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Punjab News: नए साल पर पंजाब के सरकारी अस्पतालों में 200 सुरक्षा कर्मियों की होगी तैनाती

चंडीगढ. पंजाब के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन (पी.एच.एस.सी.) ने राज्य के सभी जिला अस्पतालों में 200 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। यह फैसला पी.सी.एम.एस. एसोसिएशन द्वारा लंबे समय से डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे संघर्ष और पिछले वर्षों में अस्पतालों के भीतर हुई हिंसक घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नए आदेशों के तहत यह तैनाती जनवरी 2026 से शुरू होगी, जिससे अस्पतालों में सुरक्षित कार्य वातावरण बनाने की कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार इन सुरक्षा कर्मियों की भर्ती केवल ‘पैस्को’ (PESCO) एजेंसी के माध्यम से की जाएगी। जनवरी और फरवरी 2026 के पहले दो महीनों के लिए इनकी तनख्वाह का प्रबंध ई.आर.एफ. और अस्पतालों के यूजर चार्ज फंड से किया जाएगा। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि बठिंडा, श्री मुक्तसर साहिब, एस.बी.एस. नगर और माता कौशल्या अस्पताल पटियाला अपने स्तर पर यूजर चार्ज से भुगतान करेंगे। मार्च 2026 के बाद इन कर्मचारियों की तनख्वाह के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में विशेष प्रावधान करने की जिम्मेदारी निदेशक स्वास्थ्य सेवाओं के जे.सी.एफ.ए. को सौंपी गई है। जिला-वार विवरण के अनुसार लुधियाना को सबसे अधिक 12, जबकि अमृतसर, जालंधर, बठिंडा और पटियाला को 11-11 सुरक्षा गार्ड आवंटित किए गए हैं। अन्य जिलों में यह संख्या 7 से 9 के बीच रखी गई है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार यह सुरक्षा व्यवस्था तीन चरणों में उपलब्ध कराएगी। फिलहाल पहले चरण में जिला स्तर के अस्पतालों को सुरक्षा दी गई है, इसके बाद इसे ब्लॉक और कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों तक बढ़ाया जाएगा। साल भर में डॉक्टरों से जुड़े 60 हिंसक मामले पंजाब के अस्पतालों में सुरक्षा की जरूरत क्यों पड़ी, इसका अंदाजा वर्ष 2024-25 के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। इस दौरान राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और ड्यूटी स्टाफ के साथ करीब 60 बार हाथापाई और झगड़े की घटनाएं सामने आईं। इनमें से लगभग 20 गंभीर मामलों में पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। इन घटनाओं के कारण मेडिकल स्टाफ में भय का माहौल था, जिसके चलते सितंबर 2024 में डॉक्टरों को हड़ताल जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा था।

छत्तीसगढ़ में जमीन की नई गाइड लाइन दरों पर सौकड़ों आपत्तियां

रायपुर. प्रदेश में जमीन की नई गाइडलाइन दरों को लेकर दवा अपत्तियों के लिए बुधवार अंतिम दिन है। राज्य शासन द्वारा 20 नवंबर से लागू की गई संशोधित गाइडलाइन दरों पर दावा-आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है, लेकिन इससे पहले ही प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आपत्तियां सामने आ चुकी हैं। अकेले रायपुर जिले में 600 से अधिक दावा-आपत्तियां पंजीयन विभाग को प्राप्त हो चुकी हैं, जबकि अन्य जिलों में भी यही हाल है। इसके अलावा नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र में गाइडलाइन 2025-26 को लेकर 27 गांवों से जुड़े 500 से अधिक प्रभावित किसान नवा रायपुर मुख्यालय में पहुंचे और व्यक्तिगत व सामूहिक आवेदन जमा किए। राज्य शासन ने सभी जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देशित किया है कि नई गाइड लाइन दरों पर प्राप्त आपत्तियों, याचिकाओं और सुझावों की गहन समीक्षा की जाए। 31 दिसंबर के बाद जिला समितियां अपने संशोधन प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजेंगी। अंतिम निर्णय वहीं से लिया जाएगा। शहरी में 20 प्रतिशत, ग्रामीण में 500 प्रतिशत तक बढ़ी दरें सरकार ने इस बार गाइडलाइन दरों में बड़ा बदलाव करते हुए शहरी क्षेत्रों में 20 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 500 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। अधिकारियों का तर्क है कि वर्ष 2017–18 के बाद गाइडलाइन दरों में कोई संशोधन नहीं हुआ था, जिससे बाजार मूल्य और सरकारी दरों में भारी अंतर आ गया था। अधिकारियों के अनुसार नई दरों से किसानों और भूमिस्वामियों को भूमि अधिग्रहण के समय अधिक और न्यायसंगत मुआवजा मिलेगा, वहीं संपत्ति के एवज में बैंक से अधिक लोन भी स्वीकृत हो सकेगा। रियल इस्टेट बाजार पर सीधा असर दूसरी ओर, नई गाइडलाइन दरों ने रियल इस्टेट बाजार की रफ्तार धीमी कर दी है। जमीन और मकान खरीदना पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। इसका असर पंजीयन कार्यालयों में साफ दिख रहा है, रजिस्ट्री की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। रियल इस्टेट से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि कई लोग गाइडलाइन दरों में संभावित संशोधन का इंतजार कर रहे हैं, जिसके चलते खरीदी-बिक्री के सौदे अटके हुए हैं। नई गाइडलाइन दरों के खिलाफ विरोध का स्वर केवल किसानों तक सीमित नहीं रहा। कुछ दिन पहले बिल्डरों के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात कर गाइडलाइन दरों में संशोधन की मांग की थी। समीक्षा करने के निर्देश दिए – राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को नई गाइडलाइन दरों पर प्राप्त सभी आपत्तियों, याचिकाओं और सुझावों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। समितियों के प्रस्तावों की जांच के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड अंतिम रूप से संशोधित गाइडलाइन दरों को तय करेगा। -पुष्पेंद्र कुमार मीणा, महानिरीक्षक, पंजीयन विभाग  

Punjab News: CM भगवंत मान ने नए साल की दी शुभकामनाएं

चंडीगढ़. नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नए साल की शुभकामनाएं दी हैं। नए साल के मौके पर एक पोस्ट सांझा करते हुए उन्होंने कहा, “नए साल 2026 की आप सभी को हार्दिक बधाई। परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि आपका आने वाला वर्ष खुशियों और सफलता से भरा हो।” इसके साथ ही उन्होंने कहा, “हमने अपने कर्तव्य के रूप में बीते वर्ष 2025 में पंजाब के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बच्चों को अच्छी शिक्षा और युवाओं को रोजगार प्रदान किया। पंजाब के माथे से नशा और भ्रष्टाचार जैसे कलंक मिटाने के लिए सख्त कार्रवाई की। इसी कड़ी में आने वाले नए साल में भी विकास कार्य इसी तरह जारी रहेंगे।” #HappyNewYear2026  स्वर्ण मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों में भक्तों का लगा तांता 1 जनवरी (आईएएनएस)। कड़ाके की ठंड के बावजूद, सैकड़ों श्रद्धालु गुरुवार सुबह नए साल का स्वागत करने के लिए पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर और आसपास के अन्य धार्मिक स्थलों पर पहुंचे। स्वर्ण मंदिर में प्रार्थना करने के लिए श्रद्धालु आधी रात से ही लाइन में लगे थे। मंदिर के बाहर गुरुवार सुबह लंबी लाइनें देखी गईं, जिसमें लोग 'हरमंदिर साहिब', यानी पवित्र स्थान, के अंदर प्रार्थना करने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कई श्रद्धालुओं को गोल्डन टेंपल के पवित्र 'सरोवर' में डुबकी लगाते देखा गया। दिल्ली की एक श्रद्धालु कविता गुप्ता ने कहा कि नए साल के पहले दिन गोल्डन टेंपल में प्रार्थना करना हमारे लिए सच में सौभाग्य की बात है। भगवान करे 2026 प्रार्थनाओं के पूरे होने और लक्ष्यों की प्राप्ति से भरा हो। इसके अलावा, चंडीगढ़ के पास पंचकूला में स्थित माता मनसा देवी मंदिर में भी लोग प्रार्थना करने के लिए उमड़ पड़े। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी लोगों ने नए साल के मौके पर अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नए साल के मौके पर पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि नए साल का स्वागत हमेशा नई उम्मीद, आशा और आकांक्षाओं के साथ किया जाता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ये आकांक्षाएं केवल जोश, दृढ़ संकल्प और समर्पण से किए गए सामूहिक प्रयासों से ही पूरी हो सकती हैं। इस मौके पर कटारिया ने लोगों से एक मजबूत, शांतिपूर्ण और एकजुट भारत बनाने के अपने संकल्प को दोहराने और देश की प्रगति और समृद्धि के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने शुभकामनाएं दीं और सभी को एक खुशहाल, स्वस्थ और समृद्ध नए साल की बधाई दी। पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने भी नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि सर्वशक्तिमान 2026 में पंजाबियों के सभी सपने पूरे करें। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि दुनिया भर में रहने वाले सभी पंजाबियों को खुशी, शांति, सफलता और समृद्धि मिले। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में नियमित रूप से व्यायाम करने का आग्रह किया ताकि वे स्वस्थ और तंदुरुस्त रहें। नए साल की शुभकामनाएं देते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रार्थना की कि सर्वशक्तिमान लोगों के जीवन को खुशी और सफलता से भर दे। एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पिछले साल उनकी सरकार ने पंजाब के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा और युवाओं के लिए रोजगार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि हमने पंजाब के माथे से ड्रग्स और भ्रष्टाचार जैसे कलंक को हटाने के लिए सख्त कार्रवाई की। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्य जारी रहेंगे।

रायपुर में साल के आखिरी दिन 69 पुलिस अधिकारियों के तबादले

रायपुर. साल के अंतिम दिन रायपुर जिला पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। एसएसपी रायपुर ने देर रात तबादला आदेश जारी करते हुए मैदानी इलाकों में तैनात 69 पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। इस सूची में 4 निरीक्षक (TI), 18 उप निरीक्षक (SI) और 37 सहायक उप निरीक्षक (ASI) सहित बड़ी संख्या में अधिकारी शामिल हैं। तीन प्रमुख थानों के प्रभारी भी बदले गए तबादला आदेश के तहत तीन प्रमुख थानों के प्रभारी भी बदले गए हैं, जिससे जिले की कानून-व्यवस्था में नई जिम्मेदारियों के साथ नए सिरे से संचालन की उम्मीद जताई जा रही है। जारी आदेश के अनुसार सतीश सिंह गहरवार को कोतवाली थाना प्रभारी (TI) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं एस.एन. सिंह को कबीर नगर थाना प्रभारी बनाया गया है। सुनील दास को गंज थाना प्रभारी (TI) का नया प्रभार दिया गया है। तबादला प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा इसके अलावा भावेश गौतम को यातायात विभाग का निरीक्षक (ट्रैफिक TI) नियुक्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों का यह व्यापक तबादला प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह फेरबदल आगामी वर्ष में अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और थानों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है। तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश एसएसपी रायपुर द्वारा जारी इस आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

कांकेर कलेक्टर ने स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने रवाना की मोबाइल मेडिकल यूनिट

उत्तर बस्तर कांकेर. कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत नरहरपुर विकासखण्ड में निवासरत विशेष पिछड़ी कमार जनजातियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई चलित चिकित्सा वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उक्त मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहन में चिकित्सा अधिकारी, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, कम्पाउंडर सहित आवश्यक खून जांच एवं दवाईयों की व्यवस्था एवं अन्य स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा उपलब्ध है, यह वाहन कमार बस्तियों के बसाहटों में जाकर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी। इससे विशेष जनजाति समूह के गांवो में मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं चिकित्सकीय टीम से आमजनों को इसका लाभ मिलेगा। मोबाइल मेडिकल यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते समय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर, नोडल अधिकारी डॉ. के.के. ध्रुव, डीपीएम रोहित वर्मा सहित अन्य चिकित्सा स्टाफ मौजूद थे।   उल्लेखनीय है कि ‘पीएम जनमन’ प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान है, जो विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए शुरू की गई एक सरकारी पहल है, जिसका लक्ष्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को पक्के घर, स्वच्छ पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और आजीविका के अवसर जैसी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करना है, ताकि उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।  

सम्राट चौधरी के पास भारी संपत्ति, नीतीश से भी अधिक दौलतमंद: रिवॉल्वर और निवेश में करोड़ों

 पटना नीतीश सरकार के मंत्रियों ने वर्ष 2025 के अंतिम दिन अपनी चल-अचल संपत्ति की घोषणा की। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने बुधवार की शाम इसे जारी किया। इसके अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कई गुना ज्यादा संपत्ति मंत्रियों के पास है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार और श्रम संसाधन मंत्री संजय टाइगर को छोड़ अन्य सभी मंत्री करोड़पति हैं। ज्यादातर मंत्री हथियारों और गहनों के भी शौकीन हैं। सभी के पास अपने वाहन हैं। सबसे ज्यादा आभूषण पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद के पास है। उनके पास दो किलो सोना और 6 किलो चांदी है। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी की पत्नी के बैंक खातों में 22 करोड़ 54 लाख रुपये जमा हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास महज 1.65 करोड़ की संपत्ति है। चल 17,66,196 और अचल संपत्ति 1.48 करोड़ है। उनकी संपत्ति पिछले साल की तुलना में 70 हजार रुपए बढ़ी है। उनके पास 20552 नकद है। हालांकि, नगद राशि में 500 रुपए की कमी आई है। उनके पास दो अंगूठी है। 20 ग्राम के सोने की अंगूठी और एक मोती लगी चांदी की अंगूठी। मुख्यमंत्री के पास न तो कोई कृषि भूमि है न व्यावसायिक जमीन। नीतीश कुमार गोपालन के शौकीन मुख्यमंत्री गोपालन के भी शौकीन हैं। उनके पास दस गायें और 13 बछड़े हैं। इसके अलावा उनके पास इको स्पोर्ट्स व टाइटेनियम कार भी है। उनके पास घरेलू उपयोग की सामग्री एसी, एयरकूलर, कम्प्यूटर, वाशिंग मशीन, माइक्रो ओवेन, ओटीजी और एक्सरसाइज साइकिल है। दिल्ली के द्वारिका में एक हजार वर्गफीट का एक फ्लैट है। इसे उन्होंने वर्ष 2004 में 13.78 लाख में खरीदा था। उनके ऊपर बैक का ऋण नहीं है। न कोई सरकारी बकाया है। उनके ऊपर कोई कर देयता भी नहीं है। वर्ष 2024 में सीएम के पास 21052 रुपए नगद था जबकि 1697741 लाख रुपए की चल संपत्ति थी। सम्राट के पास रिवॉल्वर के साथ एक राइफल भी उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी के पास 1.35 लाख रुपये नकद जबकि बैंक खातों में 17.45 लाख रुपये जमा है। उन्होंने बांड आदि में 31.83 लाख रुपये जबकि बचत योजनाओं में करीब 20 लाख रुपये का निवेश कर रखा है। पत्नी के नाम पर 2021 में पटना के गोला रोड में 1450 स्क्वायर फुट के फ्लैट है। 4.91 करोड़ रुपये की गैर-कृषि भूमि है। इसका ब्योरा अलग एनेक्शचर में डाला गया है। उनके पास पिता से मिली एक रिवॉल्वर के अलावा एक एनपी बोर की राइफल है। वाहन के नाम पर 2023 मॉडल की बोलेरो कार है। ज्वेलरी के नाम पर 20 लाख रुपये मूल्य का 200 ग्राम सोना है। उन पर कोई ऋण नहीं है। संजय के खाते में 85 हजार 23.76 लाख की कार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय सिंह के पास 85 हजार नकद और विभिन्न बैंकों में 20.55 लाख रुपये है। राजीव नगर में 2.54 करोड़ का भवन है। 20.25 लाख के गहने हैं। पत्नी के पास 40.50 लाख के गहने और होंडा कार है, मंत्री के पास पिस्टल और राइफल भी है। अरुण शंकर 82 लाख की जमीन के मालिक पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के पास कुल 2.55 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति है। इसमें 78 लाख 12 हजार 314 रुपये की चल संपत्ति एवं अचल संपत्ति के रूप में 82 लाख रुपये की कीमत वाली कृषि योग्य भूमि एवं 95 लाख रुपये की कीमत वाली रिहायशी घर है। लखेन्द्र के पास 97 लाख 65 हजार की चल संपत्ति अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन के पास 97 लाख 65 हजार 434 रुपये की चल संपत्ति है। वहीं, उनकी पत्नी के नाम पर 9,58,255 रुपये, पुत्र के नाम पर 1.68 लाख और पुत्री के नाम पर 1,79,225 रुपये की चल संपत्ति है। गाड़ी के शौकीन हैं पशु और मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता वाहनों के शौकीन हैं। उनके पास 57 लाख रुपए की फार्च्यूनर और 14 लाख की टाटा सफारी गाड़ी है। 40 हजार रुपए मूल्य की 5 ग्राम सोना है। मंत्री के पास 50 हजार रुपए कैश हैं, जबकि इनकी पत्नी के पास 20 हजार रुपए कैश हैं। अशोक चौधरी की पत्नी के खाते में 22.54 करोड़ ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी से कई गुना अधिक धनी उनकी पत्नी हैं। मंत्री के पास 50 हजार तो उनकी पत्नी के पास 10 हजार नकदी है। लेकिन विभिन्न बैंकों में मंत्री ने 53 लाख जमा किए हैं जबकि पत्नी के नाम पर 22 करोड़ 54 लाख जमा है। मंगल पांडेय 1.32 करोड़ चल संपत्ति के मालिक स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के पास 59 हजार नकद है। 18.83 लाख बैंक में और नन बैंकिंग कंपनी में एक करोड़ जमा है। पत्नी के पास बैंक में 24 लाख रुपये जमा हैं। मंत्री के पास 7.80 लाख,पत्नी के पास 25 लाख के गहने हैं। मंत्री के पास कुल 1.32 करोड़ की चल संपत्ति है। रामकृपाल के पास 315 बोर की एक राइफल कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के पास मात्र 12 हजार रुपये नकद जबकि 8.30 लाख बैंकों में जमा है। हथियार में 315 बोर की एक राइफल है। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद के पास 3 करोड़ 75 लाख 21 हजार 737 रुपये की चल संपत्ति है, जबकि उनके पति के पास 2 करोड़ 30 लाख 22 हजार 528 की चल संपत्ति है।निषाद के पास 2 किलोग्राम और 6 किग्रा चांदी है। नारायण प्रसाद ज्वेलरी के शौकीन, तीन वाहन भी आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद के पास हथियार के नाम पर एक बंदूक और एक राइफल है। उनके नाम पर एक जीप, एक इनोवा कार और एक स्कॉर्पियो एन सहित तीन वाहन हैं। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान को ढाई लाख रुपये का पिस्टल भी मंत्री ने अपने पास रखा है। कैमूर में उनके पास खेती योग्य 30 लाख रुपये की जमीन और गैर कृषि योग्य 19 लाख रुपये की जमीन है। संजय टाइगर के पास 32 लाख की संपत्ति श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर के पास नकद 45 हजार तथा बैंकों वित्तीय संस्थानों में 24 लाख रुपये जमा है। इनकी चल संपत्ति 32 लाख की है। कोई अचल संपत्ति नहीं है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार के पास … Read more

