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अशोक लेलैंड की ईवी निर्माण यूनिट उत्तर प्रदेश को बनाएगी स्वच्छ और हरित परिवहन के क्षेत्र में अग्रणीः रक्षा मंत्री

विकसित भारत का रास्ता, विकसित उत्तर प्रदेश से होकर जाता हैः रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अशोक लेलैंड की ईवी निर्माण यूनिट उत्तर प्रदेश को बनाएगी स्वच्छ और हरित परिवहन के क्षेत्र में अग्रणीः रक्षा मंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में आर्थिक विकास का पर्याय बन चुका है उत्तर प्रदेशः राजनाथ सिंह मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मुहिम का सकारात्मक परिणाम है यह मैन्युफैक्चरिंग यूनिटः राजनाथ सिंह लखनऊ  प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को अशोक लेलैंड कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) निर्माण की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के उद्घाटन अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। यह यूनिट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश को भी स्वच्छ, हरित परिवहन और भविष्य की तकनीक के विकास में अग्रणी बनाएगी। साथ ही युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के साथ ईवी की भविष्य की तकनीक में स्किल डेवलपमेंट प्राप्त करने का अवसर भी प्रदान करेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने वर्ष 2047 में विकसित भारत का जो लक्ष्य तय किया है, उसका रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर ही जाएगा। विकसित भारत का रास्ता, विकसित उत्तर प्रदेश से होकर ही जाता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश का जनप्रतिनिधि होने के नाते मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि यह लखनऊ की भूमि है, जो सभी को आसानी से अपने हृदय में जगह देती है और पूरा सहयोग करती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, जो कभी बीमारू राज्य कहा जाता था, जो गुंडों और अपराधियों के नाम से पहचाना जाता था, आज वहां उद्योग की बड़ी-बड़ी इकाइयां स्थापित हो रही हैं। इसके लिए मैं उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देना चाहूंगा। उन्होंने जिस तरह से प्रदेश की कानून-व्यवस्था और औद्योगिक निवेश के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया है, वह प्रशंसनीय है। आज उत्तर प्रदेश आर्थिक विकास का पर्याय बन चुका है। यहां न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियां बढ़-चढ़कर निवेश कर रही हैं। जिस तरह से मुख्यमंत्री फॉर्च्यून-500 कंपनियों को उत्तर प्रदेश में लेकर आए हैं,  मैं उनकी सराहना करता हूं। डिफेंस निर्माण के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश सेना के लिए गोला-बारूद से लेकर एयरक्राफ्ट और ब्रह्मोस जैसी मिसाइल का निर्माण कर रहा है।  रक्षा मंत्री ने कहा कि इस इकाई की स्थापना में जहां 60 महीने लगने थे, वहां आप सभी ने मिलकर रिकॉर्ड 18 महीने में इसे पूरा कर लिया। इसके लिए हिंदुजा ग्रुप, अशोक लेलैंड और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निःसंदेह प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल भविष्य का परिवहन है और आने वाले समय में पेट्रोलियम आधारित वाहनों की संख्या धीरे-धीरे कम होती जाएगी। ऐसे में उत्तर प्रदेश में अशोक लेलैंड की यह यूनिट न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश को स्वच्छ और हरित परिवहन के साथ भविष्य की तकनीक के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि दिलाएगी।  रक्षा मंत्री ने कहा कि इस यूनिट के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं का स्किल डेवलपमेंट भी होगा जिससे प्रदेश के लाखों युवा आने वाले समय में रोजगार और अच्छी आय के लिए तैयार होंगे। उन्होंने बताया कि डबल इंजन की सरकार ने पिछले 11 वर्षों में जिस तरह देश में सड़कों का जाल बिछाया है, उसने औद्योगिक विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मुहिम का सकारात्मक परिणाम है। आज भारत जिस गति से आर्थिक तरक्की कर रहा है, वह दिन दूर नहीं जब हम विकसित देशों की कतार में खड़े होंगे।  इस अवसर पर केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी उपस्थित रहे।

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा और पूर्व निगमायुक्त के खिलाफ परिवाद दायर

