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रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भरन राजवाड़े परिवार को मिला पक्का आशियाना

रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना से सरगुजा के दिल भरन राजवाड़े परिवार को मिला पक्का आशियाना सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक आवास से बदला जीवन स्तर रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) राज्य में जरूरतमंद परिवारों के लिए स्थायी आवास का सपना साकार कर रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसा निवासी दिल भरन राजवाड़े के परिवार को पक्का आवास उपलब्ध हो सका है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। दिल भरन राजवाड़े वर्षों से खेती-बाड़ी एवं मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनका परिवार लंबे समय तक सीमित संसाधनों और असुविधाजनक परिस्थितियों में रहने को विवश था। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत आवास के निर्माण से अब उनका दो कमरों का पक्का मकान पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है, जिसमें आठ सदस्यीय परिवार एक साथ सुरक्षित रूप से निवास कर रहा है। नए पक्के आवास के मिलने से परिवार को न केवल सुरक्षित और स्वच्छ आवासीय सुविधा उपलब्ध हुई है, बल्कि बरसात, ठंड और गर्मी के मौसम में होने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिली है। पक्का घर मिलने से परिवार का आत्मसम्मान बढ़ा है और सामाजिक सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। दिल भरन राजवाड़े ने प्रधानमंत्री आवास योजना को गरीब और श्रमिक परिवारों के जीवन मंल बदलाव लाने वाली योजना बताते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना वास्तव में आमजन के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

गरियाबंद: मुख्यमंत्री 7 जनवरी को नवनिर्मित श्रीरामजानकी मंदिर में धर्मध्वजा स्थापित करेंगे

