यालयों की संयुक्त टीम ने आधी रात को नर्सरी को आसपास से घेरकर जाल बिछाया था। सुबह 11 बजे तक जब कोई व्यक्ति डिलीवरी लेने नहीं आया तो सीबीएन टीम ने नर्सरी में प्रवेश किया था। टीम ने सुनसान जगह पर गुप्त रूप से बनी हुई एमडी की लैब को ढूंढ़ निकाला। साथ ही 31.250 kg एमडी पाउडर, 600 kgs के करीब एमडी निर्माण में प्रयुक्त होने वाले रसायन एवं लैब के उपकरणों जब्त किया। तीन व्यक्ति मौजूद थे, इन्हें हिरासत में लिया मौके पर मौजूद तीन संदिग्ध व्यक्तियों को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर कार्यालय लाया गया है। उन से पूछताछ की जा रही है। इधर, सीबीएन द्वारा की गई कार्यवाही से स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चा है कि थाना क्षेत्र में नशे की इतनी बड़ी फैक्टरी संचालित हो रही थी और पुलिस इससे अनजान बनी रही।

ED का बड़ा एक्शन: अल-फलाह यूनिवर्सिटी के परिसर पर PMLA के तहत कुर्की की तैयारी

 फरीदाबाद   दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े आतंकी मॉड्यूल मामले में फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी की समस्याएं और गहराती दिख रही हैं। न्यूज एजेंसी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून (PMLA) के तहत यूनिवर्सिटी परिसर को अस्थायी रूप से कुर्क करने की तैयारी कर रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका दिल्ली ब्लास्ट के मामले में सामने आई है, जिसके बाद संस्थान को कथित तौर पर आतंकी नेटवर्क का केंद्र मानते हुए जांच तेज कर दी गई है। NIA की कार्रवाई, कई गिरफ्तार दिल्ली ब्लास्ट केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर शाहीन सईद और डॉ. मुजम्मिल को गिरफ्तार किया है। डॉ. मुजम्मिल पर विस्फोटक जुटाने और डॉ. शाहीन सईद पर आर्थिक मदद देने का आरोप है। इसके अलावा, एजेंसी ने अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ और गिरफ्तारियां की हैं। फंडिंग और निर्माण लागत की जांच प्रवर्तन निदेशालय इस बात की जांच कर रहा है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी के निर्माण में लगा धन कहीं “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” से तो नहीं जुटाया गया। ईडी ने इस मामले में यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली ब्लास्ट के बाद गिरफ्तार किया था। ईडी का दावा है कि यूनिवर्सिटी ने खुद को यूजीसी और एनएएसी से मान्यता प्राप्त बताकर छात्रों को गुमराह किया, जबकि आवश्यक मान्यताएं मौजूद नहीं थीं। इसके बावजूद यहां छात्रों को दाखिला देकर पढ़ाई कराई गई और भारी फीस वसूली गई। 415.10 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप ईडी ने अदालत को बताया है कि यूनिवर्सिटी ट्रस्ट के नाम पर विदेशों से फंडिंग ली गई और कथित तौर पर झूठी मान्यताओं के आधार पर छात्रों व उनके परिजनों से फीस वसूली गई। एजेंसी के अनुसार, इस तरीके से ट्रस्ट ने लगभग 415.10 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की। जांच के दौरान ईडी को कई वित्तीय अनियमितताएं भी मिली हैं। इनमें एक ही पते पर 9 शेल कंपनियों का पंजीकरण, अलग-अलग कंपनियों में एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल और EPFO रिकॉर्ड का अभाव शामिल है। PMLA के तहत कुर्की संभव न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईडी PMLA के तहत उन इमारतों को अस्थायी रूप से कुर्क कर सकती है, जिनका निर्माण कथित तौर पर गैरकानूनी फंडिंग से किया गया है। फिलहाल ईडी और एनआईए दोनों एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

