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डल्लेवाल के किसान मोर्चे में दो फाड़, जानें किसने ली कमान

पटियाला पंजाब की राजनीति और किसान आंदोलनों में सक्रिय रहने वाली 'भारतीय किसान यूनियन (एकता-सिद्धूपुर)'  दो गुटों में बंट गई। संगठन के आठ जिलों के अध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मौजूदा अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल के खिलाफ बगावत कर दी है। नाराज गुट ने संगठन के संस्थापक पिशोरा सिंह सिद्धूपुर के बेटे दलबीर सिंह सिद्धूपुर को अपना नया संयोजक घोषित कर दिया है। पटियाला के पास बहादरगढ़ में हुई एक बड़ी बैठक के बाद बागी गुट ने डल्लेवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए। पदाधिकारियों का आरोप है कि डल्लेवाल तानाशाह की तरह संगठन चला रहे थे। पिछले छह साल से संगठन के चुनाव नहीं कराए गए, जबकि नियम के अनुसार हर तीन साल में चुनाव होने चाहिए। दलबीर सिंह सिद्धूपुर ने आरोप लगाया कि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से अलग होकर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर मोर्चा लगाना एक गलत फैसला था। उन्होंने दावा किया कि साल भर चले इस विरोध प्रदर्शन में किसानों की जान गई और कई किसानों के ट्रैक्टर व सामान चोरी हो गए, जिनका अब तक पता नहीं चला। आरोप है कि जिन सदस्यों ने डल्लेवाल के फैसलों पर सवाल उठाए, उन्हें संगठन से बाहर कर दिया गया। कौन हैं जगजीत सिंह डल्लेवाल? डल्लेवाल किसान आंदोलन 2.0 का सबसे प्रमुख चेहरा रहे हैं। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी जैसी मांगों को लेकर पिछले साल 26 नवंबर से 9 अप्रैल तक (131 दिन) लंबा अनशन किया था। खनौरी बॉर्डर पर हुए प्रदर्शन का नेतृत्व भी उन्होंने ही किया था। बागी गुट ने संगठन के नए चुनाव कराने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बना दी है। दूसरी ओर डल्लेवाल गुट ने फिलहाल चुप्पी साधी हुई है, लेकिन उनके करीबी नेता काका सिंह कोटरा ने संगठन में किसी भी तरह की फूट से इनकार किया है। डल्लेवाल गुट बुधवार को जालंधर में एक कॉन्फ्रेंस कर इन आरोपों का जवाब दे सकता है।

एयरपोर्ट से घर जाते समय ट्रक और पेड़ से टकराई कार

चंडीगढ़. दुबई से लौटकर आपने घर शाहकोट जा रहे युवक की रास्ते में लोहियां-मलसियां मार्ग पर हादसे में मौत हो गई, जबकि उसके एक दोस्त को इलाज के लिए जालंधर रैफर किया गया है तथा दूसरा दोस्त भी घायल है। जानकारी के अनुसार दीपक शर्मा पुत्र जगजीत राय निवासी कोटला सूरज मल्ल शाहकोट जो आज दुबई से लौटने के बाद कार से घर आ रहा था। इस दौरान तेज गति से चल रही कार गांव निहालुवाल के सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल के सामने से आ रही स्विफ्ट कार से टकराने के बाद ट्रक से जा टकराई, जिसके बाद कार बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई जिससे दीपक शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त वंश अरोड़ा गंभीर घायल हो गया जिसे उपचार के लिए जालंधर भेजा गया है। मृतक दीपक शर्मा के जीजा ने बताया कि अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उसने कहा कि वह खुद ही बस से गांव पहुंच जाएगा। इसके बाद दीपक शर्मा ने शाहकोट में रहते अपने दोस्तों वंश अरोड़ा और साहिल अरोड़ा को इंडिया आने की जानकारी दी। जिस पर दोनों दोस्त आई-20 कार में उसे लेने अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंच गए। मृतक दीपक जो दुबई में ड्राइवरी करता था, खुद कार चलाने लगा। वह कार इतनी तेज गति से चला रहा था कि विपरीत दिशा से आ रही स्विफ्ट कार से टकराने के बाद ट्रक से टकराकर पेड़ से जा टकराई। आसपास के लोगों ने कार में से सभी को बाहर निकालने की कोशिश की तो दीपक शर्मा मौके पर ही दम तोड़ गया था, जबकि उसका एक दोस्त वंश अरोड़ा गंभीर रूप से ज़ख़्मी हो गया। उसके अन्य दोस्त साहिल अरोड़ा को मामूली चोटें ही लगी हैं। दीपक की लाश को नकोदर मोर्चरी में रखा गया है। थाना लोहियां के ए.एस.आई. हरविंदर सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और हादसे की जांच की जा रही है। मृतक दीपक अपने पीछे पत्नी और 2 बच्चों को छोड़ गया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह के बेटे ने बाइक सवार को रौंदा

