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रायपुर: सुशासन सरकार में किसानों को मिल रहा हक और सम्मान, सुव्यवस्थित केंद्रों में धान बेचते हुए खिले चेहरे

रायपुर : सुशासन की सरकार में मिल रहा किसानों को हक और सम्मान, सुव्यवस्थित केंद्रों में धान बेचकर खिले किसानों के चेहरे रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व  में  प्रदेश सरकार की धान खरीदी की व्यवस्था और पारदर्शी नीति का लाभ अब सीधे किसानों तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम कुकुरदी के प्रगतिशील किसान मोहन लाल ध्रुव ने शासन की नीतियों की सराहना करते हुए इसे किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण का नया अध्याय बताया है। 3100 रुपए की दर और 21 क्विंटल खरीदी से बढ़ा उत्साह- किसान मोहन लाल ध्रुव ने बताया कि उनके पास 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर उन्होंने इस वर्ष बंपर पैदावार प्राप्त की है। उन्होंने उपार्जन केंद्र में अपना 70 क्विंटल धान सुगमता पूर्वक बेचा। ध्रुव ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि विष्णु सरकार द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की मान से धान की खरीदी की जा रही है, जो प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित में लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है। व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए किसान- धान खरीदी केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं को लेकर किसान मोहन लाल ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए छाया, पेयजल और सुव्यवस्थित तौल की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री का जताया आभार- अपनी खुशी साझा करते हुए मोहन लाल ध्रुव ने कहा, "आज किसानों को उनका हक और सम्मान दोनों मिल रहा है। विष्णु सरकार किसानों की वास्तविक चिंता करने वाली सरकार है। इस बेहतर व्यवस्था और लाभकारी मूल्य के लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ।" राज्य सरकार की इस नीति से न केवल किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है।

एम.पी. ट्रांसको का बड़ा कदम, 40 एम.व्ही.ए. पॉवर ट्रांसफार्मर की साईट पर हुई मेजर रिपेयरिंग

एम.पी. ट्रांसको ने 40 एम.व्ही.ए. पॉवर ट्रांसफार्मर की साईट पर ही की मेजर रिपेयरिंग इन-हाउस तकनीकी क्षमता का बना उत्कृष्ट उदाहरण भोपाल एम.पी. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के इंजीनियर्स ने अपनी तकनीकी दक्षता, मटेरियल मैनैजमेंट और त्वरित निर्णय क्षमता का प्रभावी परिचय देते हुए 40 एम.व्ही.ए. क्षमता के एक अत्यधिक क्षतिग्रस्त पॉवर ट्रांसफार्मर की सब स्टेशन स्थल पर ही मेजर रिपेयरिंग कर उसे सफलतापूर्वक पुनः ऊर्जीकृत किया। इस प्रयास से कंपनी को संभावित आर्थिक नुकसान से तो बचाया जा सका, साथ ही रबी फसल के महत्वपूर्ण लोड सीजन के दौरान ट्रांसमिशन नेटवर्क में लंबे आउटेज की आशंका को भी समाप्त किया गया। मनगवां में क्षतिग्रस्त हुआ था ट्रांसफार्मर रीवा जिले के 132 के.व्ही. सब स्टेशन, मनगवां में स्थापित 40 एम.व्ही.ए. पॉवर ट्रांसफार्मर तकनीकी कारणों से आग लगने के चलते गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। ट्रांसफार्मर निर्माता कंपनी के इंजीनियर द्वारा निरीक्षण के बाद यह अभिमत दिया गया कि ट्रांसफार्मर की साईट पर रिपेरिंग संभव नहीं है। इसे कंपनी के वर्कशॉप में भेजकर रिपेयरिंग कराना आवश्यक होगा। रबी सीजन के दौरान क्षेत्रीय ट्रांसमिशन नेटवर्क में 40 एम.व्ही.ए. क्षमता की महत्ता एवं स्थानीय ट्रांसमिशन नेटवर्क आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए एम.पी. ट्रांसको प्रबंधन द्वारा इसे साईट पर ही रिपेयर करने का निर्णय लिया गया। अधीक्षण अभियंता शर्मा की अगुवाई मुख्यालय जबलपुर वृत्त के अधीक्षण अभियंता आर.सी. शर्मा के मार्गदर्शन में साईट पर ही मेजर रिपेयरिंग के लिये विस्तृत तकनीकी कार्य योजना तैयार की गई। प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर उपलब्ध ट्रांसफार्मर स्पेयर्स, जिनमें एच.वी./एल.वी. बुशिंग, प्रेशर रिलीफ डिवाइस, ऑयल वॉल्व, विभिन्न ओ-रिंग्स एवं गैस्केट्स (जो ट्रांसफार्मर में ऑयल लीकेज रोकने हेतु आवश्यक होती हैं), की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। जबलपुर के कार्यपालन अभियंता नरेन्द्र पटेल के साथ अधीक्षण अभियंता शर्मा द्वारा मनगवां में कैंप कर लगभग 15 दिनों में उच्च तकनीकी स्तर के रिपेयरिंग कार्यों को चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया गया। इस दौरान क्षतिग्रस्त बुशिंग को डिस्मेंटल कर उनके स्थान पर लोकली मॉडीफाइड बुशिंग टरेट में फिटमेंट, ट्रांसफार्मर के टॉप कवर सहित विभिन्न पार्ट्स की गैस्केट रिप्लेसमेंट, आवश्यक प्री एवं पोस्ट-रिपेयर टेस्टिंग, ट्रांसफार्मर ऑयल फिल्ट्रेशन एवं अन्य प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक संपादित किया गया। रिपेरिंग और टेस्टिंग के उपरांत ट्रांसफार्मर को सुरक्षित रूप से पुनः सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया।  