गरियाबंद : मुख्यमंत्री सिरकट्टी में 7 जनवरी को करेंगे नवनिर्मित श्रीरामजानकी मंदिर में धर्मध्वजा की स्थापना गरियाबंद चतुर्भुज सिरकट्टी पावन धाम स्थित नव निर्मित भव्य श्रीरामजानकी मंदिर में 51 कुंडीय श्रीराम चरित मानस महायज्ञ का भव्य आयोजन 6 से 12 जनवरी तक किया जा रहा है। इसी क्रम में 7 जनवरी  को दोपहर 12 बजे धर्मध्वजा स्थापना एवं कलश पूजन का पावन कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर नवनिर्मित मंदिर में धर्मध्वज की स्थापना करेंगे। कलेक्टर बीएस उईके, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, पुलिस अधीक्षक वेद व्रत सिरमौर ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र चंद्राकर, एसडीपीओ सुनिशा सिंहा जी ने कार्यक्रम स्थल का  निरीक्षण किया इस दौरान पार्किंग व्यवस्था, हेलीपेड निर्माण स्थल निरीक्षण एवं चयन, मेले की तैयारी,सुरक्षात्मक दृष्टि से दुकानों का आबंटन, आगंतुकों के आवाजाही का नियंत्रण, भंडारा, गौशाला सहित मंचीय स्थल का जायजा लिया । यह मंदिर हजारों श्रद्धालुओं के दान दाताओं के फल स्वरूप 10 सालों में निर्मित हुई है जो कि अयोध्या के राम मंदिर के तर्ज पर बनाया गया है जिसमें लगभग 9 करोड़ रु की लागत से राजस्थान के कारीगर तैयार किए है। इस धार्मिक अनुष्ठान में अनेक आमंत्रित संत-महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी, जिनमें संत 108 रामगोपाल दास जी महाराज (देवरघटा, शिवरीनारायण), पूज्य संत 108 महंत सरजू शरण महाराज (राघवेन्द्र आश्रम, अयोध्या), पूज्य संत रामनारायण शरण महाराज (अयोध्या) तथा पूज्य संत उदयनाथ बाबा महाराज (कांडशर आश्रम, देवभोग) प्रमुख हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे। वहीं आत्मीय अतिथि के रूप में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। आयोजनकर्ता एवं आश्रम के मुख्य पीठाधीश महामण्डलेश्वर संत गोवर्धन शरण व्यास, महंत सिरकट्टी आश्रम कुटेना एवं आश्रम परिवार हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से इस पावन अवसर पर सपरिवार उपस्थित होकर धर्मलाभ ले सकते है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता, मंत्रालय में अहम निर्णय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1.    मंत्रिपरिषद की बैठक में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदने के लिए वर्ष 2026 हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति दी गई। 2.    मंत्रिपरिषद ने कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी प्रदाय किये जाने की अनुमति दी गई। 3.    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए एक बार के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया है। 4.    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य शासन की प्रत्याभूति (गारंटी) पर लिए गए ऋणों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर पांच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण राशि वापस करने का अनुमोदन किया गया। ये राष्ट्रीय निगम हैं- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम और दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम। वर्तमान में इन ऋणों पर राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान किया जा रहा है। ऋण की पूरी अदायगी होने पर यह ब्याज व्यय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय निगमों से एनओसी (अदेय प्रमाण पत्र) प्राप्त होने पर शासन की ओर से दी गई 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी। इस निर्णय से राज्य शासन पर वित्तीय बोझ कम होगा और भविष्य में होने वाले अनावश्यक व्यय से बचत सुनिश्चित होगी। 5.    मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि –      उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रू. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर की गई 40 रू. प्रति क्विंटल     सभी मिलरों के लिए प्रोत्साहन राशि की पात्रता हेतु अब न्यूनतम 03 माह की जगह न्यूनतम 02 माह की मिलिंग करनी होगी     6.    मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन का निर्णय लिया। इससे नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञों की नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में विसंगतियां दूर होंगी। इन संशोधनों से राज्य में निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी, स्थायी रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। 7.    मंत्रिपरिषद ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के बाद पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा, इस संबंध में निर्देशित किया गया है। 8.    मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में कस्टम मिलिंग के लिए धान उपार्जन एवं परिवहन से संबंधित गतिविधियों के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर देय स्टाम्प शुल्क को 0.25 से घटाकर 0.05 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।  9.    मंत्रिपरिषद द्वारा पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नवीन पद वेतन मेट्रिक्स लेवल-14 एक वर्ष की अवधि के लिए स्थायी रूप से निर्मित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। 10.    मंत्रिपरिषद द्वारा रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली को 23 जनवरी से लागू किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी जशपुर के ग्रामीणों को बड़ी सौगात, 10 सड़कों के लिए 31.91 करोड़ रुपये स्वीकृत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक और बड़ी सौगात जशपुर जिले की 10 सड़कों के लिए 31 करोड़ 91 लाख रुपये की स्वीकृति, ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक और बड़ी सौगातनववर्ष से ठीक पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को विकास की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में आवागमन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 10 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन के लिए कुल 31 करोड़ 91 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्षों से लंबित इन सड़कों की मांग पूरी होने से क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। स्वीकृत कार्यों में एनएच-43 रोड (मुड़ापारा) से चर्चपारा होते हुए सुकबासुपारा तक सड़क निर्माण के लिए 2 करोड़ 47 लाख 97 हजार रुपये, ग्राम पंचायत कछार से सरपंच बस्ती चौक पक्की सड़क से तिरसोठ तक के लिए 3 करोड़ 41 लाख रुपये, कांसाबेल के डांडपानी से खूटेरा पहुंच मार्ग हेतु 4 करोड़ 52 लाख रुपये तथा पाले पखना से जुनवाईंन पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 68 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी क्रम में कांसाबेल के सेमरकछार भट्टीटोली से लपई पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 69 लाख रुपये, ग्राम पंचायत कर्रबेवरा से पखनापारा माड़ो गुफा तक पहुंच मार्ग हेतु 1 करोड़ 88 लाख रुपये, ग्राम पंचायत घरजियाबथान के ठाकुरमुड़ा से रघुनाथपुर जोड़ा तालाब मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपये, ग्राम पंचायत पाकरगांव से तुरवाआमा होते हुए चौराआमा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपये, ग्राम पंचायत भगरपुर से भगोरा पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 60 लाख रुपये तथा अटल चौक से पंडरीपानी होते हुए तिलंगा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 43 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इन सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा। इससे किसानों को कृषि उपज के परिवहन में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों की शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच और अधिक सुलभ होगी। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नए वर्ष से पूर्व जिले को यह महत्वपूर्ण विकास सौगात देकर वर्षों पुरानी मांग पूरी की है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय जशपुर जिले के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगा।