 इंदौर  इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीकर लोगों की मौत होने के मामले में अब एक नया कोर्ट केस दायर किया गया है. यह केस दूषित पानी के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए लगाया गया है. भागीरथपुरा के रहने वाले रामू सिंह द्वारा वकील दिलीप नागर के माध्यम से कोर्ट में यह परिवाद लगाया गया है. इस याचिका में बताया गया है कि 2 साल से भागीरथपुरा के लोग गंदा पानी पी रहे हैं. 2024 में एक युवती की दूषित पानी पीने से मौत हो गई थी. इसके बाद से यहां की नर्मदा पाइपलाइन बदलने की नोटशीट जारी हो गई थी. इसके टेंडर भी हो गए थे, लेकिन तत्कालीन निगमायुक्त और वर्तमान इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने टेंडर को दबा लिया, उनके बाद आए निगमायुक्त दिलीप यादव ने भी यह टेंडर पास नहीं किया. लगातार लोगों के बीमार और मौत होने के बाद 30 दिसंबर को यह टेंडर पास किया गया था. यदि यह टेंडर समय पर पास हो जाता तो इतने लोगों की जान नहीं जाती. इस वजह से तत्कालीन दोनों निगमायुक्त, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और जल कार्य अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किए जाने का आवेदन रामू के वकील बाणगंगा थाने गए थे, वहां पुलिस द्वारा आवेदन नहीं लिए जाने की वजह से रामू को वकील के माध्यम से जिला कोर्ट में परिवाद लगाकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग कोर्ट से की गई है. साथ ही मांग की गई है कि जांच होने तक सभी अधिकारियों को उनके पद से हटाया जाए. सरकार ने इतने लोगों की जान लेने वाले अधिकारियों की पदोन्नति की है. कोर्ट ने 24 जनवरी तक पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश बाणगंगा थाना प्रभारी को दिए है.

नशे के कारोबार पर सख्ती: गांजा बेचने वाले दंपती की 35 लाख की संपत्तियां जब्त

रायपुर अवैध मादक पदार्थ गांजा की बिक्री करने के आरोपी दंपती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए SAFEMA/NDPS कोर्ट ने लगभग 35 लाख की अवैध संपत्तियों को फ्रीज किया है. जांजगीर थाना क्षेत्र अंतर्गत जर्वे निवासी आरोपी महेंद्र साहू पिता किशन लाल साहू के विरुद्ध पूर्व में 4 अपराध NDPS एक्ट के तहत जिला जांजगीर चांपा में दर्ज है. इसके पहले NDPS विशेष न्यायालय, जिला–जांजगीर चांपा 26 जुलाई 2019 को महेंद्र साहू को 10 वर्ष के सश्रम कारावास दे चुका है. वहीं 30 दिसंबर 2025 को SAFMA/NDPS कोर्ट, मुंबई ने नारकोटिक्स पदार्थों के अवैध तस्करी से महेंद्र साहू और उसकी पत्नी चित्रलेखा साहू द्वारा अर्जित लगभग 35 लाख की चल-अचल संपत्ति को NDPS अधिनियम 1985 की धारा 68(C) का उल्लंघन पाते हुए फ्रीज करने का आदेश जारी किया.

इश्क, कत्ल और राज़: कानपुर में प्रेमी ने 7 बच्चों की मां को मारकर गड्ढे में छुपाया शव, 8 महीने बाद सामने आई सच्चाई