रायपुर: कैबिनेट मंत्री देवांगन ने धीवर समाज के नववर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह में लिया हिस्सा

रायपुर : कैबिनेट मंत्री देवांगन धीवर समाज के नववर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह में हुए शामिल रायपुर प्रदेश के वाणिज्य उद्योग श्रम एवं आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन कोरबा में धीवर समाज ट्रस्ट के नव वर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह में शामिल हुए। गत दिनों यह कार्यक्रम कोरबा के जूनियर रिक्रिएशन क्लब, एस ई सी एल मानिकपुर कोरबा में हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु रामचंद्र जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर की गई, तत्पश्चात समस्त अतिथियों का शाल फल से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत विशिष्ट अतिथि की गरिमामयी उपस्थिती रही।  मंत्री देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश और राष्ट्र के उत्थान में प्रत्येक समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण है। जब समाज आगे बढ़ता है, तभी देश सशक्त होता है। धीवर समाज मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम के आदर्शाे एवं विचारों पर चलने वाला समाज है और इस समाज का प्यार, सहयोग एवं समर्थन उन्हें हमेशा प्राप्त हुआ है।  महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि यह कार्यक्रम सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समरसता एवं पारिवारिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण बना। यह नववर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह समाज को जोड़ने, आपसी भाई-चारे को मजबूत करने एवं नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का प्रेरणादायक अवसर साबित हुआ। कार्यक्रम में नगर पालिक निगम कोरबा के पार्षद नरेन्द्र देवांगन एवं प्रफुल्ल तिवारी भी उपस्थित रहे। पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने कहा कि जब प्रत्येक समाज शिक्षा, संगठन और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ता है, तभी प्रदेश और देश नई ऊँचाइयों को छूता है। यह आयोजन सामाजिक एकता, पारिवारिक सौहार्द एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरक पहल है। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी गई। कार्यक्रम में समाज के बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जिसमें छोटे छोटे बच्चों के नृत्य से सभी विशेष रूप से प्रभावित हुए एवं उन्हें मंच से सम्मानित भी किया गया। समस्त अतिथियों को ट्रस्ट द्वारा इस यादगार पल को हमेशा संजोये रखने स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। अंततः सभी अतिथियों ने समाज द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत एवं स्नेहपूर्ण अभिनंदन के लिए हृदय से आभार जताया। 

रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई: रामगढ़ में CBI ने डाक ओवरसियर को रंगेहाथ पकड़ा

रामगढ़ झारखंड के रामगढ़ जिले में सीबीआई ने बड़ी कारर्वाई करते हुए डाक विभाग के ओवरसियर  प्रभु मुंडा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक ग्रामीण डाक सेवक से रामगढ़ मुख्यालय में योगदान (ज्वाइनिंग) कराने के एवज में 30 हजार रुपये घूस मांगने का आरोप है। 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था डाक ओवरसियर प्रभु मुंडा सीबीआई सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक ग्रामीण डाक सेवक ने एजेंसी से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि डाक ओवरसियर प्रभु मुंडा उससे रामगढ़ मुख्यालय में योगदान कराने के लिए लगातार 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने प्रारंभिक जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। 15 हजार रुपए घूस लेते रंगे हाथ दबोचा जांच के दौरान बातचीत में यह बात सामने आई कि प्रभु मुंडा ने 30 हजार रुपये में से 15 हजार रुपये पहले और शेष 15 हजार रुपये बाद में लेने पर सहमति जताई थी। इसके बाद सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जाल बिछाने की योजना बनाई। आठ जनवरी को सीबीआई की टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने प्रभु मुंडा को तयशुदा स्थान पर 15 हजार रुपये घूस के रूप में दिए, सीबीआई की टीम ने तत्काल कारर्वाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई अधिकारियों का दल प्रभु मुंडा को रांची ले आया, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में कोई और अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल था या नहीं, और क्या इससे पहले भी प्रभु मुंडा इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

दंतेवाड़ा में 63 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, एक करोड़ से अधिक के थे इनाम, 18 महिलाएं भी शामिल

दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ राज्य सरकार और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’ और ‘लोन वर्राटू’ यानी घर वापसी अभियान के तहत कुल 63 इनामी नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है. इन नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. खास बात यह रही कि आत्मसमर्पण करने वालों में 16 महिला नक्सली भी शामिल हैं, जो लंबे समय से बस्तर और उससे सटे इलाकों में सक्रिय थीं. नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले से नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक सामने आई है. यह आत्मसमर्पण न सिर्फ संख्या के लिहाज से बड़ा है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर नक्सल नेटवर्क के लिए गहरा झटका माना जा रहा है. दंतेवाड़ा पुलिस और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों ने यह साबित कर दिया है कि सरकार की पुनर्वास आधारित नीति जमीन पर असर दिखा रही है. दंतेवाड़ा में हुआ यह सामूहिक सरेंडर केवल स्थानीय स्तर की घटना नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे बस्तर संभाग और पड़ोसी राज्यों तक देखा जा रहा है. आत्मसमर्पित नक्सली दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर, माड़ क्षेत्र और ओडिशा राज्य के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय थे. इनमें से कई नक्सली संगठन में अहम पदों पर रहे हैं और लंबे समय से हिंसक गतिविधियों में शामिल थे. सुरक्षा बलों के लगातार ऑपरेशन, जंगलों में बढ़ती घेराबंदी, और दूसरी ओर सरकार की पुनर्वास नीति ने नक्सलियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया. यही कारण है कि अब हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की प्रवृत्ति तेज हो रही है. यह घटना नक्सलवाद के कमजोर पड़ते ढांचे और बदलते बस्तर की एक बड़ी तस्वीर पेश करती है. प्रमुख नक्सली नेताओं का आत्मसमर्पण आत्मसमर्पण करने वालों में पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव मोहन कड़ती भी शामिल है, जिसने अपनी पत्नी के साथ आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था, जो उनकी नक्सली गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। इस बड़े पैमाने पर हुए आत्मसमर्पण से नक्सलियों के संगठन को बड़ा झटका लगा है। अभियान की व्यापकता यह आत्मसमर्पण केवल छत्तीसगढ़ प्रदेश के नक्सलियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश के बाहर के भी नक्सली शामिल हैं। यह इस बात का संकेत देता है कि राज्य की पुलिस और सुरक्षा बल नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं और नक्सलियों के प्रभाव को कम करने में सफल हो रहे हैं। लोन वर्राटू (घर वापसी) अभियान के तहत नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास सफल हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। सुरक्षाबलों के प्रयास सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सघन अभियान, नक्सलियों के विरुद्ध मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीतियों के तहत मुख्यधारा में एकीकृत करने और उन्हें बेहतर जीवन जीने के अवसर प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। इस सफलता से क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति में सुधार की उम्मीद है और विकास कार्यों को गति मिलेगी। यह घटना छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।  ‘पूना मारगेम’ और ‘लोन वर्राटू’ अभियान की भूमिका दंतेवाड़ा में नक्सलियों के इस बड़े सरेंडर के पीछे ‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’ और ‘लोन वर्राटू’ अभियान की अहम भूमिका मानी जा रही है. इन अभियानों का उद्देश्य नक्सलियों को केवल हथियार छोड़ने के लिए मजबूर करना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन का विकल्प देना है. सरकार का फोकस भरोसा, संवाद और पुनर्वास पर रहा है. एसपी गौरव राय का बयान दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने इसे पुलिस और राज्य सरकार की बड़ी सफलता बताया. उन्होंने कहा कि नक्सली विचारधारा छोड़कर मुख्यधारा में लौटना यह साबित करता है कि विकास और विश्वास की नीति सफल हो रही है. आत्मसमर्पित नक्सलियों को सरकार की सभी योजनाओं से जोड़ा जाएगा.

हरियाणा के युवाओं के लिए जापान का बड़ा निवेश, नौकरी के नए अवसर मिलेंगे

चंडीगढ़ जापान अब हरियाणा में ऑटोमोबाइल, शिक्षा और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में निवेश बढ़ाएगा। जापान के प्रतिनिधिमंडल ने विदेश सहयोग विभाग के साथ एमओयू करने में रुचि दिखाई है। जापान के मिजुहो बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं इंडिया हेड रयो मुराओ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सिविल सचिवालय में मुलाकात की। इस दौरान आर्थिक सहयोग को मजबूत करने तथा रणनीतिक निवेश के नए अवसरों की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हरियाणा की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत ‘ईज आफ डूइंग बिजनेस’ पारिस्थितिकी तंत्र से प्रभावित होकर मिजुहो बैंक ने अपना कार्यालय दिल्ली से गुरुग्राम स्थानांतरित किया है। उन्होंने हरियाणा में अपने परिचालन और निवेश के दायरे को और विस्तार देने के लिए राज्य सरकार से निरंतर सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाणा पारदर्शी शासन, आधुनिक अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन के साथ एक स्थिर एवं निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि हरियाणा की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पारिस्थितिकी तंत्र से प्रभावित होकर मिजुहो बैंक ने अपना कार्यालय दिल्ली से गुरुग्राम स्थानांतरित किया है। उन्होंने हरियाणा में अपने परिचालन और निवेश के दायरे को और विस्तार देने के लिए राज्य सरकार से निरंतर सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाणा पारदर्शी शासन, आधुनिक अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन के साथ एक स्थिर एवं निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर  नायब सिंह सैनी ने  रयो मुराओ को श्रीमद्भगवद्गीता की एक प्रति भेंट की। प्रदेश सरकार ने हरियाणा में विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विदेश सहयोग विभाग का गठन किया, विभाग लगातार विदेशी निवेशकों से संपर्क कर प्रदेश में निवेश के लिए आकृषित करने के साथ—साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहा है। विभाग ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री के विदेशी सहयोग विभाग के सलाहकार  पवन कुमार चौधरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विदेश सहयोग विभाग का गठन किया है। यह विभाग लगातार विदेशी निवेशकों से संपर्क कर प्रदेश में निवेश के लिए आकृषित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहा है। विभाग ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री के विदेशी सहयोग विभाग के सलाहकार पवन कुमार चौधरी ने भी अपनी बात रखी।

साल 2026 में हरियाणा के 17 प्रमुख IAS, IPS अधिकारी होंगे रिटायर, मुख्य सचिव का भी नाम शामिल