जबलपुर की गन कैरिज फैक्टरी का नया कदम: पेश होगी 52 कैलिबर धनुष माउंटेन गन तोप

 जबलपुर  देश की एकमात्र रक्षा क्षेत्र में तोप का निर्माण करने वाली फैक्ट्री जीसीएफ नए साल में सेना को अत्याधुनिक नई धनुष तोप 52 कैलिबर में माउंटेन गन में बना कर देगी। इस तोप के उत्पादन के साथ धनुष की मारक क्षमता तीन से पांच किलोमीटर बढ़ जाएगी। अभी गन कैरिज फैक्टरी (जीसीएफ) 45 कैलिबर में धनुष तोप का उत्पादन कर रही है जिसकी मारक क्षमता 40 से 42 किलोमीटर है। महत्वपूर्ण है कि जीसीएफ नई अत्याधुनिक धनुष तोप के निर्माण में तेजी लाने जा रही है और ट्रायल के बाद 300 गन बनाने का प्रस्ताव है। रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी के बाद प्रतिस्पर्धा में टिके रहने निर्माणी नए प्रोजेक्ट पर तेजी लाने जा रही है। 42 किमी तक हमला किया जा सकता है इससे पूर्व जीसीएफ में बनी धनुष तोप को पाकिस्तान और चीन की सीमा पर तैनात किया गया है। यह तोप अभी 38 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। इसमें 52 कैलिबर की बैरल लगने के बाद इससे आसानी से 42 किलोमीटर तक हमला किया जा सकता है। अब नई तोप 52 कैलिबर में माउंटेन गन के रूप में कार्य करेगी। जिससे इसकी मारक क्षमता में 5 किलोमीटर तक इजाफा हो जाएगा। निर्माणी के इस बेहतरीन प्रयास से सेना की ताकत में और इजाफा होगा और दुश्मन पर अधिक सटीक वार करने में सफलता मिल सकेगी। 1600 करोड़ के रक्षा उत्पादन पर फोकस जीसीएफ इस साल 1600 करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन पर तेजी से कार्य कर रही है। जिसमें धनुष तोप का नया वर्जन सहित एलएफजी, प्रमुख गन के कलपुर्जे शामिल हैं। पूर्व के मुकाबले निर्माणी की ताकत में बढ़ी है। हरेक साल रक्षा उत्पादन में वृद्धि से उसकी साख भी कायम है। माउंटेन गन की प्रमुख बातें माउंटेन गन व्हीकल के ऊपर लोड होगी। जबकि पूर्व की तोप जमीन के ऊपर 360 डिग्री में घूमकर वार करती थी। माउंटेन गन व्हीकल का उत्पादन नगर के ही वीएफजे कर सकता है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन ने माउंटेड गन सिस्टम तैयार किया है। यह सिर्फ 80 सेकंड में फायरिंग के लिए तैयार हो जाती है। एक मिनट में यह छह गोले दाग सकती है। धनुष की खूबियों को जानें धनुष तोप जो कि बोफोर्स गन का उन्नत और स्वदेशी वर्जन है। इसे जीसीएफ में तैयार किया जा रहा है और यह पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसकी मारक क्षमता भी ज्यादा है और यह हाई-एंगल फायरिंग, इनबिल्ट नेविगेशन सिस्टम, इलेक्ट्रानिक गन अलाइनमेंट और आटोमैटिक फायर कंट्रोल जैसे अत्याधुनिक फीचर्स से लैस है।

टाइगर रिज़र्व सफारी के लिए धोखाधड़ी से बचने के लिए करें MPOnline.gov.in से बुकिंग

भोपाल  वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के टाइगर रिजर्व में सफारी टिकटों की बुकिंग केवलMPOnline के माध्यम से ही अधिकृत है। इसके अलावा किसी भी निजी वेबसाइट, मोबाइल ऐप या डिजिटल प्लेटफॉर्म को सफारी बुकिंग की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे किसी भी प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही बुकिंग अवैध है। विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अत्यंत सतर्क रहें और केवल अधिकृत MPOnline पोर्टल के माध्यम से ही सफारी बुकिंग करें। विभाग की अपील है कि यदि किसी पर्यटक ने इन अनधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सफारी बुक कराई है और वह धोखाधड़ी का शिकार हुआ है, इससे किसी प्रकार का नुकसान हुआ है अथवा बुकिंग संबंधी कोई अन्य शिकायत है, तो वह तत्काल संबंधित कार्यालय को इसकी सूचना दे। शिकायतों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिये राज्य साइबर पुलिस सेल को भेजा जाएगा। विभाग इस प्रकार की अनियमित और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने के लिए तत्पर है। मध्यप्रदेश के टाइगर रिज़र्व में सफारी बुकिंग के लिये कुछ वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलते जुलते भ्रामक नामों से सेवाएं देने का दावा कर रहे हैं। मध्यप्रदेश वन विभाग ने चेतावनी दी है कि ये वेबसाइट्स अनधिकृत हैं। इनसे बुकिंग कराने पर पर्यटकों को धोखाधड़ी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। विभाग ने कहा है कि पर्यटकों के हितों की सुरक्षा और पारदर्शी, सुरक्षित एवं वैधानिक सफारी बुकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

मध्य प्रदेश सरकार ने सोयाबीन के लिए भावांतर योजना के तहत मॉडल रेट 4345 रुपए किया घोषित

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4345 रुपए जारी भोपाल भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए मॉडल रेट प्रतिदिन जारी किया जा रहा है। बुधवार 31 दिसंबर को 4345 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए, 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23 एवं 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए, 28 नवंबर को 4260 रुपए, 29 नवंबर को 4240 रुपए और 30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी किया गया था। इसी तरह 1 दिसंबर को 4239 रुपए, 2 दिसंबर को 4235 रुपए, 3 दिसंबर को 4240 रुपए, 4 दिसंबर को 4235 रुपए, 5 दिसंबर को 4230 रुपए, 6 दिसंबर को 4217 रुपए, 7 दिसंबर को 4222 रुपए, 8 दिसंबर को 4219 रुपए, 9 दिसंबर को 4217 रुपए और 10 दिसंबर को 4210 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। इसी प्रकार 11 दिसंबर को 4207 रुपए , 12 दिसंबर को 4202 रुपए , 13 दिसंबर को 4204 रुपए , 14 दिसंबर को 4208 रुपए , 15 दिसंबर को 4208 रुपए , 16 दिसंबर को 4209 रुपए , 17 दिसंबर को 4205 रुपए , 18 दिसंबर को 4195 रुपए , 19 दिसंबर को 4201 रुपए , 20 दिसंबर को 4191 रुपए , 21 दिसंबर को 4193 रुपए , 22 दिसंबर को 4194 रुपए , 23 दिसंबर को 4209 रुपए और 24 दिसंबर को 4213 रुपए , 25 दिसंबर को 4235 रुपए , 26 दिसंबर को 4257 रुपए , 27 और 28 दिसंबर को 4271 रुपए , 29 दिसंबर को 4267 रुपए और 30 दिसंबर को 4296 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

मध्य प्रदेश में मातृत्व सुरक्षा की सफलता: संस्थानों में डिलीवरी दर हुई 88%

भोपाल। कभी प्रसव के लिए दाईयों और घर के पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहने वाला मध्य प्रदेश अब संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में प्रसव) के मामले में देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-पांच की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में अब 88.5 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में हो रहे हैं। साल 2005-06 में यहां संस्थागत प्रसव का स्तर महज 26.2 प्रतिशत था। यानी अधिकांश प्रसव घरों के असुरक्षित वातावरण में होते थे, जिससे मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) और शिशु मृत्यु दर (आइएमआर) का जोखिम बना रहता था। पिछले दो दशकों में सरकार की सजगता और आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं की मेहनत ने इस तस्वीर को बदल दिया है। योजनाओं ने दिया संबल, 16 हजार रुपये तक की मदद रिपोर्ट के अनुसार, 2015-16 में संस्थागत प्रसव का आंकड़ा 80 प्रतिशत था, जो अब 90 प्रतिशत के लक्ष्य को छूने के करीब है। हालांकि, इस मामले में प्रदेश अभी देश में 17वें स्थान पर आता है। सफलता के पीछे जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को अस्पताल में प्रसव पर मिलने वाली 1,400 रुपये की नकद राशि है। वहीं, मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना भी गरीब और श्रमिक परिवारों के लिए वरदान साबित हुई। इसमें प्रसूता को पोषण और देखरेख के लिए 16,000 रुपये की बड़ी आर्थिक सहायता दी जाती है। जननी एक्सप्रेस बनी जीवनरेखा दुर्गम इलाकों से गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने में जननी एक्सप्रेस (108/102) ने अहम भूमिका निभाई है। निश्शुल्क एंबुलेंस सेवा के कारण देरी की वजह से होने वाली घटनाएं काफी कम हो गई हैं। प्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी जिलो में भी महिलाएं प्रसव के लिए अस्पताल पहुंच रही हैं। पहले जीवित बच्चे के जन्म पर गर्भवती महिलाओं को तीन किस्तों में 5,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। आधुनिक सुविधाओं का हुआ विस्तार प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के लेबर रूम को लक्ष्य कार्यक्रम के तहत हाईटेक बनाया गया है। नर्सिंग स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। परिणामस्वरूप, रतलाम और उज्जैन जिलों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) ने शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव के लक्ष्य को हासिल कर लिया। वहीं इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव का दर 95% से अधिक रहा। जबकि झाबुआ, धार और बड़वानी जिलों में घर पर प्रसव की दर में 40% तक की कमी आई है। देश में संस्थागत प्रसव में शीर्ष राज्य – केरल – 99.8% – तमिलनाडु – 99.7% – गोवा – 99.5% – तेलंगाना – 97.0% – आंध्र प्रदेश – 96.3% मध्य प्रदेश के शीर्ष पांच जिले – इंदौर – 98.2% – भोपाल – 97.6% – ग्वालियर – 96.4% – जबलपुर – 95.8% – रतलाम – 94.5% वर्तमान चुनौतियां – कठिन भौगोलिक क्षेत्र – डिंडोरी, मंडला और झाबुआ जैसे आदिवासी अंचलों में सुदूर वनांचल होने के कारण एंबुलेंस का पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है। – सामाजिक मान्यताएं – कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी पारंपरिक दाइयों से घर पर प्रसव कराने का चलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जागरूकता का अभाव हालांकि, सरकार 16,000 रुपये तक की सहायता दे रही है, लेकिन शिक्षा की कमी के कारण अभी भी लगभग 11% प्रसव अस्पतालों से बाहर हो रहे हैं। इनका कहना है कि जननी सुरक्षा और प्रसूति सहायता जैसी सरकारी योजनाओं ने महिलाओं में अस्पताल के प्रति विश्वास जगाया है। हम ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से निरंतर मानिटरिंग कर रहे हैं, ताकि कोई भी गर्भवती महिला स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। आधुनिक लेबर रूम और बेहतर एंबुलेंस सेवा के समन्वय से हम मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए संकल्पित हैं – डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल

योगी सरकार की बड़ी डिजिटल पहल, 2026 में होगा अत्याधुनिक सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम का शुभारंभ

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को नई रफ्तार देगा ‘निवेश मित्र 3.0’ योगी सरकार की बड़ी डिजिटल पहल, 2026 में होगा अत्याधुनिक सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम का शुभारंभ निवेश मित्र 3.0 से निवेशकों को मिलेगा वन-स्टॉप समाधान आईजीआरएस और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से निवेश प्रक्रियाओं पर रखी जा सकेगी सीधी निगरानी एआई आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड से रीयल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित निर्णय होगा संभव व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस से निवेशकों को मिलेगी हर अपडेट की जानकारी डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में योगी सरकार का एक और बड़ा कदम राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से जुड़कर यूपी बनेगा निवेशकों की पहली पसंद लखनऊ  उत्तर प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यवसाय सुगमता) को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी व निवेशक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से प्रमुख ऑनलाइन सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम ‘निवेश मित्र 3.0’ विकसित किया जा रहा है। यह नया संस्करण वर्ष 2026 में लॉन्च किया जा सकता है, जो निवेशकों को एक सहज, एकीकृत और इंटेलिजेंट डिजिटल अनुभव प्रदान करेगा। राज्य की निवेश नोडल विंग इन्वेस्ट यूपी इसके विकास को अंतिम रूप दे रही है और इसे बेहतर बनाने के लिए निवेशकों के साथ ही विशेषज्ञों की राय को भी इसमें समाहित किया जा रहा है।  राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से होगा पूर्ण एकीकरण ‘निवेश मित्र 3.0’ को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) से पूरी तरह एकीकृत हो। इससे केंद्र और राज्य स्तर की सभी आवश्यक अनुमतियां, स्वीकृतियां और सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। यह प्रणाली निवेशकों को बार-बार अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाएगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति को तेज करेगी। आईजीआरएस और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से बढ़ेगी जवाबदेही योगी सरकार की पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन प्रणाली को और मजबूत करने के लिए ‘निवेश मित्र 3.0’ का IGRS (इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम), मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (दर्पण), निवेश सारथी, OIMS और इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक (IILB) से समग्र एकीकरण किया जाएगा। इससे निवेशकों की शिकायतें सीधे IGRS के माध्यम से दर्ज होंगी और उनका रीयल-टाइम मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर तक संभव हो सकेगा। यही नहीं, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विभागवार प्रगति, लंबित मामलों और निर्णयों की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देगी, जिससे अधिकारियों की उत्तरदायित्व तय करने की व्यवस्था और मजबूत होगी। AI आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड होगा खास आकर्षण ‘निवेश मित्र 3.0’ की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड होगा। इसके माध्यम से रीयल-टाइम डेटा एनालिसिस, निवेश प्रस्तावों की प्रगति की लाइव ट्रैकिंग, विभागीय प्रदर्शन का आंकलन सुनिश्चित होगा, जिससे संभावित अड़चनों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। यह तकनीक नीति निर्माण से लेकर जमीनी क्रियान्वयन तक डाटा आधारित निर्णय को बढ़ावा देगी। व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस से मिलेगी हर अपडेट निवेशकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस पोर्टल में मल्टी-चैनल कम्युनिकेशन सिस्टम विकसित किया जा रहा है। निवेशक अपने आवेदन की स्थिति, स्वीकृति, आपत्ति या शिकायत निवारण की जानकारी व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस के माध्यम से सीधे प्राप्त कर सकेंगे। इससे संवाद प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी। योगी सरकार की निवेश नीति को मिलेगा मजबूत आधार योगी सरकार पहले ही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, नीतिगत सुधारों, सरलीकृत प्रक्रियाओं और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से उत्तर प्रदेश को निवेश के मानचित्र पर अग्रणी राज्य बना चुकी है। ‘निवेश मित्र 3.0’ इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो न केवल निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगा, बल्कि विभागीय दक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता को भी नई ऊंचाई देगा। आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम विशेषज्ञों का मानना है कि ‘निवेश मित्र 3.0’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश में उद्योग स्थापना की प्रक्रिया सरल, समयबद्ध और भ्रष्टाचार मुक्त होगी। यह पहल राज्य को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी और रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास व आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति देगी।

अंतर्राष्ट्रीय रैपिड शतरंज टूर्नामेंट का आयोजन हरदा में, शतरंज प्रेमियों के लिए सुनहरा अवसर

भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट का भव्य आयोजन हरदा जिले में होने जा रहा है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट हरदा जिला शतरंज संगठन के तत्वाधान में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के अनुरूप संपन्न होगा, जिसमें देश-प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों के ख्याति प्राप्त और रेटेड खिलाड़ी अपने खेल का जौहर दिखाएंगे। इस टूर्नामेंट की तिथि शतरंज फेडरेशन द्वारा 24 जनवरी शनिवार निर्धारित की गई है। यह टूर्नामेंट कलेक्टर निवास के सामने, इंदौर रोड हरदा डिग्री कॉलेज में होगा, जिसमें देश-विदेश के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। यह इंटरनेशनल चेस टूर्नामेंट 24 जनवरी राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं को समर्पित रहेगा। इसमें बड़ी संख्या में बालिकाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जिले एवं आसपास के विद्यालयों और महाविद्यालयों से संपर्क कर उन्हें प्रेरित किया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों के खेल स्तर को बेहतर बनाने हेतु पूर्व में प्रशिक्षण-सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने बताया कि शतरंज के शौकीनों और खिलाड़ियों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है, जहां वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। टूर्नामेंट में कुल 1 लाख 51 हजार रुपये की इनामी राशि और ट्रॉफियां रखी गई है। यह एक रेपिड टूर्नामेंट होगा, जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी को 15 मिनट और प्रति चाल 5 सेकंड का अतिरिक्त समय मिलेगा। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट के लिये ओपन श्रेणी हेतु 750 रुपये तथा हरदा के स्थानीय खिलाड़ियों के लिये 500 रूपये एन्ट्री फीस निर्धारित की गई है। जीएम/डब्ल्यूजीएम/डब्ल्यूआईएम खिताब धारकों और 2300 से ऊपर रेटेड खिलाड़ियों के लिए प्रवेश निःशुल्क है। इसके अलावा दिव्यांग खिलाड़ियों को एंट्री फीस में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इच्छुक खिलाड़ी ब्रोशर लिंक https://circlechess.com/brochure?id=49722 व पंजीकरण लिंक https://circlechess.com/registration?id=49722 के माध्यम से टूर्नामेंट के आयोजन के संबंध में जानकारी प्राप्त कर अपना पंजीयन करा सकते हैं।