कानपुर यूपी के कानपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक महिला की फिल्म दृश्यम की तरह हत्या कर दी गई। दरअसल, महिला की हत्या कर उसका शव जमीन में दफना दिया गया। मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने हत्यारोपी और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित गोरेलाल ने बताया कि महिला के संबंध एक किसी और से हो गए थे। इसके अलावा वह उम्र में भी 12 साल बढ़ी थी। इसके अलावा उसके पहले से ही 7 बच्चे थे। इसी वजह से पीछा छुड़ाने के लिए उसकी हत्या कर तीन फीट के गड्ढे में शव दफना दिया।   ये मामला सतेजी थाना क्षेत्र के टिकवांपुर गांव का है। यहां रहने वाले रामबाबू शंखवार को कैंसर था, पांच साल पहले उसकी मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद पत्नी रेशमा सात बच्चों को छोड़कर पड़ोसी गोरेलाल शंखवार के साथ रहने लगी थी। अप्रैल में वह गोरेलाल के साथ इटावा गेहूं कटाई करने गई थी, लेकिन वहां से लौटने के बाद किसी को नहीं मिली। इसके कुछ महीने बाद 29 नवंबर को एक शादी समारोह में महिला के बेटे बबलू ने प्रेमी से मां के बारे में पूछा तो उसने कहा कि अब वह कभी लौटकर नहीं आएगी। इस पर बब्लू ने पांच जनवरी को एसीपी के यहां शिकायत लेकर पहुंचा और सारी बात बताते हुए न्याय की गुहार लगाई। एसीपी के निर्देश पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो उसने इधर-उधर की बातें करके गुमराह करने की कोशिश की लेकिन शख्ती से पूछताछ करने पर पर टूट गया और रेशमा की हत्या कर शव दफनाने की बात कही। उसने बताया कि 7 बच्चों की मां रेशम उससे 12 साल बड़ी थी। इसके अलवा उसके संबंधं भी किसी और के साथ हो गए थे। इसी से पीछा छुड़ाने के लिए उसने ये कदम उठाया। आरोपित की बात सुनकर पुलिसकर्मियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोपित की निशानदेही पर महिला का कंकाल बरामद कर लिया। उधर, इस मामले में एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि गोरेलाल को जेल भेज दिया गया है। वहीं, ग्रामीण की मानें तो बच्चों को छोड़कर प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ी रेशमा का घर में विवाद भी हुआ था।  

महिला की हत्या से मेरठ में बवाल: छावनी में तब्दील इलाका, अतुल प्रधान पर प्रशासन ने लगाई रोक

मेरठ यूपी के मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसाढ़ गांव में तनाव चरम पर है। रूबी की मां की हत्या के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ मना कर दिया है। गांव में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है। ​परिजनों का आक्रोश प्रशासन के आश्वासनों पर भारी पड़ रहा है। पीड़ित परिवार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक तीन शर्तें पूरी नहीं होतीं, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उधर, पीड़िता के घर जा रहे सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने रोक दिया।   परिजन और ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मुख्य आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजे।लापता लड़की को सकुशल वापस लाया जाए। साथ ही आरोपियों के अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चलना चाहिए। ​घटनास्थल पर जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह, डीआईजी डॉ विपिन टाडा समेत जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद हैं। पिछले कई घंटों से अधिकारियों और परिजनों के बीच बातचीत का दौर चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। अधिकारी परिवार को समझाने और कानून का पालन करने की अपील कर रहे हैं, जबकि ग्रामीण और परिजन 'न्याय नहीं तो अंतिम संस्कार नहीं' के नारे पर अड़े हैं। ​ गांव में भारी सुरक्षा बल तैनात ​किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कपसाढ़ गांव में कई थानों की फोर्स और पीएसी तैनात कर दी गई है। गांव की गलियों में सन्नाटा है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है। इलाके में व्याप्त तनाव को देखते हुए खुफिया विभाग भी सक्रिय है। ​प्रशासन कोशिश कर रहा है कि परिजनों को मनाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई जा सके, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। विधायक अतुल प्रधान को कपसाड जाने से रोका, पुलिस से धक्कामुक्की विधायक अतुल प्रधान को पुलिस फोर्स ने कपसाड गांव जाने से रोक दिया। सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान अपने समर्थकों के साथ कपसाड में दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के मामले में अंतिम संस्कार में शामिल होने गांव जा रहे थे।गंगनर पटरी के विधायक अतुल प्रधान और समर्थकों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर ब्लॉक कर दिया। इस दौरान पुलिस के साथ विधायक और उनके समर्थकों के धक्कामुक्की हुई। हालांकि फोर्स ने विधायक को आगे नहीं बढ़ने दिया। काफी विवाद और कहासुनी के बाद विधायक मौके पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान काफी हंगामा हुआ। मां की फरसे से हत्या कर बेटी का कर लिया था अपहरण दरअसल, गुरुवार सुबह आठ बजे सुनीता, अपनी 21 साल की बेटी रूबी के साथ गन्ना छीलने खेत पर जा रही थीं। गांव के बाहर रजवाहा पुल पर गांव का रहने वाला पारस सोम ने अपने साथी सुनील और दो अन्य के साथ मिलकर मां-बेटी पर हमला कर रूबी का अपहरण कर लिया। रूबी की मां आरोपियों से भिड़ गई तो उनके सिर पर फरसा से वार कर दिया और आरोपी फरार हो गए। घायल महिला को लोगों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दोपहर में उनकी मौत हो गई। उधर, वारदात के बाद गांव में तनाव फैल गया। मृतका के बेटे नरसी की ओर से पारस सोम और सुनील को नामजद करते हुए कुछ अज्ञात पर मां की हत्या और बहन के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया है।  