बिजली निगम सुधारेगा लाइनमैन-असिस्टैंट फोरमैन का व्यवहार

चंडीगढ़. हरियाणा के बिजली निगम कर्मियों के कम्यूनिकेशन स्किल को सुधार के लिए अब उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। पंचकूला के हरियाणा पावर ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट में लाइनमैन और असिस्टैंट फोरमैन को 2 दिन क्लास लेने के लिए बुलाया गया है। हरियाणा पावर ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट के निर्देश पर उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम ने अपने तहत आने वाले हर जिले से 1-1 कर्मचारी को ट्रेनिंग पर भेजने का फैसला लिया है। 10 जिलों से पंचकूला में 10 लाइनमैन-असिस्टैंट फोरमैन को भेजा जाएगा। पंचकूला के ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट में 15 व 16 जनवरी को सुबह साढ़े 9 से शाम 5 बजे तक इनकी वर्कशॉप रहेगी। ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट में इन कर्मियों को मोटिवेशन, प्रोफैशनल व्यवहार, समय प्रबंधन, उचित कम्यूनिकेशन स्किल, तनाव प्रबंधन, फर्स्ट एड, हीट स्ट्रैस, कार्यस्थल पर शराब और ड्रग्स का सेवन, सर्विस रूल्स, उच्चाधिकारियों के साथ बातचीत का तौर-तरीकों के बारे में समझाया जाएगा। अगर नामित किए गए कर्मियों में से कोई कर्मचारी ट्रेनिंग में हिस्सा नहीं लेता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ ट्रेनिंग कार्यक्रम के खर्च का हिस्सा उसकी सैलरी से काटा जाएगा। इतना ही नहीं, संबंधित कर्मचारी के ऑफिसर इंचार्ज के खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई होगी। वहीं किसी आपात स्थिति में ट्रेनिंग केंद्र को सूचना देने के साथ ही दूसरे कर्मचारी को ट्रेनिंग कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बरगी बांध पर संकट, 7 साल से रिसाव जारी, विशेषज्ञों ने दी ‘बड़ी आपदा’ की चेतावनी

जबलपुर  केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) और राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने रानी अवंती बाई सागर परियोजना (बरगी बांध) की गैलरी से लगातार हो रहे पानी के रिसाव को गंभीर खतरा बताया है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) को तीन दिन पहले सौंपी रिपोर्ट में संयुक्त जांच दल ने अनेक सवाल उठाए हैं। साथ ही एनवीडीए को नोटिस देकर 30 दिनों में जवाब मांगा है। निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। क्या निकला रिपोर्ट में रिपोर्ट के अनुसार बरगी बांध के रखरखाव, निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन में गंभीर खामियां हैं। टीम ने माना है कि बांध की स्थिति से लेकर खतरे तक को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक बांध की मैसनरी स्पिलवे गैलरी से वर्ष 2018 से रिसाव बना हुआ है। सात वर्षों बाद भी स्थायी समाधान नहीं किया गया। इस पर राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण ने एनवीडीए को चेतावनी दी है कि इतने लंबे समय तक रिसाव को नजरअंदाज करना बांध की संरचनात्मक मजबूती को कमजोर कर सकता है और भविष्य में बड़ी आपदा का कारण बन सकता है। निगरानी तंत्र कमजोर रिपोर्ट में बांध के सुरक्षा वर्गीकरण को भी भ्रामक बताया गया है। निरीक्षण दल के अनुसार, बरगी बांध को मामूली कमियों की श्रेणी में रखना वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता। रिसाव के दबाव और व्यवहार को मापने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और प्रभावी निगरानी प्रणाली का अभाव है। साथ ही, अति-संवेदनशील क्षेत्रों में अनधिकृत लोगों की आवाजाही जारी है। बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राजकुमार सिन्हा ने भी इसे लाखों लोगों की जिंदगी से सीधा खिलवाड़ बताया है। अधिकारियों का क्या कहना राजेश सिंह, ईई, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण का कहना है कि केंद्रीय जल आयोग और राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने सितंबर 2025 में निरीक्षण किया था। कुछ कमियां निकाली हैं, जिनका सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद जांच करवाकर हम पता करेंगे कि कहां-कहां से पानी की रिसाव हो रहा है।