चंडीगढ़  हरियाणा में नौकरशाही संकट और गहरा जाएगा, जो पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। इस साल हरियाणा सरकार में हरियाणा सरकार में 13 IAS और 4 IPS अधिकारियों सहित 17 टॉप अधिकारी रिटायर होने जा रहे हैं। रिटायर होने वाले प्रमुख अधिकारियों में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी शामिल हैं, जिन्हें एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है, हरियाणा के सीएम के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता और पूर्व DGP शत्रुजीत सिंह कपूर (1990 बैच), जो सरकार की ग्रेडेशन सूची के अनुसार 31 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं। कपूर वर्तमान में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं। इस साल रिटायर होने वाले अन्य IPS अधिकारी संजीव कुमार जैन (1991 बैच), जो 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं, हरदीप सिंह डून (1998 बैच), जो 31 मई को रिटायर हो रहे हैं और डॉ. राजश्री सिंह (1999 बैच), जो 31 जुलाई को रिटायर हो रही हैं। सबसे सीनियर IAS अधिकारी सुधीर राजपाल (1990 बैच), अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर वुंडरू (1990 बैच), अभिलक्ष लिखी (1991 बैच), भारत सरकार के सचिव और डी सुरेश (1995 बैच), प्रधान सचिव रिटायरमेंट सूची में अन्य IAS अधिकारी हैं। वहीं अनुराग रस्तोगी 30 जून को, वुंडरू 31 जुलाई को और डी सुरेश 31 अगस्त को रिटायर होने वाले हैं, गुप्ता 30 सितंबर को और लिखी 30 नवंबर को रिटायर होंगे। अन्य में मुकेश कुमार आहूजा (2009) 31 मार्च को, जसबीर आर्य (2009) 30 अप्रैल को, वीरेंद्र लाठर (2014) 30 अप्रैल को, प्रदीप कुमार (2011) 30 जून को, अनीता यादव (2004) 30 सितंबर को, संजय जून (2003) 31 अक्टूबर को, और गीता भारती (2005) 30 नवंबर को रिटायर होंगे।

हरियाणा के मुख्य सचिव अस्पताल में भर्ती, सीने में दर्द के बाद जांच शुरू; पूरन कुमार सुसाइड केस में रस्तोगी का नाम सामने आया

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की देर रात अचानक तबियत बिगड़ गई। देर रात उनके सीने में दर्द हुआ जिसके बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। रस्तोगी 1990 बैच के आईएएस अफसर हैं। सीने में दर्द उठने पर अस्पताल में भर्ती कराया; IPS पूरन कुमार सुसाइड केस में भी रस्तोगी का नामहरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है और उनका इलाज जारी है।अस्पताल सूत्रों के अनुसार, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को इमरजेंसी सेवा में भर्ती किया गया है। सर्जन डॉ पीएस महंत उनका इलाज कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि आज उनकी हार्ट सर्जरी होनी है। बता दें कि अनुराग रस्तोगी 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने हरियाणा सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वर्तमान में मुख्य सचिव के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उनका रिटायरमेंट 30 जून 2025 को निर्धारित था, लेकिन राज्य सरकार ने उनके कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ाते हुए 30 जून 2026 तक एक्सटेंड कर दिया है।मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के रहने वाले हैं। यहां उनका एक आम का बाग है, जो विरासत में मिला है। इसके अलावा कुछ बड़े भाई से उपहार में मिला है। हरियाणा के पंचकुला और गुरुग्राम में आवासीय फ्लैट हैं। ये जानकारी मुख्य सचिव की ओर से अप्रैल 2025 में केंद्र सरकार के पोर्टल पर दी गई थी।मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी से जुड़ी कुछ बातें. ..1990 बैच के आईएएस हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का 60 साल के हो चुके हैं। पिछले साल 30 जून को उन्होंने 60वां जन्मदिन मनाया था। वह सूबे के पहले ऐसे आईएएस हैं, जिन्हें दो बार प्रदेश का मुख्य सचिव बनने का मौका मिला है। केंद्र सरकार ने उन्हें राज्य सरकार की सिफारिश पर एक साल की एक्सटेंशन दी है। इस एक्सटेंशन में उन्हें केंद्र सरकार के सर्विस रूल-थ्री का फायदा मिला है। 19 जून को इस संबंध में केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार को अपनी स्वीकृति का लेटर भेजा था, जिसके बाद प्रदेश सरकार द्वारा इस बारे में 20 जून को आदेश जारी किए थे।मुख्य सचिव बनने से पहले आईएएस अनुराग रस्तोगी वित्त आयुक्त, राजस्व और अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। 31 अक्टूबर 2024 को टीवीएसएन प्रसाद के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने 3 दिनों तक मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया था। हालांकि जोशी को मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था, लेकिन सरकार ने यह कार्यभार रस्तोगी को तब तक के लिए सौंप दिया था, जब तक जोशी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे। 4 नवंबर, 2024 को जोशी ने कार्यभार ग्रहण किया था। रस्तोगी का मुख्य सचिव के पद पर ये दूसरा कार्यकाल है।प्रदेश में मुख्य सचिव बनने की रेस में सीनियॉरिटी के हिसाब से सबसे आगे सुधीर राजपाल थे, जबकि, नंबर 2 पर सुमिता मिश्रा थीं। मगर, हरियाणा सरकार ने इन दोनों की सीनियॉरिटी को दरकिनार कर रस्तोगी को मुख्य सचिव बनाया था। दो साल पहले जब सीनियॉरिटी का मुद्दा उठा था, तब सुधीर और सुमिता को लेकर बाहरी कैडर का होने की बात कही गई थी। इसके बाद सरकार ने सीनियॉरिटी को दरकिनार कर अनुराग रस्तोगी को मुख्य सचिव की कमान दी। रियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी दिवंगत आईपीएस वाई पूरन कुमार की आईएएस पत्नी अमनीत पी कुमार के घर जाते हुए। फाइल फोटो।हरियाणा के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस में भी मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का नाम है। इस मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी को जांच में शामिल कर चुकी है। तीन दिन पहले भी टीम ने एक घंटे तक सचिवालय में रहकर मुख्य सचिव से पूछताछ की थी। एसआईटी ने उनसे पूरन कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों और सुसाइड नोट में दर्ज तथ्यों को लेकर विस्तार से पूछताछ की। हालांकि अभी तक इस मामले में मुख्य सचिव की ओर से कोई जानकारी या बयान साझा नहीं किया गया है।हरियाणा चीफ सेक्रेटरी से IPS सुसाइड केस में पूछताछ:सचिवालय में 1 घंटे तक रही चंडीगढ़ SIT; एसएसपी ने पूछे कई सवाल, डॉक्यूमेंट मांगे हरियाणा IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में चंडीगढ़ पुलिस की SIT की जांच जारी है। सोमवार देर शाम इस मामले की जांच कर रही चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी टीम सिविल सचिवालय पहुंची। जहां एक घंटे से अधिक समय तक हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी से पूछताछ की। दिवंगत आईपीएस के सुसाइड नोट में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का भी नाम है।मथुरा में ओले गिरे, गाजियाबाद- नोएडा में बूंदाबांदीश्रीगंगानगर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री दर्जगुरुग्राम में हल्की बारिश के साथ बढ़ी ठंडमेरठ में छाया घना कोहरा, विजिबिलटी 50 मीटरकानपुर में ठंड में प्रशासन ने कंबल बांटे

हरियाणा भाजपा अध्यक्ष रॉकी मित्तल को कोर्ट से मिली राहत, कथित दुष्कर्म मामले में पीड़िता की याचिका रद्द

कसौली  हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और सिंगर रॉकी मित्तल को कथित दुष्कर्म केस में कसौली कोर्ट ने राहत दी है। कोर्ट ने दुष्कर्म मामले की पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है और पीड़िता के केस रि-ओपन करने के याचिका को रद्द कर दिया। सबूत के अभाव से न्यायालय ने वीरवार को यह फैसला सुनाया। इसमें न्यायाधीश ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को सही मानते हुए केस को बंद कर दिया। हालांकि, अब पीड़िता दोबारा से अपील कर सकती है। इससे पहले मामले में 31 दिसंबर 2025 को बहस हुई थी। दोनों पक्षों के वकीलों ने इसमें अपनी-अपनी बहस की। वहीं न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पर वीरवार को न्यायालय ने फैसला पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के पक्ष में दे दिया। कसौली पुलिस ने दो माह से अधिक समय तक इस केस की जांच की थी लेकिन सबूत नहीं मिले। पीड़िता ने अपना मेडिकल करवाने से भी इनकार कर दिया था। पुराना मामला होने के कारण पुलिस को केस में न तो सीसीटीवी फुटेज मिल पाई और न ही कोई ठोस सबूत। कसौली कोर्ट इस केस में पहले भी 12 मार्च 2025 को पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर चुकी है, लेकिन तब पीड़िता ने सोलन की जिला अदालत में रिवीजन पिटीशन डालकर चुनौती दी थी। जिला अदालत के आदेशों पर कसौली कोर्ट ने दोबारा क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई की। दो साल पुराना है मामला बड़ौली और रॉकी मित्तल के खिलाफ पीड़िता ने 13 दिसंबर 2024 को कसौली पुलिस थाने में गैंगरेप का मामला दर्ज करवाया था। हालांकि, इसकी जानकारी 14 जनवरी 2025 को सामने आई। पीड़िता के अनुसार उसके साथ गैंगरेप 23 जुलाई 2024 को किया गया था। पीड़िता ने बताया था कि वह दोस्तों के साथ कसौली घूमने आई थी, इसी दौरान होटल में बड़ौली और रॉकी ने उसे जबरन शराब पिलाई और सहेली के सामने ही गैंगरेप किया। इसके बाद मारने की धमकी दी। फिर पंचकूला में बुलाकर झूठे केस में फंसाने की भी कोशिश की। 

सीएम सैनी का अहम कदम, ज्ञान सेतु MoU एक्सचेंज में भाग लिया और नीव पोर्टल किया लॉन्च

 पंचकूला  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप ढालने की स्पष्ट रूपरेखा दी है, लेकिन किसी भी नीति की सफलता उसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए नीव पोर्टल को विकसित किया गया है। नीव पोर्टल एक इंटेलिजेंट, डेटा-ड्रिवन डिसीजन सपोर्ट सिस्टम है, जो नीति निर्माण और संस्थागत क्रियान्वयन के बीच की दूरी को समाप्त करता है।  मुख्यमंत्री  पंचकूला में आयोजित एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नीव पोर्टल का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रत्येक प्रावधान का वास्तविक, निष्पक्ष और सतत मूल्यांकन हो सके। यह पोर्टल रियल-टाइम डेटा, प्रदर्शन संकेतकों और भविष्यसूचक विश्लेषण के माध्यम से शिक्षा प्रणाली की निरंतर निगरानी करता है। इससे यह स्पष्ट रूप से पता चलता है कि कौन-सी संस्थाएं नीति के अनुरूप आगे बढ़ रही हैं और कहां सुधार की जरूरत है। इस प्रकार यह पोर्टल केवल निगरानी का साधन नहीं, बल्कि समय रहते सुधार और दिशा-निर्देशन का प्रभावी माध्यम है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में नीव पोर्टल को विश्वविद्यालयों में लागू किया जा रहा है। इसके बाद महाविद्यालयों और आगे चलकर स्कूलों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक इसका विस्तार किया जाएगा। इस क्रमबद्ध विस्तार से शिक्षण संस्थानों में एकरूपता, गुणवत्ता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रति तत्परता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक एक ऐसा शिक्षा तंत्र विकसित करना है, जो वैश्विक मानकों पर खरा उतरे। नीव पोर्टल के माध्यम से 2047 तक सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में शत-प्रतिशत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अनुपालन की डिजिटल ट्रैकिंग संभव होगी। इससे संस्थागत गुणवत्ता संकेतकों में सुधार होगा। रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी। साथ ही, साक्ष्य-आधारित बजट एवं नीति निर्माण सुनिश्चित किया जा सकेगा।  एमओयू के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ज्ञान सेतु' पहल के तहत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और राज्य के लगभग 28 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया है। इसका उद्देश्य अकादमिक ज्ञान को वास्तविक प्रशासनिक और सामाजिक चुनौतियों से जोड़ना है, ताकि शोध केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर समाज और शासन की समस्याओं का समाधान बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सहयोगों के माध्यम से राज्य सरकार की प्राथमिक योजनाओं और कार्यक्रमों का इम्पैक्ट इवेल्यूएशन के साथ-साथ क्षमता-निर्माण कार्यक्रम तथा छात्रों के लिए इंटर्नशिप व फील्ड एंगेजमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे नीति निर्माण अधिक सशक्त होगा और युवा प्रतिभाओं को वास्तविक प्रशासनिक अनुभव भी प्राप्त होगा।