ठंड–कोहरे का कहर, झारखंड के इस जिले में बच्चों की मौज, बढ़ी छुट्टियों की संख्या

रांची  झारखंड में ठंड का सितम जारी है। भीषण ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं इसके चलते जमशेदपुर में नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी, निजी एवं अल्पसंख्यक विद्यालय 9 और 10 जनवरी तक बंद रहेंगे। यह अवकाश केवल छात्र-छात्राओं के लिए लागू होगा प्रशासन का कहना है कि शीतलहर और घने कोहरे के दौरान छोटे बच्चों और किशोरों के बीमार पड़ने का खतरा अधिक रहता है, इसलिए एहतियातन विद्यालयों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। प्रशासन के मुताबिक यह अवकाश केवल छात्र-छात्राओं के लिए लागू होगा। इस अवधि में शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों को नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। सभी कर्मचारियों को ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी और विभागीय एवं गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन करना होगा। प्रशासन के मुताबिक यदि किसी विद्यालय में पहले से प्री-बोर्ड परीक्षाएं निर्धारित हैं, तो स्कूल प्रबंधन अपने विवेक से परीक्षा आयोजित कर सकता है। ऐसे मामलों में परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रशासन की होगी।  

योगी आदित्यनाथ सरकार की औद्योगिक नीति को मिला उद्योग जगत का भरोसा

लखनऊ में हिंदुजा ग्रुप की कंपनी अशोक लेलैंड का इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र शुरू योगी आदित्यनाथ सरकार की औद्योगिक नीति को मिला उद्योग जगत का भरोसा योगी सरकार के सहयोग से रिकॉर्ड समय में इस संयंत्र को तैयार किया जाना संभव हुआ : धीरज हिंदुजा  उत्तर प्रदेश बना हरित परिवहन और निवेश का नया केंद्र लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड के नवीन विनिर्माण संयंत्र के उद्घाटन के साथ ही वाहन निर्माण और औद्योगिक विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई। यह संयंत्र विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन पर केंद्रित है, जिससे लखनऊ को हरित औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान मिलने जा रही है। अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि योगी सरकार के सहयोग और प्रशासनिक तत्परता के कारण रिकॉर्ड समय  में इस संयंत्र को तैयार किया जाना संभव हो सका। योगी सरकार के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से निवेश को प्रोत्साहन उद्घाटन के अवसर पर अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में यह कंपनी का पहला विनिर्माण संयंत्र है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि औद्योगिक विकास और निवेश के लिए प्रदेश में एक सुदृढ़ और भरोसेमंद तंत्र तैयार किया गया है। आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी, प्रभावी कानून व्यवस्था और जवाबदेह प्रशासन आज उत्तर प्रदेश की पहचान है जो उद्योगपतियों और निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। प्रदेश में निवेश के साथ ही इससे बड़ी संख्या में रोजगार का भी सृजन होगा। उन्होंने इस परियोजना को धरातल पर उतारने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्पष्ट नीति और मजबूत नेतृत्व के साथ कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश ‘फियरलेस बिजनेस’, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ट्र्स्ट ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए जाना जाता है। उल्लेखनीय है कि अशोक लेलैंड की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी और आज कंपनी 15 देशों में भारतीय विनिर्माण क्षमता और तकनीकी सामर्थ्य का वैश्विक स्तर पर प्रतिनिधित्व कर रही है। निवेश के लिए स्थायित्व और भरोसे का माहौल धीरज हिंदुजा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रक्षा तंत्र की मजबूती और स्थायित्व से देश में निवेश का भरोसेमंद वातावरण बना है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व में उद्योगों के लिए विकसित सकारात्मक माहौल की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस और प्रभावी पहल की जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में देश लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। भविष्य की जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया संयंत्र अशोक लेलैंड कंपनी के अनुसार लखनऊ का यह संयंत्र भविष्य को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। आधुनिक विनिर्माण तकनीक और डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से यहां तीव्र गति से इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन किया जा सकेगा।  स्थानीय समुदाय के लिए लाभ और सामाजिक पहल अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि जहां भी अशोक लेलैंड का संयंत्र स्थापित होता है, वहां स्थानीय समुदाय को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। उत्तर प्रदेश में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कंपनी की रोड टू स्कूल पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों के 25 हजार से अधिक छात्रों को पोषण और शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