नए साल पर मध्य प्रदेश में करीब 200 अधिकारियों को प्रमोशन, मोहन यादव सरकार का तोहफा

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 200 से ज्यादा आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को नए साल का गिफ्ट दिया है. इन सभी अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया है. देर रात राज्य सरकार ने प्रमोशन आदेश जारी कर दिए. प्रमोशन किए गए आईएएस अधिकारियों में उप सचिव, अपर सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी मुख्य रूप से शामिल हैं. इसी तरह 18 आईपीएस अफसरों का भी प्रमोशन किया गया है. इन अधिकारियों को एडीजी से स्पेशल डीजी पद पर पदोन्नति दी गई है. इन IAS अधिकारियों का हुआ प्रमोशन सामान्य प्रशासन विभाग कार्मिक में सचिव पद पर पदस्थ एम सेलवेन्द्रन को प्रमोशन देकर उन्हें प्रमुख सचिव बनाया गया है. हालांकि उनका विभाग नहीं बदला गया है. उधर मध्य प्रदेश कैडर के वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल (पे मेट्रिक-14) में प्रमोशन देकर उन्हें सचिव बनाया गया है. प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर में प्रबंध संचालक अनय द्विवेदी, भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा और कोष एवं लेखा विभाग के कमिश्नर भास्कर लक्षकार हैं. उज्जैन संभाग के कमिश्नर आशीष सिंह, आबकारी आयुक्त अभितीज अग्रवाल, पंचायत संचालक छोटे सिंह, स्वास्थ्य एवं नियंत्रण खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिनेश श्रीवास्तव, राजस्व मंडल ग्वालियर सचिव सपना निगम का भी प्रमोशन किया गया है. 2010 बैच के अधिकारी और आयुक्त जनसंपर्क दीपक कुमार सक्सेना, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरएस जादोन का भी प्रमोशन किया गया है. इन अधिकारियों का बदला विभाग उधर राज्य सरकार ने पदोन्नति के बाद राजस्व विभाग में अपर सचिव संजय कुमार को सचिव मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल एवं कल्याण आयुक्त बनाया है. श्रम विभाग में अपर सचिव बसंत कुर्रे को सह संचालक कौशल विकास बनाया गया है. सुरेश कुमार को संभाग आयुक्त चंबल संभाग मुरैना बनाया गया. चंद्रशेखर वालिबे को सचिव मुख्यमंत्री, शीलेंद्र सिंह को सचिव नगरीय विकास एवं अवास विभाग बनाए गए हैं. आईपीएस अधिकारियों का भी हुआ प्रमोशन उधर आईपीएस अधिकारियों का भी प्रमोशन किया गया है. 1994 बैच के अधिकारी एडीजी अजाक आशुतोष राय को प्रमोशन देकर विशेष पुलिस महानिदेशक (अजाक) बनाया गया. 2001 बैच के आईजी जबलपुर प्रमोद वर्मा को प्रमोशन देकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जबलपुर जोन बनाया गया. 1999 और 2008 बैच के अधिकारियों को पुलिस महानिरीक्षक (वेतन मैट्रिक्स-14) के पद पर प्रमोशन किया गया है, जिसमें आईजी साइबर निरंजन बी. वायंगणकर, पुलिस मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक, साइबर, पुलिस मुख्यालय सियाज ए, पुलिस महानिरीक्षक, शिकायत एवं मानव अधिकार ललित शाक्यवार को प्रमोट किया गया है. एसपी राकेश सगर, राघवेन्द्र सिंह बेलवंशी, किरणलता केरकेट्टा, रियाज इकबाल, असित यादव, कुमार प्रतीक, शिवदयाल को प्रमोशन देकर आईजी बनाया गया है. डीआईजी के पद पर पदोन्नति एसपी खंडवा मनोज कुमार राय, रेल एसपी भोपाल राहुल कुमार लोढ़ा, रेल एसपी जबलपुर सिमाला प्रसाद, धार एसपी मयंक अवस्थी और भोपाल डीसीपी विवेक सिंह को डीआईजी बनाया गया. इसी तरह प्रवर श्रेणी 2012 और 2013 बैच के 11 अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स-13 में स्वीकृत किया गया है. इसमें एसपी बड़वानी जगदीश डाबर और टीकमगढ़ एसपी मनोहर सिंह मण्डलोई शामिल हैं.

Punjab News: सरकार ने 10 हजार पुलिस जवान भर्ती के प्रस्ताव को दी मंजूरी

चंडीगढ़. पंजाब में बढ़ती सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के मद्देनजर 10 हजारों नए जवानों की भर्ती की जाएगी। बाॅर्डर स्टेट होने के नाते सूबे में निगरानी व्यवस्था और कड़ी जाएगी। इसके चलते नए पद स्वीकृत किए हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब सरकार ने इस संदर्भ में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हाल ही में 1600 पदों पर भी जवानों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो गई है। उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। डीजीपी ने बुधवार को पंजाब पुलिस के साल 2026 के विजन पर चर्चा करते हुए कहा कि पुलिस इस साल नशे और गैंगस्टरवाद के खिलाफ और सख्ती से निपटेगी। डायल-112 इमरजेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसे 7 से 8 मिनट पर लाया जाएगा। इसके तहत मोहाली में 52 करोड़ रुपये की लागत से डायल 112 सेंट्रल कंट्रोल रूम भवन स्थापित किया जाएगा व 50 करोड़ रुपये की लागत से नए वाहन खरीदे जाएंगे। पंजाब के जिला नियंत्रण कक्षों को 25 करोड़ रुपये के निवेश से अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि निर्बाध समन्वय और किसी भी घटना का त्वरित प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। डीजीपी के साथ आईजीपी मुख्यालय सुखचैन सिंह गिल भी मौजूद थे। डीजीपी ने बताया कि पंजाब सरकार ने पिछले तीन वर्षों में पंजाब पुलिस के आधुनिकीकरण पर 800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि फील्ड में सभी एसपी रैंक के अधिकारियों को नए वाहन दिए गए हैं, साथ ही सभी पुलिस थानों और पुलिस चौकियों को भी नए वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। आधुनिक उपकरणों से लैस होगी पुलिस डीजीपी ने बताया कि राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों में 426 करोड़ रुपये की लागत वाले मेगा पुलिस भवन परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसमें मोहाली के फेज-4 में साइबर क्राइम डिवीजन के लिए नया मुख्यालय, नवांशहर और मलेरकोटला जिलों में नई पुलिस लाइनें व 11 नई पुलिस स्टेशन इमारतों का निर्माण शामिल है। इसके अलावा लुधियाना, फिरोजपुर और जालंधर में नए एएनटीएफ रेंज कार्यालय खोले जाएंगे तथा मौजूदा कार्यालयों को आधुनिक उपकरणों और फोरेंसिक टूल्स से अपग्रेड किया जाएगा। नए आपराधिक कानूनों के अनुसार पंजाब सरकार द्वारा गवाह संरक्षण योजना पहले ही अधिसूचित की जा चुकी है, जो सजा की दर में सुधार लाने में सहायक होगी। तकनीकी क्षमताओं को उन्नत किया गौरव यादव ने बताया कि एजीटीएफ ने पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (पीएआईएस 2.0) के माध्यम से अपनी तकनीकी क्षमताओं को और उन्नत किया है, जो अन्य अत्याधुनिक विशेषताओं के साथ-साथ अब वॉयस एनालिसिस में भी सक्षम है। इसके साथ ही संगठित अपराध सूचना प्रणाली (ओसीआईएस) को अपराध रिकॉर्ड प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए और अपग्रेड किया जा रहा है। पंजाब पुलिस संगठित अपराधियों को फर्जी विवरणों के आधार पर पासपोर्ट प्राप्त कराने या उसमें सहायता देने में शामिल ट्रैवल एजेंटों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जांच पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी। सड़क सुरक्षा थाने स्थापित होंगे शहरी क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने के लिए समर्पित ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा थाने स्थापित किए जाएंगे। इन थानों को शहरों के सीसीटीवी फीड और अनुकूली ट्रैफिक सिग्नलों के माध्यम से वास्तविक समय की निगरानी के लिए एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसी3) से जोड़ा जाएगा। 

CG News: रायपुर प्रेस क्लब चुनाव को लेकर घमासान तेज

रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब में चुनावी रणभेरी बज चुकी है। लंबे समय से अगर–मगर और कागजी जंग में उलझा सदस्यता विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। प्रेस क्लब द्वारा 17 फरवरी 2025 तक बनाए गए सदस्यों की सूची सार्वजनिक नहीं किए जाने के बाद, रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त वास्तविक सदस्यता सूची के आधार पर मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन, दावा–आपत्ति और निराकरण की तारीखें घोषित कर दी गई हैं। इसके साथ ही प्रेस क्लब परिसर एक बार फिर चुनावी अखाड़े में तब्दील हो गया है। पैनल सक्रिय, प्रत्याशियों की जमावट तेज चुनावी मैदान में उतरने के लिए प्रेस क्लब में सक्रिय सभी पैनलों ने रणनीति और प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। सत्ताधारी संकल्प–प्रफुल्ल पैनल के सामने इस बार मुकाबला आसान नहीं दिख रहा। परंपरागत रूप से प्रभावी रहे संगवारी पैनल, सुकांत पैनल, दामू पैनल और अनिल पैनल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। चुनावी हलचल के संकेतों के अनुसार, कई पैनलों के बीच गठजोड़ की संभावनाएं भी बनती नजर आ रही हैं, जिससे मुकाबला और अधिक रोचक व कांटे का होने की उम्मीद है। इस चुनाव का सबसे अहम और निर्णायक पहलू लाल झंडे की एकजुटता मानी जा रही है। सारे पैनल एक तरफ और लाल पैनल एक तरफ,ऐसी तस्वीर उभरती दिख रही है। वैचारिक रूप से मजबूत यह पैनल पिछले कई कार्यकालों से प्रेस क्लब की सत्ता की धुरी रहा है। मीडिया जगत के ‘सागर’ के बड़े जहाज़ माने जाने वाले चेहरे इसकी परोक्ष अगुवाई करते रहे हैं। हालांकि, इस बार लाल विचार का लाल किला कहे जाने वाले प्रेस क्लब पर पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है। इनकम्बेंसी और अन्य पैनलों की बढ़ती सक्रियता ने वैचारिक लीडरों को भी सतर्क कर दिया है। इसी वजह से समान विचारधारा वाले पत्रकारों को एक मंच पर लाने की कवायद तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, अब तक अलग-अलग पैनलों में अपनी ताकत दिखाने वाले PT, AT और GT ग्रुप को एकजुट कर चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई जा रही है। इसके लिए तीनों लीडर के गुरु ने सभी एक करने का बीड़ा उठा कर लगातार बैठक कर रहे है,, इतना ही नहीं, परंपरागत प्रतिद्वंद्वी गुट के एक धड़े PD को भी साथ जोड़ लिए जाने की अंदरखाने से खबर है। इससे लाल पैनल की ताकत और बढ़ती नजर आ रही है। हालांकि, अध्यक्ष पद के चेहरे पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है, जो आने वाले दिनों में पूरे चुनावी समीकरण को पलट सकती है। विपक्षी खेमे में बिखराव, एक राय की चुनौती :- दूसरी ओर, लाल पैनल की इस संगठित ताकत के मुकाबले शेष पैनल फिलहाल बिखरे हुए नजर आ रहे हैं। विशेषकर संगवारी, सुकांत,अनिल और दामू ग्रुप के बीच आपसी सहमति अब तक नहीं बनी है,, बनती नहीं दिख रही है, जिससे विपक्षी खेमा रणनीति को आकार देने में पीछे है। हालांकि, प्रेस क्लब में विरोध का झंडा बुलंद पिछले कार्यकाल की नाकामियों और कथित नियमविरुद्ध फैसलों को मुद्दा बनाकर कुछ पत्रकार पहले दिन से सक्रिय है । इस मुद्दा-आधारित लड़ाई का लाभ मोहन तिवारी को मिलता नजर आ रहा है, लेकिन ब्राह्मण बड़े पत्रकारों को एका और एक राय हो कर नहीं लड़ पाना सबसे बड़ी चुनौती है उनका पैनल कितना एकजुट होकर मैदान में उतरेगा इस पर सब की निगाहें है। वैचारिक एक जुटता बनाम बिखराव की लड़ाई एक ओर जहां पदाधिकारियो का वैचारिक पैनल खुद को संगठित करने में सफल होते दिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रेस क्लब का विपक्षी खेमा हर बार की तरह अलग-अलग लड़ने की तैयारी से है जिसे चुनावी मुकाबला बहुकोणीय होता दिख रहा है। 

CG News: साय सरकार में खेती के साथ मधुमक्खी पालन बनीं उदय राम की रोजगार की कुंजी

बलरामपुर। किसानों की आय बढ़ाने एवं ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा किसानों को खेती के साथ मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह पहल किसानों के लिए कम लागत में अधिक लाभ देने वाला वैकल्पिक व्यवसाय बनकर उभरी है। मधुमक्खी पालन एक कृषि आधारित लाभकारी व्यवसाय है, जिसमें शहद, मोम, रॉयल जेली एवं प्रोपोलिस जैसे बहुमूल्य उत्पाद प्राप्त होते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बलरामपुर के द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन अपनाने हेतु किसानों को निरंतर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं जागरूकता प्रदान की जा रही है। मधुमक्खी पालन गांव स्तर पर रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बना बलरामपुर जिला के विकासखंड बलरामपुर अंतर्गत ग्राम मंगरहारा निवासी कृषक उदय राम ने कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर खेती के साथ मधुमक्खी पालन को अपनाया। प्रारंभ में उन्होंने मात्र 2 मधुमक्खी बक्सों से इस व्यवसाय की शुरुआत की थी, जो आज 20 बक्सों तक पहुँच चुका है। उदय राम की सफलता से प्रेरित होकर ग्राम मंगरहारा के 10 से अधिक परिवारों ने मधुमक्खी पालन व्यवसाय प्रारंभ किया है और अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इस प्रकार मधुमक्खी पालन गांव स्तर पर रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उदय राम शहद बेचकर सालाना 2 से 2.5 लाख रुपये कर रहे हैं आय अर्जित उदय राम वर्तमान में प्रतिवर्ष 400 से 500 किलोग्राम से अधिक गुणवत्तायुक्त शहद का उत्पादन कर रहे हैं। बाजार में उनके शहद की कीमत 500 प्रति किलोग्राम तक मिल रही है। शहद के साथ-साथ मोम, रॉयल जेली एवं प्रोपोलिस जैसे उत्पाद भी उन्हें प्राप्त हो रहे हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। उदय राम शहद बेचकर सालाना 2 से 2.5 लाख रुपये अर्जित कर रहे हैं। मधुमक्खी पालन बक्से पर दी जा रही सब्सिडी कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार बलरामपुर- रामानुजगंज जिले की जलवायु एवं पर्यावरण मधुमक्खी पालन के लिए अत्यंत अनुकूल है। लघु, सीमांत एवं भूमिहीन किसान भी इस व्यवसाय को बिना अतिरिक्त भूमि के प्रारंभ कर सकते हैं। 5 से 10 मधुमक्खी बक्सों से भी यह कार्य सफलतापूर्वक किया जा सकता है। कम श्रम और सरल प्रक्रिया के कारण महिला और बेरोजगार युवा भी मधुमक्खी पालन को आसानी से अपना सकते हैं। शासन द्वारा मधुमक्खी बक्से पर दी जा रही सब्सिडी इस व्यवसाय को और सुलभ बना रही है।