रायपुर. रायपुर में सोमवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह के 33 वर्षीय बेटे बलवंत सिंह का नाम सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, बलवंत सिंह अपनी कार से जा रहे थे, तभी उन्होंने एक मोटर साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी. हादसे के बाद आरोपी दूसरी कार से फरार हो गया. यह घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र के सालासर चौक पर रात करीब 1 बजे हुई. हादसे का शिकार हुआ 34 वर्षीय त्रिभुवन सिंह एक डीजे (DJ) है और काम से घर लौट रहा था. प्रत्यक्ष दर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार, टक्कर मारने के बाद बलवंत सिंह अपनी कार छोड़कर दूसरी गाड़ी से मौके से फरार हो गया. घायल त्रिभुवन को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. थाने से ही मिली जमानत तेलीबांधा पुलिस ने मंगलवार शाम बलवंत सिंह को गिरफ्तार किया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125(a) और 281 के तहत मामला दर्ज किया गया है. चूंकि ये धाराएं जमानती थीं, इसलिए उसे बेल बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया. पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मामले में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं.

मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम-2025 पारित करने के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट किया

मुख्यमंत्री ने विकसित भारत-जी राम जी कानून-2025 के सम्बन्ध में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम-2025 पारित करने के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट किया  इस अधिनियम के माध्यम से ग्रामीण भारत प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत/2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में और अधिक सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर सकेगा : मुख्यमंत्री प्रदेश सरकार इस कानून को पूर्ण संवेदनशीलता, पारदर्शिता तथा  प्रभावशीलता के साथ राज्य में लागू कर रोजगार की नयी गारण्टी प्रदान करेगी  राज्य सरकार का संकल्प प्रत्येक पात्र को समय पर काम, प्रत्येक गांव में टिकाऊ परिसम्पत्तियों का निर्माण तथा प्रत्येक श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा व खुशहाली प्रदान करना यह अधिनियम भारत के ग्रामीण विकास की दृष्टि से मील का पत्थर  साबित होगा, देश के श्रमिकों, किसानों तथा गांवों के विकास के हित  में उठाये गये इस कदम का स्वागत व समर्थन किया जाना चाहिए वी बी-जी राम जी अधिनियम-2025 रोजगार गारण्टी प्रदान करते हुए  ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा इस अधिनियम में रोजगार गारण्टी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गयी, मानदेय  का साप्ताहिक भुगतान होगा, भुगतान में देरी पर मुआवजे की भी व्यवस्था की गयी किसानों को मजदूरों की कमी दूर करने के लिए राज्यों को बुआई व  कटाई के समय 60 दिन तक कार्य विराम का अधिकार प्रदान किया गया जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, चेकडैम  और उससे जुड़ी अन्य सुविधाओं को गांवों में विकसित किया जा सकता टेक्नोलॉजी को कानूनी अधिकार के रूप में मान्यता प्रदान की गयी, सेटेलाइट  इमेजनरी के माध्यम से स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण की निगरानी की जाएगी कैग के मानकों के अनुरूप प्रत्येक 06 माह में अनिवार्य सोशल ऑडिट, डिजिटल एवं बहुस्तरीय समयबद्ध शिकायत निवारण तथा जिला लोकपाल की व्यवस्था सम्मिलित यह अधिनियम वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ  संघीय संतुलन को बनाये रखने में बेहतर योगदान देगा लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्र में स्थायी इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन के लिए ‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम-2025 पारित किया गया है। प्रदेश सरकार इस कानून को पूर्ण संवेदनशीलता, पारदर्शिता तथा प्रभावशीलता के साथ राज्य में लागू कर रोजगार की नयी गारण्टी प्रदान करेगी। राज्य सरकार का संकल्प प्रत्येक पात्र को समय पर काम, प्रत्येक गांव में टिकाऊ परिसम्पत्तियों का निर्माण तथा प्रत्येक श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा व खुशहाली प्रदान करना है। मुख्यमंत्री जी आज यहां विकसित भारत-जी राम जी कानून-2025 के सम्बन्ध में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह अधिनियम भारत के ग्रामीण विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा। देश के श्रमिकों, किसानों तथा गांवों के विकास के हित में उठाये गये इस कदम का स्वागत व समर्थन किया जाना चाहिए। इस अधिनियम के माध्यम से ग्रामीण भारत प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत/2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में और अधिक सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर सकेगा। उत्तर प्रदेश को विकसित भारत-जी राम जी से अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अस्थायी और अधूरी सम्पत्तियों का दीर्घकालीन लाभ नहीं होता है। वी बी-जी राम जी अधिनियम-2025 रोजगार गारण्टी प्रदान करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा। यह कार्य विकसित भारत की आधारशिला मजबूत करेगा। विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब राज्य विकसित होंगे। राज्य तब विकसित होंगे, जब हमारी आधारभूत इकाई गांव विकसित होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, किसान आत्मनिर्भर होगा व श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा व सम्मान मिलेगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस अधिनियम में रोजगार गारण्टी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गयी है। मानदेय का साप्ताहिक भुगतान होगा। भुगतान में देरी पर मुआवजे की भी व्यवस्था की गयी है। समय पर काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता अब कानूनी अधिकार बन चुका है। खेती के मौसम में किसानों को मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए राज्यों को बुआई व कटाई के समय 60 दिन तक कार्य विराम का अधिकार प्रदान किया गया है। उस समय वी बी-जी राम जी के कार्य स्थगित रहेंगे। इसके माध्यम से किसान और मजदूर दोनों के हित सुरक्षित रहेंगे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्राम पंचायतें इस अधिनियम के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यां की चार श्रेणियां निर्धारित कर सकेंगी। अधिनियम के तहत जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, चेकडैम और उससे जुड़ी अन्य सुविधाओं को गांवों में विकसित किया जा सकता है। ग्रामीण बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर के अन्तर्गत सड़क, नाली आदि का विकास किया जा सकता है। गांवों में खेल का मैदान, ओपन जिम, बाजार, दुकानों जैसे आजीविका सम्बन्धी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जा सकता है। प्रतिकूल मौसम की घटनाओं से निपटने तथा आपदा प्रबन्धन की तैयारी हेतु कार्य किये जा सकते हैं। परिणामस्वरूप, बाढ़ प्रबन्धन के लिए किये जाने वाले छोटे-छोटे कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों की शासन पर निर्भरता कम हो जाएगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस अधिनियम में टेक्नोलॉजी को कानूनी अधिकार के रूप में मान्यता प्रदान की गयी है। इनमें बायोमैट्रिक उपस्थिति, जियो टैगिंग, रियल टाइम मोबाइल ऐप मॉनीटरिंग, ए0आई0 से निगरानी तथा डिजिटल भुगतान जैसी युक्तियां सम्मिलित हैं। अब हाजिरी भरने की औपचारिकताएं नहीं होंगी, बल्कि बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। सेटेलाइट इमेजनरी के माध्यम से स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण की निगरानी की जाएगी। डिजिटल भुगतान के माध्यम से श्रमिकों के खाते में मानदेय की धनराशि भेजी जाएगी।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस अधिनियम में कैग के मानकों के अनुरूप प्रत्येक 06 माह में अनिवार्य सोशल ऑडिट, डिजिटल एवं बहुस्तरीय समयबद्ध शिकायत निवारण तथा जिला लोकपाल की व्यवस्था सम्मिलित है। यह अधिनियम वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ संघीय संतुलन को बनाये रखने में बेहतर योगदान देगा। इसमें केन्द्र व राज्य की साझेदारी 60ः40 की होगी। स्पष्ट वार्षिक बजट के साथ कार्य मांग आधारित रहेगा। राज्यों को अधिक वित्तीय भागीदारी, स्वामित्व व गुणवत्ता सुधार का अधिकार दिया गया है। राज्यों को अब इस अधिनियम के माध्यम से 17,000 करोड़ रुपये अधिक धनराशि प्राप्त हो सकती है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि … Read more

ईरानी गैंग का आतंक: भोपाल में चोरी, लूट और प्रॉपर्टी कब्जाने के मामलों में सरगना राजू का नाम सामने

भोपाल राजधानी भोपाल में पुलिस की एक सटीक कार्रवाई ने ऐसा भूचाल ला दिया है कि असर सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहा. ईरानी डेरे पर हुई कार्रवाई के बाद अब देश के कम से कम 6 राज्यों की पुलिस अलर्ट मोड पर है. वजह साफ है जांच में सामने आया है कि ईरानी गैंग से जुड़े कई लोग अलग-अलग राज्यों में चेन स्नेचिंग, ठगी और अन्य आपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं. भोपाल के ईरानी डेरे में एक नहीं 6 से अधिक गैंग सक्रिय हैं। इस बात का खुलासा पुलिस की अब तक की जांच में हुआ है। इन सभी गैंग में कई दर्जन गुर्गे शामिल हैं। सभी गैंग अपने-अपने तरीकों में माहिर हैं। इन सभी गैंग के लीडर्स अलग-अलग हैं। ईरानी डेरा में छुपा है डर, दहशत और रहस्य भोपाल के अमन कॉलोनी इलाके में स्थित ईरानी डेरा लंबे समय से चर्चा में रहा है. कहा जाता है कि एक समय ऐसा था जब इस डेरे में जाने से पुलिस भी कतराती थी. 12 राज्यों में खौफ का ठिकाना बताए जाने वाले इस डेरे को अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह तक कहा गया. लेकिन हालिया कार्रवाई के बाद पहली बार इस डेरे के भीतर की तस्वीरें और आवाजें सामने आई हैं. पुलिस की कार्रवाई और संपत्तियों की जांच पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस गैंग के खिलाफ कार्रवाई के बाद भोपाल में चेन स्नेचिंग और छोटी आपराधिक घटनाओं में साफ गिरावट आई है. अब पुलिस का फोकस सिर्फ गिरफ्तारी पर नहीं, बल्कि ईरानी गैंग से जुड़े लोगों की संपत्तियों की जांच पर भी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों का स्रोत क्या है और कहीं ये अवैध कमाई से तो नहीं बनाई गईं. अधिकारियों का कहना है कि अगर संपत्तियों में गड़बड़ी पाई गई, तो उन पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा. पुलिस को ईरानी डेरे से दबिश में बड़ी संख्या में मोबाइल, लैपटॉप, सीपीयू, पैनड्राइव आदि मिले हैं। इन सभी का परीक्षण कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि इन डिवाइस का इस्तेमाल कर ईरानी चोरी के मोबाइल का सिक्योरिटी लॉक तोड़ने का काम करते थे। काला ईरानी के काले कारोबार पर नजरें पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि काला ईरानी निशातपुरा इलाके में लंबे समय से प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा है। जनता नगर कॉलोनी में उसने कई प्लॉटों को हेरफेर कर बेचा है। काला के करीबी रहीम पर भी पुलिस की नजरें हैं। करोड़ों की संपत्ति के असामी बन चुके काले ईरानी पुलिस बारीकी से तस्दीक करा रही है। फरार आरोपियों की तलाश में स्पेशल टीमें पुलिस ने इस मामले में कई विशेष टीमें बनाई हैं, जो तकनीकी और जमीनी स्तर पर लगातार काम कर रही हैं. अलग-अलग राज्यों में इस गैंग के सदस्यों के खिलाफ वारंट जारी हो चुके हैं. पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चाही मिश्र का साफ कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा. वारदातों के लिए महीनों का सफर ईरानी डेरे में रहने वाले अपराधी चोरी, लूट, ठगी जैसी वारदातों के लिए महीनों कबीले से दूर दूसरे शहर और राज्यों में रहते हैं। इसे सफर में होना कहा जाता है। इस दौरान कबीले के युवक आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। पकड़े जाने पर भी माल को सुरक्षित कबीले तक पहुंचाने के लिए दो युवक होते हैं। सफर में जाने वाले युवकों के गिरोह के साथ हर समय दो युवक ऐसे होते हैं जो वारदात में सीधे तौर पर शामिल नहीं होते, लेकिन घटना के बाद मिले माल को लेकर सुरक्षित कबीले तक लाने की जिम्मेदारी इनकी होती है। इसके लिए कई बार आरोपी बाय रोड लग्जरी कार और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर तक का सफर तय करते हैं। रिश्तेदारी का भी मिलता है फायदा जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गैंग के कई सदस्य आपस में रिश्तेदार हैं। इनके रिश्ते महाराष्ट्र और राजस्थान में बसे परिवारों से जुड़े हुए हैं, जिसकी वजह से वहां इनका नेटवर्क मजबूत बना रहा। यही कारण है कि यह गैंग दिल्ली, मुंबई, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में बेखौफ होकर वारदात करता रहा।

हरियाणा में सरकारी दफ्तरों में एआई की एंट्री, चंडीगढ़ में होगी मेगा वर्कशॉप

चंडीगढ़. कृत्रिम बुद्धिमत्ता कैसे काम करती है और आप अपनी परियोजनाएं बनाने के लिए एआई उपकरणों का कैसे उपयोग कर सकते हैं, इसकी जानकारी देने के लिए हरियाणा सरकार और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) राज्य में मिलकर काम करेंगे। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रानिक्स डेवलपमेंट कारपोरेशन (हारट्रोन) और स्टार्ट अप हरियाणा के सहयोग से 31 जनवरी को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय कार्यशाला-सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है। एआई का तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए आयोजित होने वाली यह कार्यशाला इसलिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वित्त मंत्री के नाते अपने वार्षिक बजट में पंचकूला व गुरुग्राम को एआई का हब बनाने की घोषणा कर रखी है। भविष्य विभाग का निर्माण भी इसी योजना का हिस्सा है। द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) चंडीगढ़ के प्रधान पुनीत वर्मा और महासचिव रवि शर्मा ने एआई आधारित कार्यशाला के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को निमंत्रण दिया। राज्य के पूर्व मंत्री असीम गोयल टाई प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री से मिले। चैट जीपीटी के इस्तेमाल और एआई तकनीक की जानकारी प्राप्त करने के लिए यह कार्यशाला काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस कार्यशाला में काफी रुचि दिखाई है और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। देश-विदेश से अलग-अलग क्षेत्रों के करीब तीन दर्जन तकनीकी विशेषज्ञ इस कार्यशाला-सेमीनार में जानकारी उपलब्ध कराएंगे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि एआई की जानकारी के बिना न तो उद्योग तरकीकी कर सकते हैं और न ही सरकारी कामों में इस तकनीक के बिना प्रगति की जा सकती है। द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) चंडीगढ़ के प्रधान पुनीत वर्मा के अनुसार एडब्ल्यूएस, गूगल, एक्सेंचर, विश्व बैंक और माइक्रोसाफ्ट जैसी विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विचारकों को एक मंच पर लाकर विभिन्न क्षेत्रों में एआई के विकास का पता लगाया जाएगा। पंचकूला और ट्राइसिटी के वैश्विक प्रभाव को प्रदर्शित करना, एआई पर काम करना और वैश्विक बाजार में निर्यात को बढ़ावा देना इस कार्यशाला के मुख्य बिंदुओं में शामिल है। पंचकूला आइटी पार्क में स्थित कुछ कंपनियां ग्राजिट्टी इंटरएक्टिव, अल्ट्रूइस्ट सिस्टम्स और आउटसोर्सिंग टेक्नोलाजीज पहले से ही स्वास्थ्य सेवा, विपणन और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में एआई के साथ काम कर रही हैं। हरियाणा स्थित एआई स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए बूथ स्थान उपलब्ध कराने की मांग भी सरकार से की जाएगी। महिला उद्यमियों द्वारा संचालित एआई आधारित व्यवसायों को वित्तपोषण और बाजार तक पहुंचने में सहायता प्रदान की जाएगी। सरकारी कार्यालयों में एआई के कार्यान्वयन और अधिकारी अपने दैनिक कार्यों में एआई का उपयोग कैसे कर सकते हैं, इस विषय पर अलग सेमीनार रखा गया है। प्रतिभा विकास के लिए हरियाणा के पांच से 10 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया जाएगा। इनमें एनआइटी कुरुक्षेत्र, आइआइएम रोहतक, गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार, आइआइआइटी सोनीपत, पानीपत इंजीनियरिंग संस्थान, महर्षि मार्कंडेय मुल्लाना विश्वविद्यालय प्रमुख हैं। हरियाणा में नये उद्योगों के लिए जमीन की कमी नहीं हरियाणा सरकार ने जयपुर में आयोजित डिजीफेस्ट के दौरान स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के प्रति प्रतबद्धता जताई है। एचएसआइआइडीसी और टाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उद्यमी, उद्यम पूंजी फर्म, इनक्यूबेटर और स्टार्टअप के प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सेदारी की। हरियाणा की ओर से उद्यमियों को अवगत कराया गया कि राज्य में 9,500 से अधिक डीपीआइआइटी पंजीकृत स्टार्टअप मौजूद हैं, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं के नेतृत्व वाले हैं। नीति आयोग के भारत इनोवेशन इंडेक्स और बीआरएपी में 'टाप अचीवर' के रूप में मान्यता मिली है। एचएसआइआइडीसी की ओर से उद्यमियों को भरोसा दिलाया गया कि राज्य में नये उद्योगों के लिए जमीन की कोई कमी नहीं है।

कानूनी पत्नी होते हुए भी प्रेमी संग विवाह, मासूम बच्चे के जन्म के बाद धरने पर बैठा पीड़ित पति

सहारनपुर यूपी के सहारनपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव रामनगर के रहने वाले एक युवक की पत्नी ने उसको तलाक दिए बिना ही प्रेमी से दूसरी शादी कर ली है। उधर, पीड़ित पति ने पुलिस पर पत्नी द्वारा अवैध रूप से की गई शादी को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। पीड़ित बीमारी से भी परेशान है और वह जिलाधिकारी कार्यालय पर धरने पर बैठा है। वहीं, मामले में जिलाधिकारी से कार्रवाई करने की मांग की है।   देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव रामनगर को रहने वाले रवि कुमार का कहना है कि उसकी शादी गांव छिदबना की रहने वाले युवती के साथ 2018 में हुई थी। पत्नी की ओर से अदालत में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दायर किया था, लेकिन अदालत ने उसके पक्ष में फैसला देते हुए पत्नी को शादी के कर्तव्यों को पूरा करने का आदेश दिया था। आरोप है कि उसकी पत्नी और ससुरालियों ने देहात कोतवाली पुलिस के साथ सांठगांठ कर ली है। वह रसौली की बीमारी से परेशान है। उसके सोने-चांदी के जेवरात, कीमती कपड़े और 50 हजार रुपये की नगदी भी आरोपियों अपने पास रख ली है। तलाक दिए बिना प्रेमी से कर ली शादी आरोप है कि आरोपियों ने एक राय होकर बिना तलाक दिए उसकी पत्नी की शादी अवैध रूप से दूसरे युवक से करा दी, जिससे उसको एक संतान भी पैदा हुई है। इसीलिए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित का कहना है कि उसके माता-पिता का भी देहांत हो चुका है, वह अकेला ही रहता है। वहीं, मामले में एसएसपी और उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, सीओ मनोज कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।

हरियाणा सरकार की 48 योजनाएं बदलेंगी गरीबों की तकदीर

चंडीगढ़/पंचकूला. अंत्योदय के उत्थान के प्रयास नए साल में और तेज होंगे। शहरों और गांवों में बेघर परिवारों के सिर पर छत, बेहतर शिक्षा और अंत्योदय परिवारों के युवाओं को रोजगार के लिए कई योजनाएं परवान चढ़ेंगी। प्रदेश में छह लाख गरीब परिवारों को घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अनुसार एक लाख 80 हजार रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले जरूरतमंद परिवारों को मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। अगर ऐसे परिवार के पास भूमि नहीं हुई तो सरकार जमीन भी उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा गरीबों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे। हर गरीब परिवार की न्यूनतम वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये करने के प्रयास चल रहे हैं। इस कड़ी में लाडो लक्ष्मी योजना (Ladho Laxmi Yojana) गरीब महिलाओं के लिए संबल बनेगी। योजना में पात्र महिलाओं के खातों में हर महीने 1100 रुपये डाले जाएंगे, जबकि एक हजार रुपये की एफडी होगी। यानी कि प्रदेश सरकार हर महीने 2100 रुपये देगी, जिससे उन्हें आर्थिक मजबूती मिलेगी। इसके अलावा बुजुर्गों-विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन में भी बढ़ोतरी की जाएगी। प्रदेश में गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) के 35 लाख से अधिक परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। रोडवेज बसों में एक हजार किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा एक लाख रुपये से कम आय वाले अंत्योदय परिवारों के सभी सदस्यों को रोडवेज बसों में 1000 किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। अंत्योदय मेलों के माध्यम से अभी तक 60 हजार गरीब युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन और कौशल प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है। जल्द ही अंत्योदय उत्थान मेलों का अगला दौर शुरू होगा, जिसमें गरीब युवाओं को स्वावलंबी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास होंगे। अंत्योदय परिवार उत्थान योजना में 18 विभागों की 48 योजनाएं शामिल की गई हैं जिनका लाभ युवा उठा सकते हैं। अनुसूचित एवं विमुक्त जाति के परिवार का नाम अगर बीपीएल सूची में है तो उन्हें कन्या विवाह शगुन योजना के तहत 71 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा सभी वर्गों की विधवाओं, बेसहारा महिला, अनाथ बच्चे, जो बीपीएल सूची में हैं या उनकी आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है तो उन्हें शादी में 51 हजार रुपये का शगुन दिया जाएगा। अनुसूचित जाति के युवाओं सूक्ष्म और लघु उद्योग लगाने के लिए प्लाटों की कीमत में 20 प्रतिशत छूट मिलेगी। हालांकि योजना का लाभ उठाने के लिए प्लाट मिलने के तीन साल के भीतर परियोजना को शुरू करना होगा। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में प्रवेश लेने वाली तीन लाख रुपये वार्षिक से कम पारिवारिक आय वाली प्रत्येक छात्रा को 2500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मध्यम वर्ग और गरीब लोगों के घरों की छतों पर रूफटॉप सौर पैनल स्थापित किए जाएंगे जिससे न केवल बिजली बिलों से निजात मिलेगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली को वितरण कंपनियों को बेचकर अतिरिक्त कमाई की जा सकेगी। गरीबों के लिए न्यूनतम बिजली बिल की अनिवार्यता पहले ही खत्म की जा चुकी है। प्रशिक्षित कारीगरों को पांच हजार रुपये का टॉप-अप प्रशिक्षित कारीगरों को 5000 रुपये का टॉप-अप मुख्यमंत्री विश्वकर्मा सम्मान योजना शुरू की गई है, जिसके तहत प्रशिक्षित कारीगरों को 5000 रुपये का टॉप -अप दिया जाएगा। श्रमिकों व आश्रितों को मुफ्त कौशल प्रशिक्षण के साथ ही हरियाणा कौशल विकास मिशन के तहत दो लाख बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे रोजगार प्राप्त कर सकें। पारंपरिक नौकरियों के अलावा आधुनिक उद्योगों से संबंधित नौकरियों और उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुसार कौशल प्रशिक्षण पर फोकस रहेगा। हर साल पांच हजार युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, डेटा एनालिटिक्स और प्रोग्रामिंग तथा विद्युत वाहन विनिर्माण के क्षेत्र में नौकरियों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। कौशल स्कूल स्थापित किए जाएंगे जहां छठी कक्षा से ही बच्चों का कौशल विकास किया जाएगा। पांच स्थानों पर शुरू होंगे श्रमिक सुविधा केंद्र जल्द ही पांच स्थानों पर श्रमिक सुविधा केंद्र शुरू किए जाएंगे। चौराहों पर 150 श्रमिक शेड बनाए जाने हैं। सोनीपत, गुरुग्राम, सोहना, पलवल और बावल में पांच नए श्रम न्यायालय खोलने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में श्रमिकों के लिए किफायती किराए की आवास योजना के रूप में लेबर हॉस्टल बनाए जाएंगे। निर्माण स्थलों पर क्रेच, प्ले स्कूल और साइट स्कूल खोले जाएंगे ताकि श्रमिकों के बच्चे भी पढ़ाई कर सकें। मुख्यमंत्री श्रमयोगी प्रतिभावान योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों की फीस माफ करने के साथ ही छात्रावास शुल्क, पुस्तकों और कंप्यूटर द्वारा उनकी तकनीकी, व्यावसायिक और उच्च शिक्षा के लिए सहायता दी जाएगी। वेंचर कैपिटल फंड से स्टार्टअप खोल सकेंगे युवा युवाओं को स्टार्टअप स्थापित करने और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन केंद्रों की स्थापना कर बैंकों, वित्तीय संस्थानों और उद्यम पूंजी निधियों से ऋण दिलाया जाएगा। 200 करोड़ रुपये का वेंचर कैपिटल फंड बनाया गया है जो महिलाओं, गरीबों और अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्ग से संबंधित परिवारों को वित्तीय सहायता सुनिश्चित करेगा। वेंचर कैपिटल फंड से युवाओं को पांच करोड़ तक लागत वाली परियोजनाएं स्थापित करने में मदद मिलेगी। विदेशी भाषाएं सीखकर विदेश में पा सकेंगे रोजगार रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 1000 हरहित स्टोर और खोले जाएंगे। ‘हरियाणा ओवरसीज प्लेसमेंट सेल’ विदेश में प्लेसमेंट की आवश्यकताओं और कौशल की जरूरतों के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित करेगा। विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं को जर्मन, जापानी, इतालवी जैसी भाषाएं सिखाई जाएंगी। छह लाख तक की आय वाले परिवारों के युवाओं को फारेन लैंग्वेज सर्टिफिकेशन टेस्ट का खर्च भी सरकार देगी।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में गृह विभाग के बजट निर्माण की बैठक आयोजित

रायपुर : गृह विभाग के बजट निर्माण हेतु उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में बैठक का हुआ आयोजन रायपुर राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए तीसरे बजट की तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में गृह विभाग के बजट निर्माण को लेकर मंत्रालय में सोमवार को उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गृह विभाग से संबद्ध पुलिस, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन, नगर सेना एवं एसडीआरएफ, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएँ, लोक अभियोजन, राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, सैनिक कल्याण, संपदा संचालनालय, छत्तीसगढ़ स्टेट गैरेज, मेडिको-लीगल संस्थान तथा छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकार इकाइयों के विभागाध्यक्षों ने भाग लिया। सभी विभागों से प्राप्त बजट अनुदान प्रस्तावों पर बिंदुवार और विस्तृत चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कहा कि बजट निर्माण में मितव्ययता और प्राथमिकताओं का संतुलन आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि अनावश्यक व्ययों पर नियंत्रण रखते हुए कानून व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, पुलिस बल की क्षमता वृद्धि, आवास एवं आधारभूत संरचना, आपदा प्रबंधन, फॉरेंसिक सुविधाओं का आधुनिकीकरण, जेल सुधार तथा अभियोजन की प्रभावशीलता जैसे आवश्यक मदों के लिए पर्याप्त और समयोचित प्रावधान सुनिश्चित किए जाएँ। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बजट प्रस्ताव परिणामोन्मुखी हों और उनसे जनसुरक्षा, त्वरित न्याय, तथा सेवा-प्रदाय की गुणवत्ता में प्रत्यक्ष सुधार दिखाई दे। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, उपकरणों के उन्नयन और मानव संसाधन विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने प्रस्तावों में स्पष्ट लक्ष्य, अपेक्षित परिणाम और व्यय-लाभ विश्लेषण का समावेश करें। बैठक में उपमुख्यमंत्री शर्मा ने समन्वय और समयबद्धता पर बल देते हुए कहा कि गृह विभाग का बजट राज्य की कानून-व्यवस्था, आपदा तैयारी और न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। सभी इकाइयों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित समय-सीमा में संशोधित एवं सुदृढ़ प्रस्ताव प्रस्तुत करें, ताकि बजट को अंतिम रूप दिया जा सके। इस बैठक में एसीएस मनोज पिंगुआ, डीजीपी अरूण कुमार गौतम, डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, सचिव हिमशिखर गुप्ता, सचिव रमेश शर्मा, सचिव नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस प्रदीप गुप्ता, उप पुलिस महानिरीक्षक मनीष शर्मा, संचालक अग्निश्मन चन्द्र मोहन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

CBSE देगा बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों को मुफ्त मेंटल हेल्थ काउंसलिंग सेवा

चंडीगढ़. बोर्ड परीक्षाओं के दबाव और छात्रों की मानसिक सेहत को प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त साइको-सोशल काउंसलिंग सेवा की शुरुआत कर दी है। यह सेवा वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है और 1 जून 2026 तक जारी रहेगी। CBSE द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह काउंसलिंग सुविधा बोर्ड की वार्षिक पहल का पहला चरण है, जिसका उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा से जुड़े तनाव, डर और भावनात्मक समस्याओं से उभरने में मदद करना है। टेली-काउंसलिंग सेवा के तहत विद्यार्थी और माता-पिता सोमवार से शुक्रवार सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक विशेषज्ञों से बात कर सकते हैं। इस कार्यक्रम के तहत कुल 73 अनुभवी प्रशिक्षित विशेषज्ञ छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। इनमें CBSE से जुड़े स्कूलों के प्रिंसिपल, प्रशिक्षित काउंसलर, स्पेशल एजुकेटर और मनोवैज्ञानिक शामिल हैं। इनमें से 61 विशेषज्ञ भारत में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि 12 काउंसलर नेपाल, जापान, कतर, ओमान और यूएई जैसे देशों से जुड़े हुए हैं। यह सेवा शनिवार और रविवार को उपलब्ध नहीं रहेगी। CBSE का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे फरवरी में शुरू होने वाली बोर्ड की थ्योरी परीक्षाओं का सामना बिना तनाव और घबराहट के कर सकें। बोर्ड के अनुसार, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच परीक्षा प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, छात्र और अभिभावक टोल-फ्री नंबर 1800-11-8004 पर कॉल कर 24×7 आईवीआरएस सुविधा का लाभ भी उठा सकते हैं। यह सेवा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिसमें परीक्षा तैयारी, समय प्रबंधन, तनाव नियंत्रण और CBSE से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी जाती हैं। CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि तनाव प्रबंधन और प्रभावी पढ़ाई से जुड़े कई उपयोगी संसाधन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर उपलब्ध हैं, जिन्हें छात्र किसी भी समय एक्सेस कर सकते हैं।