योगी सरकार के संकल्प का लाभ उठाकर अशोक लीलैंड ने दो वर्षों से भी कम समय में निवेश को धरातल पर उतारा

निवेश का नया अध्याय लिख रहा उत्तर प्रदेश, और तेज हुई औद्योगिक रफ्तार योगी सरकार के संकल्प का लाभ उठाकर अशोक लीलैंड ने दो वर्षों से भी कम समय में निवेश को धरातल पर उतारा प्रदेश सरकार के प्रयासों से यूपी में निवेश केवल एमओयू तक सीमित नहीं, बल्कि प्लांट और प्रोडक्शन में बदल रहा उत्तर प्रदेश अब बड़े निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है लखनऊ  उत्तर प्रदेश अब निवेश और औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। बीते कुछ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यापक नीतिगत और विनियामक सुधारों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। इसी का ताजा उदाहरण है अशोक लीलैंड का नया प्लांट। यह प्लांट न केवल औद्योगिक प्रगति का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि उत्तर प्रदेश अब बड़े निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। अशोक लीलैंड के इस प्लांट में लगभग 252 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इस परियोजना के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 20 फरवरी 2024 को हुई थी। इतने कम समय में परियोजना का धरातल पर आ जाना इस बात का प्रमाण है कि अब निवेश केवल एमओयू तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि तेजी से प्लांट, उत्पादन और रोजगार में बदल रहा है। इस प्लांट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नया बढ़ावा मिलेगा। राज्य में निवेश की यह सफलता किसी एक परियोजना तक सीमित नहीं है। वर्ष 2018 में आयोजित उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इसके बाद वर्ष 2023 में आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने नया रिकॉर्ड बनाया, जिसमें करीब 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश आशय पत्र प्राप्त हुए। कुल मिलाकर पौने 9 वर्षों में 45 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है, जिसे चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोहों के माध्यम से धरातल पर उतारने की ठोस शुरुआत हुई है।   अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश की 16,000 से अधिक परियोजनाओं के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह हो चुके हैं। इनमें से लगभग 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली 8,300 से अधिक परियोजनाएं वाणिज्यिक संचालन के चरण में पहुंच चुकी हैं। वहीं करीब 10 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 8,100 से अधिक परियोजनाएं क्रियान्वयनाधीन हैं। यही नहीं, योगी सरकार जीबीसी 5 के माध्यम से फिर 6 लाख करोड़ से अधिक के निवेश को जल्द ही जमीन पर उतारने जा रही है। ये आंकड़े बताते हैं कि निवेश केवल कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में उद्योग और रोजगार में बदल रहा है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक भी इस प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मार्च 2025 में विनिर्माण का सूचकांक 167.97 और सामान्य सूचकांक 157.73 दर्ज किया गया। यह बताता है कि प्रदेश में औद्योगिक उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। अशोक लीलैंड का प्लांट इस पूरी यात्रा का मजबूत प्रतीक है। यह दिखाता है कि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए केवल नीतियां नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की मजबूत व्यवस्था भी मौजूद है। तेज अनुमतियां, सिंगल विंडो सिस्टम, उद्योग-अनुकूल वातावरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

65 जिलों के गौ-आश्रय स्थलों पर मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, शेष में प्रक्रिया जारी

