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इंदौर में डॉग फीडिंग के नियमों में बदलाव, निगम ने 172 फूड प्वाइंट्स तय कर सख्त गाइडलाइन जारी की

इंदौर नगर निगम ने शहर में आवारा श्वानों को लेकर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। शहरभर के सभी वार्डों में 172 स्थानों को आवारा श्वानों के लिए फूड प्वाइंट के रूप में चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर आने वाले दिनों में सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि नागरिकों को तय स्थानों की जानकारी मिल सके। शहर में विवाद रोकने के लिए तय किए गए फूड प्वाइंट नगर निगम द्वारा सभी जोनों के अंतर्गत आने वाले वार्डों में ऐसे खुले स्थानों की पहचान की गई है, जहां आवारा श्वानों को भोजन दिया जा सके। अक्सर गलियों और रहवासी इलाकों में श्वानों को भोजन देने को लेकर विवाद की स्थिति बनती रही है। इसी को देखते हुए निगम ने ऐसे स्थान तय किए हैं, जहां किसी भी रहवासी को आपत्ति न हो। ये स्थान खुले इलाकों में और रहवासी क्षेत्रों से दूर रखे गए हैं। 172 स्थानों की सूची निगम वेबसाइट पर उपलब्ध नगर निगम अधिकारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार पहले चरण में 172 स्थानों को आवारा श्वानों के लिए फूड प्वाइंट के रूप में चिह्नित किया गया है। इन सभी स्थानों की सूची निगम की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। जल्द ही यह सूची सभी जोनल कार्यालयों को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित कार्यालयों में इसे चस्पा किया जा सके। तय स्थानों पर सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे, जिससे लोग केवल निर्धारित स्थानों पर ही भोजन सामग्री दे सकें। नियम तोड़ने वालों पर होगी चालानी कार्रवाई नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवारा श्वानों को भोजन केवल तय किए गए फूड प्वाइंट पर ही दें। प्रारंभ में लोगों को समझाइश दी जाएगी, लेकिन बाद में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। निर्धारित स्थानों के अलावा अन्य जगहों पर श्वानों को भोजन देने वालों के खिलाफ निगम द्वारा चालान बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। पालतू श्वान मालिकों के लिए भी जारी की चेतावनी नगर निगम ने पालतू श्वान पालने वालों के लिए भी जाहिर सूचना जारी की है। निगम ने श्वान मालिकों से अपील की है कि वे अपने पालतू श्वानों का रजिस्ट्रेशन और टीकाकरण अनिवार्य रूप से कराएं। पत्थर गोदाम रोड स्थित निगम मुख्यालय में टीकाकरण और रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। निगम के अनुसार शहर में बड़ी संख्या में श्वान पालने वाले ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक अपने श्वानों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।  

योगी सरकार की सख्ती, ‘सफेद कोट लव जिहादी’ को किया गिरफ्तार

योगी सरकार की सख्ती से ‘सफेद कोट लव जिहादी’ गिरफ्तार – डॉ रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज पर केजीएमयू में एमडी पैथोलॉजी की छात्रा को शादी का झांसा देकर लंबे समय से दुष्कर्म करने का आरोप  – पीड़िता का गर्भपात कराने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का भी आरोप – पीड़िता की शिकायत पर चौक पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में दर्ज किया था मुकदमा – चौक पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 50 हजार के इनामी आरोपी रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज को किया गिरफ्तार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश पुलिस की अवैध धर्मांतरण को लेकर कार्रवाई जारी है। लखनऊ पुलिस ने चिकित्सा की आड़ में अपराध करने वाले ‘सफेद कोट लव जिहादी’ को गिरफ्तार किया है। आरोपी रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज केजीएमयू में एमडी पैथोलॉजी की छात्रा को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करता था और उस पर धर्मपरिवर्तन का दबाव भी बना रहा था। योगी सरकार ने फरार आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 को पीड़िता की शिकायत पर थाना चौक में मुकदमा दर्ज हुआ था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी डॉक्टर रमीज ने शादी का झांसा देकर कई महीनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया और बिना उसकी सहमति से गर्भपात भी कराया। इसके बाद आरोपी पीड़िता पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने एक अन्य मेडिकल छात्रा के साथ भी यही तरीका अपनाया। उसके साथ भी दुष्कर्म किया और जबरन गर्भपात कराया। साथ ही धर्म परिवर्तन कराकर शादी कराई गई। जांच में आरोपी के परिजनों की संलिप्तता भी सामने आई। इसके बाद मुकदमे में गंभीर धाराएं जोड़ी गईं। आरोपी के पिता सलीमुद्दीन और माता खतीजा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों न्यायिक अभिरक्षा में हैं। अन्य सहयोगियों के नाम भी प्रकाश में आए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत फरार आरोपी की तलाश तेज की गई। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। थाना चौक और सर्विलांस टीम पश्चिम लखनऊ ने संयुक्त कार्रवाई की। मुखबिर तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से सुराग मिलने पर आरोपी डॉ.  रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज  को शुक्रवार दोपहर सिटी स्टेशन लखनऊ गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है। डॉक्टर की पहचान का दुरुपयोग करता था। अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि सफेद कोट की आड़ में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हाइवा से टकराने से कार सवार युवक-युवती की मौत

बिलासपुर. जिले में फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है. सड़क हादसे में कार सवार युवक-युवती की मौत हो गई. तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क के दूसरी ओर चली गई, जिसके बाद हाइवा से जा भिड़ी. हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है. बताया जा रहा है कि कार में चार दोस्त शराब पार्टी के बाद घूमने के लिए निकले हुए थे. घटना गुरुवार की दरमियानी रात की है. अब इससे जुड़ा हुआ लाइव सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. वहीं मृतकों की पहचान हो गई है. जानकारी के मुताबिक, घटना सरकंडा थाना इलाके के नूतन चौक की है. जांजगीर के रहने वाले 4 दोस्त टाटा नेक्सॉन में सवार थे. बताया जा रहा है कि वह शराब पार्टी के बाद घूमने के लिए निकले थे. नूतन चौक के पास चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया. तेज रफ्तार में ब्रेक लगने पर कार का पिछला चक्का फिसल गया. कार मुड़कर सड़क की दूसरी ओर चली गई और मुरुम लोड हाइवा से टक्कर गई. हादसे में युवती समेत 2 लोगों की मौत हुई है. मृतकों की पहचान हिमांशु राठौर और अंशु चंद्रा के रूप में हुई है.

हाईकोर्ट का ग्वालियर में नगर निगम को कड़ा संदेश, अवैध निर्माण पर सख्ती: इंदौर त्रासदी को न भूलें

ग्वालियर  ग्वालियर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने शहर में अवैध निर्माण के एक मामले की सुनवाई के दौरान ग्वालियर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि नगर निगम यदि अपने वैधानिक दायित्वों का पालन नहीं कर रहा।  हाईकोर्ट ने कहा कि भागीरथपुरा हादसे में कई लोगों की जान गई, जिसे इंदौर पीठ ने संज्ञान में लिया है। यह स्थिति अपने आप बताती है कि अवैध निर्माण को समय रहते नहीं रोका गया, तो बड़ी त्रासदी से इंकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने ग्वालियर नगर निगम की स्थिति को भी चिंताजनक बताया। आयुक्त को चेतावनी, शून्य सहनशीलता अपनाने के निर्देश कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त से कहा कि वे इंदौर की त्रासदी से सबक लें और शहर में अवैध निर्माण के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाएं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि नगर निगम समय रहते कार्रवाई नहीं करता है, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इंकार नहीं किया जा सकता। दुकानदारों के बीच विवाद से जुड़ा है मामला मामला दो दुकानदारों निहाल चंद और गोपाल चंद के बीच अवैध निर्माण को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है। बताया गया कि दीवारें हटाकर 8 दुकानों को 5 दुकानों में बदल दिया गया था और दुकानों के बाहर टीनशेड का अवैध निर्माण कर दिया गया था। यह विवाद सबसे पहले जिला न्यायालय पहुंचा, जहां छठवें अपर जिला न्यायाधीश ने दुकानों के बाहर किए गए निर्माण को हटाने और आंतरिक दीवारों का पुनर्निर्माण कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद निहाल चंद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जहां मामले पर विस्तार से सुनवाई हुई। 15 दिन में अवैध ढांचा हटाने के आदेश हाईकोर्ट ने दुकानों के बाहर बिना अनुमति बनाए गए ढांचे को अवैध ठहराते हुए 15 दिनों के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि तय समयसीमा में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो 16वें दिन नगर निगम स्वयं कार्रवाई कर ढांचा हटाएगा और उसका खर्च संबंधित दुकान मालिकों से वसूला जाएगा। ‘बिल्डिंग परमिशन कोई रस्म नहीं’ कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बिल्डिंग परमिशन कोई औपचारिकता नहीं है। अनुमति देते समय एफएआर, भूमि विकास नियम और मास्टर प्लान जैसे सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन कर निर्माण करता है, तो उसे हटवाना नगर निगम की कानूनी जिम्मेदारी है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि ग्वालियर नगर निगम ने अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया, जिसके कारण शहर में अवैध निर्माण पनपते रहे।  

सागर दौरे पर सीएम मोहन यादव, खुरई में रोड शो और विकास कार्यों का शिलान्यास, बुंदेली अंदाज में स्वागत

सागर   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज सागर दौरे पर हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव का खुरई विधानसभा में यह पहला दौरा है. खुरई में सीएम रोड शो के साथ आमसभा को संबोधित करेंगे. साथ ही यहां करीब 312 करोड़ रु की लागत से 86 निर्माण कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात देंगे. इससे पहले पूर्व मंत्री व खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी, आईजी हिमानी खन्ना, कलेक्टर संदीप जीआर और एसपी विकास शाहवाल ने के साथ कार्यक्रम स्थल में व्यवस्थाओं का जायदा लिया. ऐसा रहेगा सीएम का सागर दौरा रोड शो में शामिल होकर सभास्थल पहुंचेंगे सीएम पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने बताया, '' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुरई के गुलाबरा बगीचा स्टेडियम स्थित हैलीपेड पर हैलीकाप्टर से उतरेंगे. यहां से विशेष रथ पर सवार होकर रोड शो के रूप में पुराने जनपद, परसा चैराहा, झंडा चौक, महाकाली मंदिर, डोहेला किला, पॉलीटेक्निक रोड होते हुए नवीन गल्ला मंडी के पास आमसभा स्थल पहुंचेंगे. इस दौरान खुरई की बुंदेली परंपरा के अनुसार उनका अभूतपूर्व स्वागत होगा.'' भूपेन्द्र सिंह ने आगे कहा, ''मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए खुरई नगर दीपावली की तरह सजाया गया है. रोड शो रूट पर करीब 150 स्वागत मंच और सैंकड़ों स्वागत द्वार बनाए गए हैं. रोड शो के मार्ग पर सभी घरों से मुख्यमंत्री के रथ पर पुष्प वर्षा होगी. बुंदेली परंपरा के लोकनृत्य, लोकवाद्यों से सजे विभिन्न सांस्कृतिक दल रोड शो रूट पर मुख्यमंत्री के स्वागत में रहेंगे.'' सीएम के कार्यक्रम में गायिका अनन्या पाल देंगी प्रस्तुति पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि सभास्थल पर विभिन्न प्रकार के एग्जीबिशन स्टाल लगाए गए हैं जिनके माध्यम से क्षेत्र की विशेषताओं और उपलब्धियों से मुख्यमंत्री व आमजनता को अवगत कराया जाएगा. इनमें एक जिला-एक उत्पाद में दर्ज खुरई के प्रसिद्ध कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी शामिल है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव करेंगे. सभा स्थल पर गायिका अनन्या पाल के भजन, देशभक्ति गीतों का सांस्कृतिक कार्यक्रम 11 बजे ही आरंभ हो जाएगा. रोड शो के दौरान ड्रोन से होगी निगरानी पुलिस महानिरीक्षक हिमानी खन्ना ने रोड शो के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल और रूट टीम लगाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि रोड शो में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाए. साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे कार्यक्रम के दौरान हर गतिविधि की लगातार निगरानी की जाएगे.

अशोक लीलैंड के प्लांट से 1000 युवाओं को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार, 2000 से अधिक को अतिरिक्त आजीविका के अवसर

यूपी में खुल रहे रोजगार के अवसर, युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और नौकरी अशोक लीलैंड के प्लांट से 1000 युवाओं को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार, 2000 से अधिक को अतिरिक्त आजीविका के अवसर प्रतिवर्ष 10,000 युवाओं को स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण के लिए जल्द एमओयू भी करेगी कंपनी उत्तर प्रदेश में पौने नौ वर्षों में निवेश के आधार पर प्रदेश सरकार ने दी 60 लाख से अधिक रोजगार की मजबूत गारंटी प्रदेश में अब तक 30,219 फैक्ट्रियां पंजीकृत, 3 करोड़ 63 लाख से अधिक रोजगार सृजित लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में उद्योग और निवेश के बढ़ते माहौल के बीच अशोक लीलैंड के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शुभारंभ राज्य में रोजगार के नए द्वार खोलने वाला साबित हो रहा है। यह प्लांट न केवल औद्योगिक विकास का प्रतीक है, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर लेकर आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि इस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के माध्यम से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं विकसित हुई हैं, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे। अशोक लीलैंड के इस प्लांट में सीधे तौर पर 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि इसके साथ जुड़े सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स, सर्विस सेक्टर और एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से अतिरिक्त 2000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। यानी कुल मिलाकर यह परियोजना हजारों परिवारों की आजीविका से सीधे जुड़ने जा रही है। इसके साथ ही कंपनी द्वारा प्रदेश सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू करने की तैयारी भी है, जिसके तहत हर वर्ष उत्तर प्रदेश के 10 हजार युवाओं को स्किल डेवलपमेंट से जोड़ा जाएगा। इसका अर्थ है कि केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि युवाओं को आधुनिक औद्योगिक प्रशिक्षण भी मिलेगा, जिससे वे भविष्य के उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के योग्य बन सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते पौने नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश निवेश और उद्योग के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना चुका है। राज्य सरकार ने निवेश आधारित रोजगार के माध्यम से 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार की गारंटी दी गई है। यह संकेत है कि निवेश केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तविक परियोजनाओं में बदलकर रोजगार के रूप में सामने आ रहा है। श्रम विभाग के ताजा आंकड़े भी इस परिवर्तन की पुष्टि करते हैं। मार्च 2016 से 26 दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 30,219 फैक्ट्रियां पंजीकृत हुई हैं, जिनमें 3 करोड़ 63 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इसके अलावा विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) और अनन्य आर्थिक क्षेत्र में 96 इकाइयां पंजीकृत की गई हैं। साथ ही इन्वेस्ट यूपी के सारथी पोर्टल पर लगभग 23,000 एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जिनसे लगभग 90 लाख रोजगार सृजन की संभावना जताई गई है। अशोक लीलैंड का प्लांट इन्हीं एमओयू और ग्राउंडब्रेकिंग परियोजनाओं का साकार रूप है। अशोक लीलैंड का यह प्लांट उत्तर प्रदेश को ऑटोमोबाइल और कमर्शियल वाहन निर्माण का एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। प्लांट के संचालन से स्थानीय युवाओं को रोजगार के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान, मशीनरी संचालन, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग और सप्लाई चेन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर मिलेंगे। इससे क्षेत्र के छोटे उद्योगों, परिवहन सेवाओं, पार्ट्स निर्माण इकाइयों और मरम्मत सेवाओं को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

पोगो पर इतिहास रचने आ रहा है ‘ओमी नंबर ओवन’, भारतीय एनीमेशन को मिला नया सुपरस्टार!

पोगो पर इतिहास रचने आ रहा है ‘ओमी नंबर ओवन’ – भारतीय एनीमेशन को मिला नया सुपरस्टार! धनबाद  भारतीय बच्चों के मनोरंजन जगत में एक नया, ताज़ा और बेहद आकर्षक अध्याय जुड़ चुका है। वेककीटुंस  स्टूडियो की बहुप्रतीक्षित ओरिजिनल एनिमेटेड सीरीज़ ‘ओमि नंबर1’ ने 15 दिसंबर 2025 को पोगो चैनल पर शानदार शुरुआत की है। यह शो केवल हँसी-मज़ाक तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के लिए एक ऐसी रंगीन और भरोसेमंद दुनिया रचता है, जिससे वे खुद को जोड़ सकें। सीईओ निलॉय कांती बिस्वास का विज़न वैक्कीटूंस स्टूडियो के सीईओ निलॉय कांती बिस्वास ने बताया कि ‘ओमि नंबर1’ को एक साधारण कॉमेडी शो की तरह नहीं, बल्कि एक मजबूत कहानी और किरदारों से भरी सीरीज़ के रूप में गढ़ा गया है। इसका मकसद बच्चों को केवल हँसाना ही नहीं, बल्कि उन्हें प्रेरित करना और उनकी कल्पनाओं को नई उड़ान देना है। सालों की मेहनत, जुनून और टीमवर्क का नतीजा इस सीरीज़ के दो पूरे सीज़न तैयार करने में कई वर्षों की अथक मेहनत लगी। दिन-रात की कड़ी मेहनत, बार-बार किए गए बदलाव और पूरी स्टूडियो टीम की निरंतर लगन ने इस सपने को हकीकत में बदला। बिस्वास ने कहा कि शो का ऑन-एयर होना क्रिएटर्स के लिए एक भावनात्मक और गर्व का क्षण है, क्योंकि अब यह रचना सीधे दर्शकों के दिलों तक पहुंचेगी। इंडस्ट्री दिग्गजों का मजबूत सहयोग उन्होंने वार्नर ब्रॉस. डिस्कवरी के अर्जुन नोहरवार और साई अभिषेक का विशेष धन्यवाद किया, जिनके सहयोग से यह सीरीज़ पोगो तक पहुंची। साथ ही सोनी के अंबेश तिवारी, रोनोजॉय चक्रवर्ती और अक्षिता खुल्लर की भूमिका को भी सराहा, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने और स्टूडियो के साथ मिलकर काम करने में अहम योगदान दिया। कब देखें ‘ओमि नंबर 1? अब बच्चों की शाम और भी मज़ेदार होने वाली है, क्योंकि ‘ओमि नंबर 1 ' हर सोमवार से शुक्रवार पोगो चैनल पर प्रसारित होगा। क्यों खास है ‘ओमि नंबर 1’? भारतीय सोच और संस्कृति से जुड़ी कहानी बच्चों से तुरंत जुड़ने वाले मज़ेदार किरदार हास्य के साथ सकारात्मक संदेश भारतीय एनीमेशन इंडस्ट्री का नया मील का पत्थर   'ओमि नंबर 1’ केवल एक कार्टून नहीं, बल्कि भारतीय एनीमेशन की बढ़ती ताकत, रचनात्मकता और वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम है। आने वाले दिनों में यह शो बच्चों का नया फेवरेट बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। अजय मुखोपाध्याय/ धनबाद

खंडवा में व्यापारी से 2 करोड़ की ज्वेलरी लूटी, फायरिंग से मची भगदड़; 7 बदमाशों ने 900 ग्राम सोना और 80 किलो चांदी लूटे

खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा में एक सराफा कारोबारी पर जानलेवा हमला कर फिल्मी स्टाइल में करीब दो करोड़ रुपए कीमत का सोने—चांदी का माल लूट लिया गया। सात बदमाशों ने व्यापारी पर अचानक हमला कर घायल कर जेवर से भरा बैग छीन लिया। कुछ लोगों ने पीछा करने का प्रयास किया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार जिले का पुनासा कस्बे में शुक्रवार शाम साप्ताहिक हाट और मेले की भीड़ का फायदा उठाकर 7 बेखौफ बदमाशों ने सराफा व्यापारी राकेश सोनी पर उस समय हमला कर दिया, जब वे दुकान बंद कर, बैग में सोने-चांदी का सामान रखकर घर जा रहे थे। बदमाशों के अचानक हुए हमले में वे संभल नहीं पाए। बैग में करीब 80 किलो चांदी और 900 ग्राम सोने के जेवर बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पहले से घात लगाए बैठे थे बदमाश सीसीटीवी में कैद घटना के अनुसार यह वारदात सोलंकी मार्केट स्थित कृष्णा ज्वेलर्स की है। दुकान संचालक राकेश सोनी शुक्रवार शाम अपनी दुकान बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने ज्वेलरी को दो बैगों में रखा था। तभी वहां घात लगाए बैठे 7 हथियारबंद बदमाशों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। इस दौरान राकेश ने बचाव के प्रयास किए, लेकिन बदमाशों ने लाठी, पत्थर और धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया और बैग छीन ले गए। लोगों ने पीछा किया तो फायरिंग कर दी भरे बाजार चंद सेकंड में लूट की इस वारदात के बाद जब बदमाश भागे तो कुछ दुकानदार व लोगों ने पीछा करने का प्रयास किया, तो बदमाश फायरिंग करते हुए भाग निकले। उनके पास तमंचे बताए जा रहे हैं। बदमाश धाराजी रोड की तरफ भागे थे। जिलेभर में सर्चिंग, सीसीटीवी खंगला रही पुलिस मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। SP मनोज राय और ASP राजेश रघुवंशी ने जिले भर में नाकाबंदी कराने और जगह-जगह चैकिंग लगा दी है। जिले से बाहर जाने वाले रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया है। पुलिस जंगल से सटे आसपास के इलाके में भी सर्चिंग चला रही है। इलाके के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं।  

Indywood की पहल: 5 भारतीय फिल्में, एक मंच और भारत की ऑस्कर तक पहुंच

5 भारतीय फिल्में, एक वैश्विक मंच: Indywood ने भारत को ऑस्कर तक पहुंचाया सतना भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी खुशखबरी, भारत की पाँच फीचर फ़िल्मों ने आधिकारिक तौर पर 2026 के अकादमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर) की दौड़ में प्रवेश किया है। यह हाल के वर्षों में भारत की सबसे मज़बूत वैश्विक उपस्थिति मानी जा रही है।जनरल कैटेगरी में शामिल होने वाली इन फ़िल्मों में पारो (हिंदी), दशावतार (मराठी), महामंत्रा  द ग्रेट चैंट (अंग्रेज़ी), टूरिस्ट फ़ैमिली (तमिल) और गेवी (तमिल) शामिल हैं। इस उपलब्धि को और खास बनाते हुए टूरिस्ट फ़ैमिली को ऑस्कर की बेस्ट पिक्चर श्रेणी के लिए भी विचारार्थ स्वीकार किया गया है, जिससे यह हॉलीवुड के सर्वोच्च सम्मान के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली वैश्विक फ़िल्मों की सूची में शामिल हो गई है। इन पाँचों फ़िल्मों को कई प्रमुख जनरल प्रतियोगिता श्रेणियों में पात्रता प्राप्त हुई है, जिनमें बेस्ट एक्टर, बेस्ट एक्ट्रेस, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट प्रोड्यूसर, बेस्ट ओरिजिनल स्क्रीनप्ले, प्रोडक्शन डिज़ाइन, सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग सहित अन्य योग्य श्रेणियाँ शामिल हैं। इन जनरल कैटेगरी प्रविष्टियों के अलावा, इंडीवुड ने दो अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को विशेष श्रेणियों में भी ऑस्कर रेस में शामिल कराया है। दिया सूर्या की फ़िल्म लीडिंग लाइट को शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री श्रेणी में, जबकि महामंत्रा को डॉक्यूमेंट्री फ़ीचर श्रेणी में प्रस्तुत किया गया है। दोनों ही प्रोजेक्ट्स ने क्वालिफिकेशन प्रक्रिया पूरी कर अपने-अपने ऑस्कर डिसिप्लिन लिस्ट में आधिकारिक तौर पर स्थान बनाया है, जिससे भारत की मौजूदगी फीचर फ़िल्मों से आगे भी मज़बूत हुई है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि टूरिस्ट फैमिली को ऑस्कर के बेस्ट पिक्चर कैटेगरी में विचार के लिए स्वीकार किया गया है, जिससे यह हॉलीवुड के सर्वोच्च सम्मान के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा में शामिल हो गई है। इन पांचों फिल्मों को कई सामान्य प्रतियोगिता श्रेणियों में पात्रता मिली है, जिनमें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ निर्माता, सर्वश्रेष्ठ मौलिक पटकथा, प्रोडक्शन डिजाइन, सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग और अन्य योग्य श्रेणियां शामिल हैं। इनके अलावा, इंडीवुड ने दो अन्य महत्वपूर्ण कृतियों को विशेष पुरस्कार श्रेणियों में प्रवेश दिलाया है. दीया सुरिया की ‘लीडिंग लाइट’, जिसे शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री के लिए प्रस्तुत किया गया है, और महामंत्र, जिसे डॉक्यूमेंट्री फीचर कैटेगरी में शामिल किया गया है. दोनों ने सफलतापूर्वक योग्यता प्रक्रिया पूरी की और अपनी-अपनी ऑस्कर सूची में आधिकारिक रूप से प्रतिस्पर्धा की, जिससे भारतीय प्रतिनिधित्व फीचर फिल्मों से आगे बढ़ा। इन फिल्मों का सबमिशन इंडीवुड एंटरटेनमेंट कंसोर्टियम की व्यापक इंडो-ग्लोबल दृष्टि का हिस्सा है. इंडीवुड ने एक संरचित प्लेटफॉर्म तैयार किया है जो फिल्म निर्माताओं को अकादमी की जटिल स्वीकृति और सबमिशन प्रक्रिया में मार्गदर्शन, तैयारी और समर्थन प्रदान करता है, जिसमें अनुपालन, दस्तावेज़ीकरण, मार्केटिंग रणनीति और अंतरराष्ट्रीय पोजिशनिंग शामिल है। इस प्रयास ने भारतीय फिल्मों की दृश्यता को अकादमी के वोटिंग सदस्यों, फेस्टिवल चयनकर्ताओं और वैश्विक वितरकों के बीच बढ़ाया है। पिछले एक दशक में, इंडीवुड ने फिल्म परिषदों, अंतरराष्ट्रीय मीडिया और उद्योग निकायों के साथ संबंध बनाए हैं ताकि भारतीय फिल्मों की सीमाओं के पार स्वीकार्यता बढ़ सके. इस सतत प्रयास ने ऑस्कर में प्रवेश को मुख्यधारा और स्वतंत्र भारतीय फिल्म निर्माताओं के लिए एक यथार्थवादी मार्ग बना दिया है। इंडीवुड एंटरटेनमेंट कंसोर्टियम के संस्थापक सोहन रॉय ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा,“इंडीवुड हमेशा गर्व से भारतीय कहानियों के स्पेक्ट्रम को विश्व मंच पर लाने का प्रयास करता रहा है। इस वर्ष चयनित फिल्मों ने एक अनूठा रचनात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है और मिलकर वे आधुनिक भारतीय सिनेमा की कलात्मक महत्वाकांक्षा और विकास को दर्शाती हैं. अकादमी का विचार हमारे फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और प्रोडक्शन टीमों के जुनून का प्रमाण है। इन परियोजनाओं ने भारत की बहुभाषी सिनेमाई पारिस्थितिकी तंत्र के वैश्विक प्रशंसा को बढ़ाया है और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए नई रचनात्मक पहलों को प्रोत्साहित किया है। इंडीवुड एंटरटेनमेंट कंसोर्टियम अब तक 65+ भारतीय फिल्मों को ऑस्कर और प्रमुख ए-लिस्ट फिल्म फेस्टिवल्स में प्रस्तुत कर चुका है. इसके कुछ प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं — गोअट लाइफ (मलयालम), 2018 (मलयालम), कंगुआ (तमिल), पुतुल (बंगाली), बैंड ऑफ महाराजाज (हिंदी), ज़ेब्रा (बंगाली), जय भीम (तमिल), मराक्कर: द लायन ऑफ अरेबियन सी (मलयालम), पुलिमुरुगन (मलयालम), द फ्रोज़न फायर (सिंहली), टूरिंग टॉकीज (मराठी), जोसेफ (अंग्रेजी), डियर मॉली (हिंदी), प्रल्हाद (हिंदी शॉर्ट फिल्म), सरपटत्वम (अंग्रेजी और मलयालम शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री), ब्लैक सैंड (अंग्रेजी डॉक्यूमेंट्री) और कई अन्य। इस वर्ष ऑस्कर की दौड़ में शामिल अन्य भारतीय फिल्मों में शामिल हैं — सिस्टर मिडनाइट, होमबाउंड, पापा बुका, कांतारा – चैप्टर 1, महावतार नरसिंह और तन्वी द ग्रेट। नामांकन के लिए वोटिंग सोमवार, 12 जनवरी 2026 से शुरू होकर शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को समाप्त होगा. सभी श्रेणियों में नामांकन की घोषणा 22 जनवरी 2026 को लाइव की जाएगी।

पंजाब और जम्मू के CBSE स्कूलों का रीजनल ऑफिस लुधियाना में शिफ्ट!

लुधियाना. पंजाब और जम्मू के स्कूलों और विद्यार्थियों को सीबीएसई से अपने काम करवाने के लिए मोहाली की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी क्योंकि सीबीएसई ने अपना रीजनल ऑफिस लुधियाना शिफ्ट कर लिया है। बताया जा रहा है कि बोर्ड का स्थायी दफ्तर तो चंडीगढ़ रोड पर सरकारी जमीन पर बनेगा लेकिन कुछ समय के लिए इसको शेरपुर रोड स्थित एक बिल्डिंग में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार रीजनल ऑफिस में कुल 12 विभागों का काम होता है जिसमें से 4 तो लुधियाना के इस नए अस्थाई ऑफिस में अपना काम शुरू करने के लिए प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं जबकि बाकी विभाग भी मोहाली से शिफ्ट हो रहे हैं। बोर्ड सूत्रों की मानें तो लुधियाना एक सेंट्रल शहर है जहां तक आने के लिए खासकर पंजाब के स्कूलों को ज्यादा सफर तय नहीं करना पड़ेगा।