गौसेवा में समर्पित योगी सरकार, प्रदेश के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सुदृढ़ निगरानी  65 जिलों के गौ-आश्रय स्थलों पर मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, शेष में प्रक्रिया जारी 20 जिलों के विकास भवनों में स्थापित केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं पर रखी जा रही सतत नजर ठंड, भोजन, उपचार और आश्रय की समुचित व्यवस्था, गोवंश संरक्षण को मिली रफ्तार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के गौ-आश्रय स्थलों पर लगातार निगरानी, प्रबंधन और सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेज गति से जारी है। प्रदेश के 75 जनपदों के कुल 6718 ग्रामीण गौ-आश्रय स्थलों में से 65 जनपदों के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है। बाकी जनपदों में भी निगरानी तंत्र को सुदृढ़ किए जाने की कार्यवाही प्रक्रिया में है। साथ ही प्रदेश के हरदोई, आगरा, जालौन सहित 20 जनपदों के विकास भवनों में केंद्रीकृत निगरानी कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, जिसके माध्यम से आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं पर सतत नजर रखी जा रही है। गो-आश्रय स्थलों को यूपी सरकार दे रही है मूलभूत सुविधाएं योगी सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। गौ-आश्रय स्थलों पर गोवंश के लिए शेड, स्वच्छ भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था, खड़ंजा, भूसा भंडार गृह, उपचार कक्ष, प्रकाश और सोलर लाइट जैसी सुविधाओं को सुदृढ़ और व्यवस्थित ढंग से विकसित किया जा रहा है। 20 जनपदों में स्थापित निगरानी कंट्रोल रूम पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि गौ-आश्रय स्थलों की बेहतर निगरानी एवं व्यवस्था के समन्वय के लिए राज्य के 20 जनपदों के विकास भवनों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। हरदोई, आगरा, जालौन, झांसी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, जौनपुर, अयोध्या, आजमगढ़, पीलीभीत, कौशांबी, शामली, बस्ती, अंबेडकरनगर, बलिया, एटा, अमरोहा, फर्रुखाबाद और चंदौली में ये कंट्रोल रूम कार्यरत हैं। शेष जनपदों में भी चरणबद्ध ढंग से यह व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है। उन्होंने कहा कि निगरानी तंत्र मजबूत होने से गौवंश की देखभाल अधिक व्यवस्थित और जिम्मेदाराना ढंग से हो रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में तत्काल कार्रवाई संभव हो रही है। ठंड से किसी गोवंश की मृत्यु न हो गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के साथ-साथ ठंड से सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्थलों पर हरा चारा, तिरपाल, काउ-कोट, अलाव, औषधियां, उपचार सुविधा और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ठंड अथवा अव्यवस्था के कारण किसी भी गोवंश की मृत्यु न हो।

राज्य सरकार की अभिनव पहल से संस्थागत स्वच्छता में सुधार, मंत्री नेताम ने शुरू किया ‘जोश’ कार्यक्रम

रायपुर : संस्थागत स्वच्छता को सुदृढ़ करने राज्य सरकार की अभिनव पहल आदिम जाति विकास मंत्री नेताम ने किया ‘जोश’ का शुभारंभ  रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार  संस्थागत स्वच्छता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अभिनव पहल की शुरूआत हुई है। आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मनेन्द्रगढ़ भरतपुर चिरमिरी जिले के विकासखंड खड़गवां से प्रदेश में जर्नी आफ सेनिटेशन हाइजिन (जोश) का हरी झंडी दिखाकर औपचारिक शुभारंभ किया है।      गौरतलब है कि ‘जोश’ पहल के माध्यम से स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य संस्थागत व सामुदायिक शौचालयों की नियमित, वैज्ञानिक और सुरक्षित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को ‘स्वच्छता प्रहरी’ के रूप में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।     जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि स्वच्छता केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम है। ‘जोश’ पहल से युवा स्वच्छता प्रहरी बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना के तहत प्रारंभिक चरण में प्रत्येक जनपद में एक स्वच्छता प्रहरी नियुक्त किया गया है। योजना की सफलता के आधार पर इसे पूरे जिले में विस्तारित किया जाएगा।     स्वच्छता प्रहरी निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेंगे और आधुनिक उपकरणों की सहायता से शौचालयों की पाक्षिक व मासिक सफाई सुनिश्चित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान चयनित स्वच्छता प्रहरियों को आधुनिक सफाई उपकरणों से युक्त स्वच्छता किट एवं सुरक्षा सामग्री भी प्रदान की गई। संस्था प्रभारी के अनुरोध पर सफाई उपरांत प्रति यूनिट 200 रूपए स्वच्छता शुल्क का भुगतान किया जाएगा, जिससे युवाओं को अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा।